छह जगहों पर तलाशी से सैन्य खरीद विवाद उजागर
ताइवान की जीन मिंग इंडस्ट्री के दो वरिष्ठ अधिकारियों को दो महीने के लिए हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है। आरोप है कि कंपनी और उसकी एक सहायक इकाई ने प्रतिबंधित चीनी चिप और लेंस लगे सैन्य ड्रोन की आपूर्ति की और फिर सशस्त्र बलों से मंजूरी पाने के लिए मूल देश के झूठे प्रमाणपत्र जमा किए।
विषय-सूची
- छह जगहों पर तलाशी से सैन्य खरीद विवाद उजागर
- जांचकर्ताओं के मुताबिक क्या आपूर्ति हुई
- तलाशी से हिरासत तक कैसे पहुंची जांच
- अदालत ने रिहाई की मांग क्यों ठुकराई
- अभियोजक किन कानूनों की जांच कर रहे हैं
- VIPER के सार्वजनिक दावों की अलग से जांच होगी
- अध्यक्ष ने औद्योगिक कारोबार की कमान संभाली
- राजस्व वृद्धि के साथ घाटा भी जारी
- ताइवान की खरीद-स्रोत नीति अब पुर्जों तक पहुंची
- मुख्य बातें
ताओयुआन जिला अदालत ने उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक जियान हाओटिंग तथा कारोबार निदेशक चेन यांगचेंग को 9 अक्टूबर 2026 से हिरासत में रखने का आदेश दिया। दोनों से मुलाकात और पत्राचार पर रोक है। अभियोजकों ने छह जगहों पर तलाशी और रातभर चली पूछताछ के बाद 12 अक्टूबर को सार्वजनिक रूप से जांच का विवरण दिया।
ये आरोप कंपनी की उस सार्वजनिक प्रचार सामग्री से मेल नहीं खाते, जिसमें कहा गया है कि उसके ड्रोन चीन के जनवादी गणराज्य के पुर्जों के बिना बनाए जाते हैं। हालांकि, जांचकर्ताओं ने अब तक संबंधित ड्रोन मॉडल की सार्वजनिक रूप से पहचान नहीं की है, इसलिए मामले को कंपनी के प्रचारित VIPER विमान से नहीं जोड़ा जा सकता।
ताओयुआन जिला अभियोजक कार्यालय को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के उल्लंघन, झूठे कारोबारी दस्तावेजों के इस्तेमाल और तीन या अधिक लोगों से जुड़े गंभीर धोखाधड़ी के संदेह हैं। हिरासत के आदेश गंभीर संदेह और जांच को खतरे में डालने के जोखिम से जुड़े हैं। ये आपराधिक दोषसिद्धि नहीं हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सटीक धातु उत्पाद बनाने वाली जीन मिंग, जिसका शेयर कोड 3230 है, का कहना है कि कारोबार सामान्य रूप से चल रहा है। अध्यक्ष त्साई शियांगफेंग ने अस्थायी रूप से महाप्रबंधक की जिम्मेदारी संभाली है। कंपनी के मुताबिक, सितंबर तक रक्षा ड्रोन के ऑर्डर कुल राजस्व का करीब 1.1% थे। यह कारोबार में छोटा हिस्सा है, हालांकि आरोप संवेदनशील सैन्य खरीद से जुड़े हैं।
जांचकर्ताओं के मुताबिक क्या आपूर्ति हुई
अभियोजकों का कहना है कि जीन मिंग और उसकी सहायक इकाई ने ताइवान के सशस्त्र बलों से ड्रोन खरीद के कई ठेके लिए। कथित उल्लंघन उन चीनी चिप और कैमरा लेंस से जुड़ा है, जिन पर ठेकों में रोक थी। आरोप है कि सैन्य स्वीकृति के लिए पेश किए गए ड्रोन में ये पुर्जे लगाए गए थे।
मीडिया रिपोर्टों में सहायक इकाई की पहचान यिंगशेंग इंटरनेशनल के रूप में की गई है। तलाशी मूल कंपनी, सहायक इकाई, आपूर्तिकर्ताओं और जांच से जुड़े लोगों के आवासों पर हुई। जीन मिंग का मुख्यालय ताओयुआन के लुझू जिले में है।
आरोप के दो जुड़े हुए पहलू हैं: भौतिक पुर्जों का मूल देश और उनके साथ जमा किए गए दस्तावेजों की सटीकता। मूल देश का प्रमाणपत्र बताता है कि कोई उत्पाद या पुर्जा कहां बना है। अभियोजकों को संदेह है कि अनुबंध की पाबंदियों के बावजूद सैन्य स्वीकृति पाने के लिए झूठे प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया गया।
सार्वजनिक जानकारी में चिप निर्माताओं, लेंस आपूर्तिकर्ताओं, ठेकों की रकम या प्रभावित विमानों की संख्या की पहचान नहीं की गई है। यह भी नहीं बताया गया है कि ड्रोन हैक हुए, उन्होंने चीन को जानकारी भेजी या वे इस्तेमाल के दौरान विफल हुए। जांच प्रतिबंधित स्रोतों से खरीद, कथित गलतबयानी और आपूर्ति को लेकर है, न कि किसी साबित साइबर हमले को लेकर।
तलाशी से हिरासत तक कैसे पहुंची जांच
मुख्य अभियोजक चांग चुनहुई ने राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के अभियोजक लिन यीवेई को जांच का नेतृत्व सौंपा। 8 अक्टूबर की सुबह न्याय मंत्रालय के जांच ब्यूरो के शिनझू काउंटी स्टेशन ने ताओयुआन जिला अदालत से जारी तलाशी वारंट पर कार्रवाई की।
छह जगहों पर तलाशी ली गई। जांचकर्ताओं ने दोनों अधिकारियों समेत कंपनी के सात कर्मचारियों और एक गवाह से पूछताछ की तथा घटना का पता लगाने के लिए वस्तुएं जब्त कीं। पूछताछ के बाद अन्य आरोपियों को जाने दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम पांच दिनों में इस तरह सामने आया:
- 8 अक्टूबर: जांचकर्ताओं ने कंपनी के परिसर, आपूर्तिकर्ताओं और आवासों की तलाशी ली। जीन मिंग ने बताया कि जांच ब्यूरो उसके कार्यालय पहुंचा था।
- 9 अक्टूबर, करीब सुबह 3 बजे: रातभर की पूछताछ के बाद अभियोजकों ने जियान और चेन को गिरफ्तार किया और संपर्क पर पाबंदियों के साथ हिरासत में रखने की मांग की।
- 9 अक्टूबर: अदालत ने दोनों अधिकारियों को उसी दिन से दो महीने के लिए हिरासत में रखने का आदेश दिया।
- 12 अक्टूबर: अभियोजकों ने मामले का सार्वजनिक विवरण दिया। इसी दौरान जीन मिंग ने घोषणा की कि उसके अध्यक्ष अस्थायी रूप से महाप्रबंधक की जिम्मेदारी संभालेंगे।
दोनों अधिकारी हिरासत के आदेश मिलने के 10 दिनों के भीतर अपील कर सकते हैं। यह अवधि आदेश मिलने से शुरू होती है, तलाशी या सार्वजनिक घोषणा की तारीख से अपने-आप नहीं। मुकदमे की तारीख या जांच से जुड़ी अगली घोषणा की तारीख नहीं बताई गई है।
अदालत ने रिहाई की मांग क्यों ठुकराई
अदालत ने दोनों अधिकारियों को हिरासत में रखने के अलग-अलग कारण बताए। जियान के मामले में उसने कथित आपराधिक ढांचे में उनकी वरिष्ठ भूमिका का उल्लेख किया और कहा कि उनके बयान के कुछ हिस्से गवाहों की गवाही से अलग थे। अदालत ने यह भी कहा कि संभावित सहयोगियों और अन्य तथ्यों की जांच अभी बाकी है।
फैसले के विवरण के मुताबिक, जियान ने शुरुआत में गलत काम से इनकार किया, लेकिन अदालत में पूछताछ के दौरान हिरासत के आवेदन में बताए गए कृत्यों को स्वीकार किया। यह कथित स्वीकारोक्ति अदालत के आकलन के लिए प्रासंगिक है, लेकिन इससे आरोपों पर अंतिम न्यायिक फैसला नहीं हो जाता।
अदालत को सहयोगियों या गवाहों के साथ मिलीभगत का जोखिम लगा। उसने कंपनी के सैन्य लेन-देन की संख्या और बिक्री की मात्रा को भी इस आशंका का आधार माना कि ऐसा आचरण दोबारा हो सकता है, हालांकि ये आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
चेन ने कथित कृत्यों से इनकार किया। फिर भी, मामले की फाइल में मौजूद सबूतों के आधार पर अदालत को उन पर गंभीर संदेह लगा। अदालत ने कहा कि पुलिस और अभियोजन पक्ष की पूछताछ के दौरान उनके बयानों के कुछ हिस्से बदल गए और वे गवाहों के बयानों से भी अलग थे। इससे मिलीभगत और सबूत नष्ट किए जाने की आशंका को बल मिला।
जियान के मामले में अदालत ने जमानत, किसी दूसरे व्यक्ति की निगरानी में रिहाई और हवाई या समुद्री मार्ग से ताइवान छोड़ने पर रोक जैसे विकल्पों पर स्पष्ट रूप से विचार किया। अदालत ने पाया कि ये उपाय गवाहों या सहयोगियों को प्रभावित करने से रोकने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे। जांच जारी रहने के दौरान दोनों अधिकारियों को मुलाकात और पत्राचार पर रोक के साथ हिरासत में रखने का आदेश दिया गया।
अभियोजक किन कानूनों की जांच कर रहे हैं
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कथित अपराधों का संबंध सैन्य खरीद के लिए मुख्यभूमि चीन में बने उत्पादों की जानकारी के साथ आपूर्ति से है। जांच के बारे में आई रिपोर्टों में ताइवान के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम की धारा 11, उपधारा 1 और धारा 12, उपधारा 1 का उल्लेख है।
अभियोजकों ने कथित झूठे कारोबारी रिकॉर्ड और उनके इस्तेमाल के संबंध में आपराधिक संहिता की धाराओं 215 और 216 का भी हवाला दिया। यहां मूल देश के प्रमाणपत्र इसलिए अहम हैं क्योंकि कथित तौर पर उन्हें सशस्त्र बलों की स्वीकृति प्रक्रिया के हिस्से के रूप में जमा किया गया था, न कि सिर्फ कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों के तौर पर रखा गया था।
गंभीर धोखाधड़ी का कथित अपराध धारा 339-4, उपधारा 1, उपखंड 2 के तहत दर्ज है, जो तीन या अधिक लोगों द्वारा की गई धोखाधड़ी से संबंधित है। सार्वजनिक रूप से हिरासत में लिए गए केवल दो अधिकारियों की पहचान बताई गई है। इस कथित अपराध से किसी अन्य व्यक्ति का दोष या पहचान साबित नहीं होती। जांचकर्ताओं का कहना है कि संभावित सहयोगियों से पूछताछ अभी बाकी है।
इसलिए मामला केवल इस विवाद तक सीमित नहीं है कि सामान अनुबंध की शर्तों पर खरा उतरा या नहीं। अभियोजक जांच कर रहे हैं कि क्या आपूर्ति में सैन्य खरीद संबंधी पाबंदियों का जानबूझकर उल्लंघन, झूठे दस्तावेज और धोखाधड़ी शामिल थे। आपराधिक प्रक्रिया में इन आरोपों को साबित करना अभी बाकी है।
VIPER के सार्वजनिक दावों की अलग से जांच होगी
जीन मिंग अपनी वेबसाइट पर VIPER को ताइवान की आपूर्ति शृंखला के सहयोग से बना और रक्षा तथा रणनीतिक अभियानों के लिए तैयार ड्रोन बताती है। उसके VIPER उत्पाद संबंधी बयान में कहा गया है कि विमान में कोई चीनी पुर्जा या तकनीक इस्तेमाल नहीं होती और यह अमेरिकी राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम, जिसे NDAA कहा जाता है, का पूरी तरह पालन करता है।
कंपनी ने खरीद के लिए अपना मानक स्पष्ट शब्दों में बताया है:
अधिकतम सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए चीनी पुर्जों और तकनीकों पर निर्भरता समाप्त करना।
यह कंपनी का आश्वासन है, इस जांच में परखे जा रहे विमान के बारे में स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं। बयान में सैन्य उत्पादन मानकों, बढ़ाई जा सकने वाली विनिर्माण क्षमता तथा डिजाइन, निर्माण और परीक्षण से जुड़े सहयोग का भी उल्लेख है।
NDAA अमेरिकी रक्षा कानून है, जिसमें चीन के कुछ ड्रोन उपकरणों की खरीद पर पाबंदियां शामिल हैं। जीन मिंग का अनुपालन संबंधी दावा इस बात से अलग है कि खास आपूर्तियां ताइवान के ठेकों और कानूनों के अनुरूप थीं या नहीं। एक दावा दूसरे का जवाब नहीं देता।
जीन मिंग ने एक छोटा VIPER क्वाडकॉप्टर सैन्य ड्रोन और जेट इंजन से चलने वाले हल्के फिक्स्ड-विंग विमान का एक प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया है। दोनों को ताइवान में निर्मित बताया गया है। जांचकर्ताओं ने नहीं बताया कि इनमें से कोई जांच के दायरे में है या नहीं। अहम अंतर कंपनी के सार्वजनिक खरीद-स्रोत संबंधी वादों और खरीद मामले में कथित तौर पर अपनाई गई प्रक्रियाओं के बीच है, न कि उसके हर उत्पाद के खिलाफ साबित आरोप में।
अध्यक्ष ने औद्योगिक कारोबार की कमान संभाली
जीन मिंग ने 12 अक्टूबर को बताया कि अभियोजन पक्ष की पूछताछ के बाद अध्यक्ष त्साई शियांगफेंग को बिना जमानत के छोड़ा गया। उनकी रिहाई से व्यापक जांच के आरोपों के गुण-दोष का फैसला नहीं होता।
कंपनी का कहना है कि उसने परिचालन के लिए आकस्मिक व्यवस्था लागू की है। इसके तहत त्साई अस्थायी रूप से महाप्रबंधक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और मौजूदा कारोबार जारी रखने के लिए पेशेवर प्रबंधन टीम के साथ काम कर रहे हैं। कंपनी ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने का वादा किया है, लेकिन जांच गोपनीय होने के कारण मामले के विवरण पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।
कंपनी के बताए राजस्व-विभाजन से रक्षा क्षेत्र की महत्वाकांक्षाओं और मौजूदा कारोबार के बीच फर्क समझने में मदद मिलती है:
- सितंबर तक कुल राजस्व में धातु की स्टैंपिंग और मोल्ड का हिस्सा करीब 85.8% था।
- ड्रोन कारोबार का हिस्सा करीब 3.3% था।
- रक्षा संबंधी ड्रोन ऑर्डर कुल राजस्व का करीब 1.1% थे।
इन अनुमानित हिस्सों के आधार पर रक्षा ड्रोन ऑर्डर, ड्रोन कारोबार के राजस्व का करीब एक-तिहाई थे: 1.1% को 3.3% से भाग देने पर यह आंकड़ा मिलता है। इन आंकड़ों से जांच के तहत ठेकों का मूल्य पता नहीं चलता और इन्हें कथित नुकसान का पैमाना नहीं मानना चाहिए।
जीन मिंग का कहना है कि निर्यात ऑर्डर प्रभावित नहीं हुए हैं और इस चरण में उसके मौजूदा घरेलू तथा विदेशी कारोबार और वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। ये कंपनी के अपने आकलन हैं। सार्वजनिक खुलासों से यह तय नहीं होता कि आगे के खरीद फैसलों, ठेकों की समीक्षा या अदालती कार्यवाही का कारोबार पर क्या असर होगा।
राजस्व वृद्धि के साथ घाटा भी जारी
1987 में स्थापित जीन मिंग ने धातु विनिर्माण से शुरुआत की और एप्पल की योग्य आपूर्तिकर्ता के रूप में काम करने समेत उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी कारोबार किया है। सैन्य ड्रोन में विस्तार पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों से आगे बढ़ने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण में भी सक्रिय है।
कंपनी ने सितंबर का समेकित राजस्व NT$40.597 मिलियन बताया। यह अगस्त से 4.43% कम, लेकिन एक साल पहले के इसी महीने से 19.82% अधिक था। कुछ अन्य खबरों में यह आंकड़ा गोल करके NT$41 मिलियन बताया गया और बदलाव क्रमशः 4.4% तथा 19.8% दिया गया। ये एक ही नतीजे के गोल किए गए आंकड़े हैं, राजस्व के अलग-अलग या परस्पर विरोधी आंकड़े नहीं।
दूसरी तिमाही में कर चुकाने के बाद कंपनी को NT$49 मिलियन का घाटा हुआ, जबकि पहली तिमाही में यह NT$38 मिलियन और एक साल पहले इसी तिमाही में NT$48 मिलियन था। रिपोर्ट किए गए आंकड़ों के आधार पर पहली तिमाही से दूसरी तिमाही में घाटा NT$11 मिलियन, यानी करीब 29% बढ़ा। दूसरी तिमाही में प्रति शेयर घाटा NT$0.58 था।
ये नतीजे बताते हैं कि तलाशी से पहले ही जीन मिंग वित्तीय दबाव का सामना कर रही थी। हालांकि, इनसे उसके घाटे और खरीद से जुड़े कथित अपराधों के बीच कोई संबंध साबित नहीं होता। न ही ये इस कंपनी के आकलन की स्वतंत्र पुष्टि करते हैं कि जांच से कारोबार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
ताइवान की खरीद-स्रोत नीति अब पुर्जों तक पहुंची
यह जांच ऐसे समय में हो रही है जब ताइवान घरेलू ड्रोन उत्पादन बढ़ाने और चीनी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रहा है। 2022 में उसके ड्रोन विकास कार्यक्रम का विस्तार किया गया, ताकि निजी कंपनियां मुख्य ठेकेदार बन सकें। कार्यक्रम को आर्थिक मामलों के मंत्रालय से अनुसंधान सहायता और राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय से खरीद संबंधी समर्थन मिलता है।
रक्षा मंत्रालय ने जमीन और युद्धपोतों से संचालित होने वाले ड्रोन के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए कथित तौर पर NT$7.1 अरब की पहल भी शुरू की है। यह व्यापक कार्यक्रम जीन मिंग के उन ठेकों की अघोषित रकम से अलग है, जिनकी जांच हो रही है।
ताइवान UAV के अंतरराष्ट्रीय रणनीति और परिचालन प्रबंध निदेशक डेनिस हुआंग ने अपनी कंपनी के खरीद संबंधी फैसलों के पीछे आपूर्ति बाधित होने की आशंका का जिक्र किया है:
ताइवान सरकार ने देखा कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन कितने महत्वपूर्ण हैं और उसे चिंता है कि चीनी नौसैनिक नाकेबंदी से ड्रोन के पुर्जों और घटकों की आपूर्ति ताइवान तक अचानक रुक सकती है,
हुआंग ने कहा कि चीनी इंजनों की जगह ऑस्ट्रेलियाई इंजन लगाने पर 20 गुना खर्च आता। इस वजह से ताइवान UAV ने ताइवान के मोटर स्कूटर उद्योग के साझेदारों और इंजीनियरों के साथ अपने पेट्रोल इंजन विकसित किए। उसके निगरानी उपकरणों में लातविया से मंगाया गया कैमरा और स्थिरीकरण असेंबली शामिल है। ये उदाहरण दिखाते हैं कि चीनी पुर्जे हटाने के लिए ताइवान में हर पुर्जा बनाना जरूरी नहीं; घरेलू विकास के साथ दूसरे देशों से आयात भी किया जा सकता है।
ताइवान की एक अन्य निर्माता एविलॉन इंटेलिजेंस का कहना है कि वह अपने उड़ान नियंत्रण और क्लाउड सिस्टम खुद विकसित करती है और संवेदनशील चीनी पुर्जों तथा सॉफ्टवेयर से बचती है। उसके ड्रोन का इस्तेमाल जंगलों की निगरानी और बिजली के टावरों का निरीक्षण जैसे नागरिक कामों में होता है। उसके मुख्य कार्यकारी मिंग थानाकोर्न ने निजी बाजार में कम कीमत वाले चीनी ड्रोन को लगातार बनी प्रतिस्पर्धा बताया है।
16 अगस्त को रक्षा मंत्रालय के ड्रोन प्रोटोटाइप में संभवतः चीनी चिप दिखाई देने को लेकर एक अलग विवाद हुआ था। मंत्रालय ने कहा कि वह विमान अवधारणा का प्रमाण था और स्वदेशी सैन्य ड्रोन कार्यक्रम से संबंधित नहीं था। यह स्पष्टीकरण और प्रोटोटाइप से जुड़ा विवाद जीन मिंग की जांच से अलग हैं; दोनों के बीच कोई संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
तत्काल अनसुलझे सवाल ठोस हैं: कौन से विमान और ठेके प्रभावित हुए, पुर्जों के मूल देश की जांच कैसे की गई, प्रमाणपत्र किसने तैयार किए और हर व्यक्ति की जानकारी के बारे में जांचकर्ता क्या साबित कर सकते हैं। प्रभावित पुर्जों की मात्रा और आपूर्ति किए गए विमानों की जांच, उन्हें बदलने या उनका इस्तेमाल रोकने के किसी सैन्य फैसले की सार्वजनिक जानकारी नहीं दी गई है।
मुख्य बातें
- जीन मिंग के अधिकारी जियान हाओटिंग और चेन यांगचेंग को 9 अक्टूबर 2026 से दो महीने के लिए हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है। मुलाकात और पत्राचार पर रोक है।
- अभियोजकों को संदेह है कि सैन्य ड्रोन में प्रतिबंधित चीनी चिप और लेंस लगाए गए और उनके साथ मूल देश के झूठे प्रमाणपत्र जमा किए गए।
- जांचकर्ताओं ने छह जगहों पर तलाशी ली और कंपनी के सात कर्मचारियों तथा एक गवाह से पूछताछ की।
- कथित अपराधों में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, झूठे कारोबारी दस्तावेज और गंभीर धोखाधड़ी शामिल हैं। किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है।
- अध्यक्ष त्साई शियांगफेंग अस्थायी रूप से महाप्रबंधक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जीन मिंग का कहना है कि कारोबार सामान्य है और निर्यात ऑर्डर प्रभावित नहीं हुए हैं।
- सितंबर तक रक्षा ड्रोन के ऑर्डर कंपनी के राजस्व का करीब 1.1% थे, जबकि ड्रोन कारोबार का कुल हिस्सा 3.3% था।
- प्रभावित मॉडल, ठेकों की रकम और विमानों की संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। दोनों अधिकारी आदेश मिलने के 10 दिनों के भीतर अपील कर सकते हैं।






