कंप्यूटिंग लागत पर नियंत्रण के लिए बनाई जा रही एक इन्फरेंस चिप
इस परियोजना से परिचित तीन लोगों के हवाले से आई खबरों के अनुसार, DeepSeek इन्फरेंस के लिए अपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) चिप विकसित कर रही है। इन्फरेंस प्रशिक्षित मॉडलों से जवाब तैयार करने की प्रक्रिया है। बताया गया है कि यह काम करीब एक साल से चल रहा है। चीनी AI डेवलपर सेमीकंडक्टर इंजीनियरों की भर्ती कर रही है और चिप डिजाइन कंपनियों, फाउंड्री तथा मेमोरी आपूर्तिकर्ताओं से उत्पादन संबंधी जरूरतों पर चर्चा कर रही है।
विषय-सूची
- कंप्यूटिंग लागत पर नियंत्रण के लिए बनाई जा रही एक इन्फरेंस चिप
- DeepSeek का निशाना इन्फरेंस क्यों है
- विस्तार में Huawei की भूमिका अब भी अहम
- डिजाइन चुनौती का सिर्फ पहला हिस्सा है
- फंडिंग की खबरें अलग-अलग चरणों का ब्योरा देती हैं
- खबरों में बताए गए घटनाक्रमों का आपसी संबंध
- Nvidia और चिप बाजार के लिए इसका क्या मतलब है
- मुख्य बातें
इसका तात्कालिक उद्देश्य Nvidia और Huawei पर निर्भरता कम करना है। DeepSeek ने अपने सिस्टम बनाने और चलाने के लिए इन दोनों कंपनियों के प्रोसेसर इस्तेमाल किए हैं। परियोजना अभी शुरुआती चरण में है। DeepSeek ने इसकी सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है और न ही किसी विनिर्माण साझेदार, उत्पादन कार्यक्रम या चिप के विनिर्देशों की घोषणा हुई है।
हार्डवेयर से जुड़ी यह पहल बुनियादी ढाँचे के कहीं बड़े विस्तार की खबरों के साथ सामने आ रही है। एक खबर में कम से कम 160,000 Huawei AI चिपों वाले डेटा सेंटर की योजना का जिक्र है, जबकि फंडिंग संबंधी खबरों में पहले प्रस्तावित 7 अरब डॉलर की रकम से लेकर बाद के ऐसे दौर तक की बातें हैं, जो 15 अरब डॉलर के करीब पहुँच सकता है। ये खबरें फंडिंग के अलग-अलग चरणों का वर्णन करती हैं और इन्हें एक ही पुष्ट सौदा नहीं माना जा सकता।
अपना प्रोसेसर बनाने की पहल, AI को चलाने की लागत कम करने पर DeepSeek के जोर को आगे बढ़ाएगी। उसके DeepSeek-V3 और R1 मॉडलों ने कंप्यूटिंग दक्षता पर ध्यान देते हुए सक्षम सिस्टम देने की कंपनी की क्षमता की ओर ध्यान खींचा। हार्डवेयर डिजाइन करना एक अलग चुनौती है: DeepSeek को अपनी दक्षता रणनीति को ऐसे प्रोसेसर में बदलना होगा जिसका विनिर्माण हो सके, जिसे सॉफ्टवेयर का समर्थन मिले और जिसे बड़े पैमाने पर भरोसेमंद ढंग से चलाया जा सके।
फिलहाल यह विकास परियोजना है, मौजूदा उपकरणों का विकल्प नहीं। इसका महत्व DeepSeek के खर्च और इंजीनियरिंग प्रयास की दिशा में है, न कि चिप के किसी साबित प्रदर्शन या आपूर्तिकर्ताओं के कारोबार को तत्काल हुए नुकसान में।
DeepSeek का निशाना इन्फरेंस क्यों है
प्रस्तावित चिप का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण के बजाय इन्फरेंस है। प्रशिक्षण में बड़ी मात्रा में डेटा संसाधित करके मॉडल बनाया या अपडेट किया जाता है। इन्फरेंस इसके बाद होता है: हर बार जब कोई उपयोगकर्ता सवाल पूछता है और प्रशिक्षित मॉडल जवाब तैयार करता है।
यह फर्क आर्थिक रूप से अहम है। प्रशिक्षण में कंप्यूटिंग का भारी इस्तेमाल सीमित अवधि के लिए हो सकता है, जबकि लोकप्रिय सेवा को दिनभर अनुरोधों के जवाब देने होते हैं। लगातार होने वाला खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि हर प्रोसेसर कितना काम संभाल सकता है, कितनी बिजली खर्च करता है और सिस्टम कितनी नियमितता से उपलब्ध रहता है।
कई AI कंपनियों के खर्च में कंप्यूटिंग का हिस्सा आधे से अधिक हो सकता है, हालांकि DeepSeek ने अपने खर्चों का ऐसा तुलनीय ब्योरा जारी नहीं किया है। उसके मॉडलों की बढ़ती मांग ने बुनियादी ढाँचे को कंपनी के सबसे बड़े परिचालन खर्चों में शामिल कर दिया है। कंपनी के वास्तविक उपयोग के अनुरूप बनाया गया प्रोसेसर हर जवाब की लागत घटा सकता है।
अभी ऐसा कोई सार्वजनिक प्रमाण नहीं है कि प्रस्तावित चिप ये बचत कराएगी। उपयोगी तुलना में विनिर्माण लागत, मेमोरी, बिजली, सॉफ्टवेयर विकास और स्वीकार्य गति से सिस्टम द्वारा संसाधित किए जा सकने वाले अनुरोधों की संख्या शामिल करनी होगी। सस्ता प्रोसेसर जरूरी नहीं कि सेवा को भी सस्ता कर दे, खासकर अगर उसे ज्यादा उपकरणों की जरूरत हो या वह मॉडल को कम दक्षता से चलाए।
इस परियोजना को DeepSeek के इस्तेमाल में आने वाले हर प्रोसेसर को बदलने की योजना भी नहीं मानना चाहिए। अनुरोधों के जवाब देने के लिए बनाई गई चिप, नए मॉडल प्रशिक्षित करने और उन कामों के लिए कंपनी को दूसरे हार्डवेयर पर निर्भर छोड़ सकती है जिन्हें उसका अपना डिजाइन समर्थन नहीं देता।
विस्तार में Huawei की भूमिका अब भी अहम
DeepSeek ने Nvidia और Huawei, दोनों के हार्डवेयर पर भरोसा किया है। खबरों के अनुसार, हाल में उसका रुझान Huawei की ओर बढ़ा है। 2026 की शुरुआत में जारी उसके V4 मॉडल का एक संस्करण Huawei के Ascend प्रोसेसर पर आधारित था। एक अन्य खबर में V4-Pro और V4-Flash के पूर्वावलोकन संस्करण अप्रैल में जारी होने की बात कही गई है।
कम से कम 160,000 Huawei AI चिपों वाले डेटा सेंटर की कथित योजना से संकेत मिलता है कि मौजूदा प्रोसेसर खरीदना और अपना हार्डवेयर विकसित करना, दोनों काम साथ-साथ चल रहे हैं। यह चिप परियोजना के शुरुआती चरण से मेल खाता है: DeepSeek को उपयोगकर्ताओं को सेवा देने के लिए अभी उपकरणों की जरूरत है, जबकि उसके इंजीनियर ऐसे डिजाइन पर काम कर रहे हैं जिसका उत्पादन अभी पुष्ट नहीं हुआ है।
Huawei की स्थिति इस पहल को Nvidia से जुड़ी खबर से कहीं बड़ा बनाती है। बाजार के एक अनुमान के मुताबिक, चीन का घरेलू AI चिप बाजार करीब 50 अरब डॉलर का है और इसमें Huawei की हिस्सेदारी लगभग आधी है। इन आंकड़ों के आधार पर Huawei की हिस्सेदारी करीब 25 अरब डॉलर होगी। यह पूरे बाजार का एक मोटा अनुमान है, DeepSeek की खरीद का आंकड़ा या उसकी चिप से हटाए जा सकने वाले राजस्व का पूर्वानुमान नहीं।
सफल डिजाइन से DeepSeek को अपनी कंप्यूटिंग क्षमता पर अधिक नियंत्रण मिल सकता है और दोनों में से किसी भी आपूर्तिकर्ता से खरीद कम हो सकती है। जरूरी नहीं कि यह चिप दूसरी कंपनियों को बेचे जाने वाला उत्पाद बने। व्यावसायिक बिक्री की कोई रणनीति सामने नहीं आई है और DeepSeek के आंतरिक उपयोग के लिए बनाई गई चिप कंपनी का आंतरिक उपकरण ही रह सकती है।
यह पहल अक्टूबर 2025 में वर्णित व्यापक चीनी AI चिप अभियान के बाद आई है। उस समय Huawei, Alibaba और अन्य घरेलू डेवलपर Nvidia के विकल्पों का विस्तार कर रहे थे। DeepSeek की कथित पहल इस प्रतिस्पर्धा में एक मॉडल डेवलपर को जोड़ती है, जिसकी हार्डवेयर जरूरतें उसकी अपनी सेवा के उपयोग से तय होती हैं।
डिजाइन चुनौती का सिर्फ पहला हिस्सा है
खबरों के अनुसार, DeepSeek ने चिप आर्किटेक्चर, सत्यापन और सॉफ्टवेयर समर्थन के क्षेत्रों में भर्ती बढ़ाई है। इन भूमिकाओं में प्रक्रिया के अलग-अलग हिस्से शामिल हैं। आर्किटेक्ट तय करते हैं कि प्रोसेसर अपना काम कैसे करेगा। सत्यापन इंजीनियर जांचते हैं कि डिजाइन सही ढंग से काम करता है या नहीं। सॉफ्टवेयर इंजीनियर मॉडल और एप्लिकेशन को हार्डवेयर पर चलाना संभव बनाते हैं।
बताया गया है कि कंपनी ने चिप डिजाइन कंपनियों, फाउंड्री और मेमोरी आपूर्तिकर्ताओं से भी बातचीत की है। फाउंड्री किसी दूसरी कंपनी के डिजाइन के आधार पर प्रोसेसर बनाती है। मेमोरी आपूर्तिकर्ता ऐसे घटक देते हैं जो मॉडल का डेटा संग्रहीत करते हैं और उसे प्रोसेसर तक इतनी तेजी से पहुँचाते हैं कि सिस्टम दक्षता से काम करता रहे।
इन चर्चाओं से यह साबित नहीं होता कि DeepSeek ने उत्पादन क्षमता हासिल कर ली है। किसी फाउंड्री या विनिर्माण साझेदार की पुष्टि नहीं हुई है। टेपआउट की तारीख भी घोषित नहीं हुई है। टेपआउट वह चरण है जब चिप का पूरा डिजाइन निर्माण के लिए भेजा जाता है।
आर्किटेक्चर से टेपआउट और फिर बड़े पैमाने पर उत्पादन तक पहुँचने में आम तौर पर एक साल से काफी अधिक समय लगता है। प्रतिस्पर्धी AI प्रोसेसर बनाने में कई साल भी लग सकते हैं। शुरुआती नमूने मिलने के बाद भी कंपनी को उनका परीक्षण करना होगा, खामियां दूर करनी होंगी और भरोसेमंद उत्पादन व्यवस्था बनानी होगी। चिप को सेवा के बड़े हिस्से का ट्रैफिक संभालने से पहले सॉफ्टवेयर का तैयार होना भी जरूरी होगा।
अमेरिकी निर्यात प्रतिबंध इस प्रक्रिया को जटिल बनाते हैं। खबरों में चीनी कंपनियों की Nvidia के सबसे उन्नत प्रोसेसर, विदेशों में उन्नत चिप विनिर्माण और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी तक पहुँच पर लगी पाबंदियों का उल्लेख है। यह मेमोरी AI प्रोसेसरों को जरूरी तेज गति से डेटा देती है। निर्माण या मेमोरी पर लागू प्रतिबंध तैयार डिजाइन के प्रदर्शन को सीमित कर सकते हैं या उसकी तैनाती में देरी करा सकते हैं।
फंडिंग की खबरें अलग-अलग चरणों का ब्योरा देती हैं
फंडिंग की स्थिति पर खास सावधानी जरूरी है। पहली खबर में बताया गया है कि DeepSeek अपना पहला बाहरी फंडिंग दौर जुटाने की कोशिश कर रही है। उसका लक्ष्य करीब 52 अरब से 59 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर 7 अरब डॉलर जुटाना था। उस समय बाहरी निवेश लेने को कंपनी की पहले की अनिच्छा से बदलाव के तौर पर पेश किया गया था।
एक अलग खबर के मुताबिक, पहला दौर जून में ही पूरा हो चुका था। इसमें 50 अरब डॉलर से अधिक के मूल्यांकन पर करीब 7.4 अरब डॉलर जुटाए गए। इसके बाद नई फंडिंग के लिए कम से कम 12 अरब डॉलर जुटाने की बात कही गई, जो 15 अरब डॉलर के करीब पहुँच सकती है। इससे पहले लक्ष्य करीब 7.5 अरब डॉलर जुटाने का था, जिसका मूल्यांकन लगभग 75 अरब डॉलर रखा गया था।
इस तरह दोनों खबरों में पहले दौर की स्थिति और चर्चा में मौजूद फंडिंग की रकम, दोनों को लेकर फर्क है। संभव है कि ये लगातार हुए घटनाक्रमों को दर्शाती हों, लेकिन DeepSeek ने सार्वजनिक रूप से इनका मिलान नहीं किया है। बाद की खबर में सौदा पूरा होने की बात स्वीकार किए बिना 7 अरब डॉलर के प्रस्तावित दौर को अब भी लंबित नहीं बताना चाहिए।
बाद के बड़े फंडिंग दौर की खबर के अनुसार, बैटरी निर्माता CATL और Tencent सबसे बड़ी रकम दे रहे हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि फंडिंग पूरी होने के बाद DeepSeek 2027 की शुरुआत में शुरुआती सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए पुनर्गठन की योजना बना रही है। CATL ने टिप्पणी करने से इनकार किया, जबकि Tencent और DeepSeek ने कोई जवाब नहीं दिया।
इन कथित योजनाओं से डेटा सेंटर, प्रोसेसर और अपनी चिप के लिए जरूरी इंजीनियरिंग टीम पर खर्च की गुंजाइश बनेगी। लेकिन इससे यह तय नहीं होता कि चिप परियोजना के लिए कितनी रकम रखी जाएगी। कोई बजट, निवेशक-वार आवंटन या सूचीबद्ध होने की पुष्ट समय-सारणी सामने नहीं आई है।
खबरों में बताए गए घटनाक्रमों का आपसी संबंध
खबरों में चिप परियोजना को मॉडल रिलीज और फंडिंग योजनाओं के साथ रखा गया है, लेकिन कई तारीखें अनुमानित हैं। स्पष्ट क्रम में खबरों में बताए गए घटनाक्रमों को उन प्रस्तावों से अलग रखा गया है जिनकी पुष्टि नहीं हुई है:
- 2024: संस्थापक Liang Wenfeng ने एक साक्षात्कार में कहा कि चिप निर्यात नियंत्रण वास्तव में एक चुनौती हैं।
- चिप संबंधी खबरों से करीब एक साल पहले: खबरों के मुताबिक, DeepSeek ने विकास का काम और संभावित डिजाइन, विनिर्माण तथा मेमोरी साझेदारों से बातचीत शुरू की।
- अप्रैल 2026: फंडिंग से जुड़ी एक खबर में V4-Pro और V4-Flash के पूर्वावलोकन संस्करण अप्रैल में जारी होने की बात है। अलग खबरों में 2026 की शुरुआत में Huawei Ascend प्रोसेसर पर आधारित V4 संस्करण का जिक्र है।
- जून: बाद की फंडिंग खबर के अनुसार, DeepSeek ने 50 अरब डॉलर से अधिक के मूल्यांकन पर करीब 7.4 अरब डॉलर जुटाकर अपना पहला बाहरी दौर पूरा किया।
- 2027 की शुरुआत: बताया गया है कि DeepSeek एक और फंडिंग दौर और पुनर्गठन के बाद शुरुआती सार्वजनिक निर्गम पर विचार कर रही है।
इस क्रम में चिप उत्पादन की कोई तारीख नहीं दी गई है। DeepSeek ने प्रोटोटाइप, टेपआउट के किसी पड़ाव या लॉन्च की घोषणा नहीं की है। 2027 की शुरुआत में सूचीबद्ध होने की कथित योजना वित्तीय है, प्रोसेसर की समय-सीमा नहीं।
यह फर्क मॉडल की प्रगति को हार्डवेयर की प्रगति समझने से भी रोकता है। Huawei प्रोसेसर पर चलने वाला मॉडल उस प्लेटफॉर्म पर काम दिखाता है; इससे यह साबित नहीं होता कि DeepSeek की अपनी चिप तैयार है।
Nvidia और चिप बाजार के लिए इसका क्या मतलब है
खबरों के मुताबिक, परियोजना की खबर के बाद बाजार खुलने से पहले के कारोबार में Nvidia के शेयर करीब 0.5% फिसल गए। यह बाजार की मामूली प्रतिक्रिया थी, ऑर्डर या राजस्व में किसी मापने योग्य बदलाव का प्रमाण नहीं। तैनाती के लिए कोई चिप तैयार न होने के कारण संभावित व्यावसायिक असर अभी भविष्य की बात है।
DeepSeek की पहल AI डेवलपरों के बीच अपना हार्डवेयर बनाने की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है। खबरों में Broadcom के साथ विकसित हो रही OpenAI की इन्फरेंस चिप और Anthropic के शुरुआती चिप कार्य का भी जिक्र है। इन सभी के पीछे साझा मकसद मॉडल चलाने की लगातार होने वाली लागत पर अधिक नियंत्रण पाना है, हालांकि इन परियोजनाओं की प्रगति और विनिर्माण तक पहुँच अलग-अलग है।
DeepSeek के सामने एक अतिरिक्त बाधा है: अपना डिजाइन होने से यह पाबंदियाँ खत्म नहीं होंगी कि चिप का निर्माण कहाँ हो सकता है या उसे कौन-सी मेमोरी मिल सकती है। Nvidia पर निर्भरता घटने के बाद भी कंपनी बाहरी विनिर्माण, मेमोरी और अन्य घटकों पर निर्भर रह सकती है।
आगे की अहम प्रगति में विनिर्माण साझेदार की पुष्टि, चिप आर्किटेक्चर का ब्योरा, टेपआउट की दिशा में प्रगति और DeepSeek के मॉडलों पर प्रदर्शन के प्रमाण शामिल होंगे। फंडिंग पूरी होने से उपलब्ध संसाधनों की तस्वीर साफ होगी। हार्डवेयर से जुड़े इनमें से किसी भी पड़ाव की तारीख घोषित नहीं हुई है।
इसलिए सबसे ठोस निष्कर्ष तत्काल प्रतिस्पर्धी सफलता से कहीं सीमित है। खबरों के मुताबिक, DeepSeek अपनी AI सेवाओं के पीछे के बुनियादी ढाँचे पर अधिक नियंत्रण पाने की कोशिश कर रही है, जबकि स्थापित आपूर्तिकर्ताओं पर उसकी निर्भरता बनी हुई है। लागत घटेगी या नहीं, यह तैयार सिस्टम पर निर्भर करेगा, सिर्फ इस बात पर नहीं कि प्रोसेसर का डिजाइन किसके पास है।
मुख्य बातें
- खबरों के अनुसार, करीब एक साल से काम के बाद DeepSeek इन्फरेंस चिप विकसित कर रही है, लेकिन कंपनी ने परियोजना की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है।
- इस पहल से Nvidia और Huawei, दोनों पर निर्भरता घट सकती है। किसी फाउंड्री, उत्पादन साझेदार या लॉन्च की तारीख की घोषणा नहीं हुई है।
- उन्नत विनिर्माण और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी पर लागू निर्यात प्रतिबंध परियोजना के प्रदर्शन या समय-सीमा को सीमित कर सकते हैं।
- फंडिंग संबंधी खबरों में पहले प्रस्तावित 7 अरब डॉलर, पूरा हो चुका बताया गया 7.4 अरब डॉलर का दौर और बाद का ऐसा दौर शामिल है जो 15 अरब डॉलर के करीब पहुँच सकता है।
- विस्तार की एक अलग योजना में कम से कम 160,000 Huawei AI चिपें और 2027 की शुरुआत में सूचीबद्ध होने की कथित योजना शामिल है।
- अभी कोई सार्वजनिक बेंचमार्क या उत्पादन पड़ाव यह साबित नहीं करता कि DeepSeek की चिप उसके मॉडलों को चलाने की लागत घटा सकती है।






