बैटरी की असलियत: चीन के शुरुआती ईवी खरीदारों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की वास्तविक कीमत का सामना

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बैटरी की असलियत: चीन के शुरुआती ईवी खरीदारों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की वास्तविक कीमत का सामना

हार्बिन की कड़वी सच्चाई

उत्तर-पूर्वी चीन के हार्बिन की सड़कों पर बर्फबारी और माइनस 15 डिग्री सेल्सियस की ठंड के बीच, अपने इलेक्ट्रिक वाहन में दुबके झाओ ली मिनट बीतते हुए देखते हैं। वह ट्रैफिक में नहीं फंसे हैं। उनकी गाड़ी सड़क किनारे लगे चार्जिंग स्टेशन से जुड़ी है और वे बैटरी मीटर को धीरे-धीरे ऊपर चढ़ते देख रहे हैं। 45 वर्षीय दफ्तर कर्मचारी ने कहा, "मैंने यह सोचकर इलेक्ट्रिक कार खरीदी थी कि पेट्रोल पर खर्च बचेगा।" झाओ की ईवी चार्ज करने में 100 युआन (14.40 अमेरिकी डॉलर) से कम खर्च आता है, जबकि उनकी पिछली पेट्रोल कार की 50 लीटर टंकी भरवाने में करीब 350 युआन लगते थे। उन्होंने CNA से कहा, "किसे पता था कि इसके बजाय चार्जिंग में इतना ज्यादा समय खर्च होगा। समय ही पैसा है। मुझे लगता है, जितना फायदा हुआ है उससे ज्यादा नुकसान हुआ है।" उन्होंने बताया कि तेज चार्जिंग स्टेशन पर एक बार चार्ज करने में आम तौर पर करीब 30 मिनट लगते हैं।

विषय-सूची
  1. हार्बिन की कड़वी सच्चाई
  2. स्टार्टअप बंद होने और सॉफ्टवेयर अपडेट थमने पर
  3. बैटरी के क्षरण का विज्ञान
  4. मालिकों के लिए आर्थिक हकीकत
  5. नियामकीय कार्रवाई और रीसाइक्लिंग की चुनौतियां
  6. बैटरी स्वैप और दूसरे जीवन के समाधान
  7. पड़ोसी बाजारों के लिए सबक
  8. निष्कर्ष

झाओ को सबसे ज्यादा खीझ इस बात से होती है कि डैशबोर्ड जितनी दूरी तय करने का भरोसा देता है और सड़क पर हकीकत जितनी होती है, उनके बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है। दो साल पहले जब उन्होंने यह बिल्कुल नई कार खरीदी थी, तब इसका विज्ञापित दावा था कि फुल चार्ज पर यह करीब 450 किमी चल सकती है, जो पूरे कार्यसप्ताह के रोजाना आने-जाने के लिए पर्याप्त था। झाओ ने कहा, "ठंड में मुझे वादे की आधी दूरी भी मुश्किल से मिल रही है।" अब उन्हें हफ्ते में करीब दो बार गाड़ी चार्ज करनी पड़ती है, जबकि सामान्य परिस्थितियों में लगभग एक बार ही करनी पड़ती थी। इन सीमाओं ने कार इस्तेमाल करने का उनका तरीका बदल दिया है। उन्होंने कहा, "अब मैं इसे ज्यादातर सप्ताहांत में छोटी यात्राओं, जरूरी कामों या मॉल जाने के लिए इस्तेमाल करता हूं। लंबी दूरी के लिए घर की हाइब्रिड कार पर निर्भर रहता हूं। उसमें ये समस्याएं नहीं हैं।"

झाओ का अनुभव एक ऐसी हकीकत को दिखाता है जिसका सामना चीन के शुरुआती ईवी खरीदार एक दशक से अधिक समय तक तेजी से अपनाए जाने के बाद कर रहे हैं। गाड़ियां पुरानी होने के साथ, समय, पैसे और सुविधा की दीर्घकालिक कीमत तेजी से मालिकों पर पड़ रही है। मौसम बैटरियों के लिए खास तौर पर कठिन परीक्षा साबित होता है, वहीं पुराने हार्डवेयर और बंद हो चुके सॉफ्टवेयर अपडेट नेविगेशन से लेकर ड्राइवर सहायता सुविधाओं तक को प्रभावित करते हैं। दुनिया के सबसे बड़े और सबसे परिपक्व ईवी बाजार में ये बढ़ते शुरुआती दर्द स्वच्छ और सस्ती आवाजाही के वादे की परीक्षा ले रहे हैं और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे क्षेत्रों के लिए एक उदाहरण पेश कर रहे हैं, जहां ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ रही है।

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स्टार्टअप बंद होने और सॉफ्टवेयर अपडेट थमने पर

चीन में इलेक्ट्रिक वाहनों का बेड़ा 2012 में महज 13,000 गाड़ियों से बढ़कर आज 2 करोड़ से अधिक हो गया है। इसे 30 लाख से अधिक चार्जिंग स्टेशनों का समर्थन हासिल है। सरकारी सब्सिडी, जो कभी प्रति वाहन 55,000 युआन तक पहुंची थी, और लाइसेंस प्लेट नीतियों ने इस अभूतपूर्व विस्तार को बढ़ावा दिया। इन नीतियों के चलते बीजिंग और शंघाई जैसे भीड़भाड़ वाले शहरों में ईवी ही एकमात्र व्यावहारिक विकल्प बन गए थे। अब यह विस्तार एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। 2016 से 2019 के बीच खरीदी गईं पहली खेप की बड़े पैमाने पर बिकने वाली ईवी आठ साल के अहम पड़ाव पर पहुंच रही हैं, जब बैटरी की वारंटी खत्म हो जाती है।

चीन में ज्यादातर ईवी बैटरियों पर आठ साल या 1,50,000 किलोमीटर की वारंटी होती है। क्षमता 70 फीसदी से नीचे गिरने पर इनके बदलने का वादा किया जाता है। लेकिन वारंटी की बारीक शर्तें कंपनियों के अनुसार अलग-अलग हैं और उनका पालन भी एकसमान नहीं है। वारंटी खत्म होने पर बैटरी बदलने की लागत अक्सर वाहन की कीमत के बराबर पहुंच जाती है। उद्योग के अनुमानों के मुताबिक, पूरा बैटरी पैक बदलने में 50,000 युआन से लेकर 1,00,000 युआन से अधिक तक खर्च हो सकता है। नई आम ईवी आम तौर पर 1,00,000 से 1,50,000 युआन में बिकती हैं, इसलिए बैटरी बदलने की लागत पुरानी गाड़ी की बची हुई कीमत के करीब या उससे भी अधिक हो सकती है।

जोखिम केवल यांत्रिक खराबी तक सीमित नहीं हैं। हाल के वर्षों में HiPhi, WM Motor और Neta समेत कई ईवी स्टार्टअप बंद हो गए या उन्होंने अपना कामकाज घटा दिया। मीडिया रिपोर्टों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कंपनियों के वित्तीय संकट में फंसने के बाद मालिक सॉफ्टवेयर अपडेट, स्पेयर पार्ट्स और बिक्री के बाद की सेवाओं को लेकर अनिश्चितता में पड़ गए। ऐसी परिस्थितियों में इन्फोटेनमेंट, नेविगेशन और बैटरी प्रबंधन प्रणाली जैसी सुविधाओं के अपडेट बंद हो सकते हैं, क्योंकि वे लगातार सॉफ्टवेयर समर्थन पर निर्भर हैं। इससे यह जोखिम बढ़ता है कि गाड़ी यांत्रिक रूप से चलने लायक रहने पर भी मालिकों को दीर्घकालिक नतीजे भुगतने पड़ें। खरीदारों के लिए स्थापित निर्माताओं और संघर्ष कर रहे स्टार्टअप के बीच का अंतर पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गया है।

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बैटरी के क्षरण का विज्ञान

यह समझने के लिए कि ये बैटरियां क्यों खराब होती हैं, उनके भीतर की रासायनिक प्रक्रिया को देखना जरूरी है। चीन की वाहन निर्माता कंपनी GAC में ईवी बैटरी विकास के अनुभवी और ग्वांगझू स्थित बैटरी प्रौद्योगिकी फर्म LEADINX के संस्थापक मेई आओ ने बताया कि लगभग सभी आधुनिक ईवी में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां दो मुख्य तरीकों से क्षरित होती हैं। मेई ने CNA से कहा, "एक है क्षमता का कम होना, यानी बैटरी कम ऊर्जा जमा कर पाती है। दूसरा है समय के साथ आंतरिक प्रतिरोध का बढ़ना, जिससे बिजली देने की क्षमता प्रभावित होती है।" वाहन चालकों के लिए इसका मतलब है कम दूरी और कमजोर रफ्तार।

ठंड इन समस्याओं को और बढ़ा देती है। माइनस 10 या माइनस 20 डिग्री सेल्सियस पर बैटरी की क्षमता शायद केवल 10 से 20 फीसदी घटे, लेकिन उपयोगकर्ताओं को अक्सर लगता है कि इसकी रेंज आधी रह गई है। यह अंतर इसलिए महसूस होता है क्योंकि केबिन को गर्म करने और बैटरी प्रबंधन प्रणालियों में काफी ऊर्जा लगती है, जिससे गाड़ी चलाने के लिए कम बिजली बचती है। सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर हुंग दिन्ह गुयेन ने बताया कि जमा देने वाली ठंड में चार्ज करने से अतिरिक्त जोखिम पैदा होते हैं।

उन्होंने कहा, "इससे क्षमता स्थायी रूप से घट जाती है।" उन्होंने जोड़ा कि गंभीर मामलों में इससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो सकती हैं।

दूसरी ओर, गर्म और उमस भरी जलवायु दीर्घकालिक क्षरण को तेज करती है। शोध से पता चलता है कि करीब 55 डिग्री सेल्सियस तापमान पर बैटरी की क्षमता में होने वाली कमी, मध्यम तापमान की तुलना में दस गुना तक अधिक हो सकती है। लंबे समय तक गर्मी रहने से अंदरूनी नुकसान होता है, जबकि उमस गर्मी बाहर निकालने की क्षमता घटाती है। इससे बैटरी का आंतरिक तापमान और खराबी का जोखिम बढ़ जाता है। आधुनिक ईवी इन जोखिमों को कम करने के लिए तापमान प्रबंधन प्रणालियों का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन अत्यधिक तापमान के लंबे संपर्क से बैटरियों और उनसे जुड़ी प्रणालियों पर दबाव पड़ता है।

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मालिकों के लिए आर्थिक हकीकत

बीजिंग में सार्वजनिक क्षेत्र के 30 वर्षीय अधिकारी शॉन पेंग ने अगस्त 2020 में ईवी खरीदी थी। अब उन्हें उसमें पुराना होने के संकेत दिख रहे हैं। कार का ऑपरेटिंग सिस्टम धीमा प्रतिक्रिया देता है, जबकि इसकी रेंज करीब 10 फीसदी घट गई है। चार्जिंग का प्रदर्शन भी खराब हुआ है। पेंग ने बताया कि अब सामान्य चार्जिंग पॉइंट पर गाड़ी काफी धीमी चार्ज होती है। जब उन्होंने यह समस्या निर्माता को बताई, तो उनसे कहा गया कि वायरिंग बदलने से इसे ठीक किया जा सकता है। इस मरम्मत पर "कई हजार युआन" खर्च होंगे, जो उन्हें खुद देने होंगे क्योंकि गाड़ी की वारंटी अब खत्म हो चुकी है।

मरम्मत के भारी-भरकम बिलों की कहानियां सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। खबरों के अनुसार, एक घरेलू ईवी के मालिक ने खराब बैटरी बदलने के लिए 80,000 युआन खर्च किए, जो कार की मूल कीमत का लगभग आधा था। Polestar 2 के एक अन्य मालिक को 5,40,000 युआन का चौंका देने वाला बिल मिला, जो गाड़ी की मूल कीमत से कहीं अधिक था। बीजिंग की चिकित्सा पेशेवर फांग यी ने 2015 में करीब 10 लाख युआन में Tesla Model X खरीदी थी। उन्हें भी ऐसी ही दुविधा का सामना करना पड़ा, जब 2024 की शुरुआत में उनकी कार की आठ साल की बैटरी वारंटी खत्म हो गई। Tesla के आधिकारिक सर्विस सेंटर में उन्हें बताया गया कि मरम्मत के लिए कार खोलनी होगी, बैटरी शंघाई की फैक्ट्री भेजनी होगी और हर कदम पर भारी खर्च उठाना होगा।

फांग याद करती हैं, "कर्मचारी हैरान लग रहे थे कि मैं इसकी मरम्मत कराना भी चाहती हूं। लेकिन मुझे यह कार बहुत पसंद है। क्या बैटरी खराब होने का मतलब है कि मुझे पूरी गाड़ी फेंक देनी होगी?"

आधिकारिक मरम्मत की ऊंची लागत के चलते कई मालिक गैर-अधिकृत वर्कशॉप का रुख करते हैं। फांग का अनुमान है कि उनके जानने वाले Tesla मालिकों में 60 फीसदी से अधिक अब तीसरे पक्ष की सेवाओं पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा, "आधिकारिक सेंटर पर जिस काम में 4,000 से 5,000 युआन खर्च होते हैं, वही छोटी वर्कशॉप में केवल 1,000 से 2,000 युआन में हो सकता है।" उस मरम्मत के बाद से फांग Tesla के किसी आधिकारिक सर्विस सेंटर नहीं गई हैं। हालांकि, इन अनौपचारिक मरम्मत नेटवर्क पर निगरानी सीमित है। इससे निर्माता के तय प्रोटोकॉल के बिना उच्च-वोल्टेज बैटरी प्रणालियों को संभालने की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ती हैं।

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नियामकीय कार्रवाई और रीसाइक्लिंग की चुनौतियां

बीजिंग इस अव्यवस्थित स्थिति में व्यवस्था लाने की कोशिश कर रहा है। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी नियम के तहत चीनी नियामक ईवी को कबाड़ में डालने की प्रक्रिया के दौरान बैटरियों को गाड़ियों के साथ रखने का निर्देश देंगे। साथ ही, बैटरी के निर्माण से लेकर अंतिम निपटान तक की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत राष्ट्रीय सूचना मंच स्थापित किया जाएगा। नियम के अनुसार, निर्माताओं को बैटरी स्वैप संचालकों, लीजिंग सेवाओं और मरम्मत कारोबारियों से बैटरियां लेनी होंगी। इससे निपटान की प्रक्रिया में रुकावटें रोकने और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। यह व्यवस्था निर्माता की जिम्मेदारियों को लागू करने, कार्बन उत्सर्जन के पूरे चक्र पर नजर रखने और तकनीकी दिशानिर्देशों को मानकीकृत करने के उपाय तैयार करती है।

फिर भी रीसाइक्लिंग का ढांचा नाकाफी है। 2018 से 2023 के बीच चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सेवा से हटाई गई ईवी बैटरियों के प्रसंस्करण के लिए केवल 156 कंपनियों को प्रमाणित किया, जबकि 40,000 से अधिक कंपनियों के पास इस काम के लिए कारोबार लाइसेंस हैं। हर 1,000 इस्तेमाल की गई ईवी बैटरियों में से चार से भी कम का प्रसंस्करण प्रमाणित रीसाइक्लर करते हैं। केवल 2023 में सेवा से हटाई गई ईवी बैटरियों का वजन अनुमानित 5,80,000 टन था। 2027 तक यह आंकड़ा बढ़कर 11.4 लाख टन होने की उम्मीद है। अनुचित प्रसंस्करण से पर्यावरणीय खतरा पैदा हो सकता है।

मौजूदा रीसाइक्लिंग तरीकों की अपनी चुनौतियां हैं। पायरोमेटलर्जी में कटी हुई बैटरियों को 800-1200 डिग्री सेल्सियस तक गर्म किया जाता है। इसमें भारी मात्रा में ऊर्जा लगती है और लिथियम जैसे अहम तत्व स्लैग में खो जाते हैं। हाइड्रोमेटलर्जी में घटकों को घोलने के लिए तेजाब का इस्तेमाल होता है, जिससे बड़ी मात्रा में जहरीला तरल कचरा पैदा होता है। दोनों तरीके कोबाल्ट-युक्त बैटरियों के लिए बनाए गए थे। लेकिन जैसे-जैसे निर्माता कोबाल्ट-मुक्त लिथियम आयरन फॉस्फेट रसायन की ओर बढ़ रहे हैं, इन तरीकों की आर्थिक व्यवहार्यता घट रही है। स्टेट काउंसिल के विकास अनुसंधान केंद्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 के अंत तक सेवा से हटाई गई 75 फीसदी से अधिक बैटरियां अब भी गैर-योग्य वर्कशॉप में संभाली जा रही थीं, जिससे पर्यावरणीय खतरों को लेकर चिंता बढ़ी।

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बैटरी स्वैप और दूसरे जीवन के समाधान

कुछ निर्माता बैटरी का मालिकाना हक देने के बजाय बैटरी स्वैप को विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। चीन की प्रमुख ईवी निर्माता कंपनियों में से एक NIO के 2,700 से अधिक स्वैप स्टेशन हैं, जहां ग्राहक कुछ ही मिनटों में खाली बैटरी के बदले पूरी तरह चार्ज बैटरी ले सकते हैं। देश की अग्रणी बैटरी निर्माता CATL का लक्ष्य 2025 तक 30 शहरों में 1,000 से अधिक स्टेशन चलाने का है। उसका दीर्घकालिक लक्ष्य देशभर में 30,000 स्टेशन स्थापित करना है। इन मॉडलों में बैटरी को वाहन की खरीद से अलग रखा जाता है, जिससे शुरुआती लागत घटती है और बैटरी के क्षरण की जिम्मेदारी मालिक पर नहीं आती।

जो बैटरियां अब वाहनों को बिजली नहीं दे सकतीं, उनके लिए दूसरे उपयोग अस्थायी मूल्य प्रदान करते हैं। सेवा से हटाई गई ईवी बैटरियों में आम तौर पर उनकी 70-80 फीसदी क्षमता बची रहती है, जिससे वे स्थिर ऊर्जा भंडारण के लिए उपयुक्त होती हैं। 2030 तक इस्तेमाल की जा चुकी ईवी बैटरियों का वैश्विक बाजार 330-350 GWh तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, बैटरियों की स्थिति जांचने के मानकीकृत तरीके न होना और उनकी बची हुई उम्र का अनिश्चित होना जैसी चुनौतियां कायम हैं। ऊर्जा समूह Galp में नवीकरणीय ऊर्जा की प्रमुख कार्ला तवारेस ने कहा कि इनके उपयोग से सुरक्षा के सवाल पैदा होते हैं, क्योंकि दोबारा इस्तेमाल करने वाले लोग बैटरी के अंदर की स्थिति नहीं देख सकते।

उन्होंने कहा, "जब मैं दूसरे जीवन वाली बैटरियां खरीदती हूं, तो मुझे अभी नहीं पता कि अपनी एक्सेल शीट में कितने साल की अवधि मानकर चलूं। यह पांच साल हो सकती है, सात या 10। और इससे बहुत फर्क पड़ता है।"

नई तकनीकें भविष्य में रीसाइक्लिंग को बेहतर बना सकती हैं। प्रत्यक्ष रीसाइक्लिंग की विधियों का उद्देश्य सक्रिय पदार्थों को पूरी तरह मूल तत्वों में तोड़े बिना उन्हें संरक्षित और फिर से उपयोग योग्य बनाना है, जिससे उच्च तापमान या तेजाब की अधिकता वाली प्रक्रियाओं से बचा जा सके। बायोलीचिंग में सूक्ष्मजीवों की मदद से सामान्य तापमान पर बैटरी के कचरे से धातु आयनों को घोला जाता है। हालांकि, ये तकनीकें अब भी ज्यादातर प्रयोग के चरण में हैं। बड़े पैमाने पर इनके इस्तेमाल की व्यवहार्यता साबित नहीं हुई है और प्रायोगिक परियोजनाओं में निवेश भी सीमित है।

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पड़ोसी बाजारों के लिए सबक

दक्षिण-पूर्व एशिया में ईवी बाजारों के परिपक्व होने के साथ चीन का अनुभव बताता है कि आगे क्या हो सकता है। थाईलैंड में 2025 के पहले नौ महीनों में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण 59 फीसदी बढ़कर 87,000 से अधिक हो गया। मलेशिया में कर प्रोत्साहनों की मदद से 2024 में बिक्री साल-दर-साल लगभग 80 फीसदी बढ़कर 28,000 से अधिक इकाइयों तक पहुंच गई। सिंगापुर में 2025 में सभी नई कारों के पंजीकरण में ईवी की हिस्सेदारी 45 फीसदी रही और चीनी वाहन निर्माता BYD बिक्री सूची में शीर्ष पर रही।

NTU के हुंग दिन्ह गुयेन ने जोर देकर कहा कि बैटरी का पुराना होना केवल तकनीकी सीमाओं के कारण उपभोक्ताओं की समस्या नहीं बनता, बल्कि तब भी बनता है जब बुनियादी ढांचा और नीतियां ईवी अपनाने की रफ्तार के साथ कदम नहीं मिला पातीं। उन्होंने कहा, "घना और भरोसेमंद चार्जिंग ढांचा तेज चार्जिंग पर निर्भरता घटाता है।" उनके मुताबिक, यह बदलाव बैटरी की सेहत के लिए फायदेमंद है और रेंज खत्म होने की चिंता कम करने में मदद करता है। जहां रोजाना चार्ज करने के विकल्प सीमित हैं, वहां तेज चार्जिंग डिफॉल्ट विकल्प बन जाती है। इससे बैटरियों पर अधिक दबाव पड़ता है और दीर्घकालिक लागत मालिकों पर आ जाती है।

Resources, Environment and Sustainability में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि गैर-ऊर्जा लागत में एकसमान 20 फीसदी कमी आने से 2035 के बाद वैश्विक ईवी बाजार हिस्सेदारी लगभग 25-50 फीसदी से बढ़कर 70-85 फीसदी तक हो सकती है। हालांकि, लेखकों ने चेताया कि अगर बिजली उत्पादन स्वच्छ नहीं हुआ, तो बिजली क्षेत्र से होने वाला उत्सर्जन विद्युतीकरण के लाभों को कम कर सकता है। अध्ययन के सह-लेखक शुआई पान ने कहा, "ईवी जलवायु परिवर्तन को कम करने का एक प्रभावी साधन हो सकते हैं, लेकिन उनकी सफलता सही समय, महत्वाकांक्षी नीतियों को अपनाने और व्यापक ऊर्जा प्रणाली को समानांतर रूप से कार्बन-मुक्त करने पर निर्भर करती है।"

चीन से सबक यह है कि ईवी को अपनाने में तब सफलता मिलती है, जब बैटरी के प्रदर्शन को ऐसी प्रणालीगत चुनौती माना जाए जिसे बुनियादी ढांचे में निवेश, नियमन और दीर्घकालिक योजना का समर्थन हासिल हो। इसका बोझ उम्रदराज बैटरियों के नतीजों को झेलने वाले अलग-अलग मालिकों पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। बैटरी का पुराना होना इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण की विफलता नहीं, बल्कि भौतिकी और रसायन विज्ञान का अनुमानित नतीजा है। असली सवाल यह है कि वाहन की पूरी उम्र के दौरान अपेक्षाओं का प्रबंधन करने और मालिकों को सहारा देने के लिए बाजार कितनी अच्छी तरह तैयार किए गए हैं।

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निष्कर्ष

  • चीन में ईवी अपनाने वाले शुरुआती खरीदारों को बैटरी के क्षरण, कम होती रेंज और बदलने की ऊंची लागत का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि पहली खेप की गाड़ियों की वारंटी खत्म हो रही है।
  • अत्यधिक मौसम बैटरी का क्षरण तेज करता है। ठंड में हीटिंग की जरूरत के कारण इस्तेमाल योग्य रेंज 50 फीसदी तक घट सकती है, जबकि गर्मी से रासायनिक नुकसान स्थायी हो सकता है।
  • बैटरी बदलने की 50,000 से 1,00,000 युआन से अधिक की लागत अक्सर पुरानी गाड़ियों की बची हुई कीमत के करीब या उससे अधिक होती है, जिससे मालिक गैर-अधिकृत मरम्मत की दुकानों का रुख करते हैं।
  • नियामकीय ढांचे सख्त हो रहे हैं। 2026 के नए नियमों के तहत बैटरियों के निर्माण से लेकर निपटान तक केंद्रीकृत निगरानी जरूरी होगी, हालांकि प्रमाणित रीसाइक्लिंग क्षमता अब भी सीमित है।
  • चीन के अनुभव पर नजर रख रहे दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों को केवल तेजी से ईवी अपनाने के प्रोत्साहनों के बजाय चार्जिंग ढांचे के विस्तार और दीर्घकालिक नीतिगत व्यवस्था को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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