एआई मेमोरी संकट गहराने के बीच दक्षिण कोरिया की चिप दिग्गज कंपनियों ने चीन में निवेश बढ़ाया

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एआई मेमोरी संकट गहराने के बीच दक्षिण कोरिया की चिप दिग्गज कंपनियों ने चीन में निवेश बढ़ाया

अभूतपूर्व आपूर्ति संकट

वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उछाल के कारण मेमोरी चिपों की भारी कमी हो गई है। इससे सेमीकंडक्टर उद्योग का स्वरूप बदल रहा है और दक्षिण कोरिया की सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों को कठिन रणनीतिक फैसले लेने पड़ रहे हैं। वैश्विक मेमोरी चिप बाजार के करीब दो-तिहाई हिस्से पर नियंत्रण रखने वाली सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका के सख्त होते निर्यात नियंत्रणों के बावजूद चीन में अपनी विनिर्माण इकाइयों में निवेश तेजी से बढ़ा रही हैं। यह कदम आपूर्ति संकट से निपटने की सोची-समझी कोशिश है। इस संकट ने मेमोरी की कीमतें आसमान पर पहुंचा दी हैं और विनिर्माताओं को एआई डेटा केंद्रों की मांग पूरी करने में जूझना पड़ रहा है, जबकि स्मार्टफोन और पर्सनल कंप्यूटर बाजारों में जरूरी पुर्जों की कमी हो रही है।

विषय-सूची
  1. अभूतपूर्व आपूर्ति संकट
  2. मौजूदा उत्पादन केंद्रों को फिर से सक्रिय करना
  3. वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच रणनीतिक तनाव
  4. उपभोक्ता बाजारों पर बढ़ता दबाव
  5. बाजार में बुनियादी बदलाव
  6. निष्कर्ष

उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा स्थिति 15 साल में मेमोरी की सबसे गंभीर कमी है। गोल्डमैन सैक्स ने हाल ही में 2026 में डीआरएएम की आपूर्ति में कमी का अनुमान कुल मांग के 4.9 प्रतिशत तक बढ़ा दिया, जो पहले 3.3 प्रतिशत था। बैंक ने यह भी अनुमान लगाया कि नैंड फ्लैश की कमी 4.2 प्रतिशत तक पहुंचेगी। निवेश बैंक के मुताबिक, बाजार में 2000 के दशक के आखिरी वर्षों के बाद से सबसे तंग हालात हैं। इस संकट की वजह एआई ढांचे का विस्फोटक विस्तार है, जिससे हाई बैंडविड्थ मेमोरी की मांग बेतहाशा बढ़ी है। ये विशेष चिप बड़े भाषा मॉडल चलाने वाले डेटा केंद्रों में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट के साथ लगाई जाती हैं। एआई गणनाओं के लिए जरूरी तेज डेटा हस्तांतरण संभव बनाने के लिए एचबीएम चिपों को त्रि-आयामी संरचना में एक के ऊपर एक रखा जाता है। इस वजह से वे सामान्य मेमोरी उत्पादों के मुकाबले कहीं अधिक जटिल और मूल्यवान होती हैं।

विनिर्माता इन मुनाफे वाले एआई पुर्जों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाली सामान्य मेमोरी चिपों का उत्पादन गिर गया है। इस कमी का असर लगभग हर तरह की मेमोरी पर है, यूएसबी ड्राइव में इस्तेमाल होने वाली फ्लैश चिपों से लेकर सर्वर चलाने वाली उन्नत डीआरएएम तक। बाजार अनुसंधान कंपनी ट्रेंडफोर्स के अनुसार, कुछ श्रेणियों में फरवरी से कीमतें दोगुने से अधिक हो चुकी हैं और मौजूदा तिमाही में डीआरएएम की अनुबंध कीमतों में 55 से 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है। इस दोहरे संकट से उपकरणों की कीमतें बढ़ने, सैकड़ों अरब डॉलर की डिजिटल ढांचा परियोजनाओं में देरी होने और एआई आधारित उत्पादकता में बढ़ोतरी धीमी पड़ने का खतरा है। यह सब ऐसे समय हो रहा है जब अर्थव्यवस्थाएं महंगाई के दबाव और व्यापार शुल्क को लेकर अनिश्चितता से जूझ रही हैं।

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मौजूदा उत्पादन केंद्रों को फिर से सक्रिय करना

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने 2025 में शान्शी प्रांत के शीआन स्थित अपनी चिप निर्माण इकाई में 465.4 अरब वॉन, यानी करीब 308.8 मिलियन डॉलर का निवेश किया। दक्षिण कोरिया की वित्तीय पर्यवेक्षण सेवा में दाखिल कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले साल के मुकाबले 67.5 प्रतिशत अधिक है। यह इकाई सैमसंग की विदेश में स्थित एकमात्र मेमोरी चिप फैक्टरी है और कंपनी के वैश्विक नैंड फ्लैश मेमोरी उत्पादन का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा यहां तैयार होता है। इस निवेश के साथ 2020 से 2023 के बीच चार साल तक रुका खर्च फिर शुरू हुआ है। कंपनी ने 2019 में इस इकाई में 698.4 अरब वॉन का निवेश किया था, लेकिन उसके बाद वहां पूंजीगत खर्च लगभग रोक दिया था।

एसके हाइनिक्स ने चीन में अपने कारोबार का और अधिक आक्रामक विस्तार किया है। कंपनी ने जिआंगसू प्रांत के वूशी संयंत्र में 581.1 अरब वॉन का निवेश किया, जो सालाना आधार पर 102 प्रतिशत अधिक है। उसने लियाओनिंग प्रांत की डालियान इकाई में 440.6 अरब वॉन लगाए, जो 2024 के मुकाबले 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। वूशी संयंत्र एसके हाइनिक्स के कुल डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी (डीआरएएम) उत्पादन का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बनाता है, जबकि डालियान इकाई कंपनी का मुख्य नैंड उत्पादन केंद्र है। सैमसंग की तरह एसके हाइनिक्स ने भी 2023 में चीन की इन दोनों इकाइयों में कोई निवेश नहीं किया था। हालांकि, आपूर्ति संकट से निपटने के लिए पिछले दो वर्षों में उसने खर्च तेजी से बढ़ाया है।

कहीं और नए संयंत्र बनाने के बजाय चीन की मौजूदा इकाइयों का विस्तार करने का फैसला सेमीकंडक्टर विनिर्माण की व्यावहारिक वास्तविकताओं को दर्शाता है। आधुनिक फैब बनाने, उपकरण लगाने और उन्हें पूरी क्षमता से उत्पादन शुरू करने में तीन से पांच साल लगते हैं। एआई के कारण पैदा हुई कमी से तुरंत निपटने के लिए मौजूदा ढांचे का बेहतर उपयोग ही आपूर्ति तेजी से बढ़ाने का एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है। शीआन और वूशी, दोनों संयंत्रों में पहले ही भारी निवेश हो चुका है। वहां स्थापित आपूर्ति शृंखलाएं, कुशल कर्मचारी और विकसित विनिर्माण तंत्र मौजूद हैं, जिन्हें दूसरी जगह दोहराने में सालों लगेंगे।

नए संयंत्र बनाने में आम तौर पर तीन से पांच साल लगते हैं, इसलिए चीन में मौजूदा उत्पादन केंद्रों के संचालन को बेहतर बनाने से आपूर्ति बढ़ाने में कहीं तेजी से मदद मिलती है,

यह बात सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के पूर्व कार्यकारी उपाध्यक्ष और सेजोंग इंस्टीट्यूट के अतिथि शोधार्थी ली ब्युंग-चुल ने कही। उन्होंने कंपनी की चीन इकाई में 15 साल तक काम किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका के निर्यात नियंत्रण सख्त होने के बावजूद कोरियाई सेमीकंडक्टर कंपनियों को अपने मौजूदा उत्पादन केंद्रों का अधिकतम उपयोग करना पड़ रहा है। हालांकि, उन्होंने चेताया कि प्रतिद्वंद्विता बढ़ने पर कंपनियों के पास चीन में अपने उत्पादन जोखिम को लंबे समय में बदलने के विकल्प तलाशने के अलावा कोई रास्ता नहीं रह सकता।

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वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच रणनीतिक तनाव

चीन में नए सिरे से निवेश ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका-चीन प्रौद्योगिकी संबंध बेहद संवेदनशील दौर में हैं। अगस्त 2025 में बाइडन प्रशासन ने सत्यापित अंतिम उपयोगकर्ता का वह दर्जा हटा दिया, जिसके तहत सैमसंग और एसके हाइनिक्स बिना प्रतिबंध अमेरिकी चिप उपकरण चीन में अपने संयंत्रों तक भेज सकती थीं। मौजूदा नियामक व्यवस्था के तहत, दोनों कंपनियों को अब चीन में अमेरिकी विनिर्माण उपकरण आयात करने के लिए हर साल मंजूरी लेनी होगी। इससे भविष्य में उत्पादन लाइनों का रखरखाव और उन्नयन कर पाने को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।

यह नीतिगत बदलाव चीन की उन्नत सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी तक पहुंच सीमित करने की वॉशिंगटन की रणनीति का नवीनतम रूप है। अमेरिका विरोधियों पर लागत का दबाव डालने और उनकी तकनीकी क्षमता घटाने के लिए निर्यात नियंत्रणों का रणनीतिक हथियार के तौर पर लगातार अधिक इस्तेमाल कर रहा है। यह खासकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सैन्य उपयोगों से जुड़ी प्रौद्योगिकियों पर लागू होता है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने उन्नत लॉजिक और मेमोरी चिपों को बुनियादी प्रौद्योगिकियां बताया है, जिनमें अमेरिका को यथासंभव बड़ी बढ़त बनाए रखनी चाहिए। यह पहले की उन नीतियों से आगे का कदम है, जिनका लक्ष्य महज कुछ पीढ़ियों की बढ़त बनाए रखना था।

अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक के हालिया बयानों से राजनीतिक दबाव और बढ़ा है। उन्होंने धमकी दी है कि अगर विदेशी मेमोरी चिप निर्माता अमेरिका में विनिर्माण इकाइयां बनाने की प्रतिबद्धता नहीं जताते तो उन पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। सैमसंग फिलहाल टेक्सास के टेलर में फैब क्लस्टर बनाने के लिए 37 अरब डॉलर का निवेश कर रही है, जहां इस साल उत्पादन शुरू होने वाला है। वहीं, एसके हाइनिक्स इंडियाना के वेस्ट लाफायेट में 3.87 अरब डॉलर की उन्नत पैकेजिंग इकाई बना रही है। हालांकि, उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि शुल्क लगाने की धमकी अवास्तविक है, क्योंकि मेमोरी चिपें मानकीकृत वस्तुएं हैं, जिन्हें खुले बाजार में बेचा जाता है। वे अनुबंध के तहत बनवाए जाने वाले पुर्जे नहीं हैं और इसलिए उत्पादन लागत के प्रति बेहद संवेदनशील हैं।

कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, अधिक श्रम लागत, नियामकीय जरूरतों और अविकसित औद्योगिक तंत्र के कारण अमेरिका में विनिर्माण की लागत पूर्वी एशिया के मुकाबले 20 से 40 प्रतिशत अधिक होने का अनुमान है। अमेरिका में मेमोरी विनिर्माण के सामने खास चुनौतियां हैं। फाउंड्री में उत्पादन लागत को अनुबंध की कीमतों में शामिल करने के उलट, मेमोरी चिपें जिंस उत्पाद हैं, जिनमें कीमतों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बने रहना मुनाफे के लिए निर्णायक होता है। यही वजह है कि अकेली बड़ी अमेरिकी मेमोरी निर्माता माइक्रोन टेक्नोलॉजी भी अपना मुख्य उत्पादन घरेलू स्तर पर करने के बजाय जापान, ताइवान और सिंगापुर में बनाए रखती है।

इन दबावों के बावजूद चीन कोरियाई सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए अहम बाजार और उत्पादन केंद्र बना हुआ है। चीनी सरकारी अधिकारी निवेश बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कंपनियों से संपर्क कर रहे हैं। राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग के प्रमुख झेंग शान्जिए ने हाल ही में बीजिंग में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के कार्यकारी अध्यक्ष ली जे-योंग से मुलाकात कर कंपनी से चीन के आर्थिक खुलने के अवसरों का लाभ उठाने और निवेश सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया। ली ने जवाब में कहा कि सैमसंग की वैश्विक रणनीति में चीन का अहम स्थान बना रहेगा। ली और एसके हाइनिक्स के मुख्य कार्यकारी क्वाक नो-जुंग, दोनों ने बीजिंग में चीन विकास मंच में हिस्सा लिया। लगातार दूसरे साल इस कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी ने भू-राजनीतिक मुश्किलों के बावजूद इस बाजार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का संकेत दिया।

कोरियाई विनिर्माताओं के सामने रणनीतिक दुविधा यह है कि चीन उनके उत्पादों का विशाल अंतिम बाजार भी है और एक अहम उत्पादन केंद्र भी। सैमसंग और एसके हाइनिक्स की स्थानीय उत्पादन इकाइयां मिलकर चीन में मेमोरी चिपों की घरेलू मांग का करीब 45 प्रतिशत पूरा करती हैं। इन इकाइयों में किसी भी तरह की बाधा का असर वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं पर पड़ेगा। स्मार्टफोन उत्पादन से लेकर वाहन विनिर्माण तक सब प्रभावित हो सकता है और कोरियाई कंपनियों तथा चीन के प्रौद्योगिकी तंत्र, दोनों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।

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उपभोक्ता बाजारों पर बढ़ता दबाव

एआई कंपनियां जहां हाई बैंडविड्थ मेमोरी की आपूर्ति हासिल करने की होड़ में हैं, वहीं विनिर्माण क्षमता को दूसरी ओर मोड़ने से सामान्य मेमोरी की श्रेणियों में भारी कमी हो गई है। एसके हाइनिक्स में डीआरएएम विपणन प्रमुख पार्क जून-डोक ने विश्लेषकों से कहा कि पर्सनल कंप्यूटर और मोबाइल उपकरणों के ग्राहक मेमोरी की आपूर्ति पाने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। उन पर आपूर्ति की सीमाओं और सर्वर से जुड़े उत्पादों की मजबूत मांग का सीधा और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह से असर पड़ रहा है। बाजार शोधकर्ता ट्रेंडफोर्स के अनुसार, इस कमी के चलते कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। 2025 की चौथी तिमाही में डीडीआर5 डीआरएएम चिपों की कीमत पिछले साल की इसी अवधि से 314 प्रतिशत अधिक थी।

इसका असर दुनिया भर के उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स बाजारों में फैल रहा है। चीनी स्मार्टफोन निर्माता शाओमी और रियलमी ने चेताया है कि मेमोरी की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए 2026 के मध्य तक उन्हें हैंडसेट की कीमतें 20 से 30 प्रतिशत बढ़ानी पड़ सकती हैं। रियलमी इंडिया के मुख्य विपणन अधिकारी फ्रांसिस वोंग ने इन बढ़ोतरी को स्मार्टफोन के आगमन के बाद की अभूतपूर्व वृद्धि बताया। उन्होंने कहा कि निर्माता कैमरे, प्रोसेसर या बैटरी पर लागत बचा सकते हैं, लेकिन स्टोरेज की लागत से बचना संभव नहीं है। इसे पूरी तरह खुद वहन करना होगा या ग्राहकों पर डालना होगा। शोध कंपनियों आईडीसी और काउंटरपॉइंट को अब वैश्विक स्मार्टफोन की आपूर्ति में इस साल कम से कम 2 प्रतिशत गिरावट की आशंका है, जो पहले के वृद्धि अनुमानों से उलट है। पिछले साल 8.1 प्रतिशत बढ़ने के बाद 2026 में पीसी बाजार 4.9 प्रतिशत सिकुड़ने का अनुमान है।

टोक्यो के इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार अकिहाबारा में खुदरा विक्रेताओं ने जमाखोरी रोकने के लिए हार्ड डिस्क ड्राइव और सॉलिड स्टेट ड्राइव की खरीद सीमित करनी शुरू कर दी है। कुछ दुकानों ने ग्राहकों के लिए कुल आठ मेमोरी उत्पादों की सीमा तय की है और बताया है कि एक-तिहाई उत्पाद बिक चुके हैं। गेमर्स के बीच लोकप्रिय 32 गीगाबाइट डीडीआर5 मेमोरी किट की कीमत अक्टूबर से करीब 17,000 येन से बढ़कर 47,000 येन से ऊपर पहुंच गई है। वहीं, ज्यादा क्षमता वाले 128 गीगाबाइट किट की कीमत दोगुने से अधिक होकर करीब 180,000 येन हो गई है। इस कमी से पुराने डेटा केंद्र सर्वरों से निकाली गई रीसाइकल्ड मेमोरी चिपों का द्वितीयक बाजार तेजी से बढ़ रहा है। कैलिफोर्निया स्थित एक पुनर्विक्रेता ने बताया कि उसकी मासिक बिक्री 500,000 डॉलर से बढ़कर 800,000 डॉलर या उससे अधिक हो गई है, क्योंकि हांगकांग स्थित बिचौलिये चीनी ग्राहकों के लिए तेजी से आपूर्ति जुटा रहे हैं।

सेमीकंडक्टर की ऊंची कीमतों से लाभ होने के बावजूद सैमसंग भी इस दबाव से अछूती नहीं है। चौथी तिमाही में कंपनी के मोबाइल कारोबार का मुनाफा 10 प्रतिशत गिर गया। सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी टीएम रोह ने आगे चुनौतीपूर्ण साल की चेतावनी देते हुए माना कि चिपों की आसमान छूती कीमतों का असर उपकरणों की उत्पादन लागत पर पड़ना तय है। कंपनी इस साल एआई सुविधा वाले गैलेक्सी उपकरणों की तैनाती दोगुनी कर 800 मिलियन यूनिट तक पहुंचाने की योजना बना रही है। लेकिन इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के सामने उन पुर्जों की कमी की चुनौती है, जिसे दूर करने में कंपनी का सेमीकंडक्टर विभाग जुटा है। खबरों के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेजन और मेटा समेत बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने मेमोरी आपूर्तिकर्ताओं से बिना तय सीमा के ऑर्डर मांगे हैं। उन्होंने कीमत की परवाह किए बिना उपलब्ध पूरी आपूर्ति खरीदने की पेशकश की है। चीनी प्रौद्योगिकी दिग्गज अलीबाबा, बाइटडांस और टेनसेंट ने भी सैमसंग और एसके हाइनिक्स से अधिक आपूर्ति हासिल करने के लिए अपने अधिकारियों को बातचीत के लिए भेजा है।

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बाजार में बुनियादी बदलाव

मौजूदा संकट केवल अस्थायी आपूर्ति असंतुलन नहीं है। यह दर्शाता है कि प्रौद्योगिकी उद्योग मेमोरी चिप निर्माताओं को किस तरह देखता है, उसमें संरचनात्मक बदलाव हो रहा है। 2026 की शुरुआत में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 1.14 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। पहली बार यह चीनी इंटरनेट दिग्गज अलीबाबा और टेनसेंट के संयुक्त 1.07 ट्रिलियन डॉलर मूल्यांकन से अधिक था। यह पड़ाव दिखाता है कि एआई निवेश का उन्माद सॉफ्टवेयर ऐप्लिकेशन से हार्डवेयर ढांचे की ओर बढ़ा है। इससे मेमोरी चिपें सामान्य पुर्जों से बदलकर राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी अहम रणनीतिक परिसंपत्तियां बन गई हैं।

वित्तीय बाजारों ने समझ लिया है कि पारंपरिक उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबारी चक्रों से परे, एआई के विकास के लिए मेमोरी चिपें अनिवार्य हो गई हैं। एआई प्रशिक्षण और अनुमान प्रक्रिया में हाई बैंडविड्थ मेमोरी अब पूरे सिस्टम के प्रदर्शन की सीमा तय करती है। इस वजह से एनवीडिया को चिप देने वाली एसके हाइनिक्स और सैमसंग जैसी आपूर्तिकर्ता वैश्विक प्रौद्योगिकी तंत्र के केंद्र में आ गई हैं। 2025 में पूरे साल के लिए एसके हाइनिक्स का परिचालन मुनाफा पहली बार सैमसंग से अधिक रहा। इसके पीछे अधिक मुनाफे वाले एचबीएम और सर्वर डीडीआर5 उत्पादों की अहम भूमिका रही। वहीं, सैमसंग के शेयर पिछले साल 125 प्रतिशत चढ़े, जो 26 साल में उनकी सबसे बड़ी सालाना बढ़त थी।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी का दौर सेमीकंडक्टर उद्योग के पिछले उछालों से अधिक समय तक चल सकता है। स्मार्टफोन और पीसी बदलने के चक्र से जुड़े पुराने तेजी के दौर आम तौर पर एक से दो साल चलते थे, लेकिन सिटीग्रुप और केबी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का अनुमान है कि मौजूदा कमी 2027 तक बनी रह सकती है। इसकी अवधि कई कारकों पर निर्भर करेगी, जिनमें एसके हाइनिक्स के योंगिन क्लस्टर के पहले चरण और माइक्रोन की न्यूयॉर्क इकाई जैसी नई फैब परियोजनाओं का पूरा होना शामिल है। यह भी अहम होगा कि बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां अपने विशाल एआई निवेश से कमाई कर पाती हैं या नहीं, ताकि पूंजीगत खर्च जारी रह सके। एआई प्रशिक्षण से अनुमान प्रक्रिया की ओर बढ़ना, स्वचालित वाहनों और रोबोटिक्स जैसे भौतिक एआई अनुप्रयोगों का उभरना और एजेंट आधारित एआई सेवाओं का विकास, इन सभी से मौजूदा एचबीएम-केंद्रित उपयोग से आगे मेमोरी की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

हालांकि, ऐसे जोखिम भी हैं जो मौजूदा उछाल को बाधित कर सकते हैं। गूगल ने हाल ही में घोषणा की कि उसका टर्बोक्वांट एल्गोरिदम मेमोरी की जरूरत को मौजूदा स्तर के छठे हिस्से तक घटा सकता है। अगर दक्षता में इस तरह के सुधार व्यापक रूप से अपनाए गए तो दीर्घकालीन मांग को खतरा हो सकता है। इसके अलावा, अगर ओपनएआई या सॉफ्टबैंक जैसे बड़े एआई निवेशकों को वित्तीय दिक्कतें आती हैं और वे अपने बुनियादी ढांचे का विस्तार धीमा कर देते हैं, तो मौजूदा कमी तेजी से खत्म हो सकती है। सेमीकंडक्टर उपकरणों की बिक्री 2027 तक 156 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है, लेकिन विनिर्माता क्षमता जरूरत से ज्यादा बढ़ाने को लेकर सतर्क हैं। 2018-2019 की मंदी में आक्रामक विस्तार के बाद कारखाने खाली रह गए थे और कंपनियों को नुकसान हुआ था।

फिलहाल, कोरियाई विनिर्माताओं को एआई ग्राहकों को आपूर्ति देने की तत्काल जरूरत और चीन में उनके उत्पादन केंद्रों को खतरे में डालने वाले जटिल भू-राजनीतिक हालात, दोनों को संभालना होगा। शीआन और वूशी में निवेश तत्काल कमी दूर करने के लिए जरूरी पुल का काम करता है। साथ ही, यह भी दिखाता है कि इन कंपनियों को वैश्विक बाजारों की सेवा और महाशक्तियों के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा में उलझने से बचने के बीच कितना नाजुक संतुलन बनाए रखना पड़ रहा है। उद्योग के एक कार्यकारी के मुताबिक, हर कोई आपूर्ति के लिए गुहार लगा रहा है। मेमोरी का हिस्सा हासिल नहीं कर पाने पर कंपनियों का कामकाज ठप हो सकता है। इसलिए जोखिम के बावजूद चीन की इकाइयां अनिवार्य बनी हुई हैं।

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निष्कर्ष

  • वैश्विक एआई मेमोरी की गंभीर कमी से निपटने के लिए सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स ने चीन के चिप संयंत्रों में निवेश क्रमशः 67.5 प्रतिशत और 100 प्रतिशत से अधिक बढ़ाया है। गोल्डमैन सैक्स ने इसे 15 साल की सबसे गंभीर कमी बताया है।
  • शीआन और वूशी के संयंत्र सैमसंग के नैंड उत्पादन का 40 प्रतिशत और एसके हाइनिक्स के डीआरएएम उत्पादन का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बनाते हैं। इसलिए भू-राजनीतिक जोखिमों के बावजूद वे वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं के लिए बेहद अहम हैं।
  • अगस्त 2025 में सत्यापित अंतिम उपयोगकर्ता का दर्जा हटाए जाने के बाद अमेरिका के निर्यात नियंत्रणों के तहत चीन में उपकरण भेजने के लिए अब हर साल मंजूरी लेनी होती है। वहीं, वॉशिंगटन ने कोरियाई कंपनियों से अमेरिका में विनिर्माण बढ़ाने की प्रतिबद्धता न मिलने पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी है।
  • कुछ श्रेणियों में मेमोरी चिपों की कीमतें 300 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई हैं। इससे स्मार्टफोन और पीसी निर्माताओं को कीमतें बढ़ाने या आपूर्ति घटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन की बिक्री मात्रा में 2 प्रतिशत गिरावट की आशंका है।
  • सैमसंग और एसके हाइनिक्स का संयुक्त बाजार मूल्य अलीबाबा और टेनसेंट से अधिक होकर 1.14 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है। एआई ढांचे की मांग एशिया के प्रौद्योगिकी बाजारों का स्वरूप बदल रही है और मेमोरी चिपों को रणनीतिक परिसंपत्तियों का दर्जा दे रही है।
  • उद्योग विश्लेषकों का अनुमान है कि कमी 2027 तक बनी रह सकती है। हालांकि, एआई निवेश में संभावित मंदी या गूगल के टर्बोक्वांट एल्गोरिदम जैसी तकनीकी प्रगति से मेमोरी की जरूरत घटने का जोखिम बना हुआ है।
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