सुरक्षा सुधारों के बाद पास दरों में नाटकीय गिरावट
राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने 2 मार्च को घोषणा की कि अक्टूबर 2025 में कड़े परीक्षा मानदंड लागू होने के बाद विदेशी ड्राइविंग लाइसेंस रूपांतरण की पास दरें गिर गई हैं। अक्टूबर से दिसंबर के बीच लिखित यातायात ज्ञान परीक्षा में केवल 42.8 प्रतिशत आवेदक पास हुए, जो पूरे 2024 में दर्ज 92.5 प्रतिशत की पास दर से भारी गिरावट है। व्यावहारिक ड्राइविंग परीक्षा में इससे भी अधिक गिरावट दर्ज हुई: इसी तीन महीने की अवधि में पास दर 30.4 प्रतिशत से गिरकर महज 13.1 प्रतिशत रह गई। ये आंकड़े व्यापक सुधारों के लागू होने के बाद का पहला विस्तृत ब्यौरा हैं। इन सुधारों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी चालकों को स्थानीय यातायात नियमों की पर्याप्त समझ हो।
विषय-सूची
नए आंकड़ों के अनुसार, 2025 की आखिरी तिमाही में लिखित परीक्षा देने वाले 27,354 लोगों में से केवल 11,716 ही पास हुए। लिखित परीक्षा पास करने के बाद दी जाने वाली व्यावहारिक कौशल परीक्षा में विस्तारित मानदंडों पर केवल 23,245 में से 3,041 उम्मीदवार सफल हुए। लाइसेंस रूपांतरण प्रणाली के तहत वैध विदेशी ड्राइविंग लाइसेंस धारक, यातायात कानूनों की पर्याप्त जानकारी और ड्राइविंग क्षमता साबित करने पर, जापान की पूरी घरेलू लाइसेंस प्रक्रिया पूरी किए बिना जापानी लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं।
जापान में विदेशी निवासियों की बढ़ती आबादी के बीच यह रास्ता तेजी से लोकप्रिय हुआ है। केवल 2024 में रिकॉर्ड 68,623 लोगों ने इस प्रक्रिया के जरिए जापानी लाइसेंस हासिल किए, जो पिछले दशक के मुकाबले 2.4 गुना अधिक है। अंतरराष्ट्रीय कामगारों और लंबे समय से रह रहे लोगों को इस प्रणाली से खासा लाभ मिलता है, क्योंकि जापानी लाइसेंस से अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट हासिल करना आसान होता है। ये परमिट सड़क यातायात पर जिनेवा कन्वेंशन के हस्ताक्षरकर्ता करीब 100 देशों में मान्य हैं। पास दरों में हालिया गिरावट बताती है कि इस अहम लाइसेंस को हासिल करने की बाधा काफी बढ़ गई है।
परीक्षा की विस्तारित शर्तों ने बढ़ाई चुनौती
अक्टूबर 2025 के सुधारों ने लाइसेंस रूपांतरण परीक्षा के लिखित और व्यावहारिक, दोनों हिस्सों में बुनियादी बदलाव किए। पहले ज्ञान परीक्षा में चित्रों के साथ केवल 10 सही-गलत सवाल होते थे और पास होने के लिए कम से कम सात सही जवाब देना जरूरी था। नए मानकों के तहत परीक्षा में अब 50 सवाल हैं और व्यावहारिक परीक्षा के लिए पात्र होने हेतु उम्मीदवारों को कम से कम 90 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। जापान की विविध विदेशी आबादी की सुविधा के लिए परीक्षा करीब 20 भाषाओं में होती है, हालांकि बढ़ी हुई जटिलता हर भाषा में चुनौती पेश करती है।
सांसद पहले पुरानी परीक्षा प्रणाली को जरूरत से ज्यादा आसान बता चुके थे। इसके बाद राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने चित्रों पर आधारित प्रारूप पूरी तरह हटाकर उसकी जगह अधिक कड़े सवाल लागू किए। व्यावहारिक ड्राइविंग परीक्षा में भी बदलाव कर अब पैदल यात्री क्रॉसिंग और रेलवे क्रॉसिंग पर उम्मीदवारों के व्यवहार का खास मूल्यांकन किया जाता है। पहले परीक्षक इन पहलुओं की सख्ती से जांच नहीं करते थे। ये बदलाव इस बात की पुष्टि करने के लिए किए गए हैं कि विदेशी चालक जापान की सड़कों पर सुरक्षित रूप से वाहन चला सकते हैं। यहां पैदल यात्रियों की आवाजाही अक्सर अधिक होती है और रेलवे के कई समपार हैं, जो आवेदकों के गृह देशों के बुनियादी ढांचे से अलग हो सकते हैं।
परीक्षा के विषयों के अलावा, पात्रता के मानदंड भी काफी सीमित कर दिए गए हैं। संशोधित नियमों के तहत विदेशी पर्यटक और कम समय के लिए आने वाले अन्य लोग अब अपने लाइसेंस का रूपांतरण नहीं करा सकते। पते की पुष्टि के नियम भी सख्त हुए हैं। अब आवेदकों को सामान्यतः आधिकारिक निवास प्रमाणपत्र की प्रतियां जमा करनी होंगी, जबकि पहले अधिकारी होटल के पते जैसी अस्थायी आवास व्यवस्था को भी निवास के वैध प्रमाण के रूप में स्वीकार करते थे। इस बदलाव का खास उद्देश्य उन लोगों को रोकना है जो जापान से केवल मामूली संबंध रखते हुए रूपांतरण प्रणाली का इस्तेमाल करना चाहते हैं। इससे यह रास्ता केवल उन लोगों के लिए रह जाता है जिनका लंबे समय तक वहां रहने का वास्तविक इरादा है।
बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बाद नियामकीय कार्रवाई
नियमों को सख्त करने का फैसला विदेशी चालकों से जुड़ी सड़क सुरक्षा की चिंताजनक प्रवृत्तियों के बाद लिया गया। राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में विदेशी नागरिकों से जुड़ी 587 सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौत हुई या उन्हें गंभीर चोटें आईं। 2006 में ऐसे आंकड़ों का रिकॉर्ड रखना शुरू होने के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी संख्या थी। इनमें 52 घातक दुर्घटनाएं और गंभीर चोट पहुंचाने वाली 535 घटनाएं शामिल थीं। सभी घातक और गंभीर चोट वाली सड़क दुर्घटनाओं में विदेशी चालक 2.3 प्रतिशत मामलों में शामिल थे। पांच साल पहले यह आंकड़ा 1.4 प्रतिशत था। यह बढ़ती सुरक्षा चिंता का संकेत है, जिसे नीति निर्माता अब नजरअंदाज नहीं कर सकते थे।
नीति निर्माताओं के लिए खास चिंता की बात यह थी कि विदेशी लाइसेंस रूपांतरण प्रणाली के तहत जापानी लाइसेंस हासिल करने वाले चालकों की वजह से इनमें से 158 गंभीर दुर्घटनाएं हुईं। यह विदेशी चालकों से जुड़ी कुल दुर्घटनाओं का करीब एक-चौथाई है। ये आंकड़े बताते हैं कि पहले की परीक्षा व्यवस्था रूपांतरित लाइसेंस धारकों को जापानी यातायात की खास चुनौतियों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं कर पाई। आंकड़ों से संकेत मिलता है कि कई चालक स्थानीय रास्ता देने के नियमों या सुरक्षा प्रक्रियाओं की पूरी समझ के बिना जटिल शहरी इलाकों और पैदल यात्रियों की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में वाहन चला रहे थे।
राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने इन सुरक्षा विफलताओं को पहले के ढीले परीक्षा मानकों से सीधे जोड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, कई गंभीर दुर्घटनाएं रेलवे क्रॉसिंग और पैदल यात्री क्षेत्रों में हुईं। अब व्यावहारिक परीक्षा में इन्हीं स्थितियों पर जोर दिया जाता है। सही तरीके से रास्ता देने और क्रॉसिंग पर सुरक्षा नियमों का पालन करने की क्षमता दिखाना अनिवार्य करके एजेंसी को ऐसी दुर्घटनाओं की संख्या घटने की उम्मीद है। ये सुधार हाल में लाइसेंस रूपांतरित कराने वाले लोगों से जुड़ी दुर्घटनाओं के दर्ज पैटर्न की सीधी प्रतिक्रिया हैं।
प्रवासी समुदायों पर वैश्विक असर
इन सुधारों का असर कई देशों के समुदायों पर पड़ा है। 2025 की आखिरी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, आवेदकों में दक्षिण कोरियाई लाइसेंस धारक सबसे बड़ा समूह थे, जिनकी हिस्सेदारी 14.6 प्रतिशत थी। इसके बाद चीनी नागरिक 13.8 प्रतिशत, ताइवान के निवासी 11.7 प्रतिशत, वियतनामी आवेदक 10.6 प्रतिशत और अमेरिकी नागरिक 9.7 प्रतिशत रहे। नीति में बदलाव का असर प्रवासी समुदायों पर व्यापक रूप से पड़ा है। खासकर परिवहन और लॉजिस्टिक्स के उन क्षेत्रों पर, जहां कामकाज के लिए विदेशी श्रमिकों पर निर्भरता है और वाहन चलाना नौकरी का जरूरी हिस्सा है।
बढ़ते प्रशासनिक बोझ को संभालने के लिए 46 प्रांतों की पुलिस ने लाइसेंस परीक्षा केंद्रों में अपॉइंटमेंट की व्यवस्था शुरू की है। बढ़ती आवेदक संख्या के कारण ये केंद्र पहले से अधिक व्यस्त हो गए थे। कुछ क्षेत्रों में विदेशी आवेदकों की मदद के लिए तकनीकी उपाय अपनाए गए हैं। नारा और ह्योगो प्रांतों के परीक्षा केंद्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से चलने वाले उपकरण लगाए गए हैं, जो बातचीत का अपने आप अनुवाद करते हैं और पारदर्शी पैनलों पर पाठ दिखाते हैं, ताकि परीक्षा के दौरान भाषा की बाधा कम हो। इन सुविधाओं के बावजूद पास दरों में भारी गिरावट बताती है कि भाषा सहायता भर से जापानी यातायात नियमों की पूरी तैयारी की जरूरत पूरी नहीं हो सकती।
कुछ विदेशी निवासियों ने व्यावहारिक परीक्षा की प्रक्रिया पर चिंता जताई है। एक अनुभवी चालक ने सोशल मीडिया पर परीक्षा के तरीके के बारे में टिप्पणी की।
ड्राइविंग परीक्षा में फेल होने की दर बहुत अधिक है, क्योंकि असल में वे यह जांचते हैं कि आप परीक्षा दे कैसे सकते हैं, न कि यह कि आप अच्छे चालक हैं या नहीं।
इस टिप्पणी से संकेत मिलता है कि दूसरे देशों के कुशल चालक भी जापानी परीक्षा में अपेक्षित खास प्रक्रियाओं में कठिनाई महसूस कर सकते हैं। इनमें सिर घुमाकर ठीक से देखना या चौराहों पर निर्धारित जगह पर रुकना शामिल है, जो उनके गृह देशों की ड्राइविंग प्रथाओं से अलग हो सकता है।
तैयारी और आर्थिक प्रभाव
परीक्षा के किसी भी हिस्से में असफल आवेदक दोबारा परीक्षा दे सकते हैं, लेकिन पास दरों में कमी से संकेत मिलता है कि लाइसेंस हासिल करने से पहले कई लोगों को कई बार परीक्षा देनी होगी। सख्त मानकों के लिए संभावित उम्मीदवारों को जापानी यातायात कानूनों का अध्ययन करने में काफी समय लगाना होगा। इनमें बिना सिग्नल वाले चौराहों पर प्राथमिकता के अनूठे नियम, संकेत देने की खास प्रक्रियाएं और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध शामिल हैं। बार-बार परीक्षा देने में लगने वाला पैसा और समय उन विदेशी कामगारों पर खास असर डाल सकता है, जिनकी नौकरी के लिए वाहन चलाने की अनुमति जरूरी है।
ये बदलाव जापान की बदलती आव्रजन स्थिति के व्यापक संदर्भ में हुए हैं। देश के विभिन्न उद्योगों में श्रमिकों की कमी पूरी करने के लिए विदेशी कामगारों की संख्या बढ़ रही है। कई प्रवासी कामगारों के लिए, खास तौर पर अफ्रीकी देशों और जापान के लॉजिस्टिक्स व परिवहन क्षेत्रों में अवसर तलाश रहे अन्य इलाकों के लोगों के लिए, ड्राइविंग लाइसेंस रूपांतरण की प्रक्रिया आर्थिक स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम है। केन्या जैसे देशों की भर्ती एजेंसियों ने बताया है कि उन्हें अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बड़े बदलाव करने होंगे, ताकि संभावित कामगार जापान रवाना होने से पहले ऊंचे मानकों पर खरे उतर सकें।
राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने कहा है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए काम जारी रखेगी कि लाइसेंस रूपांतरित कराने वाले विदेशी चालकों के पास देश में सुरक्षित रूप से वाहन चलाने के लिए पर्याप्त ज्ञान और कौशल हो। नई परीक्षा प्रणाली के स्थिर होने के साथ अधिकारी दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर नजर रख सकते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सख्त मानकों से सुरक्षा में अपेक्षित सुधार हुआ या नहीं। फिलहाल जापान में वाहन चलाने के इच्छुक विदेशी निवासियों को पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक कड़ी लाइसेंस प्रक्रिया के लिए तैयारी करनी होगी।
मुख्य बिंदु
- नियमों में बदलाव के बाद लिखित ज्ञान परीक्षा की पास दर 2024 के 92.5 प्रतिशत से गिरकर अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 42.8 प्रतिशत रह गई।
- इसी अवधि में व्यावहारिक ड्राइविंग परीक्षा की पास दर 30.4 प्रतिशत से घटकर 13.1 प्रतिशत हो गई।
- लिखित परीक्षा में सवालों की संख्या 10 से बढ़ाकर 50 कर दी गई और पास होने के लिए जरूरी सही जवाबों का प्रतिशत 70 से बढ़ाकर 90 कर दिया गया।
- अब व्यावहारिक परीक्षा में परीक्षक पैदल यात्री क्रॉसिंग और रेलवे क्रॉसिंग पर प्रदर्शन का सख्ती से मूल्यांकन करते हैं।
- संशोधित नियमों के तहत विदेशी पर्यटक और कम समय के लिए आने वाले लोग अब लाइसेंस रूपांतरण के पात्र नहीं हैं।
- पते की पुष्टि के लिए अब अस्थायी आवास की बुकिंग के बजाय आधिकारिक निवास प्रमाणपत्र देना जरूरी है।
- 2024 में विदेशी चालकों से जुड़ी गंभीर या घातक सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 587 रही, जिसके बाद सुरक्षा पर केंद्रित सुधार किए गए।
- दक्षिण कोरिया, चीन, ताइवान, वियतनाम और अमेरिका के आवेदक लाइसेंस रूपांतरण के लिए सबसे बड़े समूह हैं।






