तंगेरांग में इंडोनेशिया का पहला लिक्विड-कूल्ड अल्ट्रा-फास्ट ईवी चार्जर शुरू

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PLN Resmikan SPKLU Ultra Fast 480 kW Pertama di Indonesia, ZORA ...

अत्याधुनिक चार्जिंग तकनीक इंडोनेशिया पहुंची

इंडोनेशियाई ऊर्जा कंपनी मेगा एनर्जी बिरू इंडोनेशिया (MEBI) ने तंगेरांग के गाडिंग सेर्पोंग में देश के सबसे उन्नत इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग केंद्र का उद्घाटन किया है। यह द्वीपसमूह के सतत परिवहन बुनियादी ढांचे में एक बड़ी छलांग है। हुआवेई टेक इन्वेस्टमेंट के साथ साझेदारी में विकसित नया SPKLU सिग्नेचर स्टेशन, लिक्विड-कूल्ड अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग तकनीक और बुद्धिमान स्प्लिट चार्जिंग प्रणाली का इंडोनेशिया में पहला प्रयोग है। साइंटिया गार्डन आवासीय परिसर में स्थित इस केंद्र का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की गति को लेकर उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं को नए सिरे से परिभाषित करना और सरकार के महत्वाकांक्षी शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों को समर्थन देना है।

विषय-सूची
  1. अत्याधुनिक चार्जिंग तकनीक इंडोनेशिया पहुंची
  2. लिक्विड कूलिंग और स्प्लिट चार्जिंग कैसे काम करते हैं
  3. बुनियादी ढांचे के मानकों का नया पैमाना
  4. हरित बदलाव के लिए रणनीतिक साझेदारी
  5. ईंधन भरने से आगे: जीवनशैली केंद्र की अवधारणा
  6. बिजली ग्रिड और नवीकरणीय ऊर्जा से एकीकरण
  7. चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार
  8. मुख्य बातें

इस स्टेशन में हुआवेई की FusionCharge तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। चीनी प्रौद्योगिकी कंपनी ने दुनिया में इस उन्नत प्रणाली को तीसरी बार यहां लागू किया है। पारंपरिक चार्जिंग स्टेशन हवा से ठंडा करने वाली प्रणालियों और तय बिजली वितरण पर निर्भर होते हैं, जबकि यह केंद्र तेज चार्जिंग के दौरान अनुकूल तापमान बनाए रखने के लिए अत्याधुनिक लिक्विड कूलिंग का उपयोग करता है। यह प्रणाली हर सेकंड की चार्जिंग में एक किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज देती है। इससे चार्जिंग का समय पारंपरिक पेट्रोल भरवाने जितना हो जाता है।

MEBI की अध्यक्ष आयुक्त रहायु सरस्वती जोयोहादिकुसुमो ने शनिवार को उद्घाटन समारोह में इस तकनीक की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंडोनेशियाई बाजार में पहले से उपलब्ध विकल्पों से यह केंद्र अलग है और उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा मानक तथा फास्ट चार्जिंग समाधानों की तुलना में बुनियादी सुधार प्रस्तुत करता है।

हुआवेई की तकनीक के साथ आज हम एक ऐसे चार्जिंग केंद्र का उद्घाटन कर रहे हैं, जो इंडोनेशिया के इलेक्ट्रिक वाहन बुनियादी ढांचे के मानकों में नया पड़ाव है। यह अब सामान्य चार्जिंग नहीं, यहां तक कि फास्ट चार्जिंग भी नहीं है। यह अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग है।

अधिकारी ने बताया कि स्प्लिट चार्जिंग संरचना और लिक्विड कूलिंग के मेल से तेज गति से बिजली दी जा सकती है, जबकि कई वाहनों के बीच ऊर्जा का वितरण लचीला और कुशल बना रहता है। इससे पूरी चार्जिंग प्रक्रिया के दौरान तापीय स्थिरता बनी रहती है और उच्च-शक्ति वाली विद्युत प्रणालियों से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं का समाधान होता है। स्टेशन 200V से 1,000V तक की वोल्टेज रेंज में काम करता है और इंडोनेशियाई बाजार में उपलब्ध सभी प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन ब्रांडों को सपोर्ट करता है। इस तरह यह किसी एक कंपनी तक सीमित प्लेटफॉर्म के बजाय सार्वभौमिक समाधान है। केंद्र में लगे 12 चार्जिंग कनेक्टर इसकी विस्तार क्षमता दिखाते हैं। इंडोनेशिया में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या मौजूदा कम स्तर से बढ़कर बड़े पैमाने पर अपनाए जाने की ओर बढ़ रही है, ऐसे में यह केंद्र बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार है।

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लिक्विड कूलिंग और स्प्लिट चार्जिंग कैसे काम करते हैं

SPKLU सिग्नेचर स्टेशन के पीछे की तकनीकी खूबियां उन कई सीमाओं का समाधान करती हैं, जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से इंडोनेशिया जैसे उष्णकटिबंधीय देशों में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की गति को रोका है। पारंपरिक एयर-कूल्ड चार्जिंग प्रणालियों को तेज चार्जिंग के दौरान गर्मी बाहर निकालने में मुश्किल होती है। यह समस्या नम वातावरण में और बढ़ जाती है, जहां साल भर तापमान ऊंचा रहता है। लिक्विड कूलिंग तकनीक चार्जिंग केबलों और आंतरिक पुर्जों में विशेष शीतलक प्रवाहित करती है, जो बड़ी विद्युत धाराओं के हस्तांतरण के दौरान पैदा हुई गर्मी को सक्रिय रूप से हटाता है।

इस ताप प्रबंधन प्रणाली से पुर्जों के खराब होने या सुरक्षा जोखिम पैदा होने की आशंका के बिना कहीं अधिक बिजली दी जा सकती है। इस तकनीक से हल्की और अधिक लचीली चार्जिंग केबलों का इस्तेमाल भी संभव होता है। इससे उपयोगकर्ताओं को सुविधा मिलती है, खासकर उन चालकों को जिन्हें पारंपरिक भारी केबल संभालने में कठिनाई होती है। लिक्विड-कूल्ड प्रणाली का शांत संचालन भी चार्जिंग अनुभव को बेहतर बनाता है और तेज चार्जिंग उपकरणों में आमतौर पर सुनाई देने वाले पंखों के शोर को खत्म करता है।

स्प्लिट चार्जिंग प्रणाली बिजली प्रबंधन की संरचना में उतना ही महत्वपूर्ण सुधार है। हर चार्जिंग पॉइंट को तय बिजली देने के बजाय, यह प्रणाली वास्तविक समय की मांग और हर वाहन की विशिष्ट चार्जिंग क्षमता के आधार पर उपलब्ध बिजली का बुद्धिमानी से वितरण करती है। जब कई इलेक्ट्रिक वाहन एक साथ जुड़ते हैं, तो प्रणाली बिजली का आवंटन गतिशील रूप से करती है। इससे केंद्र के विद्युत बुनियादी ढांचे पर अतिरिक्त दबाव डाले बिना हर वाहन को उसकी अनुकूल चार्जिंग दर मिलती है।

SPKLU सिग्नेचर के प्रमुख कार्लो जॉन ने बताया कि केंद्र में 12 चार्जिंग कनेक्टर हैं, जिनका प्रबंधन इस बुद्धिमान वितरण प्रणाली से होता है। सौर बिजली उत्पादन और मौके पर ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के साथ इसका एकीकरण इसे पारंपरिक ग्रिड-निर्भर चार्जिंग स्टेशनों से अलग करता है। अधिक मांग के समय मुख्य बिजली ग्रिड पर निर्भरता घटाकर यह केंद्र स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देता है। साथ ही, तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में आम बिजली उतार-चढ़ाव के बावजूद संचालन की स्थिरता बनाए रखता है।

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बुनियादी ढांचे के मानकों का नया पैमाना

तंगेरांग केंद्र का उद्घाटन इस बात में बदलाव का संकेत है कि इंडोनेशियाई ऊर्जा कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहन बुनियादी ढांचे का विकास किस तरह कर रही हैं। रहायु सरस्वती ने इसे सिर्फ एक नए केंद्र का उद्घाटन नहीं, बल्कि दुनिया के चौथे सबसे अधिक आबादी वाले देश में सतत आवागमन की दीर्घकालिक नींव बताया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बदलाव अब उभरता रुझान नहीं रहा, बल्कि पर्यावरणीय लक्ष्य पूरे करने और आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने के लिए एक रणनीतिक जरूरत बन चुका है।

अधिकारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक आवागमन में जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए ऐसा बुनियादी ढांचा जरूरी है जो गति, सुरक्षा और विश्वसनीयता के सर्वोच्च मानकों पर खरा उतरे। जब चार्जिंग केंद्र लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं और स्थिरता से चलते हैं, तो रेंज को लेकर चिंता और चार्जिंग की सुविधा पर उपभोक्ताओं की झिझक कम होने लगती है। इंडोनेशियाई चालकों के बीच इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की रफ्तार बढ़ाने के लिए यह भरोसा जरूरी है। वे अब तक पेट्रोल या डीजल वाहनों को प्राथमिकता देते आए हैं, क्योंकि उनमें ईंधन भरवाना सुविधाजनक है और रखरखाव का स्थापित नेटवर्क मौजूद है।

यह सिर्फ तकनीक की बात नहीं है। यह भरोसा कायम करने की बात है। जब बुनियादी ढांचा उच्च मानकों के साथ आएगा और तेज, सुरक्षित तथा स्थिर होगा, तो जनता का भरोसा बढ़ेगा। भरोसा बढ़ेगा, तो इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति तेज होगी।

केंद्र के डिजाइन में उपयोगिता के साथ सौंदर्य का भी ध्यान रखा गया है। इसकी भविष्यवादी वास्तुकला रात में भी आकर्षक दिखती है। यह ध्यान इस समझ को दर्शाता है कि चार्जिंग स्टेशन केवल उपयोगितावादी बुनियादी ढांचा नहीं, बल्कि लोगों के रुकने की जगह भी होने चाहिए। यह अवधारणा चार्जिंग अनुभव को जीवनशैली की गतिविधि में बदलती है, ताकि चालक ईंधन भरवाने के ठहराव को अपनी यात्रा में रुकावट के बजाय फुर्सत के अवसर के रूप में देखें।

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हरित बदलाव के लिए रणनीतिक साझेदारी

इस परियोजना में हुआवेई की भूमिका उपकरणों की आपूर्ति तक सीमित नहीं है। इसमें इंडोनेशिया के ऊर्जा बदलाव के लक्ष्यों के प्रति रणनीतिक प्रतिबद्धता भी शामिल है। हुआवेई इंडोनेशिया के मुख्य कार्यकारी जिन सोंग ने कंपनी को हरित प्रौद्योगिकी समाधानों का प्रमुख प्रदाता बताया, जो पूरे द्वीपसमूह में ऊर्जा और आवागमन के बुनियादी ढांचे के विकास को तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह साझेदारी 2060 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन हासिल करने के इंडोनेशिया के लक्ष्य के अनुरूप है। इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार करने के साथ परिवहन क्षेत्र का बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण जरूरी है।

यह स्थापना FusionCharge तकनीक का दुनिया में हुआवेई का तीसरा प्रयोग है। इससे कंपनी का इंडोनेशियाई बाजार की संभावनाओं पर भरोसा जाहिर होता है, जबकि पड़ोसी बाजारों की तुलना में वहां फिलहाल इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रसार कम है। इस साझेदारी में निहित तकनीकी हस्तांतरण से संकेत मिलता है कि तंगेरांग के शुरुआती प्रमुख स्टेशन से आगे चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार के साथ MEBI और हुआवेई का सहयोग जारी रह सकता है।

यह सहयोग दक्षिण-पूर्व एशिया के हरित बुनियादी ढांचे में चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों के निवेश के व्यापक रुझान का उदाहरण है। ये कंपनियां तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में बाजार में अपनी जगह बनाने के लिए उन्नत विनिर्माण क्षमताओं का इस्तेमाल कर रही हैं। इंडोनेशिया के लिए स्थापित प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के साथ साझेदारी से जटिल चार्जिंग प्रणालियों को शुरू से देश में विकसित करने के बजाय, पहले से आजमाए हुए समाधान तेजी से उपलब्ध हो सकते हैं।

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ईंधन भरने से आगे: जीवनशैली केंद्र की अवधारणा

आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग बुनियादी ढांचे में अब बुनियादी उपयोगिता से आगे बढ़कर उपयोगकर्ता अनुभव पर जोर दिया जा रहा है। SPKLU सिग्नेचर स्टेशन इसी सोच को अपनाता है। उद्योग में इसे डेस्टिनेशन चार्जिंग कहते हैं। इस अवधारणा में माना जाता है कि चालक अपने वाहन के पास अधीरता से इंतजार करने के बजाय चार्जिंग केंद्रों पर कुछ समय बिताएंगे। उद्घाटन समारोह में कार्लो जॉन ने इस सोच को सामने रखा और ऐसा बुनियादी ढांचा विकसित करने में मदद के लिए सरकारी अधिकारियों, PLN प्रतिनिधियों, हुआवेई के साझेदारों और स्थापना टीमों का आभार जताया, जहां उपयोगकर्ताओं की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है।

यह स्टेशन हर दिन 24 घंटे चलता है और अलग-अलग समय-सारिणी तथा यात्रा की जरूरतों के अनुरूप है। इसके भविष्यवादी डिजाइन से यह जगह ऐसी बनती है, जिसे देखने वालों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करने लायक बताया है। इससे केंद्र को सोशल मीडिया पर ध्यान मिल सकता है और अप्रत्यक्ष रूप से युवा लोगों के बीच इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा मिल सकता है। उपयोगितावादी बुनियादी ढांचे के वास्तुशिल्पीय डिजाइन में निवेश का यह एक अप्रत्याशित, लेकिन उपयोगी अतिरिक्त लाभ है।

जीवनशैली केंद्र की इस अवधारणा के तहत भविष्य में होने वाले विस्तार में दुकानें, खान-पान सेवाएं या सहकर्मियों के साथ काम करने की जगहें शामिल की जा सकती हैं, जहां चालक चार्जिंग के दौरान अपने समय का उपयोग कर सकें। तंगेरांग का यह केंद्र फिलहाल चार्जिंग तकनीक पर केंद्रित है, लेकिन इसका बुनियादी ढांचा भविष्य में ऐसी सेवाएं जोड़ने की गुंजाइश देता है, जो चार्जिंग स्टेशन के संचालन की कुल अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाते हुए अतिरिक्त आय के स्रोत भी बना सकती हैं।

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बिजली ग्रिड और नवीकरणीय ऊर्जा से एकीकरण

SPKLU सिग्नेचर स्टेशन की तकनीकी विशेषताओं में सौर फोटोवोल्टिक प्रणालियों और बैटरी ऊर्जा भंडारण का एकीकरण शामिल है। इससे बिजली की संकर आपूर्ति व्यवस्था बनती है, जो Perusahaan Listrik Negara (PLN) द्वारा संचालित इंडोनेशिया के राष्ट्रीय बिजली ग्रिड पर दबाव घटाती है। इस व्यवस्था से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की एक आम आलोचना का जवाब मिलता है: बढ़ी हुई बिजली मांग से उत्सर्जन केवल वाहनों के निकास पाइपों से हटकर कोयला बिजली संयंत्रों तक पहुंच जाएगा, जो दक्षिण-पूर्व एशिया के कई बिजली ग्रिडों में प्रमुख हैं।

PLN में ट्रांसमिशन और सिस्टम योजना के निदेशक एडविन नगुराहा पुत्रा उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह केंद्र इंडोनेशिया के चार्जिंग नेटवर्क में एक और छोटी वृद्धि से कहीं बढ़कर है। उनके अनुसार, यह वाहनों के विद्युतीकरण के व्यापक रुझान का हिस्सा है, जो आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगा। PLN के अधिकारी ने बताया कि कुछ प्रकार के वाहनों को अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग तकनीक से लगभग पांच मिनट में चार्ज किया जा सकता है। इससे अनुभव पारंपरिक ईंधन भरवाने से लगभग अलग नहीं रहता।

यह सिर्फ एक चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन नहीं है। यह ऐसा रुझान बनेगा जो इंडोनेशिया में तेजी से बढ़ेगा। इलेक्ट्रिक वाहन परिवेश का विकास तेजी से फूलेगा-फलेगा।

सौर ऊर्जा से जुड़ाव केंद्र को दिन के उजाले में स्वच्छ बिजली बनाने और अतिरिक्त बिजली को बैटरी प्रणालियों में जमा करने की सुविधा देता है। इस ऊर्जा का इस्तेमाल शाम के व्यस्त समय में चार्जिंग के लिए या बादल छाए रहने पर किया जा सकता है। इससे संचालन लागत घटती है और तंगेरांग क्षेत्र के औद्योगिक इलाकों में कभी-कभी होने वाली ग्रिड अस्थिरता के मुकाबले स्थिरता मिलती है। यह तरीका ऊर्जा सुरक्षा और आयातित पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम करने की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है, जो इंडोनेशिया के व्यापार संतुलन पर बोझ डालते हैं।

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चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार

तंगेरांग केंद्र तकनीकी उपलब्धि है, लेकिन उद्योग के जानकार मानते हैं कि व्यवस्थित रूप से नेटवर्क का विस्तार किए बिना एक अकेला केंद्र देश के परिवहन के तौर-तरीकों को नहीं बदल सकता। रहायु सरस्वती ने स्पष्ट रूप से इंडोनेशिया के अलग-अलग क्षेत्रों में और केंद्र बनाने के लिए सरकार से समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि टिकाऊ कारोबारी मॉडल के लिए सावधानीपूर्वक गणना जरूरी है, ताकि लगातार सब्सिडी पर निर्भर हुए बिना दीर्घकालिक व्यवहार्यता सुनिश्चित हो सके। उम्मीद है कि SPKLU सिग्नेचर स्टेशन जैसी सफल प्रदर्शन परियोजनाएं निजी निवेश आकर्षित करेंगी और तेजी से विस्तार में मददगार नियामक ढांचे तैयार करने में मार्गदर्शन देंगी।

MEBI और हुआवेई की साझेदारी से पहले ही Ostra और Zora उत्पाद श्रृंखलाओं समेत अन्य चार्जिंग समाधान सामने आए हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर दिखाया गया है। इससे पता चलता है कि दोनों का सहयोग एक प्रमुख स्टेशन तक सीमित नहीं है। ये उत्पाद बाजार विकास की चरणबद्ध रणनीति का संकेत देते हैं: अधिक यातायात वाले मार्गों पर अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग और घरों तथा कार्यस्थलों के लिए धीमे चार्जिंग विकल्प।

इंडोनेशिया के परिवहन क्षेत्र का सफल विद्युतीकरण ऊर्जा कंपनियों, वाहन निर्माताओं, सरकारी नियामकों और बिजली ग्रिड संचालकों समेत कई पक्षों के बीच तालमेल पर निर्भर करता है। तंगेरांग में MEBI, हुआवेई, PLN और स्थानीय सरकारी अधिकारियों की भागीदारी से दिखा सहयोग का मॉडल भविष्य की परियोजनाओं के लिए उदाहरण पेश करता है। एडविन नगुराहा पुत्रा के अनुसार, यह बदलाव अलग-अलग प्रयासों से नहीं हो सकता। इसके लिए कंपनियों, सरकारी एजेंसियों और समुदायों के बीच मजबूत सहयोग जरूरी है।

हजारों द्वीपों में फैले इंडोनेशिया में बुनियादी ढांचे का विकास अलग-अलग स्तर पर है। देश की भौगोलिक जटिलता चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार के लिए विशेष चुनौतियां पैदा करती है। शुरुआत में अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग केंद्र जावा और सुमात्रा में अधिक संख्या में बनाए जाने की संभावना है। मांग के स्वरूप स्पष्ट होने के बाद इनका विस्तार पर्यटन स्थलों और द्वीपों के बीच चलने वाली नौकाओं के बंदरगाहों तक हो सकता है। तंगेरांग में दिखाई गई लिक्विड-कूल्ड तकनीक उष्णकटिबंधीय जलवायु में खास तौर पर फायदेमंद है। इसलिए समान पर्यावरणीय परिस्थितियों वाले दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों में भी इसका उपयोग संभव है।

मुख्य बातें

  • MEBI और हुआवेई ने तंगेरांग के गाडिंग सेर्पोंग में इंडोनेशिया का पहला लिक्विड-कूल्ड अल्ट्रा-फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू किया। इसमें FusionCharge तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
  • SPKLU सिग्नेचर स्टेशन हर सेकंड की चार्जिंग में एक किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज देता है। यह 200V से 1,000V की रेंज में काम करता है और सभी प्रमुख ईवी ब्रांडों को सपोर्ट करता है।
  • इसकी उन्नत खूबियों में ताप प्रबंधन के लिए लिक्विड कूलिंग, बुद्धिमान बिजली वितरण के लिए स्प्लिट चार्जिंग और सौर ऊर्जा तथा बैटरी भंडारण प्रणालियों से एकीकरण शामिल हैं।
  • यह केंद्र FusionCharge तकनीक का हुआवेई की ओर से दुनिया में तीसरा प्रयोग है और 24 घंटे चलने वाले डेस्टिनेशन चार्जिंग जीवनशैली केंद्र के रूप में काम करता है।
  • MEBI, हुआवेई और PLN के अधिकारियों ने जनता का भरोसा बढ़ाने और 2060 तक इंडोनेशिया का शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य हासिल करने में स्टेशन की भूमिका पर जोर दिया।
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