54 दिनों में हुआ बदलाव
चीन के ऑटो उद्योग में वित्तीय ढांचे में बड़ा बदलाव आया है। प्रमुख कार निर्माता कंपनियों ने आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान की अवधि लगभग एक साल से घटाकर दो महीने से भी कम कर दी है। चाइना एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (CAAM) के फरवरी 2026 के अध्ययन के मुताबिक, 17 अग्रणी वाहन निर्माता अब आपूर्ति श्रृंखला के विक्रेताओं का भुगतान औसतन महज 54 दिनों में कर रहे हैं। इनमें से चार कंपनियों ने भुगतान की अवधि 50 दिनों से कम रखी है। यह पिछले तीन साल की स्थिति से बड़ा उलटफेर है, जब प्रमुख वाहन असेंबलर आम तौर पर भुगतान में करीब 300 दिन लगाते थे और प्रभावी रूप से अपने आपूर्तिकर्ताओं से ब्याज-मुक्त वित्तपोषण लेते थे।
विषय-सूची
भुगतान में यह बदलाव बीजिंग के कड़े नियामकीय दबाव के बाद आया है। सरकार ने 1 जून 2025 को नए नियम लागू किए, जिनके तहत बड़ी कंपनियों को अधिकतर आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान 60 दिनों के भीतर करना होगा। छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों को भुगतान सुनिश्चित करने संबंधी राज्य परिषद के संशोधित नियमों और अधिकारियों की भाषा में "अव्यवस्थित" प्रतिस्पर्धा के खिलाफ उद्योगव्यापी कार्रवाई ने वाहन निर्माताओं को उन तौर-तरीकों से पीछे हटने पर मजबूर किया है, जिन्होंने कई पुर्जा निर्माताओं को पतन के कगार पर पहुंचा दिया था।
परामर्श कंपनी शंघाई मिंगलियांग ऑटो सर्विस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चेन जिनझू ने कहा कि जहां बाजार की ताकतें नाकाम रहीं, वहां सरकारी हस्तक्षेप कारगर साबित हुआ। अधिकारियों की मांगों का पालन न करने पर ऑटो समूहों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ता। आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान टालने की सुविधा खत्म होने पर इन निर्माताओं के पास अब आक्रामक छूट की होड़ जारी रखने के लिए पर्याप्त नकदी नहीं बचेगी। इस होड़ ने पूरे क्षेत्र के लाभ मार्जिन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने वाला मूल्य युद्ध
चीन के ऑटो बाजार में भीषण प्रतिस्पर्धा ने ऐसा आत्मघाती चक्र बना दिया है, जिसमें भारी होड़ के बावजूद बहुत कम प्रगति होती है। उद्योग से जुड़े लोग इसे चीनी शब्द "नेइजुआन" यानी "अंतर्मुखी प्रतिस्पर्धा" कहते हैं। इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा देने की रणनीति से शुरू हुई यह होड़ अब अस्तित्व की लड़ाई बन गई है। भारी अतिरिक्त उत्पादन क्षमता वाले बाजार में 100 से अधिक घरेलू कार कंपनियां टिके रहने के लिए संघर्ष कर रही हैं। कारखानों की क्षमता का इस्तेमाल घटकर महज 49.5% रह गया है और 35 लाख बिना बिके वाहन भंडार में पड़े हैं।
मई 2024 में दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी BYD ने 22 मॉडलों की कीमतें 34% तक घटाकर टकराव को और तेज कर दिया। Geely, Chery और SAIC-GM समेत प्रतिस्पर्धियों को भी ऐसा करना पड़ा। इससे कीमतें लगातार नीचे गिरने लगीं और उद्योग की लाभप्रदता तबाह हो गई। ऑटो कंपनियों का औसत लाभ मार्जिन 2017 में करीब 8% था, जो 2024 में घटकर महज 4.3% रह गया और 2025 की पहली तिमाही में और गिरकर 3.9% पर आ गया।
इस माहौल ने आपूर्ति श्रृंखला पर भारी दबाव डाला। वाहन निर्माता कंपनियां पुर्जा आपूर्तिकर्ताओं से हर साल कम से कम 10% कीमतें घटाने की मांग कर रही थीं, जबकि महीनों तक भुगतान भी टाल रही थीं। चाइना आयरन एंड स्टील एसोसिएशन ने कड़ी चेतावनी दी कि कार निर्माता 10% से अधिक कीमत कटौती मांग रहे हैं और भुगतान अनिश्चितकाल के लिए टाल रहे हैं, जिससे इस्पात कंपनियां बेहद कम लाभ मार्जिन और नकदी की बढ़ती किल्लत से जूझ रही हैं। आपूर्तिकर्ता मजबूरन बैंकर बन गए। वित्तीय विश्लेषण के मुताबिक, BYD जैसी कुछ कंपनियों को 2023 में विक्रेताओं का भुगतान करने में औसतन 275 दिन लगे।
बीजिंग का अंतर्मुखी प्रतिस्पर्धा विरोधी अभियान
चीनी सरकार ने विनाशकारी प्रतिस्पर्धा के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कम्युनिस्ट पार्टी की एक पत्रिका में लेख लिखकर कंपनियों के बीच अराजक और बेहद नुकसानदेह मूल्य युद्धों पर लगाम लगाने की मांग की। उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 2025 के मध्य में BYD, Geely और Xiaomi समेत एक दर्जन से अधिक प्रमुख वाहन निर्माताओं के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को बीजिंग तलब किया और साफ संदेश दिया: लागत से कम कीमत पर बिक्री नहीं, अनुचित मूल्य कटौती नहीं और आपूर्तिकर्ताओं के साथ उचित व्यवहार।
नियामकीय कार्रवाई तेज और कई मोर्चों पर हुई है। 60 दिनों में भुगतान के नियम के अलावा, बाजार विनियमन के लिए राज्य प्रशासन ने फरवरी 2026 में अंतिम दिशानिर्देश जारी किए, जो वाहन निर्माताओं को कुल उत्पादन लागत से कम कीमत पर गाड़ियां बेचने से रोकते हैं। इसमें प्रशासनिक, वित्तीय और बिक्री संबंधी खर्च भी शामिल हैं। इस व्यापक परिभाषा से उन खामियों को बंद किया गया है, जिनके सहारे कंपनियां प्रति वाहन मुनाफा होने का दावा कर सकती थीं, जबकि कुल मिलाकर उन्हें घाटा हो रहा था। नियम वाहन निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं के बीच कीमतें तय करने पर भी रोक लगाते हैं और डीलरशिप को दंडात्मक छूट योजनाओं के जरिए घाटे में बिक्री करने के लिए मजबूर करने की मनाही करते हैं।
ग्रेट वॉल मोटर के संस्थापक और अध्यक्ष वेई जियानजुन ने गंभीर चेतावनी देते हुए इसकी तुलना चीन के रियल एस्टेट क्षेत्र के पतन से की। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि ऑटो उद्योग में भी एवरग्रांडे जैसा मामला पहले से मौजूद है। दिवालिया हो चुकी इस रियल एस्टेट दिग्गज कंपनी पर 300 अरब डॉलर का कर्ज था और 2021 में यह धराशायी हो गई थी। हालांकि, वेई ने किसी कंपनी का नाम नहीं लिया। BYD ने एवरग्रांडे से तुलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी और कहा कि उसका 70% कर्ज अनुपात Ford और Toyota जैसी वैश्विक कंपनियों के बराबर है।
आपूर्तिकर्ताओं को राहत, लेकिन चिंताएं बरकरार
चीन की ऑटो आपूर्ति श्रृंखला में शामिल हजारों छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों के लिए भुगतान सुधार जीवनरेखा साबित हो रहे हैं। सर्वेक्षण में शामिल 17 में से 14 कंपनियों ने SME आपूर्तिकर्ताओं के लिए अतिरिक्त रियायतें शुरू की हैं। दो कंपनियां अब वाणिज्यिक भुगतान-पत्रों के बजाय पूरा भुगतान नकद कर रही हैं और पांच ने वित्तीय दबाव से जूझ रहे आपूर्तिकर्ताओं को समय से पहले भुगतान का अनुरोध करने की अनुमति दी है। कई कंपनियों ने आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान बेहतर बनाने के लिए कुल 10 अरब युआन से अधिक की विशेष निधि निर्धारित की है।
हालांकि, चुनौतियां बनी हुई हैं। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन निर्माता अब भी इस बात की अलग-अलग व्याख्या का फायदा उठा सकते हैं कि 60 दिनों की अवधि कब से शुरू होती है। कुछ कंपनियां माल की डिलीवरी स्वीकार किए जाने की तारीख से गिनती शुरू करती हैं, जबकि अन्य केंद्रीकृत मिलान या चालान की पुष्टि का इंतजार करती हैं। बुद्धिमान वाहन तकनीक के आपूर्तिकर्ता Autolink के अध्यक्ष यांग होंगजे ने घोषणाओं का स्वागत किया, लेकिन पूछा कि भुगतान नकद में होगा या वाणिज्यिक भुगतान-पत्रों के जरिए और भुगतान अवधि की शुरुआत किस तारीख से मानी जाएगी।
वाणिज्यिक भुगतान-पत्र खास तौर पर विवाद का विषय रहे हैं। यह वित्तीय साधन भविष्य की किसी तय तारीख पर भुगतान का वादा करता है। चीन के रियल एस्टेट क्षेत्र में इसका आम इस्तेमाल हुआ है, क्योंकि इसे ब्याज वाले कर्ज की श्रेणी में नहीं रखा जाता। आपूर्तिकर्ता कभी-कभी इन भुगतान-पत्रों को अवधि पूरी होने से पहले द्वितीयक बाजार में छूट पर बेच देते हैं, जिससे उन्हें मिलने वाली वास्तविक रकम कम हो जाती है। BAIC और SAIC ने खास तौर पर वादा किया कि वे आपूर्तिकर्ताओं को वाणिज्यिक भुगतान-पत्रों से भुगतान नहीं करेंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पहले वे इस तरीके का कितना इस्तेमाल करते थे।
उद्योग का एकीकरण और उसके शिकार
भुगतान सुधार ऐसे समय आए हैं, जब विश्लेषकों के मुताबिक चीन का ऑटो बाजार एकीकरण के निर्णायक दौर में प्रवेश कर रहा है। चीन में कारोबार कर रही लगभग 169 वाहन निर्माता कंपनियों में से आधे से अधिक की बाजार हिस्सेदारी 0.1% से भी कम है, जो लंबे समय तक टिकाऊ स्थिति नहीं है। Bank of America के विश्लेषकों को इस साल बड़े पैमाने पर कंपनियों के बाहर होने की आशंका है। CAAM का अनुमान है कि इस छंटनी के बाद केवल पांच से सात प्रमुख ब्रांड बचेंगे।
इस एकीकरण की मानवीय कीमत पहले ही दिखने लगी है। इंटरनेट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Baidu और वाहन निर्माता Geely के संयुक्त उद्यम के रूप में 2021 में स्थापित इलेक्ट्रिक वाहन स्टार्टअप Ji Yue, सफल नजर आने के छह महीने के भीतर धराशायी हो गया। सोशल मीडिया विज्ञापन एजेंसी चलाने वाले ली होंगशिंग ने Ji Yue के विज्ञापन खर्च पूरे करने के लिए कर्ज लिया था। उन्हें कंपनी की कार्यकुशलता और आर्थिक रूप से मजबूत निवेशकों पर भरोसा था, लेकिन कंपनी के नाकाम होने पर उन पर 4 करोड़ युआन का कर्ज चढ़ गया। उन्होंने इस अनुभव को घोर निराशा बताया और कहा कि दो बड़े शेयरधारकों के समर्थन वाली बड़ी कंपनी का अचानक धराशायी हो जाना अकल्पनीय था।
ऑटो उद्योग की मुश्किलें व्यापक आर्थिक दबावों को दर्शाती हैं। जनवरी 2026 में यात्री कारों की बिक्री 19.5% घटी, जो लगभग दो साल की सबसे तेज गिरावट है। नई ऊर्जा वाले वाहनों की बिक्री भी 20% नीचे आई। निर्माताओं को घरेलू मांग में कमजोरी से जूझना पड़ रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर कर छूट में कटौती और पुराने वाहन बदलने की सब्सिडी को लेकर अनिश्चितता ने गिरावट को और बढ़ाया है। दूसरी ओर, इस उद्योग में 48 लाख से अधिक लोग काम करते हैं। इससे नीति-निर्माताओं के सामने दुविधा है: वे अतिरिक्त उत्पादन क्षमता खत्म करना चाहते हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर बेरोजगारी और सामाजिक अस्थिरता नहीं चाहते।
वैश्विक असर
घरेलू प्रतिस्पर्धा लगातार असहनीय होती जा रही है, इसलिए चीनी वाहन निर्माता अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी से विस्तार कर रहे हैं। चीन में बने अब 20% वाहन निर्यात के लिए तैयार किए जाते हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 11% अधिक है। कम कीमत वाले वाहनों की इस बाढ़ के जवाब में विदेशों में रक्षात्मक कदम उठाए गए हैं। इनमें कनाडा में 100% शुल्क, यूरोपीय संघ में सब्सिडी-रोधी शुल्क और अन्य बाजारों में प्रतिबंध शामिल हैं। 45% शुल्क के बाद भी, चीन में 12,500 यूरो की कीमत वाली BYD Seal यूरोप में करीब 18,125 यूरो में बिकेगी, जो समान Tesla Model 3 की कीमत का लगभग आधा है।
चीनी अधिकारियों को चिंता है कि मूल्य युद्ध से वैश्विक स्तर पर चीन में बने उत्पादों की साख को नुकसान पहुंच रहा है। सरकारी मीडिया ने चेतावनी दी है कि सस्ती कारें चीनी निर्यात को नुकसान पहुंचा सकती हैं। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्यात के नियम भी सख्त किए हैं। 2026 से विदेशों में वाहन भेजने के लिए कार निर्माताओं को लाइसेंस लेना होगा। इसका उद्देश्य कम कीमत वाले वाहनों से विदेशी बाजारों को भरने की प्रवृत्ति पर लगाम लगाना है। लागत में जरूरत से ज्यादा कटौती के कारण इन वाहनों की गुणवत्ता से कभी-कभी समझौता करना पड़ता है।
Xpeng के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हे शियाओपेंग का अनुमान है कि उद्योग में उथल-पुथल अगले पांच साल तक जारी रहेगी और अंत में शायद केवल पांच बड़े खिलाड़ी बचेंगे। Morgan Stanley के मुख्य एशिया अर्थशास्त्री चेतन आह्या का कहना है कि सरकारी नियंत्रण वाले उद्योगों के मुकाबले ऑटो क्षेत्र में अतिरिक्त आपूर्ति से निपटना अधिक कठिन होगा, क्योंकि इसमें निजी कंपनियों की मौजूदगी ज्यादा है और एकीकरण की प्रक्रिया अधिक जटिल होगी। भुगतान और कीमतों के संकट की जड़ में मौजूद अतिरिक्त उत्पादन क्षमता से बुनियादी तौर पर निपटने के लिए संरचनात्मक सुधार जरूरी हैं।
मुख्य बातें
- चीनी कार निर्माताओं ने आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान की औसत अवधि करीब 300 दिनों से घटाकर 54 दिन कर दी है। चार कंपनियां 50 दिनों से कम में भुगतान कर रही हैं।
- BYD, Chery, SAIC और Xiaomi समेत 17 प्रमुख निर्माताओं ने 60 दिनों के भीतर भुगतान के नए सरकारी नियमों का पालन किया है।
- बीजिंग ने अव्यवस्थित मूल्य युद्धों के खिलाफ अंतर्मुखी प्रतिस्पर्धा विरोधी अभियान के तहत ये नियम लागू किए हैं। इस होड़ से उद्योग का लाभ मार्जिन 4% से नीचे आ गया है।
- नए नियम कुल उत्पादन लागत से कम कीमत पर बिक्री और वाहन निर्माताओं तथा आपूर्तिकर्ताओं के बीच कीमतें तय करने पर भी रोक लगाते हैं।
- उद्योग विश्लेषकों को उम्मीद है कि लगभग 170 ब्रांडों में से केवल 5 से 7 बचेंगे। कंपनियों की छंटनी का यह दौर करीब पांच साल और चल सकता है।
- घरेलू मुश्किलों के बावजूद चीन से ऑटो निर्यात बढ़ रहा है, जिसके जवाब में यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अन्य बाजारों ने शुल्क लगाए हैं।






