राष्ट्रीय स्वच्छता के लिए महत्वाकांक्षी मानक
मलेशिया ने राष्ट्रीय स्वच्छता मानकों को बेहतर बनाने के लिए एक सख्त अभियान शुरू किया है। इसका महत्वाकांक्षी लक्ष्य उसे अपने दक्षिणी पड़ोसी के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा में खड़ा करता है। 1 जनवरी से मलेशियाई सरकार ने कचरा फैलाने और सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर कड़े दंड लागू किए हैं। इस पहल के पीछे सिंगापुर की स्वच्छता की प्रतिष्ठा से आगे निकलने की मंशा है। यह अभियान ऐसे अहम समय पर शुरू हुआ है, जब देश अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने स्वच्छ छवि पेश करने के लिए ‘विजिट मलेशिया 2026’ पर्यटन अभियान की तैयारी कर रहा है।
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आवास एवं स्थानीय सरकार मंत्री न्गा कोर मिंग ने हाल ही में एक प्रेस कार्यक्रम में इस आक्रामक लक्ष्य को स्पष्ट किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि नए उपायों का उद्देश्य जनता के व्यवहार में बुनियादी बदलाव लाना और यह सुनिश्चित करना है कि देश के शहरी इलाके स्थानीय लोगों और पर्यटकों, दोनों के लिए स्वागतयोग्य बने रहें।
"हम चाहते हैं कि सिंगापुर स्वच्छ हो और मलेशिया उससे भी अधिक स्वच्छ," मंत्री न्गा कोर मिंग ने कहा।
यह बयान नए निर्देश की गंभीरता को रेखांकित करता है। सरकार केवल मामूली सुधार नहीं चाहती, बल्कि कचरा निपटाने से जुड़े नागरिक अनुशासन में पूरी तरह बदलाव लाने का लक्ष्य रखती है। यह महत्वाकांक्षा इस बढ़ती समझ को दर्शाती है कि स्वच्छता राष्ट्रीय विकास और पर्यटन आकर्षण का अहम हिस्सा है। दुनिया के सबसे स्वच्छ शहरों में अक्सर गिने जाने वाले सिंगापुर से आगे निकलने का लक्ष्य रखकर मलेशिया पर्यावरण के प्रति लापरवाही पर किसी तरह की छूट न देने का संकेत दे रहा है।
बढ़ते दंड और सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना
ठोस अपशिष्ट एवं सार्वजनिक सफाई प्रबंधन अधिनियम 2007 में संशोधन लागू होने के बाद मलेशिया में सार्वजनिक स्वच्छता से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव आया है। नए नियमों के तहत, सार्वजनिक जगहों पर कचरा फैलाते या थूकते पकड़े गए लोगों को केवल चेतावनी या मामूली जुर्माने से कहीं अधिक सजा हो सकती है। कानून में कई स्तरों वाली दंड व्यवस्था शामिल की गई है, जिसका मकसद छोटे अपराधों को रोकने के लिए कड़ा दबाव बनाना है।
पहली बार अपराध करने वाले जिन लोगों को अदालत में पेश किया जाएगा, उन पर 2,000 रिंगिट तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जो लगभग 492 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। हालांकि, अपराध की प्रकृति और कार्रवाई के तरीके के आधार पर आर्थिक दंड इससे भी अधिक हो सकता है। कुछ मामलों में मौके पर लगाए जाने वाले जुर्माने 10,000 रिंगिट तक पहुंच सकते हैं, यानी लगभग 2,300 अमेरिकी डॉलर। इतनी बड़ी आर्थिक चोट का मकसद सबसे अमीर लोगों को भी जुर्माने को बुरे व्यवहार की महज कीमत समझने से रोकना है।
मंत्री न्गा कोर मिंग ने इस पहलू पर खास तौर पर बात करते हुए कहा कि भारी जुर्माने अमीर अपराधियों को कानून से बच निकलने से रोकेंगे।
"अगर कोई अमीर है और सरकार को ‘दान’ देना चाहता है, तो वह कचरा फैला सकता है, लेकिन उसे 10,000 रिंगिट देने होंगे और सामुदायिक सेवा भी करनी होगी," उन्होंने दृढ़ता से कहा।
आर्थिक दंड के अलावा, कानून में अनिवार्य सामुदायिक सेवा का प्रावधान भी है। अपराधियों को 12 घंटे तक सामुदायिक सेवा की सजा सुनाई जा सकती है। इस दौरान वे सार्वजनिक रूप से आसानी से पहचाने जा सकेंगे। मंत्री न्गा ने बताया कि सामुदायिक सेवा की सजा पाने वालों को काम करते समय एक खास वर्दी पहननी होगी।
"पकड़े जाने पर उन्हें नई वर्दी, एक हरी जैकेट, दी जाएगी और स्थानीय निकाय के सफाईकर्मियों के साथ सड़कें बुहारने, नालियां साफ करने, घास काटने और शौचालय साफ करने का काम कराया जाएगा," मंत्री न्गा ने बताया।
सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करने का यह तरीका सामाजिक मानदंडों को मजबूत करने की सोची-समझी रणनीति है। अपराधियों से उन्हीं सड़कों की सफाई करवाकर, जिन्हें उन्होंने गंदा किया, सरकार जवाबदेही और सार्वजनिक जगहों के प्रति सम्मान की भावना पैदा करना चाहती है।
पड़ोसियों से तुलना: सिंगापुर का मानक
मलेशिया के नए अभियान की गंभीरता समझने के लिए उस मानक को देखना जरूरी है, जिससे वह आगे निकलना चाहता है। सिंगापुर लंबे समय से अपने सख्त कानूनों और साफ-सुथरी सड़कों के लिए मशहूर है। दरअसल, अमेरिका की कंपनी ईगल डंपस्टर रेंटल ने पिछले साल इस नगर-राज्य को दुनिया का सबसे स्वच्छ पर्यटक शहर बताया था। यह प्रतिष्ठा दशकों से सख्त कानून लागू करने और सार्वजनिक अव्यवस्था को हतोत्साहित करने वाली संस्कृति का नतीजा है।
स्वच्छता के मामले में सिंगापुर का तरीका जगजाहिर है। वहां कचरा फैलाने पर भारी जुर्माना लगाया जाता है। पहली बार अपराध करने वालों पर 1,000 सिंगापुर डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है, जो लगभग 761 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। बार-बार अपराध करने वालों पर बढ़ते जुर्माने लगाए जाते हैं और सुधारात्मक कार्य आदेश दिए जाते हैं। ये आदेश मलेशिया में अब अपनाए जा रहे सामुदायिक सेवा आदेशों जैसे हैं। सिंगापुर के कानून कुछ खास चीजों पर भी लागू होते हैं। इनमें सबसे उल्लेखनीय च्युइंग गम है, जिसे सार्वजनिक जगहों पर कचरा फैलने और सार्वजनिक परिवहन के ढांचे के रखरखाव से जुड़ी समस्याओं को रोकने के लिए 1991 से प्रतिबंधित किया गया है।
यात्रियों के लिए सिंगापुर के सख्त कानून चौंकाने वाले हो सकते हैं। यात्रा मार्गदर्शिकाएं अक्सर पर्यटकों को छोटे उल्लंघनों के गंभीर नतीजों के बारे में आगाह करती हैं। सिंगापुर में कचरे का न होना संयोग नहीं, बल्कि एक व्यापक कानूनी व्यवस्था का नतीजा है, जिसमें लापरवाही की गुंजाइश बहुत कम है। मलेशिया का अपनी कार्रवाई को इसी मानक पर आधारित करने का फैसला शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में क्षेत्रीय सर्वोत्तम तरीकों के अनुरूप चलने की इच्छा दिखाता है। इन सख्त दंडों को अपनाकर और संभवतः उनसे आगे बढ़कर मलेशियाई अधिकारी जनता की धारणा और व्यवहार में तेजी से बदलाव लाना चाहते हैं।
दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा आम तौर पर दोस्ताना रहती है, लेकिन पर्यटन और शहरों में रहने की सुविधा के मामले में यह एक गंभीर मुकाबला है। सिंगापुर की स्वच्छ और हरित शहर की छवि हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करती है। मलेशिया अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध प्राकृतिक आकर्षणों के साथ पर्यटकों की स्वच्छता या शहरी सफाई को लेकर किसी भी आशंका को दूर करना चाहता है।
तत्काल कार्रवाई और शुरुआती नतीजे
नीति को अमल में लाने की प्रक्रिया तेज और सख्त रही है। 1 जनवरी को नए नियम लागू होते ही अधिकारियों ने पूरे देश में ‘ऑप्स चेगाह’ नाम से कार्रवाई शुरू कर दी। इसमें ठोस अपशिष्ट एवं सार्वजनिक सफाई प्रबंधन निगम (SWCorp) और कई राज्यों के स्थानीय निकाय शामिल थे।
कार्रवाई के पहले दो दिनों में ही अधिकारियों ने 120 लोगों को पकड़ा। इनमें 86 स्थानीय निवासी और 34 विदेशी थे। इससे संकेत मिलता है कि अधिकारी निवासियों और आगंतुकों, दोनों पर समान रूप से नियम लागू कर रहे हैं। कार्रवाई केवल दूरदराज के इलाकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यस्त इलाकों और पर्यटन स्थलों पर खास ध्यान दिया गया। प्रमुख स्थानों में जोहोर, मलक्का, नेगेरी सेम्बिलान, पाहांग, पर्लिस, केदाह और कुआलालंपुर तथा पुत्रजया के संघीय क्षेत्र शामिल थे।
पकड़े गए विदेशियों में जोहोर बाहरू में तीन सिंगापुरी पर्यटक भी शामिल थे। उनकी गिरफ्तारी सीमापार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि मलेशिया में कचरा फैलाने से जुड़े कानून अब सख्ती से लागू किए जा रहे हैं। SWCorp की जोहोर शाखा ने पुष्टि की कि जनवरी के पहले सप्ताह में 35 कार्रवाई अभियानों के दौरान अपराध के नोटिस पाने वाले 22 विदेशियों में ये लोग भी शामिल थे। इनमें 1 जनवरी को अभियान के दौरान पकड़ा गया एक सिंगापुरी पर्यटक और 3 जनवरी को पकड़े गए दो अन्य लोग शामिल हैं।
कार्रवाई में तेजी एक खास घटना के बाद आई, जिसने जनता में आक्रोश पैदा किया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो में नए साल की पूर्व संध्या के जश्न के बाद बुकित बिंतांग इलाके में लापरवाही से फेंके गए कचरे के ढेर दिखाए गए। राजधानी के प्रमुख पर्यटन जिलों में से एक में फैले कचरे का दृश्य देश के लिए शर्मिंदगी का कारण बना और तत्काल कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित किया।
हालांकि, मंत्री न्गा कोर मिंग ने शुरुआती सफलता के संकेतों की ओर इशारा किया है। उन्होंने ‘विजिट मलेशिया 2026’ अभियान की शुरुआत के लिए 3 जनवरी को बुकित बिंतांग में आयोजित ‘आई लाइट यू’ कार्यक्रम का हवाला दिया। करीब 30,000 लोगों की भारी भीड़ जुटने के बावजूद, लोगों के जाने के बाद इलाका आश्चर्यजनक रूप से साफ रहा।
"करीब 30,000 लोग आए, लेकिन भीड़ के जाने के बाद वहां कोई कचरा नहीं बचा था। इससे पता चलता है कि कार्रवाई असरदार है," उन्होंने कहा।
कुआलालंपुर के लक्षित सफाई क्षेत्र
देशव्यापी कार्रवाई व्यापक है, लेकिन राजधानी को मिसाल बनाने के लिए कुआलालंपुर ने खास स्थानीय रणनीतियां लागू की हैं। कुआलालंपुर सिटी हॉल (DBKL) ने चार विशिष्ट इलाकों को "कचरा-मुक्त क्षेत्र" घोषित किया है। इनमें जालान बुकित बिंतांग, दातारन मर्देका, जालान तुन पेराक और ब्रिकफील्ड्स का व्यावसायिक इलाका शामिल हैं। ये शहर के सबसे अधिक देखे जाने वाले स्थानों में हैं, इसलिए राजधानी की छवि के लिए इनकी स्वच्छता बेहद अहम है।
DBKL के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण विभाग की निदेशक डॉ. नोर हलीज़म इस्माइल ने शहर की रणनीति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इसका मकसद केवल दंड देना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी है। सिगरेट के टुकड़ों और पेय की बोतलों जैसी छोटी चीजों को फेंकने से रोकने के लिए नियमित अभियान चलाए जा रहे हैं। ये चीजें अक्सर प्रदूषण के सबसे स्पष्ट रूपों में होती हैं।
"हमारा मकसद केवल दंड देना नहीं, बल्कि जनता को अधिक अनुशासित बनने और साझा सार्वजनिक स्थानों का सम्मान करने के लिए शिक्षित करना भी है," डॉ. नोर हलीज़म ने कहा।
कार्रवाई सड़कों से आगे बढ़कर खाने-पीने के प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक सुविधाओं तक फैली हुई है। DBKL ने कहा है कि वह स्वच्छता मानकों पर कोई समझौता नहीं करेगा। खाद्य प्रतिष्ठानों के मालिकों और ठेकेदारों ने सफाई बनाए रखने में नाकामी दिखाई तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। भोजन को दूषित होने और चूहों तथा कॉकरोच जैसे कीटों के फैलाव से बचाने के लिए शहर करीब 7,450 खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी करता है। सार्वजनिक शौचालयों पर भी नजर रखी जाती है और नियमित निरीक्षण के साथ शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।
यह समग्र दृष्टिकोण मानता है कि "स्वच्छ शहर" का मतलब केवल फुटपाथ से कचरा उठाना नहीं है। इसमें उन जगहों पर स्वच्छता मानकों को बनाए रखना भी शामिल है, जहां लोग खाना खाते हैं और रोजमर्रा के काम करते हैं। कचरा फैलाने के खिलाफ कानूनों के साथ इन मानकों को लागू करके DBKL स्वच्छता की एक व्यापक संस्कृति बनाना चाहता है।
आगंतुकों और विदेशी अपराधियों के लिए नतीजे
इस कार्रवाई का हर साल मलेशिया आने वाले लाखों पर्यटकों पर बड़ा असर पड़ता है। अपराधों की सूची में थूकने और सिगरेट के टुकड़ों जैसी छोटी चीजें फेंकने को शामिल करने का मतलब है कि अन्य देशों में अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले व्यवहार के लिए अब मलेशिया में कड़ी सजा हो सकती है। विदेशियों को कचरा निपटाने की अपनी आदतों को लेकर विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
सिंगापुरी पर्यटकों का मामला इन नए कानूनों की व्यावहारिक हकीकत दिखाता है। अपने देश के सख्त कानूनों के आदी आगंतुकों के लिए नए नियमों के अनुसार ढलना आसान हो सकता है, लेकिन उन्हें भी छूट नहीं है। जिन क्षेत्रों से आने वाले पर्यटक कानूनों को कम सख्ती से लागू होते देखने के आदी हैं, उन्हें मलेशिया में अपने व्यवहार में तुरंत बदलाव करना होगा। कानून की जानकारी न होने का दावा करने से जुर्माना या अनिवार्य सामुदायिक सेवा की सजा नहीं टलेगी।
यात्रा सुरक्षा विशेषज्ञ अक्सर कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान स्थानीय कानूनों को समझना बेहद जरूरी है। दक्षिण-पूर्व एशिया में सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियम हैरान करने वाले हद तक सख्त हो सकते हैं, जैसा कि सिंगापुर में च्युइंग गम पर प्रतिबंध या नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों पर कड़े दंड से पता चलता है। मलेशिया के नए कचरा-विरोधी कानून क्षेत्रीय यात्रियों के लिए नियमों को समझने का एक और पहलू जोड़ते हैं।
छुट्टी के दौरान जुर्माने का निपटारा करने की व्यावहारिक मुश्किलें भी परेशान कर सकती हैं। जुर्माना लगाए गए विदेशियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे उसका भुगतान सही तरीके से करें। क्षेत्र में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां तकनीकी दिक्कतों या भुगतान प्रणाली की पाबंदियों के कारण पर्यटकों को ऑनलाइन जुर्माना भरने में परेशानी हुई। इससे उन्हें दोबारा लौटने पर संभावित कानूनी नतीजों को लेकर चिंता हुई। इसलिए पर्यटकों के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें।
मुख्य बातें
- मलेशिया ने ठोस अपशिष्ट एवं सार्वजनिक सफाई प्रबंधन अधिनियम 2007 के तहत 1 जनवरी से कचरा फैलाने और थूकने पर कड़े दंड लागू किए।
- अपराधियों पर 10,000 रिंगिट तक जुर्माना लगाया जा सकता है और 12 घंटे तक की अनिवार्य सामुदायिक सेवा दी जा सकती है।
- सामुदायिक सेवा के दौरान अपराधियों को हरी जैकेट पहनकर सड़कें, नालियां और शौचालय साफ करने होते हैं।
- कार्रवाई के पहले दो दिनों में कुल 120 लोग पकड़े गए, जिनमें 86 स्थानीय निवासी और 34 विदेशी थे।
- जोहोर बाहरू में जुर्माना और सामुदायिक सेवा की सजा पाने वालों में तीन सिंगापुरी पर्यटक भी शामिल थे।
- सरकार ‘विजिट मलेशिया 2026’ अभियान से पहले मलेशिया को सिंगापुर से अधिक स्वच्छ बनाना चाहती है।
- कुआलालंपुर ने चार कचरा-मुक्त क्षेत्र घोषित किए हैं: जालान बुकित बिंतांग, दातारन मर्देका, जालान तुन पेराक और ब्रिकफील्ड्स।
- कार्रवाई में सड़कों पर कचरा फैलाने के अलावा खाद्य स्वच्छता और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई भी शामिल है।






