फैशन कचरे पर लगाम के लिए कोरिया से ईपीआर और पुनर्चक्रण व्यवस्था अपनाने की अपील

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फैशन कचरे पर लगाम के लिए कोरिया से ईपीआर और पुनर्चक्रण व्यवस्था अपनाने की अपील

कोरिया की कपड़ा कचरा समस्या के लिए निर्णायक मोड़

फास्ट फैशन ने कोरिया में कपड़े खरीदने और पहनने का तरीका बदल दिया है। इससे देश के कचरे की प्रकृति भी बदल गई है। सांसदों और विधायी विश्लेषकों द्वारा उद्धृत शोध के अनुसार, कोरिया में औद्योगिक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का लगभग 10 प्रतिशत कपड़ा क्षेत्र से होता है। परिवार और व्यवसाय मिलकर हर साल करीब 400,000 टन कपड़ा फेंकते हैं। इसका 20 प्रतिशत से भी कम पुनर्चक्रित होता है। बाकी का अधिकांश हिस्सा निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों में बदल दिया जाता है, निर्यात किया जाता है या देश और विदेश में भस्मक संयंत्रों व लैंडफिल में भेजा जाता है। वहीं, माना जाता है कि ब्रांड कोरियाई बाजार के लिए हर साल लगभग 900,000 टन कपड़े बनाते हैं, जिनमें से कई कम समय तक इस्तेमाल के हिसाब से डिजाइन और कीमत तय करके बेचे जाते हैं। उत्पादन और सीमित पुनर्प्राप्ति व्यवस्था के बीच का अंतर बढ़ रहा है।

विषय-सूची
  1. कोरिया की कपड़ा कचरा समस्या के लिए निर्णायक मोड़
  2. विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व क्या है
  3. कोरिया अपनी ईपीआर व्यवस्था में कपड़ा क्षेत्र को कैसे शामिल कर सकता है
  4. कोरिया में समस्या का पैमाना
  5. यूरोपीय संघ के नियम बाजार को नया रूप दे रहे हैं
  6. मौजूदा योजनाओं से सबक
  7. परिणाम देने वाली कोरियाई व्यवस्था तैयार करना
  8. कौन भुगतान करेगा और कैसे
  9. तकनीक और बुनियादी ढांचा
  10. पारदर्शी और राज्य-संचालित संग्रह व्यवस्था
  11. ब्रांडों और उपभोक्ताओं को क्या बदलना होगा
  12. कोरिया में नीतिगत समय-सीमा और अगले कदम
  13. मुख्य बातें

इस असंतुलन के चलते नीतिगत बदलाव की मांग तेज हुई है। नेशनल असेंबली के सदस्य, पर्यावरण मंत्रालय और नीति शोधकर्ता कई उपायों पर चर्चा कर रहे हैं। इनमें विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर), इसके साथ राज्य-संचालित संग्रह और पुनर्चक्रण व्यवस्था, नई पुनर्चक्रण तकनीकों में निवेश और अधिक जिम्मेदार उपभोग को बढ़ावा देने वाले अभियान शामिल हैं। पहला अहम कदम घरेलू और व्यावसायिक, दोनों तरह के कचरे के लिए कानून में कपड़ा कचरे की परिभाषा तय करना होगा। इसके बाद पूरी तरह लागू करने से पहले करीब दो साल तक ईपीआर का पायलट कार्यक्रम चलाया जा सकता है। समर्थकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नियम, खासकर यूरोप में, सख्त हो रहे हैं। उत्पाद वापस लेने, डेटा का खुलासा करने और पुनर्प्राप्ति प्रणालियों के लिए धन देने में पीछे रहने वाली कोरियाई कंपनियों को व्यापारिक बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व क्या है

ईपीआर एक नीतिगत तरीका है, जिसके तहत उत्पादक अपने बेचे गए उत्पादों के उपयोगी जीवन के अंत पर उनके निपटान के लिए वित्तीय और कभी-कभी भौतिक जिम्मेदारी लेते हैं। ईपीआर व्यवस्था में ब्रांड, निर्माता और आयातक उपभोक्ताओं के इस्तेमाल के बाद उत्पादों के संग्रह, छंटाई और उचित निपटान के लिए धन देते हैं और व्यवस्था करते हैं। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के विश्लेषण के अनुसार, अच्छी तरह तैयार ईपीआर कार्यक्रम पुनर्चक्रण दर बढ़ा सकते हैं, नगरपालिकाओं पर पड़ने वाला खर्च घटा सकते हैं और बेहतर उत्पाद डिजाइन के लिए प्रोत्साहन दे सकते हैं। नीति की रूपरेखा मायने रखती है। शुल्क उचित और पारदर्शी होने चाहिए, परिभाषाएं स्पष्ट होनी चाहिए और ईपीआर को डिजाइन मानकों, उपभोक्ता जानकारी तथा अलग संग्रह के नियमों जैसे अन्य उपायों के साथ काम करना चाहिए।

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कोरिया अपनी ईपीआर व्यवस्था में कपड़ा क्षेत्र को कैसे शामिल कर सकता है

कोरिया पहले से ही कई उत्पाद समूहों के लिए ईपीआर चलाता है। पर्यावरण मंत्रालय हर साल पुनर्चक्रण के लक्ष्य तय करता है। कोरिया पर्यावरण निगम (केईसीओ) योजनाओं और प्रदर्शन की समीक्षा करता है। उत्पादक सामूहिक व्यवस्थाओं में शामिल होकर या अपना पुनर्चक्रण कार्यक्रम चलाकर और सरकार को रिपोर्ट देकर अपने दायित्व पूरे कर सकते हैं। यही ढांचा कपड़ा क्षेत्र तक बढ़ाया जा सकता है। उत्पादकों को पंजीकरण कराना होगा, मात्रा की रिपोर्ट देनी होगी और ऐसे शुल्क देने होंगे जिनसे संग्रह और छंटाई के साथ-साथ, जहां संभव हो, पुनः उपयोग और कपड़े से कपड़ा पुनर्चक्रण को वित्त मिले। सरकार लक्ष्य तय करेगी और डेटा तथा प्रदर्शन की निगरानी करेगी।

इस व्यवस्था के लिए कई अहम फैसले लेने होंगे। कपड़ों को मिश्रित कचरे में जाने से रोकने के लिए उनका अलग संग्रह जरूरी है। शुल्क इस तरह तय होने चाहिए कि टिकाऊपन, मरम्मत और पुनर्चक्रण में आसान उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री को प्रोत्साहन मिले। धन का इस्तेमाल आधुनिक छंटाई व्यवस्था के लिए भी होना चाहिए, क्योंकि रेशों के मिश्रण और उन पर की गई फिनिशिंग से सामग्री की पुनर्प्राप्ति जटिल हो जाती है। सबसे जरूरी है मात्रा और संरचना का विश्वसनीय डेटा, ताकि व्यवस्था को दिशा दी जा सके, प्रगति पर नजर रखी जा सके और निवेश को समर्थन मिले।

कोरिया में समस्या का पैमाना

आज कोरिया में फेंके गए ज्यादातर कपड़ों को केवल बुनियादी पुनः उपयोग और निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों में बदलने के लिए छांटा जाता है। इनका एक बड़ा हिस्सा दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका के बाजारों में निर्यात होता है। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि पुनः उपयोग की प्रक्रिया से बाहर जाने वाली सामग्री का करीब 40 प्रतिशत विदेश भेजा जाता है, जहां अक्सर गुणवत्ता की जांच सीमित होती है। जो चीजें बेची या दोबारा इस्तेमाल नहीं की जा सकतीं, उन्हें भस्म किया जाता है या लैंडफिल में भेज दिया जाता है। कपड़े अक्सर कृत्रिम रेशों से बने होते हैं, इसलिए निपटान के इन तरीकों की जलवायु पर लागत पड़ती है और इनसे सूक्ष्म रेशे भी निकल सकते हैं। कोरिया में यह पता लगाने के लिए भी व्यापक निगरानी व्यवस्था नहीं है कि कितना कपड़ा इकट्ठा होता है, कितना दोबारा इस्तेमाल होता है और कितना पुनर्चक्रित होता है। डेटा के बिना लक्ष्य तय करना या सफलता मापना कठिन है।

नेशनल असेंबली रिसर्च सर्विस की विधायी शोध अधिकारी किम क्यंग-मिन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबाव पहले से ही उत्पादकों को पूरी आपूर्ति शृंखला में अधिक जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। उन्होंने अक्टूबर में कपड़ा कचरे पर एक विश्लेषण लिखा था।

उन्होंने कहा, “हम देश की कानूनी सीमाओं के बाहर भी ईपीआर को आगे बढ़ा सकते हैं।” उनका इशारा इस ओर था कि वैश्विक ब्रांड व्यापक पर्यावरणीय, सामाजिक और शासन संबंधी प्रतिबद्धताओं के तहत अपने आपूर्तिकर्ताओं के लिए नियम तय करते हैं।

किम ने यह चेतावनी भी दी कि जिन बाजारों में उत्पादक उत्तरदायित्व और मात्रा की पारदर्शिता अनिवार्य है, वहां निर्यातकों को नियमों का पालन करने में अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

पर्यावरण और श्रम समिति की सदस्य सांसद किम सो-ही के एक सहयोगी ने कहा कि हाल की निगरानी में इस मुद्दे को प्राथमिकता दी गई है।

सहयोगी ने कहा, “अक्टूबर से नवंबर तक चले नेशनल असेंबली के सरकारी ऑडिट के दौरान हमने यह मुद्दा उठाया और कहा कि देश की ईपीआर सूची में कपड़ा कचरा सबसे ऊपर होना चाहिए।”

किम का कहना है कि कानूनी अनिवार्यताओं के साथ जनसमर्थन हो तो बदलाव तेजी से हो सकता है। उन्होंने खाद्य कचरे को अलग करने और उसके निपटान में हुए पहले के सुधारों का उदाहरण देते हुए कहा कि नियम और बुनियादी ढांचा साथ-साथ आएं तो नई व्यवस्थाएं बड़े पैमाने पर लागू की जा सकती हैं।

उन्होंने कहा, “2005 में कोरिया ने खाद्य कचरे के निपटान के लिए दुनिया के पहले कानून लागू किए थे और वे आज तक प्रभावी हैं। यह दिखाता है कि कानूनी सुधार और सामाजिक सहमति कम समय में सार्थक बदलाव ला सकते हैं।”
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यूरोपीय संघ के नियम बाजार को नया रूप दे रहे हैं

यूरोप कपड़ा क्षेत्र के लिए उत्पादकों से वित्तपोषित प्रणालियां अनिवार्य करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। यूरोपीय स्तर पर हाल में हुए एक राजनीतिक समझौते के तहत सदस्य देशों को निर्देश लागू होने के 30 महीनों के भीतर उत्पादक उत्तरदायित्व योजनाएं बनानी होंगी। नियमों के अनुसार, उत्पादकों को कपड़ा कचरे के संग्रह, छंटाई और पुनर्चक्रण का खर्च उठाना होगा। इनमें कपड़े, सहायक वस्तुएं, जूते और कंबल तथा पर्दों जैसे घरेलू कपड़े शामिल हैं। इनका दायरा गद्दों तक भी बढ़ सकता है। ये दायित्व यूरोपीय संघ के बाजार में उत्पाद बेचने वाले सभी उत्पादकों पर लागू होंगे, जिनमें यूरोपीय संघ के बाहर से ई-कॉमर्स के जरिए बिक्री करने वाले भी शामिल हैं। सूक्ष्म उद्यमों को अनुपालन के लिए एक अतिरिक्त वर्ष मिलेगा, लेकिन वे भी इन नियमों के दायरे में होंगे।

सदस्य देश उत्पादकों से लिए जाने वाले शुल्क तय करेंगे। इसके लिए ऐसे सिद्धांतों का पालन होगा जिनके तहत खराब पर्यावरणीय या सामाजिक प्रदर्शन वाले उत्पादों और बहुत अधिक मात्रा में बिक्री करने वाले कारोबारी मॉडल पर अधिक शुल्क लगाया जा सकेगा। पूरे यूरोपीय संघ में कपड़ों का अलग संग्रह सामान्य व्यवस्था बन जाएगा। कई राष्ट्रीय योजनाओं में उत्पादकों का पंजीकरण और बिक्री की मात्रा की रिपोर्टिंग होगी। अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों को जिन देशों में वे बिक्री करते हैं, वहां कानूनी इकाई बनानी पड़ सकती है और हर क्षेत्राधिकार में शुल्क देना पड़ सकता है। इससे प्रशासनिक बोझ और लागत बढ़ेगी, खासकर उन उत्पादों के लिए जिन्हें पुनर्चक्रित करना कठिन है।

मौजूदा योजनाओं से सबक

फ्रांस और नीदरलैंड में कपड़ा क्षेत्र के लिए ईपीआर पहले से लागू है। दोनों देशों में उत्पाद की विशेषताओं के अनुसार अलग-अलग शुल्क लिए जाते हैं, जिसे अक्सर इकोमॉड्यूलेशन कहा जाता है। जिन वस्तुओं का पुनः उपयोग या पुनर्चक्रण आसान है, उन पर कम शुल्क लग सकता है। पुनर्चक्रित सामग्री वाले या मरम्मत में आसानी देने वाले डिजाइन भी लाभ पा सकते हैं। आम तौर पर इन व्यवस्थाओं का संचालन उत्पादक उत्तरदायित्व संगठन करते हैं और उन पर सार्वजनिक निगरानी रहती है। कपड़ों के अलावा, कोलोराडो जैसी जगहों पर पैकेजिंग के लिए नई ईपीआर योजनाएं दिखाती हैं कि मंजूर योजना के तहत कौन-सी सामग्री शामिल होगी, संग्रह के मानक क्या होंगे और रिपोर्टिंग के नियम कैसे होंगे, यह तय किया जा सकता है। साथ ही, वित्तपोषण की जिम्मेदारी नगरपालिकाओं से उत्पादकों को दी जा सकती है। इन मॉडलों से स्पष्ट परिभाषाओं, लागत के उचित बंटवारे और मजबूत निगरानी का महत्व सामने आता है।

इस्तेमाल किए गए कपड़ों के व्यापार पर शोध संभावित दुष्प्रभावों की चेतावनी देता है। निर्यात करने वाले क्षेत्रों में संग्रह बढ़ने से कम गुणवत्ता वाली अधिक वस्तुएं उन देशों में पहुंच सकती हैं जो आयात पर निर्भर हैं और जहां छंटाई तथा निपटान की क्षमता सीमित है। इनमें से कुछ आयातित वस्तुओं को बाद में खुले में फेंक दिया जाता है या जलाया जाता है। यही एक वजह है कि कई विशेषज्ञ अपने संग्रह और छंटाई की क्षमता में निवेश करने तथा कम मूल्य वाले कपड़ा कचरे का निर्यात घटाने की सलाह देते हैं। इससे यह भी समझ आता है कि यूरोपीय संघ कचरे की ढुलाई पर नियंत्रण क्यों सख्त कर रहा है।

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परिणाम देने वाली कोरियाई व्यवस्था तैयार करना

कोरिया में कपड़ा क्षेत्र तक ईपीआर बढ़ाने के लिए सटीक कानूनी परिभाषाओं, शामिल वस्तुओं की स्पष्ट सूची और लागू करने की व्यावहारिक समय-सीमा की जरूरत होगी। कपड़े, जूते और घरेलू कपड़ों को दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। गद्दों के लिए विशेष प्रावधान जरूरी हो सकते हैं। नीति निर्माताओं को उन उत्पादों को इस व्यवस्था में शामिल करने से बचना चाहिए जिन्हें इस्तेमाल के बाद कानूनन खतरनाक माना जाता है, जैसे कुछ निजी सुरक्षा उपकरण और चिकित्सा उपकरण। यूरोप के उद्योग समूहों ने चेताया है कि ऐसी वस्तुओं को कपड़ों की सामान्य धारा में मिलाने से सामग्री दूषित होने और सुरक्षा नियमों से टकराव का खतरा है। कोरिया स्पष्ट अपवाद और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित संभाल के दिशा-निर्देश देकर इस समस्या को पहले ही रोक सकता है।

कौन भुगतान करेगा और कैसे

किसे उत्पादक माना जाए, यह तय करना अहम है। दायित्व घरेलू ब्रांडों, बाजार में सामान लाने वाले आयातकों और ई-कॉमर्स के जरिए सीधे कोरियाई उपभोक्ताओं को सामान भेजने वाले दूरस्थ विक्रेताओं पर लागू होने चाहिए। सभी उत्पादकों को केईसीओ के पास पंजीकरण कराना चाहिए, एक विशिष्ट उत्पादक संख्या प्राप्त करनी चाहिए और उत्पाद के प्रकार के अनुसार मात्रा की रिपोर्ट देनी चाहिए। अच्छे डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए शुल्क अलग-अलग होने चाहिए। पुनर्चक्रित सामग्री की अधिक मात्रा, एक ही प्रकार के रेशों से बना ढांचा, बेहतर टिकाऊपन और आसानी से अलग किए जा सकने वाले उत्पादों पर कम शुल्क लगना चाहिए। इलास्टेन के साथ जटिल मिश्रण या भारी कोटिंग जैसे कठिन पुनर्चक्रण वाले उत्पादों पर अधिक शुल्क लगना चाहिए। बहुत तेजी से उत्पाद बदलने को बढ़ावा देने वाले, अत्यधिक मात्रा वाले कारोबारी मॉडलों पर भी अधिक योगदान लागू हो सकता है।

शुल्क से मिलने वाला राजस्व मोहल्ला स्तर पर अलग संग्रह, रेशों के मिश्रण की पहचान कर सकने वाली छंटाई क्षमता, मरम्मत और पुनः उपयोग के नेटवर्क तथा कपड़े से कपड़ा पुनर्चक्रण में निवेश पर खर्च होना चाहिए। अत्यधिक बोझ से बचाने के लिए छोटी कंपनियों को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जा सकता है या उनके लिए प्रशासनिक आवश्यकताएं कम रखी जा सकती हैं, जबकि उनसे उचित योगदान फिर भी लिया जाए।

तकनीक और बुनियादी ढांचा

कपड़ों का पुनर्चक्रण तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है। यांत्रिक पुनर्चक्रण से सूती और ऊनी कपड़ों की कुछ श्रेणियों का प्रसंस्करण हो सकता है, लेकिन इससे रेशे छोटे हो जाते हैं और गुणवत्ता गिरती है। पॉलिएस्टर को नए रेशे में बदला जा सकता है: साफ सामग्री, जैसे बोतलों, से यांत्रिक तरीके से या रासायनिक प्रक्रियाओं के जरिये, जो सामग्री को उसके मूल घटकों में तोड़ देती हैं। पॉलियामाइड में भी ऐसी संभावना है। इलास्टेन और जटिल मिश्रण अब भी बड़ी बाधा हैं। छंटाई इस प्रक्रिया का प्रवेश बिंदु है। आधुनिक प्रणालियों में सामग्री की संरचना पहचानने के लिए निकट-अवरक्त स्कैनर और डिजिटल उत्पाद जानकारी का इस्तेमाल होता है। इसके लिए बेहतर लेबलिंग और जल्द ही ऐसे डिजिटल उत्पाद पासपोर्ट की जरूरत होगी जिनमें सामग्री और उसकी देखभाल का डेटा हो। नई फैक्ट्रियों को वित्त देने के लिए निवेशकों को स्पष्ट जानकारी और स्थिर मांग चाहिए। पुनर्चक्रित रेशे की आपूर्ति और खरीद की गारंटी देने वाले, उत्पादकों से वित्तपोषित अनुबंध निवेश का जोखिम घटा सकते हैं और बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव बना सकते हैं।

पारदर्शी और राज्य-संचालित संग्रह व्यवस्था

समर्थक ऐसी पारदर्शी, राज्य-संचालित संग्रह व्यवस्था चाहते हैं जो उत्पादकों के वित्तपोषण के साथ काम करे, लेकिन सेवाओं पर सार्वजनिक निगरानी बनाए रखे। नगरपालिकाएं मौजूदा संग्रह मार्गों में कपड़े का संग्रह जोड़ सकती हैं या अपार्टमेंट परिसरों और कारोबारी जिलों में संग्रह केंद्र बढ़ा सकती हैं। डिजिटल ट्रैकिंग से संग्रह, छंटाई, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण के दौरान मात्रा पर नजर रखी जानी चाहिए। गुणवत्ता मानक तय करने और देश के भीतर पुनः उपयोग की रक्षा करने वाले अनुबंधों के जरिए धर्मार्थ संस्थाओं और पुराने सामान के कारोबारियों को भी शामिल किया जा सकता है। देश के भीतर छंटाई और पुनर्चक्रण क्षमता बढ़ने तथा आंकड़ों से घरेलू स्तर पर बेहतर संग्रह की पुष्टि होने के साथ कचरे का निर्यात चरणबद्ध तरीके से कम किया जाना चाहिए।

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ब्रांडों और उपभोक्ताओं को क्या बदलना होगा

ब्रांडों के लिए सबसे असरदार बदलाव डिजाइन के शुरुआती चरण से शुरू होते हैं। ऐसे रेशों के मिश्रण कम करें जिन्हें बड़े पैमाने पर पुनर्चक्रित नहीं किया जा सकता। ऐसे सजावटी हिस्से, रंग और फिनिशिंग चुनें जो पुनः उपयोग या पुनर्चक्रण में बाधा न डालें। कपड़ों को टिकाऊ और मरम्मत योग्य बनाएं। ऐसे वापसी कार्यक्रम शुरू करें या उनमें शामिल हों जो राष्ट्रीय संग्रह नेटवर्क से जुड़े हों। छंटाई और पुनर्चक्रण में मदद के लिए बिक्री की मात्रा और रेशों की संरचना का डेटा साझा करें। दायित्वों को कुशलता और पारदर्शिता से पूरा करने के लिए उत्पादक उत्तरदायित्व संगठन के माध्यम से काम करें। नई फैक्ट्रियों के लिए बाजार सुनिश्चित करने के वास्ते पुनर्चक्रित रेशे खरीदने के दीर्घकालिक समझौते करें।

सर्कुलर टेक्सटाइल नीति पर सरकारों और ब्रांडों को सलाह देने वाली एलेन मैकआर्थर फाउंडेशन का कहना है कि वित्तपोषण में वास्तविक लागत शामिल होनी चाहिए और लक्ष्य स्पष्ट होने चाहिए।

फेंके गए सभी कपड़ों के प्रबंधन की शुद्ध लागत पूरी करने के लिए वित्तपोषण जरूरी है, न कि सिर्फ अधिक बाजार मूल्य वाली वस्तुओं के लिए।

उपभोक्ताओं की भी भूमिका है। कपड़ों को मिश्रित कचरे में डालने के बजाय अलग करके संग्रह के लिए दें। मरम्मत और दोबारा बिक्री के जरिए कपड़ों की उम्र बढ़ाएं। कम चीजें खरीदें और जहां संभव हो, बेहतर गुणवत्ता चुनें। संग्रह के स्पष्ट नियम और आसानी से दिखने वाले संग्रह केंद्र भागीदारी को आसान बनाएंगे। संग्रह और छंटाई बेहतर होने पर अधिक वस्तुओं का स्थानीय स्तर पर पुनः उपयोग किया जा सकेगा और अधिक सामग्री से गद्दी भरने या पोछे बनाने के बजाय नए कपड़े बनाए जा सकेंगे।

कोरिया में नीतिगत समय-सीमा और अगले कदम

सांसद और पर्यावरण मंत्रालय कपड़ा क्षेत्र के लिए ईपीआर के दो साल के पायलट कार्यक्रम पर विचार कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के जरिए कुछ शहरी और क्षेत्रीय इलाकों में परिभाषाओं, डेटा रिपोर्टिंग, शुल्क के स्तर और संग्रह मॉडलों को परखा जा सकता है। शुरुआती पड़ावों में राष्ट्रीय उत्पादक रजिस्टर, बड़े उत्पादकों के लिए अनिवार्य रिपोर्टिंग और सार्वजनिक संग्रह केंद्रों का पहला चरण शामिल हो सकता है। इस अवधि में कोरिया संग्रह, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण के लक्ष्य तय कर सकता है और फिर व्यवस्था को देशभर में बढ़ा सकता है। समय-सीमा को यूरोपीय कार्यक्रम के अनुरूप रखने से निर्यातकों को मदद मिलेगी। अगर यूरोपीय संघ का कानून लागू होने के करीब 30 महीनों के भीतर उत्पादकों से वित्तपोषित प्रणालियां लागू करने की अपेक्षा है, तो वहां बिक्री करने वाली कोरियाई कंपनियों को समानांतर व्यवस्थाएं और डेटा तैयार करने होंगे। अभी घरेलू प्रणालियां बनाने से बाद में अनुपालन लागत घट सकती है और निर्यात बाजारों तक पहुंच बनी रह सकती है।

सरकार के वरिष्ठ नेतृत्व को कचरा प्रबंधन, सर्कुलर अर्थव्यवस्था, व्यापार और औद्योगिक नीति के बीच समन्वय करना चाहिए। केईसीओ रजिस्टर और डेटा का प्रबंधन कर सकता है। नगरपालिकाएं उत्पादकों के वित्तपोषण से संग्रह चला सकती हैं। राष्ट्रीय व्यवस्था पारदर्शी और ऑडिट योग्य होनी चाहिए तथा सार्वजनिक डैशबोर्ड पर मात्रा और नतीजों का हिसाब दिखना चाहिए। अंत में, कम मूल्य वाले कपड़ा कचरे का निर्यात घटाने की स्पष्ट योजना यह संकेत दे सकती है कि व्यवस्था का मकसद कोरिया में बने कचरे का प्रबंधन करना है, उसका बोझ कहीं और डालना नहीं।

मुख्य बातें

  • कोरिया हर साल करीब 400,000 टन कपड़ा फेंकता है और 20 प्रतिशत से भी कम पुनर्चक्रित करता है, जबकि फास्ट फैशन से हर साल लगभग 900,000 टन कपड़ों की आपूर्ति होती है।
  • सांसद और विश्लेषक विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व, राज्य-संचालित संग्रह व्यवस्था और कपड़ा पुनर्चक्रण तकनीक में निवेश की मांग कर रहे हैं।
  • ईपीआर के तहत उत्पादक संग्रह, छंटाई, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण का खर्च उठाते हैं और उनकी व्यवस्था करते हैं। शुल्क बेहतर डिजाइन को बढ़ावा दे सकते हैं।
  • यूरोपीय संघ अपने कानून के लागू होने के 30 महीनों के भीतर उत्पादकों से वित्तपोषित कपड़ा योजनाएं लागू करने की योजना बना रहा है। इनके दायरे में कपड़े, जूते और घरेलू कपड़े शामिल होंगे, साथ ही ई-कॉमर्स के जरिए बेचने वाले भी।
  • यूरोप को निर्यात करने वालों को उत्पादक रजिस्टर, हर देश में शुल्क और अधिक डेटा रिपोर्टिंग का सामना करना होगा। इसलिए अभी घरेलू व्यवस्था बनाने से कोरियाई कंपनियों को फायदा होगा।
  • कोरिया के लिए नीतिगत फैसलों में दायरा स्पष्ट रखना, खतरनाक निजी सुरक्षा उपकरणों और चिकित्सा उपकरणों को बाहर रखना, शुल्क उचित बनाना और राष्ट्रीय उत्पादक रजिस्टर के जरिए मजबूत डेटा जुटाना शामिल है।
  • अलग संग्रह और उन्नत छंटाई जरूरी हैं, क्योंकि रेशों के मिश्रण और फिनिशिंग से पुनर्चक्रण जटिल हो जाता है।
  • ईपीआर का दो साल का पायलट कार्यक्रम परिभाषाओं, शुल्क और संग्रह मॉडलों को परख सकता है। लक्ष्य और डेटा प्रणालियां तैयार होने पर इसे तेजी से बढ़ाया जा सकता है।
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