कारखानों के निर्यात की नई लहर
चीनी कंपनियां निर्यात से आगे बढ़कर अभूतपूर्व गति से विदेशों में उत्पादन केंद्र बना रही हैं। देश में वर्षों से बढ़ती उत्पादन क्षमता, घटते मुनाफे और घरेलू अर्थव्यवस्था की असमान रिकवरी के बीच विदेशों में व्यापार का माहौल भी सख्त हुआ है। इन सबने मिलकर चीन के वैश्विक विस्तार का एक नया दौर शुरू किया है। उत्पादक अब सिर्फ सामान नहीं भेज रहे, बल्कि ग्राहकों के करीब रहने और नीतिगत जोखिम से बचाव के लिए कारखाने, आपूर्ति शृंखलाएं और प्रबंधन प्रणालियां भी विदेश ले जा रहे हैं।
विषय-सूची
- कारखानों के निर्यात की नई लहर
- निर्माता अब क्यों जा रहे हैं विदेश
- दुनिया के कारखाने से विदेशों में स्थानीय कंपनियों तक
- नए कारखाने कहां बन रहे हैं
- विस्तार की अगुवाई करने वाले क्षेत्र
- इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरियां
- नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रिड तकनीक
- उपभोक्ता सामान और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स
- औद्योगिक सामग्री और उपकरण
- विदेशी कारखाने क्यों आकर्षक हैं
- कंपनियों के सामने चुनौतियां
- कंपनियां विस्तार के लिए धन और संगठन कैसे जुटा रही हैं
- मेजबान देशों और ग्लोबल साउथ पर असर
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए इसका क्या मतलब है
- मुख्य बिंदु
कई अधिकारियों के लिए अब गणित बदल गया है। जब घरेलू ऑर्डर भरपूर थे और वैश्विक लॉजिस्टिक्स का अनुमान लगाया जा सकता था, तब सब कुछ चीन में रखना सही लगता था। अब प्राथमिकता मजबूती और बाजारों तक पहुंच की है। वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, मेक्सिको, हंगरी, स्पेन, मोरक्को, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, ब्राजील और इंडोनेशिया एक वितरित नेटवर्क के अहम केंद्र बनकर उभर रहे हैं। यह नेटवर्क चीनी इंजीनियरिंग और खरीद को स्थानीय श्रमबल, प्रोत्साहनों और बाजार तक पहुंच से जोड़ता है।
जमीनी स्तर पर यह बदलाव साफ दिखता है। ऑटो और फर्नीचर पर लगने वाली कोटिंग के लिए रसायन देने वाले ग्वांगडोंग के उद्यमी विंस ली ने चीन से एक दशक तक बिक्री करने के बाद इस साल हो ची मिन्ह सिटी के पास अपना पहला विदेशी कारखाना खोला। उन्होंने घटनाक्रम को एक सीधी प्रतिक्रिया शृंखला बताया: ग्राहक दूसरी जगह गए, ऑर्डर उनके पीछे चले गए और कारोबार में बने रहने के लिए आपूर्तिकर्ताओं को भी उनके साथ जाना पड़ा।
ली ने बताया कि थुआन थाई हार्डवेयर की नई इकाई का पहला चरण शुरू हो चुका है और यह 3,000 वर्ग मीटर (32,292 वर्ग फुट) से अधिक क्षेत्र में फैली है। बाकी निर्माण अगले साल पूरा होगा। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि उद्घाटन से पहले ही ऑर्डर मिल गए थे। इसकी वजह वे ग्राहक थे जो पहले ही वियतनाम जा चुके थे।
स्थानांतरण की घोषणा से पहले ली ने देखा कि पुराने खरीदार टैरिफ का जोखिम घटाने और क्षेत्रीय बाजारों में तेजी से आपूर्ति करने के लिए अपनी असेंबली इकाइयां दक्षिण-पूर्व एशिया ले जा रहे थे। उन्हें डर था कि वहीं टिके रहने पर वे ग्राहक हाथ से निकल जाएंगे। लागत, जमीन की उपलब्धता और अनुमति मिलने की प्रक्रिया पर विचार करने के बाद वह उन निर्माताओं की बढ़ती लहर में शामिल हो गए, जो अब विकास के लिए विदेशों में उत्पादन इकाइयां बनाना जरूरी मानते हैं।
अपने फैसले का कारण बताते हुए ली ने दो टूक कहा:
अगर हमने अब विदेशों में विस्तार नहीं किया, तो शायद अपना आखिरी मौका गंवा देंगे। हमारे कई घरेलू ग्राहकों ने विदेशों में उत्पादन शुरू कर दिया है। अगर मैं भी उनके साथ नहीं गया, तो वे दूसरे आपूर्तिकर्ता चुन लेंगे।
निर्माता अब क्यों जा रहे हैं विदेश
घरेलू संकेतक इस तेजी की एक वजह बताते हैं। हाल के महीनों में कारखाना सर्वेक्षणों में कभी संकुचन तो कभी विस्तार के संकेत मिले हैं। छोटी और निर्यात पर केंद्रित कंपनियों ने कीमतों और कर्मचारियों को लेकर दबाव की खबर दी है। आवास क्षेत्र की कमजोर गतिविधि से निर्माण सामग्री और घरेलू सामान की मांग ठंडी पड़ी है। महामारी के दौरान और उसके बाद जिन क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता बढ़ाई गई थी, वहां घरेलू प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। मुनाफे का अंतर घटा है और भंडार का प्रबंधन मुश्किल हुआ है।
बाहरी दबावों ने जल्दबाजी और बढ़ा दी है। अधिक देश आपूर्ति शृंखलाओं की जांच कर रहे हैं और रणनीतिक सामान पर टैरिफ या स्थानीय सामग्री संबंधी नियम लागू कर रहे हैं। यूरोप के कुछ हिस्सों में वाहन निर्माताओं को अतिरिक्त शुल्क का सामना करना पड़ रहा है। कई बाजारों में नवीकरणीय ऊर्जा के उपकरणों की समीक्षा हो रही है। कुछ सरकारें उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर कारखाना बनाने और लोगों को काम पर रखने के लिए सब्सिडी दे रही हैं। बिक्री बचाने और व्यापार में अचानक आने वाले झटकों से बचने के लिए कई चीनी कंपनियां अब गंतव्य बाजार में उत्पादन करना ज्यादा सुरक्षित मानती हैं।
रणनीति के साथ पूंजी भी बाहर जा रही है। अनुमानों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में चीनी कंपनियों की ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में इससे पहले की अवधि की तुलना में तेज बढ़ोतरी हुई है। यह निर्यात आधारित विकास से विदेशों में उत्पादन क्षमता बनाने की ओर बदलाव को दर्शाता है। कंपनियां जमीन खरीदकर, औद्योगिक पार्क किराये पर लेकर और स्थानीय टीमें बनाकर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ा रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, सौर ऊर्जा के पुर्जों और पवन ऊर्जा उपकरणों की आपूर्ति शृंखलाएं जहां बन रही हैं, वहां यह प्रयास सबसे तेज है।
दुनिया के कारखाने से विदेशों में स्थानीय कंपनियों तक
दशकों तक चीन को दुनिया के कारखाने के रूप में जाना गया: ऐसा निर्यात केंद्र जो दुनिया भर की दुकानों तक सामान पहुंचाता था। अब मॉडल अधिक वितरित हो रहा है। कंपनियां ग्राहकों के करीब रहने, प्रोत्साहनों के पात्र बनने, लॉजिस्टिक्स में लगने वाला समय घटाने और किसी एक नीतिगत बदलाव से बिक्री ठप होने का जोखिम कम करने के लिए कई देशों में उत्पादन फैला रही हैं।
यह सिर्फ चीनी कारखानों की नकल भर नहीं है। कई कंपनियां स्थानीय नियमों के अनुरूप उत्पाद शृंखलाओं को नए सिरे से तैयार कर रही हैं, क्षेत्रीय आपूर्तिकर्ताओं की ओर रुख कर रही हैं और चीनी इंजीनियरों तथा स्थानीय प्रबंधकों की मिली-जुली टीमें बना रही हैं। कुछ कंपनियां असेंबली से शुरुआत करती हैं और अपनी जगह बनाने के बाद धीरे-धीरे पुर्जों की मशीनिंग या सॉफ्टवेयर एकीकरण जैसे अधिक मूल्य वाले काम जोड़ती हैं। दूसरी कंपनियां कई देशों की क्षेत्रीय मांग पूरी करने के लिए पहले दिन से ही बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं।
नए कारखाने कहां बन रहे हैं
दक्षिण-पूर्व एशिया कई छोटे और मध्यम आकार के निर्माताओं का पहला पड़ाव है। वियतनाम में युवा श्रमबल, बेहतर होता बुनियादी ढांचा और ऐसे व्यापार समझौतों में भागीदारी है, जो प्रमुख बाजारों के साथ टैरिफ घटाते हैं। थाईलैंड और मलेशिया स्थापित औद्योगिक समूहों और अनुभवी लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं के चलते ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्तिकर्ताओं को आकर्षित करते हैं। इंडोनेशिया में खाद्य प्रसंस्करण और खनिजों से बैटरी तक की आपूर्ति शृंखला में निवेशक दिलचस्पी ले रहे हैं।
मेक्सिको अमेरिकी बाजार के करीब है और यहां के जमीनी परिवहन मार्ग भारी सामान की ढुलाई का समय घटाते हैं। यह ऑटो पुर्जों, घरेलू उपकरणों और औद्योगिक उपकरणों के निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। स्थानीय सामग्री के व्यापार समझौता नियमों का पालन करना जटिल हो सकता है, लेकिन देश में मौजूदगी से अनिश्चितता घटती है और उत्तरी अमेरिका में सेवा तथा वारंटी का काम आसान होता है।
यूरोप में बैटरी और वाहन उत्पादन में निवेश की लहर दिख रही है। योजनाओं में हंगरी, तुर्किये और मोरक्को के ऐसे बैटरी कारखाने शामिल हैं जो यूरोप की उत्पादन इकाइयों को आपूर्ति करेंगे। स्पेन, हंगरी, तुर्किये और बाल्कन में वाहन असेंबली की योजनाएं भी हैं। लक्ष्य बाजार के भीतर या उसके करीब उत्पादन करना, माल ढुलाई की लागत घटाना और मॉडल में बदलाव तथा नियमों में परिवर्तन का तेजी से जवाब देना है।
मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका ऊर्जा परियोजनाओं और उपभोक्ता सामान, दोनों के लिए आकर्षण के केंद्र बन रहे हैं। खाड़ी देश नई ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के लिए पूंजी और औद्योगिक पार्क मुहैया कराते हैं। ब्राजील और मेक्सिको में ऑटो तथा घरेलू उपकरणों की नई उत्पादन क्षमता बन रही है। इन क्षेत्रों में विशेष आर्थिक क्षेत्र, कर प्रोत्साहन और बेहतर बंदरगाह बुनियादी ढांचा निवेश आकर्षित कर रहे हैं।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में चीनी पवन टरबाइन निर्माता भारत से ब्राजील तक उत्पादन का स्थानीयकरण कर रहे हैं। नई इकाइयों से तेजी से आपूर्ति, स्थानीय प्रमाणन और बिक्री के बाद सेवा संभव होती है। बड़े बिजली ग्रिड से जुड़ी परियोजनाओं के लिए ये अहम हैं। सौर आपूर्ति शृंखला के कुछ हिस्सों में भी यही सोच काम कर रही है, जहां ग्राहकों के करीब उत्पादन करने से संवेदनशील बाजारों में नियमों का पालन आसान हो सकता है।
विस्तार की अगुवाई करने वाले क्षेत्र
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पादन इकाइयां बनाने की रफ्तार और पैमाने के लिहाज से कई उद्योग सबसे आगे हैं। व्यापार नियमों से लेकर तकनीक के चक्र तक, हर उद्योग के पीछे अपनी रणनीतिक वजह है।
इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरियां
चीनी वाहन निर्माता और आपूर्तिकर्ता अपने घरेलू आधार के बाहर तेजी से विस्तार कर रहे हैं। चीन ने 2024 में दुनिया के करीब 30 प्रतिशत वाहन बनाए और कारों का सबसे बड़ा निर्यातक बना। इसी दौरान देश में नई ऊर्जा वाले वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी, जिससे बैटरी और सॉफ्टवेयर विशेषज्ञता का बड़ा आधार तैयार हुआ। अब कंपनियां इस पूरे तंत्र को यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया और अमेरिका में ले जा रही हैं। बैटरी क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों का अहम खनिजों के प्रसंस्करण और सेल निर्माण में बड़ा हिस्सा है। हंगरी, तुर्किये और मोरक्को में नए बैटरी कारखाने यूरोप और उत्तरी अफ्रीका की वाहन असेंबली इकाइयों को आपूर्ति करते हैं। स्पेन, हंगरी, ब्राजील और थाईलैंड के वाहन कारखाने क्षेत्रीय खरीदारों की मांग पूरी करने और आयात पर टैरिफ का जोखिम घटाने के लिए बनाए जा रहे हैं।
नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रिड तकनीक
पवन और सौर ऊर्जा कंपनियां परियोजना स्थलों के करीब अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं। स्थानीय सामग्री संबंधी नियम पूरे करने और स्थापना का समय घटाने के लिए टरबाइन निर्माता भारत से ब्राजील तक कारखाने खोल रहे हैं। सौर उपकरण निर्माता उन बाजारों में मॉड्यूल और पुर्जों की उत्पादन क्षमता बढ़ा रहे हैं, जहां स्थानीय प्रमाणन को प्राथमिकता दी जाती है। इन कदमों से नीतिगत बदलावों का प्रबंधन और परियोजनाओं के कामकाज के दौरान नकदी प्रवाह स्थिर रखने में मदद मिलती है।
उपभोक्ता सामान और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स
घरेलू उपकरण, कपड़े और घर के सामान बनाने वाली कंपनियां तेजी से बढ़ते बाजारों के पास असेंबली इकाइयां जोड़ रही हैं। ई-कॉमर्स ने कई ब्रांडों को बड़े खुदरा नेटवर्क बनाए बिना विदेशों में ग्राहकों तक पहुंचने में मदद की है। अब ये ब्रांड तेजी से डिलीवरी और सामान लौटाने की सुविधा के लिए ऑनलाइन बिक्री के साथ क्षेत्रीय गोदाम, सीमित असेंबली और सेवा केंद्र जोड़ रहे हैं। इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटती है और ग्राहकों का अनुभव बेहतर होता है।
औद्योगिक सामग्री और उपकरण
कोटिंग, रसायन और मशीन के पुर्जे बेचने वाली कंपनियां अपने खरीदारों के पीछे नए उत्पादन केंद्रों तक जा रही हैं। विंस ली की कंपनी जैसे आपूर्तिकर्ताओं को उन ग्राहकों के करीब होना पड़ता है जो दक्षिण-पूर्व एशिया जा चुके हैं। इससे समय पर आपूर्ति और लगातार गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। कई कंपनियां मिश्रण तैयार करने या असेंबली से शुरुआत करती हैं और मांग बढ़ने पर उत्पादन के और चरण जोड़ती हैं।
विदेशी कारखाने क्यों आकर्षक हैं
टैरिफ और नियम। किसी बाजार के भीतर उत्पादन करने से आयात पर लगने वाले शुल्क कम या खत्म हो सकते हैं। ऑटो और ऊर्जा क्षेत्र के स्थानीय सामग्री संबंधी नियम अक्सर क्षेत्र के भीतर बने पुर्जों को प्राथमिकता देते हैं। इन शर्तों को पूरा करके कंपनियां कीमतों की प्रतिस्पर्धा बनाए रखती हैं और नीतियों में अचानक बदलाव का जोखिम घटाती हैं।
आपूर्ति शृंखला की मजबूती। पिछले कुछ वर्षों के व्यवधानों ने एक ही जगह पर निर्भर रहने की लागत बढ़ा दी है। कई देशों में उत्पादन फैलाने से समुद्री मार्गों पर भीड़ होने या किसी बंदरगाह पर देरी के बावजूद ऑर्डर पूरे करने में मदद मिलती है। किसी देश में संवेदनशील उत्पादों पर नियंत्रण सख्त होने की स्थिति में भी प्रबंधकों के पास दूसरे विकल्प रहते हैं।
ग्राहकों के करीब होना। खरीदारों के पास रहने से सेवा, गुणवत्ता नियंत्रण और जवाब देने की गति बेहतर होती है। ऑटो और भारी उपकरणों के लिए स्थानीय असेंबली से रखरखाव और वारंटी का काम आसान होता है। उपभोक्ता ब्रांडों के लिए क्षेत्रीय गोदाम और अंतिम काम पूरा करने वाली उत्पादन इकाइयां डिलीवरी का समय घटाती हैं और प्रचार अभियानों के दौरान दुकानों में पर्याप्त माल बनाए रखती हैं।
स्थानीय प्रोत्साहन। कई सरकारें औद्योगिक समूह बनाने के लिए कर में छूट, जमीन या प्रशिक्षण सहायता देती हैं। कंपनियां इन फायदों का आकलन स्थानीय नियमों का पालन करने और आपूर्तिकर्ताओं के नेटवर्क बनाने की अतिरिक्त लागत के मुकाबले करती हैं।
कंपनियों के सामने चुनौतियां
वैश्विक विस्तार शायद ही कभी आसान होता है। कंपनियों को नीतिगत, वित्तीय और परिचालन जोखिमों का सामना करना पड़ता है। चुनावों के साथ व्यापार नियम बदल सकते हैं। नई डंपिंग-रोधी जांच से बिना ज्यादा चेतावनी के शुल्क बढ़ सकते हैं। कुछ क्षेत्रों में निर्यात नियंत्रण और निवेश की कड़ी जांच होती है। कई देशों में डेटा, श्रम और पर्यावरण संबंधी नियम सख्त हो रहे हैं।
परिचालन जोखिम अविश्वसनीय साझेदारों से लेकर भुगतान के असमान तरीकों तक फैले हैं। कंपनियों को स्थानीय खरीदारों और सेवा प्रदाताओं की साख बेहतर ढंग से जांचनी चाहिए और नकदी प्रवाह बचाने के लिए अधिक मजबूत अनुबंध करने चाहिए। कई बाजारों में पर्यावरणीय और सामाजिक मानकों की शर्तें सख्त हैं। इनके लिए सामग्री पर नजर रखने, उत्सर्जन की रिपोर्टिंग और कार्यस्थल मानकों में सुधार करना पड़ता है। वैश्विक ब्रांड बनाने की प्रक्रिया में निदेशक मंडल इन मुद्दों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
सांस्कृतिक अंतर से काम की रफ्तार धीमी हो सकती है। प्रबंधकों को चीन के तेज रफ्तार कारोबारी मॉडल से अलग तौर-तरीकों के अनुरूप खुद को ढालना होता है। स्थानीय प्रतिभा को भर्ती करना और बनाए रखना, देश के प्रबंधकों को अधिकार देना और मुख्यालय के नियंत्रण के साथ स्थानीय स्वायत्तता का संतुलन बनाना बार-बार सामने आने वाली चुनौतियां हैं। प्रशिक्षण और नियम-पालन की प्रणालियों में शुरुआती निवेश करने वाली कंपनियां आम तौर पर कम रुकावटों के साथ तेजी से विस्तार करती हैं।
कंपनियां विस्तार के लिए धन और संगठन कैसे जुटा रही हैं
विदेश में कारखाना लगाने के लिए वित्तीय साधनों की व्यापक व्यवस्था चाहिए। कई कंपनियां कर्ज और इक्विटी जुटाने के लिए विदेशी पूंजी बाजारों का सहारा ले रही हैं। दूसरी कंपनियां बैंक साझेदारों की मदद से स्थानीय कर्ज लेती हैं, जिसकी गारंटी चीन में स्थित मूल कंपनी देती है। हांगकांग में शेयर सूचीबद्ध करना और अतिरिक्त शेयर जारी करना अब भी अहम विकल्प हैं। ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट कार्यक्रमों ने यूरोप में अंतरराष्ट्रीय शेयर सूचीबद्ध कराने के अतिरिक्त रास्ते खोले हैं। हर विकल्प के साथ जानकारी के खुलासे, कॉरपोरेट प्रशासन और निवेशक संबंधों से जुड़ी नई मांगें आती हैं, जिन्हें पूरा करना बाजार तक पहुंच बनाए रखने के लिए जरूरी है।
बैंकों ने विस्तार के लिए खास सेवाएं शुरू की हैं। सीमा पार भुगतान मंच कंपनियों को स्वचालित अनुपालन जांच के साथ कई मुद्राओं में भुगतान लेने और करने में मदद करते हैं। ट्रेजरी समाधान मुख्यालय को कई देशों में नकदी की स्थिति पर नजर रखने और उसका बेहतर इस्तेमाल करने देते हैं। अंतरराष्ट्रीय बैंकों और चीनी एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्रदाताओं के बीच साझेदारियां कॉरपोरेट संसाधन योजना और बैंक बुनियादी ढांचे के बीच की खाई पाट रही हैं। इससे वित्त टीमों को रोजमर्रा के कामकाज पर बेहतर नियंत्रण मिलता है।
परियोजना के वित्तपोषण में अक्सर उसकी संरचना अहम होती है। एक तरीका यह है कि चीन में स्थित कंपनी की गारंटी के साथ मेजबान देश में स्थानीय कर्ज लिया जाए। इससे नए और बिना पुराने रिकॉर्ड वाली सहायक कंपनी के लिए पूंजी की लागत घटती है। बैटरी और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ग्रीन लोन लोकप्रिय हो रहे हैं। ये वित्तपोषण की लागत को पर्यावरणीय लक्ष्यों के अनुरूप रखते हैं और मेजबान बाजार में सरकारी सहायता पाने का रास्ता खोल सकते हैं।
छोटे और मध्यम आकार के आपूर्तिकर्ता खरीदार ढूंढने और सीमा पार बिक्री संभालने के लिए डिजिटल मंचों पर निर्भर हो रहे हैं। मोबाइल पर इस्तेमाल को प्राथमिकता देने वाले ऐसे बाजार मंच, जिनमें अनुवाद, वीडियो के जरिए कारखाने का दौरा और स्वचालित मिलान की सुविधाएं एक साथ हों, ऑनलाइन ग्राहक तलाशने से लेकर ऑफलाइन आपूर्ति तक का पुल बन रहे हैं। इन सेवाओं से नए ग्राहकों तक पहुंचने की लागत घटती है और उन बाजारों में छोटे तथा मध्यम उद्यमों की विश्वसनीयता बनती है जहां उन्हें कम लोग जानते हैं।
मेजबान देशों और ग्लोबल साउथ पर असर
चीनी कंपनियों का विदेशी निवेश रोजगार, प्रशिक्षण और आपूर्ति के नए रास्ते लाता है। कई जगहों पर कारखानों के लिए नई पूंजी से निर्माण, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र के स्थानीय ठेकेदारों की मांग बढ़ती है। कंपनियां समय के साथ स्थानीय स्तर पर अधिक पुर्जे खरीदने लगती हैं, जिससे उनकी मौजूदगी गहरी होती है और कामगारों के कौशल का स्तर बढ़ता है। विदेशों में निवेश पर नजर रखने वाले शोधकर्ताओं का अनुमान है कि चीनी कंपनियों ने दुनियाभर में सीधे और आपूर्तिकर्ताओं के जरिए लाखों रोजगार पैदा किए हैं।
उभरते बाजारों की सरकारों ने अपनी विकास योजनाओं के अनुरूप परियोजनाओं को बढ़ावा दिया है। बैटरी और ऑटो निवेश को तकनीक हस्तांतरण और निर्यात की संभावनाओं के लिए अहम माना जाता है। ऊर्जा उपकरणों का निर्माण बिजली ग्रिड के उन्नयन और नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्यों में मदद करता है। खाद्य प्रसंस्करण और उपभोक्ता सामान के क्षेत्र में संयुक्त उद्यम गुणवत्ता मानकों को बेहतर कर सकते हैं और स्थानीय उत्पादकों के लिए विदेशों में बिक्री के नए रास्ते खोल सकते हैं।
तनाव भी पैदा होते हैं। समुदाय पर्यावरणीय तौर-तरीकों, श्रमिक अधिकारों और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की गारंटी चाहते हैं। स्थानीय उद्योग समूहों को कारोबार से बाहर होने का डर हो तो वे कभी-कभी सुरक्षा उपायों की मांग करते हैं। सबसे सफल परियोजनाएं आमतौर पर वे होती हैं जो शुरुआत से ही पारदर्शिता, स्थानीय खरीद की योजनाओं और व्यापक अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाने वाले कार्यबल प्रशिक्षण के लिए प्रतिबद्ध हों।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए इसका क्या मतलब है
वैश्विक विनिर्माण का नक्शा बदल रहा है। ऑटो क्षेत्र में चीनी ब्रांड कीमत, सॉफ्टवेयर और नए उत्पाद तेजी से पेश करने की क्षमता के मामले में स्थापित कंपनियों को चुनौती दे रहे हैं। चीन में बड़े पैमाने पर विकसित बैटरी तकनीक अब विदेशी असेंबली इकाइयों के करीब पहुंच रही है। इससे लागत का अंतर घटता है और विकास चक्र छोटा होता है। नवीकरणीय ऊर्जा में पुर्जों से लेकर स्थापना तक पूरी परियोजना देने की क्षमता उन बाजारों में चीनी कंपनियों को बढ़त देती है जिन्हें तेजी से विस्तार की जरूरत है।
पश्चिमी, जापानी और कोरियाई बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी जवाब में कदम उठा रही हैं। कई कंपनियां चीन में उत्पाद विकास के चक्र तेज कर रही हैं और उन तरीकों को अपने देश में अपना रही हैं। कुछ आपूर्ति के जोखिम को संतुलित करने के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया और मेक्सिको में उत्पादन क्षमता जोड़ रही हैं। अमेरिका और यूरोप के नीति निर्माता घरेलू उत्पादकों को सुरक्षा देने और अपने लक्ष्यों के अनुकूल विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहनों और टैरिफ व्यवस्थाओं में बदलाव कर रहे हैं। प्रतिस्पर्धा का दायरा बढ़ रहा है और हर क्षेत्र के भीतर उसका स्वरूप तेजी से स्थानीय हो रहा है।
उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प और तेज नवाचार देखने को मिल सकते हैं, खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों और स्मार्ट घरेलू उपकरणों में। आपूर्तिकर्ताओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे सही साझेदारों के साथ सही जगहों पर मौजूद हों और गुणवत्ता, सुरक्षा तथा टिकाऊपन के बढ़ते मानकों पर खरे उतरें। इंजीनियरिंग की मजबूती को स्थानीय समझ के साथ जोड़ने वाली कंपनियों के विदेशों में टिकाऊ कारोबार खड़ा करने की संभावना सबसे अधिक होगी।
मुख्य बिंदु
- चीनी कंपनियां सिर्फ निर्यात करने के मॉडल से आगे बढ़कर बिक्री बचाने और प्रमुख बाजारों तक पहुंच बेहतर बनाने के लिए विदेशों में कारखाने बना रही हैं।
- घरेलू दबावों में घटता मुनाफा, कई क्षेत्रों में जरूरत से ज्यादा उत्पादन क्षमता और असमान घरेलू मांग शामिल हैं।
- दक्षिण-पूर्व एशिया, मेक्सिको, यूरोप, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका नए कारखानों और असेंबली इकाइयों के प्रमुख गंतव्य हैं।
- इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरियां, पवन और सौर ऊर्जा उपकरण, घरेलू उपकरण तथा औद्योगिक सामग्री विस्तार के प्रमुख क्षेत्र हैं।
- टैरिफ का प्रबंधन, आपूर्ति शृंखला की मजबूती, ग्राहकों के करीब होना और मेजबान देश के प्रोत्साहन विस्तार की मुख्य वजहें हैं।
- जोखिमों में नीतिगत बदलाव, व्यापार कार्रवाई, नियमों का पालन, साझेदारों की विश्वसनीयता तथा संस्कृति और प्रतिभा से जुड़ी चुनौतियां शामिल हैं।
- वित्तपोषण के लिए विदेशी पूंजी बाजारों, बैंक गारंटी, सीमा पार भुगतान प्रणालियों और ग्रीन लोन का सहारा लिया जा रहा है।
- मेजबान देशों को रोजगार, प्रशिक्षण और स्थानीय खरीद का लाभ मिलता है, लेकिन वे पर्यावरण और श्रम के उच्च मानकों की मांग करते हैं।
- कई क्षेत्रों की कंपनियों के उत्पादन को स्थानीय बनाने और उत्पाद चक्र छोटा करने से वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है।






