सिंगापुर जाने वाले जापानी उत्पादों के लिए नई तेज़ राह
जापान की शिंकानसेन ट्रेन ने निर्यात के लिए नाज़ुक सामान ढोना शुरू कर दिया है। इसके तहत करीब 300 सावधानी से पैक किए गए पैकेजों की एक परीक्षण खेप सिंगापुर भेजी गई। रेलवे संचालकों ने रेल से हवाई मार्ग तक की ऐसी व्यवस्था बनाई जिसमें जापान के भीतर बुलेट ट्रेन से सामान पहुंचाया गया और फिर चांगी के लिए उड़ान ली गई। परीक्षण के आयोजकों के मुताबिक, इस व्यवस्था से मानक मार्ग की तुलना में परिवहन का कुल समय करीब 20 प्रतिशत घटा। मानक मार्ग में उड़ान से पहले हवाई अड्डे तक लंबी दूरी ट्रकों से तय की जाती है। तेज़ हस्तांतरण, सुगम सफर और मिनट-दर-मिनट समयपालन ने उस समय-सारणी से कई घंटे बचाए जिसमें ताज़गी बेहद अहम है।
विषय-सूची
- सिंगापुर जाने वाले जापानी उत्पादों के लिए नई तेज़ राह
- ट्रेन में क्या भेजा गया
- खेत से सिंगापुर तक कैसे काम करता है यह मार्ग
- जापान के भीतर सड़कों के बजाय रेल क्यों
- महामारी के प्रयोग से कारोबार की नई दिशा तक
- सरकार और उद्योग की दिलचस्पी
- केवल माल ढोने वाली शिंकानसेन बोगियों पर विचार
- सीटों और माल के बीच संतुलन
- रेल क्षेत्र के भीतर चिंताएं और प्रतिस्पर्धा
- परीक्षण के लिए सिंगापुर क्यों
- माल ढुलाई के लिए शिंकानसेन की खूबियां और सीमाएं
- समय की बचत से निर्यातकों और खरीदारों को क्या लाभ
- आगे क्या हो सकता है
- मुख्य बातें
यह परीक्षण उस चलन को आगे बढ़ाता है जो महामारी के दौरान शुरू हुआ था। उस समय खाली सीटों वाली शिंकानसेन ट्रेनों में चुनिंदा फेरों पर पार्सल ले जाए जाने लगे थे। अब यह जापान की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था पर दबाव कम करने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है। अप्रैल 2024 में लागू हुए सख्त ओवरटाइम नियमों के बीच ट्रकिंग क्षेत्र को ड्राइवरों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे कंपनियां देश के सबसे भरोसेमंद यात्री नेटवर्क को उच्च मूल्य के माल के लिए तेज़ स्थलीय गलियारे में बदल रही हैं, ताकि क्षेत्रीय उत्पादक उसी दिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक पहुंच सकें।
ट्रेन में क्या भेजा गया
परीक्षण में ऐसे छोटे, उच्च मूल्य और अक्सर जल्दी खराब होने वाले उत्पादों पर ध्यान दिया गया जिन्हें सुगम और भरोसेमंद सफर से सबसे अधिक लाभ मिलता है। इनमें प्रीमियम फल, ताज़ा समुद्री खाद्य, मिठाइयां और ऐसी चिकित्सा आपूर्तियां शामिल हैं जिन्हें विदेशों के खरीदारों तक जल्द और सही सलामत पहुंचना होता है। झटकों से बचाने के लिए इन सामानों को बांधकर और गद्दीदार सुरक्षा देकर रखा जा सकता है। फिर हवाई अड्डे पर इन्हें तुरंत तापमान-नियंत्रित भंडारण में पहुंचाया जाता है और सिंगापुर जाने वाली उड़ान में लादा जाता है। उत्पादों का मिश्रण मौसम के अनुसार बदल सकता है, लेकिन मूल बात वही है: रास्ते में जितना कम समय लगे और जितनी कम बार सामान का हस्तांतरण हो, पहुंचने पर उसकी गुणवत्ता उतनी बेहतर होगी।
खेत से सिंगापुर तक कैसे काम करता है यह मार्ग
सफर की शुरुआत खेतों, मछली पकड़ने के केंद्रों या छोटी फैक्ट्रियों के पास से स्थानीय स्तर पर सामान उठाने से होती है। सड़क से छोटी दूरी तय कर माल शिंकानसेन स्टेशन पहुंचता है। ट्रेन में पहले से जगह तय रहती है, जहां पैकेजों को सुरक्षित और स्थिर रखा जा सकता है। तेज़ रफ्तार रेल मार्ग से माल टोक्यो क्षेत्र तक पहुंचता है, फिर कर्मचारी उसे एयरलाइन की कार्गो टीम को सौंप देते हैं, जो उसे सिंगापुर ले जाती है। इस तरीके से राजधानी के आसपास राजमार्गों पर लगने वाले अनिश्चित जाम से बचा जा सकता है। इस क्षेत्र में अक्सर ऐसी बाधाएं आती हैं जो समय-सारणी में आसानी से कई घंटे जोड़ सकती हैं।
टोक्यो से सिंगापुर के बीच हवाई यात्रा अब भी सबसे तेज़ विकल्प है। उड़ान के समय और सीमा-शुल्क की प्रक्रिया के आधार पर माल अक्सर उसी दिन या अगले दिन तड़के पहुंच जाता है। फायदा जापान के भीतर मिलता है, जहां रेल मार्ग की विश्वसनीयता लंबी ट्रक यात्रा की तुलना में कई घंटे बचाती है। निर्यातकों के लिए समयपालन अहम है, क्योंकि इससे खेप की योजना में अतिरिक्त समय का अंतर कम रखा जा सकता है और सामान कार्गो टर्मिनल में कम देर तक इंतजार करता है। कम इंतजार और कम उठापटक से ताज़ी उपज और समुद्री खाद्य के सिंगापुर के रसोईघरों तक सर्वोत्तम ताज़गी में पहुंचने की संभावना बढ़ती है।
जापान के भीतर सड़कों के बजाय रेल क्यों
रफ्तार, भरोसेमंदी और सुगम सफर इस काम के लिए शिंकानसेन को खास बनाते हैं। सड़क यातायात से मुक्त समर्पित पटरियों पर 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेनें मौसम और जाम से प्रभावित नहीं होतीं, जो ट्रकों की गति धीमी कर सकते हैं। यह व्यवस्था समय-सारणी की सटीकता के लिए मशहूर है; औसत देरी कुछ सेकंड से लेकर एक मिनट तक रहती है। राजमार्गों की तुलना में कंपन भी कम और अधिक स्थिर होता है, जो नाज़ुक फलों या मिठाइयों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें झटके नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्रति टन-किलोमीटर ऊर्जा खपत लंबी ट्रक यात्राओं के मुकाबले बेहतर है और स्टेशन बड़े शहरों के केंद्र में, एयरलाइन कार्गो टर्मिनलों के करीब स्थित हैं।
महामारी के प्रयोग से कारोबार की नई दिशा तक
2020 में यात्रा की मांग ढहने के बाद रेलवे समूहों ने यात्री और माल परिवहन को एक साथ चलाना शुरू किया। तब से यह तरीका विकसित हुआ है और चुनिंदा स्टेशनों पर तय समय-खंड में व्यवस्थित लोडिंग और तेज़ हस्तांतरण होने लगे हैं। ईस्ट जापान रेलवे (जेआर ईस्ट) ने तोहोकू गलियारे जैसे मार्गों पर नियमित परिचालन किया है और ताज़ी मछली तथा क्षेत्रीय विशेष उत्पाद टोक्यो के बाजार तक पहुंचाए हैं। कंपनी का कहना है कि वित्त वर्ष 2025 में वह उच्च गति और अधिक मात्रा वाली माल सेवाओं को व्यावसायिक रूप देना चाहती है। इसके लिए परीक्षण जारी हैं।
विचार सीधा है: अगर ट्रेन के एक छोटे हिस्से को तेज़ माल परिवहन के लिए रखा जाए या कुछ फेरे माल के हिसाब से बनाए जाएं, तो नेटवर्क यात्री ट्रेनों की रफ्तार से अधिक सामान पहुंचा सकता है। इसके लिए स्टेशनों पर मजबूत जमीनी प्रक्रियाएं, स्पष्ट बुकिंग प्रणालियां और एयरलाइन साझेदारों के साथ करीबी तालमेल जरूरी है। सही उत्पाद चुनना भी अहम है। प्रीमियम समुद्री खाद्य, फल, मिठाइयां, दवाइयां या तत्काल जरूरी अतिरिक्त पुर्जे भेजने वाले निर्यातकों को सबसे अधिक लाभ होता है, क्योंकि बचाया गया हर घंटा गुणवत्ता और मूल्य बनाए रखने में मदद कर सकता है।
सरकार और उद्योग की दिलचस्पी
भूमि, बुनियादी ढांचा, परिवहन और पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी उच्च गति रेल से माल ढुलाई को 2024 के ट्रकिंग नियमों से पैदा हुए दबाव को कम करने का एक तरीका मानते हैं। मंत्रालय के एक अध्ययन समूह ने माल के लिए समर्पित शिंकानसेन की अवधारणाओं पर चर्चा की है। उसने अगले करीब एक दशक में रेल से ढोए जाने वाले माल की मात्रा दोगुनी करने का व्यापक लक्ष्य भी सामने रखा है। नोमुरा रिसर्च इंस्टीट्यूट के विश्लेषकों का अनुमान है कि जापान में शिंकानसेन से माल ढुलाई की संभावित दैनिक मांग करीब 900 टन है। उनके मुताबिक, गति और भरोसेमंदी को महत्व देने वाला माल हासिल कर सकें तो यह एक व्यवहार्य कारोबार हो सकता है। सेवा का विस्तार होने पर जेआर ईस्ट ने माल ढुलाई से 10 अरब येन मूल्य के कारोबार का मध्यम अवधि का लक्ष्य रखा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बार-बार चलने वाली तेज़ माल सेवा का आकर्षण इन शब्दों में बताया।
अगर शिंकानसेन बार-बार माल ढो सके, तो लॉजिस्टिक्स पूरी तरह बदल जाएगी।
जेआर ईस्ट से जुड़े रेलवे समूहों, जैसे जेआर होक्काइडो, ने भी इस विचार में दिलचस्पी दिखाई है। उनका कहना है कि इससे उत्तरी क्षेत्रों के कृषि उत्पाद और समुद्री खाद्य निर्यात के लिए टोक्यो तक तेजी से पहुंचाए जा सकते हैं। समय-सारणी की गुंजाइश के मुताबिक यह मॉडल दूसरे गलियारों में भी फैल सकता है।
केवल माल ढोने वाली शिंकानसेन बोगियों पर विचार
जेआर ईस्ट ऐसी बोगी के डिजाइन का अध्ययन कर रही है जिसमें सीटें हटाकर सिर्फ माल रखा जाएगा। दरवाजों को चौड़ा करना, भीतर तक ले जाए जा सकने वाले कंटेनरों के लिए लंगर-बिंदु लगाना और पहली बोगी को माल के लिए निर्धारित करना विचाराधीन है। कंपनी ने कुछ मार्गों पर पूरी ट्रेनें माल के लिए समर्पित करने की संभावना भी परखी है, हालांकि यह उपलब्ध समय-खंडों और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा। फिलहाल परीक्षणों में मुख्य रूप से मानक बोगियों की खाली जगहों का इस्तेमाल होता है। कम मात्रा में माल के लिए यह लचीला तरीका कारगर है।
जहां जगह की कमी है, वहां संचालकों को यात्रियों के अनुभव की रक्षा करनी होगी। जापान का सबसे व्यस्त तोकाइदो गलियारा बहुत अधिक आवृत्ति से ट्रेनें चलाता है और उनकी अधिकतम रफ्तार करीब 285 किलोमीटर प्रति घंटा है। धीमी या भारी ट्रेनें जोड़ने से पूरी समय-सारणी प्रभावित हो सकती है। यही एक कारण है कि योजनाकार तोहोकू या क्यूशू जैसे उन मार्गों में निकट भविष्य की अधिक संभावना देखते हैं जहां समय-सारणी में कुछ ज्यादा गुंजाइश है। माल की मात्रा बढ़ने पर स्टेशनों को बेहतर लोडिंग बे और प्लेटफॉर्म से ट्रकों तक सामान रखने के लिए पीछे के भंडारण क्षेत्रों की जरूरत होगी। साथ ही, सामान को तुरंत जमाने, ठंडा करने या उसका तापमान बनाए रखने वाले उपकरण भी चाहिए होंगे।
सीटों और माल के बीच संतुलन
यात्री सीटों को माल रखने की जगह में बदलने से उपलब्ध टिकटों की संख्या घटती है, इसलिए रेलवे को दोनों तरह की आय के बीच संतुलन बनाना होगा। कम व्यस्त समय या देर रात चलने वाली कुछ ट्रेनें माल के बड़े हिस्से के लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं। कई शिंकानसेन मार्गों पर मौजूदा सामान नियम पहले ही तय करते हैं कि बड़े निजी बैग कहां रखे जाएं और सामान रखने की जगह के पास सीटें कैसे आरक्षित हों। केवल माल के लिए बनी बोगियां इस गतिविधि को यात्री डिब्बे से पूरी तरह बाहर ले जाएंगी, जिससे आराम बढ़ेगा और लोडिंग कहीं अधिक कुशल होगी।
रेल क्षेत्र के भीतर चिंताएं और प्रतिस्पर्धा
रेल क्षेत्र में हर कोई माल को बुलेट ट्रेनों पर भेजने के पक्ष में नहीं है। राष्ट्रीय नेटवर्क पर पारंपरिक मालगाड़ियां चलाने वाली कंपनी जेआर फ्रेट को चिंता है कि शिंकानसेन सेवाएं मुनाफा देने वाली खेपें उससे छीन सकती हैं। कंपनी का राजस्व आधार जेआर ईस्ट से काफी छोटा है और उसकी ट्रेनों में अतिरिक्त क्षमता सीमित है। उसके नेतृत्व ने चेताया है कि शिंकानसेन से माल ढुलाई तेजी से बढ़ी तो समन्वित लॉजिस्टिक्स सुधार के बजाय प्रीमियम खेपों को पाने की होड़ लग सकती है।
जेआर फ्रेट के अध्यक्ष शिन इनुकाई ने मांग के बुलेट ट्रेन नेटवर्क की ओर जाने को लेकर खास चिंता जताई है।
डर है कि लॉजिस्टिक्स की मांग शिंकानसेन ट्रेनों की ओर चली जाएगी।
रेल संचालकों का कहना है कि व्यावहारिक बंटवारा संभव है। निर्माण सामग्री और थोक खाद्य जैसे बड़ी मात्रा वाले, लेकिन समय को लेकर कम संवेदनशील माल पारंपरिक मालगाड़ियों से भेजे जा सकते हैं। छोटे, उच्च मूल्य और समय की दृष्टि से अत्यावश्यक सामान बुलेट ट्रेन से हवाई अड्डे तक पहुंचाकर आगे हवाई मार्ग से भेजे जा सकते हैं। इस तरह हर परिवहन माध्यम अपनी ताकत के मुताबिक काम करेगा और माल भेजने वालों को वास्तविक विकल्प मिलेगा।
परीक्षण के लिए सिंगापुर क्यों
सिंगापुर के खानपान और खुदरा क्षेत्र में प्रीमियम जापानी उपज और समुद्री खाद्य की लंबे समय से मांग है। शीर्ष रेस्तरां के शेफ एकसमान गुणवत्ता, उत्पाद के स्रोत की जानकारी और बेदाग हालत को महत्व देते हैं। कई उत्पाद मौसमी होते हैं और नीलामी या खास बिचौलियों के जरिए बिकते हैं, जहां तेजी से डिलीवरी जरूरी है। जापान के क्षेत्रों से टोक्यो के हवाई अड्डों और फिर चांगी तक तेज़ और भरोसेमंद मार्ग से फसल काटने या मछली पकड़ने के बाद खाने की मेज तक पहुंचने का समय घटता है। इससे उच्च मानकों को बनाए रखने और बर्बादी कम करने में मदद मिलती है।
क्षेत्रीय पहल दिखाती हैं कि यह कैसे काम कर सकता है। जेआर क्यूशू खास आयोजनों के लिए कागोशिमा और अन्य क्षेत्रों से प्रीमियम सामग्री शिंकानसेन द्वारा पहुंचा चुका है और फिर रेल यात्रा को छोटी हवाई उड़ानों से जोड़ा गया। आयोजकों के मुताबिक, समय-सारणी मेल खाने पर उपज फसल कटने के आधे दिन के भीतर ताइवान जैसी जगहों तक पहुंच सकती है। फुकुओका के एक आयोजन में सिंगापुर के शीर्ष रेस्तरां के शेफ को क्यूशू की सामग्री का अनुभव कराया गया। इससे पता चलता है कि लॉजिस्टिक्स में नए प्रयोग पाक-कला के आदान-प्रदान को कैसे बढ़ा सकते हैं। उड़ानों के समय-खंड और सीमा-शुल्क के तालमेल के अधीन, यही मॉडल चुनिंदा दिनों में सिंगापुर के लिए भी काम कर सकता है।
माल ढुलाई के लिए शिंकानसेन की खूबियां और सीमाएं
जापान का बुलेट ट्रेन नेटवर्क रफ्तार, स्थिरता और सटीकता के लिए बनाया गया है। ट्रेनें समर्पित स्टैंडर्ड गेज पटरियों पर 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलती हैं और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए स्वचालित नियंत्रण प्रणालियों का इस्तेमाल करती हैं। इसका सुरक्षा रिकॉर्ड बेजोड़ है: 1964 में सेवा शुरू होने के बाद से ट्रेन दुर्घटनाओं में किसी यात्री की मौत नहीं हुई है। भरोसेमंदी भी इसकी खासियत है। घनी समय-सारणी पर चलने वाली ट्रेनों की औसत देरी आम तौर पर एक मिनट से कम रहती है। माल ढुलाई के लिए इसका मतलब है कि निर्यातक मिनट के हिसाब से योजना बना सकते हैं और कम अतिरिक्त समय रखते हुए उड़ान की निर्धारित समय-सीमा तक पहुंच सकते हैं।
इसकी कुछ सीमाएं भी हैं। स्टेशन यात्रियों के लिए बनाए गए थे, पैलेटों के लिए नहीं। यात्रियों को परेशान किए बिना लिफ्ट, गलियारों और प्लेटफॉर्म तक पहुंच के रास्तों से सामान ढोने वाली गाड़ियों और कंटेनरों को ले जाना होगा। भारी माल से ट्रेन की रफ्तार पकड़ने और ब्रेक लगाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, और सबसे व्यस्त गलियारों में प्रदर्शन में कोई भी बदलाव पूरी समय-सारणी पर असर डाल सकता है। केवल मानक सीटों वाली बोगियों में सामान ले जाना तब तक का अच्छा उपाय है, जब तक विशेष माल बोगियां न आ जाएं। पैकेजिंग, झटकों से सुरक्षा और तापमान नियंत्रण भी बेहद जरूरी हैं। जल्दी खराब होने वाले सामान के लिए अक्सर तापरोधी डिब्बे, शीतलक और सेंसर चाहिए होते हैं, साथ ही स्टेशन और हवाई अड्डे के कार्गो टर्मिनल पर तेज़ हस्तांतरण भी।
समय की बचत से निर्यातकों और खरीदारों को क्या लाभ
कुल समय करीब 20 प्रतिशत घटने से उत्पादकों को बिना जल्दबाजी के उपज चुनने, पैक करने और भेजने के लिए ज्यादा गुंजाइश मिलती है। इससे सामान संभालने में गलतियां घटती हैं और उसकी बिक्री योग्य अवधि बनी रह सकती है। उदाहरण के लिए, क्यूशू का मछुआरा सुबह होने से पहले पकड़ लाई मछली उसी सुबह किसी मालवाहक को सौंप सकता है और अगले दिन दोपहर के भोजन के समय वह सिंगापुर के रेस्तरां में पहुंच सकती है। फल उत्पादक पूरी तरह पकने पर फसल काटकर भी उड़ान पकड़ सकते हैं, बजाय इसके कि अनिश्चित ट्रक समय-सारणी के कारण पहले ही तुड़ाई करनी पड़े। सिंगापुर के खरीदारों को इससे अधिक एकसमान गुणवत्ता, सामान खत्म होने की कम घटनाएं और परोसी गई थाली में बेहतर गुणवत्ता मिलती है।
यह मॉडल हर खेप के लिए नहीं है। थोक माल, बड़े घरेलू उपकरण और कम मूल्य के सामान जहाजों या पारंपरिक मालगाड़ियों से ही भेजे जाते रहेंगे। सबसे उपयुक्त सामान वे छोटे उत्पाद हैं जिनका प्रति किलोग्राम मूल्य अधिक है और जिनके लिए ताज़गी अहम है। पैमाने के साथ लागत घटने और परिचालन बेहतर होने पर इस सेवा के योग्य उत्पादों की श्रेणी बढ़ सकती है। राजमार्ग बंद होने, तूफान आने या छुट्टियों के व्यस्त दौर में, जब ट्रकिंग के समय-खंड या ड्राइवरों के काम के घंटे सीमित हों, रेल से हवाई मार्ग तक की यह व्यवस्था अतिरिक्त भरोसा भी देती है।
आगे क्या हो सकता है
निकट भविष्य में ध्यान प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने, स्टेशनों पर सामान संभालने की क्षमता बढ़ाने और समय-सारणी में गुंजाइश वाले गलियारों को चुनने पर है। अगर केवल माल ढोने वाली बोगियां सेवा में आती हैं, तो लोडिंग दरवाजे चौड़े किए जा सकते हैं और फर्श की व्यवस्था ऐसे कंटेनरों के लिए बनाई जा सकती है जिन्हें भीतर तक ले जाया जाए, जिससे स्टेशन पर रुकने का समय घटेगा। कुछ संचालकों ने ट्रेन की पहली बोगी माल के लिए तय करने पर चर्चा की है, ताकि यात्रियों को उसमें से गुजरना न पड़े और सुरक्षा व आराम बेहतर हो। एयरलाइन साझेदारियां अहम बनी रहेंगी, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय यात्रा वाला हिस्सा सबसे लंबा है। मांग बढ़ने पर शिंकानसेन और हवाई परिवहन का मेल दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य केंद्रों तक भी माल पहुंचा सकता है।
नीति के स्तर पर माल परिवहन में रेल की हिस्सेदारी बढ़ाने का सरकारी लक्ष्य निवेश के फैसलों को दिशा देगा। बंदरगाह और समुद्री परिवहन का भी विस्तार हो रहा है। जापान की कंटेनर शिपिंग कंपनी ओशन नेटवर्क एक्सप्रेस की 2030 तक नए जहाजों और बंदरगाहों के उन्नयन पर भारी खर्च करने की योजना दिखाती है कि मांग पूरी करने के लिए आपूर्ति शृंखला की सभी कड़ियों का विस्तार हो रहा है। तेज़ रफ्तार रेल माल ढुलाई माल भेजने वालों के लिए एक लचीला विकल्प जोड़ती है, खासकर सिंगापुर जैसे प्रीमियम बाजारों की सेवा करने वालों के लिए, जहां गुणवत्ता का अच्छा मूल्य मिलता है।
मुख्य बातें
- परीक्षण में शिंकानसेन से हवाई मार्ग तक की व्यवस्था ने चुनिंदा सामान को जापान से सिंगापुर पहुंचाने का समय करीब 20 प्रतिशत घटाया।
- करीब 300 छोटे, उच्च मूल्य वाले पैकेज ट्रेन से ले जाए गए और फिर चांगी जाने वाली उड़ान में सौंपे गए।
- रेल संचालकों ने महामारी के दौरान बुलेट ट्रेनों में माल ढोना शुरू किया था और अब व्यावसायिक सेवाओं की ओर बढ़ रहे हैं।
- जेआर ईस्ट केवल माल के लिए बोगियों, बड़े दरवाजों और संभवतः मालगाड़ियों की पूरी संरचना का अध्ययन कर रही है। व्यावसायीकरण का लक्ष्य वित्त वर्ष 2025 है।
- मंत्रालय के अध्ययन समूह ने 2024 में ट्रकिंग क्षेत्र में श्रमिकों की कमी के दबाव को कम करने में रेल की भूमिका पर जोर दिया है और करीब 10 वर्षों में रेल माल ढुलाई दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है।
- विश्लेषकों के अनुमान के अनुसार, देशभर में शिंकानसेन से माल ढुलाई की संभावित मांग करीब 900 टन प्रतिदिन है।
- जेआर फ्रेट ने चेताया है कि मांग पारंपरिक मालगाड़ियों से बुलेट ट्रेनों की ओर जा सकती है और सावधानीपूर्वक तालमेल की जरूरत बताई है।
- तोकाइदो गलियारे की सघन समय-सारणी निकट भविष्य में माल ढुलाई के विकल्प सीमित करती है। इसलिए तोहोकू और क्यूशू जैसे अन्य मार्गों पर पहले विस्तार हो सकता है।
- क्यूशू के परीक्षण दिखाते हैं कि प्रीमियम खाद्य उत्पाद आधे दिन के भीतर एशिया के क्षेत्रीय केंद्रों तक पहुंच सकते हैं। ताज़गी के लिहाज से संवेदनशील उत्पादों के लिए सिंगापुर का बाजार प्रमुख लक्ष्य है।






