यांग्त्ज़ी पर एक केंद्रीय केंद्र
चीन, वुहू शहर में 760 एकड़ के द्वीप को डेटा केंद्रों के विशाल समूह में बदल रहा है। यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता की कंप्यूटिंग क्षमता को केंद्रीकृत करने की देशव्यापी योजना का मुख्य केंद्र है। इस परियोजना को व्यापक रूप से चीन का स्टारगेट कहा जाता है। यह हुआवेई, चाइना मोबाइल, चाइना टेलीकॉम और चाइना यूनिकॉम के सर्वरों को एक साथ जोड़ती है। इसका लक्ष्य बिखरी हुई सुविधाओं को एक ऐसे एकीकृत नेटवर्क में समेटना है जिसे बड़े पैमाने पर तय कार्यक्रम के अनुसार इस्तेमाल और साझा किया जा सके। यह एआई की बढ़ती मांग और सबसे उन्नत प्रोसेसर तक सीमित पहुंच का जवाब है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से जुड़ा निवेश 270 अरब युआन, यानी लगभग 37 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
विषय-सूची
- यांग्त्ज़ी पर एक केंद्रीय केंद्र
- 760 एकड़ के डेटा आइलैंड में क्या होगा
- अब एआई कंप्यूटिंग को केंद्रीकृत क्यों किया जा रहा है
- नेटवर्क कैसे काम करेगा
- पश्चिम में प्रशिक्षण, तट के पास इन्फरेंस
- हुआवेई UB Mesh और क्लस्टर-स्तरीय शेड्यूलिंग
- सब्सिडी और चिप की कमी
- किसे होगा फायदा
- अमेरिकी स्टारगेट परियोजना से तुलना
- बिजली, कूलिंग और नेटवर्क
- जोखिम, सुरक्षा और शासन
- आगे क्या
- मुख्य बातें
वुहू की यह जगह, जिसे स्थानीय तौर पर डेटा आइलैंड कहा जाता है, शंघाई, हांगझोउ और नानजिंग के नजदीक है। इन घनी आबादी वाले शहरी बाजारों के करीब होना एआई इन्फरेंस के लिए महत्वपूर्ण है। इसी चरण में प्रशिक्षित मॉडल सवालों के जवाब देते हैं या उपयोगकर्ताओं के लिए सामग्री तैयार करते हैं। कम दूरी से विलंबता घटती है, जिससे वॉइस असिस्टेंट, खोज, वित्तीय जोखिम जांच, खुदरा सुझाव और शहरी सेवाएं अधिक तेज़ी से काम करती हैं। चीन अन्य क्षेत्रों की जरूरतें पूरी करने के लिए उलानकाब, गुइझोउ और छिंगयांग में भी सुविधाओं का विस्तार या पुनः उपयोग कर रहा है। इनमें से कई दूरस्थ केंद्र सस्ती जमीन और प्रचुर बिजली वाले इलाकों में हैं। उन्हें मॉडल प्रशिक्षण पर ध्यान देने के लिए तैयार किया जा रहा है, जो एआई विकास का सबसे अधिक कंप्यूटिंग क्षमता मांगने वाला चरण है।
760 एकड़ के डेटा आइलैंड में क्या होगा
ऑपरेटर बड़े-बड़े हॉल बना रहे हैं, जिनमें एक्सेलेरेटर, सीपीयू, मेमोरी, स्टोरेज और हाई-स्पीड स्विचिंग उपकरण होंगे। दूरसंचार कंपनियां पहले से ही पूरे क्षेत्र में फाइबर मार्ग बिछाती और उनका प्रबंधन करती हैं। इसलिए यह जगह आसपास के शहरों और अन्य अंतर्देशीय क्लस्टरों से उच्च क्षमता के साथ जुड़ सकती है। योजना है कि तात्कालिकता, लागत और उपलब्धता के आधार पर वर्कलोड को नेटवर्क में स्थानांतरित किया जा सके। एक जगह के निष्क्रिय संसाधनों को दूसरी जगह के काम में लगाया जा सकेगा। हुआवेई UB Mesh को बढ़ावा दे रही है। कंपनी का कहना है कि यह तकनीक कई हॉल या यहां तक कि शहरों में फैले प्रोसेसरों को जोड़ सकती है। इसका सॉफ्टवेयर उन्हें प्रशिक्षण और इन्फरेंस के लिए एक ही संसाधन पूल की तरह इस्तेमाल करता है।
अब एआई कंप्यूटिंग को केंद्रीकृत क्यों किया जा रहा है
बीजिंग देश में मौजूद हर चिप से मिलने वाला लाभ बढ़ाना चाहता है। हाल के वर्षों में दूरदराज के प्रांतों में कई एक्सेलेरेटर कम इस्तेमाल हुए, क्योंकि वहां स्थानीय मांग कम थी। वहीं, कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत वाली तटीय कंपनियां उस उपलब्ध क्षमता का आसानी से उपयोग नहीं कर पाती थीं। देशव्यापी नेटवर्क इस समस्या का समाधान देने का वादा करता है। क्लस्टरों को जोड़कर योजनाकारों को उम्मीद है कि व्यवधानों के दौरान वैकल्पिक क्षमता बेहतर होगी, पूरे नेटवर्क का इस्तेमाल बढ़ेगा और एक क्षेत्र की अतिरिक्त कंप्यूटिंग क्षमता दूसरे क्षेत्र के खरीदारों को बेची जा सकेगी।
इस पहल को भू-राजनीति भी आकार दे रही है। विश्लेषकों का अनुमान है कि वैश्विक एआई कंप्यूटिंग क्षमता का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा अमेरिकी प्रयोगशालाओं के नियंत्रण में है, जबकि चीन के पास करीब 15 प्रतिशत है। अमेरिकी निर्यात नियंत्रण चीन की सबसे उन्नत Nvidia GPU तक पहुंच सीमित करते हैं और प्रमुख अनुबंध चिप निर्माता कंपनियों को चीनी ग्राहकों के लिए वे चिप बनाने से रोकते हैं। ऐसे में घरेलू हार्डवेयर का बेहतर तालमेल प्राथमिकता बन गया है। केंद्रीकरण फिलहाल उपलब्ध नीतिगत उपाय है, जबकि घरेलू चिप परियोजनाएं इस अंतर को पाटने की कोशिश कर रही हैं।
नेटवर्क कैसे काम करेगा
योजना एआई के दो तरह के कामों के बीच स्पष्ट अंतर करती है। प्रशिक्षण वह कठिन चरण है जिसमें मॉडल डेटा से सीखते हैं। इसके लिए ऐसे दूरस्थ स्थल उपयुक्त हैं जहां बिजली और जमीन सस्ती मिल सकती है और लंबे समय तक चलने वाले काम हजारों एक्सेलेरेटर को दिनों या हफ्तों तक व्यस्त रख सकते हैं। इन्फरेंस वह चरण है जिसमें प्रशिक्षित मॉडल उपयोगकर्ताओं को सेवाएं देते हैं। इसे बड़े शहरों के उपयोगकर्ताओं के करीब रखा जाता है, जहां गति और विश्वसनीयता बिजली की सबसे कम लागत से ज्यादा मायने रखती है।
पश्चिम में प्रशिक्षण, तट के पास इन्फरेंस
इनर मंगोलिया और गांसू जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में पहले से ही क्लाउड या इंटरनेट सेवाओं के लिए बनाए गए विशाल सर्वर फार्म मौजूद हैं। नई व्यवस्था के तहत इन हॉलों का उपयोग बड़े भाषा मॉडल (LLMs) समेत मॉडल प्रशिक्षण के लिए किया जा रहा है। वे उच्च क्षमता वाले फाइबर नेटवर्क से तटीय शहरों से जुड़े हैं, जिससे प्रशिक्षित मॉडल के चेकपॉइंट तेजी से शंघाई, हांगझोउ, गुआंगझोउ और अन्य महानगरों के पास स्थित इन्फरेंस क्लस्टरों में कॉपी किए जा सकते हैं।
हुआवेई UB Mesh और क्लस्टर-स्तरीय शेड्यूलिंग
इस व्यवस्था को चलाने के लिए ऑपरेटरों को तेज़ इंटरकनेक्ट और ऐसे सॉफ्टवेयर की जरूरत है जो हजारों प्रोसेसरों के बीच तालमेल बिठा सके। UB Mesh को ऐसे नेटवर्क ढांचे के रूप में पेश किया जा रहा है जो अलग-अलग कमरों या स्थलों के एक्सेलेरेटरों के बीच संचार में लगने वाली अतिरिक्त क्षमता घटाता है। व्यावहारिक तौर पर इसका मतलब है कि उच्च प्रदर्शन वाली कंप्यूटिंग में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों, जैसे रिमोट डायरेक्ट मेमोरी एक्सेस और कलेक्टिव कम्युनिकेशन लाइब्रेरी, का उपयोग किया जाएगा। ये तकनीकें बहुत बड़े न्यूरल नेटवर्क को प्रशिक्षित करते समय कई चिपों के बीच तालमेल बनाए रखती हैं। इस नेटवर्क ढांचे के ऊपर काम करने वाले शेड्यूलर उन जगहों पर काम सौंप सकते हैं जहां बिजली उपलब्ध हो, सही चिपें खाली हों या अंतिम ग्राहक तक विलंबता सबसे कम हो।
सब्सिडी और चिप की कमी
वुहू एआई चिप खरीद के बिल पर 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रहा है। ऐसे स्थानीय अनुदान सर्वर रैक भरने की शुरुआती लागत घटाते हैं, तैनाती तेज करते हैं और ऑपरेटरों को घनत्व के लक्ष्य जल्दी हासिल करने में मदद करते हैं। वे घरेलू एक्सेलेरेटर और निर्यात नियंत्रण के दायरे में आने वाले नवीनतम विदेशी पुर्जों के बीच के अंतर का असर भी कम करते हैं।
हुआवेई और कैमब्रिकॉन जैसे घरेलू विक्रेता एक्सेलेरेटर और कंपाइलर सॉफ्टवेयर के जरिए यह अंतर कम करने की कोशिश कर रहे हैं। ऑपरेटरों को अब भी अलग-अलग पीढ़ियों के हार्डवेयर के मेल-जोल के साथ काम करना पड़ता है, जिससे प्रशिक्षण प्रक्रिया जटिल हो सकती है, खासकर जब मॉडल खरबों पैरामीटर तक पहुंच जाते हैं। इस दबाव ने एक छाया बाजार को बढ़ावा दिया है। पुनर्विक्रेताओं ने प्रतिबंधित Nvidia सिस्टम हासिल करके नियंत्रणों के बावजूद उन्हें चीन भेजने की कोशिश की है। वुहू स्थित एक बिचौलिये को ब्लैकवेल पीढ़ी के सर्वरों के ऑर्डर से जोड़ा गया है। Nvidia ने इस दावे को खारिज किया है कि मौजूदा नियमों के तहत ऐसे उपकरणों को चीन में बड़े पैमाने पर काम में लाया जा सकता है। कंपनी का तर्क है कि आपूर्ति शृंखलाओं, लाइसेंसिंग और सहायता संबंधी जरूरतों के कारण ये दावे अवास्तविक हैं।
किसे होगा फायदा
निकट भविष्य का लक्ष्य बड़े शहरों के कारोबारों को एआई इन्फरेंस तक तेज पहुंच देना है। बैंक कम विलंबता के साथ जोखिम जांच और धोखाधड़ी का पता लगा सकते हैं। खुदरा कंपनियां ऐसे सुझाव मॉडल लागू कर सकती हैं जो लगभग वास्तविक समय में अपडेट हों। शहरों की एजेंसियां यातायात नियंत्रण और बाढ़ की निगरानी के लिए कंप्यूटर विज़न का इस्तेमाल कर सकती हैं। मीडिया और डिजाइन कंपनियां कम देरी में तस्वीरें और वीडियो तैयार कर सकती हैं। स्टार्टअप हार्डवेयर खरीदने के बजाय प्रति घंटे के हिसाब से कंप्यूटिंग क्षमता किराए पर ले सकते हैं। अंतर्देशीय प्रशिक्षण केंद्रों को तटीय इन्फरेंस क्लस्टरों से जोड़कर यह नेटवर्क प्रयोगों और रोजमर्रा के संचालन, दोनों की जरूरतें पूरी करने की कोशिश करता है।
दूरसंचार कंपनियों को कनेक्टिविटी से आगे भी भूमिका मिलती है। उनके डेटा केंद्र एआई युग के प्रमुख किरायेदार बनते हैं। वे क्लाउड ग्राहकों को कंप्यूटिंग क्षमता और स्टोरेज बेचते हैं, साथ ही अंतर-शहर बैंडविड्थ मुहैया कराते हैं, जिससे मॉडल का तालमेल बना रहता है। स्थानीय सरकारों के लिए इस निर्माण से कामकाज के दौरान रोजगार और ऐसी डिजिटल सेवाओं का आधार मिलने की उम्मीद है जो क्षेत्र में नए तकनीकी कारोबार को आकर्षित करेंगी।
अमेरिकी स्टारगेट परियोजना से तुलना
चीन जहां कई मौजूदा हॉलों को साझा नेटवर्क में जोड़ने की चरणबद्ध योजना पर आगे बढ़ रहा है, वहीं अमेरिका स्टारगेट नामक परियोजना के तहत कई बहुत बड़े नए परिसरों को समर्थन दे रहा है। निवेशकों और ऑपरेटरों की देशभर में 500 अरब डॉलर तक खर्च करने की योजना है। रोडमैप में करीब 7 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता का लक्ष्य रखा गया है, जो लगभग सात बड़े परमाणु रिएक्टरों के उत्पादन के बराबर है। टेक्सास के एबिलीन में एक प्रमुख परिसर में 400,000 से अधिक GPU लगाने की योजना है। परियोजना के साझेदारों का कहना है कि निर्माण कार्य के चरम पर इस विस्तार से परिसर में लगभग 25,000 नौकरियां पैदा होंगी।
OpenAI के मुख्य कार्यकारी सैम ऑल्टमैन ने भविष्य में एआई की प्रगति और उसे सहारा देने वाले हार्डवेयर के बीच संबंध पर जोर देते हुए दांव को सीधे शब्दों में रखा। साझेदारों के साथ नए स्थलों की घोषणा करने से पहले उन्होंने उस बड़े पैमाने की जरूरत के बारे में खुलकर बात की, जिसकी आवश्यकता होगी।
एआई अपने वादे तभी पूरे कर सकता है जब जरूरी कंप्यूटिंग क्षमता का निर्माण किया जाए।
दोनों रणनीतियों का तरीका अलग है। अमेरिका एक ही परिसर में, एक ही दीवारों के भीतर सैकड़ों हजारों एक्सेलेरेटर रखने वाले विशाल नए केंद्रों पर दांव लगा रहा है। चीन कई पुराने और नए क्लस्टरों को जोड़ रहा है और फिर शेड्यूलिंग सॉफ्टवेयर तथा नए इंटरकनेक्ट के जरिए उन्हें एक बड़ी इकाई की तरह काम करा रहा है। अमेरिकी तरीका कुछ जगहों पर बिजली आपूर्ति, जमीन और पानी की सीमाओं को परखता है। चीनी योजना जोखिम और लागत को बांटती है, लेकिन कई स्थलों को एक ही प्रणाली की तरह चलाने की अतिरिक्त जटिलता स्वीकार करती है।
बिजली, कूलिंग और नेटवर्क
आधुनिक एआई क्लस्टर बहुत अधिक बिजली खींचते हैं और इतनी गर्मी पैदा करते हैं जिसे चौबीसों घंटे निकालना जरूरी है। वुहू के द्वीपीय स्थल को बिजली बाधित होने पर महत्वपूर्ण प्रणालियां चालू रखने के लिए नए सबस्टेशन, बिजली पारेषण लाइनें और बैकअप क्षमता चाहिए होगी। ज्यादातर प्रशिक्षण हॉल चिपों और मेमोरी से सीधे गर्मी निकालने के लिए लिक्विड कूलिंग पर निर्भर करते हैं। यह पुराने सर्वर कक्षों में आम एयर कूलिंग से अलग है। ऑपरेटर आसपास के जल स्रोतों या बंद-चक्र प्रणालियों की तलाश करेंगे, जिनसे पानी का इस्तेमाल कम हो, और वे विक्रेताओं पर रैक स्तर पर अधिक दक्षता देने का दबाव डालेंगे।
नेटवर्क भी उतना ही महत्वपूर्ण है। दूरस्थ प्रशिक्षण फार्मों को तटीय इन्फरेंस क्लस्टरों से जोड़ने के लिए कई टेराबिट क्षमता वाले फाइबर मार्ग, सैकड़ों किलोमीटर तक डेटा भेजने वाले ऑप्टिकल ट्रांसपॉन्डर और ऐसे स्विच चाहिए जो डेटा केंद्र के भीतर पूर्व-पश्चिम दिशा के ट्रैफिक को बिना रुकावट संभाल सकें। देशव्यापी नेटवर्क रखने वाली दूरसंचार कंपनियों को बढ़त हासिल है। वे वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध करा सकती हैं और ट्रैफिक प्रबंधन कर सकती हैं, ताकि रखरखाव या खराब मौसम के दौरान भी मॉडल अपडेट और चेकपॉइंट समय पर पहुंचें।
जोखिम, सुरक्षा और शासन
केंद्रीकरण से नियंत्रण और निगरानी बेहतर होती है, लेकिन जोखिम भी केंद्रित हो जाता है। अगर बहुत अधिक क्षमता कुछ ही नेटवर्क गलियारों पर निर्भर हो, तो सेवा बाधित होने या साइबर हमलों का असर कई क्षेत्रों में फैल सकता है। योजनाकारों का कहना है कि कई स्थलों को जोड़कर और वैकल्पिक मार्ग बनाकर व्यवस्था में अतिरिक्त क्षमता रखी गई है। साइबर सुरक्षा टीमों को मॉडल के वेट, ग्राहक डेटा और शेड्यूलिंग लेयर की सुरक्षा करनी होगी। बड़े कंप्यूटिंग संसाधनों पर नियंत्रण मिलने के बाद यह लेयर एक बड़ा निशाना बन सकती है।
कुछ व्यावहारिक सीमाएं भी हैं। एक ही पीढ़ी के हार्डवेयर के इर्द-गिर्द बने नए, एकल परिसर की तुलना में कई छोटे या पुराने हॉलों का इस्तेमाल प्रशिक्षण की दक्षता घटा सकता है। बिजली अनुबंध और ग्रिड की स्थिरता को विकास की रफ्तार के साथ कदम मिलाना होगा। खेती की जमीन के उपयोग में बदलाव समेत भूमि उपयोग के फैसलों पर जांच हो सकती है, अगर स्थानीय समुदायों को लगे कि उन्हें विस्थापित किया जा रहा है या खाद्य उत्पादन घट रहा है। मुआवजे, पर्यावरणीय प्रभाव और ग्रिड नियोजन में पारदर्शिता से ही जनता की स्वीकृति तय होगी।
आगे क्या
अभी काम वुहू में पहले हॉलों का विस्तार करने, उन्हें अंतर्देशीय प्रशिक्षण फार्मों से जोड़ने और विभिन्न स्थलों पर काम बांटने वाले सॉफ्टवेयर को अधिक मजबूत बनाने पर केंद्रित है। स्थानीय सरकारें शुरुआती किरायेदारों को क्षमता के लिए प्रतिबद्ध करने के लिए खरीद चक्रों को सब्सिडी की अवधि के साथ मिला रही हैं। दूरसंचार ऑपरेटर नए फाइबर मार्ग चालू कर रहे हैं और नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं, ताकि मॉडल के चेकपॉइंट प्रशिक्षण से तटीय शहरों के पास स्थित इन्फरेंस क्लस्टरों तक तेजी से पहुंच सकें।
इंजीनियर तीन बातों पर करीबी नजर रखेंगे। पहली, क्या UB Mesh और ऐसे ही नेटवर्क ढांचे कई हॉलों तक फैलाए जाने पर दावा किए गए फायदे दे पाते हैं। दूसरी, क्या घरेलू एक्सेलेरेटर, कंपाइलर और फ्रेमवर्क नवीनतम मॉडलों को स्वीकार्य दक्षता के साथ प्रशिक्षित और संचालित कर सकते हैं। तीसरी, क्या बिजली और कूलिंग की आपूर्ति रैक के बढ़ते घनत्व के साथ कदम मिला सकती है, बिना बिजली की कमी या पानी पर दबाव पैदा किए। इन मोर्चों पर प्रगति से तय होगा कि राष्ट्रीय नेटवर्क कितनी तेजी से बढ़ेगा और देशभर में एआई सेवाओं के विकास में कितना योगदान देगा।
मुख्य बातें
- चीन वुहू के 760 एकड़ के डेटा आइलैंड पर आधारित एक केंद्रीकृत एआई कंप्यूटिंग नेटवर्क बना रहा है। इसमें करीब 37 अरब डॉलर का निवेश है।
- यह नेटवर्क वुहू की सुविधाओं को उलानकाब, गुइझोउ और छिंगयांग जैसे स्थानों के अंतर्देशीय क्लस्टरों से जोड़ता है, ताकि प्रशिक्षण और इन्फरेंस का काम अलग-अलग हो सके।
- हुआवेई, चाइना मोबाइल, चाइना टेलीकॉम और चाइना यूनिकॉम प्रमुख ऑपरेटर हैं। हुआवेई क्लस्टरों को जोड़ने के लिए UB Mesh को बढ़ावा दे रही है।
- उन्नत विदेशी GPU पर निर्यात नियंत्रणों के बावजूद तैनाती तेज करने के लिए वुहू एआई चिप की खरीद पर 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रहा है।
- चीन का लक्ष्य मौजूदा एक्सेलेरेटरों का इस्तेमाल बढ़ाना और एकीकृत शेड्यूलिंग लेयर के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में अतिरिक्त कंप्यूटिंग क्षमता बेचना है।
- विश्लेषकों का अनुमान है कि वैश्विक एआई कंप्यूटिंग क्षमता का करीब 75 प्रतिशत अमेरिका के पास है, जबकि चीन के पास लगभग 15 प्रतिशत है।
- अमेरिकी स्टारगेट कार्यक्रम का लक्ष्य करीब 7 गीगावाट क्षमता और 500 अरब डॉलर तक का निवेश है। इसमें टेक्सास का वह परिसर भी शामिल है जिसे 400,000 GPU के लिए बनाया जा रहा है।
- OpenAI के मुख्य कार्यकारी सैम ऑल्टमैन का कहना है कि एआई से उम्मीदें पूरी करने के लिए पर्याप्त कंप्यूटिंग क्षमता बनाना जरूरी है।
- केंद्रीकरण से प्रमुख तटीय शहरों के उपयोगकर्ताओं के लिए विलंबता घटने और जुड़े हुए कई स्थलों पर वैकल्पिक क्षमता मिलने का वादा है।
- प्रमुख चुनौतियों में बिजली और कूलिंग की आपूर्ति, साइबर सुरक्षा, अलग-अलग स्थलों पर हार्डवेयर की विविधता तथा जमीन और पानी के इस्तेमाल पर सार्वजनिक जांच शामिल हैं।






