वैश्विक निवेशकों को टोक्यो की रियल एस्टेट में क्यों दिखती है संभावनाएं
स्थिर आय और वृद्धि की तलाश में निवेशक टोक्यो की रियल एस्टेट में बड़ी मात्रा में वैश्विक पूंजी लगा रहे हैं। कई निवेशकों की नजर में यह बाजार अब भी दुनिया की अन्य राजधानियों की तुलना में कम मूल्यांकित है। 2025 की पहली छमाही में जापान के सबसे बड़े शहरों में बेंचमार्क भूमि कीमतें बढ़ीं। इस उछाल को रिकॉर्ड विदेशी खरीदारी से बल मिला। वैश्विक स्तर पर टोक्यो के कार्यालय किराये अब भी तुलनात्मक रूप से कम हैं, डॉलर के मुकाबले येन कमजोर है और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर उधारी की लागत अब भी निचले स्तर के करीब है। इन कारकों के मेल ने कार्यालयों, बहु-परिवार आवासीय इमारतों, लॉजिस्टिक्स पार्कों, होटलों और उच्चस्तरीय कॉन्डोमिनियम में सीमा-पार पूंजी की लहर खींची है।
विषय-सूची
- वैश्विक निवेशकों को टोक्यो की रियल एस्टेट में क्यों दिखती है संभावनाएं
- तेजी से हो रही खरीदारी के पीछे क्या है?
- कार्यालय बाजार की वापसी और कंपनियों की संपत्ति बिक्री
- पूंजी कहां जा रही है
- लक्जरी संपत्तियों और केंद्रीय वार्डों में बढ़ती तेजी
- विदेशी खरीदारों के लिए खुला है कानूनी रास्ता
- वहनीयता को लेकर चिंता और नीतिगत बहस
- मोहल्लों में तनाव: अल्पकालिक किराये और पर्यटन
- तकनीक से टोक्यो की संपत्तियों में निवेश के नए रास्ते
- 2025 की संभावनाएं: वृद्धि के साथ अधिक चयनात्मक निवेश
- मुख्य बातें
गतिविधियों का पैमाना चौंकाने वाला है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने 2025 की पहली छमाही में जापानी संपत्तियों में करीब 1.14 ट्रिलियन येन लगाए, जिससे इसी अवधि में टोक्यो में सौदों का कुल मूल्य लगभग 13.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया। कई मापदंडों के अनुसार, टोक्यो और न्यूयॉर्क या लंदन के प्रतिफल के बीच का अंतर अब जापानी राजधानी के पक्ष में है। महामारी के बाद पट्टे की मांग में आई तेजी से शहर का बाजार अधिक प्रतिस्पर्धी हुआ है। इससे मूल्यांकन मजबूत बने रहे, जबकि अमेरिका और यूरोप के कुछ हिस्सों में वाणिज्यिक संपत्तियां पुनर्वित्त के दबाव से जूझ रही हैं।
इसी दौरान जापान के बाजार की पृष्ठभूमि भी मजबूत हुई है। जनवरी 2025 तक देशभर में भूमि की कीमतें 2.7 प्रतिशत बढ़ीं। यह लगातार चौथी वार्षिक वृद्धि थी और 1990 के दशक की शुरुआत के बाद सबसे मजबूत बढ़त। टोक्यो महानगरीय क्षेत्र में जनवरी में आवास मूल्य सूचकांक सालाना आधार पर 10.7 प्रतिशत चढ़ा। शहरी इलाकों की ओर लोगों के पलायन और वैश्विक कंपनियों में तेज भर्ती के सहारे, प्रमुख मोहल्लों में किराये के मकानों की अधिभोग दर 90 के ऊपरी स्तर से लेकर 100 प्रतिशत के करीब है। निवेशकों को यहां ऐसा बाजार दिखता है जिसमें तरलता है, किरायेदार भरोसेमंद हैं और अन्य बाजारों की तुलना में पिछड़ी वृद्धि पकड़ने की गुंजाइश है।
तेजी से हो रही खरीदारी के पीछे क्या है?
टोक्यो में निवेश की होड़ के पीछे तीन प्रमुख आधार हैं। पहला, प्रतिफल का अंतर आकर्षक है। अच्छी गुणवत्ता वाली संपत्तियों पर पूंजीकरण दरें घरेलू वित्तपोषण लागत से पर्याप्त ऊपर हैं और बैंक ऑफ जापान अल्पकालिक ब्याज दरों को अब भी बहुत निचले स्तर पर रखने का संकेत देता है। दूसरा, मुद्रा का उतार-चढ़ाव डॉलर और यूरो में निवेश करने वालों के पक्ष में है। कमजोर येन से संपत्ति खरीदने की प्रभावी कीमत घटती है और जब किराया येन में मिलता है, लेकिन उसकी रिपोर्ट विदेशी मुद्रा में होती है, तो रिटर्न को सहारा मिलता है। तीसरा, जापान का कानूनी और नियामकीय माहौल अनुमानित है। विदेशी खरीदार बिना किसी विशेष पाबंदी के फ्रीहोल्ड संपत्ति खरीद सकते हैं, जो एशिया में असामान्य है।
मॉर्गन स्टेनली रियल एस्टेट इन्वेस्टिंग में जापान के रियल एस्टेट कारोबार का नेतृत्व करने वाले यू कवामाता ने इस अवसर को व्यापक आर्थिक संदर्भ में रखा।
जापान की सकारात्मक व्यापक आर्थिक संभावनाओं को महंगाई और वेतन वृद्धि से बल मिल रहा है। नियामकीय बदलाव कंपनियों के व्यवहार को अधिक दक्षता की ओर ले जा रहे हैं और अनुकूल वित्तपोषण शर्तों के साथ प्रतिफल का अंतर आकर्षक है।
मांग को मजबूत बुनियादी कारकों का सहारा मिल रहा है। टोक्यो के 23 विशेष वार्डों में आवासीय किराये 2024 के अंत में सालाना आधार पर करीब 6 प्रतिशत बढ़े और कई केंद्रीय जिलों में अधिभोग दर लगभग 97 प्रतिशत है। 2025 की शुरुआत में देशभर में किराये की संपत्तियों का औसत प्रतिफल करीब 4.2 प्रतिशत था। टोक्यो की प्रमुख संपत्तियों पर आम तौर पर 3 से 4 प्रतिशत प्रतिफल मिलता है और खाली रहने की दर बहुत कम है। जापानी रियल एस्टेट सौदों में विदेशी पूंजी की हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पांच साल पहले लगभग 21 प्रतिशत थी। ई-कॉमर्स से जुड़ी लॉजिस्टिक्स संपत्तियों को आने वाली पूंजी का बड़ा हिस्सा मिल रहा है, जो स्थिर पट्टों और विस्तार की जरूरतों को दर्शाता है।
कार्यालय बाजार की वापसी और कंपनियों की संपत्ति बिक्री
टोक्यो का शीर्ष कार्यालय बाजार उबर रहा है। पांच केंद्रीय वार्डों में 2024 के अंत तक ग्रेड A कार्यालयों की खाली जगह करीब 3.4 प्रतिशत पर थी। टोक्यो स्टेशन और शिनागावा जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों के आसपास मांग नई आपूर्ति से आगे रही। प्रमुख कार्यालयों का औसत किराया लगभग 32,400 येन प्रति वर्ग मीटर प्रति माह तक पहुंच गया, जो एक साल पहले की तुलना में करीब 5 प्रतिशत अधिक है। किरायेदार हरित मानकों और स्मार्ट प्रणालियों से लैस नई इमारतों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जबकि बाहरी इलाकों में पुरानी संपत्तियों पर नवीनीकरण, किराये घटाने या लचीले इस्तेमाल के लिए मंजिलों का पुनर्गठन करने का दबाव है।
हाइब्रिड कामकाज ने मांग का स्वरूप बदला है, उसे खत्म नहीं किया। कुछ कंपनियों ने अपने मुख्यालय का क्षेत्र घटाया है और सैटेलाइट कार्यालयों तथा डिजिटल बैठक स्थलों में निवेश किया है। लेकिन कई कंपनियां कर्मचारियों को वापस आकर्षित करने और ग्राहकों से सीधे संपर्क रखने वाली टीमों का आधार बनाने के लिए अच्छी जगहों पर कार्यालय ले रही हैं। इससे प्रीमियम इमारतों को सहारा मिल रहा है और उनकी तथा दूसरे दर्जे की संपत्तियों के बीच अंतर बढ़ रहा है।
एक और उत्प्रेरक कंपनियों की संपत्तियों की लगातार बिक्री है। बड़ी घरेलू कंपनियां अपने मुख्य कारोबार से इतर संपत्तियां बेच रही हैं और ऐसी महंगी संपत्तियां बाजार में ला रही हैं जिन्हें वैश्विक फंड खरीदने के लिए उत्सुक हैं। वाहन निर्माता और शराब बनाने वाली कंपनियों जैसे जाने-माने नामों की बिक्री से बाजार में मांग वाली कार्यालय और मिश्रित उपयोग की संपत्तियां आई हैं। नतीजतन, ऐसे समय में संस्थागत स्तर के सौदों की पाइपलाइन गहरी हुई है जब पश्चिमी बाजारों में गतिविधियां धीमी हैं।
पूंजी कहां जा रही है
बहु-परिवार आवासीय संपत्तियां इस कहानी के केंद्र में हैं। 2024 में जापानी आवासीय संपत्तियों में विदेशी निवेश करीब 18 प्रतिशत बढ़कर लगभग 740 अरब येन हो गया। मध्य टोक्यो की किराये की इमारतों में अधिभोग दर आम तौर पर 90 के ऊपरी स्तर पर रहती है। लोकप्रिय एक-बेडरूम इकाइयों, जिनका क्षेत्रफल अक्सर 25 से 40 वर्ग मीटर होता है, का मांगा जाने वाला किराया औसतन करीब 150,000 येन प्रति माह है। प्रबंधकों की एक नई लहर इस क्षेत्र में विस्तार के लिए पूंजी जुटा रही है। एक उदाहरण ऐसा फंड है जिसने हाल ही में केंद्रीय वार्डों में करीब 700 इकाइयों वाली पांच अपार्टमेंट संपत्तियां खरीदी हैं और वैश्विक साझेदारों की मदद से और खरीदारी करने का लक्ष्य रखा है।
औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स रियल एस्टेट भी निवेशकों को आकर्षित कर रही है। कुछ अनुमानों के अनुसार, हाल के वर्षों में आई विदेशी पूंजी का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा गोदामों और उनसे जुड़ी सुविधाओं में गया है। यह जापान में ई-कॉमर्स के व्यापक उपयोग और बड़े शहरों के पास आधुनिक वितरण केंद्रों की जरूरत को दर्शाता है। ब्लैकस्टोन, जीआईसी और ईएसआर जैसे निवेशकों ने इन संपत्तियों में बड़ी रकम लगाई है। विदेशी पर्यटकों की वापसी के साथ होटल भी फिर निवेशकों की पसंद बन रहे हैं, खासकर टोक्यो, ओसाका और रिसॉर्ट क्षेत्रों में।
संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। मॉर्गन स्टेनली रियल एस्टेट इन्वेस्टिंग ने जापान के लिए समर्पित फंड को करीब 131 अरब येन पर बंद किया। यह उसका शुरुआती लक्ष्य पार कर गया और फंड ने आवासीय इमारतों में पूंजी लगाना भी शुरू कर दिया है। एक रिकॉर्ड सौदे में विदेशी खरीदार ने टोक्यो गार्डन टेरेस कियोइचो को करीब 2.6 अरब डॉलर में खरीदने पर सहमति जताई। एक अन्य वैश्विक कंपनी ने जापानी क्षेत्रीय संचालक के साथ मिलकर पूरे जापान में 3,000 से अधिक किराये की इकाइयां विकसित करने की साझेदारी की है। 5 अरब डॉलर से अधिक की पूंजी जुटाने वाली निवेश योजनाओं समेत एशिया की प्रमुख रणनीतियां जापान पर मुख्य रूप से ध्यान दे रही हैं। कुछ प्रबंधकों का अनुमान है कि कॉरपोरेट प्रशासन में सुधार से समय के साथ मुख्य कारोबार से इतर संपत्तियों की बिक्री 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है, जिससे निवेश योग्य सौदों का दायरा बढ़ेगा।
लक्जरी संपत्तियों और केंद्रीय वार्डों में बढ़ती तेजी
सबसे तेज बढ़ोतरी मध्य टोक्यो में दर्ज हुई है। 2021 से 23 वार्डों में कॉन्डो की कीमतें करीब 64 प्रतिशत उछली हैं, जो पूरे महानगरीय क्षेत्र की वृद्धि से कहीं अधिक है। 2024 में केंद्रीय वार्डों में नए कॉन्डो की औसत कीमत करीब 112 मिलियन येन से ऊपर निकल गई। मार्च 2025 में ग्रेटर टोक्यो का औसत कुछ समय के लिए करीब 104.9 मिलियन येन तक पहुंचा, लेकिन इकाइयों के मिश्रण में बदलाव के चलते अगले महीने इसमें कमी आई। पुराने अपार्टमेंट की कीमतें भी बढ़ीं। अप्रैल 2025 में इनकी औसत कीमत करीब 44.5 मिलियन येन रही, जो एक साल पहले की तुलना में 28 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
पुनर्विकास वाले इलाके सबसे आगे हैं। भूमि मूल्य सर्वेक्षणों में नाकानो और सुगिनामी जैसी जगहों पर दो अंकों में बढ़ोतरी दिखी है, जबकि शिबुया के साकुरा स्टेज जिले में कीमतें करीब 33 प्रतिशत बढ़ीं। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अधिकारी और दूसरे घर की तलाश में आए अमीर खरीदार शहर में लौट रहे हैं, जिससे लक्जरी इकाइयों की मांग तेजी से बढ़ी है। दाइकेनयामा जैसे मोहल्लों में 200 वर्ग मीटर से बड़े ऊंची मंजिल वाले अपार्टमेंट कम ही मिलते हैं और उनकी कीमतों का सात अंकों में डॉलर तक पहुंचना अब असामान्य नहीं है।
बिक्री में तेजी के साथ किराये भी बढ़े हैं। पिछले साल के अंत में 23 वार्डों में मध्यम कीमत वाली संपत्तियों के मांगे जाने वाले किराये करीब 6 प्रतिशत बढ़े, जबकि अच्छी जगहों पर स्थित इमारतों की खाली रहने की दर करीब 3 प्रतिशत है। 2024 में मध्य टोक्यो में नए कॉन्डो की आपूर्ति असामान्य रूप से कम रही। डेवलपर अधिक परियोजनाएं बाजार में लाने की योजना बना रहे हैं, लेकिन आने वाली आपूर्ति अब भी मांग से पीछे है। कई निजी खरीदार मिनातो, चियोदा और चुओ के गोल्डन ट्रायंगल से आगे निकलकर कोतो, सुमिदा, नाकानो और मेगुरो के उभरते लोकप्रिय इलाकों को देख रहे हैं।
विदेशी खरीदारों के लिए खुला है कानूनी रास्ता
जापान में अनिवासी खरीदारों के लिए संपत्ति के नियम सीधे-सादे हैं। विदेशी नागरिक नागरिकता, वीजा या विशेष अनुमति के बिना घर, जमीन और व्यावसायिक इमारतें खरीद सकते हैं। प्रक्रिया लगभग वैसी ही है जैसी घरेलू खरीदारों के लिए होती है। संपत्ति देखने और प्रस्ताव देने के बाद खरीदार आम तौर पर अनुबंध पर हस्ताक्षर कर जमा राशि देते हैं। इसके बाद वित्तपोषण तय होने और पंजीकरण पूरा होने पर सौदे का अंतिम निपटारा किया जाता है। लाइसेंस प्राप्त ब्रोकर और न्यायिक दस्तावेज लेखक अधिकांश कागजी काम संभालते हैं। सौदे आम तौर पर 60 से 90 दिनों में पूरे हो जाते हैं।
खरीद के शुरुआती खर्च आम तौर पर कीमत के 5 से 6 प्रतिशत तक होते हैं। इनमें ब्रोकरेज, पंजीकरण, कर और बीमा शामिल हैं। ज्यादातर कर सरकार द्वारा तय मूल्यांकन पर आधारित होते हैं, जो बाजार कीमत से कम हो सकते हैं। ऋण के मामले में बैंक विदेशी उधारकर्ताओं का आकलन अब केवल संपार्श्विक और निवास स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि आय और ऋण चुकाने की क्षमता के आधार पर भी कर रहे हैं। वैश्विक मानकों के अनुसार जापान में ऋण की दरें अब भी बहुत कम हैं, जो स्थानीय निवासियों और सीमा-पार खरीदारों, दोनों के निवेश गणित का अहम हिस्सा है।
वहनीयता को लेकर चिंता और नीतिगत बहस
कीमतें बढ़ने से प्रमुख वार्डों में संपत्ति के मूल्य और स्थानीय आय के बीच का अंतर बढ़ गया है। 2021 के बाद से तेज उछाल ने विदेशी खरीदारों की भूमिका पर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कुछ विपक्षी दलों ने सट्टेबाजी के मकसद से की गई खरीदारी को निशाना बनाने वाले खाली संपत्ति कर या अत्यधिक गर्म बाजार वाले जिलों में खरीद पर लक्षित सीमाओं जैसे उपाय सुझाए हैं। जापान में फिलहाल आवासीय संपत्तियों पर विदेशी स्वामित्व को लेकर लगभग कोई पाबंदी नहीं है। यह उन बाजारों से अलग है जहां विदेशी खरीदारों को मंजूरी लेनी पड़ती है या उन पर अतिरिक्त कर लगाया जाता है।
विदेशी खरीदारी के सटीक पैमाने से जुड़े विश्वसनीय आंकड़े सीमित हैं, लेकिन सर्वेक्षणों से संकेत मिलता है कि कई केंद्रीय वार्डों में नए कॉन्डो का एक हिस्सा, कभी-कभी 20 से 40 प्रतिशत तक, अनिवासी मालिकों को बेचा जाता है। घरेलू निवेशक भी सक्रिय हैं और शहरी संपत्तियों में पर्याप्त स्थानीय पूंजी का प्रवाह जारी है। राष्ट्रीय आबादी घटने के बावजूद टोक्यो की आबादी बढ़ रही है, जिससे मांग राजधानी में केंद्रित हो रही है। नीति निर्माताओं के सामने शहर को निवेश के लिए आकर्षक बनाए रखने और निवासियों के लिए वहनीयता की समस्या से निपटने के बीच संतुलन साधने की चुनौती है।
इसी समय, जापान में करीब 90 लाख खाली घर हैं, जिन्हें अकिया कहा जाता है। इनमें से कई ग्रामीण या उपनगरीय इलाकों में हैं, जहां रोजगार और सेवाएं दूर हैं। राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर की पहल इन संपत्तियों को दोबारा उपयोग में लाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अक्सर इनका अर्थशास्त्र चुनौतीपूर्ण साबित होता है, क्योंकि पुराने घरों के नवीनीकरण पर भारी खर्च आ सकता है। टोक्यो जैसे शहरी बाजार कई क्षेत्रीय कस्बों से अलग ढंग से काम करते हैं।
मोहल्लों में तनाव: अल्पकालिक किराये और पर्यटन
पर्यटन ने कुछ चुनिंदा जिलों में तेजी को और बढ़ाया है। असाकुसा के कामिनारिमोन इलाके में इस साल भूमि मूल्य करीब 29 प्रतिशत बढ़े और अब महामारी से पहले के स्तर से लगभग दोगुने हैं। विश्लेषक इस उछाल को पर्यटकों के लिए अल्पकालिक किराये की तेजी से बढ़ती संख्या और विदेशी पूंजी के प्रवाह से जोड़ते हैं। कुछ खरीदारों ने छोटी इमारतों और अपार्टमेंटों के लिए ऊंची कीमतें चुकाई हैं, जिन्हें पर्यटकों को फिर किराये पर दिया जा सकता है। उन्हें मौजूदा आय के गुणकों के बजाय ऊंचे अधिभोग पर भरोसा है।
अल्पकालिक किराये 2018 से कानूनी हैं। मई 2025 तक देशभर में करीब 32,000 संपत्तियां पंजीकृत थीं, जिनमें से एक-तिहाई से अधिक टोक्यो के 23 वार्डों में थीं। असाकुसा वाला ताइतो वार्ड में मई 2019 की तुलना में ऐसी लिस्टिंग करीब 80 प्रतिशत बढ़ी हैं। इस साल फरवरी और मार्च में जापानभर में लगभग 465,000 लोग अल्पकालिक किराये वाली संपत्तियों में ठहरे, जो एक साल पहले से करीब आधे अधिक थे। इनमें आधे से अधिक मेहमान विदेशी थे। राष्ट्रीयताओं के लिहाज से चीनी यात्रियों की हिस्सेदारी सबसे बड़ी थी।
इस तेजी से पर्यटन वाले गलियारों में किराये बढ़े हैं और स्थानीय निवासियों ने शोर तथा कचरा निपटान को लेकर शिकायतें की हैं। शहर के अधिकारी ऐसे लक्षित नियमों पर विचार कर रहे हैं जो शांत समय बनाए रखते हुए मेजबानों को यात्रा के व्यस्त मौसम में मांग पूरी करने दें। अल्पकालिक किराये से होने वाली आय पर निर्भर निवेशकों को नगर निगम के नियमों में किसी भी बदलाव पर नजर रखनी होगी।
तकनीक से टोक्यो की संपत्तियों में निवेश के नए रास्ते
डिजिटल वित्त जापानी रियल एस्टेट तक पहुंच का स्वरूप बदल रहा है। टोक्यो की एक कंपनी ओएसिस ब्लॉकचेन पर मध्य शहर की करीब 75 मिलियन डॉलर मूल्य की संपत्तियों को टोकन में बदलने की योजना बना रही है। इसके तहत ऐसे डिजिटल टोकन जारी होंगे जो इमारतों में आर्थिक हितों का प्रतिनिधित्व करेंगे। कंपनी की दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा 200 अरब डॉलर से अधिक की संपत्तियों को टोकन में बदलने की है, जो जापान के संपत्ति बाजार का करीब 1 प्रतिशत होगा। अनुपालन मानकों को पूरा करने के लिए वह लाइसेंस प्राप्त संस्थाओं और विदेशी विशेष प्रयोजन इकाइयों के साथ काम करेगी।
टोकनीकरण पहल का नेतृत्व कर रहे मुख्य कार्यकारी युशी सेकिनो ने कहा कि इसका लक्ष्य संपत्ति के स्वामित्व को डिजिटल बनाकर और शुल्क तथा कागजी कार्रवाई को सरल करके अनिवासी खरीदारों के लिए व्यावहारिक बाधाएं कम करना है।
हम जापानी रियल एस्टेट को दुनिया भर के निवेशकों के लिए सुलभ बनाने हेतु अगली पीढ़ी का निवेश ढांचा तैयार कर रहे हैं।
दुनियाभर में रियल एस्टेट का टोकनीकरण जोर पकड़ रहा है और जापान का परिष्कृत, नियम-आधारित बाजार इसके व्यापक इस्तेमाल के लिए उपयुक्त है। छोटे निवेशकों के लिए हिस्सों में निवेश के मॉडल पूरे आवासीय इकाई को खरीदे बिना टोक्यो की आय देने वाली संपत्तियों में निवेश का अवसर दे सकते हैं। बड़े संस्थानों के लिए टोकन आधारित प्रणाली निपटारे को तेज और वितरण को व्यापक बना सकती है। इन मॉडलों का विस्तार कितनी तेजी से होगा, यह उनके क्रियान्वयन की गुणवत्ता और निवेशक संरक्षण पर निर्भर करेगा।
2025 की संभावनाएं: वृद्धि के साथ अधिक चयनात्मक निवेश
कीमतों में वृद्धि जारी रहने की संभावना है, हालांकि इसकी रफ्तार धीमी होगी। कुछ निजी अनुमानों के अनुसार, पिछले साल 8 प्रतिशत की वृद्धि के बाद 2025 में टोक्यो की संपत्ति कीमतें 5 से 6 प्रतिशत बढ़ सकती हैं। डेवलपर कॉन्डो की शुरुआत बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन केंद्रीय वार्डों में आपूर्ति का मांग के बराबर पहुंचना अब भी मुश्किल है। शहरों की ओर पलायन जारी रहने और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में भर्ती से बाजार के लक्जरी हिस्से को समर्थन मिलने के कारण आवासीय संपत्तियों में अधिभोग दर ऊंची बनी रहनी चाहिए। कार्यालयों में परिवहन के निकट उच्च गुणवत्ता वाली इमारतों को पट्टे की मांग से सहारा मिलना चाहिए, जबकि पुरानी इमारतों को प्रतिस्पर्धा के लिए उन्नयन या नए सिरे से तैयार करने की जरूरत पड़ सकती है।
निर्माण के रुझान भविष्य में कमी की ओर संकेत करते हैं। 2024 में अधिकृत आवास निर्माण की शुरुआत करीब 1 प्रतिशत घटी और जनवरी 2025 में 4.6 प्रतिशत नीचे आई। यह संकेत है कि आने वाले समय में आपूर्ति में वृद्धि बढ़ती मांग को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाएगी। इससे कीमतों और किराये पर ऊपर की ओर दबाव पड़ सकता है, खासकर मध्य शहर में। वहीं, ई-कॉमर्स की वृद्धि पूरी करने के लिए लॉजिस्टिक्स डेवलपर टोक्यो और योकोहामा के आसपास प्रमुख गलियारों में क्षमता बढ़ा रहे हैं।
जोखिम बने हुए हैं। घरेलू ब्याज दरें तेजी से बढ़ीं तो विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने वाला प्रतिफल का अंतर कम हो सकता है, भले ही दरें वैश्विक तुलना में कम रहें। येन मजबूत होने से मुद्रा का अनुकूल असर घटेगा। अल्पकालिक किराये पर सख्त नियम कुछ संपत्तियों की नकदी प्रवाह को बदल सकते हैं। नीति निर्माता कुछ जिलों में विदेशी स्वामित्व को प्रभावित करने वाले उपायों पर भी फिर विचार कर सकते हैं। फिलहाल, तरलता, स्थिरता और किराये में वृद्धि टोक्यो की रियल एस्टेट के पक्ष में निवेश को सहारा दे रही हैं।
मुख्य बातें
- भारी विदेशी निवेश, कम ब्याज दरों और कमजोर येन के सहारे 2025 की पहली छमाही में जापान के प्रमुख शहरों में भूमि की कीमतें बढ़ीं।
- विदेशी निवेशकों ने पहली छमाही में करीब 1.14 ट्रिलियन येन लगाए और टोक्यो में लगभग 13.2 अरब डॉलर के सौदे हुए।
- प्रतिफल का आकर्षक अंतर, विदेशी खरीदारों के लिए फ्रीहोल्ड स्वामित्व की कानूनी खुली व्यवस्था और किराये की स्थिर मांग टोक्यो में पूंजी खींच रहे हैं।
- ग्रेड A कार्यालयों में खाली जगह करीब 3.4 प्रतिशत है। प्रमुख कार्यालयों के किराये बढ़ रहे हैं, जबकि पुरानी इमारतों पर नवीनीकरण का दबाव है।
- बहु-परिवार आवासीय और लॉजिस्टिक्स संपत्तियों में सबसे अधिक निवेश आ रहा है। बड़े फंडों ने जापान के लिए नए निवेश माध्यम बनाए और रिकॉर्ड सौदे किए।
- केंद्रीय वार्डों में सबसे तेज बढ़ोतरी हुई। 2024 में मध्य टोक्यो में नए कॉन्डो की औसत कीमत करीब 112 मिलियन येन रही और कीमतों का बढ़ना जारी है।
- प्रमुख इलाकों में वहनीयता बिगड़ने के साथ नीतिगत बहस तेज हो रही है, जबकि पर्यटन वाले इलाकों में अल्पकालिक किराये मोहल्लों में तनाव बढ़ा रहे हैं।
- नियमों का पालन करने वाली डिजिटल संरचनाओं के जरिए विदेशी निवेशकों तक पहुंच बनाने के लिए टोकनीकरण परियोजनाएं उभर रही हैं।
- अनुमानों के अनुसार 2025 में कीमतें 5 से 6 प्रतिशत बढ़ेंगी। ऊंची अधिभोग दर और सीमित नई आपूर्ति बाजार को सहारा देंगी।
- प्रमुख जोखिमों में ऊंची ब्याज दरें, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और अल्पकालिक किराये या कुछ खरीदार समूहों को प्रभावित करने वाले संभावित नियम बदलाव शामिल हैं।






