वैश्विक एथलेटिक्स की टोक्यो वापसी के बीच शहर सतर्क
जापान नेशनल स्टेडियम में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप शुरू होने के साथ टोक्यो में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। 34 साल बाद यह आयोजन शहर में लौट रहा है। शनिवार से 21 सितंबर तक नौ दिनों में करीब 200 टीमों के 2,000 से अधिक एथलीट बड़ी संख्या में जुटने वाले दर्शकों के सामने प्रतिस्पर्धा करेंगे। सम्राट नारुहितो और शाही परिवार के अन्य सदस्यों के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है। चैंपियनशिप में 67,000 से अधिक सीटों वाले स्टेडियम में खचाखच भरे शाम के सत्रों के साथ राजधानी में प्रमुख सड़क स्पर्धाएं भी होंगी। इससे लोगों की गहरी दिलचस्पी बढ़ी है और व्यापक सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है।
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पुलिस परिवहन केंद्रों, प्रशंसक क्षेत्रों और स्टेडियम की बाहरी परिधि के आसपास गश्त बढ़ा रही है। संदिग्ध वस्तुओं और व्यवहार पर विशेष नजर रखी जा रही है। निर्धारित क्षेत्रों में वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित होगी। स्टेडियम में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति को सुरक्षा जांच से गुजरना होगा, जहां बैग और अन्य सामान की तलाशी ली जाएगी। अधिकारियों को आयोजन स्थल के भीतर गलियारों और दर्शक क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए भी तैनात किया गया है। शहर की सड़कों पर होने वाली स्पर्धाओं के लिए अधिकारियों ने कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था बनाई है। इसमें मैराथन और रेस वॉक मार्गों पर निरीक्षण और खोजी कुत्ता दल शामिल हैं। यह एहतियात 2013 के बोस्टन मैराथन बम विस्फोट जैसी पिछली घटनाओं से मिले सबक से प्रभावित है।
हाल के हफ्तों में टोक्यो में भीषण गर्मी के जोखिम को कम करने के लिए आयोजकों ने कार्यक्रम में भी बदलाव किया है। पुरुषों और महिलाओं की 35 किलोमीटर रेस वॉक तथा दोनों मैराथन अब 30 मिनट पहले, सुबह 7:30 बजे शुरू होंगी। शुरुआती दिनों में तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता अधिक रहने का अनुमान है। स्थानीय आयोजन समिति ने इन बदलावों को स्वास्थ्य और सुरक्षा की प्राथमिकता बताया है। मैराथन मार्ग पर एथलीटों के लिए पानी के 185 केंद्र बनाए गए हैं। प्रतिभागियों और दर्शकों के लिए छायादार ढांचे, ठंडक देने वाले तंबू और चिकित्सा दल मौजूद रहेंगे। इस व्यवस्था के चलते सुरक्षा दलों को भी सुबह-सुबह कई स्थानों पर तैनात करने के तरीके में बदलाव करना पड़ा है।
नेशनल स्टेडियम के आसपास पुलिस की तैयारी
टोक्यो महानगरीय पुलिस विभाग ने नेशनल स्टेडियम के भीतर और आसपास, नजदीकी रेलवे स्टेशनों तथा दर्शकों को आयोजन स्थल तक पहुंचाने वाले रास्तों पर वर्दीधारी और सादे कपड़ों में अधिकारियों को तैनात किया है। शाम के सत्रों और प्रमुख फाइनल मुकाबलों से पहले भीड़ बढ़ने के अनुमान को ध्यान में रखते हुए प्रवेश जांच की कतारों की योजना बनाई गई है। सुरक्षा कर्मचारी स्टेडियम के नियम और शर्तें लागू करेंगे। इनमें टिकट स्कैनिंग से पहले जांच चौकियों पर बैग और निजी सामान की तलाशी शामिल है। सप्ताहांत के फाइनल और उद्घाटन समारोह के दिन, जब गणमान्य व्यक्ति मौजूद होंगे, दर्शकों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ सकता है।
प्रवेश द्वारों के बाहर, वाहनों को छोड़ने और लेने के निर्धारित स्थानों को खाली रखने तथा आपातकालीन पहुंच बनाए रखने के लिए यातायात प्रतिबंध लागू होंगे। पुलिस लोगों से लावारिस वस्तुओं की सूचना तुरंत देने की अपील कर रही है। स्टेडियम के पास पुलों और पैदल रास्तों पर स्वयंसेवक और व्यवस्था कर्मचारी लोगों की आवाजाही निर्देशित करेंगे, ताकि सत्र खत्म होने के बाद भीड़ न फंसे। गर्म मौसम में बड़ी भीड़ से जुड़ी गर्मी की बीमारी, ठोकर लगने और गिरने जैसी समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई के लिए चिकित्सा दल दर्शक दीर्घाओं के भीतर तैनात हैं।
सड़क स्पर्धाओं की सुरक्षा की खास चुनौतियां
मैराथन और रेस वॉक में सुरक्षा की स्थिति एक ही आयोजन स्थल पर होने वाली स्पर्धा से बिल्कुल अलग होती है। मार्ग कई किलोमीटर तक सार्वजनिक सड़कों पर फैला होता है और अलग-अलग इलाकों से गुजरता है, इसलिए कई स्तरों वाले उपाय जरूरी हैं। पुलिस एथलीटों के पहुंचने से पहले खोजी कुत्ता दलों के साथ मार्ग का निरीक्षण करेगी, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अवरोधक लगाएगी और तय चौराहों पर आर-पार के यातायात पर रोक लगाएगी। आम तौर पर शुरुआत और समापन क्षेत्र में स्टेडियम जैसी जांच और सुरक्षित परिधि होती है, जबकि मार्ग के बाकी हिस्सों में जगह के अनुसार अवरोधकों, बाड़ और निगरानी वाले दर्शक क्षेत्रों का इस्तेमाल किया जाता है।
सप्ताहांत की सड़क स्पर्धाएं अब सुबह 7:30 बजे शुरू होंगी, इसलिए सुरक्षा और चिकित्सा दल सूर्योदय से काफी पहले शहर भर में तैनात हो जाएंगे। योजना में गर्मी से बचाव के उपाय भी शामिल हैं। मैराथन मार्ग पर एथलीटों के लिए पानी के 185 केंद्र, टीम क्षेत्रों में अतिरिक्त फुहार और बर्फ तथा गर्मी के तनाव से निपटने के लिए चिकित्सा केंद्र होंगे। समन्वयक उन धूप वाले स्थानों पर भीड़ की सघनता पर नजर रखेंगे, जहां पुलिस और स्वयंसेवक दर्शकों को छायादार हिस्सों या आयोजन क्षेत्र में बने विश्राम तंबुओं की ओर भेज सकते हैं।
गर्मी, स्वास्थ्य और कार्यक्रम में बदलाव
टोक्यो ने सितंबर की शुरुआत में रिकॉर्ड गर्मी झेली है। औसत अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता अधिक रही। पिछले महीने हजारों निवासियों को लू लगने के कारण अस्पताल ले जाया गया था। यह याद दिलाता है कि पर्यावरण से जुड़े जोखिम खेल मैदान तक सीमित नहीं हैं। एथलेटिक्स आयोजक वेट बल्ब ग्लोब टेम्परेचर (डब्ल्यूबीजीटी) पैमाने का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें तापमान, आर्द्रता, हवा, सूर्य का कोण और बादलों की स्थिति को मिलाकर गर्मी के तनाव का आकलन किया जाता है। स्टेडियम और सड़क स्पर्धाओं में डब्ल्यूबीजीटी 25 डिग्री होने पर सावधानी बरती जाती है, 28 डिग्री पर गंभीर चेतावनी जारी होती है और 30 डिग्री या उससे अधिक को खतरनाक माना जाता है। इन्हीं सीमाओं के आधार पर शुरुआत के समय में बदलाव, मार्ग पर पानी की व्यवस्था और एथलीटों तथा प्रशंसकों के लिए ठंडक वाले क्षेत्रों की जगह तय की जाती है।
दौड़ के कार्यक्रम में बदलाव के अलावा, आयोजकों ने वार्म-अप ट्रैक और सार्वजनिक क्षेत्रों के पास विकिरण से ठंडक देने वाली सामग्री से बने छायादार तंबू लगाए हैं। स्वयंसेवक और कर्मचारी कलाई घड़ी जैसे उपकरण पहनेंगे, जो शरीर के अंदरूनी तापमान का अनुमान लगाकर जोखिम का स्तर बढ़ने पर चेतावनी देंगे। वहीं, प्राथमिक उपचार दल गर्मी से होने वाली बीमारी के शुरुआती लक्षणों पर नजर रखने के लिए दर्शक दीर्घाओं में गश्त करेंगे। स्टेडियम में सार्वजनिक उद्घोषणाओं और स्क्रीन के जरिए लोगों को पानी पीने, छायादार जगहों पर आराम करने और आयोजन स्थल के ठंडक केंद्रों का इस्तेमाल करने के लिए कहा जाएगा। ये स्वास्थ्य उपाय दर्शकों और प्रतिस्पर्धियों की सुरक्षा के साथ-साथ एक ही समय में बड़ी संख्या में चिकित्सा सहायता की मांग उठने की आशंका भी कम करते हैं, जिससे आयोजन का नियंत्रण केंद्र दबाव में आ सकता है।
विश्व एथलेटिक्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन कोए ने आउटडोर खेलों के सामने जलवायु से जुड़ी चुनौती पर खुलकर बात की है। चैंपियनशिप के दौरान गर्मी के जोखिम पर बोलते हुए कोए ने कहा कि व्यापक नीतियां नाकाम रहने पर भी महासंघ एथलीटों की सुरक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धियों को सुरक्षित रखने के लिए खेल नेतृत्व को एकतरफा फैसले लेने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा:






