2025 में चीन के शेयर बाजार की वापसी: नकदी, आशावाद और आगे की राह

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2025 में चीन के शेयर बाजार की वापसी: नकदी, आशावाद और आगे की राह

चीन के शेयर बाजार में वापसी: 2025 में तेजी को क्या दे रहा है बढ़ावा?

कई वर्षों की अस्थिरता और कमजोर प्रदर्शन के बाद, 2025 में चीन का शेयर बाजार उल्लेखनीय वापसी कर रहा है। बेंचमार्क CSI 300 सूचकांक अप्रैल के निचले स्तर से 15% से अधिक चढ़ चुका है और शंघाई कंपोजिट चार साल के उच्च स्तर के करीब पहुंच रहा है। यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब न तो कोई बड़ा नया प्रोत्साहन पैकेज आया है और न ही अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया गया है। इसके बजाय, घरेलू बाजार में पर्याप्त नकदी, परिवारों के निवेश के बदलते तौर-तरीके और लक्षित नीतिगत समर्थन का मेल चीन और विदेशों के निवेशकों में नए आशावाद को बढ़ावा दे रहा है।

विषय-सूची
  1. चीन के शेयर बाजार में वापसी: 2025 में तेजी को क्या दे रहा है बढ़ावा?
  2. चीनी शेयरों में अब तेजी क्यों आ रही है?
  3. सरकारी नीतियां बाजार को किस तरह आकार दे रही हैं?
  4. हांगकांग की भूमिका और दोहरी लिस्टिंग
  5. तेजी की अगुवाई कौन से क्षेत्र कर रहे हैं?
  6. क्या इस तेजी में जोखिम भी हैं?
  7. वैश्विक निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
  8. व्यापक अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर है?
  9. विशेषज्ञों की राय: क्या यह तेजी टिकाऊ है?
  10. संक्षेप में

2025 की शुरुआत में चीन के शेयर बाजार का पूंजीकरण 11 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े और प्रभावशाली शेयर बाजारों में शामिल हो गया। वैश्विक निवेशक, नीति निर्माता और विश्लेषक इस वापसी पर करीबी नजर रख रहे हैं, क्योंकि यह चीन की वित्तीय प्रणाली और आर्थिक परिदृश्य में व्यापक सुधार का संकेत हो सकती है।

चीनी शेयरों में अब तेजी क्यों आ रही है?

चीनी शेयरों में मौजूदा तेजी की खासियत इसकी शांत गति है। पिछली तेजी के दौरों के विपरीत, जिन्हें अक्सर सरकार के आक्रामक प्रोत्साहन या सट्टेबाजी की होड़ से बल मिला था, यह वापसी कई बुनियादी बदलावों पर टिकी है:

  • घरेलू बाजार में पर्याप्त नकदी: चीन के परिवारों के पास रिकॉर्ड स्तर की बचत है। यह कई वर्षों तक सावधानी से खर्च करने और महामारी के दौर की अनिश्चितता का नतीजा है। ब्याज दरें घट रही हैं और पारंपरिक बचत योजनाओं से बहुत कम रिटर्न मिल रहा है, ऐसे में बेहतर लाभ की तलाश में कई लोग शेयर बाजार का रुख कर रहे हैं।
  • मार्जिन ऋण में उछाल: शेयर खरीदने के लिए उधार ली जाने वाली रकम यानी मार्जिन ऋण 2015 के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। यह खुदरा निवेशकों की बढ़ती जोखिम लेने की इच्छा और भरोसे को दर्शाता है। चीन के बाजारों में रोजाना के कारोबार पर इन्हीं निवेशकों का दबदबा है।
  • कारोबार और खुदरा निवेशकों की भागीदारी में बढ़ोतरी: मुख्यभूमि के शेयर बाजारों में मासिक औसत कारोबार बढ़ रहा है और व्यक्तिगत निवेशकों के पसंदीदा छोटे कंपनियों के सूचकांक कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं। सिंडा सिक्योरिटीज को उम्मीद है कि 2025 की दूसरी छमाही में खुदरा निवेशकों का पैसा और तेजी से बाजार में आएगा। सरकार की पांच-वर्षीय विकास योजना को लेकर आशावाद और मुद्रा आपूर्ति में मजबूत वृद्धि से इसे बल मिल सकता है।
  • अतिरिक्त उत्पादन क्षमता और मूल्य युद्ध पर अंकुश लगाने के नीतिगत कदम: बीजिंग ने प्रमुख क्षेत्रों में अत्यधिक मूल्य प्रतिस्पर्धा और अतिरिक्त उत्पादन क्षमता पर अंकुश लगाने के कदम उठाए हैं। निवेशकों की नजर में ये प्रयास अपस्फीति का दबाव कम करने और कंपनियों की कमाई बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
  • अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों को लेकर बेहतर माहौल: व्यापक व्यापार समझौता अब भी दूर है, लेकिन शुल्क बढ़ाने की होड़ पर विराम और संबंधों में सुधार के संकेतों से निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा बढ़ी है।

शंघाई चेंगझोऊ इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य निवेश अधिकारी फू झिफेंग ने कहा,

कम ब्याज दरों, अच्छे निवेश विकल्पों की कमी और बाजार में अतिरिक्त नकदी के बीच, अधिक जोखिम लेने की इच्छा रखने वाले फंड धीरे-धीरे शेयरों में अपना निवेश बढ़ा रहे हैं। इस रुझान ने अभी गति पकड़नी शुरू की है और मुझे निकट भविष्य में इसके पलटने के कोई संकेत नहीं दिखते।

सरकारी नीतियां बाजार को किस तरह आकार दे रही हैं?

बीजिंग ने कोई बड़ा नया प्रोत्साहन पैकेज जारी नहीं किया है, लेकिन लक्षित नीतिगत समर्थन बाजार की वापसी में अहम भूमिका निभा रहा है। सरकार ने सरकारी बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड सहित बड़े वित्तीय संस्थानों को शेयरों में अपना निवेश बढ़ाने का निर्देश दिया है। चीन प्रतिभूति नियामक आयोग (CSRC) ने अब बड़ी सरकारी बीमा कंपनियों के लिए नई पॉलिसियों से मिलने वाले प्रीमियम का 30% चीन में सूचीबद्ध शेयरों में निवेश करना अनिवार्य कर दिया है। म्यूचुअल फंड से भी तीन वर्षों तक हर साल अपने शेयर निवेश में 10% की बढ़ोतरी की अपेक्षा है। इन उपायों से हर साल कम से कम 1 ट्रिलियन युआन घरेलू शेयरों में आ सकता है और मांग का एक स्थिर स्रोत मिल सकता है।

इसके अलावा, सरकार की “खपत बढ़ाने की कार्ययोजना” का लक्ष्य परिवारों की आय बढ़ाना, उनकी खर्च करने की क्षमता की रक्षा करना और प्रौद्योगिकी, उपभोक्ता वस्तुओं तथा सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों को समर्थन देना है। कारों और घरेलू उपकरणों जैसी महंगी वस्तुओं पर सब्सिडी के साथ सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने का मकसद मांग को प्रोत्साहित करना और ऐसा संपत्ति प्रभाव पैदा करना है, जिससे खपत और निवेश दोनों को सहारा मिले।

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नियामकीय मोर्चे पर, चीन के नैस्डैक-शैली के स्टार मार्केट ने बहाल किए गए नियमों के तहत घाटे में चल रही पहली कंपनी के आईपीओ को मंजूरी दी है। यह नवोन्मेषी, लेकिन घाटे में चल रही कंपनियों को नए समर्थन का संकेत है। इस कदम का उद्देश्य तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना और तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में पूंजी आकर्षित करना है।

हांगकांग की भूमिका और दोहरी लिस्टिंग

चीन के शेयर बाजार की वापसी से हांगकांग के पूंजी बाजारों को भी फायदा हो रहा है। मुख्यभूमि चीन और हांगकांग के नियामकों की नीतिगत प्रोत्साहन योजनाओं से ए-शेयर में सूचीबद्ध कंपनियों के हांगकांग में भी सूचीबद्ध होने के लिए आवेदन बढ़े हैं, खासकर प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में। हांगकांग एक्सचेंजेज एंड क्लियरिंग (HKEX) ने पात्र कंपनियों के लिए त्वरित समीक्षा प्रक्रिया शुरू की है और शहर खुद को हार्ड टेक तथा बायोटेक आईपीओ के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। 2025 का दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ—CATL की शेयर बाजार में शुरुआत—ने धन जुटाने के केंद्र के रूप में हांगकांग की नई जीवंतता को रेखांकित किया।

तेजी की अगुवाई कौन से क्षेत्र कर रहे हैं?

2025 में चीन के बाजार की बढ़त में प्रौद्योगिकी शेयर सबसे आगे हैं। प्रौद्योगिकी-केंद्रित STAR50 सूचकांक और सेमीकंडक्टर शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जो नवाचार और डिजिटल बदलाव को लेकर निवेशकों के उत्साह को दर्शाता है। अलीबाबा और टेनसेंट जैसी बड़ी चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल आया है। मजबूत कमाई और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में प्रगति के दम पर अलीबाबा के शेयर साल की शुरुआत से अब तक 70% चढ़े हैं, जबकि टेनसेंट में 30% की बढ़त हुई है।

iShares China Large-Cap ETF (FXI), जो FTSE China 50 Index को ट्रैक करता है, ने साल की शुरुआत से अब तक 26% से अधिक रिटर्न दिया है। यह S&P 500 जैसे अमेरिकी बेंचमार्क से काफी बेहतर है। इस प्रदर्शन के चलते कुछ वैश्विक निवेशक अमेरिकी शेयरों में अपना निवेश घटाकर चीन की ओर कर रहे हैं और प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाओं तथा दूरसंचार जैसे गतिशील क्षेत्रों में निवेश का अवसर तलाश रहे हैं।

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उपभोक्ताओं पर केंद्रित कंपनियों को भी सरकारी प्रोत्साहन और परिवारों की बढ़ती आय से लाभ मिल रहा है। 2025 की प्रोत्साहन योजना की घोषणा के बाद से उपभोक्ता क्षेत्र ने व्यापक बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया है। घरेलू उपकरणों, इलेक्ट्रिक वाहनों और पर्यटन में खास मजबूती दिखी है। उपभोक्ता वस्तुओं के लिए सरकार की पुराने उत्पाद के बदले नया उत्पाद लेने की योजना और बढ़ी हुई सब्सिडी से इन क्षेत्रों में मांग और बढ़ने की उम्मीद है।

क्या इस तेजी में जोखिम भी हैं?

सकारात्मक रुझान के बावजूद, इस तेजी के टिकाऊ होने को लेकर संदेह बना हुआ है। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि कंपनियों की कमाई और व्यापक आर्थिक संभावनाओं में ठोस सुधार के बिना यह बढ़त अस्थायी साबित हो सकती है। चीन की अर्थव्यवस्था अब भी कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है:

  • अपस्फीति का दबाव: लगातार कम महंगाई और उपभोक्ता मांग की कमजोरी कंपनियों के मुनाफे को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • संपत्ति बाजार में गिरावट: चीन में परिवारों की संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट में है। संपत्ति क्षेत्र की लगातार कमजोरी से उपभोक्ताओं का भरोसा घट सकता है।
  • सरकारी कर्ज और जनसांख्यिकी: स्थानीय सरकारों पर कर्ज का भारी बोझ और आबादी का बूढ़ा होना दीर्घकालीन ढांचागत जोखिम पैदा करता है।
  • भू-राजनीतिक तनाव: व्यापार विवाद और नियामकीय अनिश्चितताएं, खासकर अमेरिका-चीन संबंधों को लेकर, बाजार में अस्थिरता पैदा करती रहती हैं।

चैनसन एंड कंपनी के एक विश्लेषक ने कहा,

अलग-अलग क्षेत्रों के प्रदर्शन में अंतर से पता चलता है कि बाजार में अभी व्यवस्थित सुधार नहीं हुआ है। कमाई और आर्थिक संभावनाओं में ठोस सुधार के बिना इस तेजी के टिके रहने की संभावना कम है।

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इसके अलावा, बाजार में खुदरा निवेशकों का दबदबा बना हुआ है। रोजाना के कारोबार में व्यक्तिगत निवेशकों की हिस्सेदारी 70% है। संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है, लेकिन खुदरा कारोबार के हावी रहने से बाजार में उतार-चढ़ाव और सट्टेबाजी के झटके तेज हो सकते हैं।

वैश्विक निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?

चीन के शेयर बाजार की वापसी से वैश्विक पूंजी का प्रवाह नए सिरे से आकार ले रहा है। अमेरिका के शेयर बाजार में स्टैगफ्लेशन की आशंकाओं और व्यापार तनाव का दबाव है, ऐसे में निवेशक विकास के अवसरों के लिए चीन और अन्य उभरते बाजारों की ओर तेजी से देख रहे हैं। अमेरिकी शेयरों की तुलना में चीनी शेयर ऐतिहासिक रूप से कम मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं। कई प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियां बड़े पैमाने पर अपने शेयर वापस खरीद रही हैं, जो प्रबंधन के भरोसे का संकेत है।

विदेशी पूंजी चीनी शेयरों में लौटने लगी है। 2025 की पहली तिमाही में हांगकांग में सूचीबद्ध ग्रोथ शेयरों में 56 अरब डॉलर से अधिक का निवेश आया। FXI जैसे ETF अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को चीन की सबसे बड़ी और गतिशील कंपनियों में विविध निवेश का अवसर देते हैं, जिससे विदेशी बाजारों में अलग-अलग शेयर खरीदने की जटिलताओं से बचा जा सकता है।

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हालांकि, चीन में निवेश जोखिमों से मुक्त नहीं है। नियामकीय अनिश्चितताएं, कॉरपोरेट प्रशासन के मानकों में अंतर और मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव बाजार में अस्थिरता ला सकते हैं। निवेशकों के लिए विविधीकृत पोर्टफोलियो बनाए रखना और चीन के बाजारों को प्रभावित कर सकने वाले बाहरी कारकों पर सतर्क नजर रखना जरूरी है।

व्यापक अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर है?

शेयर बाजार की वापसी अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और फिर से गति देने की चीनी नीति निर्माताओं की व्यापक कोशिश का हिस्सा है। सरकार का ध्यान अब आपूर्ति पक्ष में निवेश से हटकर मांग पक्ष को समर्थन देने पर है। इसके लिए परिवारों की आय बढ़ाने, खपत को सहारा देने और नवाचार को बढ़ावा देने के उपाय किए जा रहे हैं। 2025 की सरकारी कार्य रिपोर्ट में लोगों के जीवन स्तर में सुधार, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालित ड्राइविंग तथा डिजिटल सेवाओं जैसे नए उद्योगों को समर्थन देने के महत्व पर जोर दिया गया।

मध्यम आय वाले परिवारों को संपत्ति और शेयर बाजार में स्थिरता से लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि चीन में परिवारों की कुल संपत्ति का 70% से अधिक हिस्सा रियल एस्टेट में है। गृह ऋण की ब्याज दरें घटाने, विकास के लिए खाली पड़ी जमीन अधिग्रहित करने और शेयरों में संस्थागत निवेश को प्रोत्साहित करने की नीतियां सकारात्मक संपत्ति प्रभाव पैदा करने और खर्च बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा हैं।

संतृप्त उद्योगों में जरूरत से ज्यादा निवेश रोकने और उभरते क्षेत्रों में टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए आपूर्ति पक्ष में भी सुधार किए जा रहे हैं। सरकार नए आर्थिक विकास इंजन तैयार करने के मकसद से पर्यटन, संस्कृति और विदेशों में चीनी ब्रांडों के विस्तार को बढ़ावा दे रही है।

विशेषज्ञों की राय: क्या यह तेजी टिकाऊ है?

सिटीग्रुप और गोल्डमैन सैक्स सहित बड़े बैंकों के बाजार रणनीतिकारों ने जोखिम को लेकर बेहतर होते माहौल और नीतिगत समर्थन का हवाला देते हुए चीनी शेयरों के प्रति अपना नजरिया बेहतर किया है। स्थानीय बीमा फंड और म्यूचुअल फंड अतिरिक्त स्थिरता दे रहे हैं। चाइना इंटरनेशनल कैपिटल के विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी अभी खत्म होने से दूर है, क्योंकि निवासी शेयरों में निवेश करने के लिए तेजी से तैयार हो रहे हैं।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार की वापसी को सचमुच टिकाऊ बनाने के लिए चीन की अर्थव्यवस्था की बुनियादी समस्याओं, जैसे परिवारों की आय में धीमी वृद्धि, रोजगार से जुड़ी चिंताओं और जनसांख्यिकीय बदलावों, से निपटना जरूरी है। रॉयटर्स के एक विश्लेषण में कहा गया,

इन प्रयासों का दीर्घकालीन असर सुनिश्चित करने के लिए चीन को व्यापक आर्थिक समस्याओं की जड़ तक जाना होगा। ऐतिहासिक रूप से खपत को शेयर बाजार ने नहीं, बल्कि परिवारों की आय और रोजगार ने बढ़ावा दिया है।

फिलहाल नकदी, नीतिगत समर्थन और निवेशकों के आशावाद का मेल चीनी शेयरों के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। चुनौती यह होगी कि इस बढ़त को कंपनियों की कमाई, आर्थिक विकास और परिवारों की संपत्ति में टिकाऊ सुधार में बदला जाए।

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संक्षेप में

  • चीन के शेयर बाजार ने 2025 में जोरदार वापसी की है और प्रमुख सूचकांक हाल के निचले स्तरों से दहाई अंकों में चढ़े हैं।
  • इस तेजी को घरेलू बाजार में पर्याप्त नकदी, परिवारों के शेयरों में बढ़ते निवेश और सरकार की लक्षित नीतियों से बल मिल रहा है।
  • प्रौद्योगिकी और उपभोक्ता क्षेत्र बढ़त की अगुवाई कर रहे हैं। अलीबाबा और टेनसेंट जैसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
  • हांगकांग के आईपीओ बाजार को भी फायदा हो रहा है। दोहरी लिस्टिंग बढ़ी है और नवोन्मेषी कंपनियों को नीतिगत समर्थन मिल रहा है।
  • आर्थिक चुनौतियों, संपत्ति बाजार की कमजोरी और भू-राजनीतिक तनावों सहित कई जोखिम अब भी बने हुए हैं।
  • कम मूल्यांकन और विकास की संभावनाओं से आकर्षित होकर वैश्विक निवेशक चीन में पूंजी लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें नियामकीय और बाजार जोखिमों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
  • इस तेजी का टिकाऊ रहना व्यापक आर्थिक सुधार, कंपनियों की बेहतर कमाई और नीतिगत समर्थन जारी रहने पर निर्भर करेगा।
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