परिचय: पूर्वी एशिया में मानवाधिकारों की समीक्षा
हाल की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों ने हांगकांग में मानवाधिकारों की स्थिति पर तीखी रोशनी डाली है। इनसे गिरावट का ऐसा रुझान सामने आया है, जो शहर को मुख्यभूमि चीन के दमनकारी मानकों के और करीब ले जा रहा है। इसके विपरीत, ताइवान नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा और उन्हें बढ़ावा देने में क्षेत्रीय अगुआ बना हुआ है। यह लेख ह्यूमन राइट्स मेज़रमेंट इनिशिएटिव (HRMI), स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों तथा विशेषज्ञों की टिप्पणियों के नवीनतम निष्कर्षों को समेटते हुए हांगकांग, चीन और ताइवान में मानवाधिकारों की मौजूदा स्थिति का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
विषय-सूची
- परिचय: पूर्वी एशिया में मानवाधिकारों की समीक्षा
- ह्यूमन राइट्स मेज़रमेंट इनिशिएटिव (HRMI) और उसके मानदंडों को समझना
- हांगकांग: आर्थिक सफलता से मानवाधिकारों के ह्रास तक
- शारीरिक अखंडता के अधिकार: मनमानी हिरासत और कानूनी सुरक्षा का क्षरण
- सशक्तीकरण के अधिकार: नागरिक समाज के लिए सिकुड़ती जगह
- कानूनी और प्रशासनिक दमन: प्रत्यक्ष उपायों से आगे
- चीन: दमन का मानक
- ताइवान: मानवाधिकारों में क्षेत्रीय अगुआ
- अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय प्रतिक्रियाएं: कार्रवाई की मांग
- व्यापक प्रभाव: क्षेत्र में अधिकारों का भविष्य
- सारांश
ह्यूमन राइट्स मेज़रमेंट इनिशिएटिव (HRMI) और उसके मानदंडों को समझना
ह्यूमन राइट्स मेज़रमेंट इनिशिएटिव (HRMI) न्यूज़ीलैंड स्थित एक संगठन है, जो 13 संकेतकों के आधार पर देशों के मानवाधिकार प्रदर्शन का आकलन करता है। ये संकेतक तीन मुख्य श्रेणियों में आते हैं:
- जीवन की गुणवत्ता से जुड़े अधिकार (जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास)
- शारीरिक अखंडता के अधिकार (जैसे मनमानी हिरासत, यातना और न्यायेतर हत्या से मुक्ति)
- सशक्तीकरण के अधिकार (जैसे अभिव्यक्ति, सभा, संगठन, सरकार में भागीदारी और धार्मिक स्वतंत्रता)
हर देश को 0 से 10 के पैमाने पर अंक दिए जाते हैं। अधिक अंक अधिकारों की बेहतर सुरक्षा दर्शाते हैं। HRMI की नवीनतम रिपोर्ट और एमनेस्टी इंटरनेशनल तथा स्थानीय मानवाधिकार समूहों के पुष्टिकारक शोध एक चिंताजनक रुझान दिखाते हैं: हांगकांग के अंक गिर रहे हैं, खासकर नागरिक और राजनीतिक स्वतंत्रताओं से जुड़े क्षेत्रों में।
हांगकांग: आर्थिक सफलता से मानवाधिकारों के ह्रास तक
हांगकांग लंबे समय से अपनी आर्थिक समृद्धि और उच्च जीवन स्तर के लिए जाना जाता रहा है। 2023 में यहां प्रति व्यक्ति GDP 50,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक था। हालांकि, हाल के वर्षों में शहर के मानवाधिकार रिकॉर्ड में तेज गिरावट आई है, खासकर 2020 में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू होने और इसके बाद 2024 में राष्ट्रीय सुरक्षा संरक्षण अध्यादेश पारित होने के बाद।
शारीरिक अखंडता के अधिकार: मनमानी हिरासत और कानूनी सुरक्षा का क्षरण
HRMI के अनुसार, शारीरिक अखंडता के अधिकारों के लिए हांगकांग का अंक अब 10 में से 7.4 है, जो सर्वेक्षण में शामिल 37 देशों में पांचवें स्थान पर है। यह अंक भले ही मध्यम लगे, लेकिन बारीकी से देखने पर गंभीर समस्याएं सामने आती हैं:
- मनमानी हिरासत: मनमानी हिरासत से मुक्ति के मामले में हांगकांग का अंक 4.7 से गिरकर 4.5 हो गया है, जो हालात बिगड़ने का संकेत है। यह उपश्रेणियों में सबसे कम अंक है और उचित कानूनी प्रक्रिया के बिना हिरासतों के बढ़ते चलन को दर्शाता है। ऐसी हिरासतों को अक्सर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर उचित ठहराया जाता है।
- यातना और दुर्व्यवहार: यातना से मुक्ति के मामले में शहर को 10 में से 6 अंक मिले हैं, जो “खराब” श्रेणी की ऊपरी सीमा पर है। हांगकांग में मृत्युदंड नहीं है और बड़े पैमाने पर जबरन गुमशुदगी की घटनाएं भी नहीं होतीं, लेकिन कठोर व्यवहार और डराने-धमकाने की तरकीबों का इस्तेमाल बढ़ा है।
HRMI के पूर्वी एशिया मामलों के प्रमुख पैट्रिक पून बताते हैं:
हांगकांग सरकार नियंत्रण को और कड़ा करने तथा गिरफ्तारियां जारी रखने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को बहाने के तौर पर इस्तेमाल कर रही है, ताकि लोगों में भय का माहौल बने।
विशेषज्ञों की सहमति है कि नागरिक और राजनीतिक अधिकारों के मामले में हांगकांग का समग्र प्रदर्शन लगातार बिगड़ रहा है और वहां की स्थिति तेजी से मुख्यभूमि चीन जैसी होती जा रही है।
सशक्तीकरण के अधिकार: नागरिक समाज के लिए सिकुड़ती जगह
सशक्तीकरण के अधिकारों में सभा, संगठन, अभिव्यक्ति और सरकार में भागीदारी की स्वतंत्रताएं शामिल हैं। हांगकांग में इन्हीं अधिकारों में सबसे नाटकीय गिरावट आई है। इस श्रेणी में शहर का कुल अंक महज 10 में से 2.4 है, जो चीन के 1.9 से थोड़ा ही अधिक है और दुनिया में सबसे कम अंकों में से एक है।
- सभा और संगठन की स्वतंत्रता: हांगकांग का अंक 2.5 है, जो इसे सबसे निचले पायदान के करीब रखता है। बड़े पैमाने पर होने वाले प्रदर्शनों और स्मृति आयोजनों, जैसे हर साल 4 जून को आयोजित होने वाली सतर्कता सभा, पर लगातार चार वर्षों से प्रभावी रूप से रोक लगी हुई है। पुलिस सार्वजनिक सभाओं के आवेदनों को हतोत्साहित करने के लिए अनौपचारिक तरीकों और पहले से की जाने वाली जांच का इस्तेमाल करती है, जिससे “मौन प्रतिबंध” की स्थिति बनती है।
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: इस मामले में अंक सिर्फ 2.7 है। मीडिया संस्थानों को बढ़ती सेंसरशिप, आत्म-सेंसरशिप और कानूनी धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने सार्वजनिक पुस्तकालयों से किताबें हटाई हैं, जानकारी तक पहुंच सीमित की है और अस्पष्ट राष्ट्रीय सुरक्षा आरोपों के तहत पत्रकारों पर मुकदमे चलाए हैं।
- राजनीतिक भागीदारी: 2.4 अंक के साथ सरकार में भागीदारी के मामले में हांगकांग का स्थान सबसे नीचे के करीब है। यह राजनीतिक प्रक्रिया से विपक्षी आवाज़ों के लगभग पूरी तरह बाहर होने को दर्शाता है।
- धार्मिक स्वतंत्रता: यह एकमात्र क्षेत्र है जिसमें हांगकांग चीन से काफी आगे है। यहां अंक 6.7 है, लेकिन इस क्षेत्र में भी राज्य के बढ़ते हस्तक्षेप को लेकर चिंता है।
कानूनी और प्रशासनिक दमन: प्रत्यक्ष उपायों से आगे
हांगकांग ह्यूमन राइट्स इन्फॉर्मेशन सेंटर की 2024 की रिपोर्ट बताती है कि सरकार असहमति को दबाने के लिए खुले कानूनी उपायों के साथ-साथ प्रशासनिक और तकनीकी साधनों का भी इस्तेमाल करती है:
- गैर-सरकारी संगठनों, पत्रकारों और नागरिक समाज समूहों को दबाने के लिए कर जांच, आयोजन स्थलों पर पाबंदियां और चुनिंदा कानून-प्रवर्तन जैसे प्रशासनिक उपाय अपनाए जाते हैं।
- चेहरे की पहचान और ऑनलाइन निगरानी सहित तकनीकी निगरानी का विस्तार हुआ है। सीमा-पार दमन के तहत विदेशों में रह रहे हांगकांग समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है।
- न्यायपालिका, जिसे कभी अधिकारों का मजबूत रक्षक माना जाता था, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में तेजी से हाशिये पर जा रही है। कानूनी सहायता और जनहित याचिकाओं के रास्ते में भी नई बाधाएं खड़ी हुई हैं।
नतीजतन, शहर के जीवंत नागरिक समाज पर लगातार दबाव है और कई संगठनों को या तो भंग होना पड़ा है या निर्वासन में काम करना पड़ रहा है।
चीन: दमन का मानक
चीन का मानवाधिकार रिकॉर्ड दुनिया में सबसे खराब रिकॉर्ड में शामिल है और HRMI के अंकों में वह लगातार वैश्विक रैंकिंग के सबसे निचले पायदान पर रहता है। शारीरिक अखंडता के अधिकारों के मामले में चीन का अंक 10 में से सिर्फ 2.3 है, जो व्यापक मनमानी हिरासत, यातना, जबरन गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं को दर्शाता है। सशक्तीकरण के अधिकारों की स्थिति भी उतनी ही खराब है और इस श्रेणी में अंक 1.9 है।
मानवाधिकार रक्षकों, पत्रकारों और कम्युनिस्ट पार्टी के आलोचकों को खास तौर पर खतरा है। उन्हें कारावास, उत्पीड़न और यहां तक कि हिंसा का सामना करना पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय उइगरों और तिब्बतियों जैसे जातीय अल्पसंख्यकों के साथ चीन के व्यवहार और हांगकांग में दमनकारी तरीकों के इस्तेमाल पर लगातार चिंता जताता रहा है।
ताइवान: मानवाधिकारों में क्षेत्रीय अगुआ
हांगकांग और चीन के बिल्कुल विपरीत, ताइवान पूर्वी एशिया में मानवाधिकारों की मिसाल बनकर उभरा है। HRMI की रिपोर्ट में शारीरिक अखंडता के अधिकारों के लिए ताइवान को 7.9 अंक मिले हैं, जो सर्वेक्षण में शामिल देशों में सबसे अधिक है। सशक्तीकरण के अधिकारों में उसे 7.3 अंक मिले हैं, और वह केवल कुक आइलैंड्स से पीछे है। ताइवान के ऊंचे अंकों के पीछे ये कारण बताए गए हैं:
- मृत्युदंड का इस्तेमाल नहीं: ताइवान ने हाल के वर्षों में किसी को मृत्युदंड नहीं दिया है और वह इसे समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
- नागरिक स्वतंत्रताओं का सम्मान: अभिव्यक्ति, सभा और संगठन की स्वतंत्रताओं को मजबूती से सुरक्षित रखा जाता है। मीडिया जीवंत है और नागरिक समाज संगठन सक्रिय हैं।
- राजनीतिक भागीदारी: लोकतांत्रिक चुनाव और खुली राजनीतिक प्रतिस्पर्धा सामान्य बात हैं और जनता की भागीदारी का स्तर ऊंचा है।
- धार्मिक स्वतंत्रता: इस श्रेणी में ताइवान को पूरे 10 अंक मिले हैं, जो उसके बहुलतावादी और सहिष्णु समाज को दर्शाता है।
HRMI के पूर्वी एशिया मामलों के प्रमुख जिया-वेई पैन कहते हैं:
ताइवान के ऊंचे अंक दिखाते हैं कि वहां ज्यादातर लोग राजनीतिक स्वतंत्रता और बुनियादी मानवाधिकारों का आनंद लेते हैं और अन्य देशों की तुलना में नागरिकों का सशक्तीकरण अपेक्षाकृत अधिक है।
पैन इसका श्रेय ताइवान के सफल लोकतंत्रीकरण और नियंत्रण एवं संतुलन की संस्थागत व्यवस्था को देते हैं। हालांकि, वह आगाह करते हैं कि डेटा की सीमाओं के कारण चीन के अंक वास्तविकता से ऊंचे हो सकते हैं, क्योंकि मुख्यभूमि से जानकारी हासिल करना अक्सर मुश्किल होता है।
अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय प्रतिक्रियाएं: कार्रवाई की मांग
हांगकांग में मानवाधिकारों के ह्रास पर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय पक्षों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है:
- एमनेस्टी इंटरनेशनल की 2024/2025 वैश्विक रिपोर्ट नागरिक गतिविधियों के लिए सिकुड़ती जगह के वैश्विक रुझान को रेखांकित करती है। इसमें हांगकांग को इस बात की प्रमुख मिसाल बताया गया है कि सरकारें दमन के बहाने के तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा का इस्तेमाल कैसे करती हैं।
- हांगकांग के स्थानीय मानवाधिकार समूहों ने विस्तृत सिफारिशें जारी की हैं और संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्थाओं को मजबूत करने का आग्रह किया है। वे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और राष्ट्रीय सुरक्षा संरक्षण अध्यादेश को रद्द करने तथा राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की भी मांग करते हैं।
- ताइवानी नागरिक समाज ने हांगकांग में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार लोगों के प्रवेश पर सख्त नियंत्रण की पैरवी की है और शरण या आश्रय चाहने वाले हांगकांगवासियों का समर्थन किया है।
दबाव के बावजूद, हांगकांग सरकार अपने कदमों को स्थिरता और व्यवस्था के लिए जरूरी बताती है। वहीं, आलोचकों का कहना है कि ये उपाय शहर की विशिष्ट पहचान और स्वतंत्रताओं को कमजोर कर रहे हैं।
व्यापक प्रभाव: क्षेत्र में अधिकारों का भविष्य
हांगकांग में मानवाधिकारों की दिशा का क्षेत्र और दुनिया पर महत्वपूर्ण असर पड़ेगा। शहर की स्वतंत्रताएं घटने के साथ, “एक देश, दो व्यवस्था” का वह ढांचा, जो कभी हांगकांग को मुख्यभूमि से अलग पहचान देता था, अब तेजी से महज दिखावा माना जा रहा है। नागरिक समाज, मीडिया और न्यायपालिका पर पड़ रहा भय का असर न केवल स्थानीय लोकतंत्र, बल्कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में शहर की हैसियत के लिए भी खतरा है।
इस बीच, ताइवान की मिसाल दिखाती है कि चीनी भाषी दुनिया में मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिकारों का सम्मान संभव है। दोनों समाजों के बीच अंतर और स्पष्ट होता जा रहा है। ताइवान की उपलब्धियां सत्तावादी मॉडल के सामने एक उम्मीद और चुनौती, दोनों पेश करती हैं।
सारांश
- हांगकांग में मानवाधिकारों की स्थिति तेजी से बिगड़ी है। मनमानी हिरासत, घटती स्वतंत्रताएं और कानूनी दमन सामान्य बात बन गए हैं।
- HRMI और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन नागरिक और राजनीतिक अधिकारों के मामले में हांगकांग को दुनिया के सबसे निचले पायदान के करीब रखते हैं। उसके अंक मुख्यभूमि चीन के स्तर के करीब पहुंच रहे हैं।
- चीन मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाले दुनिया के सबसे खराब देशों में बना हुआ है। वहां दमन व्यापक है और पारदर्शिता बहुत कम।
- ताइवान क्षेत्रीय अगुआ के रूप में उभरता है। शारीरिक अखंडता और सशक्तीकरण के अधिकारों में उसके ऊंचे अंक लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक स्वतंत्रताओं के प्रति सम्मान को दर्शाते हैं।
- हांगकांग में दमन से प्रभावित लोगों के समर्थन तथा निगरानी और जवाबदेही को मजबूत करने की मांग स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय पक्ष कर रहे हैं।
- क्षेत्र में अधिकारों का भविष्य सतर्क निगरानी, पैरवी और सत्तावादी अतिक्रमण के खिलाफ लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समाजों की तत्परता पर निर्भर करेगा।






