धाका में स्थानापन्न खिलाड़ी ने दिलाई निर्णायक सफलता
मोहम्मद इब्राहिम ने 69वें मिनट में गोल किया और बांग्लादेश ने गुरुवार, 5 नवंबर को धाका के नेशनल स्टेडियम में भूटान को 1-0 से हराया। इस तरह गोल करने के कई मौके गंवाने वाली निराशाजनक शाम के बाद उसने 2026 SAFF चैंपियनशिप अभियान की शुरुआत तीन अंकों के साथ की।
विषय-सूची
- धाका में स्थानापन्न खिलाड़ी ने दिलाई निर्णायक सफलता
- टोपु की चोट से आखिरी समय में बदली टीम
- बिश्वनाथ को आगे क्यों खिलाया गया
- गेंद पर कब्जे से दबाव बना, लेकिन निशाने पर कम शॉट लगे
- डूले ने आक्रमण में बदलाव किया, फिर इब्राहिम ने दिलाई जीत
- क्लब के मैच-विजेता ने बांग्लादेश के लिए छाप छोड़ी
- भूटान के कोच ने थकान और सीमित तैयारी की ओर इशारा किया
- उत्सवपूर्ण शुरुआत में 2003 की यादें
- अगला मुकाबला श्रीलंका से, हमज़ा के जुड़ने की उम्मीद
- मुख्य बिंदु
फोर्टिस एफसी के इस फॉरवर्ड ने बिश्वनाथ घोष की जगह मैदान में उतरने के कुछ ही देर बाद गोल किया। कोच थॉमस डूले ने डिफेंडर बिश्वनाथ को मुख्य स्ट्राइकर की अपरिचित भूमिका में उतारा था। ज़ाययान अहमद के क्रॉस और शमित शोम के हेडर से मौका बना। गेंद भूटान के एक डिफेंडर से लगकर उछली और इब्राहिम ने नजदीक से उसे गोल में पहुंचा दिया।
बांग्लादेश ग्रुप ए में शीर्ष पर पहुंच गया, जबकि भूटान दूसरे स्थान पर है और श्रीलंका ने अभी अपना अभियान शुरू नहीं किया है। हर टीम ग्रुप में दो मैच खेलेगी और शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। भूटान का सामना 8 नवंबर को श्रीलंका से होगा, फिर बांग्लादेश 11 नवंबर को इसी स्टेडियम में श्रीलंका से खेलेगा।
कम अंतर से मिली जीत ने मेजबान टीम की बार-बार सामने आई समस्या को दिखाया: बांग्लादेश गेंद को भूटान के गोल तक तो ले जा रहा था, लेकिन उसके हमले बार-बार गोल में नहीं बदल रहे थे। पहले हाफ में बांग्लादेश के पास 64 प्रतिशत समय गेंद रही और उसने 12 शॉट लगाए, जबकि भूटान ने चार शॉट लगाए। हालांकि, दोनों टीमों के दो-दो शॉट निशाने पर रहे।
इब्राहिम के गोल से बांग्लादेश को सभी प्रतियोगिताओं में भूटान पर 14वीं जीत मिली। दोनों टीमों के बीच पिछली भिड़ंत में बांग्लादेश ने एक साल पहले 2-0 से जीत हासिल की थी। इस बार एक गोल ही काफी रहा। गोलकीपर मेहदी हसन श्राबोन और डिफेंस ने भूटान को बराबरी का गोल नहीं करने दिया।
टोपु की चोट से आखिरी समय में बदली टीम
टोपु बर्मन को शुरुआती एकादश में कप्तान बनाया गया था और वह अपना 70वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने की तैयारी कर रहे थे। वार्म-अप के दौरान मांसपेशियों की समस्या, जिसे जांघ की चोट की वापसी बताया गया, के कारण उन्हें बाहर होना पड़ा। इससे डूले को मैच शुरू होने से कुछ ही देर पहले टीम की व्यवस्था बदलनी पड़ी।
सैयद काज़ेम शाह शुरुआती टीम में आए, जबकि तारिक काज़ी को तय रक्षात्मक मिडफील्ड भूमिका से हटाकर ज़िदान यूसुफ के साथ सेंटर-बैक में भेजा गया। जमाल भुइयां ने कप्तान की पट्टी संभाली और मिडफील्ड में शोम के साथ खेले।
डूले ने कहा कि टोपु को एक दिन पहले अभ्यास के दौरान मांसपेशियों में तकलीफ हुई थी, जो मैच की सुबह बढ़ गई। डिफेंडर को पहले लगा कि वह खेल सकेंगे, लेकिन वार्म-अप खत्म होने के करीब उन्होंने हटने का फैसला किया। कोच ने कहा कि वह खिलाड़ियों को मैदान पर उतारने से पहले कम से कम 80 प्रतिशत फिट देखना चाहते हैं, न कि इस उम्मीद में खिलाना कि वे शायद पूरा मैच खेल पाएं।
बांग्लादेश ने 4-2-3-1 फॉर्मेशन अपनाया: चार डिफेंडर, पीछे खेलने वाले दो मिडफील्डर, आक्रमण में मदद करने वाले तीन खिलाड़ी और एक मुख्य स्ट्राइकर। रकीब हुसैन और फैसल अहमद फहीम ने दोनों छोरों से चौड़ाई दी, जबकि बिश्वनाथ को सेंटर-बैक के बीच जगह बनाकर पेनल्टी क्षेत्र में आने वाले क्रॉस पर हमला करने की जिम्मेदारी दी गई।
बिश्वनाथ को आगे क्यों खिलाया गया
सितंबर और अक्टूबर में FIFA ASEAN कप अभियान के दौरान चोट के कारण बाहर रहने के बाद बिश्वनाथ अपना 48वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे थे। वह कई पोजिशन पर खेलने में सहज हैं, लेकिन राष्ट्रीय टीम के लिए इससे पहले कभी सेंटर-फॉरवर्ड के रूप में शुरुआत नहीं की थी।
उनका पोजिशन रिकॉर्ड इस बदलाव का पैमाना दिखाता है। वह राइट-बैक में 63, सेंटर-बैक में 34 और लेफ्ट-बैक में नौ मैच खेल चुके थे। इसके अलावा मिडफील्ड और आक्रमण की चार पोजिशन में कुल पांच मैच खेले थे। आक्रमण की अगुआई करना अलग चुनौती थी: गोल के पास बने कम समय के मौकों को सटीक फिनिश में बदलना।
डूले ने कहा कि बांग्लादेश के पास भरोसेमंद नंबर नौ नहीं है। फुटबॉल में मुख्य स्ट्राइकर को नंबर नौ कहा जाता है। उन्हें बिश्वनाथ की ऊर्जा, ताकत और उन भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने की तत्परता पसंद थी जहां शारीरिक टक्कर आम है। साद उद्दीन और तारिक का अपनी परिचित रक्षात्मक भूमिकाओं में अच्छा प्रदर्शन भी बिश्वनाथ के लिए दूसरी जगह तलाशने की वजह बना।
बिश्वनाथ ने अच्छे मौके बनाए। हाफ की शुरुआत में उन्होंने रकीब के क्रॉस पर हेडर लगाया, जो बाहर चला गया। करीब 25वें मिनट में कॉर्नर के बाद गेंद के लिए हुई छीना-झपटी में वह चूक गए और बाद में गोलकीपर की ओर बढ़ते हुए उनका शॉट निशाने से बाहर गया। उनकी मूवमेंट से मौके बने, लेकिन कोई भी गोल में नहीं बदला।
गेंद पर कब्जे से दबाव बना, लेकिन निशाने पर कम शॉट लगे
फहीम ने आठवें मिनट में भूटान के गोलकीपर ग्येल्तशेन ज़ांगपो की परीक्षा ली। डिफेंडर ने उनका पहला प्रयास रोक दिया, जिसके बाद विंगर ने दोबारा शॉट लगाया और ज़ांगपो को डाइव लगाकर बचाव करना पड़ा।
चार मिनट बाद शोम ने हेडर से खतरा पैदा किया, जो गोलकीपर के हाथों से फिसल गया। बिश्वनाथ के पहुंचने से पहले ज़ांगपो ने तेजी से संभलकर गेंद पकड़ ली। करीब 25वें मिनट में शोम ने एक और बचाव करने पर मजबूर किया। इससे मिले कॉर्नर पर बिश्वनाथ का वॉली शॉट बाहर चला गया।
जमाल ने भी दूर से कोशिश की, लेकिन 22वें मिनट में उनका ताकतवर शॉट क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया। हाफ टाइम से कुछ देर पहले जमाल के क्रॉस पर साद ने हल्का हेडर लगाया, जो गोल के सामने से गुजर गया।
पहले हाफ में बांग्लादेश ने भूटान के चार के मुकाबले 12 शॉट लगाए, लेकिन मेजबान टीम के केवल दो निशाने पर रहे, यानी लगभग हर छह में से एक। भूटान के कम शॉट में से दो निशाने पर थे। ये आंकड़े बताते हैं कि मैदान पर बढ़त के बावजूद बांग्लादेश दूसरी ओर से एक सटीक हमले के सामने क्यों कमजोर पड़ सकता था।
करीब 40वें मिनट में श्राबोन ने अहम बचाव करते हुए भूटान के मिडफील्डर पेमा ज़ांगपो को गोल नहीं करने दिया। कप्तान छेंचो ग्येल्तशेन ने आगे बढ़ने की भूटान की कोशिशों की अगुआई की। शुरुआती आधे घंटे के बाद मेहमान टीम का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने अपनी गति तथा मूवमेंट का इस्तेमाल किया।
डूले ने आक्रमण में बदलाव किया, फिर इब्राहिम ने दिलाई जीत
हाफ टाइम पर फहीम की जगह फहामेदुल इस्लाम आए, लेकिन बांग्लादेश ने शुरुआत में क्रॉस पर ही भरोसा बनाए रखा। भूटान ने अपने गोल के पास सघन रक्षात्मक घेरा बनाया, गेंद और गोल के बीच कई खिलाड़ियों को रखा और साफ-सुथरे फिनिश के लिए बहुत कम जगह छोड़ी।
बाद में डूले ने बिश्वनाथ और जमाल की जगह इब्राहिम और सोहेल राणा जूनियर को उतारा। मैच के मुख्य विवरणों में दोहरा बदलाव 65वें मिनट का बताया गया है, यानी निर्णायक गोल से चार मिनट पहले। एक अन्य विवरण इसे 63वें मिनट में हुआ बताता है और कहता है कि इसके बाद गोल जल्दी आया।
इब्राहिम का आना केवल एक स्ट्राइकर की जगह दूसरा स्ट्राइकर उतारना नहीं था, बल्कि पोजिशन में बदलाव का हिस्सा था। डूले ने कहा कि बिश्वनाथ थक चुके थे और बांग्लादेश को ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो गेंद पर कब्जा बनाए रखे, जबकि साथी खिलाड़ी आगे बढ़ें। इब्राहिम को नंबर दस की भूमिका दी गई, यानी मुख्य फॉरवर्ड के पीछे आक्रमणकारी मिडफील्डर की जगह। वहीं शोम गोल के करीब चले गए।
जीत के गोल वाले हमले में शोम ज़ाययान के क्रॉस पर गेंद लेने के लिए पेनल्टी क्षेत्र में पहुंचे। उनके हेडर से गेंद डिफेंडर से लगकर दिशा बदल गई और इब्राहिम को नजदीक से गोल करने का मौका मिला। अंतिम संपर्क को शॉट, वॉली और हेडर, तीनों तरह से बताया गया है, लेकिन निर्णायक गोल का श्रेय लगातार इब्राहिम को दिया गया।
गोल खाने के बाद भूटान ने अधिक खिलाड़ियों को आगे भेजा। बांग्लादेश ने मिडफील्ड में उनके हमले रोके, मोहम्मद रिदोय और रहमत मिया के जरिए और बदलाव किए तथा अतिरिक्त समय के पांच मिनट तक बढ़त बचाए रखी।
क्लब के मैच-विजेता ने बांग्लादेश के लिए छाप छोड़ी
इब्राहिम इससे पहले किर्गिस्तान के मुरास यूनाइटेड के खिलाफ फोर्टिस एफसी के लिए अहम गोल कर चुके थे, जिससे क्लब AFC चैलेंज लीग के ग्रुप चरण में पहुंचा। भूटान के खिलाफ उनके गोल ने करीबी मुकाबला तय करने की वही क्षमता राष्ट्रीय टीम के टूर्नामेंट के पहले मैच में भी दिखाई।
डूले ने इब्राहिम को ASEAN कप टीम में शामिल नहीं किया था, लेकिन कहा कि अभ्यास में अपने प्रदर्शन के दम पर फॉरवर्ड ने SAFF चैंपियनशिप के लिए जगह हासिल की। कोच ने बताया कि किसी नए देश में खिलाड़ियों की खूबियों को समझने में समय लगता है।
डूले ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इब्राहिम खुद गोल करने के बजाय साथी खिलाड़ी के लिए मौका बनाएंगे। हालांकि, इस बदलाव से उन्हें मनचाहा तालमेल मिला: ऐसा खिलाड़ी जो आक्रमण को जोड़ सके और शोम गोल के पास गेंद के लिए चुनौती देने की स्थिति में हो।
बांग्लादेश के अगले आक्रमणकारी बदलाव में पेनल्टी क्षेत्र में पहुंचने वाले खिलाड़ियों की संख्या अहम होगी। डूले ने कहा कि कभी-कभी मेजबान टीम के केवल एक या दो हमलावरों का सामना भूटान के सात या आठ डिफेंडरों से था। वह चाहते थे कि केंद्रीय मिडफील्डर और आक्रमणकारी मिडफील्डर अधिक बार आगे बढ़ें, ताकि क्रॉस के लिए टीम को ज्यादा निशाने मिलें और क्लियर की गई गेंद लेने के लिए भी अधिक खिलाड़ी मौजूद हों।
भूटान के कोच ने थकान और सीमित तैयारी की ओर इशारा किया
भूटान के कोच गैरी माइकल फिलिप्स ने कहा कि उन्हें अपने खिलाड़ियों के प्रयास पर गर्व है, खासकर पहले घंटे में, लेकिन उन्हें लगा कि मैच की अपर्याप्त तैयारी का असर आखिरकार दिखा। घरेलू लीग खत्म होने के बाद कुछ खिलाड़ियों ने छह से आठ हफ्तों तक कोई प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला था।
फिलिप्स ने कहा कि पूरी टीम को एक साथ जुटाना मुश्किल रहा। उन्होंने यह भी बताया कि बांग्लादेश की तुलना में भूटान के पास विकल्प के तौर पर कम खिलाड़ी थे। भूटान की योजना संगठित डिफेंस के जरिए ऊर्जा बचाने और मौके मिलने पर हमला करने की थी, लेकिन थकान के कारण इस रणनीति को लंबे समय तक बनाए रखना कठिन हो गया।
कोच का मानना था कि उनकी टीम जीत का गोल बेहतर तरीके से रोक सकती थी। उन्हें लगा कि थोड़ी बेहतर किस्मत साथ देती तो भूटान भी गोल कर सकता था। हालांकि, उन्होंने माना कि थके पैरों के साथ बराबरी के गोल के लिए कोशिश करना आखिरी 15 मिनट में खास तौर पर मुश्किल हो गया।
फिलिप्स के मुताबिक, भूटान के कई खिलाड़ियों की मांसपेशियों में ऐंठन हुई। डूले ने कहा कि दूसरे हाफ में बांग्लादेश के खिलाड़ियों को भी ऐंठन हुई। पहले हाफ में साद उद्दीन से टकराने के बाद भूटान के एक खिलाड़ी को एम्बुलेंस से स्टेडियम से ले जाया गया। अलग-अलग विवरणों में घायल खिलाड़ी और चोट लगने की जगह के बारे में अलग जानकारी है; बाद में उनकी चिकित्सा स्थिति पर कोई अपडेट नहीं दिया गया।
अब भूटान के पास 8 नवंबर को श्रीलंका से खेलने से पहले पूरे दो दिन आराम का समय है। फिलिप्स ने कहा कि रिकवरी प्राथमिकता होगी, क्योंकि श्रीलंका उस मैच में तरोताजा उतरेगा, जबकि उनके खिलाड़ी पहले मैच की कड़ी मेहनत के बाद लौटेंगे।
उत्सवपूर्ण शुरुआत में 2003 की यादें
नेशनल स्टेडियम में करीब एक घंटे तक उद्घाटन समारोह चला। बांग्लादेश और भूटान के मैच से पहले आतिशबाजी, लेजर शो और डीजे संजय देव का संगीत कार्यक्रम हुआ। दर्शकों की संख्या के अनुमान करीब 8,000 से 10,000 के बीच रहे।
युवा एवं खेल राज्य मंत्री अमिनुल हक ने मैच शुरू होने से कुछ देर पहले ट्रॉफी का अनावरण किया। उनकी मौजूदगी ने समारोह को बांग्लादेश के पिछले SAFF खिताब से जोड़ा: वह 2003 में घरेलू मैदान पर चैंपियन बनी टीम के गोलकीपर थे।
23 साल बाद बांग्लादेश घरेलू मैदान पर एक और खिताब जीतने की कोशिश कर रहा है। यह जीत ASEAN कप के निराशाजनक अभियान के बाद आई, जिसमें इंडोनेशिया से 9-0 की हार भी शामिल थी। गोल करने में असमानता बनी रहने के बावजूद मेजबान टीम को यह नतीजा राहत देने वाला रहा।
उद्घाटन दिन के पहले मैच में गत चैंपियन भारत ने ग्रुप बी में पाकिस्तान को 3-2 से हराया। भारत ने 32वें मिनट तक 3-0 की बढ़त बना ली थी, फिर स्टॉपेज टाइम में दो गोल खाए, लेकिन जीत बचा ली। इस तरह छह टीमों के टूर्नामेंट की शुरुआत दो करीबी जीतों से हुई, हालांकि दोनों मैचों का मिजाज काफी अलग था।
अगला मुकाबला श्रीलंका से, हमज़ा के जुड़ने की उम्मीद
FIFA का अंतरराष्ट्रीय मैचों का निर्धारित समय शुरू नहीं होने के कारण हमज़ा चौधरी भूटान के खिलाफ मैच में नहीं खेल सके। 9 से 17 नवंबर तक तय यह अवधि राष्ट्रीय टीमों के फुटबॉल के लिए रखी जाती है, जब क्लब खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी के लिए छोड़ते हैं। इसके शुरू होने के बाद उनके बांग्लादेश टीम से जुड़ने की उम्मीद थी।
उनके संभावित रूप से टीम में शामिल होने से पहले 11 नवंबर को श्रीलंका के खिलाफ मैच होगा, हालांकि उसमें उनकी भागीदारी की पुष्टि नहीं हुई थी। बांग्लादेश पहले 8 नवंबर को भूटान और श्रीलंका का मुकाबला देखेगा। इस मैच का नतीजा ग्रुप ए की अंतिम स्थिति तय करने में मदद करेगा।
आगे का कार्यक्रम:
- 5 नवंबर: बांग्लादेश ने ग्रुप ए के अपने पहले मैच में भूटान को 1-0 से हराया।
- 8 नवंबर: ग्रुप के दूसरे मुकाबले में भूटान का सामना श्रीलंका से होगा।
- 9 नवंबर: FIFA का अंतरराष्ट्रीय मैचों का निर्धारित समय शुरू होगा। इसके बाद हमज़ा के बांग्लादेश से जुड़ने की उम्मीद है।
- 11 नवंबर: ग्रुप चरण के आखिरी मैच में बांग्लादेश का सामना नेशनल स्टेडियम में श्रीलंका से होगा।
तीन अंक बांग्लादेश को उस ग्रुप में अच्छी शुरुआत देते हैं जहां हर टीम केवल दो मैच खेलेगी। अगले मैच से पहले डूले के सामने व्यावहारिक चुनौती भूटान के खिलाफ बने मौकों को अधिक सटीक फिनिश में बदलने की है, साथ ही उस रक्षात्मक व्यवस्था को बनाए रखना भी, जिसने इब्राहिम के निर्णायक गोल की बढ़त बचाई।
मुख्य बिंदु
- मोहम्मद इब्राहिम ने निर्णायक गोल किया और बांग्लादेश ने 5 नवंबर को धाका में भूटान को 1-0 से हराया।
- बांग्लादेश के पास 64 प्रतिशत समय गेंद रही और उसने पहले हाफ में 12 शॉट लगाए, लेकिन हाफ टाइम तक गोल नहीं कर सका।
- टोपु बर्मन वार्म-अप के दौरान हट गए और जमाल भुइयां ने कप्तानी संभाली।
- डूले ने डिफेंडर बिश्वनाथ घोष को सेंटर-फॉरवर्ड के रूप में शुरुआत कराई और बाद में उनकी जगह इब्राहिम को उतारा।
- भूटान के कोच गैरी माइकल फिलिप्स ने थकान और प्रतिस्पर्धी मैचों की कमी का जिक्र किया।
- भूटान 8 नवंबर को श्रीलंका से खेलेगा; बांग्लादेश का सामना 11 नवंबर को श्रीलंका से होगा।
- ग्रुप ए की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।






