गूगल ने शीर्ष एआई स्कोर और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए सीमित पहुंच के साथ Gemini 4 Carbon पेश किया

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Google unveils Gemini 4 Carbon with top AI score and restricted access for cyber defenders

स्कोरबोर्ड पर नया अग्रणी, लेकिन पहुंच सीमित

गूगल ने Gemini 4 Carbon की घोषणा की है। यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल Artificial Analysis Intelligence Index v5.0 में 59 अंक पर रहा और सॉफ्टवेयर की कमजोरियां खोजने, उनकी जांच करने और उन्हें ठीक करने में अच्छे नतीजे दर्ज किए। इसके शुरुआती उपयोगकर्ताओं में आम जनता के बजाय चुनिंदा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ होंगे।

विषय-सूची
  1. स्कोरबोर्ड पर नया अग्रणी, लेकिन पहुंच सीमित
  2. साइबर सुरक्षा के स्कोर क्या मापते हैं
  3. पहला स्थान हर काम में जीत नहीं
  4. एक बार जवाब देने के बजाय कई दिन काम करना
  5. सुरक्षा परीक्षणों में कोशिश और सफल धोखाधड़ी अलग-अलग मापी जाती हैं
  6. आंतरिक परीक्षणों में विश्वसनीयता बेहतर, लेकिन एक बाहरी माप बिगड़ा
  7. पहुंच किसे और किस क्रम में मिलेगी?
  8. डेवलपरों के लिए Carbon की कीमत
  9. मुख्य बिंदु

कंपनी की Gemini 4 Carbon की घोषणा, जो 28 अक्टूबर 2026 की है, इस सामान्य क्षमता सूचकांक में मॉडल को Claude Opus 5.5 और GPT-6 Astra से आगे रखती है। यह लॉन्च Gemini 4 Argon के महज दो हफ्ते बाद हुआ है। इस तरह गूगल ने एक और प्रमुख मॉडल पेश कर दिया, जबकि कई उपयोगकर्ताओं को इसके पिछले मॉडल के साथ ज्यादा वक्त नहीं मिला है।

गूगल डीपमाइंड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और गूगल के मुख्य एआई वास्तुकार कोराय कावुक्चुओग्लू ने मॉडल की प्रमुख क्षमताओं का वर्णन किया:

Gemini 4 Carbon साइबर सुरक्षा और लंबी अवधि के कामों में अत्याधुनिक क्षमताओं वाला हमारा सबसे मजबूत मॉडल है।

गूगल का कहना है कि उसकी आंतरिक टीमों ने Carbon को कठिन इंजीनियरिंग कामों पर कई दिनों तक काम करते देखा है। इनमें सॉफ्टवेयर की बड़ी परियोजनाओं में छिपी बारीक खामियां ढूंढना और उनके लिए सुधार तैयार करना शामिल है। सुरक्षा टीमों के लिए यह एक ऐसे सहायक का वादा है जो बार-बार नाकाम कोशिशों के बाद भी समस्या पर काम करता रहे, न कि बस एक जवाब सुझाकर रुक जाए।

Carbon का लॉन्च एक व्यावहारिक दुविधा भी सामने लाता है। सॉफ्टवेयर की कमजोरियां खोजने और उनका फायदा उठाने की क्षमता रक्षकों को सिस्टम दुरुस्त करने में मदद कर सकती है, लेकिन हमलावरों को भी उपयोगी क्षमताएं दे सकती है। गूगल इसे जारी करने से पहले अमेरिका सरकार की स्वैच्छिक जांच प्रक्रिया में हिस्सा ले रहा है और अपने Fairwind Program के जरिए धीरे-धीरे पहुंच बढ़ाएगा।

नतीजों को एक साथ देखने पर तस्वीर सबसे साफ होती है: Carbon व्यापक बुद्धिमत्ता सूचकांक और कई सुरक्षा परीक्षणों में आगे है, फिर भी कोडिंग के कुछ कामों में प्रतिस्पर्धियों से पीछे है। गूगल के आंतरिक परीक्षणों में विश्वसनीयता में सुधार दिखता है, लेकिन एक बाहरी जांच में इसके गढ़े हुए जवाब देने की दर Argon की तुलना में बढ़ी है।

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साइबर सुरक्षा के स्कोर क्या मापते हैं

गूगल ने सुरक्षा के तीन प्रमुख नतीजे बताए हैं: SEC-bench Pro में 88.2%, ExploitGym में 54.8% और Collinear के CWE-bench में 71.0%। इनमें से हर एक रक्षक के काम के अलग पहलू को मापता है।

SEC-bench Pro जांचता है कि कोई मॉडल वास्तविक सॉफ्टवेयर में कमजोरियां ढूंढ सकता है या नहीं। कमजोरी ऐसी खामी है जिससे कोई व्यक्ति जानकारी तक पहुंच सकता है, सिस्टम में बदलाव कर सकता है या उसका काम बाधित कर सकता है। गूगल का कहना है कि Carbon सॉफ्टवेयर में छिपी जटिल खामियों का पता लगाकर इस मूल्यांकन में आगे है।

ExploitGym अगला कदम परखता है: किसी कमजोरी को काम करने वाले एक्सप्लॉइट में बदलना। एक्सप्लॉइट वह तरीका है जिससे किसी खामी का उपयोग कर सिस्टम से अनचाहा काम कराया जाता है। सुरक्षा टीमें नियंत्रित तरीके से एक्सप्लॉइट का इस्तेमाल करके जांचती हैं कि कौन-सी कमजोरियां तुरंत खतरा पैदा करती हैं और उन्हें पहले ठीक करना चाहिए।

CWE-bench पैचिंग को मापता है, यानी ऐसी कोडिंग जो समस्या को मूल रूप से ठीक करे। Carbon का 71.0% स्कोर इस बात पर जोर देता है कि मॉडल संदिग्ध कोड की ओर इशारा भर नहीं करता, बल्कि उसकी मरम्मत भी करता है।

गूगल का कहना है कि ये बाहरी साइबर सुरक्षा बेंचमार्क बिना सुरक्षा प्रतिबंधों के चलाए गए। यानी तैनात मॉडल के काम सीमित रखने वाले सुरक्षात्मक नियंत्रण इन मूल्यांकनों के दौरान सक्रिय नहीं थे। इनके स्कोर उन परीक्षण परिस्थितियों में प्रदर्शन बताते हैं; गूगल के उत्पादों के जरिए पहुंच में सुरक्षा नियंत्रण शामिल होंगे।

गूगल का यह भी कहना है कि आंतरिक बेंचमार्क में सुरक्षित कोड तैयार करने में Carbon की सफलता दर Argon से दोगुने से भी अधिक है। कंपनी की Chrome टीम के मुताबिक, Carbon ने एक अनाम प्रतिस्पर्धी प्रयोगशाला के बड़े फ्रंटियर मॉडल की तुलना में उच्च गुणवत्ता वाले पैच बनाने में 10 गुने से अधिक बेहतर प्रदर्शन किया। सुरक्षित कोड से जुड़े इन आंतरिक नतीजों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और गूगल ने तुलना में प्रतिद्वंद्वी मॉडल का नाम नहीं बताया।

पहला स्थान हर काम में जीत नहीं

Artificial Analysis ने Carbon को Intelligence Index v5.0 में 59 अंक दिए हैं, जबकि Claude Opus 5.5 को 58 और GPT-6 Astra को 57 अंक मिले। इस तरह Carbon, Opus से एक और Astra से दो अंक आगे है। यह अंतर गूगल की सबसे मजबूत साइबर सुरक्षा तुलनाओं में दिखने वाले अंतर से कम है।

यह सूचकांक नौ मूल्यांकनों को मिलाकर बनाया गया है। Carbon इनमें से चार में आगे है: HLE-Diamond, TB-Science, AA-Omniscience और AutomationBench। Artificial Analysis के मुताबिक, संशोधित सूचकांक के 60% में निजी परीक्षण शामिल हैं, जिनके सवाल सार्वजनिक नहीं किए जाते।

कोडिंग के नतीजे मिले-जुले हैं। गूगल के Antigravity CLI के साथ Carbon कोडिंग एजेंट सूचकांक में 59 अंक हासिल करता है, जबकि Opus 5.5 के साथ Claude Code को 62 अंक मिलते हैं। कोडिंग एजेंट में मॉडल के साथ ऐसे टूल होते हैं जिनसे वह फाइलें देख सकता है, कमांड चला सकता है और सॉफ्टवेयर संपादित कर सकता है। इसलिए नतीजे में साथ इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर की भी भूमिका होती है।

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FrontierCode v1.1 में Carbon को 51% अंक मिले, जो Opus के 56% से कम हैं। FrontierSWE में इसे 61.2% अंक मिले, जबकि GPT-6 Astra को 65.5%, Opus 5.5 को 62.3% और Sonnet 5.5 को 61.9% मिले। ये तुलनाएं डेवलपरों को सामान्य रैंकिंग के साथ उन कामों पर भी गौर करने का ठोस कारण देती हैं जो उनके अपने कामकाज से सबसे ज्यादा मेल खाते हैं।

वेब डेवलपमेंट भी प्रगति का एक क्षेत्र है। गूगल की घोषणा के मुताबिक, 89 अंक की बढ़त के बाद Carbon WebDev Arena में 1,768 Elo अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। Elo तुलनात्मक प्रदर्शन पर आधारित रेटिंग प्रणाली है। Carbon, Text Arena में 1,528 अंकों के साथ पहले और Agent Arena में दूसरे स्थान पर है। इससे सुरक्षा से जुड़े कामों के बाहर भी उसका अच्छा प्रदर्शन दिखता है।

एक बार जवाब देने के बजाय कई दिन काम करना

गूगल ने Carbon को लगातार चलने वाले एजेंट वर्कफ्लो के लिए तैयार किया है। इसमें एआई सिस्टम किसी लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए कई चरणों में काम करता है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में इसका मतलब किसी परियोजना की जांच करना, बग की वजह समझना, कोड बदलना, टेस्ट चलाना और टेस्ट नाकाम होने पर सुधार में बदलाव करना हो सकता है।

गूगल की आंतरिक टीमों का कहना है कि Carbon बड़े कोडबेस और लो-लेवल सिस्टम से जुड़े जटिल कामों पर कई दिनों तक काम करता रहा है। कंपनी के मुताबिक, यह अड़चनों के बावजूद काम जारी रख सकता है। यह तब अहम है जब पहली नजर में सही लगने वाली वजह गलत निकलती है।

बताए गए तकनीकी विनिर्देशों के अनुसार, इसमें 10 लाख टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो और अधिकतम 10 लाख टोकन का आउटपुट है। टोकन वे छोटे हिस्से हैं जिन्हें मॉडल टेक्स्ट को समझने के लिए संसाधित करता है। कॉन्टेक्स्ट विंडो बताती है कि मॉडल एक बार में कितनी सामग्री पर विचार कर सकता है, जिसमें निर्देश और काम के लिए दी गई सामग्री भी शामिल है।

बताया गया है कि Carbon टेक्स्ट, चित्र, वीडियो और बोली को इनपुट के रूप में स्वीकार करता है और टेक्स्ट तैयार करता है। इन इनपुट प्रकारों की मदद से एक ही वर्कफ्लो में लिखित बग रिपोर्ट, स्क्रीनशॉट और सॉफ्टवेयर के अप्रत्याशित व्यवहार की रिकॉर्डिंग शामिल की जा सकती है।

कोडिंग से बाहर इसका प्रदर्शन अलग-अलग है। ज्ञान-आधारित काम के AA-Briefcase मूल्यांकन में Carbon को 1,609 Elo अंक मिले, जो Argon से 126 अंक अधिक हैं। फिर भी यह Grok 4.7, Muse Wonder और Kimi K3.1 Pro से पीछे है। Vals Index में यह दूसरे स्थान पर और इसके Finance Index तथा Legal Research Benchmark में पहले स्थान पर है। नतीजों में यह विविधता दिखाती है कि कंपनी का चुनाव इस पर निर्भर हो सकता है कि उसे सॉफ्टवेयर की मरम्मत, दस्तावेजों का विश्लेषण या कोई और खास काम चाहिए।

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सुरक्षा परीक्षणों में कोशिश और सफल धोखाधड़ी अलग-अलग मापी जाती हैं

गूगल के मुताबिक, Terminal-Bench 4.0 में Carbon की धोखाधड़ी की सफल दर 0.0% और कोशिश की दर 0.4% रही। ये दोनों आंकड़े अलग व्यवहार बताते हैं: क्या मॉडल ने अनुचित शॉर्टकट अपनाने की कोशिश की और क्या वह कोशिश सफल हुई।

गूगल का कहना है कि ऐसे शॉर्टकट घटाते हुए Carbon ने कामों में अपनी सटीकता बढ़ाई। अपनी टीमों के साथ वास्तविक कोडिंग कामों में, तय व्यवहार से गंभीर विचलन के अलर्ट लगभग 80% घटे।

प्रॉम्प्ट इंजेक्शन पर भी ध्यान दिया गया है। इस हमले में एआई को पढ़ने के लिए दी गई सामग्री, जैसे किसी वेबपेज या फाइल, के भीतर निर्देश डालकर उसे उपयोगकर्ता के काम से भटकाने की कोशिश की जाती है। किसी परियोजना की जांच करता सहायक ऐसा टेक्स्ट देख सकता है जो उसे अपने निर्देशों को अनदेखा करने या जानकारी उजागर करने को कहे।

Gray Swan के Indirect Prompt Injection Benchmark में Carbon की हमले की सफलता दर 0.0% रही। तुलना में Argon की दर 0.7%, Claude Opus 5.5 की 1% और GPT-6 Astra की 8.5% थी। गूगल के नतीजे का अर्थ है कि इस परीक्षण में आंके गए हमले की हर कोशिश को मॉडल ने नाकाम किया।

गूगल का कहना है कि Carbon में मॉडल प्रशिक्षण के साथ-साथ इस्तेमाल के दौरान दुरुपयोग रोकने के उपाय, प्रॉम्प्ट इंजेक्शन का प्रतिरोध और उसकी तर्क प्रक्रिया की निगरानी शामिल है। शुरुआत में सीमित पहुंच देने से कंपनी को चुनिंदा रक्षकों के इस्तेमाल के दौरान प्रतिक्रिया जुटाने और सुरक्षा उपायों में बदलाव करने का मौका मिलेगा।

आंतरिक परीक्षणों में विश्वसनीयता बेहतर, लेकिन एक बाहरी माप बिगड़ा

गूगल का कहना है कि आंतरिक परीक्षणों में Carbon ने Argon के मुकाबले बिना समर्थन वाले दावों को लगभग आधा कर दिया। कंपनी के मुताबिक, मॉडल अब साक्ष्य न मिलने की बात बताने, अधूरी जरूरतें गिनाने और कार्रवाई से पहले विरोधाभासी जानकारी चिह्नित करने की अधिक संभावना रखता है।

गूगल ने हद से आगे बढ़ने में 26% और जरूरत से कम सेवा देने में 29% की कमी की भी जानकारी दी। रोजमर्रा की भाषा में कंपनी का कहना है कि Carbon के उपयोगकर्ता के निर्देशों से आगे जाने या मांगा गया काम पूरा किए बिना रुक जाने की संभावना कम है।

Artificial Analysis के Omniscience मूल्यांकन में एक अलग बदलाव दिखता है: Carbon की मतिभ्रम दर Argon के 4% से बढ़कर 11% हो गई। मतिभ्रम वह जवाब है जिसमें गढ़ी हुई या गलत जानकारी को तथ्य के रूप में पेश किया जाता है। फिर भी इस तुलना में Carbon की मापी गई दर दूसरी सबसे कम है, जबकि Opus 5.5 और Astra दोनों की दर 50% है।

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मतिभ्रम दर बढ़ने के बावजूद, Carbon Omniscience मूल्यांकन में 54 अंक के साथ आगे है। कोई मॉडल अधिक सवालों के सही जवाब देकर आगे बढ़ सकता है, लेकिन उन सवालों के जवाब देने की कोशिश में उससे ज्यादा गलतियां भी हो सकती हैं जिन्हें वह पहले टाल देता था। गूगल का आंतरिक, बिना समर्थन वाले दावों का माप और बाहरी मतिभ्रम माप अलग-अलग मूल्यांकन इस्तेमाल करते हैं। इसलिए उपयोगकर्ताओं के सामने विश्वसनीयता के दो अलग नतीजे हैं।

सुरक्षा टीम के लिए काम की जांच करना फिर भी जरूरी है। बताई गई कमजोरी की पड़ताल होनी चाहिए और प्रस्तावित पैच का उस सॉफ्टवेयर पर परीक्षण होना चाहिए जिसमें बदलाव किया जा रहा है। गूगल के बताए सुधार खास तौर पर उन स्थितियों को ध्यान में रखते हैं जब कोई सहायक बहुत जल्दी सफलता का दावा कर सकता है या तय दायरे से बाहर काम कर सकता है।

पहुंच किसे और किस क्रम में मिलेगी?

गूगल का कहना है कि 28 अक्टूबर की घोषणा वाले सप्ताह में चुनिंदा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को Carbon मिलेगा। Fairwind के जरिए अन्य भरोसेमंद साझेदारों को धीरे-धीरे पहुंच दी जाएगी। इसके बाद गूगल के उत्पादों के जरिए डेवलपरों, कारोबारों और आम उपभोक्ताओं तक पहुंच बढ़ाई जाएगी।

घोषित क्रम इस प्रकार है:

  • Carbon से करीब दो हफ्ते पहले: गूगल ने Gemini 4 Argon लॉन्च किया, जो बाद में Gemini ऐप और एआई सर्च मोड में उपलब्ध हुआ।
  • 28 अक्टूबर 2026: गूगल ने Carbon की घोषणा और बेंचमार्क नतीजे प्रकाशित किए।
  • 28 अक्टूबर वाला सप्ताह: चुनिंदा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को पहुंच मिलनी शुरू होगी।
  • बाद के चरण: व्यापक रूप से उत्पादों में उपलब्ध कराने से पहले गूगल Fairwind के जरिए पहुंच बढ़ाएगा।

गूगल मॉडल जारी करने से पहले जांच की अमेरिकी सरकार की स्वैच्छिक प्रक्रिया में हिस्सा ले रहा है। उसकी घोषणा में आम जनता के लिए व्यापक पहुंच की तारीख या Carbon की शुरुआती कीमतें कब तक रहेंगी, यह नहीं बताया गया है।

AI Ultra के सब्सक्राइबर और Gemini API डेवलपर शुरुआती ग्राहक हो सकते हैं, लेकिन गूगल की प्रकाशित योजना में डेवलपरों, कारोबारों और आम उपभोक्ताओं का व्यापक रूप से जिक्र है। इसमें यह पुष्टि नहीं की गई है कि पहुंच इसी क्रम में दी जाएगी।

शुरुआत रक्षकों से करने का फैसला एआई के दुर्भावनापूर्ण इस्तेमाल को लेकर बढ़ती चिंता के बीच आया है। गूगल के खतरा शोधकर्ताओं ने ईरान, उत्तर कोरिया, रूस और चीन समर्थित समूहों को Gemini के साथ प्रयोग करते दर्ज किया है। उनका इस्तेमाल ज्यादातर शोध और कोडिंग में मदद के लिए हुआ। डीपमाइंड के प्रमुख डेमिस हासाबिस ने हाल के एआई एजेंट हैक को शुरुआती चेतावनी बताया है।

डेवलपरों के लिए Carbon की कीमत

Carbon के API की शुरुआती कीमत 10 लाख इनपुट टोकन के लिए $2 और 10 लाख आउटपुट टोकन के लिए $10 है। यह Argon की लॉन्च कीमत के बराबर है। API डेवलपरों को मॉडल अपने सॉफ्टवेयर से जोड़ने देता है। इनपुट वह सामग्री है जो Carbon को भेजी जाती है और आउटपुट वह है जो यह तैयार करता है।

शुरुआती अवधि के बाद सूचीबद्ध कीमतें दोगुनी होकर 10 लाख इनपुट टोकन के लिए $4 और 10 लाख आउटपुट टोकन के लिए $20 हो जाएंगी। 10 लाख इनपुट और 10 लाख आउटपुट टोकन वाले काम पर शुरुआती दरों में $12 और सामान्य दरों में $24 खर्च होंगे। इसमें कैशिंग या अन्य समायोजन शामिल नहीं हैं।

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गूगल का कहना है कि कैश किए गए इनपुट पर 95% छूट मिलेगी। कैशिंग से सेवा पहले संसाधित सामग्री का दोबारा इस्तेमाल कर सकती है, जिससे वही बड़ा दस्तावेज या सॉफ्टवेयर परियोजना बार-बार भेजने की लागत कम हो सकती है। शुरुआती इनपुट दर पर इस छूट के बाद 10 लाख कैश किए गए इनपुट टोकन की कीमत $0.10 और सामान्य दर पर $0.20 होगी।

वास्तविक खर्च इस बात पर भी निर्भर करता है कि काम पूरा करने के लिए मॉडल कितना टेक्स्ट तैयार करता है। Artificial Analysis के मुताबिक, सूचकांक के एक काम के लिए Carbon की लागत $7.76 है, जबकि Opus 5.5 की $10.04 और GPT-6 Astra की $6.25 है। इस मूल्यांकन में Carbon प्रति काम करीब 123,000 आउटपुट टोकन इस्तेमाल करता है, जो Opus से 29% कम है।

दूसरे तरह के कामों में तस्वीर अलग हो सकती है। Vals के अनुसार, Carbon Argon से 64% अधिक आउटपुट टोकन तैयार करता है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से वित्त, कर और कानूनी कामों में दिखती है। Carbon के लिए बजट बनाने वाले डेवलपरों को टोकन की कीमत के साथ-साथ यह भी देखना होगा कि हर काम में मॉडल कितना काम करता है।

मुख्य बिंदु

  • Gemini 4 Carbon, Artificial Analysis Intelligence Index v5.0 में 59 अंकों के साथ आगे है। Opus 5.5 को 58 और GPT-6 Astra को 57 अंक मिले।
  • गूगल ने कमजोरियां खोजने में 88.2%, उनका फायदा उठाने में 54.8% और पैचिंग में 71.0% के सुरक्षा स्कोर बताए।
  • कोडिंग के कई मूल्यांकनों में Carbon, प्रतिस्पर्धी मॉडल और टूल के संयोजनों से पीछे है।
  • गूगल के मुताबिक, Terminal-Bench 4.0 में धोखाधड़ी की कोई कोशिश सफल नहीं हुई और Gray Swan के जांचे गए प्रॉम्प्ट इंजेक्शन परीक्षण में कोई हमला सफल नहीं हुआ।
  • आंतरिक परीक्षणों में बिना समर्थन वाले दावे लगभग आधे रह गए, जबकि बाहरी मतिभ्रम माप Argon के 4% से बढ़कर Carbon के लिए 11% हो गया।
  • चुनिंदा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को पहले पहुंच मिलेगी। इसके बाद व्यापक उपलब्धता से पहले Fairwind के जरिए इसे बढ़ाया जाएगा।
  • API की शुरुआती कीमत 10 लाख इनपुट टोकन के लिए $2 और 10 लाख आउटपुट टोकन के लिए $10 है। बाद में यह बढ़कर क्रमशः $4 और $20 हो जाएगी।
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