ऐतिहासिक शुरुआती विकेट और मुश्किल लक्ष्य का पीछा
शाहीन शाह अफरीदी ने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 150 विकेट पूरे किए और 46 रन देकर चार विकेट लिए। उनकी गेंदबाजी की बदौलत पाकिस्तान ने 25 अक्टूबर, 2026 को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में इंग्लैंड को 46.4 ओवर में 241 रन पर समेट दिया। पहले पांच ओवर के भीतर 19 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद बेन डकेट के 105 रन ने इंग्लैंड की पारी को संभाला।
विषय-सूची
- ऐतिहासिक शुरुआती विकेट और मुश्किल लक्ष्य का पीछा
- पांच ओवर के भीतर इंग्लैंड का शीर्ष क्रम ढहा
- डकेट और करन ने इंग्लैंड को संभलने का मौका दिया
- पाकिस्तान के अन्य गेंदबाजों ने भी छाप छोड़ी
- चोट के कारण पदार्पण, जबकि इंग्लैंड ने चयन की अपनी नीति बरकरार रखी
- इंग्लैंड के टूर्नामेंट में 429 से 241 तक का उतार-चढ़ाव
- पाकिस्तान के शुरुआती विकेटों से इंग्लैंड को मौका
- फाइनल की दौड़ में बाकी तारीखें
- मुख्य बातें
त्रिकोणीय सीरीज के चौथे मैच का दोनों टीमों के लिए तत्काल महत्व था। शुरुआती दोनों मैच हार चुका इंग्लैंड फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए जीत चाहता था। पाकिस्तान अपने पिछले दोनों मैच जीत चुका था और एक और जीत के साथ फाइनल में जगह पक्की कर सकता था।
इंग्लैंड ने पाकिस्तान के सामने 242 रन का लक्ष्य रखा, लेकिन मेजबान टीम की शुरुआत भी मुश्किल रही। पाकिस्तान ने 31 रन पर अपने पहले तीन विकेट और 74 रन पर चौथा विकेट गंवा दिया। इससे बल्लेबाजी में मुश्किल भरी दोपहर के बाद इंग्लैंड को मुकाबले में वापसी का मौका मिला। मैच का नतीजा अभी उपलब्ध नहीं था।
शाहीन के पहले विकेट के साथ ही व्यक्तिगत उपलब्धि भी पूरी हुई: पाकिस्तान के कप्तान के 80वें वनडे की पहली ही ओवर में टॉम बैंटन चार रन बनाकर आउट हो गए। शाहीन 150 विकेट तक पहुंचने वाले पाकिस्तान के सबसे तेज तेज गेंदबाज बने। उन्होंने वकार यूनिस और शोएब अख्तर से 11 मैच कम में यह मुकाम हासिल किया; दोनों ने 91 मैचों में यह उपलब्धि पाई थी।
डकेट ने अपने पांचवें वनडे शतक के साथ इंग्लैंड की ओर से मुख्य प्रतिरोध किया, जबकि सैम करन ने 42 और गस एटकिंसन ने नाबाद 36 रन बनाए। पदार्पण कर रहे रजाउल्लाह ने 38 रन देकर दो विकेट लिए और स्पिनर अराफात मिन्हास ने 26 रन देकर दो विकेट चटकाए, जिनमें डकेट का विकेट भी शामिल था।
पांच ओवर के भीतर इंग्लैंड का शीर्ष क्रम ढहा
टॉस जीतकर पाकिस्तान ने पहले गेंदबाजी चुनी। पिच को बल्लेबाजी के अनुकूल बताया गया था। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने संकेत दिया कि वह पहले बल्लेबाजी करना चाहते थे, इसलिए दोनों कप्तानों को शुरुआत में अपनी पसंद के मुताबिक पारी का क्रम मिला।
शाहीन ने जल्द ही मैच का रुख बदल दिया। बैंटन के आउट होने पर इंग्लैंड का स्कोर एक विकेट पर चार रन था और इसके बाद कुल स्कोर 11 होने पर जो रूट पांच रन बनाकर आउट हो गए। रूट ने साइम अयूब को कैच थमाया, जिससे इंग्लैंड को पारी की नींव रखने से पहले शाहीन का दूसरा झटका लगा।
इसके बाद ब्रूक क्रीज से काफी दूर रहते हुए एक रन पर रन आउट हो गए और इंग्लैंड का स्कोर 19 रन पर तीन विकेट हो गया। पांचवें ओवर तक शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऐसे में पारी को आगे बढ़ाने और एक और जल्दी विकेट गंवाने से बचने की बड़ी जिम्मेदारी डकेट पर आ गई।
जॉर्डन कॉक्स छह रन बनाकर इंग्लैंड के चौथे विकेट के रूप में 52 रन के स्कोर पर आउट हुए। एक सामान्य वनडे में हर टीम को 50 ओवर खेलने का मौका मिलता है और प्रत्येक ओवर में छह वैध गेंदें होती हैं। इतनी जल्दी चार विकेट गिरने से इंग्लैंड को दो जरूरतों के बीच संतुलन बनाना पड़ा: पाकिस्तान को चुनौती देने लायक रन बनाना और बाकी ओवरों में बल्लेबाजी के लिए पर्याप्त बल्लेबाज बचाए रखना।
डकेट और करन ने इंग्लैंड को संभलने का मौका दिया
डकेट ने 111 गेंदों पर 105 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और दो छक्के शामिल थे। इन बाउंड्री से 52 रन आए, यानी उनके कुल स्कोर का लगभग आधा; बाकी रन विकेटों के बीच दौड़कर बनाए गए। उनकी पारी ने इंग्लैंड को शुरुआती ढहाव से उबरने का रास्ता दिया।
इंग्लैंड के मध्यक्रम में करन ने सबसे अहम साथ दिया और 52 गेंदों पर 42 रन बनाए। पारी के मुख्य विवरण में डकेट के साथ उनकी पांचवें विकेट की साझेदारी 93 रन बताई गई, हालांकि लाइव मैच अपडेट में यह साझेदारी 69 रन दर्ज थी।
डकेट ने 104 गेंदों में शतक पूरा किया और अपनी आखिरी सात गेंदों पर पांच रन और जोड़े। शाहीन ने करन को आउट किया, जबकि मिन्हास ने डकेट को पवेलियन भेजा। इसके बाद इंग्लैंड के बाकी बल्लेबाजों के सामने अपने मुख्य रन बनाने वाले खिलाड़ी के बिना पारी को आगे बढ़ाने की चुनौती थी।
इंग्लैंड के 241 रन में डकेट का योगदान करीब 44% था। डकेट और करन ने मिलकर 147 रन बनाए, जो कुल स्कोर का लगभग 61% था। ये आंकड़े दिखाते हैं कि बैंटन, रूट, ब्रूक और कॉक्स के कुल 16 रन बनाने के बाद इंग्लैंड कितना डकेट और करन पर निर्भर था।
पाकिस्तान के अन्य गेंदबाजों ने भी छाप छोड़ी
वार्म-अप के दौरान नसीम शाह के चोटिल होने के बाद टीम में शामिल किए गए रजाउल्लाह ने अपने वनडे पदार्पण में 38 रन देकर दो विकेट लिए। उनके योगदान से पाकिस्तान को शाहीन के शुरुआती स्पेल के अलावा भी विकेट मिले और इंग्लैंड को केवल डकेट के दम पर पारी दोबारा खड़ी करने से रोकने में मदद मिली।
मिन्हास ने आठ ओवर में 26 रन देकर दो विकेट लिए और प्रति ओवर औसतन 3.25 रन दिए। उनके शिकारों में डकेट और जेमी ओवरटन शामिल थे। ओवरटन लॉन्ग ऑफ पर कैच हुए, जो ऑफ साइड में बल्लेबाज के सामने बाउंड्री के पास की फील्डिंग पोजिशन है।
हारिस रऊफ ने 55 रन देकर एक विकेट लिया। इस तरह पाकिस्तान के गेंदबाजों ने नौ विकेट लिए और ब्रूक का रन आउट इंग्लैंड के सभी 10 विकेट गिरने का कारण बना। शाहीन पारी में बाद में लौटे और चार विकेट लेकर समाप्त किया। उन्होंने शुरुआत में नुकसान पहुंचाने के साथ पारी का अंत भी किया।
एटकिंसन के नाबाद योगदान से इंग्लैंड 250 रन के करीब पहुंचा। आखिरी विकेट की जोड़ी ने 39 रन जोड़े, इससे पहले हेनरी क्रोम्ब को शाहीन की गेंद पर बाबर आजम ने कैच किया। इंग्लैंड की पारी 20 वैध गेंदें बाकी रहते समाप्त हो गई, जिससे अंत में और रन जोड़ने का मौका कम हो गया।
पारी के मुख्य आंकड़ों में इंग्लैंड के 241 रन और एटकिंसन के नाबाद 36 रन दर्ज थे; लाइव स्कोर में इसके बजाय 240 रन और एटकिंसन के 35 रन बताए गए। पाकिस्तान के लिए लक्ष्य 242 रन बताया गया।
चोट के कारण पदार्पण, जबकि इंग्लैंड ने चयन की अपनी नीति बरकरार रखी
पाकिस्तान के वार्म-अप के दौरान नसीम की उंगली अपनी जगह से खिसक गई, जिससे रजाउल्लाह को तुरंत टीम में जगह मिली। पाकिस्तान ने फहीम अशरफ की जगह शादाब खान को भी वापस शामिल किया। इस तरह दो बदलाव हुए और लाहौर के मैच के लिए एक और स्पिन विकल्प मिला।
शाहीन के चयन से पाकिस्तान को आक्रमण के कई विकल्प मिले। रजाउल्लाह तेज गेंदबाजी समूह में शामिल हुए, जबकि शादाब ने मिन्हास के साथ स्पिन का एक और विकल्प दिया। स्पिन गेंदबाज आम तौर पर पिच पर पड़ने के बाद गेंद को घुमाने पर निर्भर करते हैं, जबकि तेज गेंदबाज गति, उछाल और हवा में या पिच से मिलने वाली मूवमेंट पर अधिक जोर देते हैं।
इंग्लैंड ने एक बदलाव किया और 25 वर्षीय तेज गेंदबाज हेनरी क्रोम्ब को जोश टंग की जगह अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका दिया। अनुभवी स्पिनर आदिल राशिद को टीम से बाहर रखने के इंग्लैंड के फैसले पर चर्चा के बावजूद वह टीम में जगह नहीं बना सके।
स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता पहल के तहत पाकिस्तान ने गुलाबी वर्दी भी पहनी। रावलपिंडी में शुरुआती तीन मुकाबलों के बाद यह टूर्नामेंट के लाहौर चरण का पहला मैच था।
इंग्लैंड के टूर्नामेंट में 429 से 241 तक का उतार-चढ़ाव
इंग्लैंड दो बेहद अलग हार के बाद लाहौर पहुंचा था। पाकिस्तान ने उसे 87 रन से हराया था, फिर श्रीलंका ने 22 अक्टूबर को रावलपिंडी में 430 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया।
श्रीलंका के खिलाफ ब्रूक ने 114 गेंदों पर दोहरा शतक बनाया, फिर भी इंग्लैंड के 429 रन जीत के लिए काफी नहीं रहे। तीन दिन बाद इंग्लैंड की बल्लेबाजी को उलटी चुनौती का सामना करना पड़ा: शुरुआती विकेट गिरने के बाद डकेट टीम को एक और बड़ा लक्ष्य देने के बजाय बचाव योग्य स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे।
लाहौर में इंग्लैंड के 241 रन श्रीलंका के खिलाफ बनाए गए 429 रन से 188 कम थे। यह तुलना उसकी बल्लेबाजी के प्रदर्शन में आए तेज बदलाव को दिखाती है, जबकि ताजा पारी में शुरुआती विकेटों से बने दबाव की वजह भी साफ होती है। डकेट के शतक और अंत में एटकिंसन के रन से इंग्लैंड के गेंदबाजों को बचाव के लिए लक्ष्य मिला।
पाकिस्तान इस मैच में दोनों प्रतिद्वंद्वियों को हराकर पहुंचा था। उसने शुरुआती मुकाबले में श्रीलंका को 37 रन से और दूसरे मैच में इंग्लैंड को 87 रन से हराया था। लाहौर में खेल शुरू होने से पहले इंग्लैंड अंक तालिका में पाकिस्तान और श्रीलंका के बाद सबसे नीचे था।
दो-दो मैचों के बाद पाकिस्तान दो जीत, कोई हार नहीं और चार अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर था। उसका नेट रन रेट +1.240 था। एक जीत, एक हार और दो अंकों के साथ श्रीलंका दूसरे स्थान पर था और उसका नेट रन रेट -0.348 था। इंग्लैंड को कोई जीत नहीं मिली थी; उसकी दो हार, शून्य अंक और -0.892 का नेट रन रेट था।
पाकिस्तान के शुरुआती विकेटों से इंग्लैंड को मौका
पाकिस्तान को अधिकतम 50 ओवर में 242 रन बनाने थे, जिसके लिए शुरुआती रन गति 4.84 रन प्रति ओवर थी। इंग्लैंड की शुरुआती सफलताओं ने लक्ष्य का पीछा मुश्किल कर दिया; उसने सिर्फ 31 रन पर पाकिस्तान के तीन बल्लेबाजों को आउट कर दिया।
74 रन के स्कोर पर चौथा विकेट गिरा और पाकिस्तान को छह विकेट बाकी रहते 168 रन और बनाने थे। इससे ध्यान शाहीन की गेंदबाजी उपलब्धि से हटकर इस बात पर गया कि क्या पाकिस्तान के बाकी बल्लेबाज लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
इंग्लैंड की अपनी पारी ने दिखाया कि बड़ी साझेदारी वापसी के लिए कितनी अहम होती है। शुरुआती चार विकेट गिरने के बाद डकेट और करन ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा था; अब पाकिस्तान को आसान दिख रहे लक्ष्य को जीत में बदलने के लिए ऐसी ही स्थिर साझेदारी की जरूरत थी।
241 रन का बचाव इंग्लैंड को 429 रन का लक्ष्य बचाने में नाकाम रहने की निराशा से उबरने का मौका देता था। शुरुआती विकेट लेकर उसने यह मौका कायम रखा, जबकि फाइनल में पहुंचने की पाकिस्तान की राह उसके गेंदबाजों के शुरू किए काम को पूरा करने पर निर्भर थी।
फाइनल की दौड़ में बाकी तारीखें
फाइनल से पहले टूर्नामेंट के बाकी लीग मैच लाहौर में खेले जाएंगे। इंग्लैंड का अगला निर्धारित मुकाबला 29 अक्टूबर को श्रीलंका से है, जबकि पाकिस्तान उससे दो दिन पहले श्रीलंका का सामना करेगा।
नतीजे और बाकी मुकाबले बताते हैं कि टीमें यहां तक कैसे पहुंचीं:
- 18 अक्टूबर: पाकिस्तान ने रावलपिंडी में श्रीलंका को 37 रन से हराया।
- 20 अक्टूबर: पाकिस्तान ने रावलपिंडी में इंग्लैंड को 87 रन से हराया।
- 22 अक्टूबर: श्रीलंका ने रावलपिंडी में 430 रन का लक्ष्य हासिल कर इंग्लैंड को दो विकेट से हराया।
- 25 अक्टूबर: लाहौर में चौथे मैच में इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ 241 रन बनाए।
- 27 अक्टूबर: पाकिस्तान का लाहौर में श्रीलंका से खेलना निर्धारित है।
- 29 अक्टूबर: इंग्लैंड का लाहौर में श्रीलंका से खेलना निर्धारित है।
- 31 अक्टूबर: लाहौर में फाइनल होना निर्धारित है।
मुख्य बातें
- शाहीन शाह अफरीदी ने 46 रन देकर चार विकेट लिए और इंग्लैंड 46.4 ओवर में 241 रन पर आउट हुआ।
- शाहीन ने अपने 80वें वनडे में 150 विकेट पूरे किए; वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पाकिस्तान के सबसे तेज गेंदबाज बने।
- इंग्लैंड का स्कोर 19 रन पर तीन विकेट होने के बाद बेन डकेट ने 111 गेंदों पर 105 रन बनाए।
- पदार्पण कर रहे रजाउल्लाह ने 38 रन देकर दो विकेट लिए, जबकि अराफात मिन्हास ने 26 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
- 242 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान का स्कोर पहले 31 रन पर तीन विकेट और फिर 74 रन पर चार विकेट हो गया।
- फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए इंग्लैंड को जीत की जरूरत थी; पाकिस्तान की जीत से उसकी जगह पक्की हो जाती।






