बदले गए काकाओटॉक संदेशों पर पुलिस की बताई गई जांच से किम सू-ह्यून के डेटिंग संबंधी आरोपों को चुनौती

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Kim Soo hyun Dating Allegations Challenged by Reported Police Findings on Altered KakaoTalk Messages

पुलिस ने कथित तौर पर विवादित 2016 के संदेशों का संबंध किसी अन्य सेलिब्रिटी से जोड़ा

दिवंगत अभिनेत्री किम से-रॉन द्वारा इस्तेमाल किए गए चार फोन और क्लाउड में संग्रहीत काकाओटॉक के लगभग 200 स्क्रीनशॉट की फोरेंसिक जांच में कथित तौर पर यह पता चला कि विवादित 2016 की बातचीत के पीछे अभिनेता किम सू-ह्यून नहीं, बल्कि कोई अन्य सेलिब्रिटी था। बताया जाता है कि जांचकर्ताओं को मूल संदेशों में कम से कम दो बार उस सेलिब्रिटी का असली नाम मिला, साथ ही उनके सहकर्मियों के संदर्भ भी मिले।

विषय-सूची
  1. पुलिस ने कथित तौर पर विवादित 2016 के संदेशों का संबंध किसी अन्य सेलिब्रिटी से जोड़ा
  2. चार आईफोन में जांचकर्ताओं को कथित तौर पर क्या मिला
  3. भेजने वाले की पहचान क्यों अहम है
  4. सार्वजनिक किए गए स्क्रीनशॉट में कथित तौर पर कैसे बदलाव हुआ
  5. तस्वीरें किसी दूसरे समय की ओर इशारा करती हैं
  6. ऑडियो आरोप और परस्पर विरोधी रिकॉर्डिंग
  7. घटनाक्रम की समयरेखा में एक तारीख अब भी विवादित
  8. आपराधिक शिकायतें और वित्तीय दांव
  9. किम सू-ह्यून और गासेयोन के मामले में क्या अब भी अनसुलझा है
  10. मुख्य बातें

इन निष्कर्षों से यूट्यूब चैनल गारोसेरो रिसर्च इंस्टीट्यूट, जिसे आम तौर पर गासेयोन कहा जाता है, द्वारा पेश किए गए एक प्रमुख सबूत पर सवाल उठता है। चैनल ने आरोप लगाया था कि किम सू-ह्यून ने नाबालिग रहते हुए किम से-रॉन को डेट किया था। 13 अक्टूबर को प्रकाशित खबरों के मुताबिक, मूल बातचीत में भेजने वाले का नाम गुमनाम रूप में दिखाया गया था और सार्वजनिक किए गए संस्करण में उसे बदलकर किम सू-ह्यून का नाम दिखाया गया।

किम सू-ह्यून ने माना है कि 2019 में किम से-रॉन के वयस्क होने के बाद दोनों के बीच संबंध था, लेकिन उन्होंने बचपन के दौरान डेटिंग करने से इनकार किया है। बताया जाता है कि पुलिस को पहले के कथित संबंध के समर्थन में कोई सामग्री नहीं मिली और उन्होंने उनके खिलाफ शिकायत अभियोजन पक्ष को भेजने से इनकार कर दिया।

इन घटनाक्रमों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष से अलग समझना चाहिए। फोरेंसिक जांच के विस्तृत निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पुलिस रिपोर्ट या अदालत के फैसले में नहीं, बल्कि समाचार रिपोर्टों में बताए गए हैं। गासेयोन के संचालक किम से-ई ने गलत काम करने से इनकार किया है। उनकी कथित हिरासत और अभियोग उनके दोषी होने को साबित नहीं करते। हिरासत के वर्ष को लेकर भी खबरों में मतभेद है, इसलिए कानूनी घटनाक्रम का एक हिस्सा अब भी स्पष्ट नहीं है।

चार आईफोन में जांचकर्ताओं को कथित तौर पर क्या मिला

जांच में किम से-रॉन के इस्तेमाल किए हुए आईफोन 7, आईफोन 8, आईफोन SE और आईफोन 13 Mini शामिल थे। बताया जाता है कि जांचकर्ताओं ने संदेश और तस्वीरें बरामद कीं और इनका मिलान उनके क्लाउड खाते में सहेजे स्क्रीनशॉट से किया।

बताया जाता है कि 2017 और 2018 में इस्तेमाल किए गए आईफोन 7 में किम सू-ह्यून से जुड़ी तीन कॉल थीं। इन कॉल की दिशा बताने वाले विवरणों के मुताबिक, तीनों कॉल किम से-रॉन ने उन्हें की थीं। कथित तौर पर आईफोन 8 या अन्य डिवाइस में उस अवधि के दौरान रोमांटिक संबंध का समर्थन करने वाली कोई सामग्री नहीं मिली।

जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर यह भी स्थापित किया कि किम से-रॉन ने अक्टूबर 2017 में किम सू-ह्यून का फोन नंबर सहेजा था, यानी विवादित 2016 के संदेशों के एक साल से भी अधिक समय बाद। यह तारीख संपर्क के इतिहास के लिए प्रासंगिक है, हालांकि बाद में किसी का नंबर सहेजना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि दोनों के बीच पहले कोई संपर्क नहीं था।

जांच में कथित तौर पर कम से कम चार अन्य पुरुषों के साथ करीबी संबंधों के संकेत मिले और रिश्तेदारों तथा परिचितों से हुई बातचीत में किम सू-ह्यून का जिक्र लगभग नहीं मिला। ये विवरण जांच के दायरे को बताते हैं। इनसे किसी अन्य संबंध की प्रकृति या वैधता साबित नहीं होती, और इन खबरों में उन पुरुषों की सार्वजनिक रूप से पहचान नहीं बताई गई है।

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भेजने वाले की पहचान क्यों अहम है

विवादित बातचीत में अंतरंग भाषा थी, जिसे गासेयोन ने 2016 में किम सू-ह्यून से जुड़े संबंध के सबूत के तौर पर पेश किया। मुख्य सवाल यह है कि क्या उस भाषा का श्रेय सही तौर पर उन्हें दिया गया था, न कि यह कि संदेशों की भाषा स्नेहपूर्ण लगती थी या नहीं।

बताया जाता है कि पुलिस ने वास्तविक नाम वाले संदेशों की तुलना उन संदेशों से की जिनमें गुमनाम नाम दिखाए गए थे। विवादित मूल बातचीत में किम से-रॉन ने कथित तौर पर दूसरे सेलिब्रिटी को दो बार नाम लेकर संबोधित किया था। सार्वजनिक रूप से उनकी पहचान केवल व्यक्ति A के रूप में बताई गई है। कामकाजी सहकर्मियों के संदर्भ कथित तौर पर व्यक्ति A के पेशेवर दायरे से मेल खाते थे और उनका किम सू-ह्यून से कोई संबंध नहीं था।

लिखने की आदतों से भी तुलना की गई। बताया जाता है कि व्यक्ति A कोरियाई भाषा की मानक वर्तनी और शब्दों के बीच की जगह का पालन करते थे, जबकि किम सू-ह्यून अलग अनौपचारिक वर्तनियों, अभिव्यक्तियों और ध्वनियों को दर्शाने वाले व्यंजन-संक्षेपों का इस्तेमाल करते थे। खबरों में बताई गई पहचान को बातचीत में आए नामों और संदर्भों के साथ इन अंतरों से भी समर्थन मिला।

यहां वर्णित सबूत केवल लिखने की शैली पर साधारण राय से अधिक ठोस हैं। बातचीत के भीतर किसी व्यक्ति का नाम और पहचाने जा सकने वाले सहकर्मियों के संदर्भ यह स्थापित करने में मदद कर सकते हैं कि बातचीत में कौन शामिल था, भले ही स्क्रीन पर संपर्क का नाम न दिखे। हालांकि, इनमें से कोई भी जानकारी व्यक्ति A की पहचान को लेकर अटकल लगाने या यह साबित करने का आधार नहीं है कि उस व्यक्ति ने कोई अपराध किया।

सार्वजनिक किए गए स्क्रीनशॉट में कथित तौर पर कैसे बदलाव हुआ

खबरों में मूल भेजने वाले के नाम को कोरियाई भाषा में ‘अज्ञात’ के अलग-अलग रूपों में दिखाए जाने का जिक्र है। कुछ खबरों के मुताबिक, सामग्री गासेयोन तक पहुंचने से पहले किम से-रॉन के परिवार ने व्यक्ति A का नाम हटा दिया था और बाद में चैनल ने उसकी जगह किम सू-ह्यून का नाम डाल दिया। सामग्री को संभालने के तरीके को लेकर ये आरोप हैं, अदालत के फैसले में परिवार के खिलाफ स्थापित निष्कर्ष नहीं।

गासेयोन के एक कर्मचारी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि किम से-ई ने कर्मचारियों को भेजने वाले का नाम बदलकर किम सू-ह्यून लिखने का निर्देश दिया था। एक अलग खबर में कहा गया है कि जांचकर्ताओं ने दो ऐसे कर्मचारियों की पहचान की जिन्होंने उनके निर्देश पर बातचीत का डिस्प्ले बदलने के लिए फोटोशॉप का इस्तेमाल किया। इस खबर के मुताबिक, मूल सामग्री में किम सू-ह्यून की वह प्रोफाइल तस्वीर नहीं थी जो सार्वजनिक किए गए संस्करण में दिखाई गई।

किसी संपर्क का नाम या प्रोफाइल तस्वीर बदलने से स्क्रीनशॉट में बातचीत में शामिल व्यक्ति की पहचान दिखाई जा सकती है, भले ही बातचीत के शब्द न बदले हों। इसीलिए मूल संदेशों और प्रकाशित तस्वीर के बीच का फर्क अहम है: देखने में असली लगने वाली बातचीत का श्रेय भी गलत व्यक्ति को दिया जा सकता है।

पुलिस का कथित आकलन था कि चैनल ने बातचीत को किम सू-ह्यून की बताकर पेश किया, जबकि उसे पता था कि उसमें शामिल व्यक्ति की पहचान स्थापित नहीं हुई थी। व्यक्ति A की पहचान बताने वाली बाद की खबरों में एक और दावा जोड़ा गया है। किसने कौन-से हिस्से बदले और किस व्यक्ति को क्या जानकारी थी, यह तय करना आपराधिक मामले का हिस्सा बना हुआ है।

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तस्वीरें किसी दूसरे समय की ओर इशारा करती हैं

समर्थन में जारी की गई तस्वीरें कथित तौर पर मुख्य रूप से 2019 और 2020 की हैं, जब किम से-रॉन वयस्क थीं और विश्वविद्यालय में अपने शुरुआती दो साल बिता रही थीं। यह अवधि किम सू-ह्यून के उस बयान से मेल खाती है कि उनका संबंध उनके वयस्क होने के बाद शुरू हुआ था।

यह फर्क इसलिए अहम है क्योंकि दोनों को साथ दिखाने वाली तस्वीर उस समय उनके संपर्क का सबूत हो सकती है जब तस्वीर ली गई थी। अतिरिक्त सबूत के बिना इससे यह साबित नहीं होता कि संबंध कई साल पहले शुरू हुआ था। खबरों के मुताबिक, ज्यादातर तस्वीरें बचपन के दौरान के कथित संबंध के बजाय उस वयस्क संबंध से मेल खाती हैं जिसे किम सू-ह्यून ने स्वीकार किया था।

किम सू-ह्यून ने शुरुआत में 2016 के संदेशों का श्रेय उन्हें दिए जाने पर सवाल उठाते हुए एक निजी आकलन पेश किया और जांच की मांग की। इसलिए उनके बचाव के दो अलग-अलग हिस्से थे: उन्होंने वयस्क होने के बाद के संबंध से इनकार नहीं किया, लेकिन पहले की बातचीत में शामिल व्यक्ति की पहचान और समर्थन में पेश सामग्री की तारीखों पर सवाल उठाया।

डिवाइस की कथित जांच, संपर्क रिकॉर्ड और तस्वीरों की तारीखें बचाव के अलग-अलग पहलुओं से जुड़ी हैं। साथ में ये सार्वजनिक रूप से पेश किए गए घटनाक्रम को केवल इनकार की तुलना में अधिक सीधे चुनौती देते हैं, हालांकि इन खबरों में पूरा फोरेंसिक दस्तावेज़ प्रकाशित नहीं किया गया है।

ऑडियो आरोप और परस्पर विरोधी रिकॉर्डिंग

बताया जाता है कि जांच में 7 मई 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश की गई ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी पड़ताल की गई। इसे किम से-रॉन का ऐसा बयान बताया गया था जिसमें उन्होंने नाबालिग रहते हुए किम सू-ह्यून को डेट करने की बात कही थी। खबरों के मुताबिक, पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आवाज़ वाली फाइल में जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से बदलाव किया गया था।

जनरेटिव AI किसी वास्तविक व्यक्ति जैसी सुनाई देने वाली आवाज़ बना सकता है। इसलिए किसी परिचित जैसी आवाज़ सुनाई देना अपने आप में रिकॉर्डिंग को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उसका स्रोत, मूल फाइल और कथित रिकॉर्डिंग की परिस्थितियां अलग-अलग सवाल हैं।

रिकॉर्डिंग देने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर 5 अप्रैल 2025 को किम सू-ह्यून की एजेंसी से संपर्क किया था और ऐसी अलग ऑडियो पेश की थी जो वयस्क होने के बाद के संबंध का समर्थन करती थी। उस व्यक्ति ने पैसे और भविष्य में विज्ञापन से जुड़ी व्यवस्था की मांग की। बताया जाता है कि परस्पर विरोधी विवरण वाली कम से कम चार रिकॉर्डिंग एजेंसी या अन्य लोगों तक पहुंचीं।

इन विरोधाभासों का सवाल इस तकनीकी जांच से अलग है कि आवाज़ कृत्रिम रूप से बनाई गई थी या नहीं। ये रिकॉर्डिंग देने वाले व्यक्ति की विश्वसनीयता और फाइलों के स्रोत की जांच का कारण देते हैं, लेकिन फोरेंसिक निष्कर्ष की जगह नहीं ले सकते।

राष्ट्रीय फोरेंसिक सेवा की भूमिका को लेकर भी विवाद है। किम से-ई ने दावा किया कि रिकॉर्डिंग की जांच हुई थी और एजेंसी का हवाला दिया। एक विस्तृत खबर के मुताबिक, पुलिस ने जांच कराई थी और एजेंसी ने कहा कि मूल फाइल न मिलने के कारण सत्यापन संभव नहीं था। अनिर्णायक जांच न तो रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता का सबूत है और न ही उसके साथ छेड़छाड़ का निष्कर्ष। इसलिए पुलिस के बताए गए निष्कर्ष को एजेंसी के आकलन से जुड़ी उस खबर से अलग रखना चाहिए।

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घटनाक्रम की समयरेखा में एक तारीख अब भी विवादित

यह विवाद सार्वजनिक प्रसारणों, प्रेस कॉन्फ्रेंस, शिकायतों और जांच के जरिए आगे बढ़ा। कई तारीखें अलग-अलग खबरों में एक जैसी दी गई हैं, लेकिन हिरासत के वर्ष को लेकर विवरणों में मतभेद है:

  • 2016: आरोपों और फोरेंसिक समीक्षा की खबरों के मुताबिक, विवादित काकाओटॉक बातचीत इसी साल हुई।
  • अक्टूबर 2017: किम से-रॉन ने कथित तौर पर किम सू-ह्यून का फोन नंबर सहेजा।
  • 2019 और 2020: सबूत के तौर पर जारी की गई ज्यादातर तस्वीरें कथित तौर पर उस वयस्क संबंध के दौरान ली गईं जिसे किम सू-ह्यून ने स्वीकार किया था।
  • 10 मार्च 2025: मार्च 2025 में बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी जिक्र करने वाली एक खबर के मुताबिक, गासेयोन ने किम सू-ह्यून को निशाना बनाते हुए प्रसारण शुरू किए।
  • 27 और 31 मार्च 2025: किम से-रॉन के परिवार के प्रतिनिधियों ने सार्वजनिक रूप से संदेश पेश किए, जिसके बाद किम सू-ह्यून ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके बचपन के दौरान संबंध होने से इनकार किया।
  • 7 मई 2025: गासेयोन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विवादित आवाज़ वाली रिकॉर्डिंग पेश की।
  • 14 और 20 मई: बताया जाता है कि गंगनम पुलिस ने अभियोजन पक्ष को हिरासत में लेने का अनुरोध भेजा, जिसके बाद अभियोजन पक्ष ने अदालत से अनुमति मांगी।
  • 26 और 27 मई: खबरों में हिरासत की सुनवाई और वारंट संबंधी फैसले का जिक्र है, लेकिन वे इस बात पर सहमत नहीं हैं कि हिरासत 2025 में हुई या 2026 में।
  • जून और 13 अक्टूबर 2026: 13 अक्टूबर 2026 की एक खबर के मुताबिक, किम से-ई को जून में हिरासत में रहते हुए अभियुक्त बनाया गया था। इसमें बाद के फोरेंसिक निष्कर्षों का भी जिक्र है।

हिरासत से जुड़ी एक खबर में साफ तौर पर 27 मई 2026 की तारीख दी गई है, जबकि एक अन्य विवरण हिरासत को मई 2025 का बताता है। केवल इन खबरों के आधार पर वर्ष का विवाद सुलझाया नहीं जा सकता। इन्हें मिलाकर एक सत्यापित समयरेखा पेश करना भ्रामक होगा।

हिरासत के बताए गए आधारों में सबूत नष्ट करने और फरार होने की आशंका शामिल थी। बताया जाता है कि हिरासत जारी रखने के फैसले को चुनौती देने की बाद की कोशिश खारिज कर दी गई। ये फैसले कार्यवाही के दौरान हिरासत से जुड़े हैं, आरोप साबित होने से नहीं।

आपराधिक शिकायतें और वित्तीय दांव

किम सू-ह्यून ने गासेयोन और किम से-रॉन के परिवार के सदस्यों के खिलाफ कथित झूठे बयानों के जरिए मानहानि की आपराधिक शिकायतें दर्ज कराईं। उनके परिवार ने अलग से पुलिस में बाल कल्याण अधिनियम के कथित उल्लंघन और अन्य अपराधों की शिकायत की। बताया जाता है कि पुलिस ने उस शिकायत को अभियोजन पक्ष के पास भेजे बिना बंद कर दिया।

किम से-ई पर लगाए गए आरोपों में सूचना एवं संचार नेटवर्क अधिनियम के तहत मानहानि, यौन हिंसा और पीछा करने से जुड़े कानूनों का उल्लंघन और हिरासत संबंधी एक पुरानी खबर में धमकी देना शामिल है। इन अलग-अलग विवरणों का संबंध कार्यवाही के अलग चरणों या हिस्सों से हो सकता है। खबरों में अंतिम अभियोग का पूरा विवरण प्रकाशित नहीं किया गया है।

अभियोजन पक्ष ने कथित तौर पर प्रसारणों से जुड़ी 11.5 करोड़ वॉन की विज्ञापन आय और 5.44 करोड़ वॉन के चंदे की पहचान की, यानी कुल 16.94 करोड़ वॉन। इस रकम का लगभग 68% हिस्सा विज्ञापन और 32% चंदे का था। किसी रकम को गैरकानूनी आय मानना कानूनी सवाल है, सिर्फ आय मिलने से यह अपने आप साबित नहीं होता।

मूल खबर में आरोपों को आगे बढ़ाने वाले 25 से अधिक प्रसारणों का जिक्र है। एक अन्य खबर पहले महीने में 21 प्रसारण गिनती है। ये आंकड़े जरूरी नहीं कि एक-दूसरे के विरोध में हों, क्योंकि उनकी समयावधि अलग-अलग हो सकती है। बताया जाता है कि चैनल के सब्सक्राइबर एक महीने से भी कम समय में लगभग 9 लाख से बढ़कर 10 लाख से अधिक हो गए।

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किम सू-ह्यून और गासेयोन के मामले में क्या अब भी अनसुलझा है

किम सू-ह्यून के प्रतिनिधियों द्वारा दावा किया गया वित्तीय नुकसान प्रसारणों से जुड़ी बताई गई आय से काफी अधिक है। उनके वकील को सांग-रोक ने लगभग 20 विज्ञापन अनुबंध और अभिनय का काम रुकने के बाद करीब 30 अरब वॉन के नुकसान का अनुमान लगाया। यह उनके प्रतिनिधि का अनुमान है, अदालत द्वारा तय किया गया हर्जाना नहीं।

किम सू-ह्यून ने 12 अरब वॉन के हर्जाने की मांग करते हुए दीवानी दावा भी दायर किया। उस मामले में मांगी गई रकम और कुल नुकसान का व्यापक अनुमान अलग-अलग माप हैं, इन्हें एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इन खबरों में दीवानी दावे के नतीजे का जिक्र नहीं है।

13 अक्टूबर 2026 की एक खबर के मुताबिक, उन्होंने विदेश में विज्ञापन शूट के जरिए कुछ काम फिर शुरू किया था और पिछले महीने एक घरेलू पुरस्कार समारोह में शामिल हुए थे। ये कार्यक्रम सार्वजनिक जीवन में उनकी वापसी का संकेत देते हैं, लेकिन यह साबित नहीं करते कि उनका कितना काम या आय वापस मिली है।

अब सबसे अहम मुद्दे आपराधिक अभियोजन का नतीजा, कथित बदलावों के लिए जिम्मेदारी, रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और स्रोत तथा हर्जाने का दीवानी मामला हैं। अगली सुनवाई की तारीख या फैसले की समयसीमा नहीं बताई गई है। परिवार की शिकायत अभियोजन पक्ष को न भेजने का बताया गया फैसला एक ठोस प्रक्रियागत घटनाक्रम है, जबकि किम से-ई के खिलाफ आरोपों पर अब भी न्यायिक फैसला होना बाकी है।

दोनों पक्षों के लिए यह फर्क अहम है: फोरेंसिक जांच के बताए गए निष्कर्ष किम सू-ह्यून पर आरोप लगाने के लिए इस्तेमाल किए गए सबूतों को चुनौती देते हैं, लेकिन इनसे गासेयोन, परिवार या व्यक्ति A के खिलाफ हर आरोप को साबित तथ्य मानना उचित नहीं हो जाता।

मुख्य बातें

  • बताया जाता है कि पुलिस ने किम से-रॉन के चार आईफोन और क्लाउड में संग्रहीत काकाओटॉक के लगभग 200 स्क्रीनशॉट की जांच की।
  • कथित तौर पर विवादित 2016 की बातचीत का संबंध एक अन्य सेलिब्रिटी से जोड़ा गया, जिसका नाम मूल संदेशों में था।
  • जांचकर्ताओं को कथित तौर पर किम सू-ह्यून के साथ नाबालिग उम्र में संबंध का समर्थन करने वाला कोई सबूत नहीं मिला और उन्होंने परिवार की शिकायत अभियोजन पक्ष को भेजने से इनकार कर दिया।
  • आरोप है कि गासेयोन के कर्मचारियों ने किम से-ई के निर्देश पर भेजने वाले का नाम बदला। उन्होंने गलत काम करने से इनकार किया है।
  • बताया जाता है कि पुलिस ने एक अलग आवाज़ वाली रिकॉर्डिंग को AI से बदला हुआ माना। वहीं, खबरों में परस्पर विरोधी रिकॉर्डिंग और फोरेंसिक एजेंसी की अनिर्णायक जांच का जिक्र है।
  • अभियोजन पक्ष ने कथित तौर पर विज्ञापन आय और चंदे से कुल 16.94 करोड़ वॉन की पहचान की। आपराधिक जिम्मेदारी और हर्जाने के मामले अदालतों के फैसले के लिए बाकी हैं।
  • हिरासत के वर्ष को लेकर खबरों में मतभेद है और अगली सुनवाई की तारीख नहीं बताई गई है।
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