कैदी की मौत के बाद कीलुंग जेल ने माना कि हद से ज़्यादा बल प्रयोग किया गया

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Keelung Prison Admits Excessive Force After Inmate Dies Within Two Days of Arrival

जेल ने माना: गार्डों ने बल प्रयोग की सीमा लांघी

ताइवान की कीलुंग जेल ने माना है कि दो गार्डों ने 55 वर्षीय एक कैदी को काबू में करते समय ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग किया था। हिरासत में आने के दो दिन से भी कम समय बाद कैदी की मौत हो गई। यू और यांग उपनाम वाले दोनों गार्डों का तबादला कर दिया गया है और अभियोजक चोट पहुंचाने से मौत होने के संदेह की जांच कर रहे हैं।

विषय-सूची
  1. जेल ने माना: गार्डों ने बल प्रयोग की सीमा लांघी
  2. जेल के मुताबिक क्या हुआ
  3. परिवार ने बार-बार मारने और शौचालय का पानी फेंकने का आरोप लगाया
  4. क्या चेन विरोध कर रहा था या पहले से बेहोश था?
  5. आने और घटना का पता चलने के समय को लेकर मतभेद
  6. मौत का कारण शव परीक्षण से स्थापित होना जरूरी
  7. तबादला और प्रशासनिक जांच
  8. क्या स्थापित है और किन बातों पर फैसला बाकी है
  9. मुख्य बातें

जेल सचिव चू चिह-चेंग ने 13 अक्टूबर को पुष्टि की कि निगरानी कैमरों की फुटेज की समीक्षा में सामने आया कि 7 अक्टूबर को चेन उपनाम वाले कैदी को काबू करते समय गार्डों ने आनुपातिकता के सिद्धांत का उल्लंघन किया। इस सिद्धांत के अनुसार, अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किया गया बल स्थिति के अनुपात में होना चाहिए। जेल की स्वीकारोक्ति से अनुचित आचरण का उसका निष्कर्ष स्थापित होता है, लेकिन चेन की मौत का चिकित्सकीय कारण और किसी की आपराधिक जिम्मेदारी अब भी जांच के दायरे में है।

चेन के परिवार का कहना है कि मुठभेड़ जेल के शुरुआती विवरण में बताए गए तरीके से कहीं अधिक हिंसक थी। उसके बड़े भाई के मुताबिक, निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग में बार-बार घूंसे मारना, दीवार से टकराना और एक गार्ड का चेन पर शौचालय का पानी फेंकना दिखा। परिजन इस बात पर भी सवाल उठा रहे हैं कि गार्डों के हस्तक्षेप के समय चेन होश में था और विरोध करने की स्थिति में था या नहीं।

9 अक्टूबर को शव की जांच के बाद अभियोजकों ने दोनों गार्डों को चोट पहुंचाने से मौत होने के मामले में गंभीर रूप से संदिग्ध माना। उन्हें क्रमशः 200,000 और 150,000 न्यू ताइवान डॉलर की जमानत पर रिहा किया गया। मौत का कारण पता लगाने के लिए 12 अक्टूबर को इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक मेडिसिन के फॉरेंसिक चिकित्सकों की मौजूदगी में शव परीक्षण किया गया।

अब इस मामले में दो अलग-अलग प्रक्रियाएं चल रही हैं: गार्डों की कार्रवाई और मौत से उसके संभावित संबंध की आपराधिक जांच, तथा जेल के कर्तव्यों के उल्लंघन की प्रशासनिक जांच। न तो जमानत के फैसले और न ही जेल की स्वीकारोक्ति को आपराधिक दोषसिद्धि माना जा सकता है।

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जेल के मुताबिक क्या हुआ

चू के अनुसार, टकराव 7 अक्टूबर की सुबह शुरू हुआ। जेल का कहना है कि चेन ने निर्देशों का पालन नहीं किया, अपनी कोठरी के अन्य कैदियों से बहस की और कर्मचारियों को उकसाया, जिससे जेल का अनुशासन बिगड़ा। इसके बाद यू और यांग ने उसे काबू किया और साझा कोठरी से बाहर निकाला।

पहले दिए गए विवरण में कहा गया था कि दाखिले की प्रक्रिया के दौरान चेन बिस्तर पर लेटा था और उठने से इनकार कर रहा था। जेल ने शुरू में कहा था कि उसने निर्देशों का पालन नहीं किया और विरोध करता दिखा। साथ ही जेल ने यह जांचने का आश्वासन दिया था कि कार्रवाई ड्यूटी संबंधी नियमों के अनुरूप थी या नहीं।

13 अक्टूबर तक जेल का रुख अधिक स्पष्ट हो गया था। कोठरी और निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखने के बाद उसने माना कि गार्डों की कार्रवाई काबू करने के लिए स्वीकार्य सीमा से आगे चली गई थी। इस निष्कर्ष से विवादित हर पहलू स्पष्ट नहीं होता, जिनमें टकराव शुरू होने के समय चेन की हालत और कथित मारपीट का क्रम शामिल है।

यह अंतर अहम है, क्योंकि किसी अधिकारी के हस्तक्षेप का कारण और उसके बाद इस्तेमाल किए गए बल की मात्रा दो अलग-अलग बातें हैं। जेल के अपने विवरण के मुताबिक चेन ने अनुशासन भंग किया था, फिर भी उसकी समीक्षा में कार्रवाई को अत्यधिक पाया गया।

परिवार ने बार-बार मारने और शौचालय का पानी फेंकने का आरोप लगाया

चेन के बड़े भाई का कहना है कि उन्होंने 8 अक्टूबर की दोपहर निगरानी कैमरों की फुटेज देखी। उन्होंने बताया कि स्वागत कक्ष में आठ कैदी थे और उनका भाई सिकुड़कर लेटा दिख रहा था। भाई को लगा कि शायद उसने दवा ली थी। चेन की हालत के बारे में यह उनके भाई की व्याख्या है, कोई स्थापित चिकित्सकीय निष्कर्ष नहीं।

भाई के मुताबिक, दो कर्मचारियों ने चेन को दोनों तरफ से उठाया और प्रत्येक ने उसे कम से कम 20 घूंसे मारे। उन्होंने कहा कि फर्श पर पकड़े रहने के दौरान भी वे चेन को मारते रहे। फिर उसे घसीटकर एक अलग कोठरी की ओर ले गए और दरवाजा खुलने पर दीवार से धकेल दिया।

भाई ने यह भी आरोप लगाया कि हथकड़ी हटाने के बाद एक गार्ड ने प्लास्टिक के कटोरे से शौचालय का पानी निकाला और चेन पर फेंक दिया, फिर वहां से चला गया। फुटेज के अन्य विवरणों में भी हथकड़ी पहनाने, जमीन पर पड़े चेन को पीटने और दीवार से टकराने के आरोप लगाए गए हैं।

ये गंभीर आरोप हैं, जिनकी पूरी रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच होनी चाहिए। जेल ने अत्यधिक बल प्रयोग की बात स्वीकार की है, लेकिन परिवार द्वारा बताए गए हर कृत्य की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है। उसका कहना है कि निगरानी फुटेज समेत सभी प्रासंगिक सामग्री कीलुंग जिला अभियोजक कार्यालय को सौंप दी गई है।

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क्या चेन विरोध कर रहा था या पहले से बेहोश था?

मुख्य तथ्यात्मक विवाद यह है कि बल प्रयोग के समय चेन प्रतिक्रिया देने की स्थिति में था या नहीं। जेल का कहना है कि उसने अवज्ञा की और संभवतः विरोध किया। परिवार के सदस्यों का कहना है कि फुटेज में वह पहले से बेहोश दिख रहा था, इसलिए उसे काबू करने की जरूरत नहीं थी।

इन दोनों विवरणों को एक जैसा नहीं माना जा सकता। जांचकर्ताओं को हर चरण में चेन की हालत पता करनी होगी: साझा कोठरी में, काबू किए जाने के दौरान, दूसरी जगह ले जाते समय और अलग कोठरी में रखे जाने के बाद। रिकॉर्डिंग में उसकी हरकतें और कर्मचारियों की कार्रवाई दिख सकती है, लेकिन होश की स्थिति और शारीरिक परेशानी का आकलन करने के लिए चिकित्सकीय साक्ष्य भी जरूरी हैं।

चेन के भाई का कहना है कि उसी रात देर से उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। उसे उल्टियां हुईं और उस पर नियंत्रण नहीं रहा। करीब सुबह 5 बजे उसमें जीवन के संकेत नहीं रहे। मुठभेड़ के बाद की अवधि के बारे में ये परिवार के आरोप हैं। इन लक्षणों का कारण स्थापित करने वाले फॉरेंसिक निष्कर्ष अभी जारी नहीं हुए हैं।

परिवार का यह भी कहना है कि शुरुआत में उन्हें केवल पुनर्जीवन के प्रयासों की फुटेज दिखाई गई थी और पहले की रिकॉर्डिंग मांगने के बाद उन्हें कथित हमले के बारे में पता चला। जेल का यह बयान कि उसने सारी सामग्री अभियोजकों को सौंप दी है, जांच में साक्ष्य की उपलब्धता से जुड़ा है, लेकिन परिवार को पहले क्या दिखाया गया था, इस बारे में उसकी चिंता का समाधान नहीं करता।

आने और घटना का पता चलने के समय को लेकर मतभेद

घटनाक्रम 6 से 13 अक्टूबर तक फैला है, लेकिन इसके कुछ समय को लेकर रिपोर्टों में कई घंटों का अंतर है। जेल के बाद के विवरण के मुताबिक, चेन को 6 अक्टूबर को रात करीब 9 बजे दाखिल किया गया। उसके भाई का कहना है कि यह समय रात करीब 10 बजे था। एक अन्य विवरण में 7 अक्टूबर सुबह करीब 7 बजे दाखिले की बात कही गई है। इससे पहले पुलिस ने उसे पिछली दोपहर पकड़ा था।

  • 6 अक्टूबर: खबरों के मुताबिक, पुलिस ने चेन को शाम करीब 5 बजे पकड़ा और अभियोजकों के पास ले गई। जेल का कहना है कि वह रात करीब 9 बजे हिरासत में आया; उसके भाई के मुताबिक, यह समय करीब 10 बजे था।
  • 7 अक्टूबर: एक अलग विवरण में जेल में दाखिले का समय सुबह करीब 7 बजे बताया गया है। उसी सुबह दोनों गार्डों के साथ मुठभेड़ हुई।
  • 8 अक्टूबर: चेन अलग कोठरी में बेहोशी की हालत में मिला। कुछ विवरणों में समय सुबह करीब 5 बजे और कुछ में 7 बजे बताया गया है। खबरों के मुताबिक, आपातकालीन इलाज के बावजूद उसकी मौत हो गई।
  • 9 अक्टूबर: एक अभियोजक और फॉरेंसिक चिकित्सक ने शव की जांच की। इसके बाद दोनों गार्डों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
  • 12 अक्टूबर: मौत के कारण की जांच के लिए फॉरेंसिक चिकित्सकों ने शव परीक्षण किया।
  • 13 अक्टूबर: चू ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की कि जेल ने बल प्रयोग को अत्यधिक पाया है और गार्डों का तबादला कर दिया है।

जेल के बताए रात 9 बजे के दाखिले और सुबह 5 बजे शव मिलने के समय के आधार पर यह अंतर करीब 32 घंटे बैठता है। दाखिले के सुबह 7 बजे और शव मिलने के सुबह 7 बजे वाले वैकल्पिक समय के आधार पर यह करीब 24 घंटे होता है। दोनों ही स्थितियों में मौत दाखिले के दो दिन के भीतर हुई, लेकिन सटीक घटनाक्रम स्पष्ट करने के लिए हिरासत और चिकित्सकीय रिकॉर्ड जरूरी हैं।

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मौत का कारण शव परीक्षण से स्थापित होना जरूरी

12 अक्टूबर को हुआ शव परीक्षण यह तय करने में अहम है कि मुठभेड़ में लगी चोटों से चेन की मौत हुई या उसमें उनका कोई योगदान था। 9 अक्टूबर को अभियोजक चेन यी-यिन और एक फॉरेंसिक चिकित्सक ने शव की जांच की थी। बाद के शव परीक्षण में इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक मेडिसिन के चिकित्सक शामिल हुए।

परिवार का कहना है कि जेल कर्मचारियों ने शुरुआत में दिल का दौरा पड़ने की आशंका जताई थी। चेन के भाई के मुताबिक, जेल के एक प्रबंधन अधिकारी ने दिल की दवा के इस्तेमाल का रिकॉर्ड होने की बात भी कही थी। न तो दवा का इतिहास और न ही शुरुआती आशंका मौत का कारण स्थापित करती है।

एक पहले के विवरण में हेरोइन के पूर्व इस्तेमाल को भी संभावित चिकित्सकीय पहलू बताया गया था। नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को इस मौत से जोड़ने वाला कोई फॉरेंसिक निष्कर्ष घोषित नहीं हुआ है। ऐसी संभावनाओं को शव की जांच, चिकित्सकीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों से पुष्ट निष्कर्षों से अलग रखा जाना चाहिए।

कुछ खबरों में बताया गया कि अभियोजकों ने निष्कर्ष निकाला है कि गार्डों ने चेन को पीट-पीटकर मार डाला। यह उपलब्ध प्रक्रियात्मक तथ्यों से कहीं अधिक मजबूत दावा है: अभियोजकों ने गार्डों को गंभीर संदिग्ध माना, जमानत दी और मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए शव परीक्षण कराया। चोट पहुंचाने से मौत होने का संदेह न तो अंतिम चिकित्सकीय निष्कर्ष है और न ही अदालत का फैसला।

तबादला और प्रशासनिक जांच

जेल का कहना है कि दोनों गार्डों को क्रमशः तीन और चार साल की सेवा हो चुकी है और पहले उनके ड्यूटी संबंधी किसी उल्लंघन का पता नहीं चला था। जेल यह भी कहती है कि उसकी जांच में किसी गार्ड और चेन के बीच निजी विवाद नहीं मिला। यह परिवार की उस चिंता का जवाब है कि पहले की कोई शिकायत कथित हिंसा का कारण हो सकती थी।

चू के मुताबिक, दोनों गार्डों ने अफसोस जताया और अपनी भावनाओं पर काबू न रख पाने से हुई समस्याओं के लिए संस्था से माफी मांगी। खबरों में यह माफी संस्था से मांगी गई थी; चेन के परिवार से माफी का उल्लेख नहीं है।

जेल का कहना है कि उसने दोनों गार्डों को उनकी मूल इकाई में सेवा जारी रखने के लिए अनुपयुक्त पाया और उनकी ड्यूटी में बदलाव कर दिया। तबादला बर्खास्तगी या अंतिम अनुशासनात्मक सजा के समान नहीं है। किसी अंतिम प्रशासनिक दंड की घोषणा नहीं हुई है।

चू ने न्यायिक जांच में सहयोग का भी आश्वासन दिया। प्रशासनिक कार्यवाही यह जांच सकती है कि कर्मचारियों ने ड्यूटी संबंधी नियमों का उल्लंघन किया या नहीं, जबकि अभियोजक यह देख रहे हैं कि साक्ष्य आपराधिक आरोप लगाने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं और कथित कार्रवाई से मौत हुई या नहीं। दोनों जांचें आपस में जुड़ी हैं, लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों से संबंधित हैं।

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क्या स्थापित है और किन बातों पर फैसला बाकी है

खबरों के मुताबिक, चेन हिट-एंड-रन मामले में एक साल की सजा काटने के लिए जेल आया था। पुलिस ने उसे नशीले पदार्थों, सड़क दुर्घटना के बाद घटनास्थल छोड़ने और असुरक्षित ढंग से वाहन चलाने से जुड़े लंबित मामलों में पकड़ा था। ये विवरण बताते हैं कि वह हिरासत तक कैसे पहुंचा, लेकिन इनसे यह तय नहीं होता कि गार्डों की कार्रवाई कानूनी थी या नहीं।

इस घटना से असंबद्ध एक पूर्व कैदी और एक पूर्व जेल कर्मचारी ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौखिक संवाद, बंधन और अनुशासन संबंधी अंक प्रणाली के इस्तेमाल के बारे में बताया। ये टिप्पणियां सीमित संदर्भ देती हैं; वे न तो चेन की कोठरी में क्या हुआ, इसका सबूत हैं और न ही मुठभेड़ पर लागू नियमों का निष्कर्ष।

अब तक की सबसे ठोस पुष्टि जेल की अपनी स्वीकारोक्ति है कि कार्रवाई आनुपातिकता की सीमा से आगे चली गई। बाकी सवालों में कर्मचारियों की पूरी कार्रवाई का क्रम, चेन की होश की स्थिति, रात में उसकी कथित तबीयत बिगड़ने पर की गई देखभाल और किसी चोट का उसकी मौत से चिकित्सकीय संबंध शामिल हैं।

मामले की खबरों में शव परीक्षण का नतीजा, आरोप तय करने का फैसला, अंतिम अनुशासनात्मक कार्रवाई या अदालत में सुनवाई की तारीख घोषित नहीं की गई है। आगे की अहम जानकारी फॉरेंसिक निष्कर्षों और आपराधिक तथा प्रशासनिक जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।

मुख्य बातें

  • कीलुंग जेल ने 7 अक्टूबर को चेन को काबू करते समय अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने की बात स्वीकार की।
  • 55 वर्षीय कैदी की जेल में दाखिले के दो दिन के भीतर मौत हो गई, हालांकि दाखिले और शव मिलने के सटीक समय को लेकर विवरण अलग-अलग हैं।
  • परिवार ने बार-बार घूंसे मारने, दीवार से टकराने और उस पर शौचालय का पानी फेंकने का आरोप लगाया है।
  • दोनों गार्डों का तबादला किया गया और उन्हें क्रमशः 200,000 तथा 150,000 न्यू ताइवान डॉलर की जमानत पर रिहा किया गया।
  • 12 अक्टूबर को शव परीक्षण हुआ; मौत का अंतिम कारण घोषित नहीं किया गया है।
  • आपराधिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक दंड पर फैसला होना बाकी है।
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