विदेशी निवेशकों की 131 अरब डॉलर की निकासी और एआई तेजी फीकी पड़ने से दक्षिण कोरियाई शेयरों से खरीदार दूर

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South Korean Stocks Lose Buyers as Foreign Outflows Hit $131 Billion and AI Rally Fades

बाजार में पलटाव से चिप दिग्गजों पर दबाव

2026 में विदेशी निवेशकों ने दक्षिण कोरिया के शेयरों से कथित तौर पर 131 अरब डॉलर निकाल लिए हैं, जबकि कारोबार का मूल्य मई के आखिर के शिखर से करीब 70% घट गया है। साल की पहली छमाही में प्रमुख वैश्विक शेयर सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन करने वाला कोस्पी दूसरी छमाही में 22% गिरा है। निवेशक उस तेजी का फिर से आकलन कर रहे हैं, जो काफी हद तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिपों पर टिकी थी।

विषय-सूची
  1. बाजार में पलटाव से चिप दिग्गजों पर दबाव
  2. तेजी के दौरान भी विदेशी हिस्सेदारी घटी
  3. दो कंपनियां इतनी अहम क्यों हैं
  4. आय का असर घटने के साथ बायबैक भी खत्म
  5. गर्मियों की बिकवाली के बाद परिवारों ने निवेश घटाया
  6. लीवरेज वाले फंड से अस्थिरता पर बहस तेज
  7. ताइवान में रुचि बढ़ी, लेकिन वहां से भी निकासी हुई
  8. आय और महंगाई के अगले आंकड़ों से क्या पता चलेगा
  9. रुख में बदलाव से जुड़ी तारीखें
  10. मुख्य बिंदु

दक्षिण कोरिया के 4.3 लाख करोड़ डॉलर के शेयर बाजार में आए इस पलटाव ने सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स पर उसकी निर्भरता उजागर की है। दोनों कंपनियों का संयुक्त रूप से बेंचमार्क में आधे से अधिक भार है, जिससे उनके शेयरों का पूरे सूचकांक की दिशा पर असाधारण रूप से बड़ा असर पड़ता है।

अक्टूबर के आंकड़े बताते हैं कि गिरावट शेयर कीमतों से आगे भी फैली है। 8 अक्टूबर को सैमसंग में विदेशी हिस्सेदारी 46.38% थी, जो 11 जनवरी 2008 के बाद सबसे कम है। उस दिन यह हिस्सेदारी 46.35% थी। एसके हाइनिक्स में विदेशी हिस्सेदारी घटकर 49.59% रह गई, जो 2023 से कायम 50% की सीमा से नीचे है।

कंपनियों की अपनी शेयर खरीद से मिलने वाला सहारा भी कम हो रहा है। हालिया खबरों के मुताबिक, सैमसंग ने 6 अक्टूबर को शेयर बायबैक पूरा कर लिया, जबकि एसके हाइनिक्स 9 अक्टूबर तक घोषित खरीद का 80% से अधिक पूरा कर चुकी थी। दोनों कंपनियों के कार्यक्रमों का कुल मूल्य 55 लाख करोड़ वॉन, यानी करीब 41 अरब डॉलर था।

इसलिए तात्कालिक समस्या एआई को लेकर उत्साह में बदलाव से कहीं बड़ी है। विदेशी निवेशक बिकवाली कर रहे हैं, परिवारों ने कर्ज लेकर निवेश और ब्रोकरेज खातों में रखी नकदी घटाई है, और दो बड़ी कॉरपोरेट खरीदार कंपनियां अपनी खरीद पूरी करने के करीब हैं। अब तक मजबूत आय भी इन स्थितियों के मिले-जुले असर को पलट नहीं पाई है।

तेजी के दौरान भी विदेशी हिस्सेदारी घटी

सैमसंग में विदेशी हिस्सेदारी 2026 की शुरुआत में 52.40% के शिखर से घटकर 8 अक्टूबर को 46.38% रह गई, यानी 6.02 प्रतिशत अंक की गिरावट। मार्च में यह 50% से नीचे आई, मई में 48% के दायरे में और जुलाई में 47% के दायरे में पहुंच गई। यानी व्यापक बाजार में तेजी जारी रहने के दौरान ही विदेशी निवेशकों की निकासी शुरू हो चुकी थी।

एसके हाइनिक्स का रुझान भी ऐसा ही रहा। इस साल की शुरुआत में विदेशी हिस्सेदारी 54.64% से गिरकर 49.59% रह गई, यानी 5.05 प्रतिशत अंक की कमी। ताजा आंकड़ा 2024 के 56.41% के स्तर से भी 6.82 प्रतिशत अंक नीचे था। कोस्पी के इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में विदेशी हिस्सेदारी साल की शुरुआत के 40.87% से घटकर 38.09% रह गई।

एक अलग आंकड़े के मुताबिक, इस साल कोस्पी के शेयरों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली 197 लाख करोड़ वॉन से अधिक रही। इस आंकड़े और बताई गई 131 अरब डॉलर की निकासी को दो अलग-अलग बिकवाली राशियां मानकर जोड़ना नहीं चाहिए। तुलना से पहले उनकी मुद्रा, बाजार का दायरा और मापन अवधि एक समान होनी चाहिए।

कोरिया एक्सचेंज अपने निवेशक कारोबार डेटासेट में निवेशकों की खरीद, बिक्री और शुद्ध खरीद के आंकड़े देता है। उसकी सूचना के मुताबिक, नियमित सत्र के लेनदेन के आंकड़े दोपहर 3:45 बजे के बाद उपलब्ध होने की उम्मीद है, जबकि नियमित समय के बाहर के कारोबार समेत अंतिम आंकड़े रात 8 बजे के बाद आने की संभावना है। एक्सचेंज ने यह भी चेताया है कि जानकारी में त्रुटियां हो सकती हैं या उसे प्रकाशित होने में देर हो सकती है। पेज के अंश में सालाना निकासी का कुल आंकड़ा सीधे नहीं दिखता, इसलिए यह प्रमुख आंकड़ा एक्सचेंज डेटा के संकलन के तौर पर रिपोर्ट किया गया है।

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दो कंपनियां इतनी अहम क्यों हैं

मेमोरी चिपें कोरिया की एआई निवेश कहानी के केंद्र में हैं। एआई प्रणालियों को गणना करने वाले प्रोसेसरों के साथ-साथ कंप्यूटिंग में इस्तेमाल होने वाले बड़े डेटा को रखने और स्थानांतरित करने के लिए मेमोरी की जरूरत होती है। निवेशकों ने इस बुनियादी ढांचे पर होने वाले खर्च में हिस्सेदारी पाने के लिए सैमसंग और एसके हाइनिक्स के शेयर खरीदे।

जिस संकेंद्रण ने कोस्पी को ऊपर उठाने में मदद की, वही अब मेमोरी की मांग, मुनाफे और उद्योग की तेजी कितने समय तक टिकेगी, इस पर संदेह बढ़ने से उसे कमजोर भी बनाता है। जब सूचकांक का आधे से अधिक भार दो कंपनियों पर हो, तो अन्य शेयरों की बढ़त में इन दोनों के शेयरों की बिकवाली की भरपाई करना मुश्किल हो सकता है।

रेलिएंट ग्लोबल एडवाइजर्स में पोर्टफोलियो प्रबंधन प्रमुख फिलिप वूल ने कहा कि उनका फंड कोरियाई एआई में अपना निवेश घटा रहा है और सैमसंग तथा एसके हाइनिक्स में उसकी हिस्सेदारी बेंचमार्क के अनुपात से कम है। उन्होंने उन निवेशकों के सामने आने वाली चुनौती बताई जिन्होंने मेमोरी कारोबार में देर से प्रवेश किया:

मुझे ज्यादातर निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह दिखती है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने मेमोरी चिप के कारोबार के चलते हाल ही में कोरिया में निवेश शुरू किया है, कि इस थीम से आसान मुनाफे का मौका निकल चुका है,

एलएस सिक्योरिटीज के शोधकर्ता ह्वांग सान-हे ने एक और दबाव की ओर इशारा किया: एआई निवेश में अगुवाई अब मेमोरी से आगे बढ़कर कस्टम चिपों, पुर्जों, उपकरणों और साइबर सुरक्षा तक फैल रही है। कोरिया को एआई खर्च से लाभ मिलता रह सकता है, जबकि मेमोरी-केंद्रित उसका बेंचमार्क उन बाजारों की तुलना में कम पूंजी आकर्षित करे जहां कारोबार के अधिक विविध क्षेत्र मौजूद हैं।

आय का असर घटने के साथ बायबैक भी खत्म

सैमसंग और एसके हाइनिक्स अपने ही शेयरों के बड़े खरीदार रहे हैं। शेयर खरीदने से बिकवाली के लिए उपलब्ध शेयरों को सोखकर मांग को सहारा मिल सकता है, हालांकि इससे कीमतों में बढ़ोतरी की गारंटी नहीं मिलती। खबरों में उद्धृत जेपीमॉर्गन चेज के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने बाजार में करीब 23 अरब डॉलर के खरीद आदेशों में अधिकांश हिस्सा इन कंपनियों के बायबैक का था।

अब समय अहम है। पहले की खबरों में दोनों कार्यक्रमों के जल्द पूरा होने की बात कही गई थी। अक्टूबर के अधिक विस्तृत अपडेट के मुताबिक, सैमसंग का कार्यक्रम 6 अक्टूबर को खत्म हुआ और एसके हाइनिक्स 9 अक्टूबर तक 80% से अधिक खरीद पूरी कर चुकी थी। विदेशी बिकवाली जारी रहने के बीच कॉरपोरेट मांग का बचा हुआ हिस्सा अब कम है।

खबरों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने 6 से 8 अक्टूबर के दौरान घरेलू शेयरों में शुद्ध रूप से 6 लाख करोड़ वॉन से अधिक की बिकवाली की। 8 अक्टूबर को सैमसंग के उम्मीद से बेहतर शुरुआती तीसरी तिमाही नतीजे जारी करने के बावजूद कोस्पी 2% से अधिक गिरकर करीब 6,620 पर आ गया। तिमाही परिचालन मुनाफे में करीब नौ गुना बढ़ोतरी की खबर के बावजूद सैमसंग के शेयर भी गिरे।

एक खबर में सैमसंग का तिमाही परिचालन मुनाफा 107 लाख करोड़ वॉन बताया गया है, लेकिन यहां कोई आधिकारिक आय-विवरण इस राशि की पुष्टि नहीं करता। अधिक पुष्ट निष्कर्ष सीमित है: मुनाफे में कथित मजबूत सुधार भी बिकवाली नहीं रोक पाया। 8 अक्टूबर को ईटीएफ के पोर्टफोलियो में फेरबदल और विकल्पों की अवधि समाप्त होना भी दबाव के कारण बताए गए, इसलिए उस दिन के कारोबार को केवल मुनाफे पर फैसले के रूप में देखना सही नहीं होगा।

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गर्मियों की बिकवाली के बाद परिवारों ने निवेश घटाया

खबरों के मुताबिक, खुदरा निवेशकों ने पहली छमाही में कोस्पी को 100% की बढ़त दिलाने में मदद की। जुलाई की बिकवाली के बाद परिवारों की खरीद क्षमता के संकेतक कमजोर हुए हैं। खबरों में उद्धृत कोरिया फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, बकाया मार्जिन कर्ज करीब 33 लाख करोड़ वॉन था, जबकि जून में यह 38.6 लाख करोड़ वॉन के शिखर पर पहुंचा था।

यह 5.6 लाख करोड़ वॉन, या करीब 14.5% की कमी है। मार्जिन कर्ज के जरिए निवेशक उधार लेकर शेयर खरीदते हैं। कर्ज घटने का अर्थ बाजार में जोखिम कम होना हो सकता है, लेकिन कर्ज चुकाने के लिए शेयर बेचने पड़ सकते हैं, जिससे गिरावट के दौरान मांग और घटती है।

ब्रोकरेज खातों में नकदी का बैलेंस करीब 140 लाख करोड़ वॉन से घटकर लगभग 100 लाख करोड़ वॉन रह गया है, यानी करीब 29% की कमी। इसमें ब्रोकरेज खातों में रखी वह रकम शामिल है जिसे निवेश किया जा सकता है। इस गिरावट से यह पता नहीं चलता कि परिवारों ने अपना पैसा कहां लगाया, लेकिन इससे तुरंत निवेश के लिए उपलब्ध रकम का छोटा होता भंडार जरूर जाहिर होता है।

खबरों में कारोबार के मूल्य में करीब 70% गिरावट बताई गई है, जबकि 11 अक्टूबर की एक खबर में कारोबार की मात्रा शब्द का इस्तेमाल किया गया है। दोनों अलग माप हैं: कारोबार का मूल्य आम तौर पर लेनदेन की रकम बताता है, जबकि मात्रा से तात्पर्य शेयरों की संख्या से है। दोनों विवरण गतिविधि में तेज गिरावट दिखाते हैं, लेकिन इन प्रतिशतों को दोनों मापों के अलग-अलग पुष्ट आंकड़े नहीं मानना चाहिए।

लीवरेज वाले फंड से अस्थिरता पर बहस तेज

परिवारों की बचत को घरेलू शेयरों की ओर लगाने की सरकारी कोशिशें गर्मियों में बाजार के पलटाव पर बहस का हिस्सा बन गई हैं। खबरों के मुताबिक, नियामकों ने सैमसंग और एसके हाइनिक्स समेत कंपनियों से जुड़े एक दर्जन से अधिक लीवरेज्ड ईटीएफ की शुरुआत तेज की। राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के प्रशासन ने बाद में आपात बैठकें कीं और नियामकों ने इन उत्पादों में खुदरा निवेश सीमित करने के उपाय शुरू किए।

लीवरेज्ड ईटीएफ का लक्ष्य रोजाना के रिटर्न को बढ़ाकर देना होता है। इसके लिए अक्सर डेरिवेटिव और उधार का इस्तेमाल किया जाता है। डाइरेक्शन डेली साउथ कोरिया बुल 3एक्स शेयर्स, जिसे केओआरयू के नाम से जाना जाता है, कोस्पी नहीं बल्कि एमएससीआई कोरिया सूचकांक के रोजाना प्रदर्शन का तीन गुना लक्ष्य रखता है। रोजाना रीसेट होने के कारण कई हफ्तों या महीनों का इसका रिटर्न उस अवधि में सूचकांक के रिटर्न का तीन गुना होना जरूरी नहीं है।

बताया गया कि जून में केओआरयू करीब 28% और जुलाई में 61% से अधिक गिरा, फिर भी उस रिपोर्ट के समय 2026 में अब तक 43.72% ऊपर था। ये आंकड़े दिखाते हैं कि पहले की बड़ी तेजी के साथ बाद में भारी नुकसान भी हो सकता है। सोमवार को बाजार खुलने पर कोस्पी करीब 5% गिरा, जबकि केओआरयू के रातोंरात करीब 8% चढ़ने की खबर भी अलग-अलग कारोबारी सत्रों और अलग बेंचमार्क से जुड़ी थी।

64,000 सदस्यों वाले कोरियन स्टॉकहोल्डर्स अलायंस के प्रमुख जंग ई-जंग ने लीवरेज्ड उत्पादों तक पहुंच बढ़ाने में सरकार की भूमिका की आलोचना की:

खास विडंबना यह है कि सरकार कहती है कि वह हालात पर काबू पाने की कोशिश कर रही है, जबकि यह जुए की मेज खुद सरकार ने ही लगाई थी,

अर्थशास्त्री स्टीव हैंके ने अपने साझा किए एक चार्ट का हवाला देते हुए कहा कि कोरियाई बेंचमार्क बिटकॉइन से अधिक अस्थिर हो गया है। चार्ट में इस्तेमाल अवधि और पद्धति के बिना यह तुलना कोई सामान्य रैंकिंग स्थापित नहीं कर सकती। हालांकि, यह बाजार के उतार-चढ़ाव को लेकर चिंता की तीव्रता जरूर दिखाती है।

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ताइवान में रुचि बढ़ी, लेकिन वहां से भी निकासी हुई

खबरों के मुताबिक, इस साल ताइवान का ताइएक्स 70% चढ़ा है और पिछली तिमाही में उसने कोस्पी से करीब 23 प्रतिशत अंक बेहतर प्रदर्शन किया। वहां तेजी का दायरा भी व्यापक रहा: सूचकांक में शामिल करीब 10% शेयरों की कीमत कम से कम दोगुनी हुई, जबकि कोस्पी के शेयरों में यह आंकड़ा 4.7% था। इस माप पर ताइवान में दोगुनी कीमत वाले शेयरों का अनुपात कोरिया से थोड़ा अधिक दोगुना है।

यूबीएस ग्लोबल वेल्थ मैनेजमेंट के मुख्य निवेश कार्यालय में एशिया परिसंपत्ति आवंटन प्रमुख चुन-लाइ वू ने कहा कि फर्म एआई में सामरिक निवेश के लिए ताइवान को तरजीह देती है:

इस समय हम एआई में अपना सामरिक निवेश ताइवान के शेयरों के जरिए करना पसंद करते हैं। वहां प्रौद्योगिकी हार्डवेयर का अधिक संपूर्ण तंत्र है और प्रमुख टेक कंपनियों की मजबूत खर्च योजनाओं का भी सहारा है,

यह पसंद इस बात का संकेत नहीं कि विदेशी निवेशकों ने ताइवान के शेयर लगातार खरीदे हैं। 11 अगस्त की एक खबर में एलएसईजी के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में ताइवान से विदेशी निवेशकों की शुद्ध निकासी 22.95 अरब डॉलर रही, जबकि जून में यह करीब 8 अरब डॉलर थी। दक्षिण कोरिया से जुलाई में 6.26 अरब डॉलर निकले। यह लगातार तीसरा महीना था जब वहां से पूंजी बाहर गई।

एशिया के सात बाजारों से जुलाई में शुद्ध निकासी 25.48 अरब डॉलर तक पहुंच गई। यह विदेशी बिकवाली का लगातार नौवां महीना था। ताइवान और कोरिया से मिलाकर 29.21 अरब डॉलर निकले, जो क्षेत्र की शुद्ध निकासी से अधिक था, क्योंकि अन्य जगहों पर आया निवेश इस रकम की कुछ भरपाई कर रहा था। भारत में 2.12 अरब डॉलर, थाईलैंड में 1.46 अरब डॉलर, इंडोनेशिया में 88 करोड़ डॉलर और फिलीपींस में 69 करोड़ डॉलर आए; वियतनाम से करीब 12 करोड़ डॉलर निकले।

यह अंतर ताइवान में एआई निवेश के व्यापक अवसरों को बाद में तरजीह दिए जाने और वहां पहले हुई भारी बिकवाली के बीच है, न कि कोरिया से ताइवान की ओर लगातार धन हस्तांतरण का। बीएनपी परिबा के विश्लेषकों ने चिप मांग के अनुमानों, कर्ज चुकाने और सस्ते एआई मॉडल के बारे में चीन की मूनशॉट घोषणा को लेकर चिंताओं का जिक्र किया। एचएसबीसी के हेराल्ड वैन डेर लिंडे ने कहा कि विविधीकरण चाह रहे निवेशकों के बीच बैंक ने एशिया में भारत की रेटिंग बढ़ाकर तटस्थ कर दी है।

आय और महंगाई के अगले आंकड़ों से क्या पता चलेगा

अक्टूबर के बाजार परिदृश्य में 12 से 16 अक्टूबर के सप्ताह को इस बात की परीक्षा बताया गया है कि क्या आय में बढ़ोतरी खत्म होते बायबैक की जगह ले सकती है। इसमें अमेरिका के सितंबर के उपभोक्ता और उत्पादक मूल्य आंकड़ों, तेल कीमतों और फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों को निकट अवधि के कारक बताया गया है, हालांकि उनकी सटीक जारी होने की तारीख और समय नहीं दिया गया।

अमेरिकी महंगाई अहम है क्योंकि इससे ब्याज दरों और सरकारी बॉन्ड की यील्ड को लेकर उम्मीदें प्रभावित हो सकती हैं। यील्ड बढ़ने पर शेयरों की तुलना में बॉन्ड कम आकर्षक लग सकते हैं और भविष्य के कॉरपोरेट मुनाफे का मूल्यांकन बदल सकता है। कीवूम सिक्योरिटीज की अर्थशास्त्री किम यू-मी ने चेताया कि कीमतों पर दबाव फिर बढ़ा तो महंगाई की चिंता बनी रह सकती है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

कंपनियों के अनुमान अब भी मजबूत हैं, लेकिन निवेशक उनके आकार के साथ-साथ उनकी दिशा पर भी नजर रख रहे हैं। आईबीके सिक्योरिटीज ने अनुमान उपलब्ध होने वाली कोस्पी200 की 151 कंपनियों के लिए तीसरी तिमाही के परिचालन मुनाफे में सालाना 243% और पिछली तिमाही से 6% की बढ़ोतरी का अनुमान दिया। हालांकि, परिदृश्य में कहा गया कि पहली छमाही के शिखर के बाद वृद्धि धीमी हो रही है।

कम आधार से बड़ी बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं कि मुनाफा अभी तेज गति से बढ़ रहा है। इससे समझ आता है कि सालाना आधार पर प्रभावशाली बढ़त भी खरीदारों को आकर्षित करने में क्यों नाकाम हो सकती है। युआंटा सिक्योरिटीज कोरिया के विश्लेषक ली जे-वॉन ने निवेशकों से आय की गति के आधार पर प्रवाह पलटने की उम्मीद करने के बजाय विदेशी खरीद के वास्तविक संकेत आने तक इंतजार करने को कहा।

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रुख में बदलाव से जुड़ी तारीखें

बिकवाली कई महीनों के दौरान विकसित हुई और सूचकांक में सबसे स्पष्ट पलटाव से पहले ही विदेशी हिस्सेदारी गिरने लगी थी। घटनाक्रम यह भी दिखाता है कि जुलाई की क्षेत्रीय निकासी और अक्टूबर में बाजारों की तुलना अलग-अलग चरणों की तस्वीरें हैं, आपस में विरोधाभासी नतीजे नहीं।

  • 2026 की शुरुआत: सैमसंग में विदेशी हिस्सेदारी 52.40% और एसके हाइनिक्स में 54.64% पर पहुंची।
  • मई का आखिर: कोरियाई बाजार में कारोबार उस शिखर पर पहुंचा, जिसके मुकाबले बाद की 70% गिरावट मापी गई है।
  • जून: बकाया मार्जिन कर्ज 38.6 लाख करोड़ वॉन के शिखर पर पहुंचा।
  • जुलाई: तेज बिकवाली से खुदरा निवेशकों की भागीदारी कमजोर हुई; विदेशी निवेशकों ने कोरिया से 6.26 अरब डॉलर और ताइवान से 22.95 अरब डॉलर निकाले।
  • 6 अक्टूबर: सैमसंग का शेयर बायबैक पूरा हुआ।
  • 8 अक्टूबर: सैमसंग में विदेशी हिस्सेदारी 46.38% और एसके हाइनिक्स में 49.59% थी। कोस्पी 2% से अधिक गिरकर करीब 6,620 पर आ गया।
  • 9 अक्टूबर: एसके हाइनिक्स अपने घोषित बायबैक का 80% से अधिक पूरा कर चुकी थी।
  • 12 से 16 अक्टूबर: बाजार परिदृश्य में आय, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और नीतिगत टिप्पणियों को अगली परीक्षाएं बताया गया।

कर्ज घटाने का दौर पूरा हुआ है या नहीं, इस पर राय अलग-अलग है। शोध विश्लेषक निकोलस मुगाली ने कहा कि खुदरा निवेशक मार्जिन कर्ज चुका रहे थे और संस्थानों की भूमिका बढ़ रही थी। ईटोरो की वैश्विक बाजार विश्लेषक लाले अकोनर ने इसके विपरीत चेताया कि लीवरेज घटाने से प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर शेयरों में महीनों तक तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है।

अकोनर ने यह भी आगाह किया कि इस घटनाक्रम को एआई निवेश की पूरी कहानी के ढहने के रूप में नहीं देखना चाहिए। पहले की बढ़त के कारण दक्षिण कोरिया 2026 के बेहतर प्रदर्शन करने वाले बाजारों में बना हुआ है। अभी यह तय नहीं है कि कॉरपोरेट बायबैक खत्म होने के बाद नए संस्थागत और विदेशी निवेशक बिकवाली को सोख पाएंगे या नहीं।

मुख्य बिंदु

  • 2026 में कोरियाई शेयरों से विदेशी निवेशकों की निकासी कथित तौर पर 131 अरब डॉलर रही, जबकि कारोबार का मूल्य मई के आखिर के शिखर से करीब 70% घटा।
  • पहली छमाही में प्रमुख बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करने के बाद कोस्पी दूसरी छमाही में 22% गिरा।
  • सैमसंग और एसके हाइनिक्स का सूचकांक में आधे से अधिक भार है, जिससे मेमोरी चिपों के बाजार चक्र पर निर्भरता बढ़ती है।
  • सैमसंग का बायबैक 6 अक्टूबर को पूरा हुआ; एसके हाइनिक्स 9 अक्टूबर तक 80% से अधिक खरीद पूरी कर चुकी थी।
  • मार्जिन कर्ज जून के शिखर से करीब 14.5% गिरा और ब्रोकरेज खातों में नकदी का बैलेंस लगभग 29% घटा।
  • ताइवान में एआई निवेश के व्यापक अवसर हैं, लेकिन जुलाई में वहां से भी विदेशी निवेशकों ने भारी निकासी की।
  • अगली परीक्षाएं हैं: आय में लगातार बढ़ोतरी, विदेशी निवेशकों की वास्तविक खरीद और बड़े बायबैक समर्थन के बिना बिकवाली को सोखने की बाजार की क्षमता।
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