कप्तान के मिलने के बाद 76 की मौत, 12 अब भी लापता
फिलीपींस के पलावन प्रांत में कोरोन के तट से दूर एमवी जून एस्टर में लगी आग से 76 लोगों की मौत हो गई। ताजा आंकड़ों के अनुसार 44 लोग बच गए और 12 अब भी लापता हैं। नौका संचालक के कार्यालय में 14 सितंबर को कप्तान के सामने आने से एक लापता व्यक्ति का पता चला, जबकि परिवार बुरी तरह झुलसे शवों की पहचान का इंतजार कर रहे हैं।
विषय-सूची
- कप्तान के मिलने के बाद 76 की मौत, 12 अब भी लापता
- मनीला से रवाना हुई नौका कोरोन के पास हादसे का शिकार
- गर्मी और धुएं से तलाशी में देरी
- विस्फोट की खबरें, लेकिन कारण तय नहीं
- पहचान में लग सकते हैं हफ्ते या महीने
- संचालक की मदद के वादे के बीच परिवार इंतजार में
- कप्तान के सामने आने से जांच की नई दिशा
- श्रम जांच में योजनाओं की कमी और बकाया लाभों के आरोप
- निरीक्षण और अलग-अलग जांच पर निगाह
- मुख्य बिंदु
फिलीपीन तटरक्षक बल के संशोधित आंकड़ों में जहाज पर सवार माने जा रहे 132 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल हैं। टिकट सूची में शुरू में 134 लोगों के नाम थे, लेकिन बाद में दो लोगों ने कहा कि उन्होंने यात्रा नहीं की थी। कप्तान रोएल सरमिएंटो का पता चलने से पहले के आंकड़ों में 43 लोग बचाए गए और 13 लापता बताए गए थे।
इस हादसे की आग के कारण, कप्तान की भूमिका और संचालक की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर अलग-अलग जांच चल रही हैं। 8 अक्टूबर, 2026 को पेश की गई श्रम जांच की शुरुआती रिपोर्ट में 665,873.85 पेसो के बकाया वेतन और लाभों के साथ आपातकालीन योजनाओं की कमी तथा कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़ी अन्य खामियों का आरोप लगाया गया। इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और जांचकर्ताओं ने यह भी तय नहीं किया है कि इनका मौतों से कोई संबंध था या नहीं।
परिजनों के लिए तत्काल चिंता कहीं अधिक व्यक्तिगत है। फोरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि पीड़ितों की पहचान में हफ्तों या महीनों का समय लग सकता है, क्योंकि कई शव जले हुए हैं और जांच के लिए नमूनों की संख्या बहुत अधिक है। पुष्टि की गई मौतों की संख्या, जहाज पर सवार 132 लोगों का करीब 58 प्रतिशत है। 12 लोग अब भी लापता हैं, इसलिए तलाश का अंतिम नतीजा अभी स्पष्ट नहीं है।
मनीला से रवाना हुई नौका कोरोन के पास हादसे का शिकार
जून एस्टर 8 सितंबर को रात 8:13 बजे मनीला के बासेको बंदरगाह से रवाना हुई थी। इसके अगले दिन शाम 6 बजे कोरोन पहुंचने का कार्यक्रम था। 9 सितंबर को शाम करीब 6:45 बजे, अपने गंतव्य के पास बारांगाय मार्सिला से लगभग 2.2 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में आग लग गई।
नौका में छुट्टियां मनाने, काम और परिवार से मिलने जा रहे लोग सवार थे। कोरोन अपने समुद्र तटों और द्वितीय विश्व युद्ध के जहाजों के मलबे में गोताखोरी के लिए देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। लेकिन यह मार्ग उन स्थानीय लोगों के लिए भी जरूरी है, जिनका रोजमर्रा का सफर द्वीपों के बीच परिवहन पर निर्भर है।
घटनाओं का क्रम बताता है कि आपात स्थिति कितनी तेजी से बिगड़ी और किन हालात के कारण जहाज की पूरी तलाशी में देरी हुई:
- 8 सितंबर: नौका रात 8:13 बजे मनीला से रवाना हुई।
- 9 सितंबर: कोरोन के पास शाम करीब 6:45 बजे आग लगी। उसी रात पानी से लोगों को बचाया गया।
- 11 सितंबर: तटरक्षक बल ने सुबह आग बुझने की घोषणा की, जिसके बाद बचावकर्मी जहाज में दाखिल हो सके।
- 14 सितंबर: कप्तान रोएल सरमिएंटो संचालक के पलावन स्थित कार्यालय में सामने आए।
- 8 अक्टूबर, 2026: श्रम अधिकारियों ने संचालक के खिलाफ वेतन और सुरक्षा उल्लंघनों के आरोपों पर शुरुआती निष्कर्ष पेश किए।
शुरुआती खबरों में कम से कम पांच मौतों और 42 लोगों को बचाए जाने की जानकारी दी गई थी। बचाव दल के नौका में दाखिल होने और अधिकारियों के यह पता लगाने के साथ कि वास्तव में कौन-कौन जहाज पर सवार था, आंकड़े बदलते गए। बाद में बचाए गए 44 लोगों में कप्तान भी शामिल हैं।
गर्मी और धुएं से तलाशी में देरी
आग एक दिन से अधिक समय तक जलती रही। इससे तेज गर्मी, घना धुआं और जहरीली गैसें पैदा हुईं। खबरों के अनुसार बचावकर्मी करीब 40 घंटे तक जहाज पर नहीं चढ़ सके; कुछ विवरणों में यह अवधि 40 घंटे से अधिक बताई गई। तटरक्षक बल ने 11 सितंबर की सुबह आग बुझने की घोषणा की।
शुक्रवार को जहाज में दाखिल होने के बाद दमकलकर्मियों ने 30 शव बरामद किए। शनिवार को दल उन हिस्सों तक पहुंचा, जहां पहले जाना संभव नहीं था, और 41 और जले हुए शव बरामद किए। इससे मृतकों की बताई गई संख्या 76 हो गई। जले हुए शव इकोनॉमी श्रेणी के यात्रियों के रहने वाले हिस्से में मिले।
तटरक्षक बल की जारी तस्वीरों में गर्मी से मुड़े हुए और राख से ढके लोहे के पलंग दिखाई दिए। कुछ तस्वीरों में कंकाल जैसे अवशेष नजर आए। फिलीपीन राष्ट्रीय पुलिस के फोरेंसिक विशेषज्ञ रिचर्ड एलन मंगलिप ने कहा कि जहाज के कुछ हिस्सों में कई पीड़ितों के अवशेष एक साथ मिले।
ये निष्कर्ष आग की भयावहता दिखाते हैं, लेकिन इनसे यह तय नहीं होता कि हर पीड़ित की मौत कैसे हुई या लोग खास जगहों पर क्यों इकट्ठा थे। जांचकर्ताओं को अब भी आग फैलने का क्रम और यात्रियों के हिस्सों के भीतर के हालात समझने हैं।
विस्फोट की खबरें, लेकिन कारण तय नहीं
बताया गया है कि आग उस कार्गो होल्ड में शुरू हुई जहां एक इलेक्ट्रिक वाहन, मोटरसाइकिलें और फोर्कलिफ्ट रखे थे। बचे लोगों ने आग फैलने से पहले विस्फोटों की आवाज सुनने की बात कही। समुद्री उद्योग प्राधिकरण ने जहाज में आग लगने से कुछ ही समय पहले दो विस्फोटों की खबरों का हवाला दिया।
इन वाहनों की मौजूदगी से आग लगने का स्रोत तय नहीं होता। अधिकारियों ने आग का कारण निर्धारित नहीं किया है और विस्फोटों की खबरें जांचे जा रहे साक्ष्यों का हिस्सा हैं। एक जीवित बचे व्यक्ति ने बताया कि थोड़ा-सा धुआं कुछ ही सेकंड में फैलती आग में बदल गया।
तटरक्षक बल की प्रवक्ता कमोडोर नोएमी कायाब्याब ने कहा कि बचे लोगों के बयानों से संकेत मिलता है कि हवा ने आग को तेजी से फैलने में मदद की होगी। उन्होंने उन खबरों का भी जिक्र किया कि यात्रियों को सुरक्षा उपकरण लेने का समय मिले बिना समुद्र में कूदना पड़ा:
बताया गया है कि आग देखकर कुछ यात्री पानी में कूद गए और उन्हें अपनी लाइफ जैकेट लेने का समय नहीं मिला होगा।
एक अन्य जीवित बचे व्यक्ति ने बताया कि अफरा-तफरी के दौरान वह गिर गया और लोगों के पैरों तले कुचल गया। इसके बाद वह समुद्र में कूद गया और कई घंटे बाद उसे बचाया गया। इन बयानों से पता चलता है कि आपात स्थिति तेजी से बिगड़ी, लेकिन घटनाओं का पूरा क्रम अब तक स्थापित नहीं हुआ है।
पहचान में लग सकते हैं हफ्ते या महीने
बरामद शवों को कोरोन टाउन ले जाया गया, जहां फोरेंसिक दल और स्थानीय पुलिस ने पहचान का काम शुरू किया। परिवारों से कहा गया है कि वे पीड़ितों की पहचान में मदद के लिए निजी सामान या डीएनए नमूने दें।
डीएनए मिलान में शवों से मिले आनुवंशिक पदार्थ की तुलना संदर्भ नमूनों से की जाती है, जिनमें परिजनों के दिए नमूने भी शामिल हैं। निजी सामान और पहचान की अन्य विशेषताएं भी जांच में मदद कर सकती हैं, हालांकि बहुत अधिक जलने से इन तरीकों से पहचान मुश्किल हो सकती है।
फिलीपीन राष्ट्रीय पुलिस के फोरेंसिक विशेषज्ञ मंगलिप ने रविवार की प्रेस वार्ता में शवों की स्थिति के बारे में बताया:
उनमें से ज्यादातर शव पहले ही बुरी तरह जल चुके हैं,
उन्होंने कहा कि नमूनों की बड़ी संख्या के कारण परिवारों को कोई निश्चित समयसीमा देना मुश्किल है। संभावित अवधि के बारे में उनका आकलन था:
इसमें हफ्ते लग सकते हैं या महीने भी।
इस प्रक्रिया में केवल बरामद शवों की गिनती नहीं, बल्कि उनकी पहचान की पुष्टि करना भी शामिल है। यह काम पूरा होने तक मृतकों की पुष्टि की गई संख्या से हर परिवार को अपने परिजन के बारे में निश्चित जानकारी नहीं मिल सकती। काम कब तक पूरा होगा, इसकी कोई पक्की तारीख घोषित नहीं की गई है।
संचालक की मदद के वादे के बीच परिवार इंतजार में
37 वर्षीय एनेलिन मैगबानुआ ने बताया कि उनके पति मनीला में बच्चों से मिलने के बाद कोरोन लौट रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि वे बच गए होंगे और किसी दूसरे द्वीप पर बहकर पहुंच गए होंगे। उन्होंने कहा कि यह स्वीकार करना मुश्किल है कि उनकी मौत हो गई होगी और उनके पति अपने बच्चों से बहुत प्यार करते थे।
उनकी बात उन परिवारों की अनिश्चितता दिखाती है, जिनके परिजनों के बारे में न तो उनके बचने की पुष्टि हुई है और न ही मृतकों में उनकी पहचान की गई है। खोज और बचाव अभियान तथा फोरेंसिक जांच अलग-अलग तरह के जवाब दे सकते हैं और ये जवाब अलग-अलग समय पर मिल सकते हैं।
फिलीपीन तटरक्षक बल ने रविवार के एक बयान में इस अनिश्चितता को स्वीकार किया:
हम उन बचे लोगों और परिवारों के बारे में भी सोच रहे हैं, जो अब भी अपने प्रियजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं,
बयान में आगे कहा गया:
हम उनके दर्द और अनिश्चितता को समझते हैं, जिसे वे तलाश और पहचान की कोशिशों के जारी रहने के दौरान झेल रहे हैं।
नौका की संचालक कंपनी एटिएंजा इंटरआइलैंड फेरीज़ इंक. ने पारदर्शिता बरतने और ठहरने, परिवहन तथा चिकित्सा देखभाल में मदद देने का वादा किया। अलग-अलग परिवारों को कितनी मदद दी गई है, यह स्पष्ट नहीं है।
कप्तान के सामने आने से जांच की नई दिशा
कप्तान रोएल सरमिएंटो 14 सितंबर को कंपनी के मानव संसाधन प्रबंधक डिंडो मैकलिनाओ के साथ स्वेच्छा से एटिएंजा के पलावन स्थित कार्यालय पहुंचे। तटरक्षक बल ने 15 सितंबर को जारी बयान में इसकी पुष्टि की।
उनका पता चलने से पहले कायाब्याब ने कहा था कि उन्हें जानकारी मिली है कि कप्तान जीवित हैं, हालांकि 43 लोगों की पुष्टि की गई सूची में उनका नाम नहीं था। उनके मिलने से बचाए गए लोगों की संख्या बढ़कर 44 और लापता लोगों की संख्या घटकर 13 से 12 हो गई।
कायाब्याब ने कहा कि जांचकर्ता कप्तान से इन बातों पर पूछताछ करेंगे:
हादसे से जुड़ी परिस्थितियों, आग के बाद उनके ठिकाने और उनके सामने आने से पहले क्या हुआ, इसकी जानकारी।
हादसे के शुरुआती चरण में कप्तान की भूमिका और नौका की सुरक्षा प्रक्रियाओं की औपचारिक समीक्षा हो रही है। उनके सामने आने से यह पुष्टि होती है कि वे जीवित हैं, लेकिन इससे आग के बाद उनकी गतिविधियों की व्याख्या नहीं होती और न ही नौका पर की गई कार्रवाई से जुड़े सवालों के जवाब मिलते हैं।
श्रम जांच में योजनाओं की कमी और बकाया लाभों के आरोप
8 अक्टूबर, 2026 को मनीला में हुई जांच के दौरान श्रम एवं रोजगार विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय 4बी मिमारोपा ने एटिएंजा इंटरआइलैंड फेरीज़ इंक. से जुड़े शुरुआती निष्कर्ष पेश किए। अधिकारियों ने कहा कि वे जांच कर रहे हैं कि व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों के कथित उल्लंघनों से इस त्रासदी में कोई योगदान हुआ या नहीं।
सुरक्षा की कथित खामियों में आग से बचाव, आग बुझाने और आपातकालीन कार्रवाई की योजना; खतरा रोकथाम कार्यक्रम; व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रम; तथा सुरक्षा और स्वास्थ्य समिति का न होना शामिल था। निरीक्षकों ने पर्याप्त निजी सुरक्षा उपकरण न होने, प्रशिक्षित सुरक्षा अधिकारी की कमी और प्रशासनिक सुरक्षा रिपोर्टें न होने का भी आरोप लगाया।
श्रम सचिव फ्रांसिस टॉलेंटिनो ने जहाज पर सवार लोगों की सुरक्षा की संचालक की जिम्मेदारी पर कहा:
जहाज लोगों को समुद्र पार सुरक्षित ले जाने के लिए बनाए जाते हैं, न कि उनकी अंतिम शरणस्थली बनने के लिए। समुद्र का मिजाज अनिश्चित हो सकता है, लेकिन मानव जीवन की रक्षा का दायित्व कभी अनिश्चित नहीं रहा,
श्रम कानून के कथित उल्लंघनों की कुल रकम 665,873.85 पेसो थी। इसमें कम वेतन देना और ओवरटाइम, छुट्टियों, विशेष दिनों और साप्ताहिक अवकाश के प्रीमियम, रात की पाली के भत्ते तथा सेवा प्रोत्साहन अवकाश के लाभों का भुगतान न करना शामिल था।
कंपनी के एक प्रतिनिधि ने कहा कि प्रबंधन ने अभी आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है। उसके मानव संसाधन प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि हादसे के बाद करीब एक महीने तक कोई आय न होने के बावजूद एटिएंजा ने कम से कम 123 कर्मचारियों को वेतन देना जारी रखा।
श्रम एवं रोजगार विभाग ने करीब 1,000 और 5,000 पेसो के संभावित दैनिक जुर्माने का जिक्र किया। विभाग ने यह भी कहा कि बताए गए उल्लंघनों के कारण किसी कर्मचारी को चोट लगने की हर घटना पर 10,000 पेसो का जुर्माना हो सकता है। ये संभावित दंड थे, अंतिम घोषित जुर्माने नहीं। आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
निरीक्षण और अलग-अलग जांच पर निगाह
मनीला से रवाना होने से पहले नौका का निरीक्षण हुआ था और मार्च में वेसल सेफ्टी एनफोर्समेंट इंस्पेक्शन भी किया गया था। समुद्री उद्योग प्राधिकरण ने आग की अपनी जांच शुरू कर दी है।
इन निरीक्षणों के नतीजे और बाद में लगाए गए श्रम संबंधी आरोप अलग-अलग जांचों से जुड़े हैं। जहाज का निरीक्षण में पास होना आग का कारण नहीं बताता, जबकि कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़ा आरोप यह साबित नहीं करता कि किसी खास खामी के कारण मौतें हुईं। जांचकर्ताओं को तय करना होगा कि नौका पर क्या हालात थे और उनका आपात स्थिति पर क्या असर पड़ा।
तटरक्षक बल के अधिकारी जेरोनिमो तुविला ने पीड़ितों की पहचान और आग का कारण पता लगाने को प्राथमिकता बताया। लापता लोगों की तलाश और बरामदगी का अभियान जारी रहा। आग लगने के स्रोत, कप्तान के आचरण या संचालक की कानूनी जिम्मेदारी पर कोई अंतिम निष्कर्ष घोषित नहीं किया गया है।
आगे की सुनवाइयों, अंतिम जांच रिपोर्टों या दंड संबंधी फैसलों की तारीखें तय नहीं की गई हैं। फिलहाल, हुई मौतों, अनसुलझी पहचानों और सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग सवालों के जवाब अलग-अलग तलाशने होंगे, न कि एक ही स्पष्टीकरण में।
मुख्य बिंदु
- ताजा आंकड़ों के अनुसार जहाज पर सवार 132 लोगों में 76 की मौत हुई, 44 बच गए और 12 लापता हैं।
- टिकट सूची में 134 लोगों के नाम थे, लेकिन बाद में दो ने कहा कि वे जहाज पर सवार नहीं हुए थे।
- 9 सितंबर को कोरोन के पास आग लगी; गर्मी और धुएं के कारण करीब 40 घंटे तक जहाज में दाखिल होना संभव नहीं हुआ।
- कप्तान रोएल सरमिएंटो 14 सितंबर को संचालक के पलावन स्थित कार्यालय पहुंचे और उनसे पूछताछ की जाएगी।
- पीड़ितों की पहचान में हफ्ते या महीने लग सकते हैं। परिवारों से सामान या डीएनए नमूने देने को कहा गया है।
- श्रम एवं रोजगार विभाग ने 665,873.85 पेसो के श्रम उल्लंघनों और सुरक्षा की कई खामियों का आरोप लगाया। इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
- आग का कारण और हादसे की जिम्मेदारी अब तक अंतिम रूप से तय नहीं हुई है।






