बैंकॉक में तीन जगहों पर तलाशी से स्वामित्व और धन की जांच का दायरा बढ़ा
थाई जांचकर्ताओं ने 8 अक्टूबर, 2026 को बैंकॉक में तीन जगहों पर तलाशी ली। इससे संदिग्ध नाममात्र शेयरधारकों, संपत्ति के लेन-देन और कारोबारी वित्तपोषण की जांच का दायरा बढ़ा। एक पते पर 61 से अधिक कंपनियों से जुड़े दस्तावेज मिले, जबकि अधिकारियों ने संभावित छिपे विदेशी स्वामित्व की जांच के लिए अलग से 33 कारोबारों की पहचान की।
विषय-सूची
- बैंकॉक में तीन जगहों पर तलाशी से स्वामित्व और धन की जांच का दायरा बढ़ा
- जांच बैंकॉक तक कैसे पहुंची
- शेयरधारक को संदिग्ध नाममात्र धारक कब माना जाता है?
- फाउंडेशन का छोटा कार्यालय और कंपनियों की बड़ी फाइल
- दान, निर्माण का वित्तपोषण और कर जांच
- रोजगार के आरोप स्वामित्व के सवालों से अलग हैं
- चबाड ने कंपनियों से संबंध होने से इनकार किया
- चोनबुरी के आरोप और संपत्ति की व्यापक जांच
- द्वीपों पर तलाशी से व्यापक कार्रवाई का पैमाना सामने आया
- किन बातों पर अभी फैसला होना बाकी है
- मुख्य बातें
न्याय मंत्रालय के अधीन विशेष जांच विभाग (DSI) ने बताया कि ‘ऑपरेशन युत्थारत’ में व्यक्तियों, कंपनियों, फाउंडेशनों, संघों, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन के बीच संबंधों की जांच की गई। जांच के मुख्य सवाल हैं कि इन कारोबारों को वास्तव में कौन नियंत्रित करता है, उनसे किसे लाभ होता है और क्या उनका स्वामित्व तथा संचालन थाई कानून के अनुरूप है।
तलाशी में फ्रा नखोन जिले की फ्रा अठित रोड स्थित चबाड फाउंडेशन, बांग राक जिले की गन चबाड कंपनी लिमिटेड और क्लोंग तोई जिले के सुखुमवित 22 स्थित थाईलैंड के यहूदी संघ को शामिल किया गया। न्याय मंत्री रुत्थापोल नाओवरात ने बताया कि अधिकारियों ने इस कार्रवाई के लिए चार तलाशी वारंट हासिल किए थे।
जांच कंपनी पंजीकरण से आगे भी पहुंचती है। DSI के वित्तीय जांचकर्ता कीराती बूनचोटी ने बताया कि जांचकर्ता फाउंडेशन को हर साल मिलने वाले करीब 100 मिलियन बाहत के दान की पड़ताल कर रहे हैं। अधिकारी जमीन-जायदाद, निर्माण परियोजनाओं, कर रिकॉर्ड और कॉरपोरेट दस्तावेजों में दर्ज कुछ लोगों को थाई नागरिकता मिलने की प्रक्रिया की समीक्षा कर रहे हैं।
ये जांच के मामले हैं, दोषसिद्धि के निष्कर्ष नहीं। अधिकारियों ने यह साबित नहीं किया है कि दान गैरकानूनी थे। DSI के बयान में धार्मिक संस्थानों पर वित्तीय, संपत्ति या कारोबारी अपराधों का आरोप भी नहीं लगाया गया। बैंकॉक की कार्रवाई के दौरान इज़राइली नागरिकों की गिरफ्तारी की कोई खबर नहीं आई। बिना परमिट विदेशी कामगारों को कथित रूप से रोजगार देने के मामले में दो नियोक्ताओं के खिलाफ अलग कार्यवाही शुरू की गई।
चबाड के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने निरीक्षण में सहयोग किया और इस बात से इनकार किया कि लेखा कार्यालय में दर्ज कंपनियां उनके संगठन की थीं। यह अंतर महत्वपूर्ण है: साझा पते और बार-बार सामने आने वाले नाम आगे की जांच का आधार हो सकते हैं, लेकिन अपने आप में ये किसी अवैध स्वामित्व व्यवस्था को साबित नहीं करते।
जांच बैंकॉक तक कैसे पहुंची
बैंकॉक में तलाशी से पहले थाईलैंड के दूसरे इलाकों में संपत्ति और कारोबारी स्वामित्व को लेकर कई जांचें हुई थीं। कुछ चोनबुरी में DSI के एक खास मामले से जुड़ी हैं; अन्य द्वीपों पर कारोबारों या जमीन और धार्मिक स्थलों के संबंध में गृह मंत्रालय के निरीक्षण से संबंधित हैं।
- 10 जुलाई, 2026: थाई नाममात्र शेयरधारकों के इस्तेमाल के संदेह वाली 34 कंपनियों के बारे में जानकारी मिलने के बाद DSI ने कोह समुई और कोह फानगन में पांच जगहों पर तलाशी ली।
- 21 अगस्त, 2026: विशेष मामला संख्या 135/2569 के तहत जांचकर्ताओं ने चोनबुरी में तीन जगहों पर तलाशी ली। यह मामला कोज़ी बीच व्यू कंपनी लिमिटेड और उससे जुड़े पक्षों से संबंधित है।
- सितंबर 2026: चाचोएंगसाओ में एक कब्रिस्तान की जांच के बाद गन चबाड से जुड़े कारोबारों, जमीन-जायदाद और संभावित नाममात्र व्यवस्थाओं की अलग से पड़ताल की गई।
- 7 अक्टूबर, 2026: DSI ने बताया कि उसने कोज़ी बीच व्यू, एक इज़राइली निदेशक और एक थाई शेयरधारक को औपचारिक रूप से आरोपों की सूचना दी।
- 8 अक्टूबर, 2026: बैंकॉक की तलाशी में कॉरपोरेट संबंधों, वित्तपोषण, संपत्ति और रोजगार की जांच का दायरा बढ़ा।
- 9 अक्टूबर, 2026: व्यापार विकास विभाग की जांच के ब्यौरे में दो विदेशी संस्थाओं और 33 अन्य कारोबारों की पहचान की गई, जिन्हें स्पष्टीकरण देना होगा।
DSI ने कहा कि बैंकॉक से मिले सबूत उसकी जांच का दायरा बढ़ाने में मदद करेंगे और संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई पर विचार करने का अधिकार रखने वाली एजेंसियों को भेजे जाएंगे।
शेयरधारक को संदिग्ध नाममात्र धारक कब माना जाता है?
इस जांच में नाममात्र व्यवस्था का मतलब है कि कथित तौर पर कोई थाई व्यक्ति वास्तविक निवेशक के रूप में काम करने के बजाय किसी विदेशी निवेशक की ओर से शेयर रखता है। इसलिए जांचकर्ताओं को कंपनी रजिस्टर में दर्ज नामों से आगे जाकर निवेश के धन का स्रोत, फैसलों पर नियंत्रण और मुनाफा कहां जाता है, यह देखना होगा।
व्यापार विकास विभाग (DBD) ने गहन जांच के लिए दो विदेशी संस्थाओं की पहचान की। एक में विदेशी हिस्सेदारी 51% और थाई शेयरधारकों की हिस्सेदारी 49% थी; यह संपत्ति के कारोबार में सक्रिय थी। विभाग ने इस गतिविधि को विदेशी व्यापार अधिनियम 1999 की सूची एक के तहत विदेशियों के लिए प्रतिबंधित बताया।
दूसरी कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी 99.99% और थाई हिस्सेदारी 0.01% थी। यह ग्राहकों के लिए कंप्यूटर प्रोग्राम विकसित करती थी। अधिकारियों ने इस गतिविधि को सूची तीन के तहत सेवा श्रेणी में रखा। ई-फॉरेन बिजनेस प्रणाली में जांच के दौरान संबंधित कारोबारी लाइसेंस या प्रमाणपत्र नहीं मिला।
संभावित नाममात्र व्यवस्थाओं के लिए चिन्हित 33 कारोबारों में विदेशी हिस्सेदारी 50% से कम थी। उनकी गतिविधियों में संपत्ति किराये पर देना, निवेश सलाह और पर्यटन शामिल थे। कागजों पर थाई बहुमत होने से यह सवाल हल नहीं होता कि थाई शेयरधारकों ने अपना निवेश खुद किया था या किसी और की ओर से शेयर रखे थे।
DBD के महानिदेशक कित्तिवत पच्चिमनान ने बताया कि निदेशकों और शेयरधारकों को अपने निवेश और कारोबारी गतिविधियों का स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया जा रहा है। विभाग ने लेखा कार्यालयों से जुड़े ऐसे थाई शेयरधारकों की भी पहचान की, जो कई लक्षित कंपनियों में शेयरधारक के रूप में दर्ज थे। इन संबंधों की जांच जारी है; इन्हें अभी अपराध साबित नहीं किया गया है।
फाउंडेशन का छोटा कार्यालय और कंपनियों की बड़ी फाइल
फ्रा नखोन स्थित फाउंडेशन के बारे में अधिकारियों ने बताया कि उसका पंजीकृत कार्यालय करीब 2.5 गुणा 3 मीटर, यानी 7.5 वर्ग मीटर का एक कमरा था। इसी पते पर पांच अन्य कंपनियां भी पंजीकृत थीं।
उप गृह मंत्री पोलापी सुवनची ने सवाल उठाया कि उस जगह पर फाउंडेशन और उसकी गतिविधियों का ब्यौरा देने वाले रिकॉर्ड क्यों नहीं थे।
"इस बारे में कई सवाल हैं कि उन्हें वहां क्यों पंजीकृत किया गया। फाउंडेशन, उसके संचालन, कामकाज की प्रक्रियाओं, वित्तीय लेन-देन या वित्तीय विवरणों से जुड़ा एक भी दस्तावेज नहीं था," श्री पोलापी ने कहा।
अधिकारियों को बताया गया कि रिकॉर्ड बांग राक के एक कार्यालय में ले जाए गए थे। वहां जांचकर्ताओं को फाउंडेशन और संघ के पंजीकरण, दान के रिकॉर्ड, सदस्यता सूचियां, जमीन की खरीद-बिक्री के दस्तावेज, निर्माण संबंधी फाइलें और कर दस्तावेज मिले। उन्हें चबाड हाउस के संचालन, रेस्तरां लाइसेंस और होटल या आवास कारोबारों से जुड़े रिकॉर्ड भी मिले।
कंपनियों की सटीक संख्या पर अलग-अलग रिपोर्टें हैं। DSI ने बताया कि उस पते पर पंजीकृत 61 से अधिक कंपनियों से जुड़े दस्तावेज मिले, जबकि अन्य खबरों में संख्या 61 बताई गई और उनमें से करीब 50 को इज़राइली नागरिकों से जुड़ा बताया गया। परिसर को ITF टावर की 17वीं मंजिल बताया गया, जिसे ITF सिलॉम पैलेस के नाम से भी पहचाना गया।
शुरुआती जांच में कई कंपनियों में एक ही लोगों के निदेशक या शेयरधारक होने की बात सामने आई। इनमें प्राकृतिककरण के जरिए थाई नागरिकता हासिल करने वाले लोग भी शामिल थे। अधिकारी पहले कह चुके थे कि गन चबाड खुद एक थाई कानूनी इकाई के रूप में पंजीकृत था और उसके अधिकृत निदेशकों के पास थाई नागरिकता थी। नाममात्र शेयरधारकों से जुड़े सवाल दूसरी कंपनियों और उन लेन-देन से संबंधित थे जिनकी जांच जारी है।
दान, निर्माण का वित्तपोषण और कर जांच
DSI के वित्तीय जांचकर्ता कीराती बूनचोटी ने चबाड फाउंडेशन को सालाना मिलने वाले दान की राशि करीब 100 मिलियन बाहत बताई। जांचकर्ताओं ने दानदाताओं की जानकारी हासिल कर ली है और धन के स्रोत तथा उसके इस्तेमाल का पता लगा रहे हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कार्यालय जांच कर रहा है कि क्या लेन-देन में अवैध गतिविधियों से हासिल धन शामिल है। इस कार्यालय की भागीदारी से यह साबित नहीं होता कि मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। अधिकारियों ने यह भी तय नहीं किया है कि दान गैरकानूनी थे।
जांचकर्ता बैंकॉक में आठ मंजिला चबाड हाउस परियोजना के वित्तपोषण और संपत्ति के स्वामित्व में संभावित अनियमितताओं की भी पड़ताल कर रहे हैं, जिनमें फुकेत की जमीन शामिल है। इन जांचों में वित्तीय रिकॉर्ड का उन इमारतों और जमीन से मिलान किया जा रहा है, जिनके लिए संभवतः धन दिया गया।
राजस्व विभाग ने अलग से करीब 600 कंपनियों की पहचान की, जिन्होंने संभवतः पूरा कर नहीं चुकाया। अधिकारियों ने बताया कि इनमें ऐसे विदेशी नागरिकों से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं, जिनके मालिकों ने प्राकृतिककरण के जरिए थाई नागरिकता हासिल की। किसी कंपनी का नाम नहीं बताया गया और उनके खिलाफ कोई निष्कर्ष घोषित नहीं किया गया।
इस संख्या को चबाड कंपनियों की गिनती नहीं माना जाना चाहिए। न ही इसे DBD की जांच के दायरे वाली 33 कंपनियों या बांग राक के पते पर दर्ज कंपनियों में जोड़ना चाहिए: अधिकारियों ने इन समूहों के बीच संबंध स्थापित नहीं किया है।
राजस्व विभाग की कार्यवाहक महानिदेशक सलाकचित पोंगसिरिचान ने कहा कि कर चोरी का इरादा साबित होने पर तीन महीने से सात साल तक की कैद और 2,000 से 200,000 बाहत तक जुर्माना हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि रिटर्न दाखिल न करने से कारोबारी लाइसेंस का नवीनीकरण प्रभावित हो सकता है। ये संभावित परिणाम हैं, इस जांच में सुनाई गई सजाएं नहीं।
रोजगार के आरोप स्वामित्व के सवालों से अलग हैं
DSI ने बताया कि जांचकर्ताओं को फ्रा नखोन स्थित फाउंडेशन में म्यांमार के तीन नागरिक कथित तौर पर बिना परमिट काम करते मिले। अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने बिना अनुमति थाईलैंड में प्रवेश किया था और वहां रह रहे थे।
विभाग ने संशोधित विदेशी कामगार रोजगार संबंधी 2017 के आपातकालीन डिक्री और 1979 के आव्रजन अधिनियम का हवाला दिया। उन परिसरों में एक नियोक्ता के खिलाफ विदेशियों को बिना कार्य परमिट रोजगार देने के आरोप में कार्यवाही शुरू की गई।
थाईलैंड के यहूदी संघ में जांचकर्ताओं को लाओस के दो नागरिक कथित तौर पर बिना परमिट काम करते मिले। विदेशी रोजगार डिक्री के तहत वहां भी एक नियोक्ता के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई।
एक अलग रिपोर्ट में कहा गया कि अधिकारियों ने संस्थानों में करीब 40 विदेशी कामगारों की पहचान की और म्यांमार के तीन नागरिकों को निर्वासित किए जाने की संभावना थी। इसका यह मतलब नहीं कि सभी 40 पर नियमों के उल्लंघन का आरोप था। निर्वासन पूरा होने की कोई खबर नहीं दी गई।
आव्रजन अधिकारियों ने चबाड के परिसरों में दो इज़राइली नागरिकों और यहूदी संघ में लाओस के दो नागरिकों के ठहरने का पंजीकरण न किए जाने की भी सूचना दी। आवास का पंजीकरण न करने का आरोप देश में अवैध रूप से प्रवेश करने या रहने से अलग है। रिपोर्टों से यह साबित नहीं होता कि इज़राइली नागरिकों को वहां रहने की अनुमति नहीं थी।
चबाड ने कंपनियों से संबंध होने से इनकार किया
बैंकॉक में चबाड के प्रतिनिधि रब्बी नेकेम्या विल्हेम ने कहा कि कर्मचारियों ने पूरी तरह सहयोग किया और जांचकर्ताओं के मांगे गए दस्तावेज दिए। उन्होंने कहा कि कई कारोबारों से जुड़े रिकॉर्ड एक ऐसे लेखाकार के कार्यालय में मिले थे, जो कई ग्राहकों को सेवाएं देता था; इससे चबाड का स्वामित्व साबित नहीं होता।
किसी लेखाकार का दूसरी कंपनियों के साथ काम करना स्वाभाविक है," उन्होंने कहा। "इसका यह मतलब नहीं कि वे हमारी कंपनियां हैं या हमसे जुड़ी हैं।
विल्हेम ने कहा कि तलाशी के बाद भी धार्मिक और सामुदायिक गतिविधियां जारी रहीं और शब्बात के लिए करीब 500 लोगों के आने की उम्मीद थी।
हम अपनी गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रखे हुए हैं," उन्होंने कहा। "इस शब्बात यहां करीब 500 लोगों के आने की उम्मीद है और इसमें कोई बाधा नहीं है।
निरीक्षण के दौरान रब्बी योसेफ चैम कांटोर ने अलग से बताया कि फाउंडेशन धार्मिक गतिविधियों और थाईलैंड आने वाले पर्यटकों की मदद करता है। अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने करीब 12 वर्ष पहले कानूनी रूप से थाई नागरिकता हासिल की थी। इसलिए प्राकृतिककरण के रिकॉर्ड की जांच करना इस बात को साबित करने जैसा नहीं है कि किसी व्यक्ति ने अनुचित तरीके से नागरिकता हासिल की।
एक रिपोर्ट में सुखुमवित स्थित बेथ एलिशेवा निर्माण स्थल पर तलाशी का भी जिक्र था। उस स्थल का प्रबंधन यहूदी संघ करता है, जबकि वहां धार्मिक गतिविधियों की देखरेख चबाड करता है। पुरानी इमारत समुदाय की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ होने के कारण उसे ढहा दिया गया था और अब वहां नया आराधनालय बनाया जा रहा है। DSI की मुख्य रिपोर्ट में बैंकॉक की तीन जगहों का जिक्र था, इसलिए निर्माण स्थल को अपने आप चौथा अलग लक्षित स्थान नहीं माना जाना चाहिए।
चोनबुरी के आरोप और संपत्ति की व्यापक जांच
DSI के मुताबिक, औपचारिक आरोपों का सबसे स्पष्ट मामला बैंकॉक में तलाशी लिए गए धार्मिक संस्थानों का नहीं, बल्कि चोनबुरी की कोज़ी बीच व्यू कंपनी लिमिटेड का है। विभाग ने बताया कि विशेष मामला संख्या 135/2569 के तहत 7 अक्टूबर को तीन संदिग्धों को आरोपों की सूचना दी गई।
कंपनी पर आवश्यक अनुमति के बिना विदेशी इकाई के रूप में कारोबार करने का आरोप है। एक इज़राइली निदेशक पर आरोप है कि उन्होंने कथित अपराध के लिए जानबूझकर सहमति दी या निदेशक अथवा अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में उचित रोकथाम के उपाय नहीं किए।
एक थाई शेयरधारक पर किसी विदेशी के कारोबार में गैरकानूनी रूप से मदद करने, समर्थन देने या संयुक्त रूप से कारोबार चलाने का आरोप है। ये आरोप जांच में इस अंतर को दिखाते हैं कि एक कंपनी पर कथित तौर पर बिना अनुमति कारोबार करने और एक थाई शेयरधारक पर ऐसा करने में मदद करने का आरोप है। दोषसिद्धि की कोई खबर नहीं आई।
गृह मंत्रालय पट्टानी में करीब 100 मिलियन बाहत की जमीन की खरीद की भी जांच कर रहा है। पोलापी ने कहा कि कई सांसदों ने इज़राइली नागरिकों से जुड़ी कंपनियों द्वारा जमीन खरीदने पर चिंता जताई थी। उन्होंने स्वामित्व और जमीन के प्रस्तावित इस्तेमाल का निरीक्षण करने की योजना बनाई।
पोलापी ने बताया कि मंत्रालय निवेश के स्रोत और उसके उद्देश्य का पता लगाना चाहता है।
"हमें यह जानना है कि पैसा कहां से आया, इसमें कौन-सी कंपनी शामिल है और उसका इरादा क्या है," उन्होंने कहा।
पट्टानी में जमीन की खरीद की कीमत और फाउंडेशन को सालाना मिलने वाले करीब 100 मिलियन बाहत के दान अलग-अलग मामले हैं। इनके बीच कोई वित्तीय संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
मंत्रालय देशभर में चबाड के करीब आठ या नौ स्थलों की समीक्षा कर रहा है, जिनमें क्राबी का एक स्थल भी शामिल है। दक्षिणी प्रांतों के राज्यपालों को निर्माण परमिट, स्वामित्व और वित्तपोषण की जांच के निर्देश दिए गए हैं। फुकेत में संचालकों को निर्माण परमिट और संबंधित दस्तावेज जमा करने के लिए 30 दिन दिए गए, ऐसा न करने पर इमारत गिराने की कार्रवाई हो सकती है। सटीक अंतिम तारीख नहीं बताई गई।
द्वीपों पर तलाशी से व्यापक कार्रवाई का पैमाना सामने आया
कोह समुई और कोह फानगन में जुलाई की कार्रवाई DBD की ओर से संभावित नाममात्र व्यवस्था वाली 34 कंपनियों के बारे में सूचना दिए जाने के बाद हुई। पांच लक्षित जगहों में चीनी और इज़राइली नागरिकों से जुड़े कारोबार शामिल थे। इससे पता चलता है कि व्यापक कार्रवाई किसी एक राष्ट्रीयता तक सीमित नहीं है।
कोह समुई के बो फुत में एक विला परियोजना 15 भूखंडों से जुड़ी थी, जो करीब 89 राय में फैले थे और जिनकी कीमत 1.57 अरब बाहत थी। एक राय 1,600 वर्ग मीटर के बराबर होता है; इस हिसाब से जमीन का क्षेत्रफल करीब 14.2 हेक्टेयर है। जांचकर्ताओं को शेयरधारिता, संपत्ति के लेन-देन, निर्माण और वित्तीय रिकॉर्ड मिले।
यह परियोजना संपत्ति विकास, निर्माण, विपणन और बिक्री से जुड़ी कम से कम पांच कंपनियों से संबंधित थी। अधिकारियों ने कहा कि चीनी नागरिक प्रबंधन और कारोबारी फैसलों में शामिल थे।
कोह समुई का एक कानूनी कार्यालय 150 से अधिक कंपनियों से जुड़ा पाया गया। इनमें 100 से अधिक के पास करीब 795 मिलियन बाहत मूल्य की संपत्ति और अन्य परिसंपत्तियां थीं, जबकि लगभग 103 कंपनियों ने उस कार्यालय का पता अपने पंजीकृत मुख्यालय के रूप में इस्तेमाल किया था।
विला परियोजना के लिए बताई गई जमीन की कीमत 795 मिलियन बाहत की परिसंपत्ति राशि से लगभग दोगुनी थी। ये आंकड़े अलग-अलग समूहों के हैं; यह स्थापित किए बिना इन्हें जोड़कर कुल राशि नहीं बतानी चाहिए कि इनके स्वामित्व में कोई दोहराव है या नहीं।
द्वीपों पर अन्य तलाशी में इज़राइली नागरिकों से जुड़े होटल, आवास, वेलनेस केंद्र और किराये की संपत्तियां चलाने वाले कारोबारों की जांच की गई। बैंकॉक की तरह जांचकर्ताओं ने वित्तपोषण, वास्तविक नियंत्रण और इस बात पर ध्यान दिया कि थाई शेयरधारक वास्तविक निवेशक थे या नहीं। दोनों जांचों में साझा पेशेवर कार्यालय सामने आए हैं, लेकिन केवल साझा परिसर से नाममात्र स्वामित्व साबित नहीं होता।
किन बातों पर अभी फैसला होना बाकी है
आगे के कदमों में कंपनी निदेशकों और शेयरधारकों से स्पष्टीकरण लेना, जब्त रिकॉर्ड की जांच करना और एजेंसियों के बीच समन्वय शामिल है। इस कार्रवाई में कारोबारी पंजीकरण, राजस्व, जमीन, आव्रजन, रोजगार, प्रांतीय प्रशासन, पुलिस और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी एजेंसियां शामिल थीं।
भाग लेने वाली एजेंसियों की संख्या पर रिपोर्टें अलग-अलग हैं: कहीं आठ एजेंसियों का, कहीं नौ अन्य एजेंसियों के साथ काम कर रहे DBD का, तो कहीं 10 से अधिक संस्थाओं का जिक्र है। इन रिपोर्टों में इस बात पर सहमति है कि जांच में कई अलग-अलग कानूनी जिम्मेदारियां शामिल हैं; तलाशी लिए गए हर संगठन पर एक ही आरोप लागू नहीं होता।
गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंकॉक के निरीक्षणों में अब तक कोई अनियमितता नहीं मिली। यह बयान संदिग्ध रोजगार अपराधों और जारी कॉरपोरेट जांचों के बारे में DSI की रिपोर्टों के साथ आता है। इसे जांच के दायरे में आए हर कारोबार, कामगार या लेन-देन को मिली अंतिम मंजूरी नहीं समझा जा सकता।
बैंकॉक की कंपनियों के स्पष्टीकरण के लिए सुनवाई की तारीख, मुकदमे की तारीख या समयसीमा घोषित नहीं की गई। पोलापी ने बताया कि DSI के साथ एक और बैठक की योजना है, लेकिन तारीख नहीं दी। फुकेत में दस्तावेज जमा करने की मांग ही एकमात्र ऐसी प्रतिक्रिया-अवधि है, जिसकी जानकारी दी गई।
पोलापी ने कहा कि जांच किसी खास राष्ट्रीयता को निशाना बनाकर नहीं की जा रही। DSI ने भी कहा कि कानून के मुताबिक रहने, निवेश करने और कारोबार करने वाले विदेशियों के लिए थाईलैंड खुला है, लेकिन थाई कानूनी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल प्रतिबंधों से बचने के लिए करने के खिलाफ चेतावनी दी। अनसुलझा सवाल यह है कि क्या स्वामित्व और वित्तपोषण की कुछ खास व्यवस्थाओं ने कानून का उल्लंघन किया है, न कि यह कि विदेशी निवेश या धार्मिक गतिविधियां अपने आप में गैरकानूनी हैं।
मुख्य बातें
- 8 अक्टूबर की बैंकॉक कार्रवाई में तीन मुख्य जगहों पर तलाशी ली गई और स्वामित्व, वित्तपोषण, संपत्ति तथा कर अनुपालन की जांच का दायरा बढ़ा।
- एक पते पर 61 से अधिक कंपनियों से जुड़े दस्तावेज मिले; DBD ने अलग से संभावित नाममात्र व्यवस्था की जांच के लिए 33 कारोबारों की पहचान की।
- फाउंडेशन को सालाना मिलने वाले करीब 100 मिलियन बाहत के दान की जांच हो रही है; यह निष्कर्ष नहीं निकला है कि धन गैरकानूनी था।
- म्यांमार और लाओस के पांच नागरिकों पर बिना परमिट काम करने का आरोप है और दो नियोक्ताओं के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई।
- चबाड ने लेखा कार्यालय में दर्ज कंपनियों से संबंध होने से इनकार किया और कहा कि धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं।
- अलग कोज़ी बीच व्यू मामले में तीन संदिग्धों को 7 अक्टूबर को आरोपों की सूचना दी गई। दोषसिद्धि की कोई खबर नहीं आई।
- आगे की जांच में द्वीपों के कारोबार, पट्टानी में जमीन की खरीद और फुकेत में निर्माण दस्तावेजों की समीक्षा शामिल है।






