मलेशिया के श्रम संकट का एक विवादास्पद डिजिटल समाधान
मलेशिया Bestinet Sdn Bhd द्वारा विकसित एक नए विदेशी श्रमिक भर्ती मंच को अपनाने पर विचार कर रहा है। इस कंपनी की स्थापना अमिनुल इस्लाम अब्दुल नूर ने की थी, जो मूल रूप से बांग्लादेश के हैं और बाद में मलेशियाई नागरिक बने। उन्होंने देश में प्रवासी श्रमिकों की भर्ती व्यवस्था का प्रबंधन करते हुए संपत्ति अर्जित की है। प्रस्तावित प्रणाली का नाम द यूनिवर्सल रिक्रूटमेंट एडवांस्ड प्लेटफॉर्म (Turap) है। इसे प्रत्यक्ष भर्ती के समाधान के रूप में पेश किया जा रहा है, जिसके तहत कंपनियां उन बिचौलियों के बिना श्रमिक भर्ती कर सकेंगी जो अक्सर अत्यधिक शुल्क लेते हैं। हालांकि, इस योजना का श्रमिक अधिकार कार्यकर्ताओं, पूर्व सरकारी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने कड़ा विरोध किया है। उनका आरोप है कि Bestinet ने ऐसे नेटवर्क को बढ़ावा दिया है जिसने लाखों बांग्लादेशी श्रमिकों का शोषण किया।
विषय-सूची
यह प्रस्ताव एक संवेदनशील समय पर आया है। बांग्लादेशी अधिकारियों ने अमिनुल इस्लाम के प्रत्यर्पण की मांग की है। उन्हें अमिन के नाम से भी जाना जाता है और आरोप है कि उन्होंने ऐसी भर्ती प्रणाली में केंद्रीय भूमिका निभाई जिसने श्रमिकों से "धोखाधड़ी से जबरन" पैसे वसूले। इस बीच, मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री आर. रमणन ने परस्पर विरोधी बयान दिए हैं। पहले उन्होंने नई प्रणाली से जुड़ी खबरों को "अप्रमाणित और गलत" बताते हुए खारिज किया, फिर स्वीकार किया कि उनके मंत्रालय को Bestinet द्वारा मंच विकसित किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। यह भ्रम उस उद्योग में सुधार की जटिलता को उजागर करता है, जिसने पिछले दशक में अमिन की कंपनियों को 100 मिलियन डॉलर से अधिक का मुनाफा दिया, जबकि श्रमिक कर्ज के बंधन में फंसे रहे।
प्रस्ताव के तहत Bestinet को 12 साल का अनुबंध मिलेगा, जिसके तहत वह कंपनियों से विदेशी श्रमिक के प्रत्येक आवेदन के लिए 1,000 अमेरिकी डॉलर और हर श्रमिक के लिए एक महीने के वेतन के बराबर शुल्क ले सकेगी। अगस्त तक मलेशिया में 2.1 मिलियन पंजीकृत अकुशल विदेशी श्रमिक थे, इसलिए यह अनुबंध बेहद आकर्षक अवसर है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि अमिन को और अधिक नियंत्रण देना प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के भ्रष्टाचार-विरोधी एजेंडे के उलट है और इससे उस व्यवस्था की जड़ें और मजबूत हो सकती हैं जिसे संयुक्त राष्ट्र ने व्यापक श्रम शोषण को बढ़ावा देने वाला बताया है।
इस प्रणाली के पीछे की कंपनी
Bestinet 2011 से मलेशिया की विदेशी श्रमिक केंद्रीकृत प्रबंधन प्रणाली (FWCMS) संचालित कर रही है। यह एक डिजिटल मंच है जो मलेशिया को श्रमिक उपलब्ध कराने वाले 15 देशों से वीजा आवेदनों का प्रबंधन करता है। इस प्रणाली में स्वास्थ्य जांच, बीमा सत्यापन और बायोमेट्रिक डेटा संग्रह के मॉड्यूल शामिल हैं। कंपनी की सामग्री के अनुसार, FWCMS को मैन्युअल प्रक्रियाएं खत्म करने और आवेदकों तथा अधिकारियों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क कम करके भ्रष्टाचार के अवसर घटाने के लिए बनाया गया था।
अमिनुल इस्लाम ने 2008 में Bestinet की स्थापना की। वह 1988 में 21 साल की उम्र में बांग्लादेश से मलेशिया आए थे। तीन दशकों में वह प्रवासी श्रमिकों के लिए आवास और परिवहन उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति से देश के सबसे प्रभावशाली श्रम ठेकेदारों में से एक बन गए। कंपनी के दस्तावेजों के अनुसार, उनकी कंपनियों ने पिछले दस वर्षों में 100 मिलियन डॉलर से अधिक का मुनाफा कमाया है। जुलाई में अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए अपने पहले साक्षात्कार में अमिनुल ने अपनी प्रणाली की तुलना राजमार्ग से की। उन्होंने कहा कि लोग कैसे गाड़ी चलाते हैं, इस पर उनका नियंत्रण नहीं है और अगर अधिकारी धोखाधड़ी वाले आवेदनों को मंजूरी देते हैं या एजेंट श्रमिकों से अधिक पैसे लेते हैं तो इसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने 2013 में Bestinet की प्रणाली की समीक्षा की और पाया कि यह "प्रवासियों को अत्यधिक शुल्क से बचाने के लिहाज से पूरी तरह भरोसेमंद नहीं" थी। इन आपत्तियों के बावजूद, मलेशिया ने 2015 में गृह मंत्रालय के तत्कालीन मंत्री अहमद जाहिद हमीदी के कार्यकाल में यह मंच अपनाया। वह अब उपप्रधानमंत्री हैं। उसी साल मलेशिया ने 1.5 मिलियन तक बांग्लादेशी श्रमिकों की भर्ती की घोषणा की, लेकिन सभी मांगों को बांग्लादेश की 1,000 से अधिक भर्ती एजेंसियों में से सिर्फ 10 के जरिए भेजना अनिवार्य कर दिया। इससे खुली प्रतिस्पर्धा प्रभावी रूप से खत्म हो गई।
शोषण का इतिहास
श्रमिक अधिकारों के पैरोकारों का कहना है कि मौजूदा भर्ती प्रणाली ने ऐसा शिकारी माहौल बनाया है जिसमें श्रमिकों को छोड़कर हर कोई लाभ कमाता है। भर्ती एजेंटों और प्रधानमंत्री अनवर के लिए मदानी रिसर्च सेंटर द्वारा तैयार 2024 के एक ज्ञापन के अनुसार, बांग्लादेशी प्रवासियों ने प्रति व्यक्ति 6,600 डॉलर तक भर्ती शुल्क चुकाया है, जो इंडोनेशियाई और नेपाली श्रमिकों के भुगतान से दोगुने से भी अधिक है। ये शुल्क अक्सर मलेशिया के 15 महीने के न्यूनतम वेतन के बराबर होते हैं और श्रमिकों को कर्ज के बंधन में धकेल देते हैं, जिससे उनके लिए शोषक नियोक्ताओं को छोड़ना असंभव हो जाता है।
इंटरनेशनल माइग्रेंट्स एलायंस एशिया पैसिफिक ने Bestinet को इस शोषण के नेटवर्क में "गहराई से उलझा हुआ" बताया है। इस साल की शुरुआत में जारी बयान में संगठन ने मलेशियाई और बांग्लादेशी, दोनों सरकारों पर "गरीबों के श्रम और पीड़ा से मुनाफा कमाने वाले मानव तस्करी नेटवर्क, भ्रष्ट एजेंसियों और राज्य-समर्थित गिरोहों" को सक्षम बनाने का आरोप लगाया। समूह ने शोषण तत्काल रोकने और फंसे तथा शोषित 500,000 से अधिक बांग्लादेशी श्रमिकों के लिए संयुक्त मुआवजा कार्यबल गठित करने की मांग की।
भ्रष्टाचार के आरोप पूरी व्यवस्था में फैले हुए हैं। जनवरी में प्रकाशित ब्लूमबर्ग की जांच के अनुसार, एक दर्जन से अधिक मौजूदा और पूर्व अधिकारियों ने कहा कि मलेशिया के सत्ताधारी अभिजात वर्ग के लोग भर्ती में अनियमितताओं से वाकिफ हैं, लेकिन उन्हें दूर नहीं करते क्योंकि इन शुल्कों से विभिन्न पक्षों को फायदा होता है। 2024 में बांग्लादेश की पुलिस ने धनशोधन और जबरन वसूली की जांच के तहत कई चयनित भर्ती एजेंटों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि Catharsis International एजेंसी के मालिक रुहुल अमीन ने प्रति श्रमिक करीब 1,350 डॉलर का "सिंडिकेट शुल्क" वसूला और एक दशक में एक अरब डॉलर से अधिक जमा किए। बांग्लादेशी इंटरपोल ने मलेशियाई अधिकारियों को पत्र लिखकर अमिनुल इस्लाम के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया और आरोप लगाया कि उन्होंने ऐसी प्रणाली में अहम भूमिका निभाई जिससे श्रमिकों को "शारीरिक और मानसिक यातना" झेलनी पड़ी।
मलेशिया के पूर्व भ्रष्टाचार-रोधी आयोग प्रमुख लतीफा कोया ने इस स्थिति को संस्थागत भ्रष्टाचार बताया, जिसमें "हर किसी को हिस्सा मिलता है और भुगतान श्रमिक करते हैं।" उन्होंने चरम मामलों को मानव तस्करी करार दिया और कहा कि जिन श्रमिकों को पहुंचने पर पता चलता है कि उनकी नौकरियां मौजूद ही नहीं हैं, उन्हें निर्वासन और मलेशिया की अवैध अर्थव्यवस्था में शामिल होने के बीच असंभव विकल्प चुनने पड़ते हैं।
द यूनिवर्सल रिक्रूटमेंट एडवांस्ड प्लेटफॉर्म
प्रस्तावित Turap प्रणाली Bestinet की प्रत्यक्ष भर्ती की ओर बढ़ने की कोशिश है, जिसमें लाइसेंस प्राप्त एजेंटों को पूरी तरह हटाने की बात है। मामले से परिचित सूत्रों के अनुसार, इस मंच पर एक डिजिटल पोर्टल होगा जहां नियोक्ता सीधे पंजीकरण कर बांग्लादेश और अन्य श्रमिक भेजने वाले देशों से कर्मचारी तलाश सकेंगे। अमिनुल इस्लाम ने इसे एजेंटों को हटाकर भर्ती लागत कम करने वाला समाधान बताया है। उनका दावा है कि इससे प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम 2027 के नोबेल शांति पुरस्कार के दावेदार बन सकते हैं।
अब से 36 महीनों के भीतर हमारा लक्ष्य नोबेल पुरस्कार है। यही हमारा लक्ष्य है। और हम इसे हासिल करेंगे।
अमिनुल ने जुलाई के साक्षात्कार में नई प्रणाली की प्रस्तुति दिखाते हुए यह घोषणा की। उन्होंने यह बताने से इनकार किया कि अनवर ने सामग्री देखी है या नहीं। उन्होंने केवल इतना कहा, "यह वह प्रस्ताव है जिसे हमने तैयार किया है।"
हालांकि, मामले की जानकारी रखने वाले तीन अधिकारियों ने चिंता जताई कि एक साथ हजारों श्रमिक लाने की इच्छुक बड़ी कंपनियों के लिए प्रत्यक्ष भर्ती मुश्किल साबित हो सकती है। उन्हें यह भी आशंका थी कि लाइसेंस प्राप्त एजेंटों को हटाने से भर्ती का कारोबार भूमिगत हो सकता है, जिससे निगरानी आसान होने के बजाय और कठिन हो जाएगी। इसके अलावा, मलेशिया की सीमित प्रवर्तन क्षमता वाले श्रमिक भेजने वाले देशों में बिचौलिए काम करते रह सकते हैं।
प्रस्तावित 12-वर्षीय अनुबंध की संरचना ने अधिकारियों में खास चिंता पैदा की है। Bestinet कंपनियों से प्रति आवेदन 1,000 अमेरिकी डॉलर और प्रति श्रमिक एक महीने का वेतन लेगी। विदेशी श्रम पर मलेशिया की निर्भरता को देखते हुए इससे सैकड़ों मिलियन डॉलर की आय हो सकती है। चर्चा से परिचित तीन लोगों ने कहा कि कई मौजूदा और पूर्व सरकारी अधिकारियों ने अमिनुल को इतना आकर्षक, दीर्घकालीन अनुबंध देने और इससे मिलने वाले बढ़े हुए प्रभाव पर आपत्ति जताई है।
पुत्राजया से मिले-जुले संदेश
मानव संसाधन मंत्री रमणन रामकृष्णन ने Turap प्रणाली को लेकर परस्पर विरोधी संकेत दिए हैं। फरवरी की शुरुआत में उन्होंने द स्टार अखबार को दिए एक साक्षात्कार में तकनीक-आधारित नई भर्ती प्रणाली का जिक्र किया और कहा कि मलेशिया को उम्मीद है कि वह 2026 के मध्य तक इसे अपना लेगा, लेकिन Bestinet की भागीदारी का खुलासा नहीं किया। जब ब्लूमबर्ग ने अप्रैल में खबर दी कि मलेशिया खास तौर पर Bestinet की प्रणाली अपनाने की योजना बना रहा है, तो रमणन ने इस दावे का जोरदार खंडन किया।
मुझे यह जानकर हैरानी होती है कि उन्हें प्रस्तावित प्रणाली के बारे में मुझसे ज्यादा जानकारी लगती है। मैंने मंत्रिमंडल के सामने कुछ भी पेश नहीं किया है, फिर भी वे इसे विस्तार से समझा पा रहे हैं।
विस्मा बर्नामा में कॉनकॉर्ड क्लब संवाद सत्र के दौरान रमणन ने ब्लूमबर्ग की खबर को "गैर-जिम्मेदाराना और अनैतिक" बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने मंत्रिमंडल को कोई प्रस्ताव नहीं दिया है और प्रति श्रमिक 1,000 डॉलर शुल्क की खबर को "पूरी तरह झूठा" बताया। उन्होंने श्रमिकों के लिए "शून्य प्रवासन लागत" सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया।
लेकिन कुछ ही दिन बाद रमणन ने स्वीकार किया कि उनके मंत्रालय को Bestinet को प्रणाली विकसित करने के लिए नियुक्त करने पर कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि कंपनी का 15 साल का अनुभव है। उन्होंने न्यू स्ट्रेट्स टाइम्स से कहा, "हम अभी चर्चा कर रहे हैं। उसके बाद मैं मंत्रिमंडल के सामने एक प्रस्ताव रखूंगा। फिलहाल, Bestinet को प्रणाली डेवलपर के रूप में अपनाने में मुझे कोई समस्या नहीं दिखती।" उन्होंने कंपनी के काम का बचाव करते हुए कहा कि FWCMS ने कोविड-19 महामारी के दौरान साइबर हमलों का सामना किया और उसे संयुक्त राष्ट्र का एक पुरस्कार मिला।
यह विरोधाभास सरकार के भीतर गहरे मतभेदों को दर्शाता है। दिसंबर में हुए फेरबदल में मानव संसाधन मंत्री बने रमणन ने स्टीवन सिम की जगह ली थी। सिम ने अमिनुल के हाथों में और अधिक शक्ति केंद्रित होने की चिंता जताते हुए Bestinet के प्रस्ताव पर सवाल उठाए थे। इस प्रक्रिया के लिए गृह मंत्रालय की सहमति और मंत्रिमंडल की मंजूरी जरूरी है, जिससे पता चलता है कि उच्चतम स्तर पर बहस अब भी जारी है।
बांग्लादेश के साथ कूटनीतिक तनाव
प्रस्तावित प्रणाली ने मलेशिया के अपने प्रमुख अकुशल श्रमिक स्रोत बांग्लादेश के साथ कूटनीतिक संबंधों को जटिल बना दिया है। अप्रैल 2025 में मलेशिया के मानव संसाधन मंत्रालय ने बांग्लादेश के प्रवासी कल्याण मंत्रालय को पत्र भेजकर ढाका से "बिना आधार के आरोपों" की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने का अनुरोध किया, ताकि अमेरिकी मानव तस्करी रिपोर्ट (TIP) में मलेशिया की रेटिंग सुधर सके।
मलेशियाई मंत्रालय के महासचिव अजमान मोहम्मद युसुफ ने लिखा कि मानव तस्करी और धनशोधन के आरोपों ने "मलेशिया की प्रतिष्ठा को प्रभावित किया है।" उन्होंने बांग्लादेश से "खारिज किए जा चुके मामलों को औपचारिक प्रक्रिया के जरिए फिर से उठने से रोकने" का अनुरोध किया। यह अनुरोध मलेशिया के गृह मंत्री सैफुद्दीन नसुतियन इस्माइल और बांग्लादेशी समकक्षों के बीच उच्चस्तरीय बैठकों से कुछ सप्ताह पहले आया। इन बैठकों में श्रमिक भर्ती फिर से शुरू करने पर चर्चा होनी थी, जिसे मलेशिया ने श्रमिकों की अधिक आपूर्ति और भ्रष्टाचार की खबरों के बाद मई 2024 में रोक दिया था।
इन कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद, बांग्लादेशी अधिकारियों ने अमिनुल इस्लाम के प्रत्यर्पण का अनुरोध वापस नहीं लिया है। सैफुद्दीन ने अक्टूबर में कहा कि मलेशियाई पुलिस अपने बांग्लादेशी समकक्षों के संपर्क में है, लेकिन दोनों में से किसी भी देश में अमिनुल के खिलाफ आरोप दाखिल नहीं किए गए हैं। Bestinet के संस्थापक की अनसुलझी कानूनी स्थिति किसी भी नए अनुबंध वार्ता पर छाया डालती है।
श्रमिक अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि अमेरिकी TIP रिपोर्ट में मलेशिया फिलहाल टियर 2 पर है, और इस रैंकिंग के व्यापार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ते हैं। नेपाल-आधारित श्रमिक अधिकार कार्यकर्ता एंडी हॉल, जिन्होंने मलेशिया में प्रवासी श्रमिकों की स्थिति का विस्तृत दस्तावेजीकरण किया है, का तर्क है कि मलेशिया की "श्रम तस्करी से सार्थक रूप से निपटने में प्रणालीगत अक्षमता" के चलते उसे तुरंत टियर 3 पर गिरा देना चाहिए, जिससे प्रतिबंध लग सकते हैं।
श्रमिक अधिकार कार्यकर्ताओं की चेतावनी
नागरिक समाज संगठनों और नीति विशेषज्ञों ने प्रस्तावित Bestinet अनुबंध पर कड़ी आपत्ति जताई है। Klang के पूर्व सांसद चार्ल्स सैंटियागो और सार्वजनिक नीति विश्लेषक वी. ऐश्वर्या ने संयुक्त बयान जारी कर सवाल उठाया कि क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित प्रणाली दशकों से बनी शासन संबंधी विफलताओं को दूर कर सकती है।
AI का लेबल शासन की विफलता को अपने आप ठीक नहीं कर देता। इस नए मंच को उसी अंजाम से बचाने के लिए क्या सुरक्षा उपाय होंगे?
सैंटियागो और ऐश्वर्या ने कहा कि FWCMS का ठेका मूल रूप से उचित खुली निविदा प्रक्रिया के बिना दिया गया था और यह छह साल तक बिना अनुबंध के संचालित हुआ। उन्होंने पूछा कि क्या नए AI मंच के लिए पारदर्शी सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया अपनाई जाएगी या फिर उसे सीधे बातचीत के जरिए दिया जाएगा। उन्होंने यह भी सवाल किया कि यह प्रणाली ग्रामीण बांग्लादेशी गांवों में आधिकारिक व्यवस्था से बाहर शुल्क वसूलने वाले अनौपचारिक दलालों पर कैसे नजर रखेगी।
इंटरनेशनल माइग्रेंट्स एलायंस ने दोनों सरकारों से उन "अनावश्यक भर्ती शुल्कों" को खत्म करने और बांग्लादेश एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल रिक्रूटिंग एजेंसीज (BAIRA) के एकाधिकार को तोड़ने का आह्वान किया है। संगठन का तर्क है कि जब तक निजी एजेंसियों और सिंडिकेट के साथ साझेदारी जारी रहेगी, तकनीकी सुधारों के बावजूद दुर्व्यवहार बढ़ता रहेगा।
पूर्व प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद, जिन्होंने पहले प्रवासी श्रमिक प्रणाली में सुधार की कोशिश की थी, ने माना कि बदलाव कठिन है क्योंकि बहुत से पक्षों को इससे आर्थिक लाभ मिलता है। उन्होंने कहा, "इसमें लोगों की बहुत सारी परतें शामिल हैं। यहां तक कि मंत्री भी।"
भर्ती प्रणाली की विफलताओं की मानवीय कीमत
नीतिगत बहसों और अनुबंध वार्ताओं के पीछे तबाही की व्यक्तिगत कहानियां हैं। 34 वर्षीय बांग्लादेशी खेतिहर मजदूर शोफिकुल इस्लाम ने मलेशिया में निर्माण कार्य पाने के लिए 4,400 डॉलर उधार लिए। स्थानीय वेतन के अनुपात में यह उतनी ही रकम है जितनी कोई अमेरिकी 140,000 डॉलर की नौकरी पाने के लिए खर्च करे। उसके नियोक्ता Petrazehra Bhd. के एक प्रतिनिधि ने उसे हवाई अड्डे से लिया और कुआलालंपुर के बाहर एक जर्जर इमारत में छोड़ दिया। वहां पुराने गद्दे थे, साफ-सफाई की न्यूनतम व्यवस्था थी और कोई काम नहीं था।
चिंता मत करो। नौकरी बहुत जल्द मिल जाएगी।
4 फरवरी 2024 को वीडियो कॉल पर शोफिकुल ने अपनी पत्नी से ये शब्द कहे। वह 147 दिनों से इंतजार कर रहा था और अपनी निराशा छिपा रहा था। उसका नियोक्ता चुप रहा और उसका वीजा खत्म हो गया। अगली सुबह उसे सांस लेने में तकलीफ हुई और उसे दौरे पड़ने लगे। जिन साथियों के आसपास उसकी मौत हुई, उन्होंने भी ऐसी नौकरियों के लिए पैसे दिए थे जो मौजूद ही नहीं थीं। एंबुलेंस से उसका शव ले जाया गया, जबकि उसकी पत्नी और बच्चे हालात से अनजान रहे।
शोफिकुल का मामला उस व्यवस्थित शोषण का उदाहरण है जिसे संयुक्त राष्ट्र ने उजागर किया है। उसके नियोक्ता को 1,500 बांग्लादेशियों की भर्ती की मंजूरी मिली थी, जबकि दो साल से उसका कोई राजस्व दर्ज नहीं हुआ था। बांग्लादेशी अधिकारियों का अनुमान है कि हाल के वर्षों में कम से कम 8,000 श्रमिकों को वादा की गई नौकरियां नहीं मिलीं, हालांकि मलेशियाई अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक संख्या दसियों हजार तक पहुंचती है। जिन लोगों को पहुंचने पर पता चलता है कि नौकरी फर्जी है, वे निर्वासन का जोखिम उठाए बिना मदद नहीं मांग सकते। इससे कई लोग मलेशिया की अवैध अर्थव्यवस्था में जाने को मजबूर होते हैं, जहां शोषण और बढ़ जाता है।
2019 से अमेरिकी अधिकारियों ने जबरन श्रम के आरोपों में मलेशिया की आठ कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। आरोप है कि इन कंपनियों ने कर्ज के बंधन और धमकी के जरिए श्रमिकों का शोषण किया। कई बड़ी वैश्विक कंपनियों को सामान देने वाले मलेशियाई आपूर्तिकर्ताओं की भी इसी तरह जांच हुई है। इन मामलों में एक बात समान है: बांग्लादेशी श्रमिक ऐसे भर्ती कर्ज के बोझ तले दबे हैं जिससे वे निकल नहीं सकते।
मुख्य बातें
- मलेशिया विदेशी श्रमिकों की प्रत्यक्ष भर्ती के लिए द यूनिवर्सल रिक्रूटमेंट एडवांस्ड प्लेटफॉर्म (Turap) संचालित करने हेतु Bestinet Sdn Bhd के साथ 12 साल के अनुबंध पर विचार कर रहा है
- Bestinet के संस्थापक अमिनुल इस्लाम के प्रत्यर्पण की मांग बांग्लादेशी पुलिस ने की है। उसका आरोप है कि उन्होंने ऐसी प्रणाली को बढ़ावा दिया जिसने प्रवासी श्रमिकों से "धोखाधड़ी से जबरन" पैसे वसूले
- मानव संसाधन मंत्री रमणन रामकृष्णन ने परस्पर विरोधी बयान दिए: पहले Bestinet के प्रस्ताव से जुड़ी खबरों को खारिज किया, फिर कहा कि उनके मंत्रालय को कंपनी द्वारा प्रणाली विकसित करने पर कोई आपत्ति नहीं है
- प्रस्तावित अनुबंध के तहत कंपनियों से प्रति आवेदन 1,000 अमेरिकी डॉलर और हर श्रमिक के लिए एक महीने का वेतन लिया जाएगा। मलेशिया में 2.1 मिलियन पंजीकृत विदेशी श्रमिक होने के कारण इससे भारी राजस्व मिलेगा
- बांग्लादेशी श्रमिक फिलहाल भर्ती शुल्क के रूप में 6,600 डॉलर तक चुकाते हैं, जो दूसरे देशों के श्रमिकों के भुगतान से दोगुने से भी अधिक है। कई बार वे ऐसी नौकरियों के लिए भुगतान करते हैं जो मौजूद ही नहीं होतीं
- अमेरिकी मानव तस्करी रिपोर्ट में अपनी रेटिंग बचाने के लिए मलेशिया ने बांग्लादेश से "बिना आधार के आरोपों" को वापस लेने का अनुरोध किया
- श्रमिक अधिकार कार्यकर्ताओं और पूर्व अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तकनीकी समाधान भर्ती प्रणाली में शासन संबंधी विफलताओं और गहरे भ्रष्टाचार को दूर नहीं कर सकते






