गिरने से थम गया प्रदर्शन
बीते सप्ताहांत सैकड़ों खरीदार रोबोटिक्स के भविष्य को देखने की उम्मीद में शेनझेन के मिक्ससी मॉल में जुटे थे। लेकिन इसके बजाय उन्होंने भविष्य को मुंह के बल गिरते देखा। आकर्षक इलेक्ट्रिक कारों के लिए मशहूर चीनी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता एक्सपेंग मोटर्स अपने नवीनतम आविष्कार, आयरन नाम के ह्यूमनॉइड रोबोट, को पहली सार्वजनिक प्रस्तुति के लिए शॉपिंग सेंटर लेकर आया था। 178 सेंटीमीटर लंबा और 70 किलोग्राम वजनी यह रोबोट मंच पर पहले ही कई सफल चहलकदमियां कर चुका था। इस दौरान उसने वैसी चाल दिखाई, जिसे कंपनी मानव गति की नकल करने वाली, असाधारण रूप से सहज और प्रवाहपूर्ण मॉडल-जैसी चाल बताती है।
विषय-सूची
फिर, एक ठहराव के दौरान आयरन ने अपना संतुलन खो दिया। मशीन पीछे की ओर झुकी, खुद को संभाल नहीं पाई और मंच पर जोर से जा गिरी। उसकी टक्कर की आवाज आगे की कतारों तक सुनाई दी। कर्मचारी उसे गिरने से बचाने के लिए तेजी से आगे आए, लेकिन रोबोट मुंह के बल जमीन पर गिरा और मरम्मत तथा समायोजन के लिए संचालकों को उसे उठाकर ले जाना पड़ा। कई स्मार्टफोन में कैद हुई और कुछ ही मिनटों में चीन के सोशल मीडिया मंचों पर साझा की गई इस घटना ने तकनीकी कौशल के प्रदर्शन के लिए रखे गए आयोजन को वायरल पल में बदल दिया। इसने उभरते ह्यूमनॉइड क्षेत्र में रोबोट बनाने की महत्वाकांक्षा और यांत्रिक वास्तविकता के बीच लगातार बनी खाई को उजागर किया।
तयशुदा प्रदर्शन पटरी से उतरा
शेनझेन में हुआ प्रदर्शन एक्सपेंग के रोबोटिक्स विभाग के लिए एक अहम पड़ाव था। कंपनी ने आयरन के दूसरी पीढ़ी के हार्डवेयर को बेहतर बनाने में एक साल से अधिक समय लगाया था। उसका ध्यान गति, नियंत्रण और संतुलन प्रणालियों पर था, ताकि ऐसा रोबोट बनाया जा सके जो इंसानी वातावरण में चल सके। रोबोट में मानव शरीर रचना पर आधारित पांच डिग्री ऑफ फ्रीडम वाली रीढ़, सहज गति के लिए खिंचने और सिकुड़ने वाली कृत्रिम मांसपेशियां और जटिल गतिविधियों के दौरान स्थिरता बढ़ाने के लिए तैयार की गई एक उन्नत कूल्हा संरचना थी। 62 सक्रिय जोड़ और 22-22 डिग्री ऑफ फ्रीडम वाले हाथों के साथ आयरन को इस तरह बनाया गया था कि वह नाजुक औजारों से लेकर भारी वस्तुओं तक संभाल सके और प्रति सेकंड 2 मीटर तक की रफ्तार से चल सके।
शनिवार के प्रदर्शन में आयरन ने दर्शकों के बीच बने मंच तक तयशुदा कैटवॉक सफलतापूर्वक किया, बच्चों से बातचीत की और उनसे सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे। इनमें विशाल पांडा के मल के रंग से जुड़ा सवाल भी शामिल था। हालांकि, मंच पर स्थिर खड़े रहने के दौरान रोबोट की संतुलन प्रणाली काम नहीं कर पाई। ऑनलाइन प्रसारित वीडियो में मशीन के पीछे की ओर गिरने से पहले डगमगाने और फिर धड़ाम से गिरने का दृश्य है। भीड़ से हैरानी की आवाजें उठीं। कार्यक्रम के कर्मचारियों ने तुरंत रोबोट को वहां से हटाया और उसकी जगह दूसरे रोबोट ने प्रदर्शन जारी रखा। अभियान के दूसरे दिन, रविवार तक, एक्सपेंग ने प्रस्तुति में बदलाव कर दिया। दर्शकों के साथ शैक्षिक बातचीत के दौरान आयरन को स्वतंत्र रूप से चलने देने के बजाय एक सहायक फ्रेम से बांधकर रखा गया।
आयरन के भीतर की तकनीक
सार्वजनिक मंच पर लड़खड़ाने के बावजूद, आयरन उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जैव-अनुकरण हार्डवेयर को मिलाने वाला एक परिष्कृत इंजीनियरिंग प्रयास है। रोबोट की आंतरिक संरचना में उसके बाहरी सूट के नीचे 3डी-प्रिंटेड जालीदार परत लगी है, जिसे फेशिया कहा जाता है। यह मानव मांसपेशियों की नकल करती है और उन कंपन को कम करने में मदद करती है, जिनसे दो पैरों पर चलने वाली मशीनों की गति आमतौर पर झटकेदार हो जाती है। डिजाइन का यह चुनाव एक्सपेंग के अत्यधिक मानवरूपीकरण के सिद्धांत को दर्शाता है। यह ऐसा तरीका है जिसमें इंसान जैसी शक्ल और चाल को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि ‘अनकैनी वैली’ प्रभाव कम हो सके। यह उस मनोवैज्ञानिक असहजता को कहते हैं, जो लगभग इंसान जैसी दिखने वाली लेकिन मशीन की तरह व्यवहार करने वाली चीजों से बातचीत करते समय महसूस होती है।
ऊर्जा और प्रोसेसिंग
आयरन ऑल-सॉलिड-स्टेट बैटरी से चलता है, जो पारंपरिक लिथियम-आयन सेल से एक बड़ा बदलाव है। पारंपरिक सेल में तरल इलेक्ट्रोलाइट का इस्तेमाल होता है। इस ऊर्जा स्रोत में अधिक ऊर्जा घनत्व, कम वजन और बेहतर सुरक्षा मिलती है। इससे इंसानों के पास काम करने वाले रोबोटों में गर्मी पैदा होने और आग लगने के जोखिम की चिंताओं का समाधान होता है। मशीन के कंप्यूटिंग केंद्र में तीन कस्टम ट्यूरिंग एआई चिप हैं, जो प्रति सेकंड लगभग 2,250 से 3,000 ट्रिलियन ऑपरेशन करने में सक्षम हैं। यह प्रोसेसिंग क्षमता एक्सपेंग के विजन-लैंग्वेज-एक्शन सिस्टम को सहारा देती है, जो दृश्य जानकारी को सीधे शारीरिक गति से जोड़ता है। इससे रोबोट बिना किसी देरी या हिचकिचाहट के, वास्तविक समय में अपने आसपास के माहौल पर समझदारी से प्रतिक्रिया दे सकता है।
इंसानों जैसी चाल सीखना
डेवलपरों ने इंसानों के चलने के हजारों घंटे के वीडियो से आयरन के गति-संबंधी एल्गोरिदम को प्रशिक्षित किया। इससे रोबोट कंक्रीट या टाइल जैसी सख्त सतहों पर चलते समय पैरों के जोड़ों के जरिए झटके सह सकता है। मशीन 5 फुट 10 इंच लंबी और 154 पाउंड वजनी है। खुदरा दुकानों के माहौल में इसे व्यावहारिक और लोगों के लिए सहज बनाने के लिहाज से इसके ये आयाम चुने गए। इसके सिर के चारों ओर एक घुमावदार डिस्प्ले लगा है, जो संवाद के दौरान चेहरे के भाव बदल सकता है। कंपनी ने रोबोट के शरीर के अनुपात को समायोजित करने और लिंग-संबंधी विशेषताएं चुनने की सुविधा भी दी है, ताकि ग्राहक सेवा से लेकर निर्देशित दौरों तक अलग-अलग सामाजिक संदर्भों और उपयोगों के लिए उसे अनुकूल बनाया जा सके।
कंपनी प्रमुख ने विफलता को बताया प्रगति का हिस्सा
एक्सपेंग मोटर्स के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हे शियाओपेंग ने रोबोट के गिरने के कुछ ही घंटों के भीतर चीन के लोकप्रिय माइक्रोब्लॉगिंग मंच वीबो पर घटना को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस लड़खड़ाहट को झटका या इंजीनियरिंग की विफलता मानने के बजाय, तकनीकी विकास और लगातार सुधार की प्रक्रिया का अपेक्षित चरण बताया। हे शियाओपेंग ने रोबोट के गिरने की तुलना बचपन के विकास से की और कहा कि ऐसी गलतियां हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर की बुनियादी खामी नहीं, बल्कि सीखने के अहम मौके हैं।
इससे मुझे याद आता है कि छोटे बच्चे चलना कैसे सीखते हैं। गिरने के बाद वे मजबूती से खड़े होते हैं; अगला कदम दौड़ना शुरू करना और दौड़ते रहना है।
इस प्रतिक्रिया का मकसद लोगों की धारणा को बदलना है, ताकि वे घटना को खराबी के बजाय विश्वसनीय दो पैरों वाली चाल की ओर स्वाभाविक प्रगति का हिस्सा समझें। दिलचस्प बात यह है कि एक्सपेंग के उपाध्यक्ष ने कहा कि गिरने से यह साबित करने में मदद मिली कि रोबोट वास्तव में स्वायत्त है, न कि कोई छिपा हुआ मानव संचालक उसे दूर से नियंत्रित कर रहा है। इससे आयरन के पहले के सहज प्रदर्शनों की प्रामाणिकता पर ऑनलाइन उठे संदेहों का जवाब मिला। कंपनी का कार्यकारी दल इस घटना को विकास चक्र के एक डेटा बिंदु के तौर पर देखता है और इस बात पर जोर देता है कि सार्वजनिक परीक्षण उन कमजोरियों को उजागर करते हैं, जिन्हें प्रयोगशाला के माहौल में दोहराया नहीं जा सकता।
यह प्रतिक्रिया रोबोटिक्स उद्योग की उस व्यापक रणनीति को दर्शाती है जिसमें सार्वजनिक विफलताओं को विकास प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा बनाया जा रहा है। यह वैसा ही है जैसे स्वायत्त वाहन कंपनियां छोटी दुर्घटनाओं को विनाशकारी झटके के बजाय सीखने के मौके के रूप में देखती हैं। आयरन के पहले के प्रदर्शनों में असामान्य रूप से सहज गति दिखने के बाद ऑनलाइन इसकी प्रामाणिकता को लेकर बहस तेज हो गई थी। कुछ दर्शकों ने अंदाजा लगाया कि शायद कोई मानव कलाकार मशीन को दूर से चला रहा हो। अचानक हुई इस गिरावट ने इन अफवाहों को प्रभावी रूप से शांत कर दिया, क्योंकि कोई मानव संचालक जानबूझकर सार्वजनिक प्रदर्शन को विफल करने का निर्देश नहीं देगा। एक्सपेंग की टीम ने इस मौके पर बताया कि रोबोट स्वायत्त रूप से काम करता है और पहले से प्रोग्राम की गई स्क्रिप्ट या दूर से दिए गए आदेशों के बजाय अपने ऑनबोर्ड विजन-लैंग्वेज-एक्शन सिस्टम से पर्यावरण संबंधी डेटा को प्रोसेस करता है।
दो पैरों वाले रोबोटिक्स की कठिन वास्तविकता
यह घटना रोबोटिक्स उद्योग की एक लगातार बनी हुई चुनौती को उजागर करती है: ऐसी मशीनें बनाना जो इंसानी वातावरण में जैविक जीवों जैसी स्थिरता और अनुकूलन क्षमता के साथ चल-फिर सकें। भाषा प्रोसेसिंग और तस्वीरों की पहचान जैसे संज्ञानात्मक कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन भौतिक दुनिया में शरीर के साथ काम करना कहीं ज्यादा कठिन है। पहियों वाले रोबोटों या उड़ने वाले ड्रोन से अलग, दो पैरों वाली मशीनों को वास्तविक समय में गतिशील संतुलन की जटिल गणितीय समस्या हल करनी पड़ती है। वजन के बंटवारे में बदलाव और बाहरी बलों की भरपाई के लिए उन्हें प्रति सेकंड सैकड़ों बार समायोजन करना होता है। बीजिंग इनोवेशन सेंटर ऑफ ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स की अकादमिक समिति के निदेशक झांग च्यांग ने बताया कि मानव गति पर व्यापक डेटा अब भी कम है। इससे रोबोटों को असली जमीन की अनगिनत स्थितियों, अचानक लगने वाले झटकों और स्थिर संतुलन की जरूरतों से निपटने का प्रशिक्षण देना मुश्किल होता है।
चीन के प्रमुख निवेश बैंक जीएफ सिक्योरिटीज के बाजार विश्लेषण के मुताबिक, गैर-ह्यूमनॉइड रोबोट, खासकर चार पैरों वाले रोबोटिक कुत्ते, अपने दो पैरों वाले समकक्षों की तुलना में तेजी से व्यावसायिक सफलता हासिल कर चुके हैं। इन चार पैरों वाली मशीनों में ज्यादा वजन उठाने की क्षमता, बेहतरीन संतुलन और सरल नियंत्रण प्रणालियां हैं। उन्हें डिजाइन और रखरखाव करना भी आसान है, जिससे औद्योगिक और सुरक्षा संबंधी उपयोगों में उन्हें व्यावहारिक बढ़त मिलती है। इन क्षेत्रों में इंसान जैसी दिखावट का कोई कार्यात्मक लाभ नहीं होता। रिपोर्ट के मुताबिक, चार पैरों वाले डिजाइन ज्यादा स्थिर होते हैं और भरोसेमंद गति हासिल करने के लिए कम जटिल इंजीनियरिंग की जरूरत होती है।
ह्यूमनॉइड रोबोटों के सामने भौतिकी से जुड़ी खास चुनौतियां हैं। दो पैरों पर खड़े होने से उलटे लोलक की स्वाभाविक रूप से अस्थिर स्थिति बनती है, जिसे संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार छोटे-छोटे समायोजनों की जरूरत होती है। स्थिर खड़े होने पर आयरन जैसे रोबोटों को सक्रिय रूप से संतुलन बनाए रखना पड़ता है, जबकि इंसान निष्क्रिय जैविक संरचनाओं और प्रतिवर्त क्रियाओं के सहारे खड़े रहते हैं। लगातार ये समायोजन करने में काफी ऊर्जा लगती है। इससे स्थिर या पहियों वाले डिजाइन की तुलना में बैटरी तेजी से खत्म होती है और गर्मी पैदा होती है, जो लंबे समय तक काम करने पर सेंसर की सटीकता और मोटर के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। सजीव जैसी गति देने वाली जटिल रीढ़ और कमर की संरचनाओं में खराबी की आशंका वाले अतिरिक्त बिंदु भी जुड़ जाते हैं। इससे सौंदर्यपरक वास्तविकता और यांत्रिक विश्वसनीयता के बीच ऐसा समझौता करना पड़ता है, जिसे निर्माताओं को सावधानी से साधना होता है।
व्यावसायिक महत्वाकांक्षाओं पर जनता की नजर
एक्सपेंग ने आयरन को बाजार में लाने के लिए महत्वाकांक्षी समयसीमा घोषित की है। कंपनी का लक्ष्य 2026 के अंत तक बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करना और 2027 की शुरुआत में उत्पादन बढ़ाना है। उसका इरादा 2030 तक 10 लाख इकाइयां बनाने का है। शुरुआत खुदरा दुकानों में तैनाती से होगी, जहां रोबोट स्वागत कक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे, निर्देशित दौरे कराएंगे और ग्राहकों की मदद करेंगे। बाओशान आयरन एंड स्टील ने औद्योगिक निगरानी के कामों में रोबोटों का परीक्षण करने के लिए पहले ही एक्सपेंग के साथ साझेदारी की है। ये रोबोट उपकरणों में टूट-फूट और संभावित खराबियों की जांच करेंगे, ताकि उत्पादन रुकने से पहले ही उनका पता चल सके।
हालांकि, शेनझेन में हुई इस गिरावट के बाद एक्सपेंग के शेयर भाव में मामूली गिरावट आई। कंपनी के शेयर हांगकांग में 9868 और अमेरिका में XPEV टिकर के तहत सूचीबद्ध हैं। निवेशकों ने टिकाऊपन और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए तकनीक की तैयारी को लेकर चिंता जताई। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि गिरावट भले ही मामूली थी, लेकिन यह रोबोटिक्स कंपनियों की सार्वजनिक छवि के प्रति निवेशकों की संवेदनशीलता दिखाती है। यहां प्रदर्शन में कमजोरी दिखने से मूल्यांकन पर तकनीकी विशिष्टताओं से ज्यादा असर पड़ सकता है। इस घटना से ह्यूमनॉइड क्षेत्र के प्रतिस्पर्धियों, जिनमें टेस्ला का ऑप्टिमस कार्यक्रम और बोस्टन डायनेमिक्स शामिल हैं, की भी नजर इस ओर गई। इन कंपनियों को भी सार्वजनिक प्रदर्शनों में अपनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। चीन भर में सोशल मीडिया रुझानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट एंटोबिट.सीएन के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह तक यह घटना बाइदू पर चौथा सबसे ज्यादा खोजा जाने वाला विषय बन गई थी। रविवार रात बाइटडांस के जिनरी तूतियाओ मंच पर यह सबसे चर्चित विषय था। इस व्यापक चर्चा से संकेत मिलता है कि ह्यूमनॉइड रोबोटों में लोगों की दिलचस्पी अब भी काफी है, भले ही प्रदर्शनों में उनकी मौजूदा सीमाएं सामने आएं।
सार्वजनिक रूप से हुई इस विफलता से यह सवाल उठता है कि क्या कंपनियों को दर्शकों, बच्चों और सख्त सतहों से भरे शॉपिंग मॉल की अनिश्चितता के बीच ऐसी प्रयोगात्मक तकनीक को उतारने से पहले नियंत्रित माहौल में उसका परीक्षण करना चाहिए। प्रयोगशाला में प्रदर्शन आदर्श परिस्थितियों में बेहतरीन कामकाज दिखा सकते हैं, लेकिन असली दुनिया में रोबोटों को कंपन, असमतल फर्श और जनता की अपेक्षाओं के मनोवैज्ञानिक दबाव से जूझना पड़ता है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि सीमित रूप से नियंत्रित माहौल में धीरे-धीरे शुरुआत करने से जनता का भरोसा बड़े सार्वजनिक आयोजनों में हुई चूकों की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से बनाया जा सकता है।
ह्यूमनॉइड रोबोटों के लिए आगे क्या
इस झटके के बावजूद, एक्सपेंग अपने ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स कार्यक्रम के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी का मानना है कि सार्वजनिक प्रदर्शन, भले ही उनका नतीजा गिरने के रूप में निकले, इंसानों और रोबोटों के बीच बातचीत तथा अनिश्चित परिस्थितियों में वास्तविक प्रदर्शन से जुड़ा डेटा जुटाने के अहम मौके हैं। आयरन को कारखाने या निजी घर के बजाय खुदरा दुकानों में पहली बार पेश करने का फैसला सामाजिक संपर्क के जरिए सीखने की प्रक्रिया तेज करने की रणनीति दर्शाता है। कंपनी यह स्वीकार करती है कि शुरुआती संस्करण जटिल मानवीय जगहों में चलते समय गलतियां करेंगे, जहां ऐसे कई पहलू होते हैं जिनकी विकास प्रयोगशालाओं में नकल करना असंभव है।
तकनीकी चुनौतियों के बावजूद रोबोटिक्स उद्योग ह्यूमनॉइड डिजाइन पर काम जारी रखे हुए है, क्योंकि इंसानी वातावरण दो पैरों पर चलने के लिए बनाए गए हैं। सीढ़ियां, दरवाजे, रसोई के काउंटर और औजार, सब यह मानकर बनाए गए हैं कि उन्हें इस्तेमाल करने वाले के दो हाथ, दो पैर और इंसानों जैसे आयाम होंगे। जो रोबोट इन जगहों पर बुनियादी ढांचे में बदलाव किए बिना काम कर सकता है, वह खास औद्योगिक उपकरणों की तुलना में ज्यादा लचीला होगा, भले ही भरोसेमंद ढंग से चलना सीखने में अधिक समय लगे और इस दौरान सार्वजनिक रूप से चूकें हों। मौजूदा कार्यस्थलों में इंसानी श्रमिकों की जगह लेने या उनकी मदद करने वाली मशीनों की आर्थिक क्षमता, कठिनाइयों के बावजूद निवेश को जारी रखे हुए है। उद्योग पर नजर रखने वालों को उम्मीद है कि दूसरे निर्माता भी अपने प्रोटोटाइप को प्रयोगशालाओं से सार्वजनिक स्थानों पर लाते समय ऐसी ही चूक करेंगे। इससे संकेत मिलता है कि ह्यूमनॉइड रोबोटों को व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराने की दौड़ में भरोसेमंद प्रदर्शन हासिल करने से पहले और भी दिखाई देने वाली विफलताएं सामने आएंगी।
फिलहाल, आयरन का गिरना याद दिलाता है कि ह्यूमनॉइड रोबोट अब भी प्रयोगात्मक तकनीक हैं, जो भौतिक दुनिया में चलना सीख रहे हैं। प्रयोगशाला की कौतूहलजनक वस्तु से भरोसेमंद व्यावसायिक उत्पाद बनने के लिए सिर्फ सॉफ्टवेयर की बुद्धिमत्ता काफी नहीं है। मजबूत हार्डवेयर भी चाहिए, जो साझा जगहों में इंसानों के साथ चलते, दौड़ते और काम करते हुए सीखने के दौरान होने वाली अपरिहार्य गिरावटों को सह सके।
निष्कर्ष
- शेनझेन के एक शॉपिंग मॉल में पहली सार्वजनिक प्रस्तुति के दौरान एक्सपेंग का ह्यूमनॉइड रोबोट आयरन पीछे की ओर गिर गया। कर्मचारियों को उसे मंच से हटाने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
- यह घटना चीन के सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, कई मंचों पर शीर्ष चर्चित विषय बनी और सप्ताहांत के प्रदर्शन के बाद एक्सपेंग के शेयर भाव में मामूली गिरावट आई।
- सीईओ हे शियाओपेंग ने इस गिरावट की तुलना चलना सीखते छोटे बच्चों से की और इसे इंजीनियरिंग की विफलता के बजाय तकनीकी विकास का सामान्य हिस्सा बताया।
- आयरन में 62 सक्रिय जोड़, सॉलिड-स्टेट बैटरी और तीन ट्यूरिंग एआई चिप जैसी उन्नत खूबियां हैं, लेकिन दो पैरों पर संतुलन और स्थिरता बनाए रखने की बुनियादी चुनौतियां भी हैं।
- सार्वजनिक पदार्पण के दौरान सामने आई तकनीकी बाधाओं के बावजूद, एक्सपेंग ने 2026 के अंत तक बड़े पैमाने पर उत्पादन और खुदरा दुकानों में शुरुआती तैनाती की योजना बनाई है।
- इस गिरावट ने प्रयोगशाला के प्रदर्शन और ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स की वास्तविक दुनिया में विश्वसनीयता के बीच की खाई उजागर की। इस क्षेत्र में भौतिक दुनिया में काम करने वाले रोबोट बनाना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकसित करने से ज्यादा कठिन है।






