एआई मेमोरी पर वर्चस्व की अनदेखी जंग
वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में शक्ति का नाटकीय पुनर्संतुलन देखने को मिल रहा है। चीन ने मेमोरी चिप निर्माण में दक्षिण कोरिया के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व को अभूतपूर्व चुनौती दी है। दशकों से कोरियाई दिग्गज सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स तथा अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी माइक्रोन टेक्नोलॉजी का वैश्विक DRAM बाजार के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर नियंत्रण रहा है। इससे तकनीकी विशेषज्ञता का ऐसा अभेद्य किला बना, जिसे भेदना असंभव लगता था। लेकिन अब इस वर्चस्व की सबसे गंभीर परीक्षा एक महत्वाकांक्षी घरेलू चुनौतीकर्ता ले रहा है, जिसे सरकारी पूंजी से अरबों डॉलर का समर्थन और भू-राजनीतिक तात्कालिकता से गति मिल रही है।
विषय-सूची
2016 में स्थापित चांगशिन मेमोरी टेक्नोलॉजीज (CXMT) चीन के मेमोरी क्षेत्र की अगुवा कंपनी बनकर उभरी है। वह तेजी से नगण्य खिलाड़ी से बढ़कर वैश्विक DRAM बाजार में लगभग 4 से 5 प्रतिशत हिस्सेदारी तक पहुंच गई है। कंपनी ने 2025 में पहली बार मुनाफा कमाया और अब शंघाई स्टॉक एक्सचेंज में 4.2 अरब डॉलर का विशाल प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की तैयारी कर रही है। यह उसकी व्यावसायिक व्यवहार्यता और रणनीतिक राष्ट्रीय अहमियत, दोनों का संकेत है। यह वित्तीय कदम वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच बढ़ती तकनीकी प्रतिस्पर्धा के दौर में उठाया जा रहा है, जहां मेमोरी चिप कृत्रिम बुद्धिमत्ता की आपूर्ति शृंखला की अहम अड़चन बन गई हैं।
बढ़ते दबाव के बावजूद उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक में कोरिया की बढ़त अब भी काफी बड़ी है, खासकर हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) के क्षेत्र में। बड़े भाषा मॉडल को प्रशिक्षित करने और उन्नत एआई अनुप्रयोगों को शक्ति देने के लिए यह तकनीक आवश्यक है। कोरियाई चिप निर्माता 2020 में DDR5 मेमोरी का व्यावसायीकरण करने वाले पहले उत्पादक थे। वे अब प्रमुख एआई ग्राहकों को पांचवीं पीढ़ी के HBM3E उत्पाद भेज रहे हैं और अगली पीढ़ी के HBM4 उत्पादों की तैयारी कर रहे हैं। विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक, मानक DRAM में उनकी बढ़त करीब दो से तीन साल और अधिक जटिल HBM स्टैकिंग तकनीकों में तीन से चार साल की है।
सरकारी समर्थन से उभरी चीन की मेमोरी चैंपियन
CXMT की तरक्की को दुनिया के सबसे बड़े सेमीकंडक्टर सब्सिडी कार्यक्रमों में से एक, सरकार के नेतृत्व वाले नेशनल इंटीग्रेटेड सर्किट इंडस्ट्री इन्वेस्टमेंट फंड से बल मिला है। इसे आम तौर पर बिग फंड कहा जाता है। 690 ट्रिलियन युआन (करीब 95 अरब डॉलर) से अधिक की कुल पूंजी वाला यह कार्यक्रम अमेरिका के साथ बढ़ती तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के बीजिंग के संकल्प को दर्शाता है। 2024 में शुरू किए गए फंड के तीसरे चरण में व्यापक आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के साथ-साथ उन्नत एआई चिप और HBM विकास पर खास ध्यान दिया गया है।
ऐतिहासिक मानकों के हिसाब से कंपनी की तकनीकी प्रगति उल्लेखनीय रही है। IPO के प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, CXMT कुछ ही वर्षों में शुरुआती विकास से बड़े पैमाने पर निर्माण तक पहुंच गई है। कंपनी ने हाल ही में PC, सर्वर और मोबाइल उपकरणों के लिए DDR5 और LPDDR5X मेमोरी उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की घोषणा की। HBM क्षेत्र में CXMT ने 2024 के आखिर में HBM2 का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया और 2026 तक HBM3 श्रेणी के उत्पाद तथा संभवतः 2027 तक HBM3E बनाने का लक्ष्य रखा है। इससे वैश्विक अग्रणी कंपनियों के साथ उसका अंतर घटकर तीन या चार साल रह सकता है।
TechInsights के स्वतंत्र विश्लेषण के अनुसार, CXMT फिलहाल D1y और D1z नोड पर DRAM बना सकती है, जो लगभग 17 से 13 नैनोमीटर के बराबर हैं। उसकी DDR5 डेंसिटी वैश्विक अग्रणी प्रतिद्वंद्वियों के 2021 के उत्पादों के करीब है। खबरों के मुताबिक, कंपनी HBM3E उत्पादन के लिए जरूरी 15 नैनोमीटर से छोटे नोड (D1α और D1β) विकसित कर रही है। इसमें माइक्रोन की 2021 की मिसाल अपनाई जा सकती है, जब कंपनी ने एक्सट्रीम अल्ट्रावायलेट लिथोग्राफी के बिना D1α हासिल किया था।
शांगमिंग विश्वविद्यालय में सिस्टम सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग के प्रोफेसर ली जोंग-ह्वान का कहना है कि चीन के रणनीतिक लक्ष्य तात्कालिक व्यावसायिक सफलता से कहीं आगे हैं।
चीन के साथ तकनीकी अंतर साफ है। लेकिन चीन का अंतिम लक्ष्य अल्पकालिक मुनाफा कमाना नहीं है। चिप क्षेत्र की उसकी महत्वाकांक्षा अमेरिका के साथ प्रतिस्पर्धा से सीधे जुड़ी है, जिसमें एआई और सैन्य क्षमताएं भी शामिल हैं।
तकनीकी अंतर का आकलन
तकनीकी अंतर के सटीक आयाम प्रगति और सीमाओं की एक जटिल तस्वीर पेश करते हैं। मानक DRAM निर्माण में कोरियाई और वैश्विक अग्रणी कंपनियां 10 नैनोमीटर श्रेणी के पांचवीं और छठी पीढ़ी के नोड, जिन्हें 1b और 1c कहा जाता है, तक पहुंच गई हैं। इनसे अधिक डेंसिटी और बेहतर बिजली दक्षता मिलती है। चीनी कंपनियां फिलहाल मुख्य रूप से 1z नोड पर काम कर रही हैं। यह 20 नैनोमीटर से छोटे नोड की पुरानी पीढ़ी है, जिसमें उत्पादन क्षमता कम और लागत अधिक है।
प्रक्रिया नोड का यह अंतर कोरियाई निर्माताओं को प्रतिस्पर्धा में बड़ा लाभ देता है। 1b और 1c नोड पर बनी चिप कम बिजली खपत के साथ बेहतर प्रदर्शन करती हैं और बड़े पैमाने पर कम लागत में बनाई जा सकती हैं। हर नई उत्पाद पीढ़ी के साथ ये लाभ और बढ़ते जाते हैं। कोरिया की नेशनल अकादमी ऑफ इंजीनियरिंग इस अंतर को करीब दो से तीन साल का मानती है। यह पहले देखी गई दशक भर की देरी से कम है, लेकिन ऐसे उद्योग में अब भी काफी बड़ा है जहां हर पीढ़ी दक्षता में उल्लेखनीय सुधार लाती है।
NAND फ्लैश मेमोरी में अंतर कुछ कम दिखता है, हालांकि वह अब भी स्पष्ट है। बाजार की अग्रणी कंपनियां सैमसंग और एसके हाइनिक्स फिलहाल 286 से 321 लेयर वाली चिप का बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रही हैं, जो उद्योग के सबसे उन्नत उत्पादों में हैं। यांग्त्ज़ी मेमोरी टेक्नोलॉजीज (YMTC) के नेतृत्व में चीनी निर्माता 232 लेयर वाली NAND चिप बनाने लगे हैं। उल्लेखनीय है कि YMTC ने हाइब्रिड बॉन्डिंग तकनीक विकसित की है, जिसे कुछ अनुप्रयोगों में कोरियाई प्रतिद्वंद्वियों की तकनीक से अधिक उन्नत माना जाता है। इससे पता चलता है कि चीन की प्रगति असमान होने के बावजूद कुछ तकनीकी क्षेत्रों में वास्तविक सफलताएं मिली हैं।
हाई बैंडविड्थ मेमोरी में यह अंतर काफी बढ़ जाता है, जहां कोरिया का वर्चस्व सबसे अधिक स्पष्ट है। HBM बनाने में DRAM चिप को थ्रू-सिलिकॉन वाया के जरिये लंबवत रूप से स्टैक किया जाता है, जिससे प्रदर्शन और बिजली दक्षता बेहतर होती है। इसे मेमोरी निर्माण की सबसे बड़ी तकनीकी बाधाओं में से एक माना जाता है। CXMT ने इस बाजार में उतरने की महत्वाकांक्षा जताई है, जबकि कोरियाई चिप निर्माता बड़े पैमाने पर HBM3E की आपूर्ति कर रहे हैं और HBM4 पेश करने की तैयारी में हैं। यह बढ़त केवल प्रमुख प्रक्रिया नोड पर नहीं, बल्कि स्टैकिंग की सटीकता, ताप नियंत्रण और उत्पादन क्षमता की स्थिरता पर भी निर्भर करती है, जिन्हें एआई चिप डिजाइनरों के साथ वर्षों के करीबी सहयोग से बेहतर बनाया गया है।
औद्योगिक जासूसी और गोपनीय जानकारी की सुरक्षा
प्रतिस्पर्धी दबाव के चलते बौद्धिक संपदा की सुरक्षा को लेकर बड़े कानूनी टकराव सामने आए हैं। 26 दिसंबर, 2025 को दक्षिण कोरियाई अभियोजकों ने सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के पूर्व अधिकारियों और इंजीनियरों सहित 10 लोगों पर CXMT को उन्नत 10 नैनोमीटर DRAM निर्माण से जुड़े गोपनीय रहस्य कथित तौर पर लीक करने के आरोप लगाए। पांच संदिग्ध हिरासत में हैं, जबकि पांच अन्य पर आरोप लगाए गए, लेकिन उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। यह कोरिया के इतिहास के सबसे बड़े औद्योगिक जासूसी मामलों में से एक है।
सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट प्रॉसिक्यूटर्स ऑफिस के अनुसार, सैमसंग छोड़ने के बाद आरोपियों ने CXMT में अनुसंधान और विकास के अहम पद संभाले। जांचकर्ताओं को पता चला कि वहां से जाने वाले एक शोधकर्ता ने DRAM निर्माण प्रक्रिया से जुड़ी गोपनीय जानकारी के सैकड़ों चरण हाथ से कॉपी किए थे। इनमें प्रक्रिया का क्रम, उपकरणों की विशिष्टताएं और उत्पादन क्षमता को बेहतर करने के अहम विवरण शामिल थे। आरोप है कि इन हस्तलिखित नोटों का इस्तेमाल CXMT में सैमसंग की निर्माण प्रक्रिया को दोबारा तैयार करने और उसके अनुरूप ढालने के लिए किया गया। इससे चीनी कंपनी 2023 में 18 नैनोमीटर DRAM चिप बनाने वाली पहली घरेलू उत्पादक बन गई।
अभियोजकों का अनुमान है कि सिर्फ 2024 में बिक्री के नुकसान से सैमसंग को करीब 5 ट्रिलियन वॉन (3.56 अरब डॉलर) का आर्थिक नुकसान हुआ। लंबे समय में यह नुकसान कई दसियों ट्रिलियन वॉन तक पहुंच सकता है। जांच में यह भी सामने आया कि CXMT ने एक आपूर्तिकर्ता के जरिए एसके हाइनिक्स से अतिरिक्त DRAM तकनीक हासिल की, जिससे उसके विकास की रफ्तार और बढ़ी। खबरों के मुताबिक, आरोपियों को CXMT में सालाना वेतन सैमसंग में उनकी पिछली कमाई से तीन से पांच गुना तक मिलता है, जो प्रति वर्ष अरबों वॉन तक पहुंचता है।
डोंग-ए विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शिम डे-योंग ने एसके हाइनिक्स में DRAM कारोबार की 26 साल तक निगरानी की। उनका कहना है कि केवल पूंजी से तकनीकी बाधाएं पार नहीं की जा सकतीं।
सेमीकंडक्टर कारोबार ऐसा नहीं है जिसमें केवल पैसे के दम पर महारत हासिल की जा सके। उद्योग में उत्पादों के तेजी से उन्नत होने के कारण पुरानी तकनीकें अपने चरम के बाद जल्दी अप्रासंगिक हो जाती हैं। इससे निचले स्तर के खंडों में वर्चस्व का दीर्घकालिक आर्थिक असर सीमित हो जाता है।
बाजार हिस्सेदारी की जंग और कीमतों का दबाव
प्रतिस्पर्धा की बदलती स्थिति बाजार संरचना को मापने योग्य तरीके से प्रभावित कर रही है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के 2025 की तीसरी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, कुल DRAM बिक्री में एसके हाइनिक्स 34 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर रही। सैमसंग 33 प्रतिशत के साथ उसके करीब और माइक्रोन 26 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रही। CXMT तेजी से बढ़कर 5 प्रतिशत हिस्सेदारी तक पहुंच गई है, जो 2024 के आखिर में 3 प्रतिशत थी। परिपक्व बाजार में यह उल्लेखनीय गति है।
रणनीतिक रूप से अहम HBM क्षेत्र में एसके हाइनिक्स की बाजार हिस्सेदारी 57 प्रतिशत है। सैमसंग तेजी से बढ़कर 22 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जबकि माइक्रोन के पास 21 प्रतिशत हिस्सेदारी है। साल की पहली छमाही में चीन को निर्यात पर लगी पाबंदियों से जूझने के बाद सैमसंग ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। इससे पता चलता है कि भू-राजनीतिक नियंत्रण बाजार में कितनी अस्थिरता ला सकते हैं। खबरों के मुताबिक, एआई की मांग लगातार बढ़ने के कारण आपूर्तिकर्ताओं के HBM उत्पाद 2026 तक के लिए बिक चुके हैं।
बाजार में पैर जमाने के लिए CXMT ने आक्रामक मूल्य निर्धारण की रणनीति अपनाई है। कंपनी DDR4 DRAM चिप स्थापित प्रतिद्वंद्वियों की कीमतों से करीब आधे दाम पर पेश कर रही है। कम कीमतों से सैमसंग, एसके हाइनिक्स और माइक्रोन के मुनाफे पर दबाव पड़ा है, जबकि अंतिम उपभोक्ताओं को लाभ हुआ है। चिपों के विश्लेषण के अनुसार, चीनी कंपनी के 16Gb DDR5 उत्पादों की बिट डेंसिटी माइक्रोन के 2021 के उत्पादों जैसी है। हालांकि, उनके डाई का आकार बड़ा है और उत्पादन क्षमता की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे निर्माण लागत अधिक होने की आशंका है।
मांग का माहौल विस्तार के पक्ष में है। टेनसेंट, बाइडू और अलीबाबा समेत चीनी क्लाउड सेवा प्रदाताओं के 2025 में कुल मिलाकर 31.98 अरब डॉलर खर्च करने का अनुमान है, जो 2024 से करीब 40 प्रतिशत अधिक है। एआई में उछाल के चलते दक्षिण कोरिया का सेमीकंडक्टर निर्यात 2025 में सालाना आधार पर 22.2 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 173.4 अरब डॉलर हो गया, जबकि प्रतिस्पर्धा और तीव्र हो रही है।
भू-राजनीतिक नियंत्रण और उपकरणों की अड़चनें
तकनीकी दौड़ निर्यात नियंत्रणों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी पाबंदियों के बढ़ते जाल के बीच जारी है। दिसंबर 2024 में अमेरिका ने नए निर्यात नियंत्रण पैकेज लागू किए, जिनका खास लक्ष्य चीन की हाई बैंडविड्थ मेमोरी और HBM उत्पादन के लिए जरूरी सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरणों तक पहुंच को सीमित करना था। इन नियमों के तहत 140 से अधिक चीनी चिप निर्माताओं और उपकरण कंपनियों को वाणिज्य विभाग की एंटिटी लिस्ट में जोड़ा गया। इसका उद्देश्य HBM को अड़चन बनाकर चीन के एआई विकास को सीमित करना था।
इन पाबंदियों से CXMT के परिचालन में तत्काल चुनौतियां पैदा हुई हैं। कंपनी में तैनात अमेरिकी सेमीकंडक्टर उपकरण कंपनियों के रखरखाव कर्मचारियों को वहां से जाने का निर्देश दिया गया है, जिससे DRAM और HBM विकास की समयसीमा प्रभावित हुई है। CXMT ने 2026 या 2027 तक काम जारी रखने के लिए पर्याप्त उपकरण जमा कर रखे हैं, लेकिन मौजूदा निर्यात नियंत्रणों के कारण एक्सट्रीम अल्ट्रावायलेट लिथोग्राफी उपकरणों के बिना वह मौजूदा नोड से आगे उन्नत उत्पादन विकसित और बड़े पैमाने पर शुरू नहीं कर सकती।
चीन घरेलू EUV क्षमताएं विकसित करने की कोशिश जारी रखे हुए है। खबरों के मुताबिक, एक प्रोटोटाइप उपकरण पूरा हो चुका है, जिसका लक्ष्य 2028 तक काम करने वाली चिप बनाना है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि व्यावसायिक उत्पादन 2030 के करीब शुरू हो सकता है। EUV तक पहुंच न होने पर CXMT को 15 नैनोमीटर से छोटे नोड पर उत्पादन क्षमता और डाई के आकार में सुधार करने में अन्य चीनी फाउंड्री की तरह चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इससे कोरियाई और अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों की दक्षता की बराबरी करने की उसकी क्षमता सीमित हो सकती है।
वैश्विक बाजारों तक पहुंच भी अतिरिक्त बाधाएं पैदा करती है। 2026 की शुरुआत तक CXMT एंटिटी लिस्ट में शामिल नहीं है, लेकिन खबरों के मुताबिक वॉशिंगटन जनवरी से कंपनी को इस सूची में जोड़ने पर चर्चा कर रहा है। इससे उसकी व्यावसायिक गतिविधियों पर बड़ा जोखिम पैदा हो गया है। सूची में शामिल न होने पर भी तकनीकी अंतर और भू-राजनीतिक तनाव विदेशी कंपनियों को अपने एआई एक्सेलरेटर के लिए CXMT की HBM अपनाने से रोकते हैं। तकनीकी प्रगति के बावजूद कंपनी की पहुंच मुख्य रूप से चीन के घरेलू ग्राहकों तक सीमित है।
मुख्य बातें
- सैमसंग और एसके हाइनिक्स समेत दक्षिण कोरियाई कंपनियों तथा माइक्रोन का वैश्विक DRAM बाजार के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर वर्चस्व है, हालांकि CXMT की हिस्सेदारी बढ़कर 5 प्रतिशत हो गई है
- मानक DRAM में तकनीकी अंतर करीब दो से तीन साल और हाई बैंडविड्थ मेमोरी में तीन से चार साल का है। कोरियाई कंपनियां 1b/1c नोड पर उत्पादन कर रही हैं, जबकि चीनी कंपनियां 1z पर काम करती हैं
- 2025 में पहली बार मुनाफा कमाने के बाद CXMT ने शंघाई में 4.2 अरब डॉलर के IPO के लिए आवेदन किया। उसे चीन के 95 अरब डॉलर के बिग फंड से समर्थन मिला है, जो सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सब्सिडी देता है
- दक्षिण कोरियाई अभियोजकों ने दिसंबर 2025 में सैमसंग के 10 पूर्व कर्मचारियों पर CXMT को 10 नैनोमीटर DRAM तकनीक लीक करने का आरोप लगाया। इससे अनुमानित 3.56 अरब डॉलर का नुकसान हुआ
- दिसंबर 2024 में अमेरिकी निर्यात नियंत्रणों ने HBM निर्माण के लिए उपकरणों तक पहुंच सीमित कर दी, जबकि चीनी एआई मांग के चलते प्रतिबंध से पहले Nvidia H20 की दस लाख से अधिक इकाइयों की आपूर्ति हुई
- CXMT की योजना 2026 तक HBM3 और 2027 तक HBM3E का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की है। इससे उन कोरियाई कंपनियों के साथ अंतर घटेगा जो फिलहाल HBM3E भेज रही हैं और HBM4 विकसित कर रही हैं






