शुक्रवार की रात का पलायन
सियोल में रहने वाली 31 वर्षीय फैशन डिजाइनर चोई यू-जिन के लिए आदर्श छुट्टी में तीन ज़रूरी बातें होनी चाहिए: वाजिब कीमत, बेदाग सड़कें और ऐसे स्वाद, जो यात्रा खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक याद रहें। उनका कहना है कि शंघाई इन सभी कसौटियों पर खरा उतरता है। 2024 से वह इस चीनी महानगर की तीन बार यात्रा कर चुकी हैं और अप्रैल में चौथी यात्रा की योजना है। उनकी बार-बार की यात्राएं कोरियाई प्रायद्वीप में यात्रा के तौर-तरीकों में आए बड़े बदलाव को दर्शाती हैं। दक्षिण कोरिया के युवा अब शंघाई को दूर का विदेशी ठिकाना नहीं, बल्कि अपने सप्ताहांत के घूमने-फिरने के दायरे का विस्तार मान रहे हैं।
विषय-सूची
"शुक्रवार को काम के बाद चीन" नाम से मशहूर इस चलन ने पूरी पीढ़ी के अवकाश-यात्रा के तरीकों को बदल दिया है। सालाना छुट्टियों के लिए बचत करने के बजाय, जेन ज़ी और मिलेनियल कोरियाई "स्पेशल फोर्सेज़" शैली के पर्यटन को अपना रहे हैं: बेहद सघन यात्रा कार्यक्रम, जिनमें मशहूर स्थलों की सैर, खान-पान के रोमांच और खरीदारी की होड़, सब कुछ 48 घंटों में समेट दिया जाता है। इस चलन को उस नीतिगत बदलाव से रफ्तार मिली, जिसने अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सबसे बड़ी अड़चन यानी वीज़ा की ज़रूरत को हटा दिया।
नवंबर 2024 में चीन ने दक्षिण कोरियाई नागरिकों के लिए 30 दिन की वीज़ा-मुक्त प्रवेश नीति शुरू की, जिससे एशिया के सबसे जीवंत शहरी केंद्रों में से एक के दरवाज़े खुल गए। इसका असर तुरंत और बड़ा दिखाई दिया। दक्षिण कोरिया के विमानन सूचना पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, शंघाई आने वाले कोरियाई पर्यटकों की संख्या 2023 में लगभग 5.7 लाख से बढ़कर 2024 में 11 लाख हो गई। 2025 में यह संख्या 23.6 प्रतिशत और बढ़कर 13.7 लाख पहुंच गई। अब ये पर्यटक मुख्यभूमि चीन की कुल दक्षिण कोरियाई यात्राओं का लगभग 43 प्रतिशत हैं, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 35 प्रतिशत था।
नीतिगत सफलता और विस्तार
दक्षिण कोरियाई नागरिकों के लिए चीन की वीज़ा-मुक्त पहल 15 दिन के प्रवास की अनुमति देने वाले एक पायलट कार्यक्रम के तौर पर शुरू हुई थी, लेकिन अधिकारियों ने जल्द ही इसकी आर्थिक क्षमता पहचान ली। बाद में इस नीति को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया, जिससे यात्रियों को बार-बार आने की योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल गया। इस एकतरफा छूट के तहत कोरियाई पासपोर्ट धारक पर्यटन, कारोबार, परिवार से मिलने और पारगमन के लिए बिना कागज़ी कार्रवाई, शुल्क और पारंपरिक चीनी वीज़ा से जुड़ी प्रतीक्षा अवधि के चीन जा सकते हैं।
इसका समय रणनीतिक साबित हुआ। महामारी के दौर के अलगाव से उबरते हुए चीन ने अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारने के साथ आवक पर्यटन के ज़रिए अर्थव्यवस्था को फिर से गति देने की कोशिश की। दक्षिण कोरिया उन लगभग 40 देशों में शामिल हुआ, जिन्हें ऐसी छूट का लाभ मिला। इस सूची में फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, जापान और मलेशिया भी हैं। कोरियाई नागरिकों के लिए यह नीति 18 प्रांतों के 38 प्रवेश-बंदरगाहों पर उपलब्ध 72 घंटे और 144 घंटे के वीज़ा-मुक्त पारगमन विकल्पों के अतिरिक्त है। हालांकि, 30 दिन की छूट से तीसरे देश के लिए आगे की टिकट दिखाने की ज़रूरत खत्म हो जाती है।
सियोल ने जवाब में पारस्परिक कदम उठाए और दोनों देशों के बीच वीज़ा-मुक्त यात्रा का रास्ता बनाया। 29 सितंबर 2025 से 30 जून 2026 तक, तीन या उससे अधिक लोगों के समूह में यात्रा करने वाले चीनी नागरिक 15 दिन तक के प्रवास के लिए बिना वीज़ा दक्षिण कोरिया आ सकते हैं। यह अस्थायी छूट चीनी यात्रियों के लिए जेजू द्वीप की लंबे समय से लागू 30 दिन की वीज़ा-मुक्त नीति पर आधारित है। इन नीतियों की पारस्परिकता ने सीमा-पार आवाजाही को अभूतपूर्व रूप से आसान बनाया है। दोनों देश आर्थिक सुधार और कूटनीतिक संपर्क के साधन के तौर पर पर्यटन का उपयोग कर रहे हैं।
शंघाई का चुंबकीय आकर्षण
कोरियाई यात्रियों के कार्यक्रम में बीजिंग, ग्वांगझोउ और चेंगदू भी शामिल हैं, लेकिन पर्यटन में आई इस तेज़ी का निर्विवाद केंद्र शंघाई बनकर उभरा है। 2024 में शहर में 45.6 लाख विदेशी पर्यटक आए, जो पिछले वर्ष की संख्या से दोगुने थे। इनमें दक्षिण कोरियाई सबसे बड़े राष्ट्रीय समूह के तौर पर शीर्ष पर रहे। जनवरी से सितंबर 2025 के बीच ही शंघाई में 6,19,800 कोरियाई पर्यटक आए, जो साल-दर-साल 121.1 प्रतिशत की भारी वृद्धि है।
शंघाई के इस दबदबे के पीछे कई वजहें हैं। भौगोलिक स्थिति अहम है: सियोल से शंघाई की उड़ान में सिर्फ 90 मिनट लगते हैं, जो कोरिया के कई घरेलू हवाई मार्गों से भी कम है। उड़ानों की उपलब्धता भी मायने रखती है। कोरियन एयर के मुताबिक, 2025 के आखिर तक सियोल-शंघाई मार्ग महामारी से पहले की क्षमता के 86 प्रतिशत पर चल रहे थे और चौथी तिमाही में सीटें भरने की दर 88 प्रतिशत से अधिक थी। मांग को देखते हुए एयरलाइनों ने महामारी से पहले की उड़ान आवृत्ति बहाल कर दी है, जिससे अचानक सप्ताहांत की यात्रा करना भी व्यावहारिक हो गया है।
हालांकि, सिर्फ नज़दीकी से कोरियाई पर्यटकों और शंघाई के बीच बन रहे भावनात्मक जुड़ाव की व्याख्या नहीं की जा सकती। साफ-सफाई और कीमतों को लेकर चोई यू-जिन की टिप्पणियां उनके देशवासियों के बीच भी लोकप्रिय हैं। कोरियाई यात्री शंघाई की साफ-सुथरी सड़कों, कुशल सार्वजनिक परिवहन और उम्मीद से कहीं किफायती महंगे रेस्तरां को लगातार प्रमुख आकर्षण बताते हैं। शंघाई के किसी महंगे रेस्तरां में भोजन का खर्च अक्सर सियोल के ऐसे ही अनुभव से काफी कम होता है, जबकि गुणवत्ता और माहौल से कोई समझौता नहीं होता। सीमित बजट में विलासिता का अनुभव चाहने वाले युवा पेशेवरों को यह किफायत खास तौर पर आकर्षित करती है।
खान-पान और संस्कृति की खोज
कोरियाई पर्यटकों के लिए भोजन एक बड़ा आकर्षण है और स्वाद के रुझान उनकी यात्रा योजनाओं को प्रभावित करते हैं। मुंह सुन्न कर देने वाले तीखे सिचुआन मसाले माला ने पिछले दशक में कोरियाई स्वाद को लुभाया है। इससे शंघाई का विविध खान-पान परिचित और अनजाने स्वादों का रोमांचक मेल बन गया है। हॉट-पॉट रेस्तरां श्रृंखला हाइदीलाओ ने अनुमान जताया था कि 2025 के अंत तक कोरिया में उसकी सालाना बिक्री 100 अरब वॉन (6.8 करोड़ डॉलर) से अधिक हो जाएगी, जबकि पिछले वर्ष यह 78 अरब वॉन थी। यह खाने के रुझानों के दोनों देशों में एक-दूसरे तक पहुंचने का संकेत है।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री ने "टॉवल केक" यानी तौलिए की तरह मुड़ी हुई, मुलायम रोल केक को कोरियाई पर्यटकों के लिए ज़रूर चखने वाली चीज़ बना दिया है। शंघाई की बेकरी युवा पर्यटकों के लिए तीर्थस्थल बन गई हैं, जो मुकबैंग वीडियो और इंस्टाग्राम पोस्ट में प्रमुखता से दिखने वाली इन कैमरे के लिए आकर्षक मिठाइयों की तलाश में आते हैं। खास व्यंजनों के अलावा, शहर की कैफे संस्कृति, स्ट्रीट फूड और देर रात तक खुले रहने वाले भोजनालय कोरियाई लोगों की साथ बैठकर खाने और खाने को खूबसूरती से पेश करने की पसंद के अनुकूल हैं।
सोशल मीडिया की भूमिका
डिजिटल संस्कृति इस पर्यटन उछाल को बढ़ावा भी देती है और उसका दस्तावेज़ भी बनाती है। यूट्यूब पर "शंघाई यात्रा" टैग वाले 7,500 से अधिक वीडियो हैं, जिनमें लग्ज़री होटलों की समीक्षाओं से लेकर स्ट्रीट फूड की सैर तक सब कुछ दर्ज है। वहीं इंस्टाग्राम पर इसी हैशटैग के तहत 1,71,000 से अधिक पोस्ट हैं। जांग सु-सोक जैसे कोरियाई इन्फ्लुएंसर चीन भर में कारखानों के दौरे और खान-पान के रोमांच का सीधा प्रसारण करके बड़ी संख्या में दर्शक जुटा रहे हैं। इनमें ऐसे लाखों लोग भी हैं, जिन्होंने शायद पहले इन ठिकानों पर जाने के बारे में सोचा तक न हो।
यह सामग्री लोगों की धारणाओं को उसी समय आकार देती है। सियोल की 29 वर्षीय निवासी किम से-मी, जो पहली बार शंघाई जाने की योजना बना रही हैं, अपने बदलते नज़रिए के बारे में कहती हैं: "चीन को लेकर मेरी धारणा निश्चित रूप से बदली है। सोशल मीडिया पर जो देखा है, उससे चीन को लेकर सोच अधिक सकारात्मक और सांस्कृतिक रूप से दिलचस्प हुई है।" कोरियाई सोशल मीडिया फीड पर शंघाई की आर्ट डेको वास्तुकला के बीच फैशनेबल कपड़े पहने स्थानीय लोग, पेड़ों से घिरे रास्तों पर दौड़ते इलेक्ट्रिक वाहन और द बंड से दिखती जगमगाती गगनचुंबी इमारतों की तस्वीरें छाई रहती हैं।
ऑनलाइन दिखने वाली तस्वीर और वास्तविकता के बीच का अंतर कुछ विडंबना पैदा करता है। कोरियाई पर्यटक अक्सर ओरिएंटल पर्ल टावर और यू गार्डन जैसे इंस्टाग्राम के लिए मशहूर स्थलों पर अपनी तस्वीरें खिंचवाते हैं, जबकि चीन में इंस्टाग्राम आधिकारिक रूप से अवरुद्ध है। कई लोग वीपीएन सेवाओं का सहारा लेते हैं या घर लौटने तक पोस्ट करने का इंतज़ार करते हैं। वे इस मंच को तत्काल संपर्क के साधन के बजाय यात्रा डायरी की तरह इस्तेमाल करते हैं। डिजिटल अड़चन से उनका उत्साह कम नहीं हुआ है, हालांकि इससे ऐसी अनोखी यात्रा संस्कृति बनी है, जिसमें पर्यटक इंटरनेट से जुड़े और उससे कटे, दोनों तरह के माहौल के बीच आवाजाही करते हैं।
दोतरफा पर्यटन और आर्थिक असर
वीज़ा-मुक्त यात्रा की क्रांति का असर चीन जाने वाले कोरियाई पर्यटकों से कहीं आगे तक है। चीनी पर्यटक भी बड़ी संख्या में दक्षिण कोरिया जा रहे हैं, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचाने वाला संतुलित आदान-प्रदान बन रहा है। चीन की अक्टूबर की गोल्डन वीक छुट्टियों के दौरान दक्षिण कोरिया के शहरी केंद्रों में चीनी भाषा की बातचीत गूंजती रही, क्योंकि समूह यात्राओं में तेज़ी आई। यात्रा मंच टुनियू के मुताबिक, सितंबर 2024 के आंकड़ों की तुलना में दक्षिण कोरिया जाने वाली समूह यात्राओं में 60 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई।
सियोल ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है: 2025 में 53.6 लाख चीनी पर्यटकों को आकर्षित करना, जो 2019 में दर्ज महामारी-पूर्व के 60.2 लाख के शिखर के करीब है। दांव पर लगी आर्थिक राशि बड़ी है। बैंक ऑफ कोरिया का अनुमान है कि हर अतिरिक्त 10 लाख चीनी पर्यटक दक्षिण कोरिया की जीडीपी वृद्धि में 0.08 प्रतिशत अंक जोड़ सकते हैं। जिस देश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का योगदान 5 प्रतिशत से अधिक है, वहां ये पर्यटक सुस्त घरेलू खपत के बीच अहम गति दे सकते हैं।
चीनी पर्यटक दक्षिण कोरिया के पर्यटन क्षेत्र में कुछ खास हिस्सों को गति दे रहे हैं। युवा शौकीन कोरियाई ड्रामों में दिखाए गए ठिकानों का अनुभव लेने के लिए गंगनम पहुंचते हैं, जबकि अधिक उम्र के यात्री पुराने चायघरों में डिम सम खाने जैसे पारंपरिक अनुभव तलाशते हैं। इंचियोन हवाई अड्डे की शुल्क-मुक्त दुकानों ने चीनी नागरिकों से होने वाली बिक्री में साल-दर-साल 45 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है। वहीं, बुसान बंदरगाह पर क्रूज़ जहाजों के आगमन की संख्या 2025 के आठ से बढ़कर 2026 में तय 173 यात्राओं तक पहुंचने का अनुमान है।
क्रूज़ से नए ठिकानों तक
हवाई यात्रा के अलावा, क्रूज़ पर्यटन दोनों देशों के बीच पर्यटकों के आदान-प्रदान का एक अहम माध्यम बनकर उभरा है। 2025 में चीन के आवक क्रूज़ बाज़ार में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। शंघाई के बंदरगाहों पर 538 क्रूज़ जहाजों का आगमन और प्रस्थान हुआ, जो साल-दर-साल 16.2 प्रतिशत की वृद्धि है। दिसंबर 2025 में जियांगसू प्रांत के लियानयुंगांग बंदरगाह पर दक्षिण कोरिया के रिकॉर्ड 255 पर्यटक क्रूज़ से उतरे। वीज़ा छूट शुरू होने के बाद से वहां संभाला गया यह अब तक का सबसे बड़ा कोरियाई समूह था।
समुद्र के रास्ते आने वाले इन पर्यटकों को सरल आव्रजन प्रक्रियाओं का लाभ मिलता है। बंदरगाह प्राधिकरणों ने खास ई-चैनल कियोस्क और पहले से दाखिल यात्री सूचियों की व्यवस्था की है, जिससे बड़े समूहों की मंज़ूरी का समय घटकर 45 मिनट से कम रह गया है। मई 2024 में शुरू की गई 15 दिन की वीज़ा-मुक्त क्रूज़ नीति के तहत संगठित समूह 13 समुद्री बंदरगाहों में से किसी पर भी प्रवेश कर सकते हैं और बीजिंग तथा शंघाई समेत देश के भीतर के ठिकानों तक आगे यात्रा कर सकते हैं।
क्रूज़ क्षेत्र का विस्तार बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश को दर्शाता है। शंघाई के वुसोंगकोउ अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ टर्मिनल ने जनवरी के आखिर में 2026 में पहली बार दो जहाजों को एक साथ खड़ा किया। वहां लौटकर आए एमएससी बेलिसिमा के साथ चीन में निर्मित अडोरा मैजिक सिटी भी मौजूद था। अब अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ यात्रियों में 98 प्रतिशत से अधिक आगमन पर वीज़ा छूट की व्यवस्था का लाभ लेते हैं। 2025 में शंघाई के क्रूज़ टर्मिनलों से 1,20,000 से अधिक विदेशी यात्रियों ने सफर किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 82.6 प्रतिशत अधिक है।
डिजिटल फासले से तालमेल
उत्साह के बावजूद, चीन में प्रवेश करने वाले कोरियाई पर्यटकों को कुछ खास चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। वहां का डिजिटल तंत्र उनके घरेलू अनुभव से बिल्कुल अलग है। कोरियाई यात्रियों के लिए जानी-पहचानी ज़रूरी सेवाएं, जैसे काकाओटॉक, व्हाट्सऐप, गूगल मैप्स और यूट्यूब, चीन के इंटरनेट फ़ायरवॉल के कारण अवरुद्ध हैं। टैक्सी बुलाने, रास्ता खोजने या भुगतान करने के लिए पर्यटकों को चीनी विकल्प डाउनलोड करने पड़ते हैं, जिनके अंग्रेज़ी अनुवाद अक्सर अटपटे होते हैं।
वित्तीय लेन-देन में खास दिक्कत आती है। चीनी शहरों में क्रेडिट कार्ड और नकदी का इस्तेमाल लगातार कम हुआ है और रोज़मर्रा के कारोबार पर अलीपे और वीचैट पे का दबदबा है। ये मंच अब कुछ विदेशी क्रेडिट कार्ड स्वीकार करते हैं, लेकिन पंजीकरण के लिए असली नाम से पहचान सत्यापित करनी होती है, जो विदेशी पर्यटकों के लिए मुश्किल हो सकता है। टूर गाइड अब पर्यटकों को सलाह देते हैं कि वे पहुंचने से पहले भुगतान वाले सुपर-ऐप डाउनलोड कर लें और ऐसी नकदी-विहीन खरीदारी के लिए तैयार रहें, जो कोरियाई या अंतरराष्ट्रीय तौर-तरीकों से काफी अलग है।
भाषा की बाधाएं अब भी मौजूद हैं, हालांकि तकनीक से कुछ राहत मिलती है। रेस्तरां कर्मचारी कोरियाई ग्राहकों को डिजिटल कतार प्रणालियों से परिचित कराने के लिए अनुवाद ऐप का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं। वहीं, प्रमुख बंदरगाहों और पर्यटन स्थलों पर द्विभाषी स्वयंसेवक संवाद की खाई पाटने में मदद करते हैं। कई युवा यात्रियों के लिए ये बाधाएं रुकावट के बजाय रोमांच का हिस्सा बन गई हैं। वे इन्हें असुविधा के बजाय असली सांस्कृतिक अनुभव मानते हैं।
आर्थिक असर और आगे की राह
पर्यटन में आई तेज़ी से पीत सागर के दोनों ओर ठोस आर्थिक लाभ मिल रहे हैं। कोरिया-चीन व्यापार परिषद के मुताबिक, अब दोनों में से किसी भी देश से आने वाला प्रत्येक पर्यटक प्रति यात्रा औसतन 1,120 डॉलर खर्च करता है, जो 2019 के स्तर से 17 प्रतिशत अधिक है। यह खर्च गंतव्य शहरों के होटल, रेस्तरां, परिवहन नेटवर्क और खुदरा क्षेत्र को सहारा देता है।
चीन के लिए यह आवक अन्य अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों की धीमी बहाली की भरपाई में मदद करती है। यूरोप और यूनाइटेड किंगडम के लिए उड़ानों की संख्या महामारी-पूर्व स्तर को पार कर गई है, लेकिन रूसी हवाई क्षेत्र बंद होने जैसी भू-राजनीतिक जटिलताओं के कारण चीन और उत्तर अमेरिका के बीच मार्गों पर आवाजाही अब भी कम है। दक्षिण कोरियाई पर्यटक इस कमी को पूरा करने में मदद करते हैं और आतिथ्य तथा सेवा क्षेत्रों को लगातार मांग देते हैं।
सरल प्रक्रियाओं से कंपनियों के कर्मचारियों की आवाजाही को भी फायदा हुआ है। कारोबारी यात्रियों का कहना है कि एयरलाइनें अब ऑनलाइन चेक-इन के दौरान बिना अतिरिक्त दस्तावेज़ अपलोड कराए वीज़ा-मुक्त यात्रा की व्यवस्था स्वीकार करती हैं, जबकि टूर ऑपरेटर 24 घंटे के भीतर समूह यात्राओं की पुष्टि कर सकते हैं। कोरियाई आपूर्तिकर्ता लंबी कागज़ी देरी के बिना चीनी साझेदारों से मिल सकते हैं और कोरिया जाने वाले चीनी तकनीशियनों को वीज़ा शुल्क में सरल छूट का लाभ मिलता है।
उद्योग विश्लेषक मौजूदा नीतियों को क्षेत्र में यात्रा नियमों को व्यापक रूप से उदार बनाने की शुरुआती पहल मानते हैं। अगर चीन-दक्षिण कोरिया का यह प्रयोग राजनीतिक और आर्थिक समर्थन बनाए रखता है, तो जानकारों को उम्मीद है कि जापान और संभवतः आसियान के साझेदार भी बीजिंग से ऐसी ही पारस्परिक व्यवस्था की मांग करेंगे। इससे 2027 तक पूर्वोत्तर एशिया का यात्रा नक्शा बदल सकता है। फिलहाल, दोनों सरकारें इन व्यवस्थाओं को अस्थायी पायलट कार्यक्रम मानती हैं, हालांकि अधिकारी निजी तौर पर संकेत देते हैं कि पर्यटकों का खर्च उम्मीदों पर खरा उतरने पर इन्हें बढ़ाए जाने की संभावना है।
मुख्य बातें
- नवंबर 2024 में शुरू हुई और 2026 तक बढ़ाई गई चीन की 30 दिन की वीज़ा-मुक्त नीति से शंघाई आने वाले कोरियाई पर्यटकों की संख्या में 121 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
- 2025 में शंघाई आने वाले दक्षिण कोरियाई पर्यटकों की संख्या 13.7 लाख तक पहुंची, जो मुख्यभूमि चीन की कुल कोरियाई यात्राओं का 43 प्रतिशत है।
- "शुक्रवार को काम के बाद चीन" के चलन में युवा कोरियाई 48 घंटे की सप्ताहांत यात्राएं करते हैं और शंघाई को घरेलू अवकाश के विकल्पों का आसानी से पहुंचा जा सकने वाला विस्तार मानते हैं।
- खासकर यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंच गंतव्य के बारे में जागरूकता बढ़ाते हैं। शंघाई यात्रा के 7,500 से अधिक वीडियो और इससे जुड़ी 1,71,000 पोस्ट यात्रियों के फैसलों को प्रभावित करती हैं।
- दक्षिण कोरिया ने भी सितंबर 2025 से जून 2026 तक तीन या उससे अधिक लोगों के चीनी पर्यटक समूहों के लिए अस्थायी वीज़ा-मुक्त प्रवेश शुरू किया, जिससे दोनों ओर पर्यटन बढ़ा है।
- क्रूज़ पर्यटन का काफी विस्तार हुआ है। 2025 में शंघाई में 538 क्रूज़ जहाज आए, जो 16.2 प्रतिशत की वृद्धि है। लियानयुंगांग में कोरियाई पर्यटकों के रिकॉर्ड समूह पहुंचे।
- प्रत्येक पर्यटक प्रति यात्रा लगभग 1,120 डॉलर खर्च करता है। बैंक ऑफ कोरिया का अनुमान है कि 10 लाख अतिरिक्त चीनी पर्यटकों से कोरियाई जीडीपी में 0.08 प्रतिशत अंक की वृद्धि हो सकती है।
- डिजिटल बाधाएं अब भी बड़ी चुनौती हैं, क्योंकि कोरियाई यात्रियों को चीन के इंटरनेट प्रतिबंधों और चीनी सुपर-ऐप की ज़रूरत वाले नकदी-विहीन भुगतान तंत्र से तालमेल बिठाना पड़ता है।






