खाद्य सुरक्षा का वैश्विक संकट गहराया
खाद्य सुरक्षा के एक बड़े संकट ने शिशु फॉर्मूला उद्योग को अपनी चपेट में ले लिया है। इसके चलते दुनिया की तीन सबसे बड़ी डेयरी कंपनियों—Nestlé, Danone और Lactalis—ने दर्जनों देशों में अपने उत्पाद वापस मंगाने शुरू कर दिए हैं। चिंता की वजह सेरुलाइड है, जो Bacillus cereus जीवाणु के कुछ प्रकारों से बनने वाला विष है। इससे मतली, उल्टी और पेट में ऐंठन समेत गंभीर जठरांत्र संबंधी तकलीफें हो सकती हैं। Nestlé द्वारा स्वैच्छिक रूप से उत्पाद वापस मंगाने के रूप में शुरू हुआ मामला तेजी से वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला का संकट बन गया है। इससे सबसे अधिक संवेदनशील उपभोक्ताओं के लिए विशेष पोषण उत्पाद बनाने की प्रक्रिया की कमजोरियां उजागर हुई हैं।
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दूषण का स्रोत एक ही जगह मिला है: एराकिडोनिक एसिड (ARA) तेल का एक आपूर्तिकर्ता। ARA एक वसा अम्ल है, जो शिशुओं के मस्तिष्क और दृष्टि के विकास के लिए अहम है और प्रीमियम शिशु फॉर्मूला में आम तौर पर मिलाया जाता है। यह घटक जरूरी है, लेकिन संभावित रूप से दूषित खेपें कई निर्माताओं की उत्पादन श्रृंखलाओं तक पहुंचने के बाद इसकी आपूर्ति और सुरक्षा जांच पर कड़ी नजर रखी जा रही है। फ्रांस में शिशुओं के बीमार पड़ने की खबरों और जांच के दायरे में आई कम-से-कम दो मौतों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। हालांकि, इन मामलों का वापस मंगाए गए उत्पादों से सीधा संबंध अब तक वैज्ञानिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है।
कंपनियों की प्रतिक्रिया और बढ़ती वापसी
Nestlé ने सबसे पहले समस्या की पहचान की। नीदरलैंड में उसके एक संयंत्र में नियमित जांच के दौरान दूषण का पता चला। इसके बाद 60 से अधिक देशों में बेचे गए उत्पादों को बड़े पैमाने पर वापस मंगाया गया। इससे SMA, Beba, Guigoz और Alfamino जैसे लोकप्रिय ब्रांड प्रभावित हुए। कंपनी ने इसे एहतियाती कदम बताया, हालांकि वापसी का पैमाना उसके इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।
एक बयान में Nestlé ने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश की।
खाद्य सुरक्षा और सभी शिशुओं का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम समझते हैं कि इस खबर से चिंता हो सकती है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान माता-पिता और देखभाल करने वालों को स्पष्ट, पारदर्शी जानकारी और सहायता देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
Nestlé की घोषणा के बाद संकट उद्योग की अन्य दिग्गज कंपनियों तक फैल गया। फ्रांसीसी डेयरी समूह Lactalis ने घोषणा की कि वह अपने Picot ब्रांड के शिशु फॉर्मूला की छह खेपें वापस मंगा रहा है, जिन्हें फ्रांस, चीन, ऑस्ट्रेलिया और मेक्सिको समेत 18 देशों में वितरित किया गया था। Lactalis ने कहा कि दूषित ARA तेल को लेकर चेतावनी मिलने पर उसने तुरंत एक स्वतंत्र प्रयोगशाला से जांच शुरू कराई। कंपनी ने जोर देकर कहा कि फ्रांसीसी अधिकारियों को इन खास उत्पादों के सेवन से जुड़ी बीमारी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
बाजार की एक अन्य बड़ी कंपनी Danone भी इससे प्रभावित हुई। सिंगापुर की खाद्य एजेंसी के अनुरोध पर कंपनी को थाईलैंड में बने Dumex Dulac 1 फॉर्मूला की एक खेप रोकनी पड़ी, ताकि उत्पाद उपभोक्ताओं तक न पहुंचें। सिंगापुर की एजेंसी ने निगरानी बढ़ाकर की गई जांच में Nestlé और Danone, दोनों की खेपों में सेरुलाइड पाया। Danone ने कहा कि उसकी आंतरिक जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली, लेकिन कंपनी ने नियामक के निर्देश का पालन करते हुए उत्पाद वापस मंगा लिया।
वित्तीय और बाजार पर असर
वापसी का संबंधित कंपनियों पर तत्काल वित्तीय असर पड़ा है। Danone के शेयरों में तेज गिरावट आई और वे एक ही दिन में करीब 9% टूटकर 2025 की शुरुआत के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। विश्लेषकों के मुताबिक, बाजार की प्रतिक्रिया की वजह शिशु पोषण क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम हैं, जहां उपभोक्ताओं का पूरा भरोसा बेहद जरूरी है। शिशु फॉर्मूला इन कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा है—Danone के लिए करीब 21% और Nestlé के लिए लगभग 5%। इसलिए इस बाजार की स्थिरता उनके वित्तीय प्रदर्शन के लिए अहम है।
दूषण का असर आपूर्तिकर्ता पर भी पड़ा। बाजार विश्लेषकों और मीडिया रिपोर्टों ने जिस चीनी कंपनी Cabio Biotech को ARA तेल का संभावित स्रोत बताया, उसके शेयरों में भारी गिरावट आई। डेयरी कंपनियों और अधिकारियों में से किसी ने भी आधिकारिक तौर पर आपूर्तिकर्ता का नाम नहीं लिया है, लेकिन बाजार पर पड़े असर से संकेत मिलता है कि आपूर्ति-श्रृंखला की समस्या कुछ शुरुआती स्तर के आपूर्तिकर्ताओं तक सीमित होती जा रही है। नीदरलैंड की प्रमुख घटक आपूर्तिकर्ता कंपनी dsm-firmenich ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उसके किसी उत्पाद को वापस नहीं मंगाया गया है।
दुखद खबरें और जांच
संबंधित कंपनियों ने कहा है कि उनकी किसी भी वस्तु से बीमारी के पुष्ट मामलों का निर्णायक संबंध नहीं मिला है। फिर भी अधिकारी कई गंभीर घटनाओं की जांच कर रहे हैं। फ्रांस में अभियोजकों ने उन दो शिशुओं की मौतों की जांच शुरू की, जिन्होंने वापसी के दायरे में आए फॉर्मूला का सेवन किया था। दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस में मृत एक शिशु को Nestlé का Guigoz पाउडर दूध दिया गया था। दूसरे शिशु की मौत पश्चिमी फ्रांस में हुई।
फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय और Nestlé ने यह स्पष्ट करने में सावधानी बरती है कि दोनों के बीच कारणात्मक संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
"अधिकारियों के अनुसार, इस समय ऐसा कुछ नहीं है जिससे इन दुखद घटनाओं और हमारे उत्पादों के सेवन के बीच कोई संबंध साबित हो," Nestlé ने एक बयान में कहा।
इन आश्वासनों के बावजूद, संभावित संबंध की आशंका ने माता-पिता और नियामकों में चिंता बढ़ा दी है। सिंगापुर की खाद्य एजेंसी ने सेरुलाइड के संपर्क से जुड़े हल्के लक्षणों का एक मामला दर्ज होने की पुष्टि की, हालांकि मरीज ठीक हो गया। ब्राजील के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि करीब एक साल के दो शिशुओं को Nestlé के वापस मंगाए गए उत्पाद लेने के बाद लगातार उल्टी और दस्त हुए। ये मामले दिखाते हैं कि सेरुलाइड विषाक्तता की पुष्टि करना कितना मुश्किल है, क्योंकि मरीजों के नमूनों में इस विष का पता लगाने के लिए कोई निर्णायक चिकित्सकीय प्रयोगशाला जांच उपलब्ध नहीं है।
चिकित्सकीय जांच की चुनौतियां
सेरुलाइड की वैज्ञानिक प्रकृति संभावित बीमारी की जांच को जटिल बनाती है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों और Radio France की खबरों के अनुसार, सेरुलाइड गर्मी में भी स्थिर रहने वाला विष है। इसका अर्थ है कि उबलते पानी जैसी सामान्य तैयारी विधियों से यह नष्ट नहीं होता। Bacillus cereus जीवाणु सूखे पाउडर में बढ़ नहीं सकता, लेकिन निर्माण प्रक्रिया के दौरान मिल जाने पर विष उसमें मौजूद रह सकता है।
चिकित्साकर्मियों को विषाक्तता का पता लगाने में कई अड़चनों का सामना करना पड़ता है। खाद्य सुरक्षा वकील नथाली गुतालां ने Radio France को जोखिम समझाया।
एक शिशु हर तीन घंटे में बोतल से दूध पीता है। इस विष से दूषित दूध का लंबे समय तक सेवन करने से विषाक्तता का खतरा काफी बढ़ जाता है।
इसके अलावा, फ्रांस में विष की जांच के लिए केवल एक खास प्रयोगशाला अधिकृत है और प्रशासनिक अड़चनों के कारण जांच में देरी हो सकती है। व्यापक स्तर पर जांच की यह कमी ऐसे कई संभावित मामलों का कारण बन सकती है जिनकी रिपोर्ट नहीं होती या पुष्टि नहीं हो पाती। इससे कंपनियों के "कोई पुष्ट मामला नहीं" वाले बयानों और उपभोक्ताओं के वास्तविक अनुभवों के बीच अंतर पैदा होता है।
पारदर्शिता पर सवाल
संकट से निपटने के तरीके को लेकर उपभोक्ता अधिकार समूहों ने पारदर्शिता और उत्पाद वापसी की गति पर कड़ी आलोचना की है। उपभोक्ता निगरानी समूह Foodwatch International ने कंपनियों पर संचार में "गंभीर चूक" का आरोप लगाया है। समूह का दावा है कि Nestlé और Lactalis ने संभावित रूप से दूषित उत्पादों का वितरण जारी रखते हुए जनता को चेतावनी देने में देरी की।
Foodwatch Netherlands की निदेशक निकोल वान जेमर्ट ने सूचनाएं जारी करने के समय पर सवाल उठाए।
हमें जनवरी 2026 में ही क्यों पता चला कि Bacillus cereus की मौजूदगी के कारण पाउडर शिशु दूध की वापसी से अंततः 60 देश प्रभावित हुए, जबकि दिसंबर में सिर्फ नौ देश प्रभावित थे? Nestlé, जिससे संवेदनशील शिशु उत्पादों की तुरंत ट्रेसिंग सुनिश्चित करने की अपेक्षा है, कई देशों में जानकारी टुकड़ों में जारी करने और देर से उत्पाद वापस मंगाने की क्या वजह बताती है?
Radio France की जांच के मुताबिक, डच अधिकारियों को 9 दिसंबर से पहले ही इसकी सूचना दे दी गई थी और Nestlé ने 26 दिसंबर को अपने कारखाने में सेरुलाइड की मौजूदगी की पुष्टि की थी। हालांकि, जनता के लिए उत्पाद वापसी की घोषणा 5 या 6 जनवरी को ही की गई। ऑस्ट्रियाई अधिकारियों ने इस अवधि को क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान की गई "खामोश वापसी" बताया। यह ऐसा समय था जब माता-पिता फॉर्मूला का भंडार जुटा रहे हो सकते थे।
आलोचना के जवाब में Nestlé के CEO फिलिप नाव्रातिल ने एक वीडियो जारी कर कहा कि कंपनी ने अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया और उनके निर्देशों का पालन किया। उनका दावा था कि अलग-अलग समय पर की गई वापसी की कार्रवाइयां स्थानीय स्तर पर नियोजित और समन्वित थीं। इस सफाई के बावजूद, Foodwatch International ने घोषणा की कि वह Nestlé और Lactalis के खिलाफ मुकदमे की तैयारी कर रहा है। समूह ने यूरोपीय और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि कड़े प्रतिबंधों और दंड के बिना कंपनियों की जवाबदेही में ऐसी चूक जारी रहेगी।
नियामकीय खामियां उजागर
इस संकट ने शिशु फॉर्मूला की सुरक्षा को नियंत्रित करने वाले नियामकीय ढांचे में बड़ी खामियां भी उजागर की हैं। फिलहाल, यूरोपीय संघ के स्तर पर या अधिकांश राष्ट्रीय नियामकीय ढांचों में शिशु फॉर्मूला के सेरुलाइड के लिए खाद्य सुरक्षा की कोई तय सीमा नहीं है। यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (EFSA) की सलाह है कि पाउडर फॉर्मूला में Bacillus cereus जीवाणुओं की मात्रा 100 CFU/g से कम रखी जाए, लेकिन गर्मी में स्थिर रहने वाले इस विष के लिए कोई खास सीमा तय नहीं है।
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि Hazard Analysis and Critical Control Points (HACCP) प्रणालियों में ARA तेल को ऐतिहासिक रूप से "कम जोखिम" वाला घटक माना गया है। इसका मतलब है कि इसकी नियमित, लेकिन गहन नहीं, जांच होती है। दूषण की इस घटना के बाद विशेषज्ञों को उम्मीद है कि उद्योग ARA तेल को "उच्च जोखिम" वाली श्रेणी में रखेगा। इससे इस घटक की अधिक बार और कड़ी जांच अनिवार्य होगी। इसका इस्तेमाल पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर होता है। जर्मनी के फेडरल इंस्टीट्यूट फॉर रिस्क असेसमेंट (BfR) ने सेवन से ठीक पहले फॉर्मूला तैयार करने के महत्व को दोहराया है, ताकि जीवाणुओं की वृद्धि कम हो सके। हालांकि, इससे पाउडर में पहले से मौजूद विष का समाधान नहीं होता।
भौगोलिक विस्तार और आगे की स्थिति
निर्माताओं द्वारा अपनी आपूर्ति-श्रृंखलाओं का पता लगाने के साथ उत्पाद वापसी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। Lactalis ने पुष्टि की कि उसके Picot उत्पाद 18 देशों में बेचे गए थे, जबकि Nestlé की वापसी करीब 60 देशों तक फैली। Danone की वापसी शुरुआत में सिंगापुर में रोकी गई एक खेप तक सीमित थी, लेकिन बाद में इसमें आयरलैंड में बने और यूरोपीय संघ, ब्रिटेन तथा अन्य देशों को निर्यात किए गए उत्पाद भी शामिल हो गए। आयरलैंड के खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने पुष्टि की कि Danone Aptamil, Nutrilion और Cow & Gate फॉर्मूला की कुछ खेपें वापस मंगा रहा है। हालांकि, प्रभावित उत्पादों में से कोई भी आयरलैंड में वितरित नहीं हुआ था।
आधुनिक खाद्य निर्माण की परस्पर जुड़ी व्यवस्था का मतलब है कि एक दूषित घटक वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला में फैलकर कई ब्रांडों और क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है। उद्योग इस संकट के असर से निपट रहा है और दुनिया भर के नियामक सतर्क हैं। वियतनाम ने कड़ा रुख अपनाते हुए Nestlé के कुछ खास ब्रांडों की बिक्री रोक दी है, चाहे उनकी खेप का नंबर कुछ भी हो। फ्रांस के कृषि मंत्रालय ने संकेत दिया है कि न्यायिक जांच के नतीजे जल्द आने की उम्मीद है। उनसे दूषण के स्रोत और संभावित जवाबदेही पर अधिक स्पष्टता मिल सकती है।
माता-पिता और देखभाल करने वालों के लिए स्थिति अब भी परेशान करने वाली है। शिशु फॉर्मूला ब्रांडों पर भरोसा बेहद अहम है। इन वापसी कार्रवाइयों से उन उपभोक्ताओं का विश्वास डगमगाया है जो अपने बच्चों के पोषण के लिए इन उत्पादों पर निर्भर हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ सुरक्षा मानक कड़े करने, उत्पादों का पता लगाने की व्यवस्था बेहतर बनाने और भविष्य में अधिक तेजी व पारदर्शिता से उत्पाद वापस मंगाने पर जोर दिए जाने की संभावना है।
मुख्य बातें
- ARA तेल से सेरुलाइड के दूषण के कारण Nestlé, Danone और Lactalis ने दुनिया भर में शिशु फॉर्मूला वापस मंगाया है।
- दूषण का स्रोत चीन से जुड़ा एक आपूर्तिकर्ता था। इससे दर्जनों देशों में कई ब्रांड प्रभावित हुए हैं।
- फ्रांसीसी अधिकारी वापस मंगाए गए फॉर्मूला का सेवन करने वाले दो शिशुओं की मौतों की जांच कर रहे हैं, हालांकि कारणात्मक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
- उपभोक्ता समूहों ने जनता को देर से चेतावनी देने की आलोचना की है और निर्माताओं के खिलाफ मुकदमों की तैयारी कर रहे हैं।
- शिशु फॉर्मूला में सेरुलाइड की सीमा से जुड़ी नियामकीय खामियां उजागर हुई हैं। इसके बाद उद्योग के कड़े मानकों की मांग उठी है।






