चीन की जापान यात्रा परामर्श का नारा के पर्यटन पर असर

पढ़ने में 14 मिनट
चीन की जापान यात्रा परामर्श का नारा के पर्यटन पर असर

चीन की यात्रा चेतावनी का पर्यटन पर असर दिखने के बावजूद नारा में भीड़ बरकरार

नारा का मशहूर पार्क, मंदिर परिसर और खुले में घूमते हिरण अब भी गुलजार हैं, हालांकि चीन की नई यात्रा चेतावनी से पर्यटकों का आना-जाना प्रभावित होने लगा है। राजनयिक संबंधों में अचानक आई तल्खी के बाद चीनी अधिकारियों ने जापान की गैर-जरूरी यात्राओं को हतोत्साहित करने के लिए यह परामर्श जारी किया, जिससे जापान के पर्यटन क्षेत्र में चिंता बढ़ गई। नारा इस बदलाव को परखने की अहम जगह है। शहर में बड़ी संख्या में ऐसे पर्यटक आते हैं जो तोदाइजी मंदिर के विशाल बुद्ध, कसुगा ताइशा के लालटेन से सजे रास्तों और नारा पार्क के हिरणों को देखने एक दिन के लिए आते हैं। दोपहर के समय का नजारा बताता है कि शहर कहीं से खाली नहीं है। मुख्य द्वारों और खरीदारी वाली सड़कों पर खासी भीड़ है, और आसपास जापानी के साथ कई विदेशी भाषाएं सुनाई देती हैं।

विषय-सूची
  1. चीन की यात्रा चेतावनी का पर्यटन पर असर दिखने के बावजूद नारा में भीड़ बरकरार
  2. पार्क में पर्यटक क्या देख रहे हैं
  3. परामर्श में क्या कहा गया है और यह क्यों मायने रखता है
  4. नारा और कंसाई के लिए चीनी पर्यटक कितने अहम हैं
  5. बसों और समूहों की आवाजाही में बदलाव नारा को क्यों महसूस होता है
  6. नारा के कारोबारों से मिल रहे संकेत
  7. क्योटो और ओसाका में मिले-जुले रुझान
  8. नारा को सिर्फ एक दिन की यात्रा नहीं, ठहरने की जगह बनाना
  9. व्यस्त मौसम में हिरणों का प्रबंधन और पर्यटकों की सुरक्षा
  10. पर्यटक अपनी और पार्क की सुरक्षा में कैसे मदद कर सकते हैं
  11. आने वाले महीनों में किन बातों पर नजर रखें
  12. जानने योग्य बातें

सुबह करीब 11 बजे पार्क में विदेशी पर्यटकों की संख्या स्पष्ट रूप से अधिक थी। कई टूर समूह और अकेले आए यात्री तोदाइजी के दक्षिणी द्वार और उन रास्तों के बीच घूम रहे थे जहां हिरण बिस्कुट बेचने वालों के आसपास इकट्ठा होते हैं। वहां मौजूद हर पांच में से लगभग चार लोग विदेशी लग रहे थे। इनमें पूर्वी एशिया और पश्चिमी देशों के पर्यटक शामिल थे। पार्क का बड़ा आकार इस भीड़ को संभालने में मदद करता है। मुख्य रास्तों से एक गली हटते ही पगडंडियां इतनी शांत हो जाती हैं कि लोग रुककर तस्वीरें ले सकते हैं। पहाड़ियां और देवदार के पेड़ खुले मैदानों और तालाबों की पृष्ठभूमि बनाते हैं।

सबसे व्यस्त इलाका तोदाइजी के दक्षिणी द्वार के पास है, जहां स्मृति चिह्नों की दुकानें और नाश्ते के ठेले विशाल बुद्ध के सभागार की ओर जाते हैं। पैदल आवाजाही ज्यादा होने के बावजूद चौड़े रास्तों और भरपूर छाया से माहौल आरामदेह बना रहता है। हिरण अलग-अलग झुंडों में पर्यटकों के पास आते हैं, जिससे लोगों की आवाजाही अचानक रुक सकती है, हालांकि ज्यादातर लोग आसानी से रास्ता दे देते हैं। जापानी स्कूलों के शैक्षणिक दौरे भी भीड़ में शामिल हैं। उनके साथ आए शिक्षक वर्दी पहने बच्चों को संग्रहालयों और मंदिरों में ले जाते हैं, जिसके बाद बच्चे हिरणों को बिस्कुट खिलाने और समूह में तस्वीरें लेने के लिए अलग-अलग फैल जाते हैं।

पार्क में पर्यटक क्या देख रहे हैं

जमीन पर सुनाई देने वाली भाषाओं का मेल बदला है। चीनी भाषा अब भी सुनाई देती है, लेकिन अंग्रेजी, कोरियाई और कई यूरोपीय भाषाएं भी सुनाई देती हैं। टूर बसों की पार्किंग के पास तैनात एक सुरक्षा गार्ड ने बताया कि हाल के दिनों में मुख्यभूमि चीन से आने वाली बसों की संख्या घटी है। वहां सुनाई देने वाली कुछ चीनी भाषा ताइवान से आए लोगों की भी हो सकती है। बिस्कुट बेचने वाले एक दुकानदार ने भी ऐसा ही रुझान बताया। चेतावनी से पहले की गई बुकिंग के कारण कुछ चीनी यात्री अब भी आ रहे हैं, और रद्दीकरण शुल्क के चलते उनकी यात्राएं रद्द करने की संभावना कम है। वहीं, दुकानदारों का कहना है कि कोरिया से आने वाले पर्यटक बढ़े हैं, जबकि पश्चिमी देशों के पर्यटक लगातार आ रहे हैं। सप्ताह के दिनों में कैफे और छोटी सड़कें प्रसिद्ध स्थलों की तुलना में शांत दिखती हैं, लेकिन सप्ताहांत में वहां जापानी ग्राहक बढ़ जाते हैं। नाकातानिदो की मशहूर मोची की दुकान और लंबे समय से चल रहे नूडल रेस्तरां में अब भी कतारें लगती हैं।

पर्यटकों के लिए मुख्य बात यह है कि नारा अब भी जीवंत और आसानी से घूमने लायक है। प्रमुख दर्शनीय स्थल भीड़भाड़ वाले हैं, लेकिन वहां घूमना संभव है; गलियां शांत हैं। हिरण खुशी का कारण बन सकते हैं, हालांकि जब वे रास्ते में झपकी लेने लगते हैं तो थोड़ी देर के लिए आवाजाही रुक जाती है। निकट भविष्य में स्थिति स्थिर दिखती है, लेकिन चेतावनी का पूरा असर सामने आने में वक्त लगेगा, क्योंकि अभी यात्रा कर रहे कई लोगों ने कई सप्ताह पहले बुकिंग कर ली थी।

विज्ञापन

परामर्श में क्या कहा गया है और यह क्यों मायने रखता है

ताइवान नीति को लेकर तनाव बढ़ने के बाद जापान में चीनी दूतावास ने अपने नागरिकों से जापान की गैर-जरूरी यात्राओं से बचने का आग्रह किया। यह पूरी तरह प्रतिबंध नहीं है, लेकिन ऐसी चेतावनी है जिसे टूर आयोजक और व्यक्तिगत यात्री गंभीरता से लेते हैं। चीनी विमानन कंपनियों ने जापान की यात्रा वाले टिकटों पर ग्राहकों को मुफ्त रिफंड देना शुरू कर दिया है। चीनी विमानन आंकड़ों के अनुसार, दोनों देशों के बीच कम से कम एक दर्जन हवाई मार्ग बंद कर दिए गए हैं। चीन की कई बड़ी ट्रैवल एजेंसियों ने जापान यात्राओं की बिक्री रोक दी है। ऐसे कदमों का असर सबसे पहले समूह यात्राओं पर पड़ता है। इससे लोकप्रिय स्थलों पर दोपहर के समय भीड़ बढ़ाने वाली टूर बसों की संख्या तेजी से घट सकती है।

सीमाएं खुली रहने पर भी इस तरह की चेतावनियां लोगों के फैसले बदल सकती हैं। परिवार जोखिम और सुविधा पर विचार करते हैं, जबकि टूर ऑपरेटर अपने मार्गों और कर्मचारियों की तैनाती पर फिर से गौर करते हैं। चीन में घरेलू बजट और धीमी अर्थव्यवस्था का भी असर पड़ता है। कमजोर येन से कुछ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए जापान किफायती हो सकता है, लेकिन राजनीतिक तनाव के चलते टूर आयोजक अक्सर अपनी क्षमता उन जगहों की ओर मोड़ देते हैं जिन्हें कम संवेदनशील माना जाता है। यह बदलाव अब पूरे क्षेत्र में दिख रहा है।

समय भी अहम है। पतझड़ का आखिरी दौर कंसाई के मंदिरों और पार्कों के लिए पर्यटन का चरम मौसम होता है। साल के अंत की छुट्टियों के साथ यह व्यस्त मौसम खत्म होता है, फिर जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में चंद्र नववर्ष के दौरान दोबारा शुरू होता है। अगर उस समय तक परामर्श जारी रहता है, तो पर्यटकों की कमी और बढ़ सकती है।

विज्ञापन

नारा और कंसाई के लिए चीनी पर्यटक कितने अहम हैं

पिछले दशक के अधिकांश समय में चीन से आए यात्री जापान आने वाले पर्यटकों का सबसे बड़ा हिस्सा रहे हैं। महामारी के बाद यात्रा सामान्य होने के साथ चीन से आने वालों की संख्या फिर मासिक रैंकिंग में सबसे ऊपर पहुंच गई। उनका खर्च आतिथ्य, खुदरा कारोबार और परिवहन क्षेत्र के लिए बेहद अहम है। कई पर्यटक खरीदारी, भोजन और सांस्कृतिक स्थलों के लिए आते हैं। वे अक्सर समूहों में यात्रा करते हैं और प्रसिद्ध स्थलों के आसपास खर्च केंद्रित करते हैं। चीनी उपभोक्ताओं के व्यवहार पर नजर रखने वाली एक ट्रैवल डेटा कंपनी का अनुमान है कि अगर रद्दीकरण जारी रहे तो साल के अंत तक जापान को पर्यटकों के खर्च में 1.2 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। इस अनुमान का कुछ हिस्सा भी उन कारोबारों के लिए बड़ा झटका होगा जो सीमा पार यात्रा पर निर्भर हैं।

बसों और समूहों की आवाजाही में बदलाव नारा को क्यों महसूस होता है

नारा का आकर्षण सीमित दायरे में समाया हुआ, लेकिन बेहद प्रभावशाली है। तोदाइजी, कसुगा, कोफुकुजी और पार्क एक ही दिन में देखे जा सकते हैं। इस वजह से ओसाका और क्योटो से दिनभर की यात्राओं का चलन बना है। टूर बसें पर्यटकों की मांग का साफ संकेत देती हैं। चीनी बसें कम होने का मतलब है कि एक ही समय पर इकट्ठा होने वाले बड़े समूह भी कम होंगे, खासकर दुकानों और तस्वीरें लेने की लोकप्रिय जगहों के आसपास। इससे सड़कें खाली नहीं हो जातीं। हाल के दिनों में कोरिया, ताइवान, दक्षिण-पूर्व एशिया, अमेरिका और यूरोप से पर्यटकों का आना जारी है। पूरे जापान से स्कूल समूह भी पहुंच रहे हैं। परामर्श का असर फैलने के साथ पर्यटकों का यह मेल बदल रहा है और सर्दियों में भी बदलता रहेगा।

विज्ञापन

नारा के कारोबारों से मिल रहे संकेत

दुकानदारों का कहना है कि परामर्श से कारोबार ठप नहीं हुआ है। हिरणों के बिस्कुट बेचने वालों के यहां अब भी लगातार ग्राहक आ रहे हैं और रेस्तरां मालिकों के मुताबिक पहले से बुक किए गए टूर अब भी पहुंच रहे हैं। रद्दीकरण शुल्क से निकट भविष्य में पर्यटकों की आवाजाही बनी हुई है। कई दुकानदारों ने कोरियाई पर्यटकों की संख्या में साफ बढ़ोतरी की बात कही, जबकि पश्चिमी देशों के यात्री खुले में घूमने वाले दर्शनीय स्थल बंद होने के बाद भी खाना खाते, खरीदारी करते और संग्रहालयों में वक्त बिताते हैं। पार्क परिसर की कुछ दुकानें दिन के आखिर में आने वाले स्कूल समूहों के लिए अपना समय बढ़ा देती हैं।

मुख्य रास्तों से बाहर गतिविधियों की रफ्तार धीमी है। कम आवाजाही वाली सड़कों के कुछ कैफे बताते हैं कि सप्ताह के दिनों में उनके यहां अब अधिकतर विदेशी ग्राहक आते हैं, जबकि सप्ताहांत में घरेलू ग्राहक बढ़ जाते हैं। पर्यटकों का यह बंटवारा शहर को भीड़ संभालने में मदद करता है। व्यस्त समय में भी चौड़े रास्तों से लोगों का आना-जाना जारी रहता है। छोटी-मोटी रुकावटें तभी आती हैं जब हिरण झुंड में इकट्ठा होते हैं या धूप वाली जगह पर बैठ जाते हैं और पर्यटक उनकी तस्वीरें लेने के लिए ठहरते हैं। कुल मिलाकर पार्क का अनुभव ज्यादातर लोगों के लिए जीवंत है, लेकिन दमघोंटू नहीं।

क्योटो और ओसाका में मिले-जुले रुझान

पूरे क्षेत्र में स्थिति एक जैसी नहीं है। क्योटो की कुछ मशहूर गलियों में पतझड़ की शुरुआत की तुलना में भीड़ कम हुई है, जबकि प्रमुख मंदिरों और श्राइन के रास्ते अब भी खचाखच भरे हैं। कियोमिजु मंदिर के आसपास की सड़कों पर अब भी भारी भीड़ और बसों के लिए भरे हुए पार्किंग स्थल दिखते हैं। निशिकी बाजार के ठेलों पर अधिकतर विदेशी पर्यटक नजर आते हैं। क्योटो के मध्य शहर के परिवहन मार्गों पर व्यस्त समय में अब भी दबाव बना रहता है। इससे संकेत मिलता है कि परामर्श से पर्यटकों की संख्या कुछ घटी है, लेकिन शहर की भीड़भाड़ का स्वरूप नहीं बदला।

चीन से आने वाले पर्यटकों पर ओसाका की निर्भरता के कारण इस परामर्श का आर्थिक असर तुरंत महसूस हो रहा है। चीन-जापान मार्गों पर उड़ान भरने वाली विमानन कंपनियों ने रिफंड की पेशकश की है और समूह यात्राओं को सेवाएं देने वाले कारोबार कम कमाई वाले मौसम की तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की भावनाएं मिली-जुली हैं। कुछ लोग अत्यधिक पर्यटन के उन वर्षों के बाद थोड़े विराम का स्वागत करते हैं, जब कुछ इलाकों में कचरा और शोर-शराबे की शिकायतें बढ़ गई थीं। दूसरे लोग रेस्तरां, दुकानों और गाइडों की कमाई को लेकर चिंतित हैं। ये लोग महामारी के बाद मुश्किल से संभले थे और अब फिर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। नगर अधिकारी और पर्यटन क्षेत्र के नेता पर्यटकों की आवाजाही और स्थानीय जीवन के बीच संतुलन बनाने के तरीकों पर फिर विचार कर रहे हैं। यह मुद्दा मौजूदा विवाद से पहले से मौजूद है।

विज्ञापन

नारा को सिर्फ एक दिन की यात्रा नहीं, ठहरने की जगह बनाना

नारा की सरकार और पर्यटन से जुड़े साझेदार पिछले साल से सिर्फ दिनभर आने वाले पर्यटकों की संख्या नहीं, बल्कि रात में ठहरने वाले लोगों की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रांत ने मार्च 2025 के अंत तक कुल अतिथि कमरों की संख्या करीब 12,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है और हर नए होटल के लिए 20 करोड़ येन की सब्सिडी शुरू की है। सितंबर में नारा में नया नोवोटेल खुला, जबकि टोयोको इन ब्रांड ने पिछले साल पास के तेनरी में कमरे जोड़े। लक्ष्य सीधा है। अगर ज्यादा पर्यटक रात में रुकें, तो वे पार्क से बाहर की जगहें देखेंगे, कम मशहूर मंदिरों में जाएंगे और उन इलाकों में भोजन करेंगे जहां दिनभर की यात्रा पर आने वाले ज्यादातर लोग नहीं पहुंचते।

आंकड़ों से जरूरत साफ है। 2023 में नारा में सिर्फ 26.4 लाख लोग रात में ठहरे, जो जापान के प्रांतों में सबसे कम आंकड़ों में से एक था। टूर ऑपरेटरों का कहना है कि पार्क में सुबह जल्दी और शाम के समय टहलने का अनुभव दोपहर से बिल्कुल अलग होता है। ठहरने के लिए ज्यादा कमरे मदद कर सकते हैं, लेकिन स्थानीय गाइडों का जोर है कि लोगों को जानकारी देना और जगहों की कहानियां बताना भी जरूरी है। कई यात्रियों को नारा के अनुभवों की पूरी विविधता वहां पहुंचने के बाद ही पता चलती है। यात्रा से पहले बेहतर जानकारी, सुझाए गए यात्रा कार्यक्रम और मौसमी आयोजनों के लिंक दिनभर की यात्राओं को एक या दो रात के प्रवास में बदल सकते हैं। इससे खर्च ज्यादा घंटों और अधिक मोहल्लों तक फैलेगा और चीन से आने वाले समूहों की यात्राओं में कमी की भरपाई होगी।

व्यस्त मौसम में हिरणों का प्रबंधन और पर्यटकों की सुरक्षा

पर्यटकों की भारी आवाजाही से नारा में एक खास तरह की सुरक्षा चुनौती पैदा होती है। शहर के हिरण यहां का प्रिय प्रतीक हैं और उन्हें खास बिस्कुट खिलाना एक प्रमुख गतिविधि है। ये जानवर अब भी जंगली हैं और उनका व्यवहार अप्रत्याशित हो सकता है, खासकर पतझड़ में प्रजनन के मौसम के दौरान। चोटों की संख्या बढ़ने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने इस पतझड़ में अंग्रेजी और चीनी भाषा में प्रमुख चेतावनियां जारी कीं। सितंबर में 43 घटनाएं दर्ज की गईं, जो पिछले साल इसी महीने की संख्या से करीब ढाई गुना थीं। आधे से ज्यादा मामलों में विदेशी पर्यटक घायल हुए, जो बहुत पास चले गए थे या तस्वीरें लेने के लिए हिरणों के सींग छूने की कोशिश कर रहे थे। नारा में हिरण संरक्षण फाउंडेशन जोखिम घटाने के लिए हर साल नर हिरणों के सींग काटता है, फिर भी सलाह यही है कि दूरी बनाए रखें और संयम बरतें।

पर्यटक अपनी और पार्क की सुरक्षा में कैसे मदद कर सकते हैं

कुछ आसान आदतों से फर्क पड़ता है। जानवरों से थोड़ी दूरी रखें और उन्हें गले लगाने, पकड़ने या उनके सींग छूने से बचें। पार्क में बिकने वाले खास बिस्कुट ही खिलाएं और उन्हें खुली हथेली पर नीचे की ओर रखकर दें। हिरणों को घेरकर खड़े न हों, खासकर जब वे पैदल रास्तों के पास आराम के लिए बैठें। कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें और मौसम के हिसाब से जारी सूचनाओं पर ध्यान दें, जो पतझड़ के दौरान सबसे अधिक होती हैं। जरूरत से ज्यादा खाना खिलाने से आसपास के जंगल पर दबाव बढ़ सकता है, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का हिस्सा है। पर्यटकों के छोटे-छोटे बदलाव सबके लिए इस अनुभव को बेहतर बनाए रखते हैं और हिरणों पर तनाव कम करते हैं।

आने वाले महीनों में किन बातों पर नजर रखें

परामर्श का पूरा असर कई चरणों में सामने आएगा। अभी नारा में मौजूद कई लोगों ने तनाव बढ़ने से पहले, कई सप्ताह पहले अपनी यात्रा बुक की थी। आने वाले महीनों में पता चलेगा कि चीन से नई बुकिंग में कमी की भरपाई कोरिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, अमेरिका और यूरोप से आने वाली मांग कर पाती है या नहीं। चंद्र नववर्ष अगली बड़ी कसौटी होगा। आम तौर पर इस अवधि में चीन से यात्रा तेजी से बढ़ती है। विमान सेवाओं के समय-सारिणी और समूह यात्राओं की बिक्री में बदलाव कंसाई के शहरों के लिए अहम संकेत होंगे।

मौजूदा हालात का फायदा उठाकर नारा पर्यटकों के स्रोतों में विविधता ला सकता है। आसपास के एशियाई बाजारों में प्रचार पहले ही बढ़ा दिया गया है और घरेलू स्कूल यात्राएं अब भी पर्यटकों का स्थिर स्रोत हैं। हिरणों के पास सुरक्षा को लेकर अधिक स्पष्ट संदेश, तोदाइजी और कसुगा के आसपास पर्यटकों की आवाजाही का बेहतर प्रबंधन और कम व्यस्त इलाकों का अधिक प्रचार बाजार में बदलाव के दौरान अनुभव को बेहतर बना सकता है। रात में ठहरने वालों की संख्या बढ़ाने की शहर की कोशिश, अगर दिलचस्प कहानियों और स्थानीय आयोजनों के साथ जोड़ी जाए, तो अनिश्चितता के इस दौर को समुदाय के अधिक हिस्सों तक लाभ पहुंचाने के अवसर में बदला जा सकता है।

जानने योग्य बातें

  • राजनयिक विवाद के बाद चीन के दूतावास ने नागरिकों को जापान की गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी
  • नारा पार्क में अब भी भीड़ है, जहां गैर-चीनी विदेशी पर्यटकों और जापानी स्कूल समूहों की संख्या अधिक है
  • स्थानीय कर्मचारियों के मुताबिक चीनी टूर बसें कम हुई हैं और कोरियाई पर्यटक बढ़े हैं
  • चीन और जापान के बीच कम से कम एक दर्जन हवाई मार्ग रद्द किए गए हैं और कुछ एजेंसियों ने जापान यात्राओं की बिक्री रोक दी है
  • एक ट्रैवल डेटा कंपनी का अनुमान है कि इस साल जापान को पर्यटकों के खर्च में 1.2 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है
  • नारा रात में ठहरने और खर्च को शहर में फैलाने के लिए सब्सिडी के जरिए होटल के कमरे बढ़ा रहा है
  • पतझड़ के प्रजनन मौसम में चोटों की संख्या बढ़ने के बाद अधिकारियों ने हिरणों से सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की
  • कुछ गलियों में पर्यटक घटने के बावजूद क्योटो और ओसाका के प्रमुख स्थलों पर भीड़ बनी हुई है
  • चंद्र नववर्ष यह जानने का अहम संकेत होगा कि चीन से आने वाले पर्यटकों की संख्या किस दिशा में जाती है
यह लेख शेयर करें

आपको यह भी पसंद आ सकता है