इटली अल्ट्रा फास्ट फैशन पर निगरानी क्यों कड़ी कर रहा है
फ्रांस द्वारा अल्ट्रा फास्ट फैशन पर पाबंदियां लागू करने के बाद इटली शीइन की निगरानी कड़ी करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसका दोहरा उद्देश्य है: छोटे कारखानों और लक्जरी फैशन हाउसों पर आधारित विशाल घरेलू उद्योग को बचाना और स्थिरता तथा श्रम स्थितियों से जुड़े उन दावों पर कार्रवाई करना जिन्हें नियामक भ्रामक बताते हैं। यह बदलाव यूरोप में उन कम कीमत वाले प्लेटफॉर्मों के खिलाफ तेज होती कार्रवाई का संकेत है, जो हर दिन हजारों नए उत्पाद बेचते हैं और उन्हें सीधे खरीदारों तक पहुंचाते हैं।
विषय-सूची
- इटली अल्ट्रा फास्ट फैशन पर निगरानी क्यों कड़ी कर रहा है
- इटली क्या प्रस्तावित कर रहा है
- विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी क्या है
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर लक्षित शुल्क
- ग्रीनवॉशिंग पर जुर्माना और उपभोक्ता संरक्षण
- मेड इन इटली को बचाने का दबाव
- अल्ट्रा फास्ट फैशन से जुड़ी पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
- शीइन की प्रतिक्रिया
- खरीदारों और ब्रांडों को क्या उम्मीद रखनी चाहिए
- मुख्य बातें
फ्रांस ने अत्यधिक उत्पादन और कपड़ा कचरे पर अंकुश लगाने के लिए नए नियमों को पहले ही मंजूरी दे दी है। इनमें हर उत्पाद पर पर्यावरणीय अधिभार, विज्ञापनों पर सीमाएं और स्थिरता संबंधी दावों के खुलासे के कड़े नियम शामिल हैं। इटली के अधिकारी अब अपनी कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। रोम में समीक्षा के तहत मसौदा उपायों के अनुसार, फैशन उत्पादकों को कपड़ों की उपयोग-अवधि पूरी होने पर उनके संग्रह और पुनर्चक्रण की लागत में योगदान देना होगा। सरकार उन ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों से आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने पर भी विचार कर रही है, जो बेहद कम कीमतों के दम पर फल-फूल रहे हैं।
शीइन इटली के सबसे लोकप्रिय शॉपिंग ऐप में से एक बन गया है। बेहद कम कीमतों और लगभग लगातार नए उत्पाद जारी करने के चलते इसके करोड़ों उपयोगकर्ता हैं। इस वृद्धि ने स्थानीय निर्माताओं को चिंतित किया है। उनका कहना है कि यूरोपीय संघ के बाहर के आपूर्तिकर्ताओं की कीमतों से मुकाबला करते हुए इटली के सख्त श्रम, सुरक्षा और कर मानकों का पालन करना उनके लिए संभव नहीं है। ट्रेड यूनियनों और स्थिरता समूहों ने एक और चिंता जताई है: ऐसे कारोबारी मॉडल का पर्यावरणीय प्रभाव, जो लगातार खरीदारी और जल्द निपटान को बढ़ावा देता है। हाल के आंकड़ों के मुताबिक, इटली में ऐप के करीब 2.3 करोड़ उपयोगकर्ता हैं।
नियामकों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अगस्त 2025 में इटली के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण (AGCM) ने शीइन पर 10 लाख यूरो का जुर्माना लगाया। प्राधिकरण ने कंपनी के पर्यावरण संबंधी संदेशों को भ्रामक और छलपूर्ण बताया। उसका कहना था कि पुनर्चक्रण-योग्यता, चक्रीय अर्थव्यवस्था और उत्सर्जन घटाने की दिशा में किए गए शीइन के वादे अस्पष्ट या भ्रमित करने वाले थे। 2023 और 2024 में उत्सर्जन बढ़ने से ये दावे उलट भी साबित हुए। यह जुर्माना उससे एक महीने पहले फ्रांस में फर्जी छूट और इसी तरह के पर्यावरण-अनुकूल दावों के लिए लगाए गए बड़े जुर्माने के बाद आया।
इटली क्या प्रस्तावित कर रहा है
सरकार ने शीइन और टेमू जैसे प्लेटफॉर्मों के जरिए बेचे जाने वाले कम कीमत के फैशन आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की योजना के संकेत दिए हैं। इसका उद्देश्य अधिकारियों के मुताबिक अनुचित प्रतिस्पर्धा का मुकाबला करना और बढ़ते कपड़ा-कचरे के प्रबंधन की लागत में मदद करना है। यह योजना उत्पादक की जिम्मेदारी से जुड़े यूरोपीय संघ के निर्देश के तहत आने वाले व्यापक कार्यक्रम के साथ लागू होगी। इस कार्यक्रम के तहत कपड़ा निर्माता संग्रह, छंटाई और पुनर्चक्रण की लागत वहन करेंगे। कपड़े कचरा बन जाने पर ये नियम विदेशी विक्रेताओं और इतालवी ब्रांडों, दोनों पर लागू होंगे।
विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी क्या है
विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी, जिसे अक्सर EPR कहा जाता है, कचरे का कुछ बोझ करदाताओं से हटाकर उन कंपनियों पर डालती है जो बाजार में उत्पाद उतारती हैं। फैशन क्षेत्र में EPR योजना का मतलब है कि ब्रांड और विक्रेता फेंके गए कपड़ों के निपटान की बाद की लागत के हिसाब से शुल्क चुकाते हैं। इस धन से नगरपालिकाओं की उन प्रणालियों को मदद मिलती है जो कपड़ा इकट्ठा करती हैं, उसकी छंटाई करती हैं और ऐसे रेशों को पुनर्चक्रित करने की कोशिश करती हैं जिन्हें संसाधित करना मुश्किल होता है। यूरोपीय संघ के कई देशों में पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक सामान के लिए EPR पहले से लागू है। नीति-निर्माता इसे कपड़ा क्षेत्र में भी लागू करना चाहते हैं, ताकि लैंडफिल और भस्मक संयंत्रों तक पहुंचने वाले कचरे की मात्रा घटे।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर लक्षित शुल्क
इतालवी अधिकारियों का तर्क है कि अल्ट्रा फास्ट प्लेटफॉर्मों से पैदा हो रहा प्रतिस्पर्धी दबाव तत्काल और तीव्र है, इसलिए अलग शुल्क जरूरी है। यूरोपीय संघ के बाहर से हर दिन लाखों पार्सल आते हैं, जिनका घोषित मूल्य अक्सर बहुत कम होता है। इससे व्यापारी कीमतें घटा पाते हैं, जबकि पर्यावरण और श्रम की लागत कहीं और उठाई जाती है। इस शुल्क का मकसद कीमतों को समान स्तर पर लाना, यूरोपीय संघ के उत्पाद नियमों का बेहतर पालन प्रोत्साहित करना और इटली की आपूर्ति श्रृंखला के श्रमिकों की मदद करना है। यह योजना उपठेकेदारी में दुर्व्यवहार के खिलाफ अन्य कदमों को भी पूरक बनाएगी। कामकाजी स्थितियां सुधारने के लिए कई मामलों में कार्यशालाओं को न्यायिक प्रशासन के अधीन रखा गया है।
ग्रीनवॉशिंग पर जुर्माना और उपभोक्ता संरक्षण
AGCM का ग्रीनवॉशिंग मामला इस बात पर केंद्रित था कि शीइन ने evoluSHEIN जैसी परियोजनाओं और पुनर्चक्रण-योग्य उत्पादों तथा कम उत्सर्जन से जुड़े दावों को किस तरह पेश किया। जांचकर्ताओं ने कहा कि सामाजिक जिम्मेदारी और #SHEINTHEKNOW जैसे वेबसाइट अनुभागों में इस्तेमाल की गई भाषा अक्सर अस्पष्ट या बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई थी। प्राधिकरण ने 2030 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 25 प्रतिशत कटौती के वादे पर भी सवाल उठाया। उसके मुताबिक, आंकड़ों में 2023 और 2024 के दौरान उत्सर्जन बढ़ता दिखा।
यूरोपीय नियामक छूट देने के तरीकों और ऑनलाइन अवैध उत्पादों की बिक्री की भी जांच कर रहे हैं। फर्जी छूट और भ्रामक पर्यावरण-अनुकूल दावों के लिए फ्रांस पहले ही कंपनी पर जुर्माना लगा चुका है। यूरोपीय संघ के स्तर पर उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरणों और यूरोपीय आयोग ने जांच शुरू की है कि प्लेटफॉर्म डिजिटल सेवा अधिनियम का पालन कर रहे हैं या नहीं। इस कानून के तहत अवैध उत्पादों की सूची तेजी से हटानी होती है और उत्पाद सुरक्षा पर कड़ा नियंत्रण रखना पड़ता है। यह यूरोपीय संघ में बड़ी संख्या में छोटे पार्सलों की आमद रोकने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है। इसमें सीधे उपभोक्ताओं को भेजे जाने वाले हर सीमापार पार्सल पर एक समान शुल्क लगाने की योजना भी शामिल है।
इटली के जुर्माने की वजह बताते हुए राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण AGCM ने अपने निष्कर्ष स्पष्ट शब्दों में रखे।
शीइन ने ऐसे पर्यावरणीय दावे किए जो अस्पष्ट, सामान्य या जरूरत से ज्यादा जोर देकर पेश किए गए थे। उत्सर्जन घटाने के उसके वादे 2023 और 2024 में उत्सर्जन में हुई वास्तविक वृद्धि से मेल नहीं खाते थे।
शीइन ने कहा कि उसने जांच में सहयोग किया और पर्यावरण संबंधी दावों को अधिक स्पष्ट तथा सत्यापित करने योग्य बनाने के लिए अपनी वेबसाइट में बदलाव किए।
मेड इन इटली को बचाने का दबाव
उद्योग संगठनों ने रोम पर तेजी से कदम उठाने का दबाव बनाया है। उनका कहना है कि सस्ते आयात की बाढ़ पारदर्शिता और पता लगाने की क्षमता के मानकों को कमजोर कर रही है। Camera Nazionale della Moda Italiana का नेतृत्व करने वाले कार्लो कापासा ने इटली और यूरोपीय आयोग, दोनों से फ्रांस की कार्रवाई के अनुरूप कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना कर वाले पार्सलों से बाजार भर रहा है और नियमों का पालन करने वाली कंपनियां उन प्लेटफॉर्मों की पेशकश की गई कीमतों से मुकाबला नहीं कर सकतीं जिन पर बहुत कम निगरानी है।
मंत्रियों ने नए नियमों को इटली की फैशन आपूर्ति श्रृंखला को व्यापक रूप से व्यवस्थित करने की कोशिश से भी जोड़ा है। अभियोजकों ने लक्जरी ब्रांडों के लिए काम करने वाले कुछ उपठेकेदारों की खराब स्थितियों की जांच की है। नियमों का पालन बेहतर कराने के लिए कई कंपनियों को न्यायिक प्रशासन के अधीन रखा गया है। सांसद स्वैच्छिक प्रमाणन पर विचार कर रहे हैं। इसके तहत कड़े निगरानी मानकों पर खरी उतरने वाली कंपनियां सरकारी निकायों की देखरेख में "Certified Fashion Supply Chain" लेबल इस्तेमाल कर सकेंगी।
अल्ट्रा फास्ट फैशन से जुड़ी पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
अल्ट्रा फास्ट फैशन की पर्यावरणीय आलोचना सिर्फ मार्केटिंग भाषा तक सीमित नहीं है। ग्रीनपीस जर्मनी ने यूरोप के कई देशों में खरीदे गए शीइन के दर्जनों उत्पादों की स्वतंत्र प्रयोगशालाओं से जांच कराई। समूह ने कुछ उत्पादों में खतरनाक रसायन पाए जाने की जानकारी दी। इनमें बच्चों की एक पोशाक में फॉर्मेल्डिहाइड और जूतों में थैलेट्स की बहुत अधिक मात्रा शामिल थी। समूह के अनुसार, जांचे गए 15 प्रतिशत उत्पादों में कपड़ों के रसायनों के लिए यूरोपीय संघ की सीमा का उल्लंघन हुआ और 32 प्रतिशत में चिंता पैदा करने वाली मात्रा में रसायन मिले। ऐसे निष्कर्ष यूरोपीय संघ के बाजारों में आने वाले उत्पादों की कड़ी जांच और मौजूदा नियमों के बेहतर पालन की मांग को बल देते हैं।
REACH के नाम से जाने जाने वाले यूरोपीय संघ के रसायन नियमों के तहत कपड़ों, एक्सेसरी और जूतों में कुछ पदार्थों पर सख्त सीमाएं लागू हैं। खतरनाक रसायनों के अवशेष कपड़ा पुनर्चक्रण में भी बाधा बनते हैं, क्योंकि दूषित रेशों को आसानी से नए कपड़े में नहीं बदला जा सकता। अगर कपड़े ऐसे मिश्रित रेशों और परिष्करण सामग्री से बने हों जिन्हें मौजूदा पुनर्चक्रण तकनीकें सुरक्षित रूप से संसाधित नहीं कर सकतीं, तो यह हकीकत चक्रीय प्रणाली के मार्केटिंग वादे को कमजोर करती है।
अभियानकर्ता कचरे से पड़ने वाले प्रभाव की ओर भी ध्यान दिलाते हैं। कपड़ों का बहुत छोटा हिस्सा ही नए कपड़ों में पुनर्चक्रित होता है, जबकि बड़ी मात्रा में इस्तेमाल किए गए कपड़े लैंडफिल में पहुंचते हैं या विदेश भेज दिए जाते हैं। अल्ट्रा फास्ट प्लेटफॉर्म हर दिन हजारों डिजाइन जारी करके इस चक्र को तेज करते हैं और कीमतें इतनी कम रखते हैं कि कई कपड़े केवल कुछ ही बार पहने जाते हैं।
शीइन की प्रतिक्रिया
शीइन का कहना है कि वह जिन बाजारों में काम करता है, वहां कानून का पालन करता है और अपने आंतरिक नियंत्रण मजबूत कर रहा है। AGCM से संपर्क किए जाने के बाद कंपनी ने कहा कि उसने अपनी यूरोपीय वेबसाइटों पर पर्यावरण संबंधी दावों को अधिक स्पष्ट और सत्यापन योग्य बनाने के लिए तत्काल कदम उठाए। कंपनी ने यूरोप में कपड़े से कपड़ा बनाने वाली पुनर्चक्रण परियोजनाओं में करीब 20 करोड़ यूरो के निवेश की जानकारी भी दी है। उसका कहना है कि आपूर्तिकर्ताओं के लिए उसकी आचार संहिता जबरन श्रम पर रोक लगाती है। शीइन के मुताबिक, वह अमेरिका भेजे जाने वाले उत्पादों के लिए शिनजियांग से कपास नहीं खरीदता।
यूरोपीय बाजारों पर जोर देकर शीइन ने अमेरिका में शुल्कों के दबाव के कुछ असर की भरपाई की है। वहीं, नियामकीय सवालों ने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की उसकी योजना को पेचीदा बना दिया है। लंदन में पहली बार शेयर जारी करने की कोशिश अटक गई और इस प्रक्रिया से परिचित लोगों के मुताबिक, कंपनी ने हांगकांग में गोपनीय दस्तावेज जमा करने की तैयारी की है।
खरीदारों और ब्रांडों को क्या उम्मीद रखनी चाहिए
अगर इटली कपड़ों के लिए EPR योजना अपनाता है और अल्ट्रा फास्ट आयात पर शुल्क लगाता है, तो कुछ उत्पादों की कीमतें बढ़ने और स्थिरता संबंधी दावों पर अधिक स्पष्ट लेबल दिखने की संभावना है। फ्रांस के तरीके पर आधारित विज्ञापन सीमाओं से वे लगातार आने वाले पुश नोटिफिकेशन और छूट के अभियान घट सकते हैं जो अचानक खरीदारी को बढ़ावा देते हैं। नियमों का पालन आसान बनाने के लिए प्लेटफॉर्म अपना माल यूरोपीय गोदामों के जरिए भेजने की व्यवस्था बदल सकते हैं। इससे डिलीवरी में अधिक समय लग सकता है या वापसी की नीतियां बदल सकती हैं।
अगर बड़े बाजार वाले प्लेटफॉर्मों पर कीमतें बढ़ती हैं और कर, उत्पाद सुरक्षा तथा श्रम निगरानी में मौजूद अंतर को कार्रवाई के जरिए पाटा जाता है, तो इतालवी ब्रांडों और कार्यशालाओं को कुछ राहत मिल सकती है। इससे गति और डिजाइन के मामले में प्रतिस्पर्धा का दबाव खत्म नहीं होगा, लेकिन उन कंपनियों को फायदा होगा जो पहले से ही आपूर्ति श्रृंखला की पड़ताल और श्रमिकों की सुरक्षा में निवेश कर रही हैं। सभी पक्षों के लिए, उपभोक्ता संरक्षण के मजबूत नियम और EPR शुल्क दावों की स्पष्टता तथा आपूर्ति श्रृंखला पर नियंत्रण को यूरोप में कारोबार की बुनियादी शर्त बना देंगे।
मुख्य बातें
- फ्रांस के नए नियम लागू करने के बाद इटली शीइन और अन्य अल्ट्रा फास्ट प्लेटफॉर्मों की जांच के लिए उपाय तैयार कर रहा है।
- योजनाओं में कपड़ों के लिए EPR व्यवस्था और कचरा प्रबंधन तथा निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा में मदद के लिए कम कीमत के आयात पर अलग शुल्क शामिल हैं।
- AGCM ने भ्रामक पर्यावरणीय दावों और उत्सर्जन के वादों के लिए अगस्त 2025 में शीइन पर 10 लाख यूरो का जुर्माना लगाया।
- इससे एक महीने पहले फ्रांस ने फर्जी छूट और ग्रीनवॉशिंग के लिए प्लेटफॉर्म पर 4 करोड़ यूरो का जुर्माना लगाया था।
- उद्योग जगत के नेता मेड इन इटली की रक्षा और पारदर्शिता तथा पता लगाने की क्षमता सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
- ग्रीनपीस जर्मनी ने यूरोप में बिकने वाले शीइन के कुछ उत्पादों में खतरनाक रसायनों की जानकारी दी, जिससे कड़ी जांच का दबाव बढ़ा है।
- शीइन का कहना है कि उसने दावों के सत्यापन में सुधार किया है, पुनर्चक्रण में निवेश किया है और आपूर्तिकर्ताओं की आचार संहिता में जबरन श्रम पर रोक लगाई है।
- उपाय लागू होने पर कीमतें बढ़ने, लेबल अधिक स्पष्ट होने और ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर निगरानी कड़ी होने की संभावना है।






