शीइन और टेमू को लेकर EU ने क्यों बजाई खतरे की घंटी
हाल के महीनों में यूरोपीय संघ ने चीन की ऑनलाइन रिटेल कंपनियों शीइन और टेमू की जांच तेज कर दी है। यूरोपीय बाजार में पहुंच रहे लाखों उत्पादों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। EU के न्याय आयुक्त माइकल मैकग्राथ ने इन प्लेटफॉर्मों के जरिए बिक रहे खतरनाक सामान की मात्रा और गंभीरता पर सार्वजनिक रूप से हैरानी जताई है। इससे उपभोक्ता संरक्षण और नियामकीय अमल से जुड़ा संकट गहराता दिख रहा है।
विषय-सूची
- शीइन और टेमू को लेकर EU ने क्यों बजाई खतरे की घंटी
- किन उत्पादों को लेकर खतरे के संकेत मिले हैं?
- रसायनों को समझें: थैलेट, PFAS और लिलियल
- शीइन और टेमू क्या जवाब दे रहे हैं?
- उपभोक्ता समूहों की जांच और कानूनी शिकायतें
- नियामकीय कार्रवाई: EU क्या कर रहा है?
- गुप्त खरीदार अभियान और Safety Gate अलर्ट
- वैश्विक परिप्रेक्ष्य: यह समस्या सिर्फ यूरोप की नहीं
- ये प्लेटफॉर्म इतने लोकप्रिय क्यों हैं?
- स्वास्थ्य और पर्यावरणीय जोखिम: उपभोक्ताओं को क्या जानना चाहिए
- उद्योग की प्रतिक्रिया और आगे की राह
- सारांश
गैर-EU विक्रेताओं से रोजाना 12 लाख से अधिक कम मूल्य के पार्सल पहुंच रहे हैं, जिनमें ज्यादातर चीन से आते हैं। इससे EU की उपभोक्ता संरक्षण प्रणालियों पर अभूतपूर्व दबाव पड़ा है। बेहद सस्ते और फैशनेबल उत्पादों के लिए पहचाने जाने वाले शीइन और टेमू की तेज बढ़त ने सीमा शुल्क और सुरक्षा जांच व्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है। साथ ही, यूरोपीय उपभोक्ताओं को जहरीले बच्चों के खिलौनों से लेकर प्रतिबंधित रसायनों वाले सौंदर्य प्रसाधनों तक, कई खतरनाक वस्तुओं के संपर्क में ला दिया है।
किन उत्पादों को लेकर खतरे के संकेत मिले हैं?
EU के अधिकारियों, उपभोक्ता समूहों और स्वतंत्र प्रयोगशालाओं की जांच में शीइन और टेमू पर बिकने वाले उत्पादों में सुरक्षा नियमों के कई गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं। सबसे चिंताजनक निष्कर्षों में शामिल हैं:
- शिशुओं के चूसने वाले खिलौने जिनमें ढीले मोती हैं और हवा आने-जाने के छेद नहीं हैं, जिससे दम घुटने का गंभीर खतरा है।
- बच्चों के रेनकोट और कपड़े जिनमें थैलेट और फॉर्मल्डिहाइड जैसे जहरीले रसायन कानूनी सीमा से सैकड़ों गुना अधिक मात्रा में हैं।
- धूप के चश्मे जिनमें UV सुरक्षा नहीं है, जिससे आंखों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
- शॉर्ट्स और जैकेट जिनकी डोरियां बहुत लंबी हैं और जिनसे ठोकर लगने या गला घुटने का खतरा पैदा होता है।
- सौंदर्य प्रसाधन जिनमें ब्यूटिलफेनिल मिथाइलप्रोपियोनल (लिलियल) है। प्रजनन क्षमता और भ्रूण के विकास पर संभावित असर के चलते EU ने 2022 से इस पदार्थ पर प्रतिबंध लगा रखा है।
- बच्चों के खिलौने जिनमें छोटे हिस्से, नुकीले किनारे और रासायनिक खतरे हैं। इनमें स्लाइम किट में बोरोन की अत्यधिक मात्रा और सैंडल में सीसे का उच्च स्तर शामिल है।
ये निष्कर्ष सिर्फ EU तक सीमित नहीं हैं। दक्षिण कोरिया, अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका के अधिकारियों ने भी इन प्लेटफॉर्मों के उत्पादों में कैंसरकारी पदार्थों, हार्मोन प्रणाली को बाधित करने वाले रसायनों और अन्य विषाक्त तत्वों की खतरनाक मात्रा की सूचना दी है। उदाहरण के लिए, सियोल की पर्यावरण स्वास्थ्य टीम को शीइन के जूतों में थैलेट की मात्रा कानूनी सीमा से 229 गुना अधिक और टेमू के सैंडल में सीसे का स्तर अनुमेय सीमा से 11 गुना अधिक मिला।
रसायनों को समझें: थैलेट, PFAS और लिलियल
इन उत्पादों में मिले कई रसायनों से स्वास्थ्य को गंभीर खतरे हो सकते हैं:
- थैलेट प्लास्टिक को लचीला बनाने के लिए इस्तेमाल होते हैं। इन्हें अंतःस्रावी तंत्र को बाधित करने वाले रसायनों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ये हार्मोन प्रणाली में दखल देते हैं और प्रजनन संबंधी नुकसान, बांझपन तथा कैंसर से जुड़े हैं।
- PFAS (पर- और पॉलीफ्लुओरोएल्काइल पदार्थ), जिन्हें अक्सर "हमेशा बने रहने वाले रसायन" कहा जाता है, पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली में बाधा, विकास संबंधी समस्याओं तथा कैंसर के बढ़ते जोखिम से जुड़े हैं।
- लिलियल (ब्यूटिलफेनिल मिथाइलप्रोपियोनल) खुशबू के लिए इस्तेमाल होने वाला एक घटक है। प्रजनन क्षमता और भ्रूण के विकास पर संभावित असर के चलते EU ने इस पर प्रतिबंध लगाया है।
ये पदार्थ त्वचा के जरिए शरीर में जा सकते हैं, सांस के साथ भीतर पहुंच सकते हैं या निगले जा सकते हैं। बच्चों के मामले में यह खतरा खास तौर पर चिंता का विषय है। इसलिए खिलौनों, कपड़ों और सौंदर्य प्रसाधनों जैसी रोजमर्रा की चीजों में इनकी मौजूदगी विशेष रूप से चिंताजनक है।
शीइन और टेमू क्या जवाब दे रहे हैं?
शीइन और टेमू, दोनों ने अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल का बचाव करते हुए बयान जारी किए हैं और कहा है कि उल्लंघन मिलने पर वे तुरंत कार्रवाई करेंगे। शीइन का दावा है कि वह अनुपालन और सुरक्षा पहलों पर लाखों खर्च करती है। इनमें अंतरराष्ट्रीय परीक्षण केंद्रों के साथ साझेदारी और नियमों का पालन न करने वाले सैकड़ों विक्रेताओं को हटाना शामिल है। टेमू का कहना है कि वह विक्रेताओं की सख्त जांच, सक्रिय निगरानी और असुरक्षित उत्पादों को तुरंत हटाने की प्रक्रिया अपनाता है। वह TÜV SÜD, SGS और Bureau Veritas जैसे वैश्विक प्रमाणन संगठनों के साथ भी काम करता है।
हालांकि, उपभोक्ता अधिकारों के पैरोकारों और नियामकों का कहना है कि ये कदम पर्याप्त नहीं हैं। उत्पादों की भारी संख्या और तीसरे पक्ष के विक्रेताओं, जिनमें से कई EU के बाहर हैं, पर निर्भरता के कारण नियमों का लगातार पालन सुनिश्चित करना मुश्किल है। असुरक्षित उत्पादों को अक्सर अधिकारियों या उपभोक्ता समूहों की ओर से चिह्नित किए जाने के बाद ही हटाया जाता है। तब तक वे हजारों उपभोक्ताओं तक पहुंच चुके हो सकते हैं।
उपभोक्ता समूहों की जांच और कानूनी शिकायतें
सुरक्षा नियमों के उल्लंघन उजागर करने में यूरोपीय उपभोक्ता संगठनों ने अहम भूमिका निभाई है। यूरोपीय उपभोक्ता संगठन (BEUC) और डेनमार्क, इटली तथा ब्रिटेन के राष्ट्रीय समूहों ने व्यापक परीक्षण किए। इनमें खिलौनों, सौंदर्य प्रसाधनों और घरेलू सामान में बड़े पैमाने पर नियमों का पालन न होना सामने आया। फरवरी 2025 में 21 देशों के 24 उपभोक्ता संगठनों ने शीइन के खिलाफ यूरोपीय आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। आरोपों में बिक्री के भ्रामक तरीके और उत्पाद सुरक्षा नियमों का उल्लंघन शामिल हैं।
साइप्रस उपभोक्ता संघ ने कहा, "हम आग्रह करते हैं कि यदि SHEIN उपभोक्ताओं को गंभीर नुकसान से बचाने के लिए सुधारात्मक कदम नहीं उठाता और यूरोपीय कानूनों का पूरी तरह पालन नहीं करता, तो हस्तक्षेप किया जाए।"
इन शिकायतों के बाद यूरोपीय आयोग ने शीइन और टेमू, दोनों के खिलाफ जांच शुरू की है। आगे सख्त प्रवर्तन और नए नियम लागू किए जाने की संभावना है।
नियामकीय कार्रवाई: EU क्या कर रहा है?
असुरक्षित उत्पादों की भारी आमद से निपटने और उपभोक्ताओं का भरोसा बहाल करने के लिए EU कई उपायों पर विचार कर रहा है:
- आयात पर €150 तक की शुल्क-मुक्त सीमा खत्म करना, जिसके तहत फिलहाल कम मूल्य के पैकेज सीमा शुल्क जांच या आयात शुल्क के बिना EU में दाखिल हो सकते हैं। इस खामी के चलते शीइन और टेमू जैसे प्लेटफॉर्म अरबों पार्सल कम लागत पर और बहुत कम निगरानी के साथ भेज पाए हैं।
- आने वाले पार्सलों पर हैंडलिंग शुल्क लगाना, ताकि अधिक सख्त सीमा शुल्क जांच के लिए धन जुटाया जा सके और नियमों का पालन न करने वाली खेपों को हतोत्साहित किया जा सके।
- केंद्रीय EU सीमा शुल्क प्राधिकरण स्थापित करना, जो सदस्य देशों के बीच नियमों के अमल और डेटा साझा करने का समन्वय करे। इससे मौजूदा बिखरी हुई राष्ट्रीय प्रणालियों की जगह ली जा सकेगी, जो अभी दबाव से जूझ रही हैं।
- डिजिटल सेवा अधिनियम (DSA) का दायरा बढ़ाना, ताकि ऑनलाइन बाज़ारों को अपने प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले खतरनाक और गैरकानूनी उत्पादों के लिए कानूनी रूप से जवाबदेह ठहराया जा सके। यह जवाबदेही सिर्फ उनकी प्रत्यक्ष बिक्री तक सीमित न हो, बल्कि तीसरे पक्ष के विक्रेताओं के उत्पादों पर भी लागू हो।
इन सुधारों से EU की नीतियां अमेरिका में हाल ही में उठाए गए कदमों के अनुरूप होंगी। वहां शुल्क-मुक्त सीमा घटाई गई है और चीन से आने वाले कम मूल्य के आयात पर अतिरिक्त कर लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य सख्त सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का पालन करने वाले यूरोपीय कारोबारों के लिए समान प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाना और अनियमित आयात से उपभोक्ताओं को होने वाले जोखिमों से बचाना है।
गुप्त खरीदार अभियान और Safety Gate अलर्ट
EU ने नियामकीय उल्लंघनों के सबूत जुटाने के लिए गुप्त खरीदार अभियान भी शुरू किए हैं। साथ ही, असुरक्षित उत्पादों के बारे में सदस्य देशों को चेतावनी देने के लिए Safety Gate की त्वरित अलर्ट प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। 2024 में Safety Gate ने रिकॉर्ड 4,137 अलर्ट दर्ज किए। इनमें एक-तिहाई से अधिक सौंदर्य प्रसाधनों से जुड़े थे, जबकि खिलौने और बिजली के उपकरण इसके बाद रहे।
आयुक्त मैकग्राथ ने कहा, "मैं उत्पाद सुरक्षा कानूनों और उपभोक्ता संरक्षण नियमों को लागू करने की कार्रवाई तेज करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। यह सिर्फ उपभोक्ताओं की रक्षा का मामला नहीं है; यहां यूरोपीय कारोबारों के लिए समान प्रतिस्पर्धा का बेहद गंभीर मुद्दा भी है।"
वैश्विक परिप्रेक्ष्य: यह समस्या सिर्फ यूरोप की नहीं
शीइन और टेमू से जुड़ी सुरक्षा चिंताएं यूरोप तक सीमित नहीं हैं। दक्षिण कोरिया, अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका के नियामक निकायों ने इन प्लेटफॉर्मों के खतरनाक उत्पादों के खिलाफ चेतावनी जारी की है या कार्रवाई की है। दक्षिण कोरिया में साप्ताहिक जांच के दौरान कपड़ों और एक्सेसरीज़ में कैंसरकारी पदार्थ मिले हैं। कुछ वस्तुओं में उनकी मात्रा कानूनी सीमा से सैकड़ों गुना अधिक थी। अमेरिकी उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा आयोग ने आग लगने के खतरे के चलते टेमू से खरीदे गए बच्चों के दसियों हजार नाइटवियर सेट वापस मंगाए हैं। वहीं, माल्टा की उपभोक्ता परिषद ने भारी धातुओं की अधिक मात्रा वाले जूते हटाने का आदेश दिया है।
ये निष्कर्ष समस्या के वैश्विक स्वरूप को रेखांकित करते हैं। शीइन और टेमू का कारोबार बढ़ने के साथ, कमजोर नियमन वाली आपूर्ति शृंखलाओं और ढीले सुरक्षा मानकों से जुड़े जोखिम दुनिया भर के लिए चिंता का विषय बन रहे हैं।
ये प्लेटफॉर्म इतने लोकप्रिय क्यों हैं?
शीइन और टेमू ने फैशनेबल, कम कीमत वाले उत्पादों की विशाल श्रृंखला पेश करके और आक्रामक मार्केटिंग के जरिए तेज़ी से विस्तार किया है। फ्लैश सेल, उलटी गिनती वाले टाइमर और खेल जैसी खरीदारी सुविधाएं लोगों को बिना सोचे खरीदारी करने और बार-बार लौटने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। उनका कारोबार मॉडल चीन की फैक्ट्रियों से सीधे उपभोक्ताओं तक सामान भेजने पर आधारित है, जिससे पारंपरिक खुदरा माध्यमों और सीमा शुल्क जांच से बचा जा सकता है।
हालांकि, इस मॉडल में अलग-अलग उत्पादों की उत्पत्ति और सुरक्षा का पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है। कई वस्तुएं ऐसे छोटे, गुमनाम आपूर्तिकर्ताओं से बनवाई जाती हैं जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन न करें। कई उत्पादों के लिए EU में जिम्मेदार पक्ष का न होना नियमों का पालन कराने और जवाबदेही तय करने को और कठिन बना देता है।
स्वास्थ्य और पर्यावरणीय जोखिम: उपभोक्ताओं को क्या जानना चाहिए
कपड़ों, खिलौनों और सौंदर्य प्रसाधनों में जहरीले रसायनों की मौजूदगी सिर्फ नियामकीय मुद्दा नहीं है; इससे स्वास्थ्य को वास्तविक खतरे हैं, खासकर बच्चों और संवेदनशील आबादी के लिए। थैलेट, सीसा और PFAS जैसे रसायन विकास और प्रजनन संबंधी नुकसान से लेकर कैंसर और प्रतिरक्षा प्रणाली में बाधा तक, कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकते हैं। ये पदार्थ पर्यावरण में लंबे समय तक बने रह सकते हैं और पानी तथा मिट्टी को दूषित कर सकते हैं। इन्हें धोने या रोजमर्रा के इस्तेमाल से हटाना भी संभव नहीं हो सकता।
विशेषज्ञ उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बाज़ारों से बेहद सस्ते उत्पाद खरीदते समय सावधानी बरतने की सलाह देते हैं, खासकर उन चीजों को लेकर जो सीधे त्वचा के संपर्क में आती हैं या बच्चों के लिए होती हैं। EU Ecolabel, OEKO-TEX या GOTS जैसे प्रमाणपत्र देखें, जो बेहतर सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों के पालन का संकेत देते हैं। EU के भीतर विश्वसनीय दुकानों से खरीदारी करना और अस्पष्ट स्रोत या अधूरी सुरक्षा जानकारी वाले उत्पादों से बचना भी जोखिम घटा सकता है।
उपभोक्ता सुरक्षा के एक पैरोकार ने कहा, "उपभोक्ताओं को समझना चाहिए कि सबसे कम कीमत अक्सर सुरक्षा और गुणवत्ता की कीमत पर मिलती है। सोच-समझकर चुनाव करना और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से अधिक जवाबदेही की मांग करना जरूरी है।"
उद्योग की प्रतिक्रिया और आगे की राह
शीइन और टेमू ने अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल बेहतर करने का वादा किया है, लेकिन खतरनाक उत्पादों का बार-बार मिलना बताता है कि स्वैच्छिक कदम पर्याप्त नहीं हैं। टॉय इंडस्ट्रीज़ ऑफ यूरोप (TIE) जैसे उद्योग संगठनों ने मांग की है कि जब उत्पाद सुरक्षा के लिए EU में कोई जिम्मेदार संचालक न हो, तो ऑनलाइन बाज़ारों को कानूनी रूप से जवाबदेह ठहराया जाए। TIE की जांच में टेमू से खरीदे गए 95% खिलौने EU के सुरक्षा नियमों पर खरे नहीं उतरे। इनमें से 19 में 18 बच्चों के लिए वास्तविक खतरा पैदा करते थे।
EU के प्रस्तावित सुधारों में सख्त सीमा शुल्क जांच, ऑनलाइन बाज़ारों की जवाबदेही और कर संबंधी खामियों को बंद करना शामिल है। ये कदम सीमापार ई-कॉमर्स के नियमन के तरीके में बड़ा बदलाव दर्शाते हैं। लागू होने पर, इनसे शीइन और टेमू जैसे प्लेटफॉर्म अपने कारोबार मॉडल में बदलाव करने, अनुपालन पर अधिक निवेश करने और बेचे जाने वाले उत्पादों की सुरक्षा की अधिक जिम्मेदारी लेने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
उपभोक्ताओं के लिए संदेश साफ है: ऑनलाइन खरीदारी की सुविधा और कम कीमतें आकर्षक हैं, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। नियामक प्राधिकरण, उपभोक्ता समूह और उद्योग निगरानी संगठन बाजार पर नजर रखते रहेंगे और मजबूत सुरक्षा के लिए दबाव बनाएंगे। फिर भी, जोखिम से बचाव में लोगों के अपने चुनाव और जागरूकता अहम भूमिका निभाते हैं।
सारांश
- EU ने शीइन और टेमू पर बिकने वाले खतरनाक सामान को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इनमें प्रतिबंधित या जहरीले रसायनों वाले खिलौने, कपड़े और सौंदर्य प्रसाधन शामिल हैं।
- जांच में सुरक्षा नियमों का व्यापक उल्लंघन मिला है। थैलेट, PFAS, सीसा और लिलियल जैसे पदार्थों की मात्रा कानूनी सीमा से अधिक पाई गई।
- दोनों प्लेटफॉर्म सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल होने का दावा करते हैं, लेकिन उपभोक्ता समूहों और नियामकों का कहना है कि उल्लंघनों के पैमाने को देखते हुए ये पर्याप्त नहीं हैं।
- EU शुल्क-मुक्त सीमा खत्म करने, हैंडलिंग शुल्क लगाने और असुरक्षित उत्पादों के लिए ऑनलाइन बाज़ारों को कानूनी रूप से जवाबदेह ठहराने समेत बड़े नियामकीय सुधारों पर विचार कर रहा है।
- दक्षिण कोरिया, अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका में भी ऐसी सुरक्षा चिंताएं सामने आई हैं, जो समस्या के वैश्विक स्वरूप को दिखाती हैं।
- उपभोक्ताओं को विश्वसनीय स्रोतों से खरीदारी करने, सुरक्षा प्रमाणपत्र देखने और ऑनलाइन बाज़ारों के बेहद सस्ते उत्पादों से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
- शीइन और टेमू की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर जारी बहस से वैश्विक ई-कॉमर्स नियमन और उपभोक्ता संरक्षण का भविष्य प्रभावित होने की संभावना है।






