2025 की गाओकाओ परीक्षा की सुरक्षा के लिए चीन ने एआई निगरानी और तकनीकी सख्ती लागू की

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2025 की गाओकाओ परीक्षा की सुरक्षा के लिए चीन ने एआई निगरानी और तकनीकी सख्ती लागू की

2025 की गाओकाओ परीक्षा की सुरक्षा के लिए चीन ने एआई निगरानी और तकनीकी सख्ती लागू की

चीन की राष्ट्रीय कॉलेज प्रवेश परीक्षा, जिसे गाओकाओ के नाम से जाना जाता है, 2025 में 1.335 करोड़ विद्यार्थियों के लिए जारी है। 7 से 10 जून तक चलने वाली इस बेहद अहम परीक्षा को चीनी हाई स्कूल के विद्यार्थियों के जीवन का निर्णायक पड़ाव माना जाता है। इसके नतीजे विश्वविद्यालयों में दाखिले तय करते हैं और भविष्य के अवसरों को आकार देते हैं। इस वर्ष अधिकारियों ने परीक्षा में निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व तकनीकी उपाय लागू किए हैं। इनमें रियल टाइम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) निगरानी और देशभर में उन एआई आधारित उपकरणों पर रोक शामिल है, जिनका इस्तेमाल नकल के लिए किया जा सकता है।

विषय-सूची
  1. 2025 की गाओकाओ परीक्षा की सुरक्षा के लिए चीन ने एआई निगरानी और तकनीकी सख्ती लागू की
  2. गाओकाओ इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
  3. एआई निगरानी: तकनीक कैसे बदल रही है परीक्षा की सुरक्षा
  4. नकल रोकने के लिए टेक कंपनियों ने एआई टूल अस्थायी रूप से बंद किए
  5. एआई से जुड़े घोटालों और धोखाधड़ी पर कार्रवाई
  6. विद्यार्थियों के लिए व्यापक सहायता
  7. व्यापक मायने: सुरक्षा, निष्पक्षता और निजता के बीच संतुलन
  8. संक्षेप में

गाओकाओ इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

गाओकाओ को अक्सर चीन की सबसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक परीक्षा कहा जाता है। अमेरिका जैसे देशों में विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए निबंध, पाठ्येतर गतिविधियों और वर्षों के शैक्षणिक रिकॉर्ड जैसे कई पहलुओं पर विचार किया जाता है। इसके उलट, चीन में विद्यार्थी विश्वविद्यालय में जगह पाने के लिए काफी हद तक गाओकाओ के अंकों पर निर्भर रहते हैं। कई लोगों के लिए, खासकर छोटे शहरों या कम आय वाले परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए, यह परीक्षा सामाजिक समानता को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम और बेहतर सामाजिक-आर्थिक स्थिति पाने का दुर्लभ अवसर है।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, 2023 तक चीन के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 4.7 करोड़ से अधिक विद्यार्थी नामांकित थे। यह उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने की देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पिछले वर्ष की तुलना में परीक्षार्थियों की संख्या में 70,000 की मामूली कमी के बावजूद, 2025 की गाओकाओ बड़े पैमाने पर आयोजन और सामाजिक भागीदारी वाला अभियान बनी हुई है। परीक्षार्थियों की मदद के लिए परिवार, स्कूल और स्थानीय सरकारें देशभर में जुटी हैं।

एआई निगरानी: तकनीक कैसे बदल रही है परीक्षा की सुरक्षा

नकल के बदलते तरीकों से निपटने के लिए चीनी अधिकारियों ने जिआंग्शी, हुबेई, गुआंगदोंग और लियाओनिंग समेत कई प्रांतों के परीक्षा केंद्रों में उन्नत एआई आधारित निगरानी प्रणाली शुरू की है। ये प्रणालियां कंप्यूटर विजन और व्यवहार पहचान एल्गोरिदम की मदद से परीक्षा कक्षों पर रियल टाइम नजर रखती हैं। फुसफुसाने, इधर-उधर देखने, वस्तुएं पास करने या प्रतिबंधित उपकरणों के इस्तेमाल जैसी संदिग्ध गतिविधियों को ये अपने आप चिह्नित करती हैं।

उदाहरण के लिए, लियाओनिंग के बेनशी में हर परीक्षा कक्ष में बुद्धिमान निगरानी प्रणाली लगाई गई है। यह विद्यार्थियों के अनुचित व्यवहार के साथ-साथ परीक्षा निरीक्षकों की असावधानी भी पकड़ सकती है। एआई असामान्य व्यवहार के 40 प्रकार तक पहचान सकता है। चिह्नित वीडियो की सटीकता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मानव पर्यवेक्षक समीक्षा करते हैं। गुआंगदोंग के हालिया परीक्षार्थी वांग तियानलोंग ने बताया:

एआई केवल मदद करता है। अंतिम फैसला मानव परीक्षा पर्यवेक्षकों के हाथ में ही रहता है।

इन उपायों के साथ परीक्षा केंद्र में प्रवेश के सख्त नियम भी लागू हैं। इनमें प्रतिरूपण रोकने के लिए चेहरे की पहचान, फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतली की स्कैनिंग शामिल है। सुरक्षा द्वारों को भी उन्नत किया गया है, ताकि छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का भी पता लगाया जा सके। राष्ट्रीय रेडियो प्राधिकरण बाहरी संचार की कोशिशों को रोकने के लिए अनधिकृत वायरलेस संकेतों पर भी नजर रख रहे हैं।

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नकल रोकने के लिए टेक कंपनियों ने एआई टूल अस्थायी रूप से बंद किए

समन्वित कदम के तहत चीन की प्रमुख टेक कंपनियों—अलीबाबा, टेनसेंट, बाइटडांस और मूनशॉट समेत—ने परीक्षा अवधि के दौरान फोटो पहचान और सवालों के जवाब देने जैसी प्रमुख एआई सुविधाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। कियानवेन, डौबाओ, युआनबाओ और किमी जैसे लोकप्रिय एआई चैटबॉट अब संदेश दिखा रहे हैं कि परीक्षा में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ये सुविधाएं निलंबित हैं।

उद्योग-व्यापी यह रोक इस चिंता के जवाब में लगाई गई है कि विद्यार्थी परीक्षा के सवालों को रियल टाइम में हल करने के लिए एआई का इस्तेमाल कर सकते हैं। गाओकाओ की पूरी अवधि तक लागू रहने वाले इस निलंबन का व्यापक प्रचार किया गया है। इस पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी शिकायतें की हैं, क्योंकि वे असंबंधित असाइनमेंट के लिए इन टूल का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।

एआई से जुड़े घोटालों और धोखाधड़ी पर कार्रवाई

निगरानी और तकनीकी पाबंदियों के अलावा, अधिकारी एआई से जुड़े घोटालों में बढ़ोतरी पर भी कार्रवाई कर रहे हैं। कुछ ऑनलाइन विक्रेताओं और निजी शिक्षकों ने तथाकथित "एआई पूर्वानुमान" वाले मॉडल प्रश्नपत्रों का प्रचार किया है। उनका दावा है कि उन्नत मॉडल असली परीक्षा के सवालों का अनुमान लगा सकते हैं। विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता का फायदा उठाकर ये सामग्री अक्सर बढ़ी हुई कीमतों पर बेची जाती है।

हालांकि, शिक्षा विशेषज्ञों और एआई प्लेटफॉर्म ने इन दावों को महज प्रचार का हथकंडा बताया है। गाओकाओ के सवालों का अनुमान लगाने को कहे जाने पर प्रमुख एआई सेवाओं ने जवाब दिया कि परीक्षा सामग्री राज्य का गोपनीय रहस्य है और उस तक पहुंच संभव नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा परीक्षा संचालन समिति के सदस्य चेन झिवेन ने स्पष्ट किया:

ऐसा नहीं है कि एआई या जाने-माने शिक्षकों ने सवालों का सही अनुमान लगा लिया है; गाओकाओ के प्रश्नपत्र एक तय ढर्रे पर चलते हैं।

अधिकारियों ने परीक्षा से जुड़ी अवैध और भ्रामक जानकारी की जांच कर उसे हटाने के लिए अभियान शुरू किए हैं। इनके निशाने पर एआई आधारित सवालों के अनुमान वाले घोटालों के साथ अफवाहें, लीक हुए सवाल और संगठित नकल भी हैं।

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विद्यार्थियों के लिए व्यापक सहायता

परीक्षार्थियों पर भारी दबाव को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय और स्थानीय सरकारों ने कई तरह की सहायता के उपाय लागू किए हैं। इनमें मुफ्त परिवहन, मनोवैज्ञानिक परामर्श और दिव्यांगता वाले 14,000 से अधिक विद्यार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं शामिल हैं, जैसे ब्रेल प्रश्नपत्र और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए अलग परीक्षा कक्ष।

समुदायों ने भी शांत माहौल बनाने के लिए मिलकर प्रयास किए हैं: कार्यक्रम और सार्वजनिक आयोजन स्थगित किए गए हैं, समय पर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यातायात का प्रबंधन किया जा रहा है और परीक्षा केंद्रों के आसपास शांत क्षेत्र बनाए गए हैं। कुछ शहरों में विद्यार्थियों को मुफ्त टैक्सी सेवा या मौके पर चिकित्सा सहायता मिल रही है। ये कदम परीक्षा को सुचारु और निष्पक्ष बनाने की साझा प्रतिबद्धता दिखाते हैं।

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व्यापक मायने: सुरक्षा, निष्पक्षता और निजता के बीच संतुलन

गाओकाओ के दौरान एआई निगरानी लागू करना और एआई टूल निलंबित करना, शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाओं और चुनौतियों दोनों को उजागर करता है। परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इन उपायों को व्यापक रूप से जरूरी माना जा रहा है, लेकिन इनसे निजता, निगरानी की सीमाओं और विद्यार्थियों तथा तकनीक के बदलते रिश्ते को लेकर सवाल भी उठते हैं।

चीन का तरीका अमेरिका जैसे देशों से अलग है, जहां परीक्षाओं पर केंद्रीकृत नियंत्रण कम है और एआई टूल पर देशव्यापी रोक जैसा कोई कदम नहीं उठाया गया है। एआई के दुनिया भर में शिक्षा को नया रूप देने के साथ, गाओकाओ इस बात का उदाहरण है कि निष्पक्षता और सभी विद्यार्थियों के लिए अवसर बनाए रखते हुए सरकारें और संस्थान नए जोखिमों से कैसे निपट सकते हैं।

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संक्षेप में

  • चीन की अहम राष्ट्रीय कॉलेज प्रवेश परीक्षा, 2025 की गाओकाओ में 1.335 करोड़ विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं।
  • नकल का पता लगाने और उसे रोकने के लिए अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों में रियल टाइम एआई निगरानी शुरू की है।
  • प्रमुख टेक कंपनियों ने परीक्षा अवधि के दौरान फोटो पहचान जैसी एआई सुविधाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।
  • कार्रवाई का लक्ष्य नकल के साथ-साथ एआई से जुड़े घोटाले और धोखाधड़ी वाली "पूर्वानुमान" सेवाएं भी हैं।
  • दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष सुविधाओं और मनोवैज्ञानिक परामर्श समेत व्यापक सहायता के उपाय लागू हैं।
  • ये उपाय शिक्षा में निष्पक्षता और विश्वसनीयता के प्रति चीन की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, साथ ही तकनीक और निजता को लेकर अहम सवाल भी उठाते हैं।
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