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चीन और आसियान ने CAFTA 3.0 को अंतिम रूप दिया: क्षेत्रीय व्यापार के लिए इसका क्या मतलब है?
चीन और दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) ने उन्नत चीन-आसियान मुक्त व्यापार क्षेत्र, जिसे CAFTA 3.0 के नाम से जाना जाता है, पर बातचीत पूरी कर ली है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने 20 मई, 2025 को इस अहम पड़ाव की घोषणा की। यह वैश्विक स्तर पर बढ़ते संरक्षणवाद और व्यापारिक तनाव के माहौल के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करने और बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। CAFTA 3.0, 2010 में शुरू हुई और 2019 में उन्नत की गई साझेदारी का नवीनतम रूप है। नए समझौते में नौ अतिरिक्त अध्याय शामिल हैं, जिनसे डिजिटल अर्थव्यवस्था, हरित अर्थव्यवस्था और आपूर्ति शृंखला संपर्क जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग का दायरा बढ़ेगा। प्रोटोकॉल पर औपचारिक हस्ताक्षर साल के अंत से पहले होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्रीय एकीकरण के नए दौर का मार्ग प्रशस्त होगा।CAFTA 3.0 क्यों अहम है?
CAFTA 3.0 पर बातचीत ऐसे समय पूरी हुई है, जब बढ़ते टैरिफ युद्धों और एकतरफा व्यापार प्रतिबंधों, खासकर अमेरिका और चीन के बीच, के कारण वैश्विक व्यापार दबाव में है। इस संदर्भ में, यह समझौता खुले बाजारों और बहुपक्षीय सहयोग के पक्ष में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है। इंडोनेशिया के विदेश मामलों के पूर्व उपमंत्री डिनो पट्टी जलाल ने इस घटनाक्रम को “वैश्विक आर्थिक सहयोग के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि” बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता दिखाता है कि चीन और आसियान संरक्षणवादी रुझानों का मुकाबला करने के लिए किस तरह साथ काम कर सकते हैं और दुनिया के सामने एक मिसाल पेश कर सकते हैं। चीन लगातार 16 वर्षों से आसियान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है, जबकि पिछले पांच वर्षों से आसियान चीन का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2025 की पहली तिमाही में ही द्विपक्षीय व्यापार 234 अरब डॉलर तक पहुंच गया। उम्मीद है कि उन्नत समझौता बाधाओं को कम करके और सहयोग के नए क्षेत्र विकसित करके इन आंकड़ों को और बढ़ावा देगा।विज्ञापन
CAFTA 3.0 में क्या नया है?
CAFTA 3.0 पारंपरिक शुल्क कटौती से आगे जाता है। इसके नौ नए अध्यायों में ये मुद्दे शामिल हैं:- डिजिटल अर्थव्यवस्था: ई-कॉमर्स नियमों में सामंजस्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना।
- हरित अर्थव्यवस्था: नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और सतत विकास को समर्थन देना।
- आपूर्ति शृंखला संपर्क: क्षेत्रीय उत्पादन नेटवर्क का एकीकरण और उनकी मजबूती बढ़ाना।
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क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव
CAFTA 3.0 पर बातचीत का समापन केवल एक क्षेत्रीय घटना नहीं है, इसके वैश्विक मायने भी हैं। आबादी के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े मुक्त व्यापार क्षेत्र के रूप में चीन और आसियान मिलकर वैश्विक आबादी का एक-चौथाई और वैश्विक जीडीपी का पांचवां हिस्सा हैं। बहुपक्षवाद के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, दुनिया के अन्य हिस्सों में एकतरफावाद और संरक्षणवाद के बढ़ते रुझान से अलग है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह समझौता “क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार में अधिक निश्चितता लाता है और देशों के लिए खुलेपन, समावेशिता तथा पारस्परिक लाभ वाले सहयोग के सिद्धांतों का पालन करने में अग्रणी और अनुकरणीय भूमिका निभाता है।” यह समझौता क्षेत्र में व्यापक आर्थिक एकीकरण और मजबूती बढ़ाने की कोशिशों, जैसे क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP), के अनुरूप भी है। टैरिफ और भू-राजनीतिक तनावों से वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में व्यवधान के बीच, CAFTA 3.0 से व्यापार प्रवाह को स्थिर करने और आर्थिक विकास को समर्थन मिलने की उम्मीद है।विज्ञापन
चुनौतियां और अगले कदम
समझौता महत्वाकांक्षी है, लेकिन चुनौतियां बरकरार हैं। आसियान देशों के बीच डिजिटल बुनियादी ढांचे और नियामक ढांचों में अंतर है। “डिजिटल खाई” को पाटने के लिए लगातार प्रयास करने होंगे। मानकों में सामंजस्य, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं में सुधार और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना CAFTA 3.0 की सफलता के लिए अहम है। इन मुद्दों से निपटने के लिए, कुआलालंपुर के इकोनॉमिक क्लब जैसे संगठन लघु और मध्यम उद्यमों के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने, मार्गदर्शन के लिए डिजिटल उपकरण विकसित करने और सार्वजनिक-निजी साझेदारियों को बढ़ावा देने की योजना बना रहे हैं। हरित प्रौद्योगिकी में निवेश के लिए वित्तीय सहायता और ज्ञान साझा करने को भी प्राथमिकता दी जाएगी।विज्ञापन
संक्षेप में
- चीन और आसियान ने CAFTA 3.0 पर बातचीत पूरी कर ली है। इस उन्नत मुक्त व्यापार समझौते में डिजिटल और हरित अर्थव्यवस्थाओं पर नए अध्याय शामिल हैं।
- वैश्विक संरक्षणवाद और टैरिफ युद्धों के बीच यह समझौता बहुपक्षवाद और मुक्त व्यापार के प्रति मजबूत समर्थन जताता है।
- CAFTA 3.0 का लक्ष्य आर्थिक एकीकरण को गहरा करना, आपूर्ति शृंखला संपर्क बढ़ाना और क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देना है।
- मानकों में सामंजस्य और डिजिटल खाई को पाटने जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन यह समझौता एशिया के आर्थिक भविष्य के लिए एक रूपरेखा पेश करता है।
- CAFTA 3.0 पर औपचारिक हस्ताक्षर 2025 के अंत तक होने की उम्मीद है। इसके क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार स्थिरता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकते हैं।






