विश्व नंबर 1 ने 37 मिनट में शर्मा को फिर हराया
एन से-यंग ने अपनी जीत का सिलसिला 47 मैचों तक बढ़ाया और 22 अक्टूबर, 2026 को महिला एकल के प्री-क्वार्टर फाइनल में भारत की तन्वी शर्मा को 21-11, 21-14 से हराकर लगातार तीसरा फ्रेंच ओपन खिताब जीतने से तीन जीत दूर रह गईं।
विषय-सूची
- विश्व नंबर 1 ने 37 मिनट में शर्मा को फिर हराया
- शर्मा की तेज शुरुआत का एन ने तुरंत दिया जवाब
- दूसरे गेम में 15-14 पर बदला मुकाबले का रुख
- पांच दिनों में दो मुकाबलों ने अंतर दिखाया
- शुल्ज़ पर जीत से शुरुआती दौर के मुकाबले रहे छोटे
- क्वार्टर फाइनल में हान से मुकाबला
- डेनमार्क के मुकाबले के बाद यामागुची से फिर भिड़ंत की संभावना
- फ्रेंच खिताब से इस सीजन की संख्या 10 होगी
- अन्य मुकाबलों के बीच भारत की शेट्टी से भी उम्मीद खत्म
- मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर 1 खिलाड़ी ने पेरिस के पास एरिना ग्रैंड पेरिस में 37 मिनट में जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। बीडब्ल्यूएफ के आधिकारिक नतीजे पुष्टि करते हैं कि शीर्ष वरीय खिलाड़ी ने 22 अक्टूबर को 37 मिनट में शर्मा को 21-11, 21-14 से हराया। इस सीजन में उनका रिकॉर्ड अब 63 जीत और एक हार का है। 64 मैचों में उनकी जीत का प्रतिशत लगभग 98.4% है।
24वीं रैंकिंग वाली शर्मा का पांच दिन पहले डेनमार्क ओपन के क्वार्टर फाइनल में भी एन से सामना हुआ था। फ्रांस में भारतीय खिलाड़ी ने दोनों गेम में शुरुआती बढ़त बनाई, लेकिन एन ने हर बार वापसी की। उन्होंने धैर्यपूर्ण डिफेंस और कोर्ट के कोनों में हमलों से मुकाबले पर नियंत्रण किया।
यह जीत उन खबरों के बीच आई कि डेनमार्क ओपन फाइनल के बाद एन को एड़ी की अकिलीज़ टेंडन में दर्द हो रहा था। इसके बावजूद उन्होंने फ्रांस में लगातार दूसरी जीत बिना कोई गेम गंवाए दर्ज की और इस सीजन का 10वां खिताब जीतने की राह पर बनी रहीं।
एन की अपनी टिप्पणियों से चोट के बारे में जानकारी मिली: डेनमार्क ओपन फाइनल के दौरान वह फिसल गई थीं और उन्होंने दाहिनी अकिलीज़ टेंडन में दर्द की शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि अब भी असहजता और खिंचाव महसूस हो रहा है, हालांकि दर्द गंभीर नहीं है, और वह ठीक होने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।
एन ने कहा कि डेनमार्क ओपन का कोर्ट फिसलन भरा था और अन्य खिलाड़ियों ने भी ऐसा बताया था। उन्होंने अफसोस जताया कि अंपायर ने कोर्ट पोंछने का उनका अनुरोध ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि फैसले का सम्मान करते हुए भी, चोट से सीधे जुड़े मामलों में अधिक नरम रुख अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका लक्ष्य बिना चोटिल हुए टूर्नामेंट पूरा करना है।
अब एन का सामना चीन की हान यू से होगा, जिन्होंने डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट को हराया। एक और जीत से सेमीफाइनल में जापान की अकाने यामागुची से मुकाबला हो सकता है, जिन्हें उन्होंने डेनमार्क फाइनल में हराया था।
शर्मा की तेज शुरुआत का एन ने तुरंत दिया जवाब
शर्मा ने शीर्ष वरीय खिलाड़ी पर तुरंत दबाव बनाया। लगातार चार अंक लेकर उन्होंने शुरुआती गेम में 5-1 की बढ़त बना ली। 2008 में जन्मी खिलाड़ी को टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार को शुरुआती झटका देने का मौका मिला।
एन ने लगातार पांच अंक लेकर 6-5 की बढ़त हासिल की। मध्यांतर तक, जो अग्रणी खिलाड़ी के 11 अंक पर पहुंचने पर होता है, वह 11-8 से आगे थीं। शर्मा की शुरुआती तेजी ने एन को जवाब देने पर मजबूर किया, लेकिन ब्रेक से पहले ही एन स्कोर पलट चुकी थीं।
इसके बाद एन ने मुश्किल शॉट लौटाकर, गलतियां करवाकर और अलग-अलग कोनों में हमले करके बढ़त और बढ़ाई। मध्यांतर के बाद शर्मा केवल तीन और अंक जुटा सकीं और एन ने गेम 21-11 से अपने नाम किया।
पहले गेम से साफ हुआ कि शर्मा के लिए शुरुआती बढ़त बनाए रखना क्यों मुश्किल था। आगे निकलने के लिए कुछ सफल हमले काफी थे, लेकिन बढ़त कायम रखने के लिए एन के डिफेंस को बार-बार भेदना और उनके जवाबी शॉट के दौरान पूरे कोर्ट को कवर करना जरूरी था।
दूसरे गेम में 15-14 पर बदला मुकाबले का रुख
दूसरे गेम में भी शर्मा ने मजबूत शुरुआत करते हुए पहले तीन अंक जीते और बाद में 9-5 की बढ़त बनाई। नेट के ठीक ऊपर से जाने वाले उनके ड्रॉप शॉट और तेज तिरछे हमलों ने एन को पिछड़ने के बाद वापसी के लिए मेहनत करने पर मजबूर किया।
एन ने लगातार पांच अंक लेकर जवाब दिया। उन्होंने रैलियां लंबी कीं और शर्मा के हमलों को लौटाती रहीं। आखिरकार मध्यांतर तक उन्होंने 11-10 की बढ़त बना ली। पहले गेम के मुकाबले अंतर काफी कम था और खेल दोबारा शुरू होने के बाद भी शर्मा करीब बनी रहीं।
15-14 पर एन केवल एक अंक से आगे थीं। फिर उन्होंने लगातार पांच अंक लेकर स्कोर 20-14 किया और मैच पॉइंट हासिल किया। शर्मा का आखिरी शॉट कोर्ट के बाहर गिरा, जिससे एन को अंतिम अंक और 21-14 की जीत मिली।
बैडमिंटन एकल मुकाबले तीन में से सर्वश्रेष्ठ गेम के आधार पर खेले जाते हैं, इसलिए पहले दो गेम जीतने के साथ ही मुकाबला समाप्त हो गया। एन के निर्णायक समापन का यह मतलब भी था कि उन्हें तीसरा गेम नहीं खेलना पड़ा, जबकि उनकी शारीरिक स्थिति पर ध्यान दिया जा रहा था।
पांच दिनों में दो मुकाबलों ने अंतर दिखाया
फ्रेंच ओपन मुकाबले से पांच दिन पहले डेनमार्क ओपन क्वार्टर फाइनल में एन ने शर्मा को 21-15, 21-13 से हराया था। दोनों मुकाबलों में एन ने चारों गेम जीते, हालांकि पेरिस में शर्मा ने शुरुआती दौर में फिर उन्हें परेशान किया।
दोनों मैचों के कुल अंक तुलना के लिए उपयोगी हैं। शर्मा ने डेनमार्क में 28 और फ्रांस में 25 अंक जुटाए, जबकि एन ने दोनों मैचों में 42-42 अंक बनाए। शर्मा ने दोनों गेम में बढ़त हासिल की थी, फिर भी अंकों के लिहाज से फ्रांस का नतीजा थोड़ा अधिक एकतरफा रहा।
शर्मा के आक्रामक खेल ने उन्हें मौके दिए, खासकर तब जब उनके ड्रॉप शॉट और तिरछे शॉट ने एन को पूरे कोर्ट में दौड़ाया। लेकिन मुकाबले का फैसला एन के लंबे समय तक नियंत्रण बनाए रखने से हुआ: उन्होंने हर गेम में चार अंकों से पिछड़ने के बाद वापसी की और अंत में अंकों की सबसे मजबूत बढ़त बनाई।
शर्मा के लिए इन दोनों टूर्नामेंटों में एक सप्ताह से भी कम समय में दुनिया की शीर्ष खिलाड़ी के सामने बार-बार खेलने का अनुभव रहा। उनका फ्रेंच ओपन अभियान अंतिम 16 में समाप्त हुआ, जबकि एन के पास इस सीजन के नौ खिताबों में एक और जोड़ने का मौका है।
शुल्ज़ पर जीत से शुरुआती दौर के मुकाबले रहे छोटे
एन ने फ्रेंच ओपन अभियान की शुरुआत डेनमार्क की 45वीं रैंकिंग वाली अमाली शुल्ज़ को अंतिम 32 में 21-6, 21-4 से हराकर की। यह मुकाबला 25 मिनट चला और शुल्ज़ दोनों गेम में कुल 10 अंक ही जुटा सकीं।
शर्मा के खिलाफ एन कोर्ट पर 12 मिनट अधिक रहीं और उन्होंने 25 अंक गंवाए। इस तरह उनके पहले दो मैच कुल 62 मिनट चले, जिनमें उन्होंने चार गेम जीते और एक भी नहीं गंवाया। डेनमार्क टूर्नामेंट के बाद खेलते हुए ये अपेक्षाकृत छोटे मुकाबले उनकी मौजूदा स्थिति की तस्वीर पेश करते हैं।
अकिलीज़ टेंडन पिंडली की मांसपेशियों को एड़ी से जोड़ती है और खिलाड़ी को धक्का देकर आगे बढ़ने, कूदने तथा दिशा बदलने में मदद करती है। बैडमिंटन में ये गतिविधियां अहम हैं, जहां खिलाड़ियों को बार-बार नेट, कोर्ट के किनारों और पिछले हिस्से के बीच जाना पड़ता है। किसी चिकित्सकीय जांच, ठीक होने की समय-सीमा या एन के खेलने के कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी नहीं दी गई।
यूरोप के इन दो टूर्नामेंटों में अब तक उनका सफर इस प्रकार रहा है:
- फ्रेंच ओपन के अंतिम 16 से पांच दिन पहले: एन ने डेनमार्क ओपन क्वार्टर फाइनल में शर्मा को 21-15, 21-13 से हराया।
- डेनमार्क ओपन फाइनल: एन ने यामागुची को 21-23, 21-14, 21-18 से हराकर खिताब बरकरार रखा।
- फ्रेंच ओपन का अंतिम 32: एन ने शुल्ज़ को 25 मिनट में 21-6, 21-4 से हराया।
- 22 अक्टूबर: एन ने शर्मा को 37 मिनट में 21-11, 21-14 से हराकर फ्रेंच ओपन क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
क्वार्टर फाइनल में हान से मुकाबला
नौवीं रैंकिंग और सातवीं वरीयता वाली हान यू ने 14वीं रैंकिंग की मिया ब्लिचफेल्ट को हराकर एन के खिलाफ मुकाबले में जगह बनाई। बीडब्ल्यूएफ के रिकॉर्ड के अनुसार हान ने 22 अक्टूबर को 52 मिनट में 11-21, 21-13, 21-8 से जीत दर्ज की। हान ने टूर्नामेंट की शुरुआत डेनमार्क की लाइन क्रिस्टोफरसेन को हराकर की थी।
ब्लिचफेल्ट ने मौजूदा यूरोपीय चैंपियन किर्स्टी गिल्मर को 21-9, 24-22 से हराया था। डेनमार्क की खिलाड़ी ने पहला गेम आसानी से जीता, लेकिन दूसरे में उन्हें अतिरिक्त अंक खेलने पड़े। 20-20 पर आम तौर पर गेम जीतने के लिए दो अंकों की बढ़त जरूरी होती है और अधिकतम स्कोर 30 होता है।
एन इस सीजन में हान और ब्लिचफेल्ट, दोनों को हरा चुकी हैं। नई दिल्ली में उन्होंने अंतिम 16 में ब्लिचफेल्ट और क्वार्टर फाइनल में हान को हराया था। अगले दौर में उनका सामना फिर ऐसी प्रतिद्वंद्वी से होगा जिसे उन्होंने इस साल पहले भी हराया है।
फिलहाल एन का लक्ष्य क्वार्टर फाइनल जीतना है। यामागुची के खिलाफ सेमीफाइनल तभी होगा जब दोनों खिलाड़ी आगे बढ़ेंगी। फ्रांस में तीसरी वरीयता प्राप्त और दूसरी रैंकिंग वाली यामागुची का अंतिम 16 में भारत की अश्मिता चालिहा से मुकाबला तय था।
डेनमार्क के मुकाबले के बाद यामागुची से फिर भिड़ंत की संभावना
डेनमार्क ओपन फाइनल में यामागुची को हराने के लिए एन को तीन गेम खेलने पड़े। पहला गेम 21-23 से गंवाने के बाद उन्होंने अगले दोनों गेम 21-14 और 21-18 से जीतकर उस टूर्नामेंट में लगातार दूसरा खिताब अपने नाम किया।
इस जीत के साथ यामागुची के खिलाफ एन की जीत का सिलसिला 10 मैचों तक पहुंच गया। हालांकि उनका हालिया फाइनल कड़ा मुकाबला था: यामागुची ने संघर्षपूर्ण पहला गेम जीता और निर्णायक गेम में भी तीन अंकों के भीतर रहीं।
डेनमार्क की जीत के साथ एन के करियर में खिताबों की संख्या कथित तौर पर 47 हो गई। साथ ही दावा किया गया कि उन्होंने महिला एकल में सर्वाधिक खिताब जीतने के मामले में इंडोनेशिया की सुसि सुसांति को पीछे छोड़ दिया। उनके लगातार 47 मैचों की जीत एक अलग आंकड़ा है, जो मौजूदा अपराजित सिलसिले को दर्शाता है, न कि जीते गए टूर्नामेंटों की संख्या को।
अगर फ्रेंच ओपन सेमीफाइनल में एन और यामागुची आमने-सामने आती हैं, तो डेनमार्क फाइनल के कुछ ही दिन बाद उनकी प्रतिद्वंद्विता फिर शुरू होगी। पहले एन को अपना क्वार्टर फाइनल जीतना होगा, जबकि यामागुची को भी अपने ड्रॉ में आगे बढ़ना होगा।
फ्रेंच खिताब से इस सीजन की संख्या 10 होगी
एन इस सीजन में नौ खिताब जीतकर फ्रांस पहुंची थीं। फ्रेंच ओपन जीतने पर उनके खिताबों की संख्या 10 हो जाएगी, डेनमार्क और फ्रांस में लगातार टूर्नामेंट जीत पूरी होगी और वह लगातार तीसरी बार फ्रेंच खिताब हासिल करेंगी।
उनका लक्ष्य 2025 में जीते गए 11 खिताबों की बराबरी करना है, जिसे एक सीजन में महिला एकल का रिकॉर्ड बताया गया है। फ्रांस में जीत उन्हें इस आंकड़े की बराबरी से एक खिताब दूर रखेगी। फ्रेंच ओपन के बाद दो और खिताब जीतने पर वह इस रिकॉर्ड से आगे निकल जाएंगी।
जापान के केंटो मोमोटा ने भी 2019 में एकल के 11 खिताब जीते थे, जो एन के सीजन की उपलब्धि के पैमाने का एक और उदाहरण है। नौ खिताब पहले ही जीत चुकीं एन अब बहुत कम खिलाड़ियों द्वारा हासिल किए गए आंकड़े तक पहुंचने की कोशिश में हैं, जबकि फ्रांस में अभी अंतिम तीन दौर बाकी हैं।
63-1 का मैच रिकॉर्ड उनकी निरंतरता का एक और पैमाना है। इस सीजन में 64 मैचों में उन्हें केवल एक बार हार मिली है और 47 जीतों का मौजूदा सिलसिला इन मैचों के लगभग तीन-चौथाई हिस्से में है। क्वार्टर फाइनल में जीत का सिलसिला और खिताबों की दौड़ दोनों जारी रहेंगे।
अन्य मुकाबलों के बीच भारत की शेट्टी से भी उम्मीद खत्म
शर्मा के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद, पुरुष एकल के अंतिम 16 में भारत के आयुष शेट्टी चोट के कारण मुकाबले से हट गए। टूर्नामेंट की कुल इनामी राशि 950,000 डॉलर है।
छठी वरीयता प्राप्त जापान के कोडाई नाराओका के खिलाफ 17-21, 6-11 से पिछड़ते हुए शेट्टी ने खेलना रोक दिया। उनकी चोट का कारण नहीं बताया गया। पहले मैच में साथी भारतीय किदांबी श्रीकांत को हराकर उन्होंने इस दौर में जगह बनाई थी।
उस दिन बाद में भारत के महिला एकल मुकाबले होने बाकी थे। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु का जापान की रिको गुंजी से और चालिहा का यामागुची से मुकाबला होना था।
चालिहा का मुकाबला एन के संभावित सेमीफाइनल की राह के लिए भी अहम था। एन और यामागुची का सामना अभी केवल संभावना था, पक्का मुकाबला नहीं, क्योंकि उन जगहों के लिए अन्य खिलाड़ी भी खेल रही थीं।
मुख्य बातें
- एन से-यंग ने तन्वी शर्मा को 37 मिनट में 21-11, 21-14 से हराकर फ्रेंच ओपन क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
- विश्व नंबर 1 ने जीत का सिलसिला 47 मैचों तक बढ़ाया और इस सीजन में अपना रिकॉर्ड 63-1 किया।
- एन ने दोनों गेम में शुरुआती पिछड़ने के बाद वापसी की और दूसरे गेम में 15-14 के स्कोर से अंतिम छह अंक लगातार जीते।
- हान यू क्वार्टर फाइनल में उनकी प्रतिद्वंद्वी होंगी। उन्होंने मिया ब्लिचफेल्ट को 52 मिनट में 11-21, 21-13, 21-8 से हराया। आगे अकाने यामागुची से दोबारा मुकाबला संभव है।
- फ्रेंच ओपन का खिताब एन का इस टूर्नामेंट में लगातार तीसरा और इस सीजन का 10वां खिताब होगा।
- भारत के आयुष शेट्टी कोडाई नाराओका के खिलाफ चोट के कारण हट गए, जबकि पीवी सिंधु और अश्मिता चालिहा के मुकाबले उस दिन बाद में होने थे।






