सोन ह्युंग-मिन के गोल और दो असिस्ट से LAFC ने ऑस्टिन को हराया, MLS असिस्ट सूची में शीर्ष पर पहुंचे

पढ़ने में 12 मिनट
Son Heung-min's Goal and Two Assists Lift LAFC Past Austin and Into MLS Assist Lead

तीन गोल, एक निर्णायक साझेदारी

सोन ह्युंग-मिन ने दो असिस्ट दिए और 72वें मिनट में गोल किया, जिससे लॉस एंजिलिस FC ने 14 अक्टूबर को BMO स्टेडियम में ऑस्टिन FC को 3-1 से हराया। इस जीत के साथ MLS में लगातार चार मैचों से जीत का इंतजार खत्म हुआ और अंतरिम कोच ज़ावी तामारित को टीम की कमान संभालने के बाद लीग में पहली जीत मिली।

विषय-सूची
  1. तीन गोल, एक निर्णायक साझेदारी
  2. पहले हाफ में मौके मिले, गोल नहीं
  3. बौआंगा की मूवमेंट से खुला मैच
  4. ऑस्टिन की बराबरी सिर्फ एक मिनट टिक सकी
  5. शैफेलबर्ग ने सोन के गोल में मदद की
  6. ऑस्टिन के पास ज्यादा कब्जा, मौके कम
  7. तामारित के लिए जरूरी जीत
  8. सोन की रचनात्मकता गोल जितनी ही अहम
  9. अगला मुकाबला न्यूयॉर्क में
  10. मुख्य बातें

डेनिस बौआंगा ने 52वें और 67वें मिनट में गोल किए और फिर सोन के गोल का मौका बनाने में मदद की। इस तरह दोनों हमलावरों ने LAFC के तीनों गोल में योगदान दिया। घोषित 22,180 दर्शकों के सामने मिली इस जीत से LAFC के 45 अंक हो गए और टीम वेस्टर्न कॉन्फ्रेंस में छठे स्थान पर बनी रही।

सोन के दो असिस्ट के साथ MLS सीज़न में उनके असिस्ट की संख्या 15 हो गई। वह इंटर मियामी के लियोनेल मेसी और 14 असिस्ट वाले अन्य खिलाड़ियों से आगे निकल गए। इस सीज़न में लीग में उनका गोल आम तौर पर सातवां और सभी प्रतियोगिताओं में नौवां दर्ज किया गया, जिसमें CONCACAF चैंपियंस कप के दो गोल भी शामिल हैं। हालांकि, मैच की एक रिपोर्ट में लीग गोल को उनका छठा गोल बताया गया।

ऑस्टिन FC के आधिकारिक मैच सारांश में बौआंगा के दोनों गोल पर सोन के असिस्ट की पुष्टि की गई है। सोन के गोल के लिए जैकब शैफेलबर्ग और बौआंगा को असिस्ट दिया गया है। ब्रैंडन वाज़क्वेज़ ने ऑस्टिन के लिए 66वें मिनट में बराबरी का गोल किया, न कि 65वें मिनट में, जैसा कुछ विवरणों में दिया गया है।

LAFC के लिए शाम का सबसे अहम पहलू बराबरी का गोल खाने के बाद टीम की प्रतिक्रिया रही। एक ही मिनट के भीतर बौआंगा ने फिर बढ़त दिला दी। ऑस्टिन के बराबरी करने के छह मिनट बाद सोन ने बढ़त दो गोल की कर दी और मैच के संभावित रूप से तनावपूर्ण आखिरी दौर को काफी आसान बना दिया।

पहले हाफ में मौके मिले, गोल नहीं

तामारित ने 4-2-3-1 की संरचना में बौआंगा को सेंटर फॉरवर्ड और सोन को उनके पीछे रखा। इस फॉर्मेशन में चार डिफेंडरों के आगे दो केंद्रीय मिडफील्डर होते हैं और अकेले स्ट्राइकर की मदद के लिए तीन आक्रामक खिलाड़ी रहते हैं। आर्मिंडो सिएब और फिनलैंड के हमलावर लियो वाल्टा ने सोन के दोनों ओर की जगह संभाली।

LAFC के लिए पहली बार शुरुआती एकादश में खेल रहे वाल्टा ने हाफटाइम से पहले कुछ सबसे साफ आक्रामक मौके बनाए। 21वें मिनट में उनका शॉट क्रॉसबार से टकराया। बाद में उनके क्रॉस पर बौआंगा को हेडर से मौका मिला, लेकिन गेंद बाहर चली गई।

सोन को भी गोल किए बिना दो मौके मिले। 37वें मिनट में उन्होंने सर्गी पालेंसिया के क्रॉस को हेडर से गोल की ओर मोड़ा, लेकिन निशाना चूक गया। इसके बाद हाफ के अंत के करीब उनका दाएं पैर से लगाया शॉट ब्लॉक कर दिया गया। उसके बाद मिले कॉर्नर पर रयान पोर्टियस का हेडर गोल के ऊपर से निकल गया।

पहले हाफ में LAFC ने 13 शॉट लगाए, जिनमें से केवल तीन निशाने पर थे। सोन के पास 86% पास सटीकता और 27 टच रहे, लेकिन ऑस्टिन के पेनल्टी एरिया के भीतर उनका केवल एक टच था। ये आंकड़े निराशा की वजह समझाते हैं: LAFC लगातार शॉट लगा रहा था, लेकिन सोन को गोल के करीब बहुत कम मौके मिले।

इस दबाव के बावजूद ऑस्टिन हाफटाइम तक 0-0 पर बना रहा। सीज़न के पहले हिस्से में ऑस्टिन में दोनों टीमों के बीच गोलरहित मुकाबले को मिलाकर, उन्होंने एक-दूसरे के खिलाफ लगातार तीन हाफ बिना गोल के खेले थे।

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बौआंगा की मूवमेंट से खुला मैच

हाफटाइम के बाद बौआंगा अपनी पसंदीदा बाईं ओर की पोजिशन में आ गए, जिससे LAFC के आक्रमण का ढांचा बदल गया। अब सोन पेनल्टी एरिया में दौड़ लगा सकते थे, जबकि बौआंगा डिफेंस में जगह तलाश रहे थे। वह केंद्रीय स्ट्राइकर की जगह पर स्थिर नहीं थे।

गोल की शुरुआत ऑस्टिन के हाफ में गहरे दबाव से हुई। पोर्टियस ने कमजोर क्लीयरेंस को हेडर से मार्क डेलगाडो की ओर भेजा। डेलगाडो ने गेंद पेनल्टी एरिया के दाईं ओर सोन के लिए खाली जगह में डाल दी।

तीन डिफेंडरों के दबाव में सोन ने गेंद पर नियंत्रण रखा। गेंद बौआंगा तक पहुंची तो उन्होंने नजदीक से दाएं पैर से गोल कर दिया। आधिकारिक रिकॉर्ड में इस गोल का असिस्ट सोन को दिया गया, जो लीग सीज़न में उनका 14वां असिस्ट था।

बौआंगा का यह लीग सीज़न का 16वां गोल था। दो मिनट बाद सोन ने उन्हें एक और शॉट का मौका दिया, लेकिन ऑस्टिन के गोलकीपर ब्रैड स्टूवर ने बचाव कर लिया। हाफटाइम से पहले की तुलना में LAFC के दोनों प्रमुख हमलावर अब खतरनाक जगहों पर कहीं अधिक बार एक-दूसरे से जुड़ रहे थे।

ऑस्टिन की बराबरी सिर्फ एक मिनट टिक सकी

ऑस्टिन ने अपने दबाव से मैच में वापसी का रास्ता बनाया। डिफेंस से गेंद बाहर निकालने की कोशिश में आरोन लॉन्ग ने गेंद गंवा दी। इसके बाद मायर्टो उज़ुनी ने वाज़क्वेज़ को पास दिया, जिन्होंने 66वें मिनट में ह्यूगो लोरिस को छकाकर गोल किया।

इस मूव से पता चला कि अपनी ही टीम के गोल के पास से हमले बनाने में कितना जोखिम है। वहां विरोधी गेंद छीन लें तो शॉट का सामना करने से पहले बचाव करने वाली टीम को संभलने का बहुत कम समय मिलता है। मैच के अधिकांश हिस्से में LAFC के हमले का सामना करने के बावजूद ऑस्टिन ने इस मौके को बराबरी के गोल में बदल दिया।

सोन ने तुरंत LAFC को फिर नियंत्रण दिलाने में मदद की। गोलकीपर स्टूवर गेंद क्लीयर करने की कोशिश कर रहे थे, तभी सोन ने उन पर दबाव बनाया। किक सोन के शरीर से टकराई और गेंद बौआंगा के पास जा गिरी। उन्होंने तुरंत निकट वाले पोस्ट के भीतर गेंद डालकर दूसरा गोल कर दिया।

आधिकारिक रिकॉर्ड में सोन को एक और असिस्ट दिया गया, जिससे उनकी संख्या 15 हो गई। इस बार यह पारंपरिक पास के बजाय दौड़कर दबाव बनाने से आया। बौआंगा का गोल लीग में उनका कुल 17वां था। 20 या उससे अधिक गोल वाला एक और सीज़न पूरा करने के लिए उन्हें अब तीन गोल और चाहिए।

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शैफेलबर्ग ने सोन के गोल में मदद की

63वें मिनट में जैकब शैफेलबर्ग ने सिएब की जगह ली और LAFC के हमले में नई तेजी जोड़ी। नौ मिनट बाद इस स्थानापन्न खिलाड़ी ने मैच का फैसला करने वाले मूव में मदद की।

बौआंगा के हेडर ने शैफेलबर्ग को गेंद दी और उन्होंने पेनल्टी एरिया में नीचे से पास भेजा। सोन ने बीच से दौड़ लगाते हुए सही समय पर गेंद तक पहुंचकर दाएं पैर से शॉट लगाया और उसे स्टूवर से आगे निकालकर स्कोर 3-1 कर दिया।

ऑस्टिन के आधिकारिक सारांश में इस गोल पर शैफेलबर्ग और बौआंगा, दोनों को असिस्ट दिया गया है। शैफेलबर्ग के सीज़न असिस्ट की संख्या करियर के सर्वश्रेष्ठ पांच पर पहुंच गई। बदलावों के रिकॉर्ड के मुताबिक रयान हॉलिंग्सहेड 78वें मिनट में मैदान पर आए, जबकि सोन के गोल के लिए पास शैफेलबर्ग ने दिया था।

78वें मिनट में सोन की जगह सर्जियो वास्केज़ मैदान पर आए। घरेलू दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। बौआंगा तीसरे गोल की तलाश में मैदान पर बने रहे, लेकिन LAFC ने और गोल नहीं किया।

मैच का निर्णायक दौर इस तरह रहा:

  • 52वां मिनट: सोन के असिस्ट पर बौआंगा ने गोल कर LAFC को बढ़त दिलाई।
  • 63वां मिनट: शैफेलबर्ग ने सिएब की जगह ली।
  • 66वां मिनट: उज़ुनी के असिस्ट पर वाज़क्वेज़ ने बराबरी का गोल किया।
  • 67वां मिनट: स्टूवर की क्लीयरेंस सोन से टकराने के बाद बौआंगा ने गोल कर फिर बढ़त दिलाई।
  • 72वां मिनट: बौआंगा और शैफेलबर्ग के मूव के बाद सोन ने गोल किया।
  • 78वां मिनट: LAFC के 3-1 से आगे रहते हुए सोन मैदान से बाहर गए।

ऑस्टिन के पास ज्यादा कब्जा, मौके कम

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पूरे मैच में ऑस्टिन के पास 59.3% समय गेंद का कब्जा रहा, जबकि LAFC के पास 40.7%। ऑस्टिन ने अधिक पास भी पूरे किए: उसने 606 पास की कोशिश की, जबकि LAFC ने 401।

इसके बावजूद शॉट के मामले में LAFC 28-13 से आगे रहा। गेंद पर कम समय तक कब्जा रखने के बावजूद उसने दोगुने से भी अधिक शॉट लगाए। यह अंतर मैच के केंद्रीय पैटर्न को दिखाता है: ऑस्टिन ने गेंद को इधर-उधर घुमाया, जबकि LAFC ने हमलों को गोल में बदलने के कहीं अधिक मौके बनाए।

स्टूवर ने 10 बचाव किए, जो उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ आंकड़े से एक कम था, जबकि लोरिस ने तीन बचाव किए। स्टूवर को लगातार व्यस्त रहना पड़ा और इससे ऑस्टिन मैच में बना रहा, खासकर हाफटाइम के बाद जब LAFC के हमलावर अपने मौकों को गोल में बदलने लगे।

इस मैच से पहले ऑस्टिन ने लीग के 28 मैचों में 51 गोल खाए थे, यानी हर मैच में औसतन करीब 1.8 गोल। वेस्टर्न कॉन्फ्रेंस में उसके खिलाफ खाए गए गोल की यह तीसरी सबसे बड़ी संख्या थी। LAFC को रोकने में उसकी मुश्किलों से यह रक्षात्मक कमजोरी फिर सामने आई।

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तामारित के लिए जरूरी जीत

LAFC ने मार्क डॉस सैंटोस को बर्खास्त करने के बाद तामारित को अस्थायी जिम्मेदारी सौंपी थी। ऑस्टिन के खिलाफ मिली जीत लीग में तीन अंक दिलाने वाली उनकी पहली जीत थी। इससे MLS में दो ड्रॉ और दो हार का सिलसिला भी खत्म हुआ।

LAFC का इससे पहले का लंबा दौर भी अच्छा नहीं रहा था: अगस्त की शुरुआत से लीग के 12 मैचों में यह उसकी केवल दूसरी जीत थी। पिछले सप्ताहांत शुरुआती समय में एक खिलाड़ी के बाहर होने के बाद 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही वैंकूवर की टीम के खिलाफ भी उसे 1-1 का ड्रॉ मिला था।

इस जीत के बाद LAFC का रिकॉर्ड 12 जीत, नौ ड्रॉ और नौ हार हो गया। लीग की अंक प्रणाली में जीत के तीन और ड्रॉ के एक अंक के हिसाब से टीम के 45 अंक हुए, जो किकऑफ से पहले 42 थे।

LAFC वेस्टर्न कॉन्फ्रेंस में छठे स्थान पर बनी रही और सिएटल से चार अंक आगे थी। घरेलू मैदान पर उसका रिकॉर्ड बेहतर होकर नौ जीत, तीन ड्रॉ और तीन हार का हो गया। इससे पता चलता है कि BMO स्टेडियम में मिले नतीजों ने टीम की स्थिति में कितनी अहम भूमिका निभाई है।

लगातार आठ मैचों तक अपराजित रहने के बाद दूसरी लगातार हार से ऑस्टिन के 31 अंक ही रहे। कुछ मैच रिपोर्टों में कॉन्फ्रेंस में उसकी स्थिति 13वीं, तो कुछ में 14वीं बताई गई। दोनों ही स्थितियों में नियमित सीज़न के अंतिम दौर में वह 15 टीमों वाली कॉन्फ्रेंस के निचले पायदानों के करीब थी।

सोन की रचनात्मकता गोल जितनी ही अहम

सोन के प्रदर्शन में उनके आक्रामक खेल के तीन अलग-अलग पहलू नजर आए: पहले गोल के लिए दबाव में गेंद पर नियंत्रण, दूसरे के लिए डटकर पीछा करना और तीसरे के लिए पेनल्टी एरिया में सही समय पर दौड़ लगाना।

लीग में उनके 15 असिस्ट उनके गोलों के साथ उनकी रचनात्मक भूमिका को भी दिखाते हैं। असिस्ट उस खिलाड़ी को मिलता है जो गोल बनाने में योगदान देता है। MLS में एक ही गोल के मूव पर एक से अधिक खिलाड़ियों को असिस्ट दिया जा सकता है, जैसा सोन के गोल पर बौआंगा और शैफेलबर्ग के मामले में हुआ।

ऑस्टिन के खिलाफ मैच से पहले लीग सीज़न में सोन के नाम 94 शॉट और 48 मौके बनाने का रिकॉर्ड था। बौआंगा ने गोल करने के साथ 52 मौके भी बनाए थे। ये आंकड़े ऐसी साझेदारी दिखाते हैं जिसमें दोनों खिलाड़ी हमले बनाने के साथ-साथ उन्हें गोल में बदलने में भी मदद करते हैं।

सोन अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के बाद लौटे थे। इस दौरान उन्होंने इक्वाडोर, उरुग्वे और उज़्बेकिस्तान के खिलाफ गोल किए थे। दक्षिण कोरिया के लिए उनके गोल की संख्या 59 हो गई, जिससे उन्होंने चा बुम-कुन के 58 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में देश के शीर्ष गोल स्कोरर का स्थान हासिल किया।

MLS में उनका पिछला गोल 20 सितंबर को सैन जोस के खिलाफ आया था। इस अंतराल में अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी के कारण डलास के खिलाफ मैच में उनकी गैरमौजूदगी भी शामिल थी। इसलिए कैलेंडर के हिसाब से गोल के लिए इंतजार, गोल किए बिना क्लब के मैचों की संख्या से लंबा था।

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अगला मुकाबला न्यूयॉर्क में

LAFC का अगला मैच शनिवार, 17 अक्टूबर को सिटी फील्ड में न्यूयॉर्क सिटी FC के खिलाफ निर्धारित था। उसी दिन ऑस्टिन को वैंकूवर की मेजबानी करनी थी। इस तरह लॉस एंजिलिस में बुधवार को हुए मुकाबले के बाद दोनों क्लबों के पास अगली तैयारी के लिए कम समय था।

इसके बाद LAFC के घरेलू मैच 25 अक्टूबर को LA गैलेक्सी और 1 नवंबर को मिनेसोटा यूनाइटेड के खिलाफ थे। नियमित सीज़न के आखिरी दिन, डिसीजन डे पर, टीम को सिएटल जाना था।

सिएटल के खिलाफ मुकाबले के कारण दोनों क्लबों के बीच चार अंकों का अंतर अहम हो जाता है। LAFC के आखिरी मैच तय करेंगे कि वह अपनी स्थिति बनाए रखती है या नीचे की टीमों का दबाव बढ़ता है। बेहतर स्थान हासिल करने से प्लेऑफ में उसकी जगह भी बेहतर हो सकती है।

अब तामारित के पास सफलता से भरे दूसरे हाफ को आगे बढ़ाने का मौका है: बौआंगा का बाईं ओर से जगह बनाना, सोन का बीच से आना और शैफेलबर्ग का बेंच से योगदान। ऑस्टिन के खिलाफ इन मूवमेंट ने गोलरहित पहले हाफ को तीन गोल और जरूरी जीत में बदल दिया।

मुख्य बातें

  • LAFC ने 14 अक्टूबर को BMO स्टेडियम में 22,180 दर्शकों के सामने ऑस्टिन FC को 3-1 से हराया।
  • सोन ने 52वें और 67वें मिनट में बौआंगा के गोल में असिस्ट दिया और फिर 72वें मिनट में गोल किया।
  • सोन के MLS असिस्ट की संख्या 15 हो गई। वह लियोनेल मेसी समेत 14 असिस्ट वाले खिलाड़ियों से आगे निकल गए।
  • ऑस्टिन के आधिकारिक रिकॉर्ड में सोन के गोल पर शैफेलबर्ग और बौआंगा को असिस्ट दिया गया है।
  • LAFC ने लीग में लगातार चार मैचों से जीत का इंतजार खत्म किया और 45 अंकों के साथ वेस्टर्न कॉन्फ्रेंस में छठे स्थान पर बनी रही।
  • यह अंतरिम कोच ज़ावी तामारित की टीम के प्रभारी के रूप में लीग में पहली जीत थी।
  • LAFC का अगला मैच 17 अक्टूबर को न्यूयॉर्क सिटी FC के खिलाफ उसके मैदान पर था।
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