भरोसे पर टिका आर्थिक सहारा
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के 2024 के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि थाईलैंड से घर पैसा भेजने वाले म्यांमार के 93 प्रतिशत प्रवासियों ने अनौपचारिक माध्यमों का इस्तेमाल किया। इनमें 60 प्रतिशत हुंडी दलालों के नेटवर्क पर निर्भर थे। ये आंकड़े म्यांमार के सैन्य अधिकारियों के सामने मौजूद चुनौती का पैमाना दिखाते हैं, जो विदेश में काम करने वालों से अपनी कमाई का कम से कम एक चौथाई आधिकारिक माध्यमों से भेजने की मांग कर रहे हैं।
विषय-सूची
- भरोसे पर टिका आर्थिक सहारा
- बिना नकदी भेजे हुंडी से मूल्य का हस्तांतरण कैसे होता है
- विनिमय दर का असर शुल्क से बड़ा हो सकता है
- औपचारिक सेवाओं तक पहुंच प्रवासन की स्थिति पर निर्भर
- कम वेतन और कर्ज से परिवारों को मिलने वाली रकम घटती है
- प्रेषण नियंत्रण पासपोर्ट और यात्रा तक पहुंचते हैं
- राज्य विदेशी मुद्रा में बड़ा हिस्सा चाहता है
- भरोसा शोषण का जोखिम खत्म नहीं करता
- प्रस्तावों में बैंकिंग के साथ दस्तावेज़ भी शामिल
- मुख्य बिंदु
पैसा पाने वाले परिवारों के लिए चुनाव विनिमय दर, पहुंच और भरोसे से जुड़ा है। फरवरी 2021 के तख्तापलट के बाद भागे प्रवासियों के लिए यह उस बैंकिंग व्यवस्था में विदेशी मुद्रा डालने से इनकार भी हो सकता है, जिस पर उनकी विरोधी सरकार का नियंत्रण है।
31 वर्षीय आंग पहले म्यांमार के बागो क्षेत्र में एक सरकारी बैंक में काम करते थे। अब वह अपने गांव के एक एजेंट के जरिए हर महीने अपनी मां और बहन को 3,000 से 5,000 बाट, यानी करीब 90 से 150 अमेरिकी डॉलर, भेजते हैं। अपनी पसंद की वजह बताते हुए उन्होंने कहा:
मैं अपने गांव के एजेंट का ही इस्तेमाल करता हूं। विनिमय दर बेहतर है और सेना को पैसा नहीं मिलता।
उन्होंने इस रिश्ते को निजी शब्दों में बयान किया:
मेरा एजेंट मेरे भाई जैसा है, मुझे उस पर 100 फीसदी भरोसा है।
उनका अनुभव बताता है कि केवल सस्ते डिजिटल हस्तांतरण से प्रवासियों को बैंकों की ओर लाना शायद संभव न हो। औपचारिक सेवाएं अधिक प्रतिस्पर्धी हुई हैं, लेकिन पहचान संबंधी शर्तें, जबरन सैन्य भर्ती का डर और म्यांमार के अधिकारियों पर अविश्वास अब भी लोगों के पैसे भेजने के तरीके तय करते हैं। फर्क इस बात में है कि रिश्तेदारों को आमदनी पाने में मदद की जाए या राज्य को विदेशी मुद्रा हासिल करने में। हुंडी इन दोनों उद्देश्यों को अलग रखती है, हालांकि इससे ग्राहक ऐसे दलालों पर निर्भर रहते हैं जिनकी विश्वसनीयता अलग-अलग हो सकती है।
बिना नकदी भेजे हुंडी से मूल्य का हस्तांतरण कैसे होता है
हुंडी एजेंटों के जरिए किए जाने वाले हस्तांतरण का एक तंत्र है, जिसमें एजेंट आपस में देनदारियों का निपटारा करते हैं। थाईलैंड से म्यांमार के मार्ग पर यह प्रवासी श्रमिकों की मजदूरी को सीधे व्यापारिक सामान के भुगतान से जोड़ सकता है, और इसके लिए उतनी ही नकदी का सीमा पार जाना जरूरी नहीं होता।
एजेंट माए सॉट और माए साई जैसी जगहों पर प्रवासियों से बाट लेते हैं। इस रकम से म्यांमार के आयातक जो सामान खरीदते हैं, उसके लिए थाई निर्यातकों को भुगतान किया जाता है। फिर आयातक म्यांमार के भीतर एजेंटों को उसके बराबर क्यात देते हैं, जो प्रवासियों के परिवारों को भुगतान करते हैं।
पैसा पाने वाले को स्थानीय मुद्रा मिलती है, निर्यातक को बाट और एजेंट अपने खातों का हिसाब बराबर करते हैं। म्यांमार के बैंकों और केंद्रीय बैंक के भंडार में संबंधित विदेशी मुद्रा आना जरूरी नहीं है। इससे समझ आता है कि कोई हस्तांतरण परिवार की मदद और आयात के वित्तपोषण में सहायक होते हुए भी राज्य के पसंदीदा बैंकिंग माध्यमों को दरकिनार कर सकता है।
आमतौर पर शुल्क 2 से 2.5 प्रतिशत तक होता है। यह नेटवर्क कुआलालंपुर के पुडू जिले और क्लांग घाटी के अन्य हिस्सों की दुकानों के जरिए मलेशिया में काम करने वाले प्रवासियों की भी सेवा करता है। जू नाम के एक प्रवासी ने बताया कि पैसे आमतौर पर एक दिन के भीतर पहुंच जाते थे। यह तेज़ी एक आकर्षण है, हालांकि यह एक व्यक्ति का अनुभव है, हर लेनदेन की गारंटी नहीं।
विनिमय दर का असर शुल्क से बड़ा हो सकता है
परिवार को मिलने वाली रकम हस्तांतरण शुल्क और विदेशी मुद्रा को क्यात में बदलने के लिए इस्तेमाल की गई दर, दोनों पर निर्भर करती है। रिपोर्टों के मुताबिक, हुंडी की दरें म्यांमार की करीब 2,100 क्यात प्रति अमेरिकी डॉलर की आधिकारिक दर से दोगुनी तक बेहतर हो सकती हैं।
थाईलैंड में काम करने वाले एक श्रमिक ने इससे अधिक विशिष्ट तुलना दी: बाजार दर पर एक बाट के 130 क्यात, जबकि सरकारी माध्यम से 63 क्यात। इन दरों पर 5,000 बाट के हस्तांतरण से बाजार दर पर 650,000 क्यात मिलेंगे, लेकिन कम दर पर सिर्फ 315,000 क्यात। शुल्क से पहले यह अंतर 335,000 क्यात का है, यानी बाजार मूल्य के आधे से कुछ अधिक।
अन्य रिपोर्टेड दरों से पता चलता है कि औपचारिक बाजार में एक जैसी दर नहीं है। बताया गया कि अधिकृत बैंकों ने दिसंबर से प्रति डॉलर 3,600 क्यात की दर दी, जबकि बाजार दर करीब 4,300 और केंद्रीय बैंक की आधिकारिक दर 2,100 थी। 4,300 के बजाय 3,600 की दर पर पाने वाले को शुल्क से पहले करीब 16 प्रतिशत कम क्यात मिलेंगे। डॉलर की इन दरों और श्रमिक की बाट वाली तुलना को एक ही तारीख का आंकड़ा नहीं मानना चाहिए।
डिजिटल वॉलेट का शुल्क घटकर हुंडी के लगभग 2.5 प्रतिशत शुल्क के करीब आ गया है, जबकि पहले बैंक शुल्क करीब 10 प्रतिशत तक था। कुछ बैंकों और वित्तीय प्रौद्योगिकी सेवाओं की विनिमय दरें भी बाजार दरों के करीब पहुंचती हैं। थाई बैंकों ने केबीजेडपे और आया पे समेत म्यांमार के मंचों के साथ साझेदारी की है। फिर भी, विज्ञापित प्रतिस्पर्धी कीमत उस व्यक्ति के किसी काम की नहीं, जो खाता नहीं खोल सकता या जिसके परिजन आसानी से पैसा नहीं निकाल सकते।
औपचारिक सेवाओं तक पहुंच प्रवासन की स्थिति पर निर्भर
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन की थाईलैंड श्रम प्रवासन प्रोफाइल का अनुमान है कि थाईलैंड में नियमित और अनियमित स्थिति में कुल 42 लाख म्यांमार प्रवासी रह रहे थे। इनमें 18 लाख ऐसे थे जिनकी स्थिति नियमित नहीं थी, यानी कुल संख्या का करीब 43 प्रतिशत।
आईओएम की एक अलग, बाद में रिपोर्ट की गई गणना के मुताबिक सितंबर तक थाईलैंड में म्यांमार के नागरिकों की संख्या 46 लाख तक थी। ये आंकड़े अलग-अलग संदर्भ अवधियों के हैं और इन्हें एक-दूसरे के बदले इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। सभी गैर-थाई राष्ट्रीयताओं के 52 लाख प्रवासियों का व्यापक अनुमान एक अलग आबादी से जुड़ा है।
थाई बैंक खाता खोलने के लिए पासपोर्ट और म्यांमार के दूतावास द्वारा जारी या नोटरीकृत अन्य दस्तावेज़ जरूरी हैं। औपचारिक हस्तांतरण सेवाओं के लिए वर्क परमिट और वीज़ा भी मांगे जा सकते हैं। ये शर्तें अनौपचारिक रूप से थाईलैंड में दाखिल हुए कई लोगों को बाहर कर देती हैं, जिनमें संघर्ष या सैन्य भर्ती से भागे लोग भी शामिल हैं।
आईओएम तीन आधिकारिक रास्तों का उल्लेख करता है: द्विपक्षीय श्रम समझौतों के तहत भर्ती, सीमा पास के जरिए मौसमी काम और थाईलैंड में पहले से मौजूद प्रवासियों के लिए पंजीकरण की अवधि। आखिरी रास्ते से थाई पिंक कार्ड और वर्क परमिट मिल सकता है, लेकिन म्यांमार के श्रमिकों को पहचान प्रमाणपत्र भी चाहिए। मौसमी काम के रास्ते में श्रमिकों की यात्रा पर पाबंदियां हैं।
दस्तावेज़ जारी करने की क्षमता अब भी एक बाधा है। रिपोर्टों के मुताबिक, 20 लाख तक श्रमिकों को म्यांमार के दूतावास की मंजूरी चाहिए और 2026 की शुरुआत में थाईलैंड में पहचान प्रमाणपत्र जारी करने वाले केवल पांच केंद्र काम कर रहे थे। बताया गया है कि आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया में 60 से 120 कार्यदिवस लगते हैं। आईओएम ने अलग से पाया कि 2022 में म्यांमार के श्रमिकों की भर्ती में औसतन छह महीने लगे। दोनों विवरण बताते हैं कि औपचारिक बैंकिंग तक पहुंच का रास्ता लंबा है, तत्काल उपलब्ध नहीं।
कम वेतन और कर्ज से परिवारों को मिलने वाली रकम घटती है
आईओएम की प्रोफाइल के मुताबिक, सर्वेक्षण में शामिल म्यांमार के 33 प्रतिशत प्रवासी श्रमिक थाईलैंड की कानूनी न्यूनतम मजदूरी से कम कमाते थे। यह भी पाया गया कि 34 प्रतिशत कर्ज में थे और औसत कर्ज 800 अमेरिकी डॉलर था। इन दबावों से तय होता है कि श्रमिक घर कितना पैसा भेज सकते हैं और शुल्क या मुद्रा विनिमय में कितना नुकसान सह सकते हैं।
भर्ती और पंजीकरण का खर्च एक और बोझ है। म्यांमार के श्रमिकों ने बताया कि 2023 में थाईलैंड के भीतर पंजीकरण का औसत खर्च 890 अमेरिकी डॉलर था, जबकि आधिकारिक पंजीकरण शुल्क करीब 75 डॉलर था। रिपोर्टेड रकम आधिकारिक आंकड़े से करीब 12 गुना थी। म्यांमार से भर्ती का खर्च 2023 में 1,150 डॉलर था, जबकि 2021 के एक आकलन में म्यांमार से अनियमित प्रवासन का खर्च 604 डॉलर बताया गया। ये अलग प्रक्रियाओं और वर्षों के आंकड़े हैं, एक ही सेवा की सीधे तुलना की जा सकने वाली कीमतें नहीं।
आईओएम के सर्वेक्षण में शामिल 70 प्रतिशत प्रवासी श्रमिकों ने भर्ती शुल्क और संबंधित खर्चों के भुगतान के लिए कर्ज लिया था। थाईलैंड का प्रवासी श्रमिक प्रबंधन संबंधी शाही अध्यादेश (2017) थाई भर्ती एजेंसियों को श्रमिकों से सेवा शुल्क लेने से रोकता है, हालांकि मूल देश में हुए खर्च का बोझ श्रमिकों पर पड़ सकता है। थाईलैंड ने नवंबर 2023 में प्रवासी वीज़ा शुल्क घटाकर 500 बाट, यानी करीब 15 अमेरिकी डॉलर, कर दिया था।
आईओएम का कहना है कि 42 प्रतिशत प्रवासी श्रमिक पैसे भेजते हैं। यह श्रमिकों में पैसे भेजने वालों का अनुपात बताता है, जबकि अनौपचारिक हस्तांतरण का 93 प्रतिशत वाला आंकड़ा थाईलैंड में सर्वेक्षण किए गए म्यांमार के प्रेषकों द्वारा इस्तेमाल किए गए माध्यम को मापता है। दोनों प्रतिशत अलग-अलग सवालों के जवाब देते हैं और एक-दूसरे के विरोधाभासी नहीं हैं।
प्रेषण नियंत्रण पासपोर्ट और यात्रा तक पहुंचते हैं
म्यांमार के अधिकारियों की मांग है कि विदेश में काम करने वाले अपनी कमाई का कम से कम 25 प्रतिशत निर्धारित आधिकारिक माध्यमों से घर भेजें। इस नियम की शुरुआत की तारीख को लेकर रिपोर्टों में अंतर है: एक विवरण इसे सितंबर 2023 में लागू हुआ बताता है, जबकि दूसरा 2024 में नियम लागू किए जाने का उल्लेख करता है। आईओएम इस शर्त की पुष्टि करता है, लेकिन तारीख के इस अंतर को स्पष्ट नहीं करता।
नियंत्रण सिर्फ पैसे भेजने तक सीमित नहीं हैं। आईओएम के मुताबिक, नियमों का पालन न करने वाले श्रमिक थाईलैंड में अपनी नियमित स्थिति खोने या भविष्य में नियमित श्रम प्रवासन से वंचित होने का जोखिम उठाते हैं। रिपोर्ट किए गए अन्य दंडों में पासपोर्ट जब्त करना, यात्रा पर पाबंदी और पासपोर्ट या विदेशी श्रमिक पहचान पत्र के नवीनीकरण से इनकार शामिल हैं।
बताया गया है कि छुट्टी पर म्यांमार लौटने वाले श्रमिकों को दोबारा देश छोड़ने की अनुमति से पहले आधिकारिक माध्यम से पैसे भेजने और आयकर चुकाने का प्रमाण दिखाना पड़ता है। विदेश में हुई आय पर अलग से 2 प्रतिशत कर 1 अक्टूबर 2023 से लागू हुआ। पासपोर्ट नवीनीकरण या नए पहचान प्रमाणपत्र के लिए कर भुगतान की रसीद जरूरी है।
रिपोर्टों में बताया गया घटनाक्रम दिखाता है कि भुगतान की शर्तें दस्तावेज़ों और आवाजाही से कैसे जुड़ गई हैं:
- फरवरी 2021: सैन्य सत्ता हथियाने के बाद म्यांमार से विस्थापन और पलायन तेज़ हुआ।
- सितंबर 2023: एक विवरण के मुताबिक, इसी महीने 25 प्रतिशत प्रेषण का अनिवार्य आधिकारिक नियम लागू हुआ।
- 1 अक्टूबर 2023: विदेश में काम करने वालों की आय पर 2 प्रतिशत कर लागू हुआ।
- 2024: एक अन्य विवरण प्रेषण नियमों की शुरुआत इसी वर्ष बताता है; आईओएम नियम और प्रवासन से जुड़े संभावित दंडों का दस्तावेज़ीकरण करता है।
- फरवरी 2024: सैन्य भर्ती भी पलायन का एक कारण बनी।
- 2026 की शुरुआत: थाईलैंड में पहचान प्रमाणपत्र जारी करने वाले केवल पांच केंद्र काम कर रहे थे।
बताया गया है कि नियमों के आगे के प्रवर्तन में अगस्त में यांगून की रोजगार एजेंसियों को परिवार प्रेषण प्रबंधन प्रणाली का इस्तेमाल करने के निर्देश देना भी शामिल था। रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने के कारण 100 से अधिक लाइसेंसधारी एजेंसियों पर जुर्माना लगाने और उन्हें निलंबित करने की बात कही गई। इन विवरणों में किसी नई प्रवर्तन समयसीमा या समीक्षा की पक्की तारीख घोषित नहीं की गई है।
राज्य विदेशी मुद्रा में बड़ा हिस्सा चाहता है
3 अक्टूबर को मंत्रालय में भेजे गए श्रम मंत्री माउंग मिंट ने सरकार का वित्तीय उद्देश्य साफ तौर पर रखा। रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी इसके बाद की टिप्पणी 4 अक्टूबर को या नियुक्ति के दो दिन बाद आई थी, इसलिए बयान की सटीक तारीख अलग-अलग बताई गई है।
अपने टिकटॉक खाते पर दिए बयान में माउंग मिंट ने कहा कि जरूरी व्यवस्था से पैसे न भेजने वाले श्रमिक राज्य को कोई लाभ नहीं पहुंचाते:
म्यांमार के लिए विदेशी मुद्रा जुटाने के वास्ते राज्य सरकार ने उनसे वेतन का 25 प्रतिशत भेजने का आग्रह किया है। हालांकि कुछ लोग पैसे भेजते हैं, तो कुछ नहीं भेजते। ऐसे में राज्य की नजर में हम उन्हें सिर्फ विदा कर रहे हैं। असल में कोई लाभ नहीं है। यह लाभ का नुकसान है।
वित्त मंत्रालय के रिपोर्टेड आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में आधिकारिक प्रेषण 5.6 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा, जो विदेशी मुद्रा के कुल अंतर्वाह का करीब 38 प्रतिशत था। एक अन्य विवरण इस रकम को सकल घरेलू उत्पाद का करीब 7 प्रतिशत और 2019 के आंकड़े का दोगुना बताता है। मंत्रालय के आंकड़े सार्वजनिक नहीं थे, जिससे कुल रकम की गणना की स्वतंत्र जांच सीमित हो जाती है।
तुलना के लिए, 2015 में कुल प्रेषण का अनुमान 8 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो जीडीपी का 13 प्रतिशत था, लेकिन आधिकारिक तौर पर केवल 1 से 2 अरब डॉलर दर्ज किए गए थे। इसका मतलब है कि उस साल औपचारिक रिकॉर्ड में अनुमानित कुल रकम का करीब 12.5 से 25 प्रतिशत हिस्सा दर्ज हुआ। 8 अरब डॉलर के ऐतिहासिक अनुमान में अनौपचारिक हस्तांतरण भी शामिल हैं, इसलिए वृद्धि या गिरावट मापने के लिए इसकी तुलना 5.6 अरब डॉलर के आधिकारिक आंकड़े से सीधे नहीं की जा सकती।
अनौपचारिक रकम का अनुमान आधिकारिक रकम से तीन से पांच गुना अधिक है, लेकिन यह अनुपात 2025 के कुल आंकड़े पर लागू होता है, इसकी पुष्टि नहीं है। इसलिए इसे 5.6 अरब डॉलर से गुणा करने पर एक अपुष्ट अनुमान बनेगा। सभी प्रेषणों का मौजूदा मूल्य और जीडीपी में उनका वर्तमान हिस्सा अनिश्चित है।
परिवारों को आर्थिक मदद की जरूरत काफी बड़ी है। विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, जून में महंगाई करीब 25 प्रतिशत थी, जबकि तख्तापलट के बाद डॉलर के मुकाबले क्यात के मूल्य में गिरावट के अनुमान करीब 75 से 80 प्रतिशत के बीच हैं। उसी हालिया वार्षिक अवधि में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बमुश्किल 1 अरब डॉलर से अधिक रहा, जो रिपोर्टेड आधिकारिक प्रेषण राशि से काफी कम है।
भरोसा शोषण का जोखिम खत्म नहीं करता
हुंडी के कुछ ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी हुई है। कभी-कभी लोग किसी अनजान एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले छोटी रकम भेजकर उसकी जांच करते हैं। यह सावधानी ऐसे तंत्र की सीमाएं दिखाती है, जिसकी विश्वसनीयता सामान्य बैंकिंग सुरक्षा के बजाय निजी संबंधों पर काफी हद तक निर्भर करती है।
सामरिक नीति संस्थान के कार्यकारी निदेशक पाना जानविरोज़ ने शोषण की आशंका जताई और कहा कि हस्तांतरण पर नजर रखने में दोनों सरकारों के सुरक्षा हित हैं। इन चिंताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:
इस व्यवस्था में बहुत सारा ग्रे मनी आता है
ऐसी चिंताओं से यह साबित नहीं होता कि परिवारों के सामान्य प्रेषण गैरकानूनी हैं। हालांकि, ये बताते हैं कि अधिकारी उन नेटवर्कों पर ज्यादा निगरानी क्यों चाहते हैं, जिनमें पारिवारिक हस्तांतरण और व्यापारिक भुगतान साथ-साथ हो सकते हैं। पाना ने कानूनी रूप से काम करने वाले प्रवासी कर्मचारियों के लिए नियोक्ताओं से कल्याण कोष में योगदान लेने का सुझाव भी दिया, जिससे थाईलैंड की स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और अन्य सेवाओं का खर्च पूरा करने में मदद मिल सके।
कुछ निर्वासित लोगों के लिए ज्यादा निगरानी खुद एक खतरा है। अंग्रेज़ी रूप में बदले हुए उपनाम का इस्तेमाल करने वाले प्रवासी मार्क ने कहा कि पंजीकरण से उन्हें और उनके परिवार को प्रतिशोध या जबरन भर्ती का खतरा हो सकता है। आधिकारिक माध्यमों को ठुकराने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा:
मैं सरकार को और बंदूकें और बम खरीदने के लिए कोई पैसा नहीं देना चाहता, ताकि वे उनका इस्तेमाल हम पर करें।
प्रस्तावों में बैंकिंग के साथ दस्तावेज़ भी शामिल
अधिक हस्तांतरणों को औपचारिक माध्यमों में लाने के प्रस्तावों में आधिकारिक रूप से भर्ती किए गए श्रमिकों का वेतन बैंक खातों में जमा करना, पिंक कार्ड धारकों के पहचान दस्तावेज़ जल्दी जारी करना और अनिवार्य प्रेषण के लिए बाजार दर के करीब विनिमय दर देना शामिल है। एक अन्य प्रस्ताव में दस्तावेज़ों के नवीनीकरण के समय नियमों का पालन करने वालों को इनाम देने की बात है, न कि नवीनीकरण से इनकार करने की।
बाट और क्यात में सीधे भुगतान के लिए प्रस्तावित पायलट परियोजना माए सॉट और म्यावाडी के आसपास शुरू हो सकती है। म्यांमार ने 2023 में अंतरराष्ट्रीय भुगतान के लिए बाट को मंजूरी दी थी। यह प्रस्ताव औपचारिक भुगतान को सीमा-पार व्यापार से और करीब जोड़ सकता है, लेकिन इसकी शुरुआत की तारीख या लागू करने के किसी पक्के फैसले की जानकारी नहीं दी गई है।
6 और 7 अगस्त को हस्ताक्षरित पांच साल का श्रम समझौता बिना दस्तावेज़ वाले श्रमिकों के पंजीकरण और समाप्त हो रहे परमिट के नवीनीकरण की अनुमति देता है। इसका व्यावहारिक दायरा दूतावास की मंजूरी और पहचान दस्तावेज़ जारी करने की क्षमता पर निर्भर करता है। कम शुल्क उन श्रमिकों को आकर्षित कर सकते हैं जिनके पास पहले से दस्तावेज़ हैं, जबकि जिनके पास दस्तावेज़ नहीं हैं उन्हें कानूनी सेवाओं तक पहुंच का व्यावहारिक रास्ता चाहिए। अधिकारियों से डरने वाले प्रवासियों की समस्या अलग है, जिसे केवल बेहतर विनिमय दर अपने आप हल नहीं कर सकती।
मुख्य बिंदु
- 2024 के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि थाईलैंड में म्यांमार के 93 प्रतिशत प्रेषक अनौपचारिक माध्यम इस्तेमाल करते थे; 60 प्रतिशत हुंडी का उपयोग करते थे।
- हुंडी एजेंट प्रवासियों के भुगतान को व्यापारिक निपटान से जोड़ते हैं, जिससे परिवारों को क्यात मिल सकता है और विदेशी मुद्रा म्यांमार के बैंकों में जाने से बचती है।
- म्यांमार विदेश में हुई कमाई का कम से कम 25 प्रतिशत आधिकारिक माध्यमों से भेजना अनिवार्य करता है और विदेशी आय पर अलग से 2 प्रतिशत कर लगाता है।
- आईओएम का अनुमान है कि थाईलैंड में म्यांमार के 18 लाख प्रवासियों की स्थिति नियमित नहीं है, जिससे औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक उनकी पहुंच सीमित होती है।
- रिपोर्टों के मुताबिक, 2025 में आधिकारिक प्रेषण 5.6 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचे, लेकिन अनौपचारिक हस्तांतरणों समेत मौजूदा कुल रकम अनिश्चित है।
- औपचारिक हस्तांतरण के प्रस्तावों में प्रतिस्पर्धी दरें, दस्तावेज़ जल्दी जारी करना और सुरक्षित पहुंच अहम हैं; निपटान पायलट परियोजना की शुरुआत की तारीख तय नहीं है।






