चीन ने आठ वित्तीय संस्थानों में पूंजी डालने के लिए 150 अरब युआन के बॉन्ड बेचे

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China Sells 150 Billion Yuan Bond to Fund Capital Injections Into Eight Financial Institutions

1.37% ब्याज वाला बॉन्ड व्यापक पूंजी कार्यक्रम की शुरुआत

चीन के वित्त मंत्रालय ने 8 अक्टूबर, 2026 को 150 अरब युआन के विशेष सरकारी बॉन्ड की नीलामी पूरी की। यह आठ केंद्रीय वित्तीय संस्थानों में पूंजी डालने के लिए नियोजित सरकारी फंडिंग की पहली आधी राशि है। पांच साल के इस बॉन्ड पर सालाना 1.37% की निश्चित ब्याज दर है। इस पर ब्याज 9 अक्टूबर से जुड़ना शुरू होगा और इसका कारोबार 13 अक्टूबर से शुरू होना तय है।

विषय-सूची
  1. 1.37% ब्याज वाला बॉन्ड व्यापक पूंजी कार्यक्रम की शुरुआत
  2. 360 अरब युआन का बंटवारा कैसे होगा
  3. बॉन्ड की शर्तों का अर्थ
  4. घोषणा और भुगतान के बीच की तारीखें
  5. बैंकों को अधिक जमा के बजाय इक्विटी की जरूरत क्यों
  6. बीमा कंपनियों पर अलग तरह का दबाव
  7. निर्यात वित्त को दो पूरक सुरक्षा-भंडार
  8. 2025 से व्यापक कार्यक्रम, लेकिन फंडिंग कम
  9. मजबूत पूंजी से क्या हासिल हो सकता है
  10. मुख्य बिंदु

यह बिक्री 360 अरब युआन के पुनर्पूंजीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है। इसमें इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (ICBC), एग्रीकल्चरल बैंक ऑफ चाइना, एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ चाइना और पांच बीमा समूह शामिल हैं। मंत्रालय 300 अरब युआन देगा, जबकि चाइना नेशनल टोबैको कॉरपोरेशन और उसकी सहायक कंपनियां दोनों वाणिज्यिक बैंकों में शेयर खरीदकर बाकी 60 अरब युआन देंगी।

सात साल के बॉन्ड की दूसरी नीलामी 18 नवंबर को होनी है। दोनों बिक्री का लक्ष्य मंत्रालय का पूरा योगदान जुटाना है। पहली नीलामी पूरी होने से इस फंडिंग का एक हिस्सा सुनिश्चित हुआ है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि पैसा लाभार्थी संस्थानों तक पहुंच चुका है।

यह कार्यक्रम 2025 में दिए गए पूंजी समर्थन का विस्तार है, जब विशेष सरकारी बॉन्ड से चार अन्य बड़े सरकारी बैंकों में पूंजी डाली गई थी। इस चरण में चीन के छह प्रमुख सरकारी वाणिज्यिक बैंकों में से बाकी दो भी कार्यक्रम में शामिल हैं। साथ ही, नीति-वित्त संस्थानों और बड़े सरकारी बीमा समूहों को भी समर्थन दिया जा रहा है।

यह अंतर महत्वपूर्ण है: संस्थागत दायरे के लिहाज से कार्यक्रम व्यापक है, लेकिन फंडिंग के लिहाज से बड़ा नहीं। इसमें ऋण, निर्यात वित्त, बीमा सुरक्षा और निवेश के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं और संभावित समयसीमाओं के तहत पूंजी बांटी जा रही है।

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360 अरब युआन का बंटवारा कैसे होगा

तीनों बैंक कुल 290 अरब युआन जुटाने की योजना बना रहे हैं, जो कार्यक्रम की कुल राशि का लगभग 80.6% है। बाकी 70 अरब युआन, यानी करीब 19.4%, पांच बीमा समूहों के लिए है। घोषित कई राशियां जुटाई जाने वाली अधिकतम रकम हैं, पूरी हो चुकी शेयर खरीद नहीं।

  • एग्रीकल्चरल बैंक ऑफ चाइना 160 अरब युआन तक जुटाने की योजना बना रहा है। इसमें वित्त मंत्रालय से 130 अरब और तंबाकू कंपनियों से 30 अरब युआन शामिल हैं।
  • ICBC 100 अरब युआन तक जुटाने की योजना बना रहा है। इसमें मंत्रालय से 70 अरब और तंबाकू कंपनियों से 30 अरब युआन शामिल हैं।
  • एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ चाइना को पूरी राशि मंत्रालय से 30 अरब युआन मिलेंगे।
  • चाइना लाइफ ग्रुप को 35 अरब युआन मिलेंगे।
  • पीपल्स इंश्योरेंस कंपनी ऑफ चाइना (PICC) मंत्रालय से 15 अरब युआन तक जुटाने की योजना बना रही है।
  • चाइना एक्सपोर्ट एंड क्रेडिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन को 10 अरब युआन मिलेंगे।
  • चाइना ताइपिंग को 7 अरब युआन मिलेंगे।
  • चाइना री मंत्रालय से 3 अरब युआन जुटाने की योजना बना रही है।

बैंकों के लिए मंत्रालय का नियोजित योगदान कुल 230 अरब युआन है। बीमा क्षेत्र में उसका योगदान 70 अरब युआन होगा, जिससे सरकार का कुल हिस्सा 300 अरब युआन हो जाता है। पूरे 360 अरब युआन के कार्यक्रम में तंबाकू कंपनियों का हिस्सा एक-छठा है।

संस्थागत श्रेणियों को समझने में सावधानी जरूरी है। चाइना एक्सपोर्ट एंड क्रेडिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन एक बीमाकर्ता है, लेकिन मंत्रालय इसे एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक के साथ नीति-वित्त संस्थान की श्रेणी में रखता है। इस वर्गीकरण के अनुसार, दो वाणिज्यिक बैंकों को 260 अरब युआन, दो नीति संस्थानों को 40 अरब युआन और चार वाणिज्यिक बीमा समूहों को 60 अरब युआन मिलेंगे।

बॉन्ड की शर्तों का अर्थ

पहला इश्यू निश्चित ब्याज दर वाला बॉन्ड है, यानी इसकी पांच साल की अवधि में ब्याज दर नहीं बदलेगी। प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए 1.37% दर तय हुई। 150 अरब युआन के अंकित मूल्य पर इस दर से सालाना 2.055 अरब युआन का ब्याज भुगतान होगा।

ब्याज का भुगतान हर साल 9 अक्टूबर को होगा। जरूरत पड़ने पर छुट्टियों के कारण तारीख में बदलाव किया जा सकता है। मूलधन और अंतिम ब्याज का भुगतान 9 अक्टूबर, 2031 को तय है। बॉन्ड का वितरण नीलामी पूरी होने और 9 अक्टूबर के बीच, यानी 13 अक्टूबर को कारोबार शुरू होने से पहले किया गया। नीलामी के नियमों के तहत श्रेणी A के सदस्यों को अतिरिक्त बोली लगाने की अनुमति नहीं थी।

दूसरे इश्यू के आकार को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। एक रिपोर्ट में 150 मिलियन युआन बताया गया है, जबकि कार्यक्रम में बॉन्ड के लिए बताई गई 300 अरब युआन की कुल राशि और पहले इश्यू में जुटाए गए 150 अरब युआन से संकेत मिलता है कि दूसरी किस्त 150 अरब युआन की होगी। 150 मिलियन युआन की बिक्री से घोषित कुल राशि की तुलना में फंडिंग बहुत कम रह जाएगी। दूसरे इश्यू की ब्याज दर अभी तय नहीं हुई है।

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घोषणा और भुगतान के बीच की तारीखें

अक्टूबर की नीलामी से पहले कई नीतिगत घोषणाएं और संस्थागत फंड जुटाने की योजनाएं सामने आई थीं। प्रमुख तारीखें बताती हैं कि सरकारी उधारी और पूंजी का पूरा निवेश अलग-अलग चरण हैं।

  • 2024: एक नीतिगत पैकेज में बड़े वाणिज्यिक बैंकों की कोर टियर-1 पूंजी बढ़ाने का आह्वान किया गया।
  • 31 मार्च, 2025: मंत्रालय ने चार प्रमुख सरकारी वाणिज्यिक बैंकों को समर्थन देने के लिए 500 अरब युआन के विशेष सरकारी बॉन्ड की घोषणा की।
  • 21 अगस्त, 2026: उप वित्त मंत्री लियाओ मिन ने कहा कि केंद्रीय वित्तीय उद्यमों को समर्थन देने के लिए वर्ष की दूसरी छमाही में 300 अरब युआन के विशेष सरकारी बॉन्ड जारी किए जाएंगे।
  • 6 सितंबर, 2026: आठ संस्थानों ने कुल 360 अरब युआन की पूंजी योजनाओं की घोषणा की।
  • 8 अक्टूबर, 2026: 1.37% ब्याज दर पर 150 अरब युआन के पहले बॉन्ड की नीलामी पूरी हुई।
  • 9 और 13 अक्टूबर, 2026: पहले ब्याज जुड़ना शुरू होगा, फिर तय कार्यक्रम के अनुसार बॉन्ड का कारोबार शुरू होगा।
  • 18 नवंबर, 2026: दूसरे बॉन्ड की नीलामी निर्धारित है।

पूंजी मिलने के अनुमान नवंबर से दिसंबर तक के हैं। तियानफेंग सिक्योरिटीज के बैंकिंग विश्लेषक लियू जी ने कहा कि वाणिज्यिक बैंकों में पूंजी डालने की प्रक्रिया उनके अंतरिम लाभांश की योजनाओं के बाद पूरी हो सकती है, संभवतः दिसंबर के मध्य के बाद। इससे मौजूदा शेयरधारकों के लाभांश अधिकारों में कमी से बचा जा सकेगा।

हुआचुआंग सिक्योरिटीज में शोध के सह-प्रमुख और मुख्य स्थिर आय विश्लेषक झोउ गुआनन ने सरकार की फंड जुटाने की प्रक्रिया और बैंकों के शेयर जारी करने की प्रक्रिया को अलग बताया। उनके बयान का अनुवाद इस प्रकार है:

वित्त मंत्रालय के बॉन्ड जारी करने और बैंकों के निजी प्लेसमेंट की प्रक्रिया समानांतर रूप से आगे बढ़ सकती है।

झोउ के अनुमान के मुताबिक पूंजी निवेश की प्रक्रिया में आम तौर पर दो से तीन महीने लगते हैं। बैंक के शेयर जारी करने में निदेशक मंडल और शेयरधारकों की मंजूरी, एक्सचेंज की समीक्षा, प्रतिभूति नियामक की मंजूरी, भुगतान, धनराशि का सत्यापन और नए शेयरों का पंजीकरण शामिल हो सकता है। ये अनुमान सभी आठ संस्थानों के लिए भुगतान की पक्की तारीखें नहीं हैं।

बैंकों को अधिक जमा के बजाय इक्विटी की जरूरत क्यों

बैंकों को मिलने वाली राशि का उद्देश्य कोर टियर-1 पूंजी बढ़ाना है। यह नियामकीय पूंजी का सबसे उच्च गुणवत्ता वाला हिस्सा है, जो नुकसान सहने में मदद करता है। इस सुरक्षा-भंडार में सामान्य इक्विटी की अहम भूमिका होती है। जमा या उधार ली गई रकम के विपरीत, इक्विटी लेने वाली संस्था पर उसी तरह के पुनर्भुगतान का दायित्व नहीं बनाती।

बैंकों को अपनी जोखिम-भारित परिसंपत्तियों के अनुपात में पूंजी बनाए रखनी होती है। यह ऐसा माप है जिसमें कर्ज और अन्य जोखिमों को नियामकीय मानकों के अनुसार अलग-अलग भार दिया जाता है। अधिक इक्विटी से पूंजी अनुपात को जरूरी स्तर से नीचे गिराए बिना अतिरिक्त ऋण देने की गुंजाइश बन सकती है। हालांकि, इससे अपने आप नए कर्ज नहीं मिलने लगते: कर्ज लेने वालों की मांग, ऋण की गुणवत्ता और बैंक के फैसले भी अहम हैं।

मर्चेंट्स यूनियन कंज्यूमर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड के मुख्य अर्थशास्त्री डोंग शिमियाओ ने घटती ब्याज दरों और कम होते शुद्ध ब्याज मार्जिन को बैंकों की कमाई से पूंजी बढ़ाने की क्षमता पर दबाव बताया। शुद्ध ब्याज मार्जिन, ब्याज से होने वाली आय और ब्याज लागत के बीच का अंतर है, जिसे ब्याज कमाने वाली परिसंपत्तियों के अनुपात में मापा जाता है।

डोंग ने यह भी कहा कि वैश्विक प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण बैंकों, जैसे ICBC, को उच्च नियामकीय श्रेणियों में आने पर अतिरिक्त पूंजी की जरूरत होती है। मंत्रालय ने कहा कि आठों लाभार्थी संस्थान स्थिर रूप से काम कर रहे हैं, उनकी परिसंपत्तियों की गुणवत्ता स्थिर है और प्रमुख नियामकीय संकेतक सुरक्षित व स्वस्थ दायरे में हैं। इसलिए घोषित नीति का उद्देश्य पूंजी सुरक्षा-भंडार और परिचालन क्षमता मजबूत करना है, न कि उन संस्थानों को चिह्नित करना जो पहले से इन मानकों पर खरे नहीं उतर रहे।

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बीमा कंपनियों पर अलग तरह का दबाव

इस कार्यक्रम में पहली बार केंद्रीय वित्तीय उद्यमों के पुनर्पूंजीकरण का दायरा बड़े सरकारी बीमाकर्ताओं तक बढ़ाया गया है। चाइना लाइफ ग्रुप को मिलने वाली 35 अरब युआन की राशि, नीति बीमाकर्ता सहित पांच बीमा लाभार्थियों के लिए तय 70 अरब युआन का आधा है।

बीमा विशेषज्ञ श्ये युआंताओ ने कहा कि इक्विटी निवेश से कोर पूंजी सीधे बढ़ती है और कोर सॉल्वेंसी अनुपात में सुधार होता है। बीमा कंपनी के मामले में सॉल्वेंसी यह बताती है कि उसकी पूंजी, कारोबार से जुड़े जोखिमों और पॉलिसीधारकों के प्रति दायित्वों के लिए पर्याप्त सुरक्षा देती है या नहीं।

श्ये ने घटती ब्याज दरों, जीवन बीमा कंपनियों के लिए बढ़ती रिजर्व लागत और नए लेखांकन मानकों के तहत शुद्ध परिसंपत्तियों में अधिक उतार-चढ़ाव को पूंजी पर दबाव के स्रोत बताया। रिजर्व वह राशि है जिसे भविष्य में पॉलिसी से जुड़े दायित्व पूरे करने के लिए अलग रखा जाता है। निवेश से कम रिटर्न मिलने पर लंबी अवधि के बीमा वादों का खर्च जुटाना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

लेनदेन की संरचना भी अलग-अलग है। चाइना लाइफ ग्रुप और चाइना ताइपिंग की मूल कंपनियों में सीधे पूंजी डाली जा रही है। PICC निजी प्लेसमेंट के जरिए A-शेयर जारी करने की योजना बना रही है, जबकि चाइना री मंत्रालय को घरेलू शेयर जारी करेगी। इन्हीं अंतरों के कारण कार्यक्रम की सभी संस्थाओं के लिए एक ही पूरी होने की तारीख तय नहीं की जा सकती।

श्ये ने कहा कि मजबूत पूंजी सुरक्षा-भंडार से बीमा कारोबार स्वीकार करने की क्षमता और निवेश में लचीलापन बढ़ सकता है। लेकिन दीर्घकालिक प्रदर्शन अब भी बीमा कारोबार की लाभप्रदता, निवेश क्षमता और परिसंपत्ति-देनदारी प्रबंधन पर निर्भर करेगा। नई इक्विटी इन अनुशासनों की जगह नहीं लेती। इससे सुशासन और पूंजी के कुशल इस्तेमाल को लेकर अपेक्षाएं भी बढ़ती हैं।

निर्यात वित्त को दो पूरक सुरक्षा-भंडार

एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक और चाइना एक्सपोर्ट एंड क्रेडिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन को क्रमशः 30 अरब और 10 अरब युआन मिलने हैं। उनकी कुल 40 अरब युआन की राशि पूरे पुनर्पूंजीकरण कार्यक्रम का लगभग 11.1% है।

दोनों संस्थान अलग-अलग जरूरतें पूरी करते हैं। बैंक वित्तीय सहायता देता है, जबकि निर्यात ऋण बीमाकर्ता खरीदारों के भुगतान न करने के जोखिम से सुरक्षा देता है। इस तरह, विदेशी व्यापार या विदेशों में कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए वित्त तक पहुंच और बकाया भुगतान से जुड़े जोखिम, दोनों का समाधान होता है।

चाइनीज एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंस के शोधकर्ता वांग छिंग ने कहा कि विस्तारित दायरा वित्तीय संस्थानों की अलग-अलग भूमिकाओं को दर्शाता है। वाणिज्यिक बैंक ऋण देते हैं, नीति संस्थान आर्थिक गतिविधियों और रणनीतिक प्राथमिकताओं को समर्थन देते हैं, जबकि बीमाकर्ता जोखिम सुरक्षा और दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराते हैं।

इस बंटवारे से कार्यक्रम का उद्देश्य केवल वाणिज्यिक बैंक ऋण बढ़ाने से व्यापक हो जाता है। नीति संस्थानों की मजबूत पूंजी से वित्तपोषण और बीमा क्षमता को समर्थन मिल सकता है, हालांकि नए ऋण या बीमा की किसी खास मात्रा की पुष्टि नहीं की गई है।

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2025 से व्यापक कार्यक्रम, लेकिन फंडिंग कम

2025 के चरण में बैंक ऑफ कम्युनिकेशंस, बैंक ऑफ चाइना, पोस्टल सेविंग्स बैंक ऑफ चाइना और चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक को समर्थन दिया गया था। इसमें विशेष सरकारी बॉन्ड से 500 अरब युआन और बड़े सरकारी उद्यमों से 20 अरब युआन मिलाकर कुल 520 अरब युआन जुटाए गए थे।

2026 की योजना इससे 160 अरब युआन छोटी है, यानी इसमें करीब 30.8% की कमी है। सरकारी बॉन्ड का हिस्सा 500 अरब से घटकर 300 अरब युआन रह गया है, जो 40% की गिरावट है। वहीं, मंत्रालय के अलावा अन्य स्रोतों से योगदान 20 अरब से बढ़कर 60 अरब युआन हो गया है।

कुछ रिपोर्टें मौजूदा चरण को हाल के वर्षों में एक साथ की गई सबसे बड़ी पूंजी वृद्धि बताती हैं, जबकि कुछ इसे सबसे व्यापक कहती हैं। आंकड़े दूसरे वर्णन का समर्थन करते हैं: 2025 में चार वाणिज्यिक बैंकों की तुलना में, इस बार वित्तीय कारोबार के कई प्रकारों में फैले आठ संस्थान शामिल हैं।

वाणिज्यिक बैंकों की नवीनतम शेयर खरीद पूरी होने पर चीन के सभी छह प्रमुख सरकारी वाणिज्यिक बैंकों को दोनों चरणों में समर्थन मिल चुका होगा। हालांकि, फंड जुटाने की योजना में शामिल होने को पैसा प्राप्त होने के बराबर नहीं मानना चाहिए।

मजबूत पूंजी से क्या हासिल हो सकता है

पोस्टल सेविंग्स बैंक ऑफ चाइना के शोधकर्ता लोउ फेइपेंग ने कहा कि पूंजी निवेश से ICBC और एग्रीकल्चरल बैंक की आर्थिक जरूरतों के अनुरूप ऋण देने की क्षमता बढ़ेगी। चाइना सोसाइटी ऑफ कमर्शियल इकोनॉमी के उपाध्यक्ष सोंग श्यांगछिंग ने अनुमान जताया कि इस पूंजी से बड़ी परियोजनाओं, प्रौद्योगिकी, उन्नत विनिर्माण और छोटे कारोबारों के लिए अतिरिक्त खरबों युआन की फंडिंग को समर्थन मिल सकता है।

ये अनुमान संभावित क्षमता दर्शाते हैं, पक्के ऋण वादे नहीं। रिपोर्टों में इस अतिरिक्त वित्तपोषण का कोई साझा आकलन या पुष्ट आवंटन प्रकाशित नहीं हुआ है। वास्तविक नतीजा पूंजी संबंधी जरूरतों, नई परिसंपत्तियों के जोखिम और संस्थानों तथा ग्राहकों की नया कारोबार करने की इच्छा पर निर्भर करेगा।

रिपोर्टों में बताए गए कारोबारी दिन बाजार की प्रतिक्रिया भी विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में अलग-अलग रही। CSI बैंक इंडेक्स 1.04% चढ़ा, जबकि ICBC और बैंक ऑफ चाइना के शेयर भाव नई ऊंचाई पर पहुंचे। सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दरों में आम तौर पर वृद्धि हुई। इसलिए बॉन्ड बिक्री के साथ वित्तीय परिसंपत्तियों की कीमतों में एकसमान तेजी नहीं आई।

झोउ ने निकट अवधि में बॉन्ड बाजार पर असर को कुल मिलाकर तटस्थ आंका। उन्होंने पूंजी मिलने के समय और बैंकों द्वारा विशेष बॉन्ड जारी करने की कुछ मात्रा को अपने पास रखने की जरूरत का उल्लेख किया। बीमा कंपनियों की मजबूत पूंजी से आगे चलकर लंबी परिपक्वता वाले बॉन्ड में निवेश की गुंजाइश बढ़ सकती है, लेकिन यह संभावित असर है, हो चुका बदलाव नहीं।

अगली निर्धारित वित्तपोषण प्रक्रिया 18 नवंबर को है। अभी दूसरे इश्यू की ब्याज दर, हर संस्थान के पूंजी लेनदेन के पूरा होने और प्राप्त राशि के इस्तेमाल योग्य बनने की तारीख स्पष्ट नहीं है। पहली नीलामी फंडिंग की प्रगति दिखाती है; आगे कर्ज, बीमा और निवेश के नतीजे इस बात पर निर्भर करेंगे कि इसके बाद क्या होता है।

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मुख्य बिंदु

  • चीन ने 8 अक्टूबर, 2026 को 1.37% की निश्चित ब्याज दर पर 150 अरब युआन के विशेष सरकारी बॉन्ड की नीलामी पूरी की।
  • पूरी पुनर्पूंजीकरण योजना में आठ केंद्रीय वित्तीय संस्थानों के लिए 360 अरब युआन जुटाने का लक्ष्य है।
  • मंत्रालय 300 अरब युआन देगा और तंबाकू कंपनियां 60 अरब युआन का योगदान करेंगी।
  • बैंकों के हिस्से में 290 अरब युआन और पांच बीमा समूहों के हिस्से में 70 अरब युआन हैं।
  • सात साल के दूसरे बॉन्ड की नीलामी 18 नवंबर को निर्धारित है।
  • पूंजी मिलने का अनुमान चौथी तिमाही में है, लेकिन अलग-अलग संस्थानों के लिए पूरी होने की तारीखों की पुष्टि नहीं हुई है।
  • यह कार्यक्रम 2025 की तुलना में अधिक प्रकार के संस्थानों को शामिल करता है, लेकिन इसकी कुल फंडिंग कम है।
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