जापान में वियतनामी समुदाय पर आई त्रासदी
28 जुलाई को कुमामोटो प्रांत में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसमें कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में ट्रान वान सोन भी शामिल थे। वह वियतनामी नागरिक थे और सरकारी विदेशी कामगार कार्यक्रम के तहत जनवरी में जापान आए थे। जिस कारखाने में वह काम करते थे, वहां क्रेन गिरने से उनकी मौत हो गई। उसी जगह काम करने वाले वियतनाम के सात अन्य कामगार सुरक्षित बच निकले। एक वियतनामी महिला भी घायल हुई और कई प्रवासी कामगारों के घर उजड़ गए, जिसके चलते उन्हें राहत केंद्रों में शरण लेनी पड़ी।
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इस आपदा ने जापान के वृद्ध होते समाज में विदेशी कामगारों की बढ़ती भूमिका को उजागर किया। अब वियतनामी नागरिक देश का दूसरा सबसे बड़ा विदेशी समुदाय हैं। यहां 630,000 से अधिक वियतनामी रहते हैं और करीब 480,000 लोग काम करते हैं। श्रमिकों की भारी कमी को पूरा करने वाले कार्यक्रमों के तहत कई लोग विनिर्माण, कृषि, निर्माण और बुज़ुर्गों की देखभाल के क्षेत्रों में काम करते हैं।
पांच कामगारों ने मलबे से पड़ोसन को बचाया
यात्सुशिरो शहर के एक ब्रोकोली फार्म में काम करने वाले पांच वियतनामी पुरुषों ने भूकंप आते ही तेजी से कार्रवाई की। झटके रुकने के बाद उन्होंने देखा कि पड़ोस का घर ढह गया है। उसमें अकेली रहने वाली करीब 90 साल की बुज़ुर्ग महिला मलबे में फंसी थी। निर्दिष्ट कुशल कामगार कार्यक्रम के तहत जापान आए और एक से चार साल से पास में रह रहे इन पुरुषों ने मलबा हटाने के लिए स्थानीय निवासियों के साथ हाथ बंटाया।
उन्होंने महिला को आवाज़ दी और भीतर से जवाब मिला। उधार ली गई आरी और अपने हाथों की मदद से उन्होंने लगातार आते झटकों के बीच टाइलें, बल्लियां और मलबा हटाया। करीब 30 मिनट बाद उन्होंने रास्ता बनाया और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ, लेकिन वह होश में थीं। बचावकर्मियों में से एक, 25 वर्षीय ले हुय तुआन ने बाद में कहा कि समूह ने सिर्फ उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालने के बारे में सोचा। पड़ोसियों ने इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की, जिससे संभवतः महिला की जान बच गई।
कुमामोटो में विदेशी कामगारों का जीवन
स्थानीय कारखानों और खेतों के कारण कुमामोटो में वियतनामी आबादी तेजी से बढ़ी है। कई लोग तकनीकी इंटर्न प्रशिक्षण कार्यक्रम या उसके उत्तराधिकारी निर्दिष्ट कुशल कामगार कार्यक्रम के तहत यहां आते हैं। नई व्यवस्था में पुरानी इंटर्न प्रणाली की तुलना में बेहतर वेतन और सुरक्षा मिलती है। पुरानी प्रणाली की कम वेतन और लंबे कामकाजी घंटों के लिए आलोचना होती रही है। वियतनामी कामगार अक्सर धातु उद्योग, सेमीकंडक्टर कारखानों और कृषि में काम करते हैं, जहां स्थानीय श्रमिकों की कमी है।
भूकंप के बाद पांचों बचावकर्मियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उनके घर को नुकसान पहुंचा और पानी की आपूर्ति घटने के दौरान उन्हें कारों या कंटेनरों में सोना पड़ा। बाद में वियतनामी समुदाय के समूहों ने वियतनाम, इंडोनेशिया और कंबोडिया के प्रभावित कामगारों तक पीने का पानी और भोजन पहुंचाया।
सरकारी प्रतिक्रिया और राजनयिक संबंध
फुकुओका स्थित वियतनामी महावाणिज्य दूतावास ने राहत केंद्रों में जरूरी सामान बांटा। वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग ने जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। विदेश मंत्री ले होआई चुंग ने भी अपने जापानी समकक्ष के प्रति सहानुभूति जताई। इन कदमों ने श्रमिकों के प्रवासन और आपदा राहत के क्षेत्र में दोनों देशों के करीबी सहयोग को रेखांकित किया।
जापानी अधिकारियों ने होटलों में अतिरिक्त आश्रय केंद्र बनाए और चरणबद्ध तरीके से बिजली तथा पानी की सेवाएं बहाल कीं। एयॉन मॉल कुमामोटो और एक पेपर मिल जैसी क्षतिग्रस्त जगहों पर बचाव अभियान कुछ ही दिनों में समाप्त हो गए। इसके बाद ध्यान पुनर्वास और विस्थापित लोगों की सहायता पर केंद्रित हुआ।
प्रवासी कामगारों के सामने चुनौतियां
इस क्षेत्र में कई वियतनामी कारखानों या खेतों के पास पुराने मकानों में रहते हैं। भूकंप से ऐसे दर्जनों घर क्षतिग्रस्त हुए और कामगारों के पास आश्रय या बुनियादी सेवाएं नहीं रहीं। यात्सुशिरो और आसपास के कस्बों में पानी की कमी से स्वच्छता बनाए रखने और आग बुझाने के प्रयास प्रभावित हुए। सामुदायिक संगठनों ने सहायता का समन्वय करने और ताजा जानकारी साझा करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया।
विदेशी निवासियों को लेकर कभी-कभार उठने वाली सार्वजनिक चिंताओं के बावजूद, इस बचाव अभियान ने वियतनामी कामगारों और जापानी पड़ोसियों के बीच रोजमर्रा के सहयोग को उजागर किया। स्थानीय किसानों और निवासियों ने पांचों पुरुषों की कार्रवाई के लिए आभार जताया।
भूकंप की पृष्ठभूमि और सुरक्षा उपाय
जापान में अक्सर भूकंपीय गतिविधियां होती हैं। 28 जुलाई के भूकंप की तीव्रता जापानी पैमाने पर यात्सुशिरो में ऊपरी 6 दर्ज की गई। कई दिनों तक झटके आते रहे, जिससे बचाव कार्य जटिल हो गया। अधिकारियों ने कई प्रांतों से आत्मरक्षा बलों और दमकलकर्मियों को तैनात किया। एहतियात के तौर पर बुलेट ट्रेन सेवाएं रोक दी गईं और आसो कुमामोटो हवाई अड्डे पर कुछ उड़ानें रद्द कर दी गईं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी इमारतें अब भी असुरक्षित हैं। कई विदेशी कामगार औद्योगिक क्षेत्रों के पास ऐसी इमारतों में रहते हैं, जिससे तेज भूकंप के दौरान उनके जोखिम में पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।
पुनर्वास और आगे की स्थिति
अगस्त की शुरुआत तक सुपरमार्केट फिर खुल गए थे और अधिकांश इलाकों में पानी पहुंचने लगा था। वियतनामी संगठनों ने राहत प्रयास जारी रखे, जबकि कामगार जहां संभव हुआ, काम पर लौट आए। इस घटना ने संकट के दौरान प्रवासी समुदायों के लिए सामुदायिक नेटवर्क के महत्व को रेखांकित किया।
प्रमुख उद्योगों को बनाए रखने के लिए जापान विदेशी कामगारों पर निर्भर है। कुमामोटो में बचाव अभियान जैसी घटनाएं दिखाती हैं कि ये कामगार स्थानीय जीवन का हिस्सा कैसे बनते हैं और अपने कार्यस्थलों से आगे भी योगदान देते हैं।
मुख्य बातें
- 28 जुलाई को कुमामोटो प्रांत में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें एक वियतनामी कामगार समेत 38 लोगों की मौत हुई।
- निर्दिष्ट कुशल कामगार कार्यक्रम के तहत आए पांच वियतनामी कामगारों ने यात्सुशिरो में ढहे घर से 90 वर्ष से अधिक उम्र की एक महिला को बचाया।
- जापान में 630,000 से अधिक वियतनामी नागरिक रहते हैं। उनमें से कई विनिर्माण और कृषि क्षेत्र में काम करते हैं।
- वियतनामी समुदाय के समूहों ने कई देशों के प्रभावित कामगारों तक पानी और भोजन पहुंचाया।
- आपदा के बाद वियतनाम के प्रधानमंत्री ने जापान के प्रति आधिकारिक शोक संवेदना व्यक्त की।
- पुनर्वास के प्रयासों में पानी की आपूर्ति बहाल करने और विस्थापित लोगों को अतिरिक्त आश्रय केंद्रों में पहुंचाने पर ध्यान दिया गया।






