वियतनाम का दवा बाजार विकास के नए दौर में
वियतनाम का दवा बाजार 2026 में 10 अरब अमेरिकी डॉलर के करीब पहुंचने की राह पर है। मजबूत मांग, बेहतर होते विनिर्माण मानकों और क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में स्थानीय कंपनियों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए वैश्विक दवा कंपनियां और निवेशक इस बाजार की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
विषय-सूची
- वियतनाम का दवा बाजार विकास के नए दौर में
- जनसांख्यिकी और बीमारियों के रुझान क्यों अहम हैं
- विदेशी निवेशक स्थापित स्थानीय कंपनियों को चुन रहे हैं
- ईयू जीएमपी संयंत्र इतने मूल्यवान क्यों हैं?
- शेयरों का प्रदर्शन सिर्फ स्थिर मांग को नहीं दर्शाता
- विदेशी हिस्सेदारी से तकनीक और बेहतर शासन व्यवस्था मिल सकती है
- आयातित कच्चे घटक अब भी बड़ी कमजोरी
- लॉजिस्टिक्स और निर्यात से विकास को एक और आधार
- निवेशक अब किन बातों पर नजर रखेंगे
- मुख्य बातें
उद्योग के अनुमानों के अनुसार, 2015 में 3.4 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2023 में यह बाजार करीब 7 अरब अमेरिकी डॉलर का हो गया। अन्य शोध समूहों ने 2025 के बाजार का आकार 7.9 अरब से 8.6 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच आंका है। वहीं, लंबी अवधि के अनुमानों के मुताबिक 2030 के शुरुआती वर्षों तक यह बाजार 13 अरब से 16 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। अलग-अलग अनुमानों की वजह बाजार की परिभाषाओं और शोध पद्धतियों में अंतर है, लेकिन सभी एक ही रुझान की ओर इशारा करते हैं: वियतनाम दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे तेजी से बढ़ते दवा बाजारों में बना हुआ है।
दवाओं पर सालाना खर्च बढ़कर प्रति व्यक्ति करीब 75 अमेरिकी डॉलर हो गया है। यह राशि थाईलैंड और मलेशिया के खर्च के स्तर से अब भी कम है, इसलिए घरेलू आय बढ़ने और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होने के साथ बाजार में आगे बढ़ने की गुंजाइश है। अब करीब 95.2 प्रतिशत आबादी स्वास्थ्य बीमा के दायरे में है, जिससे सार्वजनिक अस्पतालों में डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवाओं और इलाज की मांग को समर्थन मिल रहा है।
बाजार की संरचना भी बदल रही है। अस्पतालों में दवाओं की बिक्री, जिसे एथिकल ड्रग या ईटीसी चैनल कहा जाता है, कुल दवा खपत का लगभग 70 से 76 प्रतिशत है और इसमें सालाना करीब 12 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। खुदरा बाजार में बिना पर्ची मिलने वाली दवाओं की बिक्री इससे धीमी, करीब 8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। यह अंतर अस्पताल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल, बीमा कवरेज के विस्तार और पुरानी बीमारियों के बढ़ते इलाज को दर्शाता है।
जनसांख्यिकी और बीमारियों के रुझान क्यों अहम हैं
वियतनाम की आबादी तेजी से अपेक्षाकृत युवा स्थिति से वृद्धावस्था की ओर बढ़ रही है। 2023 में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की आबादी में हिस्सेदारी 13.9 प्रतिशत थी। अनुमान है कि 2050 तक यह 25 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी। 2074 तक देश के अति-वृद्ध समाज बनने की आशंका है।
बढ़ती उम्र से दवाओं की मांग का स्वरूप बदल रहा है। वियतनाम में होने वाली मौतों में हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर की हिस्सेदारी अब करीब 77 से 80 प्रतिशत है। इन बीमारियों में अक्सर लंबे समय तक इलाज, नियमित निगरानी और आम बीमारियों के अल्पकालिक उपचार की दवाओं से महंगी डॉक्टर की पर्ची वाली दवाओं की जरूरत होती है।
डॉक्टर की पर्ची पर मिलने वाली दवाओं की बिक्री 2025 के करीब 127.9 ट्रिलियन वियतनामी डोंग (12.79 खरब डोंग), यानी 4.87 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2030 में 187.7 ट्रिलियन डोंग होने का अनुमान है। 2035 तक यह खंड 260 ट्रिलियन डोंग, यानी करीब 9.9 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है और कुल दवा बाजार का लगभग 80 प्रतिशत हो सकता है।
बढ़ती आय और स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूकता भी इस मांग को बढ़ा रही है। उपभोक्ता पहले जांच और इलाज करा रहे हैं, जबकि अस्पताल कैंसर, मधुमेह और अन्य गैर-संचारी रोगों की सेवाओं का विस्तार कर रहे हैं। आधुनिक फार्मेसी श्रृंखलाएं भी दवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचा रही हैं। 2025 के अंत में एफपीटी लॉन्ग चाऊ के 2,417 स्टोर थे और आधुनिक खुदरा फार्मेसी बाजार में उसका हिस्सा एक चौथाई से अधिक था। फार्मासिटी के करीब 1,040 आउटलेट थे।
विदेशी निवेशक स्थापित स्थानीय कंपनियों को चुन रहे हैं
वियतनाम में प्रवेश के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियां नई फैक्टरियां शुरू से बनाने के बजाय अधिग्रहण और रणनीतिक हिस्सेदारी का सहारा तेजी से ले रही हैं। किसी स्थापित निर्माता में हिस्सेदारी खरीदने से वितरण नेटवर्क, अस्पतालों से संबंध, उत्पाद पंजीकरण, स्थानीय ब्रांड और उत्पादन लाइसेंस तुरंत मिल जाते हैं।
जापान की ताइशो ने डीएचजी फार्मास्युटिकल में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर करीब 51 प्रतिशत की नियंत्रक हिस्सेदारी हासिल की है। इस निवेश से वियतनाम की सबसे बड़ी घरेलू दवा कंपनी में शासन व्यवस्था, उत्पाद विकास और अनुसंधान क्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिली है।
चीन की लिवज़ॉन फार्मास्युटिकल भी इमेक्सफार्म की बड़ी शेयरधारक बन गई है। 2026 में प्रकाशित शोध के अनुसार, लिवज़ॉन ने करीब 6 ट्रिलियन वियतनामी डोंग (6 लाख करोड़ डोंग), यानी 228.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर में 67.87 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की। लिवज़ॉन की भागीदारी इमेक्सफार्म के विनिर्माण संयंत्रों का महत्व दर्शाती है, जिनमें से कई यूरोपीय संघ के जीएमपी मानकों को पूरा करते हैं।
एबॉट लेबोरेटरीज ने अपनी सहायक कंपनी सीएफआर इंटरनेशनल के जरिए डोमेस्को में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51.7 प्रतिशत कर दी। इस सौदे से एबॉट को वियतनामी निर्माता का नियंत्रण मिला और एशिया में व्यापक परिचालन के लिए उसका घरेलू विनिर्माण आधार मजबूत हुआ।
दक्षिण कोरियाई निवेश ट्राफाको के जरिए आया है। डे वूंग फार्मास्युटिकल और मिराए एसेट ने मेकांग कैपिटल और वियतनाम होल्डिंग से 16.6 मिलियन शेयर खरीदे। 2.35 ट्रिलियन वियतनामी डोंग से अधिक मूल्य के इस सौदे में 40.12 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल थी। डे वूंग रणनीतिक शेयरधारक बना, जबकि मिराए एसेट ने दीर्घकालीन वित्तीय निवेशक की भूमिका ली।
ईयू जीएमपी संयंत्र इतने मूल्यवान क्यों हैं?
ईयू जीएमपी यानी यूरोपीय संघ द्वारा मान्यता प्राप्त गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस मानक दवाओं के उत्पादन, परीक्षण और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया तय करते हैं। इन मानकों को पूरा करने के लिए भरोसेमंद उपकरण, नियंत्रित उत्पादन क्षेत्र, प्रशिक्षित कर्मचारी, सावधानीपूर्वक गुणवत्ता जांच और विस्तृत रिकॉर्ड जरूरी हैं।
वियतनाम में करीब 288 दवा कारखाने हैं, लेकिन अनुमान है कि फिलहाल केवल 20 से 30 ही कड़े ईयू जीएमपी मानकों पर खरे उतरते हैं। प्रमाणित संयंत्रों की यह सीमित उपलब्धता विदेशी कंपनियों के लिए इन्हें आकर्षक बनाती है। खरीदार को अस्पतालों की अधिक मूल्य वाली निविदाओं तक पहुंच मिल सकती है और कड़े गुणवत्ता नियमों वाले बाजारों में दवाएं निर्यात करने की क्षमता बेहतर हो सकती है।
वियतनाम के खरीद नियमों ने भी इस आकर्षण को बढ़ाया है। 2024 के सर्कुलर 03 के तहत, ईयू जीएमपी या जापान जीएमपी मानकों से प्रमाणित संयंत्रों में बनी दवाओं को सार्वजनिक निविदाओं के समूह 1 और समूह 2 में तरजीही पहुंच मिलती है। अस्पताल चैनल की खरीद के मूल्य में इन समूहों की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत है।
फार्मेसी कानून में संशोधन, जो 1 जुलाई 2025 से लागू हुआ, पंजीकरण प्रक्रियाओं को भी सरल बनाता है और उन्नत जेनेरिक दवाओं तथा बायोसिमिलर के लिए प्रोत्साहन देता है। बायोसिमिलर जैविक दवाएं हैं, जिन्हें पहले से स्वीकृत उत्पादों के लगभग समान बनाया जाता है। उन्नत जेनेरिक दवाएं पेटेंट सुरक्षा खत्म होने के बाद जटिल दवाओं की नकल पर आधारित होती हैं।
2030 तक वैश्विक पेटेंट की अवधि खत्म होने का चक्र वियतनामी निर्माताओं के लिए बड़ा अवसर खोल सकता है। इस दौरान करीब 207 अरब अमेरिकी डॉलर की संयुक्त सालाना बिक्री वाली दवाओं की पेटेंट सुरक्षा समाप्त होने की आशंका है। उपयुक्त अनुसंधान क्षमता और प्रमाणित कारखानों वाले स्थानीय निर्माता आयातित उत्पादों के कम लागत वाले विकल्प विकसित कर सकते हैं।
शेयरों का प्रदर्शन सिर्फ स्थिर मांग को नहीं दर्शाता
फार्मा शेयरों को परंपरागत रूप से रक्षात्मक निवेश माना जाता है, क्योंकि अर्थव्यवस्था के अच्छे और बुरे, दोनों दौर में लोगों को दवाओं की जरूरत होती है। विदेशी अधिग्रहण और स्वास्थ्य खर्च में वृद्धि अब निवेशकों को इस क्षेत्र पर गौर करने की एक और वजह दे रही है: संरचनात्मक विकास और कंपनियों में बदलाव की संभावना।
2026 की शुरुआत से शेयरों का प्रदर्शन अलग-अलग रहा है। बिन्ह दिन्ह फार्मास्युटिकल एंड मेडिकल इक्विपमेंट के शेयरों में दोहरे अंक की बढ़त दर्ज हुई है। इसकी वजह कैंसर की दवाओं की बिक्री और अस्पतालों में वितरण बढ़ने की उम्मीदें हैं। मजबूत वित्तीय स्थिति, स्थापित ब्रांड और विदेशी रणनीतिक निवेशकों के समर्थन से डीएचजी फार्मा और इमेक्सफार्म के शेयरों में भी तेजी बनी हुई है।
बाजार पर दबाव के दौर में भी इस क्षेत्र ने मजबूती दिखाई है। हो ची मिन्ह स्टॉक एक्सचेंज का स्वास्थ्य सूचकांक अप्रैल में 8.9 प्रतिशत और जून में 5 प्रतिशत से अधिक गिरा, जबकि कई फार्मा शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। इससे मूल्यांकन और बाजार में उतार-चढ़ाव के जोखिम खत्म नहीं होते, लेकिन यह बताता है कि निवेशक दवा कंपनियों को अपेक्षाकृत स्थिर व्यवसाय क्यों मानते हैं।
ब्रोकरेज कंपनियों को 2026 में इस क्षेत्र की आय में करीब 10 से 12 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। दवाओं की बढ़ती खपत, अस्पतालों में मजबूत बिक्री, बीमा कवरेज का विस्तार और घरेलू स्तर पर बनी दवाओं को प्राथमिकता देने वाली सरकारी नीतियां इसके मुख्य कारक हैं।
विदेशी हिस्सेदारी से तकनीक और बेहतर शासन व्यवस्था मिल सकती है
हाल के सौदों से पता चलता है कि विदेशी निवेश केवल पूंजी नहीं ला रहा। रणनीतिक शेयरधारक उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता प्रणालियां, अनुसंधान साझेदारी, अंतरराष्ट्रीय खरीद का अनुभव और निर्यात बाजारों तक पहुंच दे सकते हैं।
हौ जियांग फार्मास्युटिकल, जिसे डीएचजी फार्मा के नाम से जाना जाता है, ने 2026 के लिए करीब 221.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर के राजस्व और 40.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर के कर-पश्चात लाभ का लक्ष्य रखा है। ये लक्ष्य क्रमशः 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाते हैं। कंपनी ने ऊंचे नकद लाभांश की नीति जारी रखने की भी योजना बनाई है, जो नियमित आय चाहने वाले निवेशकों को आकर्षित कर सकती है।
ट्राफाको ने 2026 के लिए करीब 120 मिलियन अमेरिकी डॉलर का राजस्व और 12.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर का कर-पश्चात लाभ लक्ष्य रखा है। दोनों आंकड़ों में करीब 10 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। 2026 से 2030 की उसकी रणनीति में आधुनिक खुदरा और अस्पताल वितरण का विस्तार, साथ ही उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं के लिए दक्षिण कोरियाई साझेदारों के साथ तकनीकी सहयोग शामिल है।
2025 के नतीजे कई अग्रणी कंपनियों की मजबूती दिखाते हैं। डीएचजी फार्मा का शुद्ध राजस्व 7.8 प्रतिशत बढ़कर 5.27 ट्रिलियन वियतनामी डोंग (5.27 लाख करोड़ डोंग) रहा, जबकि कर-पूर्व लाभ 12.8 प्रतिशत बढ़कर 1.02 ट्रिलियन डोंग पहुंच गया। इमेक्सफार्म का राजस्व 11 प्रतिशत बढ़कर 2.44 ट्रिलियन डोंग रहा और उसका शुद्ध लाभ रिकॉर्ड 349 अरब डोंग पर पहुंचा। विनाफार्म का कर-पूर्व लाभ 38.5 प्रतिशत बढ़कर 705 अरब डोंग रहा।
विश्लेषक लंबा परिचालन इतिहास, भरोसेमंद ब्रांड, व्यापक वितरण और विदेशी निवेश की गुंजाइश रखने वाली कंपनियों पर ध्यान दे रहे हैं। ऐसी कंपनियां पूरी तरह नया वाणिज्यिक नेटवर्क बनाए बिना बेहतर उत्पादों और प्रणालियों के जरिए विकास कर सकती हैं।
आयातित कच्चे घटक अब भी बड़ी कमजोरी
वियतनाम का दवा उद्योग अपने सक्रिय औषधीय घटकों की करीब 80 से 90 प्रतिशत जरूरत आयात से पूरी करता है। इन आयातों में से लगभग 90 प्रतिशत चीन और भारत से आते हैं। सक्रिय औषधीय घटक वे पदार्थ हैं जो तैयार दवा में चिकित्सकीय असर पैदा करते हैं।
इस निर्भरता से निर्माताओं को मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव, जहाजरानी में बाधा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार तनाव और आपूर्तिकर्ताओं की कीमतों में बदलाव का जोखिम रहता है। घरेलू उत्पादन लागत चीन और भारत के निर्माताओं से अनुमानतः 20 से 25 प्रतिशत अधिक है, जिससे वियतनामी कंपनियों के लिए कीमत के आधार पर प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाता है।
सरकार ने 2030 तक घरेलू दवाओं की 80 प्रतिशत मांग स्थानीय उत्पादन से पूरी करने का लक्ष्य रखा है। एक अलग राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत उसी साल तक स्थानीय उद्योग से 20 प्रतिशत दवा कच्चे माल की आपूर्ति का लक्ष्य है। दीर्घकालीन उद्देश्य 2045 तक उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योग विकसित करना है, जो वैश्विक दवा आपूर्ति श्रृंखलाओं का हिस्सा बन सके।
थाई बिन्ह बायो फार्मा इंडस्ट्रियल पार्क समेत विशेष औद्योगिक परियोजनाओं का उद्देश्य रसायन उत्पादन, अनुसंधान और दवा विनिर्माण को समर्थन देना है। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रयोगशालाओं, कुशल कर्मचारियों, रासायनिक संयंत्रों और गुणवत्ता नियंत्रण में बड़े निवेश की जरूरत होगी।
लॉजिस्टिक्स और निर्यात से विकास को एक और आधार
दवा उत्पादन के लिए भरोसेमंद भंडारण और परिवहन जरूरी है, खासकर टीकों, जैविक दवाओं और ऐसे अन्य उत्पादों के लिए जिन्हें सीमित तापमान सीमा में रखना पड़ता है। 2020 से 2023 के बीच वियतनाम की कोल्ड स्टोरेज क्षमता करीब 45 प्रतिशत बढ़कर 2024 के अंत तक लगभग 1.3 मिलियन पैलेट हो गई। देश में 117 शीत भंडारण केंद्र, 1,499 रेफ्रिजरेटेड ट्रक और 47 विशेष परिवहन इकाइयां थीं।
निवेशकों द्वारा स्वचालित भंडारण, डिजिटल ट्रैकिंग और वास्तविक समय में तापमान की निगरानी वाली सुविधाएं बनाने से 2028 तक क्षमता 1.7 मिलियन पैलेट से अधिक हो सकती है। दक्षिणी प्रांत लॉन्ग आन, डोंग नाई और बिन्ह डुओंग बंदरगाहों, औद्योगिक क्षेत्रों और मेकांग डेल्टा तक पहुंच के कारण बड़ा लॉजिस्टिक्स केंद्र बनाते हैं। उत्तरी केंद्रों में हाई फोंग, बाक निन्ह और हुंग येन भी दवाओं और निर्यात विनिर्माण के लिए सेवाओं का विस्तार कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स कंपनियां इस नेटवर्क में निवेश कर रही हैं। लोटे ग्लोबल लॉजिस्टिक्स ने डोंग नाई में 34 मिलियन अमेरिकी डॉलर का कोल्ड चेन केंद्र विकसित करना शुरू किया है, जबकि निचिरेई और दाइवा हाउस ने लॉन्ग आन में परियोजनाओं को समर्थन दिया है। बेहतर तापमान नियंत्रण से दवाओं का नुकसान कम हो सकता है और निर्माताओं को यूरोप, जापान तथा अमेरिका के निर्यात मानक पूरे करने में मदद मिल सकती है।
वियतनाम ने 2025 में 312 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य की दवाएं और दवा सामग्री निर्यात कीं, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में चौथा सबसे बड़ा आंकड़ा था। इसमें विदेशी निवेश वाली कंपनियों का योगदान करीब 230 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। घरेलू खपत की तुलना में निर्यात की वृद्धि अब भी मामूली है, लेकिन यह स्थानीय स्तर पर बनी दवाओं पर बढ़ते भरोसे का संकेत देती है।
निवेशक अब किन बातों पर नजर रखेंगे
एसएचएस के शोध में 2025 से 2030 को विकास का नया चक्र बताया गया है। इस दौरान पारंपरिक जेनेरिक दवा उत्पादन से हटकर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों और अधिक मूल्य वाली दवाओं की ओर रुख होगा। वियत ड्रैगन सिक्योरिटीज को अस्पतालों में मजबूत वितरण, आधुनिक कारखानों और रणनीतिक निवेशकों के लिए पर्याप्त हिस्सेदारी वाली कंपनियों में और अधिग्रहण की उम्मीद है।
उद्योग के अनुमान के अनुसार, 2026 और 2027 के दौरान स्वास्थ्य सेवा और फार्मा क्षेत्र में 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य के पांच से सात सौदे हो सकते हैं। 2030 तक विदेशी निवेश वाली कंपनियां घरेलू दवा बाजार के 40 से 50 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण कर सकती हैं। हालांकि, यह अनुमान भविष्य के नियमों, कंपनियों के मूल्यांकन और स्थानीय कंपनियों की क्षमता बढ़ाने पर निर्भर करता है।
निवेशकों के लिए सबसे मजबूत दावेदार वे हो सकते हैं जिनके पास ईयू जीएमपी या जापान जीएमपी प्रमाणन, भरोसेमंद वित्तीय स्थिति, अस्पतालों तक पहुंच और अनुसंधान योजनाएं हों। कम लाभ वाले उत्पादों पर अधिक निर्भर या आधुनिकीकरण के लिए पूंजी की कमी झेल रही कंपनियों पर वैश्विक समूहों द्वारा प्रतिस्पर्धा का स्तर बढ़ाने से ज्यादा दबाव पड़ सकता है।
इसलिए वियतनाम का दवा बाजार खपत और औद्योगिक बदलाव, दोनों की कहानी बन रहा है। बढ़ती उम्र की आबादी और व्यापक बीमा कवरेज से मांग बढ़ रही है, जबकि विदेशी निवेश स्थानीय निर्माताओं को उत्पादन, शासन व्यवस्था और बाजार तक पहुंच बेहतर करने में मदद कर रहा है। मुख्य चुनौती पूंजी के इस प्रवाह को घरेलू अनुसंधान और कच्चे माल की मजबूत क्षमता में बदलने की होगी।
मुख्य बातें
- वियतनाम का दवा बाजार 2026 में 10 अरब अमेरिकी डॉलर के करीब पहुंचने की उम्मीद है।
- अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं कुल खपत का करीब 70 से 76 प्रतिशत हैं और खुदरा उत्पादों से तेजी से बढ़ रही हैं।
- ताइशो, लिवज़ॉन, एबॉट, डे वूंग और मिराए एसेट ने वियतनामी दवा कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी ली है।
- ईयू जीएमपी प्रमाणित कारखाने कम हैं और विदेशी निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक हैं।
- 2026 में इस क्षेत्र की आय करीब 10 से 12 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।
- वियतनाम अब भी अपने सक्रिय औषधीय घटकों का करीब 80 से 90 प्रतिशत आयात करता है।
- कोल्ड चेन में निवेश से तापमान-संवेदनशील दवाओं का भंडारण और वितरण बेहतर हो रहा है।
- भविष्य की वृद्धि अनुसंधान, उन्नत विनिर्माण और घरेलू स्तर पर कच्चे माल के मजबूत उत्पादन पर निर्भर करेगी।






