अनोखा असाइनमेंट हुआ वायरल
जब चुंगबुक नेशनल यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग गणित के छात्रों ने इस सेमेस्टर पाठ्यक्रम की रूपरेखा देखी, तो उन्हें अवकल समीकरणों और रैखिक बीजगणित के बीच एक ऐसा असाइनमेंट मिला जो बिल्कुल बेमेल लगा। प्रोफेसर कांग डोंग-वू ने उनसे कहा कि वे पाठ्यपुस्तकें छोड़ें, अप्रैल की गर्म होती हवा में बाहर निकलें और चेरी के फूलों की तस्वीरें खींचें। असाइनमेंट का नोटिस इंस्टाग्राम और थ्रेड्स समेत सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से फैला। उच्च शिक्षा के इस अपरंपरागत तरीके पर लोगों ने खूब चर्चा की और कुछ ही दिनों में पोस्ट को 20,000 से अधिक लाइक्स मिले।
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निर्देश सरल थे, लेकिन उनमें स्पष्टता थी। छात्रों को अप्रैल में फूल खिलने के मौसम के दौरान चेओंगजू या अपने रहने के इलाकों के मशहूर चेरी ब्लॉसम देखने के स्थलों पर जाना था, तस्वीरें खींचनी थीं और उन्हें पाठ्यक्रम के अंकों के लिए जमा करना था। असाइनमेंट में साफ मना किया गया था कि छात्र बस घर से बाहर या कैंपस में निकलकर पास के पेड़ों की झटपट तस्वीरें न खींच लें। इसके बजाय, उन्हें फूलों के नजारों के लिए मशहूर जगहों पर जाना था, ताकि यह अनुभव महज खानापूर्ति नहीं, बल्कि सचमुच की सैर बने।
वायरल पोस्ट इंजीनियरिंग केमिस्ट्री विभाग से आया था, जहां कांग कई वर्षों से पढ़ा रहे हैं। ऑनलाइन समुदायों में स्क्रीनशॉट फैलने के साथ ही लोगों ने तकनीकी सटीकता के लिए जाने जाने वाले क्षेत्र में रोमांस और मानवीय संवेदना लाने के लिए प्रोफेसर की सराहना की। नोटिस में बताया गया कि इस असाइनमेंट का मकसद उन इंजीनियरिंग छात्रों के मन को सुकून देना है जो भावनात्मक रूप से थक चुके हैं। उनसे कहा गया कि कम-से-कम एक दिन पढ़ाई की सामग्री में डूबे रहने के बजाय वसंत की गर्माहट का आनंद लें।
कैमरे के पीछे के प्रोफेसर
कांग डोंग-वू ने 3 अप्रैल को इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके वायरल असाइनमेंट की जिम्मेदारी ली और पुष्टि की कि इस अनोखे पाठ्यकार्य के पीछे वही थे। उनकी व्याख्या से आधुनिक विश्वविद्यालयी छात्रों की मानसिक और भावनात्मक स्थिति को लेकर उनकी गहरी चिंता सामने आई। उन्होंने लिखा कि जब वे उन युवाओं को देखते हैं जो नौकरी, प्रमाणपत्रों की जरूरतों और अनिश्चित भविष्य की चिंताओं से इतने दबे हुए लगते हैं कि पहले जैसे जीवंत और खुशमिजाज नहीं रह गए हैं, तो उनका दिल दुखता है।
कांग ने अपनी प्रेरणा बताते हुए इंस्टाग्राम पर साफगोई से लिखा:
नौकरी की चिंता, अपना बायोडाटा बेहतर बनाने के दबाव और भविष्य को लेकर व्यापक अनिश्चितता से थके हुए युवा छात्रों को देखकर मेरा दिल दुखता था। वे पहले जैसे जीवंत और खुशमिजाज नहीं दिखते थे, और इसी वजह से मैंने यह असाइनमेंट बनाया।
योनहाप समाचार एजेंसी के साथ बाद में हुए एक साक्षात्कार में कांग ने असाइनमेंट के पीछे की शिक्षण-दृष्टि को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पहले ही साल से इंजीनियरिंग के छात्र अक्सर अपना बायोडाटा बेहतर बनाने के लिए पुस्तकालयों में खुद को बंद कर लेते हैं और अपनी युवावस्था का आनंद लेना भूल जाते हैं। उनके अनुसार, जीवन के शुरुआती बीस वर्ष जवानी का सबसे अच्छा दौर हैं, जिसे पूरी तरह पढ़ाई और करियर की तैयारी में नहीं गंवाना चाहिए। चेरी ब्लॉसम का यह असाइनमेंट एक अनिवार्य हस्तक्षेप था, जो छात्रों को दक्षिण कोरिया के सबसे खूबसूरत मौसमों में से एक के दौरान बाहर निकलकर प्रकृति से जुड़ने के लिए प्रेरित करता था।
योनहाप से बातचीत में उन्होंने आगे कहा:
विश्वविद्यालय के पहले साल से ही छात्र पुस्तकालय में अपना बायोडाटा बनाने में इतने व्यस्त रहते हैं कि खुद का आनंद लेना भूल जाते हैं। सच कहूं तो बीस की उम्र के शुरुआती साल जवानी का सबसे अच्छा दौर होते हैं, इसलिए मैंने उन्हें बाहर जाकर इसका आनंद लेने के लिए मजबूर करने के मकसद से यह काम दिया।
कक्षा की दीवारों से परे
यह असाइनमेंट दक्षिण कोरिया की उच्च शिक्षा के लिए एक अहम समय पर सामने आया है। विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्रों में पढ़ने वाले छात्रों पर प्रतिस्पर्धी नौकरी बाजार में रोजगार पाने का भारी दबाव है। खास तौर पर इंजीनियरिंग के छात्रों को कठिन दिनचर्या से गुजरना पड़ता है, जिसमें भारी पाठ्यभार के साथ ऐसे प्रमाणपत्र, इंटर्नशिप और शोध अनुभव हासिल करने की मांग भी शामिल है जो उनके बायोडाटा को अलग पहचान दें। करियर विकास पर यह निरंतर ध्यान विश्वविद्यालय में दाखिले के तुरंत बाद शुरू हो जाता है, जिससे सामाजिक मेलजोल, आत्मखोज या साधारण फुरसत जैसे पारंपरिक कॉलेज अनुभवों के लिए बहुत कम समय बचता है।
कांग का तरीका इंजीनियरिंग छात्रों की सूखी और मुरझाई संवेदनाओं को संबोधित करता है। यह काव्यात्मक वर्णन इस बात को स्वीकार करता है कि तकनीकी शिक्षा कभी-कभी मानवीय भावना की उपेक्षा कर सकती है। चेरी के फूल देखने का दस्तावेजी प्रमाण मांगकर वे पढ़ाई की भागदौड़ में एक विराम लगाते हैं। यह असाइनमेंट इस समझ पर आधारित है कि लंबे समय की सफलता के लिए मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक लचीलापन उतने ही अहम हैं जितनी गणित में दक्षता या प्रयोगशाला के कौशल।
प्रोफेसर का तरीका शिक्षा जगत में इस बढ़ती समझ को दर्शाता है कि सर्वांगीण विकास के लिए संतुलन जरूरी है। जो छात्र विश्वविद्यालय का पूरा समय केवल अंकों और प्रमाणपत्रों पर केंद्रित होकर बिताते हैं, वे कामकाजी दुनिया में प्रभावशाली तकनीकी क्षमता के साथ तो पहुंच सकते हैं, लेकिन उनमें रचनात्मकता, भावनात्मक समझ या तनाव से निपटने की क्षमता कम हो सकती है। चेरी ब्लॉसम का असाइनमेंट शिक्षा के उस उपयोगितावादी नजरिये के खिलाफ एक छोटा, लेकिन अहम कदम है, जो विश्वविद्यालय को व्यक्तिगत विकास के दौर के बजाय मुख्य रूप से नौकरी की तैयारी का जरिया मानता है।
वसंत में फूल देखने की सांस्कृतिक परंपरा
यह असाइनमेंट चेरी के फूल देखने की गहरी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा है। जापानी में इसे हनामी और कोरियाई संदर्भ में बॉटक्कोत यॉहेंग कहा जाता है। दक्षिण कोरिया में चेरी के पेड़ों पर फूल खिलना वसंत के आगमन का संकेत है। थोड़े समय के लिए खिलने वाले शानदार गुलाबी और सफेद फूल शहरों और पहाड़ी ढलानों का रूप बदल देते हैं। यह नजारा सुंदरता और जीवन की क्षणभंगुरता के रूपक के तौर पर प्रतीकात्मक महत्व रखता है। यह विचार पूर्वी एशियाई दार्शनिक परंपराओं में गहराई से गूंजता है।
जिन्हे शहर में दक्षिण कोरिया का सबसे बड़ा चेरी ब्लॉसम उत्सव आयोजित होता है। यहां 3,40,000 से अधिक चेरी के पेड़ हैं, जो सड़कों, नालों और पहाड़ी ढलानों पर फूलों की छतरियां बना देते हैं। फूल खिलने के चरम समय में, जो आम तौर पर अप्रैल की शुरुआत में आता है, लाखों लोग इस नजारे को देखने पहुंचते हैं। फूलों से लदी शाखाओं के नीचे खड़े होने के लिए वे लंबी कतारों और भीड़ का सामना करते हैं। यह अनुभव शहरी दिनचर्या से कुछ समय की राहत देता है और लोगों को हवा में उड़ती पंखुड़ियों को देखने का मौका देता है। प्रत्यक्षदर्शी अक्सर इस माहौल को जादुई बताते हैं।
छात्रों को मशहूर स्थलों पर जाने की शर्त रखकर कांग यह सुनिश्चित करते हैं कि वे इस साझा सांस्कृतिक अनुभव में हिस्सा लें, न कि पास के किसी फूलदार पेड़ की तस्वीर भर लें। यह असाइनमेंट युवाओं को ऐसी मौसमी परंपरा से जोड़ता है जो आधुनिक पढ़ाई के दबाव से बहुत पहले से चली आ रही है। इससे उन्हें याद आता है कि वे उन लोगों की परंपरा का हिस्सा हैं जो सदियों से प्राकृतिक सुंदरता को सराहने के लिए ठहरते आए हैं। फूलों की तस्वीर लेना सक्रिय ध्यान का एक रूप बन जाता है: छात्रों को तस्वीर का फ्रेम तय करना होता है, नजरिया बदलना होता है और आसपास के नजारे को सचमुच देखना होता है, न कि बस उसे सरसरी तौर पर निहारना।
इसका सांस्कृतिक महत्व साधारण पर्यटन से कहीं आगे जाता है। कोरिया में चेरी ब्लॉसम का मौसम नई शुरुआत और आत्मचिंतन का एक तय समय होता है। कंपनियां, स्कूल और परिवार अक्सर फूल देखने के लिए खास तौर पर सैर का आयोजन करते हैं, क्योंकि वे प्रकृति के चक्रों से जुड़ने के मनोवैज्ञानिक लाभों को पहचानते हैं। कांग का असाइनमेंट इस सांस्कृतिक परंपरा को शैक्षणिक ढांचे का हिस्सा बनाता है और सुंदरता का अनुभव करने तथा भावनात्मक सुकून पाने को शिक्षा की वैध गतिविधियों के रूप में मान्यता देता है।
खुला मकसद, सख्त नियम
असाइनमेंट का मिजाज भले ही रोमानी हो, लेकिन कांग ने इसके लिए सख्त नियम तय किए हैं, जो उनकी शिक्षण मंशा दिखाते हैं। छात्रों को ऐसी तस्वीरें जमा करनी होती हैं जिनमें EXIF मेटाडेटा हो, ताकि तस्वीर खींचने की तारीख और जगह की पुष्टि हो सके। इससे यह सुनिश्चित होता है कि वे फूल खिलने के मौसम में तय स्थलों पर सचमुच गए थे, न कि पुरानी तस्वीरें दोबारा इस्तेमाल कीं या कैंपस के पास के पेड़ों की तस्वीरें खींच लीं। यह तकनीकी शर्त न केवल शॉर्टकट अपनाने से रोकती है, बल्कि छात्रों को डिजिटल फोटोग्राफी का दस्तावेजीकरण भी सिखाती है।
कैंपस के चेरी के पेड़ों या पड़ोस के पेड़ों की तस्वीरें खींचने पर रोक का एक खास मनोवैज्ञानिक मकसद है। छात्रों को चेओंगजू या अन्य मशहूर जगहों पर फूल देखने के लिए भेजकर प्रोफेसर उन्हें ऐसी यात्राएं करने के लिए बाध्य करते हैं जिनमें योजना बनानी पड़ती है, समय देना पड़ता है और वसंत की सुंदरता के लिए खास तौर पर चुनी गई जगहों पर मौजूद रहना पड़ता है। यात्रा खुद शैक्षणिक अनुभव का हिस्सा बन जाती है, क्योंकि असाइनमेंट पूरा करने के लिए छात्रों को सार्वजनिक परिवहन, भीड़ और अनजान इलाकों से होकर गुजरना पड़ता है।
छात्र अपनी तस्वीरें अकेले या समूह में खिंचवा सकते हैं, जिससे अलग-अलग व्यक्तित्व और सामाजिक पसंद के मुताबिक विकल्प मिलता है। वे अपनी तस्वीरें ईमेल से जमा करते हैं। इससे वसंत के पलों का एक डिजिटल संग्रह बनता है, जिसे कांग ने यह पाठ्यक्रम पढ़ाने के छह वर्षों में इकट्ठा किया है। परिचित माहौल से बाहर जाने की शर्त यह सुनिश्चित करती है कि छात्र अपनी रोजमर्रा की पढ़ाई में सचमुच विराम लगाए बिना यह काम पूरा नहीं कर सकते।
ये पाबंदियां तकनीकी क्षेत्रों में रचनात्मक असाइनमेंट की एक आम समस्या का समाधान करती हैं: छात्र ऐसे कामों में कम-से-कम मेहनत कर सकते हैं जिन्हें वे कम अहम समझते हैं। चेरी ब्लॉसम देखने के काम को प्रयोगशाला की रिपोर्ट या गणित के सवालों जितनी गंभीरता देकर कांग बताते हैं कि भावनात्मक और सौंदर्यबोध से जुड़े अनुभव भी गंभीर ध्यान और उचित दस्तावेजीकरण के हकदार हैं। विडंबना यह है कि ये सख्त नियम आजादी की गुंजाइश पैदा करते हैं, क्योंकि खास जगहों तक जाने वाले छात्र अक्सर फूलों से लदे पेड़ों के नीचे घंटों घूमते हैं, बजाय इसके कि झटपट तस्वीर लेकर अपनी मेज पर लौट आएं।
छह साल से जारी परंपरा
2021 में एक प्रयोग के तौर पर शुरू हुआ यह कदम अब कांग के इंजीनियरिंग गणित पाठ्यक्रमों की प्रिय परंपरा बन गया है। महामारी के दौरान लगी सामाजिक पाबंदियों से लेकर मौजूदा दौर तक, लगातार छह साल से प्रोफेसर हर वसंत में यही निर्देश दे रहे हैं। यह निरंतरता छात्रों की भलाई के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दिखाती है, जो शिक्षा के अस्थायी चलनों या वायरल होने के आसान मौकों से आगे जाती है।
कांग असाइनमेंट पूरा करने की दर पर उतनी ही बारीकी से नजर रखते हैं जितनी परीक्षा के अंकों पर। छह वर्षों में उनकी रिपोर्ट के मुताबिक हर छात्र ने असाइनमेंट पूरा किया है। यानी इसमें 100 प्रतिशत भागीदारी रही है, जो बताता है कि शुरुआत में संदेह होने के बावजूद यह काम छात्रों को पसंद आता है। कुछ छात्र मध्यावधि परीक्षाओं या प्रमाणपत्र की समय-सीमाओं के दबाव में फूलों की तस्वीरें लेने के लिए पढ़ाई से समय निकालने से हिचक सकते हैं। फिर भी अंततः किसी ने इस मौके को ठुकराया नहीं।
कांग ने कहा है कि वायरल पोस्ट से मिली सार्वजनिक चर्चा उन्हें अपनी शिक्षण पद्धति को और बेहतर बनाने की प्रेरणा देती है। उन्होंने लोगों की उत्साहजनक टिप्पणियों के लिए आभार जताया, साथ ही माना कि इस पहचान से उन पर एक सक्षम तकनीकी शिक्षक होने के साथ-साथ ऐसा मार्गदर्शक बनने की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी आती है जो छात्रों की भावनात्मक भलाई की सचमुच परवाह करता हो। यह असाइनमेंट उनकी शिक्षण पहचान की खास विशेषता बन गया है। इससे वे ऐसे शिक्षक के रूप में पहचाने जाते हैं जो अपने छात्रों की मानवीय संवेदना को बनाए रखने के लिए इंजीनियरिंग पढ़ाने की परंपराओं को चुनौती देने को तैयार हैं।
उन्हें उम्मीद है कि यह विचार उनकी कक्षा से बाहर भी फैलेगा। उनका कहना है कि हर किसी को सफर या सैर के दौरान वसंत का आनंद लेने के लिए कुछ पल निकालने चाहिए और अपनी पढ़ाई या काम की स्थिति से परे, दिनों को खुशनुमा यादों से भरना चाहिए। इस व्यापक संदेश ने उनकी कहानी को लोकप्रिय बनाने में मदद की है। कामकाजी लोग भी अपने करियर के दबावों के बीच मौसमी सुंदरता को सराहने के लिए ठहरने के उन छूटे हुए मौकों को इसमें पहचानते हैं।
मुख्य बातें
- चुंगबुक नेशनल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर कांग डोंग-वू ने छात्रों के तनाव और चिंता को कम करने के लिए अपने इंजीनियरिंग गणित पाठ्यक्रम में चेरी ब्लॉसम की तस्वीरें खींचने का असाइनमेंट दिया है
- 2021 में शुरू हुई छह साल पुरानी इस परंपरा के तहत छात्रों को GPS मेटाडेटा के साथ मशहूर स्थलों पर जाकर तस्वीरें खींचनी होती हैं, न कि कैंपस में सुविधाजनक जगह पर
- यह असाइनमेंट इंस्टाग्राम और थ्रेड्स पर वायरल हुआ, इसे 20,000 से अधिक लाइक्स मिले और लोगों ने प्रोफेसर की सराहना करते हुए उन्हें सच्चा मार्गदर्शक कहा
- शुरुआत से अब तक हर छात्र ने यह असाइनमेंट पूरा किया है, यानी लगातार छह वर्षों से भागीदारी की दर 100 प्रतिशत रही है
- प्रोफेसर ने यह काम इंजीनियरिंग छात्रों को पुस्तकालय में पढ़ाई और बायोडाटा बनाने से बाहर निकालकर उनकी जवानी के बेहतरीन दौर का अनुभव कराने के लिए तैयार किया
- कांग को उम्मीद है कि यह विचार शिक्षा से परे भी लोगों को मौसमी सुंदरता और भावनात्मक भलाई की कद्र करने के लिए प्रेरित करेगा






