हरित क्षेत्र अब अधिकार के रूप में क्यों अहम हैं
वियतनाम के दो सबसे बड़े शहर घने शहरी केंद्रों में प्रकृति लौटाने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं। हो ची मिन्ह सिटी में अब योजनाओं के तहत 20 हेक्टेयर के बेन न्हा रोंग–खान्ह होई बंदरगाह क्षेत्र का 60 प्रतिशत हिस्सा सार्वजनिक पार्क के लिए आरक्षित है, जो शुरुआती आवंटन से काफी अधिक है। 1 ली थाई तो स्थित 3.7 हेक्टेयर की एक अन्य सार्वजनिक भूमि को भी हरित क्षेत्र बनाया जाना है। राजधानी हनोई में कार्यालयों और आवास के लिए पहले इस्तेमाल की गई दो हेक्टेयर से अधिक भूमि खाली कर केंद्रीय चौक बनाया जा रहा है और डोंग किन्ह न्घिया थुक चौक का उन्नयन किया जा रहा है। ये महज दिखावटी बदलाव नहीं हैं। ये इस नई समझ को दर्शाते हैं कि पार्क, चौक, फुटपाथ, जलाशय और पेड़ों का आवरण नागरिक बुनियादी ढांचे का हिस्सा हैं, जो लोगों को सांस लेने, आने-जाने, गर्मी से राहत पाने और एकत्र होने में मदद करते हैं।
विषय-सूची
- हरित क्षेत्र अब अधिकार के रूप में क्यों अहम हैं
- हो ची मिन्ह सिटी और हनोई बदलाव के संकेत दे रहे हैं
- हरित क्षेत्र के मामले में वियतनाम की स्थिति
- कानून और प्रशासन तय करते हैं कि जमीन पर पार्क कैसे बनेंगे
- राष्ट्रीय नीतियों से उभरते संकेत
- हरित क्षेत्र जलवायु सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा हैं
- ऐसा डिजाइन जो लोगों के काम आए, सिर्फ कागजी योजनाओं के नहीं
- पहुंच को केंद्र में रखें और हरित जेंट्रिफिकेशन से बचें
- सरकारी भूमि को साझा संपत्ति में बदलना
- धन, प्रोत्साहन और आर्थिक लाभ
- शहर अब क्या कर सकते हैं
- प्रगति पर नजर और भरोसा कायम करना
- जानने योग्य बातें
यह बदलाव उस व्यापक सिद्धांत से मेल खाता है जिसे कई कार्यकर्ता और नगर नियोजक सांस लेने का अधिकार कहते हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने 2021 में स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ पर्यावरण के अधिकार को मान्यता दी थी और संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2022 में इसकी पुष्टि की (UNGA 2022)। स्वच्छ हवा और प्रकृति तक पहुंच को अधिकार मानने का अर्थ है कि सार्वजनिक स्थान वैकल्पिक सुविधाएं नहीं हैं। वे बुनियादी स्वास्थ्य, सामाजिक जीवन और जलवायु के प्रति लचीलापन के लिए जरूरी हैं।
सवाल यह है कि इस सिद्धांत को वास्तविक निर्माण में कैसे बदला जाए। वियतनाम में मौजूदा पार्कों की उपलब्धता राष्ट्रीय लक्ष्यों से कम और अंतरराष्ट्रीय प्रचलन से बहुत पीछे है। कभी-कभी हरित क्षेत्र घटाने वाली परियोजनाएं भी आगे बढ़ जाती हैं, जिससे जनता का भरोसा कमजोर होता है। मजबूत कानूनी और नियोजन ढांचा नया दृष्टिकोण स्थापित कर सकता है, जिसमें सार्वजनिक भूमि को सामुदायिक संपत्ति में बदला जाए और निजी परियोजनाओं के लिए सुलभ, टिकाऊ सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना अनिवार्य हो। देश इस दृष्टिकोण को आजमाना शुरू कर रहा है, लेकिन काम का पैमाना बड़ा और समयसीमा सख्त है।
हो ची मिन्ह सिटी और हनोई बदलाव के संकेत दे रहे हैं
कई वर्षों तक बेन न्हा रोंग–खान्ह होई बंदरगाह क्षेत्र खाली पड़ा रहा। इससे यातायात का एक अहम मार्ग बाधित हुआ और बाहरी जिलों तथा शहर के केंद्र के बीच जाम बढ़ा। क्षेत्र के बड़े हिस्से को पार्क में बदलने की नई योजना से आवाजाही फिर शुरू होगी और लंबे समय से जरूरी रहे नदीतट के खुले स्थान की सुविधा मिलेगी। शहर ने पार्कों के लिए 1 ली थाई तो स्थल समेत खाली पड़े सार्वजनिक भूखंडों की पहचान भी की है और पार्क निर्माण में तेजी लाने के लिए भूमि भंडार की समीक्षा कर रहा है।
अब लक्ष्य अधिक स्पष्ट हैं। हो ची मिन्ह सिटी का लक्ष्य 2030 तक प्रति निवासी कम से कम एक वर्ग मीटर सार्वजनिक हरित क्षेत्र उपलब्ध कराना है। अभी यह आंकड़ा प्रति व्यक्ति लगभग 0.55 वर्ग मीटर है और हरित क्षेत्र भीतरी जिलों में केंद्रित हैं। कई उपनगरीय जिलों में अब भी कोई सार्वजनिक पार्क नहीं है। कुछ मामलों में पार्क की जमीन सड़क चौड़ी करने के लिए ले ली गई या उसे पार्किंग स्थल में बदल दिया गया। हाल के वर्षों में शहर ने हजारों पेड़ लगाए और पार्कों का क्षेत्रफल बढ़ाया है, लेकिन अधिकारी मानते हैं कि नतीजे उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे।
हनोई भी नए चौक और ऐतिहासिक चौकों के उन्नयन के साथ केंद्रीय सार्वजनिक स्थलों को नया रूप दे रहा है। ये परियोजनाएं सुरक्षित ढंग से टहलने, आराम करने और एकत्र होने की जगहों की लगातार उठती सार्वजनिक मांग का जवाब हैं। अतीत में निर्माण के कई दौरों के दौरान राजधानी के पुराने इलाकों के कई तालाब और हरित भूखंड खत्म हो गए। इस रुझान को पलटने के लिए बचे हुए जलाशयों की मजबूत सुरक्षा और सरकारी जमीन के रचनात्मक पुनः उपयोग की जरूरत होगी, ताकि जुड़े हुए पार्कों और सैरगाहों का नेटवर्क बनाया जा सके।
हरित क्षेत्र के मामले में वियतनाम की स्थिति
वियतनाम का राष्ट्रीय मानक प्रमुख शहरों में प्रति निवासी 7 से 9 वर्ग मीटर पार्क भूमि का लक्ष्य रखता है। लेकिन इस लक्ष्य और वास्तविकता के बीच बड़ा अंतर है। हनोई में प्रति व्यक्ति लगभग 2 वर्ग मीटर और हो ची मिन्ह सिटी में करीब 0.55 वर्ग मीटर है। अमल असमान है और कुछ स्वीकृत परियोजनाओं से खुला स्थान घटा है। ये नतीजे केवल तकनीकी विफलताएं नहीं हैं। इनका असर समानता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और जलवायु के लिए तैयारी पर पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव दिखाता है कि मजबूत बुनियादी मानक क्या हासिल कर सकते हैं। जापान में क्षेत्र निर्धारण नियम और भूमि उपयोग मानक यह तय करते हैं कि निर्माण शुरू होने से पहले सार्वजनिक क्षेत्र कैसा होगा। मोहल्लों की योजना इस तरह बनाई जाती है कि अधिकांश निवासी 250 मीटर के भीतर 0.25 हेक्टेयर के मोहल्ला पार्क और 500 मीटर के भीतर दो हेक्टेयर के सामुदायिक पार्क तक पहुंच सकें। पुराने इलाकों में छोटे पार्कों से खाली जगहों की कमी पूरी होती है, जबकि बड़े क्षेत्रीय पार्क, खेल वन और आपदा सुरक्षा के लिए खुले क्षेत्र व्यापक आबादी की जरूरतें पूरी करते हैं। राष्ट्रीय हरित दिशानिर्देश प्रति निवासी 10 से 15 वर्ग मीटर पार्क क्षेत्र का लक्ष्य रखते हैं। 2024 का हरित क्षेत्र कानून पार्कों को जलवायु लक्ष्यों, जैव विविधता और छतों, पार्किंग स्थलों तथा सार्वजनिक इमारतों को हरित बनाने के प्रोत्साहनों से जोड़ता है। पहली नजर में टोक्यो कंक्रीट का शहर लग सकता है, फिर भी वहां तीन प्रतिष्ठित पार्क हैं: उएनो, योयोगी और शिंजुकु ग्योएन, जिनमें से प्रत्येक करीब 54 हेक्टेयर का है। महानगरीय क्षेत्र में शोवा किनेन पार्क भी है, जिसका आकार लगभग 150 हेक्टेयर है।
हनोई के हरित नियोजन का इतिहास भी बदलते प्रभावों और रुक-रुककर हुए क्रियान्वयन को दर्शाता है। फ्रांसीसी औपनिवेशिक काल, सोवियत दौर और वैश्वीकरण के दशकों का अध्ययन करने वाले शोध से पता चलता है कि योजनाओं का लक्ष्य बार-बार भीड़ कम करना, हवा की गुणवत्ता सुधारना और मनोरंजन के लिए जगह देना रहा। भूमि उपयोग की पाबंदियों, पार्कों के उद्देश्य को लेकर अलग-अलग धारणाओं और दीर्घकालिक दृष्टि की कमी के कारण अमल पीछे रहा। सबक सीधा है: स्पष्ट नियमों, प्रोत्साहनों और संस्थागत क्षमता के बिना अच्छी योजनाओं को जमीन पर उतारना मुश्किल होता है।
कानून और प्रशासन तय करते हैं कि जमीन पर पार्क कैसे बनेंगे
बुनियादी मानक तय करने का सबसे प्रभावी माध्यम कानून है। वियतनाम में नियोजन कानून है, लेकिन यह शहरी पुनर्विकास के लिए समर्पित कानून के रूप में काम नहीं करता। शहरी नियोजन को आंशिक रूप से सरकारी आदेश दिशा देते हैं, जिससे सार्वजनिक स्थानों से जुड़ी जरूरतों को लेकर निश्चितता सीमित रहती है। इससे शहरों को हर परियोजना पर अलग-अलग बातचीत की गुंजाइश मिलती है, जो अक्सर अल्पकालिक प्राथमिकताओं के पक्ष में जाती है।
कई देश विकास परियोजनाओं की मंजूरी में ही सार्वजनिक स्थान की जिम्मेदारियां शामिल करते हैं। यूनाइटेड किंगडम का नियोजन कानून, धारा 106 के समझौतों के जरिये, पूर्व औद्योगिक भूमि के विकासकर्ताओं से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में धनराशि या निर्मित परिसंपत्तियों के रूप में योगदान अनिवार्य करता है। हैम्बर्ग के बंदरगाह पर बड़े पुनर्विकास क्षेत्र हाफेनसिटी में परियोजनाओं को सार्वजनिक स्थान का तय हिस्सा देना और भूतल तक जनता की पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है। न्यूयॉर्क सिटी में नदीतट के विकासकर्ताओं को परमिट पाने के लिए सार्वजनिक सैरगाह बनानी होती है। नीदरलैंड का पर्यावरण और नियोजन कानून स्वामित्व बदलने पर भी नदी किनारों को जनता के लिए खुला रखने हेतु भूमि की अदला-बदली की अनुमति देता है। जहां ये नियम लागू हैं, वहां पानी के किनारे पार्क और सैरगाह बनाए जाते हैं और इमारतों को पीछे रखा जाता है। इससे लोगों की पहुंच और बाढ़ के दौरान सुरक्षा बढ़ती है। अच्छी तरह बनाए गए पार्कों के आसपास अक्सर संपत्ति के मूल्य बढ़ते हैं, जिससे विकासकर्ता अपनी लागत वसूल कर सकते हैं। सार्वजनिक स्थान कोई घाटे का सौदा नहीं है। उससे टिकाऊ मूल्य पैदा हो सकता है।
राष्ट्रीय नीतियों से उभरते संकेत
वियतनाम हरित कानूनी साधन विकसित करने की दिशा में कदम उठा रहा है। निर्माण मंत्रालय ने देश के पहले राष्ट्रीय हरित भवन मानकों पर काम की घोषणा की है। अधिकारियों के अनुसार, हरित भवन और स्वच्छ परिवहन हरित अर्थव्यवस्था के मूल आधार हैं। उन्होंने वित्तपोषण, श्रमिकों के प्रशिक्षण और कम कार्बन वाली निर्माण सामग्री के मानकों की जरूरत पर जोर दिया है। देशभर में निर्माण क्षेत्र की सैकड़ों हरित परियोजनाओं को पहले ही प्रमाणन मिल चुका है और बड़े शहर इलेक्ट्रिक बसों तथा चार्जिंग बुनियादी ढांचे की पायलट परियोजनाएं चला रहे हैं।
नवंबर में सतत शहरी विकास पर हुए राष्ट्रीय मंच में नियोजन, जलवायु अनुकूलन और वित्तपोषण को जोड़ने के तरीकों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने योजनाओं में जलवैज्ञानिक और हाइड्रोलिक सिमुलेशन अनिवार्य करने, नए जलवायु आंकड़ों के अनुरूप निर्माण मानकों को अद्यतन करने और साझा डेटा के जरिये मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय की अपील की। जलवायु वित्त विशेषज्ञों ने अधिक रियायती वित्तपोषण और सार्वजनिक निवेश संबंधी फैसलों में आपदा जोखिम की नियमित जांच की मांग की। हनोई 2030 तक शहर के प्रमुख हिस्सों में अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए कम उत्सर्जन वाले क्षेत्र तैयार कर रहा है। हो ची मिन्ह सिटी का लक्ष्य है कि 2030 तक सभी बसें बिजली या अन्य हरित ऊर्जा से चलें और इसके लिए नए चार्जिंग नेटवर्क भी बनाए जाएं। इन उपायों का लक्ष्य स्वच्छ हवा और सुरक्षित सड़कें हैं। इन्हें आपस में जुड़े पार्कों और सार्वजनिक गलियारों के नेटवर्क को भी सहारा देने पर पूरा लाभ मिलेगा।
हरित क्षेत्र जलवायु सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा हैं
गर्मी और बाढ़ का जोखिम बढ़ रहा है। वियतनाम के शहर नदी डेल्टाओं पर बसे हैं, जहां कभी आर्द्रभूमियां और तालाब मौसमी बारिश का पानी सोख लेते थे। जैसे-जैसे कंक्रीट ने इन प्राकृतिक जल सोखने वाले क्षेत्रों को ढका, अचानक आने वाले तूफानों का पानी सड़कों और बेसमेंट में जमा होने लगा। 2025 में आए कई भीषण तूफानों से शहर कई दिनों तक जलमग्न रहे। पक्की सतहों से पानी इतनी तेजी से बहा कि जल निकासी प्रणालियां उसे संभाल नहीं सकीं। कई प्रांत अब पूर्व चेतावनी प्रणालियों, बड़े नालों और ऐसे प्राकृतिक नदीतटों में निवेश कर रहे हैं जो वर्षा का पानी छोड़ने से पहले उसे धीमा करके जमा करते हैं।
हरित क्षेत्र इस व्यवस्था का सक्रिय हिस्सा हैं। पेड़ और घास शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव को कम करते हैं। तालाब, जल संग्रह क्षेत्र और लगाए गए पौधों वाले नदी तट भारी बारिश के दौरान पानी जमा करते हैं और सामान्य मौसम में मनोरंजन की जगह बन जाते हैं। छायादार और पानी सोखने वाली सतहों वाले फुटपाथ इन जगहों को जोड़ते हैं, ताकि लोग अत्यधिक गर्मी से परेशान हुए बिना पैदल चल सकें। हो ची मिन्ह सिटी की 2040 तक की संशोधित मास्टर योजना इसी सोच को स्थायी रूप देने की कोशिश करती है। शहर को छह कार्यात्मक क्षेत्रों में बांटा गया है, जिनमें पारिस्थितिक गलियारों का नेटवर्क, नई सार्वजनिक परिवहन लाइनें और ज्वारीय अवरोधों को हरित बुनियादी ढांचे से जोड़ने वाली बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। योजना में परिवहन केंद्रों के आसपास 15 से 20 मिनट की दूरी पर दर्जनों ऐसे आवासीय और कार्यस्थलीय समूह बनाने का प्रस्ताव है, जिससे लंबी आवाजाही और कारों का इस्तेमाल घटे। इसे पूरा होने में कई वर्ष लगेंगे, लेकिन दिशा स्पष्ट है।
शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने केवल कंक्रीट पर निर्भर रहने के प्रति आगाह किया है। हनोई में बाढ़ का अध्ययन कर चुके पर्यावरण इंजीनियर होंग न्गोक न्गुएन ने कहा कि राजधानी को यह मानना होगा कि भारी बारिश अब अधिक बार होगी और सड़कों तथा नदियों को इस तरह डिजाइन करना होगा कि वे पानी के साथ तालमेल बिठा सकें। न्गुएन के शब्दों में:
हम पानी को नियंत्रित नहीं कर सकते।
यह दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय जलवायु विज्ञान के अनुरूप है। हांगकांग सिटी यूनिवर्सिटी में पृथ्वी विज्ञान के प्रोफेसर बेंजामिन हॉर्टन ने क्षेत्र के जोखिम का स्पष्ट शब्दों में वर्णन किया है:
वियतनाम और उसके पड़ोसी देश जलवायु संकट की अग्रिम पंक्ति में हैं।
इन वास्तविकताओं के अनुरूप डिजाइन करने का अर्थ है जलमार्गों को बचाना, ढकी हुई नदियों और नालों को फिर से खोलना और प्राकृतिक जल निकासी रोकने वाले निर्माण पर प्रतिबंध लगाना। इसका अर्थ स्वच्छ हवा भी है। पार्क कुछ प्रदूषकों को सोखते हैं और लोगों को वाहनों के धुएं से दूर जगह देते हैं। PM2.5 और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड घटाने के लिए उत्सर्जन नियम, कम उत्सर्जन वाले क्षेत्र और इलेक्ट्रिक बसें जरूरी हैं। सांस लेने के एक ही अधिकार के तहत पार्क और स्वच्छ परिवहन एक-दूसरे को मजबूत करते हैं।
ऐसा डिजाइन जो लोगों के काम आए, सिर्फ कागजी योजनाओं के नहीं
नए पार्क सुरक्षित, उपयोगी और स्वागतपूर्ण महसूस होने चाहिए। ह्यू में नगर नियोजकों, डिजाइनरों और प्रबंधकों के साक्षात्कार बताते हैं कि पारिस्थितिक डिजाइन के सामने वास्तविक चुनौतियां हैं। कई हितधारक ठंडक, जैव विविधता और बाढ़ के पानी को धीमा करने जैसी पारिस्थितिकी सेवाओं के बजाय प्रति व्यक्ति वर्ग मीटर में तेजी से बढ़ोतरी पर ध्यान देते हैं। स्थानीय पौधों की उपलब्धता सीमित है और प्राकृतिक शैली के भूदृश्यों को लेकर अनुभव की कमी है। अलग-अलग विभागों की टीमें हमेशा एक जैसे प्रोत्साहनों या समयसीमाओं के तहत काम नहीं करतीं। कई विशेषज्ञ और निवासी पारंपरिक सौंदर्यबोध और आसान रखरखाव को प्राथमिकता देते हैं। उन्हें चिंता है कि अधिक प्राकृतिक शैली के डिजाइन बेतरतीब दिख सकते हैं या कीटों को आकर्षित कर सकते हैं।
इसका व्यावहारिक समाधान मिश्रित दृष्टिकोण है। शहर घास के मैदान, आर्द्रभूमि और छायादार पेड़ों के साथ कटे हुए लॉन, खुली नजर आने वाली जगहें और बच्चों की गाड़ियों तथा व्हीलचेयर के अनुकूल रास्ते बना सकते हैं। शिक्षा और नमूना परियोजनाओं से अधिक प्राकृतिक रूपों को लेकर सहजता बढ़ सकती है। बजट में रखरखाव दलों का प्रशिक्षण और स्थानीय पौधे उगाने वालों के साथ अनुबंध शामिल किए जा सकते हैं। समय के साथ लोगों की अपेक्षाएं बदलती हैं, जब वे देखते हैं कि प्राकृतिक शैली के पार्क उपयोगी, सुरक्षित और सुंदर बने रहते हैं।
पहुंच को केंद्र में रखें और हरित जेंट्रिफिकेशन से बचें
उपोष्णकटिबंधीय एशियाई शहरों के नीति निर्माता आगाह करते हैं कि जलवायु अनुकूलन से जुड़े पार्क आसपास की संपत्ति के मूल्य बढ़ा सकते हैं। इससे उन समुदायों के ही वहां से विस्थापित होने का जोखिम है जिन्हें गर्मी से राहत और बाढ़ से सुरक्षा की सबसे ज्यादा जरूरत है। हनोई, ताइपे और फुकुओका पर हुए शोध से पता चलता है कि ऐसे संस्थानों का होना अहम है जो विभागों, विकासकर्ताओं और नागरिक समाज को जोड़ें। समावेशी डिजाइन, शुरुआत से ही समुदाय की भागीदारी और न्याय पर ध्यान देने से पार्कों के अलग-थलग परिसरों में बदलने का जोखिम घटता है। हनोई में कई युवा बताते हैं कि वास्तविक सार्वजनिक स्थान घट रहे हैं, जिससे उन्हें मॉल और कैफे का रुख करना पड़ता है, जो निजी अर्ध-सार्वजनिक जगहों की तरह काम करते हैं। पारदर्शी नियोजन और खुली पहुंच से भरोसा फिर कायम हो सकता है और पार्कों का इस्तेमाल करने वालों का दायरा बढ़ सकता है।
सरकारी भूमि को साझा संपत्ति में बदलना
वियतनाम बढ़ते शहरों के भीतर पूर्व बंदरगाहों, कारखानों और रेल यार्डों समेत सरकारी स्वामित्व वाली बड़े क्षेत्र की भूमि पर नियंत्रण रखता है। ये स्थल शहर के फेफड़े और जोड़ने वाले गलियारे बन सकते हैं। स्पष्ट नियम इस संभावना को पार्क निर्माण की लगातार चलने वाली प्रक्रिया में बदल सकते हैं। शहर सरकारी भूमि के हस्तांतरण के लिए सार्वजनिक स्थान का न्यूनतम अनुपात तय कर सकते हैं और नदीतट तक लगातार पहुंच अनिवार्य कर सकते हैं। योजनाओं में नदी किनारे के सैरगाहों की चौड़ाई, पेड़ों की छतरी के लक्ष्य और खेल के मैदानों तथा खेल स्थलों की जगहें तय की जा सकती हैं। तय मानकों के अनुरूप सार्वजनिक संपत्तियां उपलब्ध कराने के बदले विकासकर्ताओं को अतिरिक्त निर्मित क्षेत्र या शीघ्र मंजूरी दी जा सकती है। जहां भूमि पुनर्समायोजन संभव हो, वहां एजेंसियां निवासियों को हटाए बिना लगातार पार्क गलियारे और खुले चौक बनाने के लिए भूमि की अदला-बदली कर सकती हैं।
जापान के पुनर्विकास मॉडल में प्रत्येक परियोजना को यह बताना होता है कि वह कौन-सी सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, वे कहां होंगी और व्यापक नेटवर्क में उनकी क्या भूमिका होगी। वियतनाम में भी इसी तरह का तरीका काम कर सकता है। अनुबंधों में संचालन के शुरुआती वर्षों के पार्क रखरखाव के लिए अलग से धन सुरक्षित रखा जा सकता है और समय पर काम पूरा होने को सुनिश्चित करने के लिए प्रदर्शन गारंटी ली जा सकती है। प्रमुख मार्गों के किनारे भूतल के हिस्से दिन के समय जनता के लिए खुले रखे जा सकते हैं, ताकि निजी इमारतें सार्वजनिक क्षेत्र का हिस्सा बनें। दुनिया के कई उदाहरण दिखाते हैं कि ऐसी शर्तें निवेश को दूर नहीं भगातीं, बल्कि उसे दिशा देती हैं।
धन, प्रोत्साहन और आर्थिक लाभ
अच्छी जगह पर बने पार्क आसपास की जमीन का मूल्य बढ़ा सकते हैं और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा दे सकते हैं। यही एक कारण है कि कई शहर निजी परियोजनाओं में नदीतट के सैरगाह और चौक बनाना अनिवार्य करते हैं। वियतनाम भी इसी लाभकारी प्रभाव का फायदा उठा सकता है। धारा 106 जैसे योगदान, भूमि मूल्य में पारदर्शी बढ़ोतरी का लाभ सार्वजनिक कामों में लगाना और परियोजना प्रभाव शुल्क हरित नेटवर्क के एक हिस्से को वित्त दे सकते हैं। सार्वजनिक निवेश ऐसे प्रमुख स्थलों पर केंद्रित किया जा सकता है जो निजी सुधारों को गति दें। जलवायु वित्त से स्पंज सिटी परियोजनाओं को सहायता मिल सकती है, जिनमें जल संग्रह क्षेत्र, आर्द्रभूमि और पेड़ों की छतरी के साथ सड़क किनारे के सुधार तथा नालियों का उन्नयन शामिल हों। वियतनाम के निजी विकासकर्ता पहले से ऊर्जा दक्षता, स्वस्थ सड़कों और सामुदायिक सुविधाओं को अपनी परियोजनाओं की पहचान बना रहे हैं। स्पष्ट नियम इन महत्वाकांक्षाओं के लिए एक साझा न्यूनतम मानक देते हैं और हरित दिखावे से बचने में मदद करते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां आगे बढ़ रही हैं। मंत्रालय हरित इमारतों और सामग्रियों के लिए कानूनी ढांचा तैयार कर रहे हैं। शहर बसों को बिजली से चलाने और उत्सर्जन नियंत्रित करने में निवेश कर रहे हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य और उत्पादकता के लिए इससे बड़े लाभ होंगे। विश्व बैंक और अन्य साझेदारों का अनुमान है कि जलवायु निवेश के लिए अरबों डॉलर की जरूरत है। सांस लेने का अधिकार इस खर्च को मानवीय नजरिये से देखने का आधार देता है। पार्क गर्मी की लहरों के दौरान अस्पताल जाने की जरूरत घटाते हैं। स्वच्छ हवा से काम के नुकसान वाले दिन घटते हैं और बच्चों के स्वस्थ विकास को मदद मिलती है। जो शहर अपने हरित फेफड़ों की रक्षा करता है, वह अपने लोगों की रक्षा करता है।
शहर अब क्या कर सकते हैं
कई कदम मौजूदा गति को मापने योग्य बदलाव में बदल सकते हैं। इनका जोर स्पष्ट नियमों, जनता के भरोसे और काम पूरा करने की क्षमता पर है।
- सरकारी भूमि के हस्तांतरण और बड़ी निजी परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक स्थान का बाध्यकारी अनुपात तय करें। इसमें नदीतट के सैरगाहों की न्यूनतम चौड़ाई और जिलों के बीच जुड़े हरित गलियारे शामिल हों।
- पार्क तक पहुंच के ऐसे मानक अपनाएं जो दूरी पर आधारित हों। उदाहरण के लिए, हर घर से थोड़ी पैदल दूरी पर छोटा पार्क और कुछ अधिक, लेकिन फिर भी पैदल तय की जा सकने वाली दूरी पर बड़ा सामुदायिक पार्क हो।
- प्रमुख योजनाओं के लिए जलवैज्ञानिक और गर्मी संबंधी सिमुलेशन अनिवार्य करें। फिर ऐसे डिजाइन जरूरी करें जो वर्षा के पानी को धीमा करके जमा करें और गर्मी के तनाव को कम करें।
- सार्वजनिक भूमि, पार्क परियोजनाओं और रखरखाव बजट पर खुला डेटा प्रकाशित करें। जवाबदेही मजबूत करने के लिए समयसीमा, बजट और ठेकेदारों सहित पार्कों के ऑनलाइन नक्शे बनाएं।
- शहरी पुनर्विकास का समर्पित कानून बनाएं, जो सार्वजनिक सुविधाओं को परिभाषित करे, योगदान के मानकीकृत नियम तय करे और भूमि पुनर्समायोजन तथा भूमि मूल्य में बढ़ोतरी का लाभ सार्वजनिक कामों में लगाने के तरीकों को स्पष्ट करे।
- विकासकर्ताओं के लिए प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन अपनाएं, जैसे छायादार फुटपाथ, भूतल पर जनता की पहुंच और पेड़ों की छतरी के लक्ष्य पूरे करने पर अतिरिक्त निर्मित क्षेत्र देना।
- पारिस्थितिक रखरखाव, स्थानीय पौधों की आपूर्ति श्रृंखला और पेड़ों की देखभाल के लिए कार्यबल को प्रशिक्षित करें। बजट में केवल निर्माण नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रखरखाव भी शामिल करें।
- डिजाइन के विकल्पों पर समुदायों से शुरुआती चरण में चर्चा करें और ऐसी नमूना परियोजनाएं बनाएं जो दिखाएं कि प्राकृतिक शैली के भूदृश्य साफ-सुथरे, सुरक्षित और उपयोगी कैसे रहते हैं।
प्रगति पर नजर और भरोसा कायम करना
सफलता लगातार और स्पष्ट रूप से काम पूरा करने पर निर्भर करती है। शहर सालाना रिपोर्ट प्रकाशित कर सकते हैं, जिसमें जोड़े गए पार्कों का क्षेत्रफल, मोहल्ले के हिसाब से पार्कों की दूरी, पेड़ों की छतरी, छायादार फुटपाथों की लंबाई और खेल के मैदान तक पैदल पहुंच वाले निवासियों का अनुपात शामिल हो। स्वतंत्र ऑडिट से यह पुष्टि की जा सकती है कि पूरे किए गए पार्क खुले, सुलभ और अच्छी तरह रखरखाव किए गए हैं। जहां पार्क की भूमि को सड़क परियोजनाओं या अस्थायी उपयोगों से खतरा हो, वहां कोई नुकसान होने से पहले पास में समान या बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराने की नीति हो सकती है। स्थानीय युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को पार्कों की निगरानी करने और आसान माध्यमों से समस्याओं की सूचना देने के लिए आमंत्रित किया जा सकता है।
सार्वजनिक क्षेत्र कोई संपत्ति विकासकर्ता नहीं है। वह साझा मूल्य और स्मृतियों का संरक्षक है। पुराने बंदरगाहों, कारखानों और रेल यार्डों ने वियतनाम की औद्योगिक अर्थव्यवस्था बनाने में मदद की। वे ऐसी जगहें बन सकते हैं जहां निवासी टहलें, खेलें, गर्मी से राहत पाएं और याद रखें कि शहर उनका है। यही कानून, डिजाइन और लगातार काम पूरा करने की भूमिका है। शुरुआत से सही काम करने पर धन और वर्षों की मरम्मत बच सकती है।
जानने योग्य बातें
- हो ची मिन्ह सिटी और हनोई सरकारी भूमि के बड़े हिस्सों को पार्कों और चौकों में बदल रहे हैं। यह सार्वजनिक स्थान को जरूरी बुनियादी ढांचा मानने की दिशा में बदलाव का संकेत है।
- वियतनाम के बड़े शहरों में प्रति निवासी पार्क क्षेत्र राष्ट्रीय लक्ष्यों और अंतरराष्ट्रीय प्रचलन से काफी कम है। हो ची मिन्ह सिटी में यह प्रति व्यक्ति करीब 0.55 वर्ग मीटर और हनोई में लगभग 2 वर्ग मीटर है।
- जापान के मानक और कानून दिखाते हैं कि दूरी पर आधारित पहुंच नियम, क्षेत्र निर्धारण और पुनर्विकास की शर्तें इमारतें बनने से पहले पार्कों को सुरक्षित कर सकती हैं।
- अन्य देशों में समझौतों और परमिट के जरिये विकासकर्ताओं से सार्वजनिक स्थान के लिए धन देने या उसे बनाने की मांग की जाती है, खासकर नदीतटों पर।
- वियतनाम में राष्ट्रीय स्तर पर उठाए गए कदमों में हरित भवन मानकों पर काम, कम उत्सर्जन वाले क्षेत्र और बसों को बिजली से चलाना शामिल है। ये सांस लेने के व्यापक अधिकार को सहारा देते हैं।
- हरित क्षेत्र गर्मी और बाढ़ से बचाव की अग्रिम पंक्ति हैं। स्पंज सिटी डिजाइन तूफानों के दौरान पानी जमा करता है और गर्मी की लहरों में मोहल्लों को ठंडा रखता है।
- ह्यू में हितधारकों पर हुआ शोध पारिस्थितिक डिजाइन की बाधाओं को उजागर करता है। प्राकृतिक और पारंपरिक तत्वों को मिलाने वाला मिश्रित दृष्टिकोण लोगों की स्वीकार्यता बढ़ा सकता है।
- हरित जेंट्रिफिकेशन से बचने के लिए शहरों को समावेशी पहुंच, शुरुआती सहभागिता और खुले स्थानों को सचमुच सार्वजनिक बनाए रखने वाले नियमों की जरूरत है।
- सार्वजनिक स्थान के बाध्यकारी अनुपात, स्पष्ट पुनर्विकास कानून और पारदर्शी डेटा सरकारी भूमि को स्थायी सामुदायिक संपत्ति में बदल सकते हैं।
- सालाना रिपोर्ट, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन और रखरखाव के लिए धन ऐसे व्यावहारिक साधन हैं जो लोगों के काम आने वाले पार्क बनाने में मदद करते हैं।






